Video: पहिए वाले जूते पहन माइकल जैक्सन की तरह की मूनवॉक, पोल से टकराकर गिरा… वीडियो वायरल

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Viral Stunt Video: आजकल सोशल मीडिया पर लोग कुछ नया, अलग और मनोरंजन से भरा कंटेंट देखने की चाह रखते हैं. ऐसे में कई लोग सड़क पर स्टंट करके वीडियो बनाते हैं, ताकि उन्हें लाइक्स और व्यूज मिल सकें, लेकिन कई बार यही दिखावेबाजी हादसे की वजह बन जाती है. ऐसा ही एक मजेदार लेकिन सबक देने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें शख्स माइकल जैक्सन के मशहूर मूनवॉक डांस स्टेप की नकल करता दिखाई देता है. 

जूतों में लगे पहियों से किया मूनवॉक

वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स ने ऐसे जूते पहने हुए हैं जिनके नीचे छोटे-छोटे पहिए लगे होते हैं. इन जूतों की मदद से वह सड़क के किनारे मूनवॉक जैसा डांस करने की कोशिश कर रहा है. शख्स काफी कॉन्फिडेंस के साथ पीछे की ओर फिसलते हुए मूनवॉक कर रहा होता है.

जैसे ही वह पीछे मुड़कर आगे की ओर चलने की कोशिश करता है, उसे अंदाजा नहीं होता कि उसके ठीक पीछे एक बड़ा खंभा है. वीडियो में साफ दिखता है कि शख्स बिना पीछे देखे तेजी से स्टंट कर रहा होता है और अचानक उसकी जोरदार टक्कर उस खंभे से हो जाती है. टक्कर इतनी तेज होती है कि वह सीधे जमीन पर गिर पड़ता है. यह पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो जाती है और अब सोशल मीडिया पर लोग इसे देखकर हैरान भी हैं और हंस भी रहे हैं.

डांस करते समय शख्स को आई गंभीर चोटें

शख्स सिर्फ मजे के लिए यह स्टंट कर रहा था, लेकिन बिना आसपास का ध्यान रखे ऐसे करतब करना खतरनाक साबित होता है. हालांकि उसे गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन गिरने के बाद वह कुछ देर तक उठ नहीं पाया. वीडियो पर लोग कमेंट कर रहे हैं कि मूनवॉक करना ठीक है, लेकिन सड़क पर बिना देखे इस तरह के स्टंट करना खुद के लिए भी खतरा है और दूसरों के लिए भी.


फिर बिगड़ी शेयर मार्केट की चाल, 200 अंक फिसला सेंसेक्स; 72 अंक चढ़ा निफ्टी

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Share Market Update: वैश्विक बाजारों में गिरावट का असर आज भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला. पहले शुरुआत तो अच्छी रही, लेकिन फिर मार्केट की चाल डगमगा गया. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 200 अंक फिसलकर 84750 पर आ गया. जबकि NSE का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स 72 अंक चढ़कर 25940 पर कारोबार करता नजर आ रहा है. 

ग्लोबल मार्केट में कमजोरी के चलते भारतीय शेयर बाजार में भी आज गिरावट आने के आसार लगाए जा रहे थे. सुबह गिफ्ट निफ्टी भी 26001 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से 59 अंकों की गिरावट है. हालांकि, बावजूद इसके शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखी गई. सेंसेक्स 91 अंक उछलकर 85042 पर खुला और निफ्टी भी 8 अंकों की तेजी के साथ 26021 पर कारोबार शुरू किया.

ग्लोबल मार्केट का हाल

वॉल स्ट्रीट में रातभर गिरावट का असर मंगलवार को एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला. जापान का निक्केई 2.25 परसेंट, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.19 परसेंट और हांगकांग का हैंग सेंग 1 परसेंट नीचे है. वहीं, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.64 परसेंट और कोस्डैक में 0.58 परसेंट तक की गिरावट दर्ज की गई. शुरुआती कारोबारी में ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी 0.76 परसेंट की गिरावट के साथ लाल निशान में रहा. 

अगर वॉल स्ट्रीट की बात करें, तो डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 557.24 अंक (1.18 परसेंट) गिरकर 46,590.24 पर बंद हुआ. एसएंडपी 500 0.92 परसेंट गिरकर 6,672.41 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.84 परसेंट की ​​गिरावट के साथ 22,708.07 के लेवल पर बंद हुआ. 

शेयरों की कैसी रही खरीद?

सोमवार, 17 नवंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 442 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखते हुए दिन में 1,466 करोड़ रुपये का निवेश कर डाला. 

अमेरिकी डॉलर 

यूरो, येन, पाउंड, स्विस फ्रैंक, कनाडाई डॉलर और स्वीडिश क्रोना इन छह विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की वैल्यू को मापने वाला अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) मंगलवार सुबह 0.03 परसेंट चढ़कर 99.57 पर पहुंच गया. इसी तरह से 17 नवंबर को रुपया 0.14 परसेंट गिरकर डॉलर के मुकाबले 88.63 पर बंद हुआ. इंडेक्स बढ़ने का मतलब डॉलर का मजबूत होना और गिरने का मतलब डॉलर के कमजोर होने से है.

 

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Video: 10 रुपए वाली कोल्ड ड्रिंक 20 रुपए में दी, शख्स ने बुला ली दिल्ली पुलिस और फिर…

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Social Media Viral Video: कई बार छोटी-छोटी चीजें भी बड़ी बहस की वजह बन जाती हैं, और आजकल सोशल मीडिया ऐसे ही किस्सों से भरा पड़ा है. हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक लड़की सिर्फ 10 रुपये की कोल्ड ड्रिंक की बोतल को लेकर दुकान पर वापस पहुंच जाती है. शुरुआत में यह मामला मामूली लगता है, लेकिन वीडियो देखकर समझ आता है कि किस तरह छोटी-सी गलती बड़े विवाद में बदल गई और बात पुलिस तक पहुंच गई.

10 रूपये प्रिंट की बोतल दुकानदार ने 20 रूपये में बेची

जानकारी के मुताबिक, एक कॉलेज जाने वाली लड़की ने अपने रास्ते में एक दुकान से कोल्ड ड्रिंक की एक छोटी बोतल खरीदी. बोतल का प्राइज 10 रुपये था, लेकिन दुकानदार ने उससे 20 रुपये ले लिए. लड़की ने उस समय ज्यादा ध्यान नहीं दिया और कॉलेज चली गई.


जब कॉलेज पहुंचकर उसने बोतल हाथ में ली, तभी उसकी नजर बोतल पर छपे 10 रास्ते के प्रिंट पर पड़ी. यह देखकर वह हैरान रह गई और तुरंत दुकान पर वापस आई. दुकान पर पहुंचकर लड़की ने दुकानदार से साफ-साफ कहा कि इस पर 10 रुपये लिखा है, फिर आपने 20 रुपये क्यों लिए, लेकिन दुकानदार ने अपने जवाब में कहा कि उसकी दुकान पर यही बोतल 20 रुपये की है और वह प्राइज कम नहीं करेगा. दुकानदार ने लड़की की बात मानने से इनकार कर दिया और कहा कि हम 20 रुपये में ही बेचेंगे, जो करना है कर लो.

MRP से ज्यादा पैसे लेने पर दोस्त ने बुलाई पुलिस

लड़की के साथ उसका एक दोस्त भी था. उसे यह बात गलत लगी और उसने कहा कि बोतल की MRP से ज्यादा पैसे लेना गलत है. जब दुकानदार फिर भी नहीं माना, तो दोस्त ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया. कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने दुकानदार और लड़की दोनों की बात सुनी. उन्होंने दुकानदार को समझाया कि MRP से अधिक प्राइज लेना नियम के खिलाफ है. थोड़ी देर बातचीत के बाद मामले को शांत कर दिया गया.


34 साल की उम्र में सिंगर हुमाने सागर का निधन, इस वजह से हुई मौत

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एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में बीते कुछ दिनों से अच्छी खबर नहीं आ रही है. बीते कुछ दिनों में कई सेलेब्स इस दुनिया को अलविदा कहकर जा चुके हैं. अब एक और बुरी खबर सामने आई है. 34 साल के ओडिया सिंगर हुमाने सागर का निधन हो गया है. हुमाने का निधन सोमवार को हुआ है और इस खबर ने पूरी ओडिया इंडस्ट्री को चौंकाकर रख दिया है. इतनी कम उम्र में हुमाने के दुनिया छोड़कर जाने से हर कोई शॉक्ड है. लोग सदमे में हैं. जो सुर लोगों का दिल जीतते थे वो हमेशा के लिए शांत हो गए हैं.

किस वजह से हुआ निधन

डॉक्टर्स के मुताबिक हुमाने का निधन मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन की वजह से हुआ है. पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी. जिसकी वजह से वो तीन दिनों से AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती थे और उनका इलाज चल रहा था. 14 नवंबर की दोपहर को उनकी तबीयत अचानक से खराब हो गई थी. जिसके बाद उन्हें AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था.

शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था

जब हुमाने को हॉस्पिटल लाया गया तो उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था और उनके टेस्ट हो रहे थे. टेस्ट में सामनेआया था कि उनके शरीर के जरुरी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. डॉक्टर्स ने बताया है कि वो एक्यूट-ऑन-क्रोनिक लिवर फेल्योर, बाइलेटरल न्यूमोनिया, और डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे. उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. उन्होंने सोमवार की शाम को आखिरी सांस ली.

मां ने मैनेजर पर लगाए आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक हुमाने की मां शेफाली ने उनके मैनेजर औऱ इवेंट के आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि हुमाने की तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें स्टेज पर परफॉर्म करने के लिए मजबूर किया गया था जिसके बाद उनकी तबीयत और ज्यादा खराब हो गई थी.

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मोबाइल में दो-दो माइक्रोफोन क्यों होते हैं? असली राज जानकर रह जाएंगे दंग

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Smartphone Microphone: आज जब हम एक नया स्मार्टफोन खरीदते हैं तो उसके कैमरा, बैटरी और प्रोसेसर पर तो बहुत ध्यान देते हैं लेकिन फोन में मौजूद माइक्रोफोन की गिनती पर शायद ही कभी नजर जाती हो. दिलचस्प बात यह है कि लगभग हर आधुनिक फोन में दो या कभी-कभी तीन माइक्रोफोन तक लगाए जाते हैं. लेकिन ऐसा क्यों? क्या एक माइक्रोफोन पर्याप्त नहीं है? आइए इस राज़ से पर्दा उठाते हैं.

सिर्फ आवाज नहीं, साफ आवाज़ मायने रखती है

स्मार्टफोन में दो माइक्रोफोन होने की सबसे बड़ी वजह है नॉइज़ कैंसलेशन. पहला माइक्रोफोन आपकी आवाज़ पकड़ता है और दूसरा आसपास के शोर को रिकॉर्ड करता है. इसके बाद फोन की AI और साउंड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी आपके बैकग्राउंड शोर को हटाकर आपकी आवाज़ को साफ और क्रिस्टल-क्लियर बना देती है. इसका फायदा कॉलिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग और वॉयस नोट्स हर जगह मिलता है.

वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए स्टूडियो जैसे रिजल्ट

जब आप किसी वीडियो को रिकॉर्ड करते हैं, तो दिशा और दूरी के अनुसार आवाज़ की क्वालिटी बदल जाती है. दो माइक्रोफोन मिलकर स्टीरियो ऑडियो बनाते हैं जिससे वीडियो में आपकी आवाज़ और बैकग्राउंड साउंड दोनों बैलेंस्ड आते हैं. इसके कारण वीडियो अधिक प्रोफेशनल और नेचुरल लगता है खासकर व्लॉगिंग या आउटडोर शूटिंग में.

वॉयस कमांड को बेहतर समझने के लिए

आजकल सभी फोन Google Assistant, Siri और AI वॉयस कमांड पर चलते हैं. दो माइक्रोफोन की वजह से फोन आपकी आवाज़ को दूर से भी आसानी से पकड़ लेता है. चाहे म्यूजिक तेज हो या कमरे में हलचल फोन आपकी हेलो गूगल बखूबी सुन लेता है.

कॉल में कम इको, कम रुकावट

फोन कॉल करते समय कई बार आपकी आवाज़ दीवार से टकराकर इको पैदा कर सकती है. फोन में मौजूद सेकेंडरी माइक्रोफोन इस इको को पहचानकर खत्म करता है ताकि आपका कॉल अनुभव बिलकुल स्मूथ रहे.

हवा और ट्रैफिक जैसे भारी शोर पर भी कंट्रोल

आउटडोर जगहों पर हवा का तेज बहना या ट्रैफिक का शोर आपकी आवाज़ को धुंधला कर सकता है. दूसरा माइक्रोफोन हवा जैसे तेज ‘विंड नॉइज़’ को भी फिल्टर कर देता है. इसके कारण आपका ऑडियो साफ और स्पष्ट बना रहता है.

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पतंजलि वेलनेस सेंटर में योग-पंचकर्म से कैसे बदल रही लाखों जिंदगियां? जानिए

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पतंजलि का दावा है कि उसके वेलनेस सेंटर प्राकृतिक चिकित्सा के बल पर लाखों लोगों की जिंदगियां सुधार रहे हैं. आयुर्वेद, योग, नेचरोपैथी, पंचकर्म और आहार-विहार के जरिए से ये सेंटर कई तरह के रोगों का स्थायी इलाज कर रहे हैं. पतंजलि का यह भी दावा है कि वेलनेस सेंटरों में मधुमेह, थायराइड, उच्च रक्तचाप, गठिया, मोटापा, अस्थमा, माइग्रेन, त्वचा रोग और अवसाद जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज हो रहा है.

योग और पंचकर्म से मरीजों को मिल रहा लाभ- पतंजलि

पतंजलि ने बताया है, ”मरीजों को 7, 11, 21 या 30 दिन के पैकेज में भर्ती किया जाता है, जहां सुबह 4 बजे से शाम तक योग, प्राणायाम, शत्कर्म, जूस थेरेपी, मालिश, स्नान चिकित्सा, एक्यूप्रेशर और पंचकर्म कराया जाता है. साथ ही सात विशेषज्ञों द्वारा तैयार सात्विक भोजन दिया जाता है.”

पतंजलि वेलनेस के मुख्य चिकित्सा निदेशक आचार्य बालकृष्ण बताते हैं, “हमारा लक्ष्य रोग का लक्षण नहीं, जड़ से इलाज करना है. 90% से ज्यादा बीमारियां गलत खान-पान और जीवनशैली से होती हैं. जब इन्हें ठीक कर दिया जाए तो शरीर खुद को ठीक कर लेता है.”

देशभर में हैं 300 से ज्यादा पतंजलि वेलनेस सेंटर

पतंजलि ने बताया है कि वर्तमान में देशभर में 300 से ज्यादा पतंजलि वेलनेस सेंटर कार्यरत हैं और विदेशों में भी तेजी से विस्तार हो रहा है. हर महीने लगभग 50-60 हजार लोग इन सेंटर्स में इलाज करा रहे हैं. सबसे खास बात यह है कि इलाज का खर्चा बहुत कम है.

पतंजलि का कहना है, ”हमारे वेलनेस सेंटर साबित कर रहे हैं कि भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आज भी उतनी ही कारगर है, जितनी हजारों साल पहले थी. ये सेंटर सिर्फ़ बीमारी नहीं, बल्कि लोगों का पूरा जीवन बदल रहे हैं. ये वेलनेस सेंटर अब सिर्फ़ इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि लोगों के लिए आशा और विश्वास का सबसे बड़ा स्रोत बन चुके हैं. इससे सिद्ध है कि सच्ची चिकित्सा दवा नहीं, प्रकृति और अनुशासन में छुपी है.

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ये हैं दुनिया की सबसे ताकतवर करेंसी, इन देशों में नौकरी कर लौटेंगे भारत तो मिलेगा इतना पैसा

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इन देशों में काम करके जब कोई भारतीय वापस लौटता है, तो उसकी कमाई रुपये में बदलकर इतनी ज्यादा हो जाती है कि सचमुच कोई भी हैरान हो जाए. आज हम आपको ऐसी ही दुनिया की सबसे ताकतवर करेंसीयों और उनकी भारतीय रुपये में कीमत के बारे में बेहद आसान भाषा में जानकारी दे रहे हैं.

इन देशों में काम करके जब कोई भारतीय वापस लौटता है, तो उसकी कमाई रुपये में बदलकर इतनी ज्यादा हो जाती है कि सचमुच कोई भी हैरान हो जाए. आज हम आपको ऐसी ही दुनिया की सबसे ताकतवर करेंसीयों और उनकी भारतीय रुपये में कीमत के बारे में बेहद आसान भाषा में जानकारी दे रहे हैं.

सबसे पहले बात करते हैं कुवैत की करेंसी यानी कुवैती दिनार की. यह करेंसी दुनिया की सबसे मजबूत करेंसी मानी जाती है. कुवैत की अर्थव्यवस्था तेल पर आधारित है और वहां की जनसंख्या काफी कम है. इस वजह से इस देश की करेंसी की कीमत बहुत ज्यादा रहती है. अगर कोई व्यक्ति कुवैत में नौकरी करके 50,000 कुवैती दिनार कमाता है तो भारत लौटकर यह रकम 1,44,45,718.96 रुपये हो जाती है. यानी महज 50 हजार डिनार की कमाई भारत में एक करोड़ 44 लाख रुपये से भी ज्यादा में बदल जाती है. यही वजह है कि कुवैत भारतीय युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है.

सबसे पहले बात करते हैं कुवैत की करेंसी यानी कुवैती दिनार की. यह करेंसी दुनिया की सबसे मजबूत करेंसी मानी जाती है. कुवैत की अर्थव्यवस्था तेल पर आधारित है और वहां की जनसंख्या काफी कम है. इस वजह से इस देश की करेंसी की कीमत बहुत ज्यादा रहती है. अगर कोई व्यक्ति कुवैत में नौकरी करके 50,000 कुवैती दिनार कमाता है तो भारत लौटकर यह रकम 1,44,45,718.96 रुपये हो जाती है. यानी महज 50 हजार डिनार की कमाई भारत में एक करोड़ 44 लाख रुपये से भी ज्यादा में बदल जाती है. यही वजह है कि कुवैत भारतीय युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है.

अब बात बहरीन की करेंसी बहरेनी दिनार की, जो दुनिया की दूसरी सबसे मजबूत करेंसी मानी जाती है. बहरीन छोटा देश है लेकिन वहां की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है. यहां भी तेल और गैस की कमाई बहुत ज्यादा है. अगर कोई व्यक्ति वहां नौकरी कर रहा है और 50,000 बहरेनी दिनार कमाता है, तो भारत में यह रकम बदलकर 1,17,55,167.06 रुपये हो जाती है. यानी 1 करोड़ 17 लाख रुपये से भी ज्यादा. इतनी बड़ी रकम भारत में कई लोगों की सालों की सेविंग के बराबर होती है, और यही वजह है कि बहरीन में भारतीय कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

अब बात बहरीन की करेंसी बहरेनी दिनार की, जो दुनिया की दूसरी सबसे मजबूत करेंसी मानी जाती है. बहरीन छोटा देश है लेकिन वहां की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है. यहां भी तेल और गैस की कमाई बहुत ज्यादा है. अगर कोई व्यक्ति वहां नौकरी कर रहा है और 50,000 बहरेनी दिनार कमाता है, तो भारत में यह रकम बदलकर 1,17,55,167.06 रुपये हो जाती है. यानी 1 करोड़ 17 लाख रुपये से भी ज्यादा. इतनी बड़ी रकम भारत में कई लोगों की सालों की सेविंग के बराबर होती है, और यही वजह है कि बहरीन में भारतीय कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

तीसरे नंबर पर आता है ओमान, जिसकी करेंसी ओमानी रियाल भी दुनिया की सबसे मजबूत करेंसी में शामिल है. ओमान भारत का पुराना व्यापारिक साथी है और काफी बड़ी संख्या में भारतीय यहां काम करते हैं. अगर कोई व्यक्ति ओमान में नौकरी करके 50,000 ओमानी रियाल कमाता है, तो भारत लौटकर यह रकम 1,15,25,448.70 रुपये बन जाती है. यानी 1 करोड़ 15 लाख रुपये से ज्यादा. इतनी बड़ी कमाई के कारण भारतीय युवा ओमान को नौकरी के लिहाज से एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प मानते हैं.

तीसरे नंबर पर आता है ओमान, जिसकी करेंसी ओमानी रियाल भी दुनिया की सबसे मजबूत करेंसी में शामिल है. ओमान भारत का पुराना व्यापारिक साथी है और काफी बड़ी संख्या में भारतीय यहां काम करते हैं. अगर कोई व्यक्ति ओमान में नौकरी करके 50,000 ओमानी रियाल कमाता है, तो भारत लौटकर यह रकम 1,15,25,448.70 रुपये बन जाती है. यानी 1 करोड़ 15 लाख रुपये से ज्यादा. इतनी बड़ी कमाई के कारण भारतीय युवा ओमान को नौकरी के लिहाज से एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प मानते हैं.

इसके बाद आता है जॉर्डन, जिसकी करेंसी जॉर्डनियन दिनार भी रुपयों के मुकाबले बहुत मजबूत है. हालांकि जॉर्डन कोई तेल उत्पादक देश नहीं है, फिर भी इसकी करेंसी की कीमत काफी ज्यादा है. यहां शिक्षा, हेल्थ, होटल और सर्विस सेक्टर में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं. अगर कोई व्यक्ति वहां 50,000 जॉर्डनियन दिनार कमाता है तो भारत में इसकी कीमत करीब 62,49,811.68 रुपये हो जाती है. यानी करीब 62 लाख रुपये से ज्यादा. जॉर्डन में रहने का खर्च भी अन्य खाड़ी देशों की तुलना में कम है, इसलिए यहां की सेविंग भी ज्यादा बन जाती है.

इसके बाद आता है जॉर्डन, जिसकी करेंसी जॉर्डनियन दिनार भी रुपयों के मुकाबले बहुत मजबूत है. हालांकि जॉर्डन कोई तेल उत्पादक देश नहीं है, फिर भी इसकी करेंसी की कीमत काफी ज्यादा है. यहां शिक्षा, हेल्थ, होटल और सर्विस सेक्टर में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं. अगर कोई व्यक्ति वहां 50,000 जॉर्डनियन दिनार कमाता है तो भारत में इसकी कीमत करीब 62,49,811.68 रुपये हो जाती है. यानी करीब 62 लाख रुपये से ज्यादा. जॉर्डन में रहने का खर्च भी अन्य खाड़ी देशों की तुलना में कम है, इसलिए यहां की सेविंग भी ज्यादा बन जाती है.

अंत में बात करते हैं केमैन आइलैंड की. यह छोटा लेकिन काफी अमीर देश है और यहां की करेंसी केमैन आइलैंड डॉलर दुनिया की मजबूत करेंसी में गिनी जाती है. यह टूरिज्म और बैंकिंग हब है और यहां टैक्स नहीं लगता, जिसकी वजह से कमाई ज्यादा बचती है. अगर कोई व्यक्ति 50,000 केमैन आइलैंड डॉलर कमाता है तो भारत में इसकी कीमत 53,13,452.42 रुपये हो जाती है. यानी 53 लाख रुपये से ज्यादा. यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि टैक्स-फ्री इनकम होने के कारण सेविंग काफी तेजी से बढ़ती है.

अंत में बात करते हैं केमैन आइलैंड की. यह छोटा लेकिन काफी अमीर देश है और यहां की करेंसी केमैन आइलैंड डॉलर दुनिया की मजबूत करेंसी में गिनी जाती है. यह टूरिज्म और बैंकिंग हब है और यहां टैक्स नहीं लगता, जिसकी वजह से कमाई ज्यादा बचती है. अगर कोई व्यक्ति 50,000 केमैन आइलैंड डॉलर कमाता है तो भारत में इसकी कीमत 53,13,452.42 रुपये हो जाती है. यानी 53 लाख रुपये से ज्यादा. यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि टैक्स-फ्री इनकम होने के कारण सेविंग काफी तेजी से बढ़ती है.

Published at : 18 Nov 2025 06:49 AM (IST)

शिक्षा फोटो गैलरी

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टशन दिखाना पड़ा भारी! तेज रफ्तार से स्टंट कर रहे रीलपुत्रों का हुआ भयानक एक्सीडेंट- डरा रहा वीड

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सोशल मीडिया पर एक खतरनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लड़के और एक लड़की रात के अंधेरे में सुनसान सड़क पर बाइक स्टंट करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में लड़की बाइक पर पीछे बैठी है जबकि लड़का एक पहिए पर बाइक दौड़ा रहा है. कैमरे पर ये स्टंट रिकॉर्ड हो रहा होता है, तभी अचानक सब कुछ बदल जाता है. एक झटके में बाइक स्लिप हो जाती है और दोनों सड़क पर बुरी तरह गिर पड़ते हैं. इससे भी डरावना नजारा तब दिखता है जब पीछे से आ रही दूसरी बाइक तेज रफ्तार में उन्हें बचाने की कोशिश करती है लेकिन खुद सड़क पर पलट जाती है.

अचानक स्लिप हुई बाइक और स्टंट कर रहे रीलबाजों की लग गई लंका

वीडियो में साफ दिखता है कि आगे चल रही बाइक जैसे ही हवा में उठती है, उसका संतुलन बिगड़ जाता है. लड़की गिरते ही सड़क पर लुढ़कती है और पीछे की बाइक भी फिसलकर उसके बेहद करीब से गुजरती है. स्पार्क निकलते हैं और बाइक पूरी तरह सड़क पर घिसट जाती है. पीछे बैठे लड़के हवा में उछलते हुए गिरते हैं. यह नजारा इतना भयावह है कि देखने वालों की रूह कांप जाती है. इतना ही नहीं, पीछे आ रही बाइक लड़की के शरीर पर चढ़ जाती है और उसी बाइक पर बैठा लड़का मुंह के बल इस कदर गिरता है कि देखने वालों की रूह कांप जाए.

कई बार चेतावनी के बाद भी नहीं मान रहे रीलपुत्र

रेलवे और ट्रैफिक पुलिस कई बार चेतावनी दे चुकी है कि पब्लिक रोड अथवा ट्रेन के साथ स्टंट करना अपराध की श्रेणी में आता है. बावजूद इसके, कई युवा सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लालच में ऐसे जोखिम उठाते रहते हैं. वीडियो देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह हादसा मामूली नहीं था, जरा सा फर्क होता तो जानलेवा साबित हो सकता था. हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि हुई या नहीं इसकी पुष्टि वीडियो में नहीं हो पाई है.

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यूजर्स बोले, इनके मां बाप की गलती

वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…आ गया न स्वाद, और कर लो स्टंट. एक और यूजर ने लिखा…हे भगवान कितना खतरनाक था ये हादसा. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा… इन लोगों की मां बाप की गलती सबसे ज्यादा है.

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‘उन्होंने पैसा लूटा, अब सब वापस…’, H1-B वीजा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

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एच1-बी वीजा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में एक उदाहरण देते हुए कहा कि अब हम अमेरिका में ही चिप बनाने जा रहे हैं, हालांकि हम यहां बहुत अधिक चिप नहीं बनाते हैं, लेकिन हम एक साल के भीतर ही ऐसा करने जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चिप बाजार का एक बड़ा हिस्सा अब हमारे पास होगा.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमें अपने लोगों को पहले चिप बनाना सिखाना होगा, क्योंकि हम अभी ऐसा नहीं करते, लेकिन हम पहले अपने लोगों को ट्रेनिंग दिया करते थे. उन्होंने आगे कहा कि फिर हमने मूर्खतावश चिप का कारोबार ताइवान के हाथों गंवा दिया, लेकिन अब सब कुछ वापस आ रहा है. 

चिप एक्ट इस देश के लिए एक आपदा था- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चिप एक्ट इस देश (अमेरिका) के लिए एक आपदा था. हमने अरबों डॉलर दूसरे देशों और दूसरी जगहों को दे दिए. उन्होंने बस हमारा पैसा लूटा, लेकिन टैरिफ की वजह से अब चिप का कारोबार वापस आने जा रहा है. सभी चिप निर्माता अब वापस अमेरिका आ रहे हैं. बहुत ही कम समय के अंदर दुनिया में चिप निर्माण का बड़ा हिस्सा हमारे पास होगा, जहां इसे हमेशा से होना चाहिए था.

टैरिफ को लेकर पहले की सरकारों को घेरा
टैरिफ को लेकर ट्रंप ने पूर्व की अमेरिकी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि चूंकि हमारे यहां ऐसे लोग थे जो टैरिफ में विश्वास ही नहीं करते थे और उन्हें इस्तेमाल करना नहीं जानते थे. अगर उन्होंने ऐसा किया होता तो हमारे देश से कुछ भी कहीं ओर नहीं जाता. अभी 100 फीसदी चिप ताइवान में ही बनते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

भले ही ट्रंप टैरिफ से अमेरिका को बड़ा फायदा पहुंचने की बात करते हो, लेकिन अमेरिका अभी भी सरकारी शटडाउन से पूरी तरह उबरा नहीं है. अमेरिका में महंगाई के मुद्दे को लेकर डेमोक्रेट्स के भारी अभियान के कारण हालिया उपचुनावों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. इसके कारण राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ राजस्व का उपयोग कर $2,000 की छूट वाले चेक जारी करने की भी बात कही है. 

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