Apple यूजर्स के लिए सरकार की हाई-लेवल चेतावनी, iPhone, iPad और Mac पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, तुरं

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Apple Users: भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने iPhone, iPad, MacBook और अन्य Apple डिवाइस इस्तेमाल करने वालों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है. यह अलर्ट उन खतरनाक साइबर कमजोरियों को लेकर है जिनका फायदा उठाकर हैकर्स आपके डिवाइस पर पूरा नियंत्रण हासिल कर सकते हैं और निजी जानकारी चुरा सकते हैं.

क्या है खतरा और क्या कहता है CERT-In?

CERT-In के अनुसार, Apple के ऑपरेटिंग सिस्टम्स में कई गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गई हैं. इन कमजोरियों के जरिए साइबर अपराधी डिवाइस को रिमोटली हैक कर सकते हैं, डेटा चोरी कर सकते हैं और आपकी प्राइवेसी को खतरे में डाल सकते हैं. इसी वजह से एजेंसी ने सभी Apple यूज़र्स को तुरंत अपने डिवाइस अपडेट करने की सलाह दी है.

एजेंसी ने साफ कहा है कि नए सॉफ्टवेयर अपडेट तुरंत इंस्टॉल किए जाएं. इसके अलावा ऐप्स सिर्फ और सिर्फ Apple App Store से डाउनलोड करें ताकि किसी भी तरह के मालवेयर का खतरा कम हो सके.

कौन-कौन से अपडेट इंस्टॉल करना ज़रूरी है?

Apple ने इन खामियों को दूर करने के लिए कई सुरक्षा अपडेट जारी किए हैं. CERT-In ने यूज़र्स को नीचे दिए गए वर्ज़न पर तुरंत अपग्रेड करने की सलाह दी है:

  • iOS 26.1
  • iPadOS 26.1
  • macOS 15.1
  • watchOS 11.1
  • tvOS 18.1
  • visionOS 2.1
  • Safari 17.6.1
  • Xcode 15.4

Apple का कहना है कि इन अपडेट्स से न केवल सुरक्षा खामियां दूर होंगी बल्कि पहले से मौजूद अन्य बग्स भी ठीक हो जाएंगे जिससे डिवाइस बेहतर तरीके से काम करेगा.

जल्द आ सकता है सबसे सस्ता MacBook

इसी बीच एक दिलचस्प रिपोर्ट सामने आई है कि Apple बहुत जल्द अपना अब तक का सबसे सस्ता MacBook लॉन्च करने की तैयारी में है. बताया जा रहा है कि यह किफायती मॉडल Google Chromebook और बजट Windows लैपटॉप्स को टक्कर देगा. अफवाहें कहती हैं कि इसमें iPhone जैसी चिप भी इस्तेमाल की जा सकती है ताकि कीमत कम रखते हुए परफॉर्मेंस मजबूत बनी रहे.

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‘पीड़ितों के लिए ये एक महत्वपूर्ण क्षण, लेकिन मृत्युदंड…’, शेख हसीना को मौत की सजा पर UN ने क

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संयुक्त राष्ट्र (UN) ने मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के विरुद्ध फैसले को पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया, लेकिन मृत्युदंड दिए जाने पर खेद व्यक्त किया है. वहीं, भारत में रह रहीं शेख हसीना ने इस फैसले को राजनीति से प्रेरित करार दिया है.

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार (17 नवंबर) को प्रेस वार्ता में कहा कि गुतारेस संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क के इस रुख से पूरी तरह सहमत हैं कि हम किसी भी परिस्थिति में मृत्युदंड के इस्तेमाल के खिलाफ हैं. दुजारिक बांग्लादेशी अदालत द्वारा हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाए जाने पर UN महासचिव की प्रतिक्रिया से संबंधित एक सवाल का जवाब दे रहे थे.

बांग्लादेश की कोर्ट ने सुनाई है मौत की सजा
बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने सोमवार को शेख हसीना को पिछले वर्ष जुलाई में उनकी सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता के विरुद्ध अपराधों का दोषी पाया है. पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में अपनी सरकार गिरने के बाद से भारत में रह रहीं 78 वर्षीय शेख हसीना को न्यायाधिकरण ने उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई है. शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने राजधानी ढाका में जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने क्या कहा
शेख हसीना के सहयोगी और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी इसी तरह के आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई है. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने एक बयान में कहा कि हसीना और पूर्व गृह मंत्री के खिलाफ न्यायाधिकरण द्वारा सुनाया गया फैसला पिछले साल विरोध प्रदर्शनों के दमन के दौरान किए गए गंभीर उल्लंघनों के पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है. उन्होंने आगे कहा कि हमें मृत्युदंड लागू करने पर खेद है, जिसका हम सभी परिस्थितियों में हर तरह से विरोध करते हैं.

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Exclusive: भारत बन सकता है दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनॉमी, लेकिन सामनें हैं ये 3 बड़ी अड़चनें

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Indian Economy: भारत की इकोनॉमी तेजी से आगे बढ़ रही है. इस साल मई में नीति आयोग के सीईओ (CEO) बीवीआर सुब्रह्मण्यम  ने बताया कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने का मुकाम हासिल कर चुका है. भारत की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर या 4000 करोड़ रुपये की है, जो जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली जैसे कई देशों के मुकाबले कहीं ज्यादा है. 

अगले साल भी ग्रोथ रहेगी बरकरार

हाल ही में IMF (International Monetary Fund) ने ‘डेटामैपर’ की मदद से अनुमान लगाया कि साल 2025 की ही तरह अगले साल 2026 में भी ग्रोथ की यह रफ्तार जारी रहेगी और अमेरिका, चीन, जर्मनी के बाद भारत 4.5 ट्रिलियन डॉलर डॉलर के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बना रहेगा.

अब इसका अगला लक्ष्य जर्मनी से आगे निकलते हुए और चीन को कड़ी टक्कर देते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने का है. इन्वेस्टमेंट कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने जुलाई में अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि भारत 2028 तक जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा. वहीं, 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था दोगुनी से भी ज्यादा होकर 10.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने भी अगले साल भारतीय इकोनॉमी के 6.4 परसेंट की रेट से बढ़ने का अनुमान लगाया है. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि उसे उम्मीद है कि भारत G-20 देशों में से सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला इकोनॉमी बनकर उभरेगा. इसका रियल जीडीपी ग्रोथ 2025 में 7 परसेंट रहने का अनुमान है, जो साल 2024 के 6.7 परसेंट से ज्यादा है. मूडीज का अनुमान है कि भारत की जीडीपी साल 2026 में 6.4 परसेंट और 2027 में 6.5 परसेंट की दर से आगे बढ़ेगी.

तीन पॉइंट में समझें देश की इकोनॉमी

इस पर दिग्गज इकोनॉमिस्ट व प्रोफेसर आलोक पुराणिक ने कहा कि इसके लिए सबसे पहले इकोनॉमी के स्ट्रक्चर को समझना होगा.

  • 140 करोड़ लोगों के इस देश का 5 परसेंट इंडिया का ‘अमेरिका’ है, जिनके पास खूब सारा पैसा है.
  • जबकि 35-40 करोड़ की जनता मिडिल क्लास की कैटेगरी में आती है, जो इंडिया का ‘मलेशिया’ है.
  • बाकी 80 करोड़ की जनता इंडिया का ‘युगांडा’ है, जिनको सरकार की तरफ से तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है.

इसी 80 करोड़ के युगांडा को इंडिया का मलेशिया बनने में वक्त लगेगा, लेकिन यह नामुमकिन नहीं है. इससे साफ है कि देश में रोजगार असमानता बहुत ज्यादा है. एक तबके के पास बहुत ज्यादा पैसा है, जबकि दूसरा तबका कमी से जूझ रहा है. एक विकसित देश में रोजगार समानता एक बड़ा फैक्टर है, जो Per Capita GDP ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे इकोनॉमी आगे बढ़ती है. 

जनसंख्या अब ‘अभिशाप’ नहीं ‘वरदान’

वह आगे कहते हैं, ”भारत की यही बढ़ी हुई आबादी अब कहीं न कहीं चलकर उसकी ताकत भी बनती दिख रही है क्योंकि लोग जितने ज्यादा है बाजार उतना बड़ा होगा. चीजों की खरीद-बिक्री भी इस हिसाब से ज्यादा होगी, जिससे मार्केट बूस्ट होगा. यही वजह है कि दुनिया की कई बड़ी कंपनियां आज भारत आकर अपना कारोबार शुरू कर रही हैं. ऐप्पल जैसी कंपनी भारत में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है.”

वह आगे कहते हैं, ”आज के समय में  कोई भी ग्लोबल कंपनी आज के समय में भारत को इग्नोर नहीं कर सकती क्योंकि उन्हें अपना प्रोडक्ट बेचने के लिए भारत जितने बड़े मार्केट का प्रॉफिट जो मिल रहा है. इस हिसाब से देखे तो अगले कुछ सालों में भारत बेशक दो से तीन साल के अंदर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन सकता है, लेकिन फिर उसे चीन के लेवल और उसके बाद अमेरिका के लेवल तक पहुंचने में लंबा वक्त लग सकता है. हालांकि, ऐसा नहीं है कि इन चंद सालों में भारत बहुत एडवांस्ड या विकसित देशों की कैटेगरी में शामिल हो जाए, इसकी भी वजह यहां की आबादी ही है. जीडीपी बढ़ने से बेशक प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) बढ़ेगी, लेकिन चूंकि इतना बड़ा देश है इसलिए Per Capita GDP के आधार पर हम खुद को बहुत ज्यादा विकसित देश होने का दावा नहीं कर सकते हैं.”

कई दूसरे सेक्टर्स पर भी फोकस जरूरी 

देश की इकोनॉमी को बूस्ट करने के लिए सरकार लगातार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत बनाने में जुटी हुई है, लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसे सेक्टर भी हैं, जो इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में अपना अहम योगदान दे सकते हैं. इस पर प्रोफेसर पुराणिक ने कहा, ”मैन्युफैक्चरिंग के अलावा देश का टूरिज्म सेक्टर, मेडिकल सेक्टर, एजुकेशन सेक्टर भी इकोनॉमी को ग्रो करने में अपना योगदान दे सकते हैं. इनमें संभावनाएं काफी ज्यादा है इसलिए इन और काम करने की जरूरत है.”

उन्होंने आगे कहा, ”भारत का सर्विस सेक्टर, सॉफ्टवेयर सेक्टर पहले से ही काफी बड़ा है. भारत की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री भी काफी बड़ी है, इस पर भी फोकस किया जा सकता है. इन सभी सेक्टर्स में हमें मौके तलाशने चाहिए.”

यानी कि वह दिन बहुत दूर नहीं जब भारत का नाम दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी वाले देशों में तीसरे नंबर पर आए, लेकिन इसे और ज्यादा एडवांस्ड बनाने में देश को अपने अंदर छिपी क्षमताओं पर और गहराई से काम करने की जरूरत है. 

 

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Video: इलेक्ट्रिक स्कूटर से फिसली लड़की, ऊपर SUV चढ़ा भाग गई महिला ड्राइवर, वीडियो वायरल

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Memphis News: कई बार सड़क पर हादसे किसी बड़ी लापरवाही से नहीं, बल्कि अनदेखी से हो जाते हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला अमेरिका के मेम्फिस शहर से सामने आया है, जहां एक लड़की अपने स्कूटर से अचानक फिसल गई और एक SUV कार के बिल्कुल आगे आ गिरी. इसके बाद SUV उसे कुचलकर निकल जाती है. वीडियो देखने के बाद समझ आता है कि कैसे एक पल की गलती किसी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है.

बैलेंस बिगड़ने से क्रॉसवॉक पर गिरी थी महिला

वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला एक क्रॉसवॉक पर अपने स्कूटर से गुजर रही थी. अचानक उसका बैलेंस बिगड़ा और वह सीधे कार के बिल्कुल सामने जमीन पर गिर गई. देखा जाए तो वह कार की रेडार रेंज में थी, लेकिन जिस जगह वह गिरी, वहां आमतौर पर कोई भी ड्राइवर नहीं देखता.

पुलिस ने फुटेज देखकर बताया कि ड्राइवर सिग्नल के ग्रीन होने का इंतजार कर रही थी और ज्यादातर ड्राइवर उस समय सिग्नल और सामने की सड़क देखते हैं, न कि बिल्कुल कार के बंपर के नीचे का हिस्सा. महिला ठीक उसी जगह गिरी, जहां सामान्य तौर पर नजर नहीं जाती. 

हादसे का बाद आवाज सुनकर ड्राइवर ने रोकी गाड़ी

पुलिस का यह भी कहना है कि ड्राइवर ने तभी महसूस किया कि कुछ गलत हुआ है जब उसे कार के नीचे से किसी के चीखने की आवाज आई. जैसे ही उसने आवाज सुनी, उसने तुरंत गाड़ी रोक दी और बाहर निकलकर मदद करने दौड़ी. पुलिस ने साफ कहा है कि ड्राइवर फोन पर नहीं थी और न ही वह किसी तरह से ध्यान भटकाकर गाड़ी चला रही थी. अगर मोबाइल का इस्तेमाल हुआ होता तो पुलिस तुरंत इसकी जानकारी देती. महिला को चोटें आईं लेकिन वह खतरे से बाहर है.


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IIT Guwahati ने जारी किया GATE 2026 का एग्जाम शेड्यूल, फरवरी में चार दिन होगी परीक्षा

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) गुवाहाटी ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग यानी GATE 2026 की एग्जाम डेट्स जारी कर दी हैं. अब उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट gate2026.iitg.ac.in पर जाकर पूरा एग्जाम शेड्यूल देख सकते हैं.

GATE 2026 परीक्षाएं अगले साल फरवरी में चार दिनों तक आयोजित की जाएंगी. इस बार भी परीक्षा को फॉरनून और आफ्टरनून यानी सुबह और दोपहर की दो शिफ्टों में बांटा गया है. परीक्षाएं 7 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच कराई जाएंगी. सुबह की शिफ्ट 9:30 बजे से 12:30 बजे तक और दोपहर की शिफ्ट 2:30 बजे से 5:30 बजे तक होगी. देशभर के अलग-अलग शहरों में ये परीक्षा आयोजित होंगी और पूरे आयोजन की जिम्मेदारी IITs के पास होगी. GATE 2026 का रिजल्ट 19 मार्च 2026 को जारी किया जाएगा.

कब होंगी परीक्षा?

पहले दिन यानी 7 फरवरी 2026 को सुबह की शिफ्ट में एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, इनवायरोमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग, जियोलॉजी एंड जियोफिजिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स, माइनिंग इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग एंड फाइबर साइंस, इंजीनियरिंग साइंसेज और लाइफ साइंसेज़ की परीक्षाएं होंगी. उन छात्रों के लिए यह महत्वपूर्ण दिन होगा जो इन विषयों में पीजी एडमिशन या PSU की नौकरियों के लिए तैयारी कर रहे हैं.

दोपहर की शिफ्ट में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, केमिकल इंजीनियरिंग, केमिस्ट्री, जियोमैटिक्स इंजीनियरिंग, फिजिक्स और ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की परीक्षाएं होंगी. इन विषयों में हर साल बड़ी संख्या में छात्र शामिल होते हैं, इसलिए यह दिन खासा व्यस्त रहने वाला है.

दूसरे दिन यानी 8 फरवरी 2026 को सुबह की शिफ्ट में कंप्यूटर साइंस एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पेपर 1 और स्टैटिस्टिक्स की परीक्षाएं कराई जाएंगी. कंप्यूटर साइंस हर साल GATE का सबसे लोकप्रिय विषय रहता है, इसलिए यह दिन लाखों छात्रों के लिए बेहद अहम होगा. दोपहर की शिफ्ट में कंप्यूटर साइंस एंड IT का दूसरा पेपर, इकोलॉजी एंड इवॉल्यूशन, नेवल आर्किटेक्चर एंड मरीन इंजीनियरिंग और प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की परीक्षाएं होंगी. इस दिन दोनों शिफ्टों में अलग-अलग पेपर होने से उम्मीदवारों को पहले से अपनी योजना बनाकर चलना होगा ताकि वे बिना किसी परेशानी के परीक्षा केंद्र पर पहुंच सकें.

तीसरे परीक्षा दिन यानी 14 फरवरी 2026 को सुबह की शिफ्ट में सिविल इंजीनियरिंग पेपर 1, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की परीक्षाएं होंगी. सिविल और इलेक्ट्रिकल दो ऐसे विषय हैं जिनमें GATE देने वालों की संख्या देश में सबसे अधिक रहती है, इसलिए यह दिन परीक्षा के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण होगा. दोपहर की शिफ्ट में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग पेपर 2, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और मेटलर्जिकल एंड मटेरियल्स इंजीनियरिंग की परीक्षाएं होंगी. मैकेनिकल भी एक लोकप्रिय विषय है जिसमें बड़ी संख्या में छात्र हिस्सा लेते हैं.

अंतिम दिन यानी 15 फरवरी 2026 को सुबह की शिफ्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की परीक्षा होगी. यह पेपर भी देश में सबसे अधिक उम्मीदवारों को आकर्षित करता है. दोपहर की शिफ्ट में आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग और डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षाओं के साथ GATE 2026 का पूरा परीक्षा कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा. नए जमाने में AI और डेटा साइंस का महत्व तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए इस पेपर में भी भारी संख्या में उम्मीदवार शामिल होने वाले हैं.

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Video: स्टंट कर जान गवांते युवक! डिवाइडर से टकराई तेज रफ्तार बाइक, खाई में लुढ़का शख्स

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Road Accident Viral Video: आजकल सोशल मीडिया पर सड़क हादसों के वीडियो तेजी से वायरल हो जाते हैं और वजह होती है लापरवाही, ओवरस्पीड और स्टंट का खतरनाक शौक. इसी तरह का एक और वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक बाइक सवार तेज रफ्तार में स्टंट करते हुए सीधे सड़क किनारे बनी खाई में जा गिरता है. वीडियो इतना डरावना है कि देखने वालों की सांसें थम जाती हैं.

बैलेंस बिगड़ने से हुआ हादसा
 
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ बाइक सवार एक ग्रुप में सड़क पर तेज रफ्तार में जा रहे थे. सभी के हेलमेट में कैमरे लगे हुए थे और वे सड़क पर स्टंट करते नजर आ रहे थे. तभी अचानक आगे चल रहे एक बाइक सवार का बैलेंस बिगड़ गया. वह तेज रफ्तार में डिवाइडर के पास पहुंचा और उसकी बाइक सीधी डिवाइडर से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी बाइक सड़क पर घूमती रही, लेकिन बाइक सवार खुद फिसलकर खाई की तरफ लुढ़क गया.

गिरने से युवक को गम्भीर चोटें आई

पीछे आ रहे बाइक सवार के हेलमेट कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई. जैसे ही युवक खाई में गिरा, उसके साथी बाइक सवार तुरंत अपनी बाइक रोककर उसकी तरफ दौड़े. आसपास के लोग भी मदद के लिए इकट्ठा हो गए. यह राहत की बात रही कि युवक खाई में गिरने के बाद भी बच गया, लेकिन उसे गम्भीर चोटें लगने की आशंका जताई जा रही है.

वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया. लोग कमेंट कर रहे हैं कि स्टंट सड़क पर नहीं, मैदान में किए जाते हैं, जबकि कई लोगों ने इसे ओवरस्पीड का खतरनाक उदाहरण बताया.


AI आपकी सोच पर काबू पा रहा? जानें कहीं आप AI साइकॉसिस के शिकार तो नहीं, एक्सपर्ट का बड़ा अलर्ट

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डेनमार्क की आरहोस यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक सॉरेन ऑस्टरगार्ड ने अपनी रिसर्च में बताया कि AI चैटबॉट्स अक्सर ऐसे जवाब देते हैं जो सकारात्मक लगते तो हैं लेकिन कई बार वास्तविकता से दूर होते हैं. इससे मानसिक रूप से संवेदनशील यूजर्स की सोच और अधिक भ्रमित हो जाती है. स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भी पाया कि कई चैटबॉट्स मानसिक बीमारियों से जुड़े गलत विश्वासों को अनजाने में बढ़ावा दे देते हैं जिससे परेशान लोगों की हालत और खराब हो सकती है.

डेनमार्क की आरहोस यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक सॉरेन ऑस्टरगार्ड ने अपनी रिसर्च में बताया कि AI चैटबॉट्स अक्सर ऐसे जवाब देते हैं जो सकारात्मक लगते तो हैं लेकिन कई बार वास्तविकता से दूर होते हैं. इससे मानसिक रूप से संवेदनशील यूजर्स की सोच और अधिक भ्रमित हो जाती है. स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भी पाया कि कई चैटबॉट्स मानसिक बीमारियों से जुड़े गलत विश्वासों को अनजाने में बढ़ावा दे देते हैं जिससे परेशान लोगों की हालत और खराब हो सकती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि चैटबॉट्स यूजर की भाषा, भावनाओं और विचारों को ही दोहराना शुरू कर देते हैं. इससे एक तरह का इको चैंबर बन जाता है जहां उपयोगकर्ता की नकारात्मक सोच और अधिक गहरी हो जाती है. कुछ मामलों में तो ऐसा भी देखा गया कि मानसिक रूप से कमजोर लोग चैटबॉट्स से बातचीत करते-करते इतनी उलझन में आ गए कि वे गंभीर मानसिक विकारों, यहां तक कि आत्मघाती विचारों की ओर बढ़ गए.

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कैलिफॉर्निया में हाल ही में 7 लोगों ने दावा किया कि ChatGPT की गलत प्रतिक्रियाओं ने उन्हें आत्महत्या जैसे कदमों को बढ़ावा दिया. अमेरिका में कई किशोरों की मौत को भी AI चैटबॉट से हुई बातचीत से जोड़ा गया है.

कैलिफॉर्निया में हाल ही में 7 लोगों ने दावा किया कि ChatGPT की गलत प्रतिक्रियाओं ने उन्हें आत्महत्या जैसे कदमों को बढ़ावा दिया. अमेरिका में कई किशोरों की मौत को भी AI चैटबॉट से हुई बातचीत से जोड़ा गया है.

हालांकि, भारत में गुड़गांव की मनोवैज्ञानिक डॉ. मुनिया भट्टाचार्या का कहना है कि AI आधारित टूल हल्के तनाव, चिंता या अकेलेपन के दौर में अस्थायी सहारा दे सकते हैं, खासकर तब जब किसी इंसानी थेरपिस्ट तक पहुंच न हो. लेकिन गहरी मानसिक उलझनों, गंभीर अवसाद, आत्महत्या के विचार या साइकॉसिस जैसी स्थितियों में ये चैटबॉट्स मदद करने के बजाय और भी खतरनाक साबित हो सकते हैं.

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विशेषज्ञों का मत है कि AI थेरपी को सिर्फ एक सपोर्ट टूल की तरह देखा जाना चाहिए न कि इंसानी थेरपिस्ट के स्थान पर. AI द्वारा दी गई सलाह हमेशा सटीक या सुरक्षित नहीं होती, इसलिए इसकी सीमाओं को समझना बेहद जरूरी है. शोधकर्ता यह भी मानते हैं कि AI के मानसिक स्वास्थ्य में उपयोग से जुड़े जोखिमों पर और गहराई से रिसर्च की जरूरत है ताकि इसके इस्तेमाल के लिए सही दिशा-निर्देश और सुरक्षा मानक बनाए जा सकें.

विशेषज्ञों का मत है कि AI थेरपी को सिर्फ एक सपोर्ट टूल की तरह देखा जाना चाहिए न कि इंसानी थेरपिस्ट के स्थान पर. AI द्वारा दी गई सलाह हमेशा सटीक या सुरक्षित नहीं होती, इसलिए इसकी सीमाओं को समझना बेहद जरूरी है. शोधकर्ता यह भी मानते हैं कि AI के मानसिक स्वास्थ्य में उपयोग से जुड़े जोखिमों पर और गहराई से रिसर्च की जरूरत है ताकि इसके इस्तेमाल के लिए सही दिशा-निर्देश और सुरक्षा मानक बनाए जा सकें.

AI का बढ़ता उपयोग मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए अवसर भी लाता है लेकिन इसके साथ जोखिम भी उतने ही बड़े हैं. इसलिए जरूरत है जागरूकता, सावधानी और विशेषज्ञ की सलाह की ताकि तकनीक का इस्तेमाल हमें मदद करे न कि नए खतरे पैदा करे.

AI का बढ़ता उपयोग मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए अवसर भी लाता है लेकिन इसके साथ जोखिम भी उतने ही बड़े हैं. इसलिए जरूरत है जागरूकता, सावधानी और विशेषज्ञ की सलाह की ताकि तकनीक का इस्तेमाल हमें मदद करे न कि नए खतरे पैदा करे.

Published at : 18 Nov 2025 10:54 AM (IST)

टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी

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WPL Auction 2026: WPL मेगा ऑक्शन की तारीख तय, जानें कब, कहां और कैसे देखें पूरा इवेंट

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WPL 2026 Auction: महिला प्रीमियर लीग (WPL) का चौथा सीजन शुरू होने से पहले फैंस के उत्साह में और इजाफा हो गया है. WPL 2026 के लिए मेगा ऑक्शन की तारीख आधिकारिक तौर पर घोषित कर दी गई है. इस बड़े इवेंट में कई नए और पुराने खिलाड़ियों पर भारी बोली लग सकती है, जबकि कुछ टीमों के लिए यह अपनी स्क्वॉड को नया रूप देने का सुनहरा मौका होगा.

WPL ने सोशल मीडिया पर 10 दिन का काउंटडाउन जारी करते हुए लिखा,  “10 Days to Go. The countdown to #TATAWPL Mega Auction has begun. Catch the #TATAWPLAuction 2026 on November 27 on WPLT20.COM”

कब होगा मेगा ऑक्शन?

WPL 2026 मेगा ऑक्शन 27 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. यह एक दिन का हाई-वोल्टेज इवेंट होगा, जहां सभी पांच फ्रेंचाइजी अपनी टीमों को मजबूत बनाने के लिए बोली लगाएंगी. टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले यह एक बेहद अहम कदम है, जिससे हर टीम की ताकत का अंदाजा लगेगा.

कितने खिलाड़ी होंगे शामिल?

WPL की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, हर फ्रेंचाइजी को 18 खिलाड़ियों की टीम तैयार करने की अनुमति है. कुल पांच टीमों में 73 स्लॉट खाली हैं, जिनमें से 23 स्लॉट विदेशी खिलाड़ियों के लिए रखे गए हैं. ऐसे में कई इंटरनेशनल स्टार्स और घरेलू प्रतिभाएं इस मेगा ऑक्शन का हिस्सा बनेंगी.

किस टीम के पास कितनी पर्स राशि?

ऑक्शन से पहले हर टीम के पास बची हुई पर्स राशि भी सामने आ गई है. इनमें UP Warriorz सबसे मजबूत स्थिति में है, जिनके पास सबसे ज्यादा राशि है.

यूपी वॉरियर्स – 14.5 करोड़ रुपये

गुजरात जायंट्स – 9 करोड़ रुपये

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू – 6.15 करोड़ रुपये

मुंबई इंडियंस – 5.75 करोड़ रुपये

दिल्ली कैपिटल्स – 5.7 करोड़ रुपये

UP Warriorz के पास सबसे ज्यादा धनराशि होने से यह साफ है कि टीम कई बड़े खिलाड़ियों पर जोरदार बोली लगा सकती है.

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आंसू गैस, लाठियां और पुलिस से झड़पें, शेख हसीना पर फैसले के बाद बांग्लादेश में बवाल, 2 लोगों की

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शेख हसीना के मामले को लेकर बांग्लादेश एक बार फिर से उबल रहा है. अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के पूर्व प्रधानमंत्री हसीना को छात्र विद्रोह मामले में अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाने के बाद अवामी लीग समर्थकों की अन्य दलों के साथ-साथ पुलिस से भी तीखी झड़प हो गई है. पुलिस के साथ झड़प के दौरान 2 लोगों की जान चली गई है.

ढाका में नेशनल हाईवे ब्लॉक
प्रदर्शनकारियों ने ढाका में कई नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर दिया है और पुलिस के साथ झड़पों के मामले सामने आ रहे हैं. बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियों, ध्वनि ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.

सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिस प्रदर्शनकारियों को लाठियों से खदेड़ती दिख रही है और विस्फोटों की आवाजें सुनाई दे रही हैं. स्थानीय मीडिया के अनुसार धानमंडी 32 क्षेत्र, जहां बांग्लादेश के संस्थापक और शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का घर स्थित है, वहां तनाव बना हुआ है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने वहां मार्च करने और संपत्ति को नष्ट करने का प्रयास किया है.

यूनुस ने अवामी लीग को किया है बैन 
बता दें कि 2024 के सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भूमिका के लिए बांग्लादेश की मुहम्मद यूनुस सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग को बैन कर दिया है. सोमवार को आईसीटी के फैसले से पहले अवामी लीग ने इस फैसले के विरोध में 2 दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया था, क्योंकि उन्होंने आईसीटी के फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया है.

पूरे मामले पर भारत की नजर 
पड़ोसी देश में हो रहे इस घटनाक्रम पर भारत भी बारीकी से नजर बनाए हुए है. बता दें कि बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से शेख हसीना दिल्ली में भारत सरकार की देखरेख में रह रही हैं. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एक करीबी पड़ोसी के रूप में भारत बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें उस देश में शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता शामिल है. हम इस दिशा में सभी हितधारकों के साथ हमेशा जुड़े रहेंगे. 

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