TECH EXPLAINED: Dark AI क्या है और यह क्यों खतरनाक? जानिये इससे बचाव के तरीके

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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) दुनिया को बदल रही है. इससे प्रोडक्टिविटी, क्रिएटिविटी और एफिशिएंसी में कई गुना सुधार हो रहा है, लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ अच्छे कामों के लिए नहीं हो रहा. इस नई कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का कई लोग दुरुपयोग भी कर रहे हैं और इससे साइबर क्राइम को अंजाम दे रहे हैं. लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने से लेकर उनके डीपफेक तैयार करने तक इस टेक्नोलॉजी का खूब दुरुपयोग भी हो रहा है. ऐसे ही मलेशियस कामों के लिए एआई के यूज को डार्क एआई कहा जा रहा है. आज हम आपके लिए डार्क एआई, इसके उदाहरण, टूल और इससे बचने के तरीकों समेत सारे सवालों के जवाब लेकर आए हैं.

क्या है डार्क एआई?

डार्क एआई को इविल एआई भी कहा जाता है. आसान भाषा में कहे तो साइबर अटैक, फ्रॉड, स्कैम, झूठी सूचनाओं वाले अभियान चलाने और डेटा लीक जैसे मलेशियस कामों के लिए एआई के यूज को डार्क एआई कहा जाता है. यह आमतौर पर साइबर क्रिमिनल्स, स्कैमर्स और दूसरे फ्रॉडस्टर से जुड़ी होती है. इस टेक्नोलॉजी की मदद से वो पहले की तुलना में अधिक सॉफिस्टिकेटेड अटैक लॉन्च कर पा रहे हैं. कुछ परिभाषाओ में युद्ध के दौरान एआई के यूज को भी डार्क एआई में रखा गया है. इजरायल-हमास और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान एआई के इस्तेमाल को इसका एक उदाहरण माना जा सकता है.

डार्क एआई के उदाहरण

डीपफेक- ये एआई से जनरेटेड ऐसे फोटो या वीडियो होते हैं, जो बिल्कुल किसी असली आदमी जैसे लगते हैं. इसमें उनके चेहरे, हावभाव और आवाज आदि की नकल की जाती है. डीपफेक का इस्तेमाल किसी की छवि को खराब करने के लिए किया जा रहा है. 

गलत सूचनाएं- एआई का इस्तेमाल गलत, झूठी या भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के लिए भी खूब किया जा रहा है. डीपफेक और भ्रामक सूचनाओं के सहारे लोगों को भ्रमित किया जाता है और उन्हें किसी गलत बात को मानने पर मजबूर कर दिया जाता है. चुनावों से लेकर युद्धों तक प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए इसका खूब इस्तेमाल किया जा रहा है.

फिशिंग- एआई की मदद से स्कैमर्स फिशिंग अटैक को अंजाम दे रहे हैं. इसमें लोगों के पास किसी जानकार व्यक्ति की आवाज वाले फर्जी मैसेज भेजे जाते हैं. इसके पीछे मालवेयर फैलाने और सेंसेटिव जानकारी चुराने से लेकर पैसे ऐंठने समेत कोई भी मंशा हो सकती है.

हैकिंग- डार्क एआई का एक और बड़ा खतरा हैकिंग भी है. आजकल हैकर्स पासवर्ड क्रैक करने, डेटा माइन करने, हैकिंग को ऑटोमैट करने और सिक्योरिटी सिस्टम को हैक करने तक के काम एआई की मदद से कर रहे हैं. 

ये हैं डार्क एआई के खतरे

डार्क एआई को लेकर इसलिए भी चिंता जताई जा रही है क्योंकि इससे मदद से साइबर अटैक्स की फ्रीक्वेंसी और असर कई गुना बढ़ गया है. यह इंसानों के साथ-साथ तकनीकी खामियों को भी निशाना बना रही हैं और इन अटैक्स को डिटेक्ट कर पाना भी मुश्किल हो गया है. इसके अलावा जिन क्षेत्रों में डिजिटल लिटरेसी कम है, वहां डीपफेक की मदद से लोगों को आसानी से झूठ के जाल में फंसाया जा सकता है. इससे चुनावों को प्रभावित करने से लेकर लोगों को चूना लगाने तक के खतरे बढ़ गए हैं. इन अटैक्स की संख्या अचानक से इतनी ज्यादा बढ़ी है कि इसे रोकने के लिए एनफोर्समेंट और कानूनी एजेंसियां खुद को अपडेट ही नहीं कर पाई हैं. अब दुनियाभर में सरकारें एआई को रेगुलेट बनाने के लिए कानून बनाने पर जोर दे रही हैं.

ये हैं डार्क एआई के टूल्स

चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी जैसे टूल्स लोग अपने टास्क पूरे करने के लिए यूज कर रहे हैं. इनके सुरक्षा उपाय कड़े होते हैं, जिसके चलते इन्हें डार्क एआई में यूज नहीं किया जा सकता. साइबर क्रिमिनल्स आर्टिफिशियल नैरो इंटेलीजेंस (ANI) का यूज कर चैटबॉट बनाते हैं. इसके अलावा वो चैटजीपीटी जैसे लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के हैक्ड या जेलब्रोकन वर्जन का भी यूज करते हैं. डार्क एआई में आमतौर पर नीचे दिए गए टूल ज्यादा इस्तेमाल होते हैं. 

FraudGPT- यह सबसे ज्यादा यूज होने वाली डार्क GPT है. यह डार्क वेब पर उपलब्ध है और इसमें साइबर क्रिमिनल्स के लिए ऑल-इन-वन सॉल्यूशन माना जाता है. यह मालवेयर राइट, लीक डिटेक्ट और टारेगेटेड साइट्स को मॉनिटर करने समेत कई काम कर सकती है.

WormGPT- इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल मालवेयर और दूसरे मलेशियस कोड क्रिएट करने के लिए किया जाता है. यह भी डार्क वेबस पर उपलब्ध है. इसे रियल-लाइफ हैकिंग टेक्निक की नकल करने वाले डेटा पर ट्रेनिंग दी गई है, जिससे यह बहुत खतरनाक हो जाती है.

PoisonGPT- इसे एक फ्रेंच कंपनी ने तैयार किया है. यह सीधे तौर पर लोगों को अटैक करने के लिए नहीं बनाई गई है. यह दूसरे एआई टूल्स में मलेशियस या मिसलीडिंग डेटा डालकर उसे इंफेक्ट करती है, जिससे असली दिखने वाले एआई मॉडल भी गलत जानकारी दे सकते हैं.

डार्क एआई से खुद को कैसे बचाएं?

कम्युनिकेशन में बरतें सावधानी- किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति से आए मेल और मैसेज में आई अटैचमेंट या लिंक को ओपन न करें. मेल और मैसेज को ठीक से देखें और पूरी तरह वेरिफिकेशन के बाद ही लिंक या फाइल को ओपन करें.

सोर्स पर चेक करें- आजकल एआई के कारण फेक न्यूज, वीडियो और तस्वीरों का चलन बढ़ गया है. ऐसे में अगर किसी वीडियो, न्यूज या इमेज में कोई सनसनीखेज या उकसाने वाली बात कही जा रही है तो असली सोर्स पर जाकर जरूर चेक करें.

डीपफेक वीडियो से रहें सावधान- आजकल असली जैसे दिखने वाले फर्जी वीडियो की बाढ़ आई हुई है. इसलिए वीडियो को ध्यान से देखें. एआई से जनरेटेड वीडियो में व्यक्ति के हाव-भाव, शारीरिक बनावट या आवाज में थोड़ी-बहुत गड़बड़ होती है.

मजबूत पासवर्ड- अपने अकाउंट और डिवाइस की सिक्योरिटी के लिए हमेशा मजबूत और यूनिक पासवर्ड का इस्तेमाल करें. इससे हैकिंग का खतरा कम हो जाता है. अपने सभी डिवाइस और सोशल मीडिया अकाउंट्स आदि के लिए सेम पासवर्ड न रखें. जहां संभव हो, वहां टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को इनेबल करना न भूलें.

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IPO Alert: Gallard Steel IPO में Invest करने से पहले जानें GMP, Price Band| Paisa Live

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Gallard Steel IPO ₹37.50 करोड़ का book build issue है। यह issue पूरी तरह से ₹37.50 करोड़ के 0.25 करोड़ शेयरों का एक नया issue है। Gallard Steel IPO 19 नवंबर, 2025 को subscription के लिए खुलेगा और 21 नवंबर, 2025 को बंद होगा। Gallard Steel का IPO आवंटन 24 नवंबर, 2025 को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। Gallard Steel IPO BSE SME पर list होगा और इसकी संभावित listing तिथि 26 नवंबर, 2025 तय की गई है। Gallard Steel IPO का price band ₹142.00 से ₹150.00 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। आवेदन के लिए lot size 1,000 है।                 

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Aaj Ka Mithun Rashifal (19 November 2025): मिथुन राशि संतान से खुशी मिलेगी, प्रमोशन और इंसेंटिव

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Aaj Ka Mithun Rashifal 19 November 2025 in Hindi: मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन भाग्यवृद्धि और सफलता से परिपूर्ण रहेगा. चन्द्रमा 5th हाउस में होने से माता-पिता को संतान से सुख मिलेगा. घर या कार्यस्थल पर किसी शुभ कार्य में भाग लेने के योग हैं. ग्रह गोचर आज आपके पक्ष में है, इसलिए नए अवसरों का लाभ उठाने में संकोच न करें.

स्वास्थ्य राशिफल:
सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन मानसिक तनाव या काम का दबाव आपको थका सकता है. आज पर्याप्त विश्राम करें और जल का सेवन अधिक करें. करियर से जुड़ी चिंताओं के कारण नींद प्रभावित हो सकती है. ध्यान और प्राणायाम से लाभ मिलेगा.

व्यापार राशिफल:
बिजनेस में आज भाग्य का साथ मिलेगा. किसी नई कंपनी या प्रोजेक्ट से जुड़ने का प्रस्ताव आ सकता है. भूमि या वाहन से संबंधित सौदे आज बिना किसी अड़चन के पूरे हो सकते हैं. यात्रा से भी लाभ मिलेगा.

नौकरी राशिफल:
जॉब करने वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा. सीनियर्स से तारीफ और प्रोत्साहन मिलेगा. प्रमोशन या पदोन्नति के संकेत भी हैं. आपके कार्य के प्रति समर्पण की सराहना होगी.

लव और परिवार राशिफल:
प्रेम जीवन में सुख और संतोष रहेगा. आज पार्टनर से कोई प्यारी बात सुनकर मन प्रसन्न होगा. पारिवारिक जीवन में शांति और सामंजस्य बना रहेगा. बुजुर्गों का आशीर्वाद आपका मनोबल बढ़ाएगा.

धन राशिफल:
आर्थिक रूप से दिन लाभदायक रहेगा. पूर्व में किया गया निवेश अब लाभ दे सकता है. धार्मिक कार्यों या यात्रा पर धन व्यय हो सकता है, पर यह शुभ फलदायक रहेगा.

युवा और विद्यार्थी राशिफल:
युवाओं को आज परिवार द्वारा दी गई जिम्मेदारियां निभानी होंगी. विद्यार्थी, आर्टिस्ट और स्पोर्ट्स पर्सन के लिए आज का दिन अत्यंत उत्कृष्ट है, मनचाहे परिणाम मिलेंगे.

शुभ अंक: 1
शुभ रंग: ग्रे
उपाय: आज हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं तथा “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का 11 बार जप करें. इससे करियर में रुकावटें दूर होंगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा.

Disclaimer यहां दी गई जानकारी मान्यताओं और ज्योतिषीय विश्लेषण पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी जानकारी की पुष्टि नहीं करता. किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.

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‘भारत को जवाब देने का पूरा हक’, दिल्ली धमाके को लेकर एस. जयशंकर ने मॉस्को से आतंकियों को दी सख्

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दिल्ली धमाके के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है. मॉस्को में एससीओ की बैठक में विदेश मंत्री ने कहा, “हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि एससीओ की स्थापना आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन बुराइयों से निपटने के लिए की गई थी. बीते वर्षों में ये खतरे और भी गंभीर हो गए हैं. यह जरूरी है कि दुनिया आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति जीरो सहिष्णुता दिखाए.”

भारत को जवाब देने का पूरा हक: जयशंकर

विदेश मंत्री जयशंकर ने दो टूक कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए मजबूती से जवाब देगा. उन्होंने एससीओ के कार्यप्रणाली में बदलाव की वकालत की. आतंकवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “इसका कोई औचित्य नहीं हो सकता, कोई अनदेखी नहीं हो सकती और कोई लीपापोती नहीं हो सकती. जैसा कि भारत ने दिखाया है कि हमें आतंकवाद के खिलाफ अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है और हम इसका प्रयोग करेंगे.”

‘एससीओ के कार्यप्रणाली में बदलाव हो’

उन्होंने कहा, “भारत का मानना ​​है कि एससीओ को बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुकूल होना चाहिए, एक विस्तृत एजेंडा विकसित करना चाहिए और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए. हम इन उद्देश्यों में सकारात्मक और पूर्ण योगदान देंगे.” शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार (17 नवंबर 2025) को मॉस्को पहुंचे.

एससीओ नेताओं को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ बिना किसी समझौते के एकजुट कार्रवाई के लिए नई दिल्ली के लंबे समय से चले आ रहे आह्वान को दोहराया. उन्होंने कहा कि इस खतरे के खिलाफ लड़ाई एक साझा प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए. हाल ही में दिल्ली में हुए आतंकी ब्लास्ट के बाद एस जयशंकर का बयान सामने आया है.

रूस के विदेश मंत्री के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता

मॉस्को पहुंचते ही एस जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की. रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी TASS की रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ शंघाई सहयोग संगठन (SCO), ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र और जी-20 से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा हुई.

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कभी IAS बनना चाहते थे फिर बन रैपर, ‘बादशाह’ नाम की कहानी भी है अनोखी

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पंजाबी और हिंदी सिनेमा में अपनी गायकी और रैप की बदौलत पहचान हासिल करने वाले बादशाह बुधवार को अपना 40वां जन्मदिन मनाएंगे. बादशाह के रैप करने का अंदाज और उनकी आवाज भारत के हर कोने में पसंद की जाती है.

दिल्ली के पीतमपुरा के रहने वाले बादशाह यानी प्रतीक सिंह सिसोदिया बिलबोर्ड के वर्ल्ड डिजिटल सॉन्ग सेल्स चार्ट, बीबीसी एशियन नेटवर्क चार्ट और यूट्यूब म्यूजिक वीडियो चार्ट में जगह बना चुके हैं और विदेशों में ही उनके कॉन्सर्ट में हजारों की भीड़ जुटती है. उन्होंने दिल्ली से निकलकर पंजाब के चंडीगढ़ कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, हालांकि वहीं से रैपर प्रतीक सिंह सिसोदिया के ‘बैड बॉय’ बादशाह बनने का सफर शुरू हुआ.

कभी आईएएस ऑफिसर बनना चाहते थे बादशाह

बादशाह की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से हुई. उन्होंने अपने स्कूल ग्रुप्स में गाना शुरू कर दिया. वे बड़े होकर आईएएस अधिकारी बनने का सपना भी देखते थे. 15 साल की उम्र में रैपर को दिल्ली के एक क्लब में परफॉर्म करने का मौका मिला और पहली फीस के रूप में उन्हें 1,500 रुपये मिले थे.

इसके बाद उन्होंने संगीत जगत में अपने करियर की शुरुआत स्टेज नेम “कूल इक्वल” से की, लेकिन बाद में अपना नाम बदलकर बादशाह रख लिया.

बादशाह ने क्यों बदला अपना नाम?

रैपर ने खुलासा किया था कि वे शाहरुख खान के बड़े फैन हैं और उनकी 1999 में आई फिल्म ‘बादशाह’ का गाना सुनने के बाद ही उन्होंने अपना नाम बदलने का फैसला लिया था.

बादशाह का करियर 2006 में तब शुरू हुआ जब वे साथी रैपर हनी सिंह के साथ परफॉर्म किया. उन्हें हनी सिंह के शो ‘बैंड माफिया मुंडीर’ में देखा गया. ये प्लेटफॉर्म नए सिंगर्स के लिए एक मौका था जिससे वे संगीत जगत में अपने कदम रख सकें.


उन्होंने शुरुआत में हनी सिंह के साथ मिलकर गाने गाए, हालांकि हनी सिंह और बादशाह के बीच हमेशा इस बात को लेकर विवाद रहा है. रैपर बादशाह ने कभी अपने करियर में हनी सिंह को उन्हें लॉन्च करने का क्रेडिट नहीं दिया, जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद रहा.

साल 2012 बादशाह के लिए शानदार रहा, क्योंकि उनके सिंगल गानों ने तहलका मचाना शुरू कर दिया. बादशाह को बड़ा ब्रेक उनके सिंगल “बैड बॉय” से मिला, जिसके बाद साल 2016 में आई फिल्म ‘कपूर एंड संस’ का गाना “लड़की कर गई चुल” और आस्था गिल के साथ ‘डीजे वाले बाबू’ हिट साबित हुआ. रैपर साल 2020 में ‘गेंदा फूल’ सॉन्ग लेकर आए, जो हिट होने के साथ-साथ विवादों में भी रहा.



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QS Sustainability Rankings 2026 में 9 भारतीय यूनिवर्सिटियां ​टॉप 700 में​ पहुंचीं​, IIT दिल्ली

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देश के हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट ने QS World University Rankings: Sustainability 2026 में पकड़ बनाई है. इस लिस्ट में भारत की 9 यूनिवर्सिटियों ने टॉप 700 में जगह बनाई है. इस लिस्ट में IIT दिल्ली इस बार भी भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा. संस्थान ने 205वीं रैंक हासिल की है.

इस बार की रैंकिंग में 100 से ज्यादा भारतीय विश्वविद्यालय शामिल हुए, जिससे भारत दुनिया में चौथे नंबर पर रहा है. QS की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 103 भारतीय संस्थानों में से 32 की रैंकिंग में सुधार हुआ. जबकि 15 की रैंकिंग पहले जैसी ही रही साथ ही 30 संस्थानों की रैंकिंग गिरी है.  

भारत की कई यूनिवर्सिटियों ने Earth Sciences, Climate Studies और Environmental Programs में बेहद मजबूत स्कोर किया है. इससे साफ है कि भारत पर्यावरण और विज्ञान शिक्षा को लेकर आगे बढ़ रहा है.

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टॉप 700 में पहुंचे भारत के 9 विश्वविद्यालय

IITs का प्रदर्शन

IIT Delhi और IIT Kharagpur Employability और Outcomes कैटेगरी में टॉप 100 में पहुंचे. आईआईटी दिल्ली ने 93वां स्थान हासिल किया और आईआईटी खड़गपुर 96 वें नंबर पर. इसके अलावा IIT Bombay पर्यावरण प्रभाव कैटेगरी में एक स्थान ऊपर जाकर 100वें स्थान पर आया. IIT Kharagpur पर्यावरण स्थिरता में 49वीं रैंक पर रहा है.

इस साल रैंकिंग में कुल 2000 विश्वविद्यालय और 106 देशों से शामिल हुए. सबसे ज्यादा विश्वविद्यालय अमेरिका से रहे. अमेरिका के 240 संस्थानों ने इसमें हिस्सा लिया. दूसरे नंबर पर चीन है जहां के 163 संस्थान प्रतिभागी रहे. यूके के 109, भारत की तरफ से 103 इंस्टीटूट्स इस बार शामिल हुए थे और फ्रांस के 76 संस्थान शामिल रहे.

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लड़खड़ाते हुए Zimbabwe से जीता पाकिस्तान, बाबर आजम जीरो पर आउट; फखर और उस्मान ने दिलाई जीत

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आज से पाकिस्तान-जिम्बाब्वे-श्रीलंका ट्राई सीरीज का आगाज हुआ है. पहले मैच में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को 5 विकेट से हरा दिया है. बाबर आजम और कप्तान सलमान आगा बुरी तरह फ्लॉप रहे, लेकिन पाक टीम लड़खड़ाते हुए जैसे-तैसे 5 विकेट से मैच जीत गई. बाबर तो खाता तक नहीं खोल पाए. जिम्बाब्वे ने पहले खेलते हुए 147 रन बनाए थे, जवाब में पाकिस्तान टीम ने आखिरी ओवर में 5 विकेट से जीत सुनिश्चित की.

जिम्बाब्वे को ब्रायन बैनेट और टी मरुमानी ने बढ़िया शुरुआत दिलाई थी. दोनों के बीच 72 रनों की सलामी साझेदारी हुई. बैनेट ने 49 रन और मरुमानी ने 30 रनों की पारी खेली. मगर उसके बाद लगातार विकेट गिरते चले गए, लेकिन इसी बीच कप्तान सिकंदर रजा ने नाबाद 34 रनों की पारी खेली.

बाबर ‘0’ पर आउट, फखर जमान चमके

बाबर आजम हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में शतक का सूखा खत्म करके आ रहे हैं. अब जिम्बाब्वे के खिलाफ वो खाता तक नहीं खोल पाए. इसके लिए उन्हें दोबारा से ट्रोल भी होना पड़ रहा है. वहीं कप्तान सलमान आगा केवल 1 रन बना पाए.

पाकिस्तान ने 54 के स्कोर पर 4 विकेट गंवा दिए थे. उसके बाद फखर जमान और उस्मान खान ने 39 गेंद में 61 रनों की साझेदारी कर पाकिस्तान की मैच में वापसी करवाई. फखर ने 32 गेंद में 44 रनों की पारी खेली. दूसरी ओर उस्मान खान 37 रन बनाकर नाबाद लौटे. मोहम्मद नवाज की 21 रनों की कैमियो पारी ने भी पाकिस्तान को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की. नवाज ने 12 गेंद में 21 रन बनाए, इस दौरान 2 चौके और एक छक्का भी लगाया.

जिम्बाब्वे पिछले 7 टी20 मैचों में पाकिस्तान को तीन बार हरा चुकी है और अब एक बार फिर हराने के करीब आ गई थी. मगर आखिरी ओवर तक चले इस मैच को गंवा बैठी.

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मैं हरमनप्रीत कौर नहीं, किसी के साथ मारपीट…, आरोपों पर बांग्लादेशी कप्तान के बिगड़े बोल; दिया बेतुका बयान

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iPhone के प्रो मॉडल्स के लिए ऐप्पल लाएगी खास कवर, टच करने पर हो जाएंगे बटन वाले सारे काम

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ऐप्पल पिछले कुछ समय से तेजी से अपने प्रोडक्ट्स को अपग्रेड कर रही है. साथ ही वह नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग पर जोर दे रही है. आईफोन 17 सीरीज के साथ कंपनी ने नए TechWoven कवर पेश किए थे. प्रीमियम लुक वाले ये कवर कस्टम टेक्निकल वूवन फैब्रिक से बने हैं, जो आईफोन की ड्यूरैबिलिटी को बढ़ाते हैं. अब जानकारी मिल रही है कि ऐप्पल अब आईफोन के कवर को सिर्फ सिक्योरिटी के लिए यूज नहीं करेगी. वह अपकमिंग आईफोन के लिए टच-सेंसेटिव कवर बनाने पर विचार कर रही है. 

कैसे काम करेंगे नए कवर?

टिपस्टर इंस्टैंट डिजिटल ने वीबो पर एक पोस्ट डाली है. इससे पता चला है कि ऐप्पल आईफोन के प्रो मॉडल्स के लिए नए कवर बना रही हैं, जिसमें टच सेंसर लगा होगा. यानी स्क्रीन के बाद ये कवर सेकेंडरी टच इंटरफेस के तौर पर काम करेंगे. इस बारे में ऐप्पल ने पिछले साल एक पेटेंट भी दायर किया था. इसके मुताबिक, ये कवर सिर्फ प्रोटेक्टिव लेयर की तरह काम नहीं करेंगे बल्कि इनसे इनपुट भी दी जा सकेगी. यानी इन कवर को टच कर आईफोन में एक्शन को ट्रिगर किया जा सकता है. 

बटन वाले काम करेंगे कवर

अभी तक इन कवर को लेकर डिटेल्ड जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि कवर में कुछ ऐसे टच सेंसेटिव एरिया होंगे, जहां पर टच करने से आईफोन में कोई टास्क होगा. यानी ये फिजिकल बटन की तरह काम करेंगे. जब यह कवर आईफोन पर लगा होगा तो आईफोन बटन से होने वाले सारे काम इस कवर पर रिडायरेक्ट कर देगा. 

यह टेक्नोलॉजी करेगी काम

ऐप्पल के पेटेंट के मुताबिक, ये कवर NFC के जरिए सिग्नल और आइेंटिफिकेशन को ट्रांसफर कर डिवाइस के साथ कम्युनिकेट करेंगे. कुछ कवर में बायोमेट्रिक इनपुट का प्रोविजन भी किया जा सकता है. यानी कवर पर ही फिंगरप्रिंट सेंसर या टचआईडी इंटीग्रेट हो जाएगी, जिससे यूजर को स्क्रीन पर टैप या देखने की जरूरत नहीं रहेगी.

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पहले पाकिस्तान को लताड़ा, फिर जयशंकर ने पुतिन से की मुलाकात, शहबाज को लग न जाए सदमा!

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के साथ मंगलवार (18 नवंबर 2025) को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. जयशंकर एससीओ के राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए यहां आए हैं. विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी. 

विदेश मंत्री जयशंकर ने की रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “आज मास्को में रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करके सम्मानित महसूस किया. पीएम मोदी का अभिवादन पहुंचाया. उन्हें आगामी वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों से अवगत कराया. क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की. हमारे संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए उनके दृष्टिकोण और मार्गदर्शन की मैं तहे दिल से सराहना करता हूं.”

क्रेमलिन में हुई बैठक में रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ, बेलारूस के प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर तुर्चिन, कजाकिस्तान के ओलजस बेक्टेनोव, किर्गिस्तान के एडिलबेक कासिमलियेव, ताजिकिस्तान के कोखिर रसूलजोदा और उज्बेकिस्तान के अब्दुल्ला अरिपोव के साथ-साथ पाकिस्तान के उप प्रधान मंत्री इशाक डार और एससीओ महासचिव नुरलान यरमेकबायेव भी शामिल हुए.

जयशंकर ने सोमवार (17 नवंबर 2025) को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ विस्तृत बातचीत की. यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों पक्ष राष्ट्रपति पुतिन की 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत यात्रा की तैयारी कर रहे हैं. रूसी राष्ट्रपति के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर वार्ता के लिए 5 दिसंबर 2025 के आसपास भारत आने की उम्मीद है.

जयशंकर ने एससीओ से इतर मंगोलिया के प्रधानमंत्री गोम्बोजाविन जंदनशतार और कतर के प्रधानमंत्री सह विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से भी मुलाकात की. उन्होंने एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक की मेजबानी के लिए रूस के प्रधानमंत्री मिशुस्तिन को धन्यवाद दिया और उनके आतिथ्य की प्रशंसा की.

इशाक डार के सामने जयशंकर ने पाकिस्तान को लताड़ा

एससीओ नेताओं को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया को आतंकवाद के सभी प्रकारों और स्वरूपों के खिलाफ कतई बर्दाश्त न करने का रुख रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी भी रूप में जायज नहीं ठहराया जा सकता न ही इसे नजरअंदाज किया जा सकता है और न ही कोई लीपापोती की जा सकती है. जिस समय जयशंकर ये बात कह रहे थे उस समय पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार भी वहीं थे.

‘भारत को जवाब देने का पूरा हक’

आतंकवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “इसका कोई औचित्य नहीं हो सकता, कोई अनदेखी नहीं हो सकती और कोई लीपापोती नहीं हो सकती. जैसा कि भारत ने दिखाया है कि हमें आतंकवाद के खिलाफ अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है और हम इसका प्रयोग करेंगे. भारत का मानना ​​है कि एससीओ को बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुकूल होना चाहिए, एक विस्तृत एजेंडा विकसित करना चाहिए और अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए.”

बढ़ाना होगा प्रभाव- पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एससीओ की विश्वसनीयता और प्रभाव को बढ़ाने का आह्वान किया. उन्होंने हमारा लक्ष्य वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में से एक के रूप में एससीओ की विश्वसनीयता और प्रभाव को बढ़ाने का है.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी निकोलाई पात्रुशेव ने भी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. पुतिन अगले महीने भारत की यात्रा पर आने वाले हैं. रूस के समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष पात्रुशेव और पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी, दक्षता विकास, जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया. पीएम मोदी ने पात्रुशेव को अवगत कराया कि वह अगले महीने राष्ट्रपति पुतिन की भारत में मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं. 

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