Video: छोटी हाईट वालों का कमाल! टोल गेट के नीचे से निकल गई लैम्बोर्गिनी, ताकते रह गए कर्मचारी!

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Shocking Viral Video: आए दिन सोशल मीडिया पर तरह-तरह के वीडियोज वायरल होते हैं. कुछ हंसी-मजाक के तो वहीं कुछ ऐसे होते हैं, जिन्हें हम देखकर हैरान रह जाते हैं. कुछ ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक लैम्बोर्गिनी कार बंद टोल गेट से निकलती नजर आ रही है और साथ ही कार पर नंबर प्लेट भी दिखाई नहीं दे रही है.

टोल गेट के नीचे से निकल गई लैम्बोर्गिनी

वीडियो की शुरुआत में देखा जा सकता है कि टोल प्लाजा दिखाई दे रहा है, जहां एक सफेद रंग की टैक्सी टोल पर खड़ी होती है और उसके पीछे एक काले रंग की लैम्बोर्गिनी कार उसके पीछे खड़ी होती है. इस दौरान जैसे ही सफेद रंग की कार टोल से गुजरती है.

उसके बाद टोल का गेट दोबारा बंद हो जाता है, लेकिन पीछे खड़ी लैम्बोर्गिनी कार गेट बंद होने के बाद भी उसके नीचे से गुजर जाती है. इस दौरान टोल पर मौजूद महिला कर्मचारी ये हरकत को देखती रह जाती है और कार का ड्राइवर बिना टोल का पैसा दिए वहां से फरार हो जाता है.

ड्राइवर ने सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी की 

वीडियो में यह भी देखा गया है कि लैम्बोर्गिनी कार की नंबर प्लेट भी नजर नहीं आ रही है. इसे देखकर यह साफ हो रहा है कि लैम्बोर्गिनी कार के ड्राइवर ने सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी की है. इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है.

कुछ ने कहा कि इस तरह बंद गेट के नीचे से कार निकालना कितना खतरनाक है और वहीं कुछ ने कहा कि बिना नंबर प्लेट के कार चलाना नियमों के खिलाफ है. कुछ ने कहा कि इस तरह के लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.


बांग्लादेश में ICT ने शेख हसीना को सुनाई सजा-ए-मौत, भारत में रह रहीं पूर्व PM के पास अब क्या है

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ढाका की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 2024 के छात्र आंदोलन में हुई हत्याओं के लिए मौत की सजा सुनाई है. कोर्ट का कहना है कि हसीना ने हिंसा भड़काई और मारने के आदेश दिए. इसी केस में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान को भी फांसी की सजा मिली, जबकि पूर्व IGP अब्दुल्ला अल-ममून को 5 साल जेल दी गई. कोर्ट ने हसीना और खान की संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया है.

दोनों नेता फिलहाल 15 महीने से भारत में हैं. हसीना ने फैसले को राजनीतिक और पक्षपाती बताया है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब हसीना पिछले एक साल से भारत में निर्वासन में हैं. अब बड़ा सवाल यह है कि उनके पास आगे के लिए क्या रास्ते बचे हैं?

मामला क्या है?
एक लंबे ट्रायल के बाद बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया कि 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में शेख हसीना की सीधी जिम्मेदारी थी. अदालत ने माना कि उन्होंने सुरक्षा बलों को ‘कड़े और घातक बल’ का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था. यह फैसला उनकी अनुपस्थिति में सुनाया गया क्योंकि वे अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं.

हिंसा का पैमाना कितना बड़ा था?
2024 में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों में हालात काफी खराब हुए थे. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई से 5 अगस्त, 2024 के बीच हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान 1,400 लोगों के मारे जाने और हजारों लोगों के घायल होने की आशंका जताई गई. यह हिंसा 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद बांग्लादेश की सबसे भीषण अशांति बताई जाती है.

हसीना का निर्वासन
यह विरोध तब शुरू हुआ जब छात्र संगठनों ने पहले नौकरी कोटे की व्यवस्था में सुधार और बाद में हसीना के इस्तीफे की मांग तेज कर दी. हिंसा तेजी से बढ़ने लगी और 5 अगस्त 2024 को प्रदर्शनकारी पीएम आवास की ओर बढ़ने लगे, जिसके कुछ घंटे पहले ही हसीना भारत चली गईं. उनके जाने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनुस की अगुवाई में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जिसे व्यवस्था बहाल करने और चुनाव कराने का दायित्व दिया गया, लेकिन बड़े राजनीतिक सुधारों की प्रक्रिया धीमी रही है और चुनाव फरवरी में कराए जाने की योजना है.

अवामी लीग पर रोक और तनावग्रस्त माहौल
हसीना की पार्टी अवामी लीग को आगामी चुनावों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई है. विश्लेषकों का मानना है कि मौत की सजा का फैसला देश में नई अशांति को जन्म दे सकता है, खासकर तब जब चुनाव नजदीक हैं. हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कच्चे बम फेंके जाने और गाड़ियों को जलाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं.

ट्रायल में क्या हुआ?
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि उन्हें सबूत मिले हैं जिससे साबित होता है कि हसीना ने आंदोलन दबाने के लिए सीधे तौर पर घातक बल का इस्तेमाल करने का आदेश दिया. अदालत ने हसीना के लिए सरकारी वकील नियुक्त किया था, जिन्होंने अदालत में कहा कि यह आरोप झूठे हैं और उन्हें बरी किया जाना चाहिए. फैसले से पहले हसीना खुद यह कह चुकी थीं कि यह पूरी प्रक्रिया “निष्पक्ष नहीं” है और फैसला पहले से तय है.

अब शेख हसीना के पास क्या विकल्प हैं?
सुप्रीम कोर्ट में अपील करना
इस फैसले के खिलाफ बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकती है. अगर अपील स्वीकार हुई, तो सजा को पलटने या कम करने का रास्ता खुल सकता है.

राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना
हसीना लगातार यह दावा कर रही हैं कि मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है. वे अंतरराष्ट्रीय संगठनों, मानवाधिकार समूहों और सहयोगी देशों से समर्थन हासिल करने की कोशिश कर सकती हैं.

निर्वासन से ही राजनीतिक दबाव बनाना
भारत में रहने के कारण उन्हें तुरंत गिरफ्तारी का खतरा नहीं है. निर्वासन में रहकर भी वे अपनी पार्टी और समर्थकों को संगठित कर सकती हैं.

नए राजनीतिक समीकरण का इंतजार
हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा है कि वे अपील तभी करेंगे जब एक लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार बने और अवामी लीग को राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जाए.

प्रत्यर्पण का मुकाबला करना
अगर बांग्लादेश सरकार उनका प्रत्यर्पण मांगती है, तो भारत में वे कानूनी और राजनीतिक आधार पर उसका विरोध कर सकती हैं. यह प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है.

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‘जी करता है गला काट दूं’, गुलशन ग्रोवर पर बुरी तरह से भड़के सानंद शर्मा, जानें वजह

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टीवी के पॉपुलर शो ‘भाभी जी घर पर हैं’ के सक्सेना जी यानी एक्टर सानंद वर्मा ने हाल ही में बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर गुलशन ग्रोवर संग वेब सीरीज ‘फर्स्ट कॉपी’ में काम करने का एक्सपीरियंस शेयर किया. एक्टर ने बताया कि ‘एक सीन में उन्होंने मुझे बिना बिताए चांटा जड़ दिया था, मुझे बहुत गुस्सा भी आया, लेकिन उस वक्त मैं कुछ बोला नहीं बस सीन करता रहा.’

सानंद शर्मा ने निकाली गुलशन ग्रोवर पर भड़ास

दरअसल हाल ही में सानंद वर्मा सिद्धार्थ कन्नन के पॉडकास्ट में पहुंचे थे. जहां उन्होंने ‘फर्स्ट कॉपी’ सीरीज के शूटिंग पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा, ‘ एक दिन एक सीन की शूटिंग चल रही थी, जिसमें गुलशन ग्रोवर ने बिना बताए सच में मुझे जोरदार थप्पड़ मार दिया. उस वक्त मेरा मन कर रहा था कि मैं इस आदमी का गला काट दूं, लेकिन मैं चुप रहा. मैंने आज तक कुछ नहीं कहा, मैं यहां पहली बार यहां बता रहा हू. उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया था, वो एक्टिंग नहीं थी..’

गुलशन ग्रोवर ने मुझे सच में थपप्ड़ मारा था

सानंद ने आगे बताया कि, ‘वो एक्टिंग नहीं थी, क्योंकि ऐसा होता तो वो पहले मुझे बताते, ताकि मैं भी सामने से तैयार रहता. मैं तो वैसे भी थप्पड़ खाने के लिए तैयार ही रहता हूं. लेकिन उस वक्त मुझे बहुत बुरा लगा. लेकिन मैं सीन में था, अपने किरदार में था. मैंने अपना काम पूरा किया और फिर वहां से चला गया…’

मर्दानीका किस्सा भी किया शेयर

सानंद वर्मा ने इस दौरान रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी’ में निभाए अपने किरदार को भी याद किया. एक्टर ने कहा, ‘उसमें भी मुझे थप्पड़ पड़ना था लेकिन मेरे को-एक्टर दिग्विजय मेरे पास आए और पूछा कि क्या वो मुझे थप्पड़ मार सकते हैं क्योंकि निर्देशक ने कहा है, उनकी बात सुनकर मैं भी मान गया. तो ये एक तरीका होता है, जिसका हमें पालन करना ही चाहिए.’

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Video: ट्रेन आते ही पटरी पर लेट गया शख्स, ऊपर से गुजर गई रेल, खौफनाक मंजर का वीडियो वायरल

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Train Accident Viral Video: कई बार सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरानी में पड़ जाते हैं. कुछ वीडियो हादसों से जुड़े होते हैं तो कुछ लापरवाही की हद दिखा देते हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस घटना में एक शख्स खुद ही रेलवे ट्रैक पर लेट जाता है, जबकि सामने से तेज रफ्तार ट्रेन आ रही होती है. यह नजारा इतना खतरनाक था कि देखने वालों की सांसें थम गईं. 

ट्रेन में लगे कैमरे में रिकॉर्ड हुआ वीडियो

वीडियो में साफ दिखता है कि ट्रेन ट्रैक पर सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ रही थी. तभी अचानक दूर से एक शख्स ट्रैक की ओर आता है और बिना हिचकिचाहट पटरी पर लेट जाता है. जैसे ही लोको पायलट उसे ट्रैक पर लेटा देखता है, वह जोर से चिल्लाता है, हॉर्न बजाता है और तुरंत ब्रेक लगाने की कोशिश करता है, लेकिन ट्रेन की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि उसे रोकने में समय लग गया.

जब तक ट्रेन की रफ्तार कम होती, तब तक वह शख्स के ऊपर से गुजर चुकी थी. हादसा इतनी जल्दी हुआ कि कोई समझ भी नहीं पाया कि आखिर उस व्यक्ति ने ऐसा कदम क्यों उठाया. लोको पायलट भी पूरी कोशिश करता दिखाई देता है, लेकिन भारी-भरकम ट्रेन को अचानक रोक पाना लगभग असंभव था. 

शख्स ने खतरनाक हरकत की- यूजर्स बोले

यह पूरा दृश्य ट्रेन में लगे कैमरे में कैद हो गया. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. इसे देखने वाले लोग काफी हैरान दिखाई दे रहे हैं. कई यूजर्स ने कमेंट कर लोको पायलट के दर्द और बेबसी को समझने की कोशिश की. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि शख्स ने सुसाइड किया है. फिलहाल उस शख्स के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है.


किन स्टूडेंट्स को मिलता है DU में रिजर्वेशन? जानें कैसे आसानी से पा सकते हैं एडमिशन

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना लाखों स्टूडेंट्स का सपना होता है और ऐसे में रिजर्वेशन सिस्टम उनके लिए काफी मददगार साबित होता है. कई बार छात्र यह समझ नहीं पाते कि DU में किस श्रेणी को कितना रिजर्वेशन मिलता है. यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली केंद्रीय सरकार की रिजर्वेशन नीतियों का सख्ती से पालन करती है.

अगर कोई छात्र EWS, OBC, SC या ST कोटे में एडमिशन लेना चाहता है, तो उसके पास मान्य प्रमाणपत्र होना जरूरी है जो सिर्फ तय अधिकारियों द्वारा जारी किया जा सकता है. इनमें जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर, डिप्टी कमिश्नर, तहसीलदार से ऊपर रैंक के राजस्व अधिकारी और सम्बंधित क्षेत्र के सब-डिविजनल ऑफिसर शामिल हैं. इनके अलावा किसी अन्य अधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र मान्य नहीं माना जाएगा.

ध्यान देने वाली बातें

SC/ST या OBC सर्टिफिकेट में जाति का नाम, श्रेणी, जिला और राज्य साफ-साफ होना चाहिए और यह भी लिखा होना चाहिए कि जाति भारत सरकार की लिस्ट में स्वीकृत है. अगर किसी छात्र के पास आवेदन के समय अपडेटेड सर्टिफिकेट न हो, तो वह उसका आवेदन स्लिप अपलोड कर सकता है. लेकिन एडमिशन के समय मूल और नवीनतम प्रमाणपत्र दिखाना जरूरी है.

किसी भी परिस्थिति में अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा. यदि कोई छात्र SC/ST/OBC/EWS में आता है लेकिन किसी दूसरी कैटेगरी जैसे PwBD या CW के तहत एडमिशन लेना चाहता है तो उसे उस श्रेणी की पात्रता भी पूरी करनी होगी. वहीं, अगर कोई छात्र रिजर्व कैटेगरी का होते हुए भी सामान्य सूची में मेरिट पर सिलेक्ट हो जाता है, तो उसे आरक्षित सीटों में नहीं गिना जाता.

किसे कितना रिजर्वेशन?

SC/ST छात्रों के लिए कुल सीटों में 22.5% आरक्षण है- 15% SC और 7.5% ST के लिए. न्यूनतम पात्रता के तौर पर SC/ST छात्रों के लिए पास मार्क्स ही पर्याप्त माने जाते हैं. अगर एडमिशन एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर है, तो उन्हें टेस्ट देना होगा, लेकिन उनकी अलग मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी. कट-ऑफ में 5% की छूट दी जाती है और अगर फिर भी सीटें खाली रह जाएं तो जरूरत के अनुसार और राहत दी जा सकती है. SC की सीट ST को और ST की सीट SC को दी जा सकती है, लेकिन यदि तब भी सीटें खाली रह जाएं, तो उन्हें खाली ही छोड़ दिया जाता है.

OBC छात्रों के लिए कुल सीटों में 27% आरक्षण है. इन्हें सामान्य श्रेणी की तुलना में पात्रता अंकों में 10% की छूट मिलती है. लेकिन OBC सर्टिफिकेट नॉन-क्रीमी लेयर वाला होना चाहिए और वह केंद्र सरकार की सूची में शामिल जाति का होना चाहिए. अगर किसी छात्र के पास रजिस्ट्रेशन के समय नवीनतम नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र नहीं है, तो वह पुराना सर्टिफिकेट या आवेदन स्लिप अपलोड कर सकता है, लेकिन एडमिशन के समय नवीनतम वर्ष का सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी है.

EWS श्रेणी के लिए DU में 10% सीटें आरक्षित हैं. इन्हें केंद्र सरकार द्वारा तय नियमों के आधार पर माना जाता है और पात्रता उन्हीं दिशानिर्देशों के अनुसार तय होती है. EWS के लिए भी तय अधिकारियों द्वारा जारी मान्य प्रमाणपत्र जरूरी है.

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इस एक गलती से लीक हो जाती है WhatsApp की प्राइवेट चैट! क्या आप भी उनमें शामिल हैं, जानिए पूरी ज

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Whatsapp Tips: वॉट्सऐप दुनिया का सबसे सुरक्षित मैसेजिंग ऐप माना जाता है क्योंकि इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन होता है. इसके बावजूद कई बार लोगों की प्राइवेट चैट लीक हो जाती है और उन्हें लगता है कि शायद ऐप में कोई बड़ी कमी है. लेकिन सच इससे बिल्कुल अलग है. असल वजह अक्सर खुद यूज़र्स की एक साधारण सी गलती होती है जो अनजाने में उनकी चैट को दूसरों तक पहुंचा देती है.

सबसे बड़ी गलती

ज्यादातर लोग वॉट्सऐप में अपनी चैट का बैकअप Google Drive या iCloud में ऑन कर देते हैं ताकि फोन बदलने पर मैसेज न खोएं. लेकिन यहीं से जोखिम शुरू होता है. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सिर्फ उस चैट के लिए काम करता है जो आपके फोन और रिसीवर के फोन तक सीमित है. लेकिन बैकअप क्लाउड में जाता है जो उसी एन्क्रिप्शन से सुरक्षित नहीं होता. इसका मतलब अगर कोई आपके क्लाउड अकाउंट तक पहुंच गया तो वह आपके वॉट्सऐप बैकअप को पढ़ सकता है. कई चैट लीक की घटनाओं में यही कारण सामने आया है.

कमज़ोर पासवर्ड और OTP धोखाधड़ी करते हैं काम तमाम

कई लोग अपने Google या Apple अकाउंट का पासवर्ड बहुत आसान रखते हैं या हर जगह एक जैसा पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है. इसके साथ ही, OTP स्कैम में लोग अनजाने में ही अपने अकाउंट की एक्सेस दूसरों को दे बैठते हैं. यदि किसी के हाथ आपके क्लाउड अकाउंट की एंट्री लग गई तो आपका वॉट्सऐप बैकअप भी उनके लिए खुली किताब बन जाता है.

गैलरी सिंक और स्क्रीनशॉट से भी लीक होते हैं मैसेज

कई बार चैट सीधे वॉट्सऐप से नहीं लीक होती, बल्कि फोन की गैलरी या स्क्रीनशॉट के जरिए बाहर पहुंच जाती है. ऑटो मीडिया डाउनलोड ऑन होने पर आपकी निजी फोटो, वीडियो या डॉक्यूमेंट फोन के कई ऐप्स से एक्सेस किए जा सकते हैं. कोई भी गलती या गलत ऐप इंस्टॉल करने पर यह डेटा बाहर जा सकता है.

कैसे बचाएं अपनी प्राइवेट चैट?

  • वॉट्सऐप चैट लीक से बचने का सबसे आसान तरीका है अपनी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत रखना.
  • क्लाउड बैकअप बंद रखें या एन्क्रिप्शन ऑन करें.
  • अपने Google/Apple अकाउंट में मजबूत पासवर्ड और 2FA एक्टिवेट करें.
  • ऑटो-मीडिया डाउनलोड बंद रखें.
  • किसी भी अनजान लिंक या OTP को शेयर न करें.

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कैमरे के सामने स्टंट दिखा रहा था मम्मी का लाडला! फिर ऐसा हुआ कांड कि टूट गई कमर- वीडियो वायरल

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कई बार होशियारी दिखाना ऐसा भारी पड़ता है कि फिर आने वाले कई सालों तक लोग होशियारी से ऐसा भागते हैं जैसे पुलिस को देखकर चोर. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों बड़ा वायरल हो रहा है जिसमें एक लड़का अपनी मां के कंधों पर चढ़कर स्टंट दिखाने की कोशिश में अपनी कमर तुड़वा बैठता है! वीडियो के इंटरनेट पर वायरल होने के बाद अब यूजर्स लड़के का जमकर मजाक बना रहे हैं तो कुछ लोग सहानुभूति दिखाते हुए अगली बार से सावधान रहने की सलाह भी देते दिखाई दे रहे हैं.

स्टंट के चक्कर में लड़के की कमर की आ गई शामत

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा जिसमें करीब 11 साल का एक लड़का जो दुबला पतला है और मोहल्ले में स्टंट दिखाने के लिए मशहूर है एक यूट्यूबर के सामने अपनी खासियत का प्रदर्शन करने के लिए मां के कंधों पर चढ़ जाता है. कंधों पर चढ़ने के बाद कैमरे के सामने खड़ा शख्स कहता है कि देखिए अभी कैसे ये बच्चा आपको स्टंट दिखाएगा. इतने में लड़का स्टंट दिखाने के लिए मां के कंधे से ही हवा में गोते खाते हुए जमीन पर सीधा लैंड होने की कोशिश करता है लेकिन उसका ये दांव उल्टा पड़ जाता है.


ऐसा गिरा की हाथ पैर हो गए एक

वीडियो में आगे दिख रहा है कि कैसे लड़का हवा में गोता लगाते हुए जमीन पर सीधा लैंड होने के बजाए पीछे लगे टीनशैड के कोनों से टकराता है और कमर के बल जमीन पर ऐसा गिरता है कि कमर और मुंह सब एक हो जाते हैं. मां से लेकर कैमरे के सामने खड़ा शख्स भी उसे बचाने भागता है और उसे दिलासा देकर ऐसे खड़ा करते हैं मानों कमर टूट गई हो. अब यूजर्स भी वीडियो पर मजेदार कमेंट करते हुए यही कह रहे हैं…” क्यों भाई आ गया स्वाद?”

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यूजर्स ने जमकर लिए मजे

वीडियो को laalhumour नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…दूसरे अंकित को बुलाओ, हमें स्टंट देखना था. एक और यूजर ने लिखा…क्यों भाई आ गया स्वाद? मां भी गजब है बेटे को खतरे में डाल रही है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कोई बात नहीं भाई, लेकिन अब से ऐसे खतरनाक काम मत करना.

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‘बॉल डाल न…’, पाकिस्तानी गेंदबाज की हरकत पर गुस्साए वैभव सूर्यवंशी, अगली गेंद पर जड़ा चौका

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एसीसी मेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स में रविवार को खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को 8 विकेट से हराया. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ए टीम 136 रनों पर ऑल-आउट हो गई थी, हालाँकि वैभव सूर्यवंशी ने ताबड़तोड़ शुरुआत दिलाई थी. उन्होंने 28 गेंदों में 45 रन बनाए. इस पारी में उन्हें पाकिस्तान के तेज गेंदबाज पर खूब गुस्सा आया, जब एक मिस गेंद के बाद उन्होंने चिढ़ाया. अगली ही गेंद पर वैभव ने उसी शॉट के जरिए शानदार चौका जड़ा.

पाकिस्तान ए के तेज गेंदबाज उबैद शाह ने तीसरे ओवर की चौथी गेंद वैभव सूर्यवंशी को डाली, इस पर बल्लेबाज ने गैप ढूंढकर चौका मारने का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहे. गेंद सीधा फील्डर के पास गई, इस पर गेंदबाज ने वैभव सूर्यवंशी को चिढ़ाने का प्रयास किया तो सूर्यवंशी भी चुप नहीं रहे.

वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “बॉल डाल न.” इसके बाद फिर उन्होंने यही कहा, जिस पर पाकिस्तान गेंदबाज उबैद कुछ नही कह पाए. फिर अगली गेंद भी उन्होंने इसी तरह की डाली, जिस पर वैभव ने उसी फील्डर के ऊपर से दनदनाता हुआ चौका मारा.

पाकिस्तान से हार गई टीम इंडिया

वैभव सूर्यवंशी ने 28 गेंदों में 160.71 की स्ट्राइक रेट से 45 रन बनाए, उनके आलावा नमन धीर ने अच्छी बल्लेबाजी की और 20 गेंदों में 35 रन बनाए. लेकिन इन दोनों बल्लेबाजों को छोड़कर अन्य कोई प्रभावी नहीं रहा. प्रियांश आर्या 10, कप्तान जितेश शर्मा 5, नेहाल वढेरा 8 रन बनाकर आउट हुए तो आशुतोष शर्मा खाता भी नहीं खोल पाए.

137 रनों का लक्ष्य पाकिस्तान ने 13.2 ओवरों में हासिल कर 8 विकेट से जीत दर्ज की. पाकिस्तान के ओपनर माज सदाकत ने 47 गेंदों में नाबाद 79 रन बनाए, इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 4 छक्के जड़े. भारत का कोई गेंदबाज भी प्रभाव नहीं डाल पाया, गुरजपनीत सिंह ने 3 ओवरों में 28 रन खर्चे. यश ठाकुर ने 3 ओवरों में 35 रन दिए. नमन धीर ने सिर्फ 8 गेंदें डाली, जिसमें उन्होंने 27 रन लुटाए.



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‘अल्लाह ने दी जिंदगी, वही देगा मौत…’, ICT के फैसले से ऐन पहले बोलीं बांग्लादेश की पूर्व पीएम

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इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल (ICT) के फैसले से ठीक पहले बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने समर्थकों को भेजे एक ऑडियो क्लिप में भावुक संदेश दिया. उन्होंने कहा कि “अल्लाह ने मुझे जिंदगी दी है, वही मेरी मौत देगा… मैं लोगों के लिए काम करती रहूंगी.” हसीना पर उनके शासनकाल में मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप है, लेकिन उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और राजनीतिक साजिश बताया है.

हसीना बोलीं-फैसले की परवाह नहीं, आरोप फर्जी हैं
हसीना ने कहा कि उन्हें अदालत के फैसले से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उन पर लगे आरोप गलत और मनगढ़ंत हैं. उनका कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया उनके दल अवामी लीग को कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा है, जबकि अवामी लीग जनता की ताकत से खड़ा हुआ दल है, न कि किसी सत्ता हड़पने वाले की देन.

यूनुस की सरकार पर सत्ता हथियाने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार अवामी लीग को खत्म करने का प्रयास कर रही है. हसीना के अनुसार, यूनुस ने सत्ता को जबरन अपने हाथ में लेकर संविधान का उल्लंघन किया है और यह अपराध दंडनीय है.

समर्थकों को संदेश-घबराओ मत, मैं फिर लौटूंगी
हसीना ने अपने समर्थकों से कहा कि वे किसी तरह की चिंता न करें और धैर्य बनाए रखें. उन्होंने कहा कि वह जिंदा हैं, जिंदा रहेंगी और एक बार फिर अपने लोगों की भलाई के लिए काम करेंगी. उनका कहना है कि जनता ही अंत में यूनुस और उनके सहयोगियों को जवाब देगी और न्याय करेगी.

ICT के फैसले पर भी दो टूक बयान
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर उनके खिलाफ फैसला भी आ जाए तो भी वह पीछे नहीं हटेंगी. उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता और भाई-बहनों को खो चुकी हैं, उनका घर जला दिया गया था, लेकिन फिर भी उन्होंने अपने काम से हार नहीं मानी और आगे बढ़ती रहीं. इसलिए यह फैसला भी उन्हें नहीं रोक सकेगा.

गोनोभवन पर हमले को बताया गुंडागर्दी
हसीना ने अपने हटाए जाने के बाद गोनोभवन में हुई लूटपाट और तोड़फोड़ को “क्रांति” कहे जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि गुंडे और आतंकवादी कभी क्रांति नहीं ला सकते और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी आंदोलन का प्रतीक नहीं होता.

देश की बिगड़ती स्थिति पर निशाना
हसीना ने कहा कि उनके शासन में लोगों का जीवन बेहतर हो रहा था, लेकिन अब बेरोजगारी बढ़ रही है, उद्योग बंद हो रहे हैं, आमदनी घट रही है और बैंकों में घोटाले बढ़ रहे हैं. उनके मुताबिक, देश को इस कठिन स्थिति से बाहर निकालना जरूरी है.

अंत में दिया मजबूत संदेश
संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि समय आने पर सबका हिसाब होगा और वह जनता के लिए काम करने वापस आएंगी. उन्होंने कहा, “इंशाअल्लाह, हम सब ठीक होंगे,” और अपना संदेश “जय बंगला, जय बंगला, बांग्लादेश” के साथ समाप्त किया.

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