एक साथ लॉन्च नहीं होंगे नए आईफोन, ऐप्पल ने लिया धांसू फैसला, सैमसंग और गूगल को आ जाएगा पसीना

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अमेरिकी टेक कंपनी ऐप्पल आईफोन का लॉन्च शेड्यूल बदलने जा रही है. अगले साल से नई सीरीज के सभी आईफोन एक साथ लॉन्च नहीं किए जाएंगे. पिछले कुछ समय से इसे लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स आ रही थीं. अब ऐप्पल को कवर करने वाले पत्रकार मार्क गुरमैन ने बताया है कि ऐप्पल हर साल दो अलग-अलग इवेंट में अपने नए आईफोन लॉन्च करेगी. इससे ऐप्पल को गूगल और सैमसंग को बेहतर तरीके से टक्कर देने में मदद मिलेगी. 

आईफोन 18 सीरीज कब लॉन्च होगी?

ऐप्पल हर साल की तरह सितंबर में नए आईफोन को लॉन्च करना जारी रखेगी. हालांकि, सारे नए आईफोन उस समय लॉन्च नहीं किए जाएंगे. अगले साल सितंबर में आईफोन 18 सीरीज के प्रो मॉडल्स और फोल्डेबल आईफोन को लॉन्च किया जाएगा, जबकि सीरीज के स्टैंडर्ड आईफोन 18 और इसके किफायती वर्जन आईफोन 18e को 2027 की शुरुआत में लॉन्च करने की प्लानिंग है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इस दौरान आईफोन एयर 2 को भी लॉन्च किया जा सकता है, जबकि कई रिपोर्ट्स में इस आईफोन को बंद करने का दावा किया जा रहा है. 

सैमसंग और गूगल को मिलेगी टक्कर

अभी तक ऐप्पल एक बार में ही नई सीरीज के आईफोन लॉन्च कर देती थी. इससे बाकी कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स हाईलाइट करने का पर्याप्त मौका मिल जाता था. अब साल की शुरुआत में नए आईफोन लॉन्च कर ऐप्पल सैमसंग की गैलेक्सी लाइनअप को बेहतर टक्कर दे पाएगी, जो लगभग जनवरी-फरवरी में लॉन्च होती है. दूसरी तरफ सितंबर में लॉन्च होने वाले प्रो मॉडल्स गूगल और सैमसंग के फोल्डेबल और पिक्सल डिवाइस का मुकाबला कर पाएंगे.

फैसले से ऐप्पल को एक साथ कई फायदे

इस फैसले से ऐप्पल को एक साथ कई फायदे हो रहे हैं. सैमसंग और गूगल का बेहतर मुकाबला करने के अलावा इस कदम से ऐप्पल की सप्लाई चैन पर दबाव कम होगा. साथ ही कंपनी अब अपने किफायती मॉडल को साल में दो बार की जगह एक ही इवेंट में लॉन्च कर पाएगी. 

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विंटर लुक में दिखना है स्टाइलिश और गॉर्जियस, तो इन हसीनाओं की तरह कैरी करें लॉन्ग कोट

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अगर आप ऑफिस के लिए लॉन्ग जैकेट ढूंढ रही हैं. तो सुष्मिता सेन की तरह ब्लैक जैकेट जरूर ले लीजिए. ये आपको ठंड से बचाने के साथ स्टाइलिश भी दिखाएगी.

अगर आप ऑफिस के लिए लॉन्ग जैकेट ढूंढ रही हैं. तो सुष्मिता सेन की तरह ब्लैक जैकेट जरूर ले लीजिए. ये आपको ठंड से बचाने के साथ स्टाइलिश भी दिखाएगी.

कंगना रनौत का ये लॉन्ग कोट आप विंटर में ट्राई कर सकती हैं. ये भी पहनने में काफी सुंदर लगता है.

कंगना रनौत का ये लॉन्ग कोट आप विंटर में ट्राई कर सकती हैं. ये भी पहनने में काफी सुंदर लगता है.

कियारा आडवाणी का ये लुक भी आप इस ठंडे मौसम में ट्राई कर सकती हैं. इसमें आप भी एक्ट्रेस की तरह क्यूट लगेंगी.

कियारा आडवाणी का ये लुक भी आप इस ठंडे मौसम में ट्राई कर सकती हैं. इसमें आप भी एक्ट्रेस की तरह क्यूट लगेंगी.

प्रियंका चोपड़ा बॉलीवुड की वो हसीना है. जो अपने हर लुक से फैंस को इंप्रेस करती हैं. उनका ये ओवरकोट वाला लुक भी बेहद कमाल लगता है. आप इस रीक्रिएट कर सकती हैं.

प्रियंका चोपड़ा बॉलीवुड की वो हसीना है. जो अपने हर लुक से फैंस को इंप्रेस करती हैं. उनका ये ओवरकोट वाला लुक भी बेहद कमाल लगता है. आप इस रीक्रिएट कर सकती हैं.

अगर आप शॉर्ट ड्रेस की शौकीन हैं. तो प्रियंका का ये कोट ऑप्शन में जरूर रखिएगा. इसमें भी आप खूब स्टाइलिश दिखेंगी.

अगर आप शॉर्ट ड्रेस की शौकीन हैं. तो प्रियंका का ये कोट ऑप्शन में जरूर रखिएगा. इसमें भी आप खूब स्टाइलिश दिखेंगी.

विंटर में अगर आप किसी पार्टी में जानी वाली हैं. तो सोनम कपूर की तरह स्कर्ट के साथ मैचिंग ब्लेजर पहनकर लोगों से तारीफ लूट सकती हैं.

विंटर में अगर आप किसी पार्टी में जानी वाली हैं. तो सोनम कपूर की तरह स्कर्ट के साथ मैचिंग ब्लेजर पहनकर लोगों से तारीफ लूट सकती हैं.

श्रद्धा कपूर की ये लॉन्ग ब्लैक जैकेट भी विंटर के लिए बेस्ट ऑप्शन है. इसे भी आप अपनी अलमारी में शामिल कर सकती हैं.

श्रद्धा कपूर की ये लॉन्ग ब्लैक जैकेट भी विंटर के लिए बेस्ट ऑप्शन है. इसे भी आप अपनी अलमारी में शामिल कर सकती हैं.

Published at : 17 Nov 2025 10:29 PM (IST)

बॉलीवुड फोटो गैलरी

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कर्मचारी को लगा शीशे पर धूल लगी है! मामूली आईना समझ खत्म की म्यूजियम की अनमोल विरासत

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कला की दुनिया बहुत नाजुक होती है. कई बार किसी कलाकृति का असली मतलब समझना आसान नहीं होता और दिखने में साधारण लगने वाली चीज भी करोड़ों की कला का हिस्सा होती है. ताइवान से एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक नेक नीयत स्वयंसेवक ने सोचा कि वह एक कलाकृति की सफाई कर रहा है, लेकिन असल में वह कला की एक बेहद कीमती और 40 साल पुरानी रचना को हमेशा के लिए खराब कर बैठा. उसने टॉयलेट पेपर से धूल साफ कर दी, जबकि वही धूल उस कलाकृति का असली हिस्सा थी. यह घटना अब दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है और यह बताती है कि कला को समझना उतना आसान नहीं जितना यह दिखती है.

ताइवान के कीलुंग आर्ट म्यूजियम में घटी अजीब घटना!

यह मामला ताइवान के कीलुंग आर्ट म्यूजियम का है. यहां ‘इनवर्टेड सिंटैक्स 16’ नाम की एक खास कलाकृति लगी थी. यह कलाकृति बहुत साधारण दिखती थी. एक लकड़ी के तख्ते पर एक दर्पण लगा था और उस दर्पण पर मोटी धूल जमी थी. धूल के बीच में एक छोटा सा साफ धब्बा था. लेकिन यही धूल और यही धब्बा पूरी कला का मतलब था. कलाकार ने इसे 40 साल पहले बनाया था और उस समय से लेकर आज तक उस धूल को वैसे ही रहने दिया गया था. इसका मकसद था मध्यवर्गीय समाज की सोच और उनकी सांस्कृतिक समझ को दिखाना.

म्यूजियम में काम करने वाले शख्स ने बिगाड़ दी 40 साल पुरानी कलाकृति!

लेकिन म्यूजियम में काम करने आए एक स्वयंसेवक को यह समझ नहीं आया कि यह धूल असल में कला का हिस्सा है. उसने सोचा कि दर्पण धूल से गंदा हो गया है. उसे लगा कि उसकी ड्यूटी है साफ-सफाई करना, इसलिए उसने टॉयलेट पेपर उठाया और दर्पण पर जमी धूल को साफ करना शुरू कर दिया. कुछ ही सेकंड में वह धूल, जो 40 सालों से इस कलाकृति की पहचान थी, पूरी तरह मिट गई और कलाकृति अपूरणीय रूप से खराब हो गई.

कर्मचारी से भरपाई कराने को लेकर चल रही चर्चा!

जब तक बाकी कर्मचारी वहां पहुंचे, तब तक देर हो चुकी थी. धूल हट चुकी थी और कलाकृति अपनी मूल अवस्था में वापस नहीं आ सकती थी. म्यूजियम के उप-निदेशक चेंग टिंग-चिंग ने बताया कि इस घटना के बाद तुरंत मीटिंग बुलाई गई और अब कलाकार को नुकसान की भरपाई देने पर चर्चा चल रही है.

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दो हिस्सो में बंटे यूजर्स

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कई यूजर्स ने हैरानी जताई कि किसी म्यूजियम में काम करने वाले व्यक्ति को इतनी भी जानकारी नहीं थी कि कोई चीज सच में धूल है या कला का हिस्सा. कुछ लोगों ने इसे “दुनिया की सबसे महंगी सफाई” बताया. कई लोग मज़ाक करते हुए लिख रहे हैं कि अगर उनकी मम्मियाँ इस म्यूजियम में होतीं तो पूरा म्यूजियम ही साफ कर देतीं. वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स ने स्वयंसेवक का बचाव करते हुए कहा कि उसकी नीयत साफ थी, वह सिर्फ अपना काम कर रहा था, इसलिए असली गलती म्यूजियम मैनेजमेंट की है जिसने स्टाफ को सही ट्रेनिंग नहीं दी

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कलयुग में दोहराई गई महाभारत! पति ने जुए में दांव पर लगाई बीवी और दोस्तों के सामने परोस दी

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सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में उत्तर प्रदेश के बागपत से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे पढ़कर हर किसी का दिल दहल गया है. एक नवविवाहिता ने आरोप लगाया है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका जीवन किसी डरावने सपने की तरह बदल गया. जिस घर में वह दुल्हन बनकर गई थी, वहीं उसे दर्द, प्रताड़ना और बर्बरता का सामना करना पड़ा. पति ने नशे की हालत में उसके साथ ज्यादती की, मारपीट की और सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि उसने अपनी पत्नी को जुए में दांव पर लगा दिया. उसके बाद जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया. पीड़िता की कहानी इतनी दर्दनाक है कि उसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया है.

मेरठ में ससुराल, पति ने दहेज प्रताड़ना में खूब की मारपीट

उत्तर प्रदेश का बागपत कलयुग की महाभारत का गवाह बना जहां महिला की शादी मेरठ के खिवाई गांव के दानिश नाम के युवक से 24 अक्टूबर को हुई थी. लड़की ने बताया कि शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका पति उसे दहेज के लिए तंग करने लगा. घरवालों के साथ मिलकर उसे रोज गालियां दी जाती थीं, मारा जाता था और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था. महिला का कहना है कि उसके पति को शराब और जुए की लत थी. नशे में वह अक्सर उसके साथ मारपीट करता था.

और खराब होते गए हालात, पति ने जुए में दांव पर लगाई बीवी

पीड़िता के मुताबिक, स्थिति तब और खराब हो गई जब उसके पति ने जुए में पैसे हारने के बाद उसे ही दांव पर लगा दिया. महिला ने कहा कि उसके बाद कई लोगों ने उसके साथ गलत काम किया. उसने बताया कि आठ लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया और वह उनमें से कुछ की पहचान भी कर सकती है. उसके अनुसार, इन लोगों में गाजियाबाद के उमेश गुप्ता, मोनू और अंशुल शामिल हैं.

पति के घरवालों ने भी किए अत्याचार

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति के घरवाले भी इस अत्याचार में शामिल थे. उसने बताया कि उसके देवर शाहिद ने उसके साथ रेप किया. उसकी ननद के पति शौकीन ने भी उस पर जोर जबरदस्ती की. यहां तक कि उसने यह भी कहा कि उसके ससुर यामीन ने उसके साथ गलत काम किया और धमकी दी कि “तुम दहेज नहीं लाई हो, इसलिए हमारी हर बात माननी होगी.”

मारपीट से गिरा पेट में पल रहा गर्भ

पीड़िता ने मीडिया को बताया कि बीते महीनों में उसे इतनी प्रताड़ना झेलनी पड़ी कि उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई. उसने कहा कि मारपीट इतनी बढ़ गई थी कि उसका गर्भ भी गिर गया. आरोप है कि उसके पैरों पर तेजाब डाला गया और एक दिन उसे मारने की नीयत से नदी में फेंक दिया गया. लेकिन राहगीरों ने उसे देख लिया और उसकी जान बच गई.

पुलिस से लगाई मदद की गुहार

महिला का कहना है कि अब आरोपी उसे और उसके परिवार को केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं. वह लगातार पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रही है ताकि उसे और उसके परिवार को सुरक्षा मिल सके. मामले की शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है और पुलिस जांच कर रही है.

पूरे इलाके में फैला आक्रोश

इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है. लोग मांग कर रहे हैं कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़िता को न्याय मिले. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि घरेलू हिंसा और महिलाओं के साथ अत्याचार जैसी घटनाएं आज भी समाज में कितनी गहरी जड़ें जमाए बैठी हैं और इनसे लड़ने के लिए मजबूत कानून के साथ-साथ जागरूकता और संवेदनशीलता की भी जरूरत है.

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यूजर्स ने उठाए सवाल

सोशल मीडिया पर जैसे ही मामला वायरल हुआ वैसे ही यूजर्स में भी गुस्सा फैल गया. लोग तरह तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे. एक यूजर ने लिखा…ये इंसान की शक्ल में दरिंदे हैं, जानवर इनसे ज्यादा दयावान होंगे. एक और यूजर ने लिखा…इन लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…पुलिस ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की.

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शेख हसीना को मौत की सजा मिलने के बाद BNP नेता ने भारत पर लगाया आरोप, बांग्लादेश को लेकर कही ये

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बांग्लादेश में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICT) ने सोमवार (17 नवंबर, 2025) को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई है. ICT के इस फैसले के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सीनियर जॉइंट सेक्रेटरी जनरल रुहुल कबीर रिजवी ने शेख हसीना को लेकर भारत पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है.

शेख हसीना को लेकर बीएनपी नेता का भारत पर आरोप

बीएनपी नेता रुहुल कबीर रिजवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को शरण देकर बांग्लादेश में तोड़फोड़ और तनाव की स्थिति पैदा होने का मौका बना रहा है. उन्होंने कहा, ‘भारत ने बांग्लादेश के एक भगोड़े अपराधी को अपने यहां शरण दिया है, इसके साथ ही यह देश उसे (शेख हसीना) को बांग्लादेश के खिलाफ तोड़फोड़ करने का मौका दे रहा है और यह भारत की ओर से कानूनी व्यवहार नहीं है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.’

BNP नेता रुहुल रिजवी ने यह टिप्पणी सोमवार (17 नवंबर, 2025) को नयापलटन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल का जवाब देते हुए कही.

भारत ने गैर-कानूनी शख्स को दिया पनाह- बीएनपी नेता

बीएनपी नेता ने कहा कि भारत जैसे देश में, जहां लोकतंत्र का शासन है और स्वतंत्र न्यायपालिका स्थापित है, वहां शेख हसीना को किसी भी गलत गतिविधि में शामिल होने के लिए किसी तरह की कोई छूट नहीं मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘एक गैर-कानूनी शख्स को अपने यहां पनाह देना और उसे बांग्लादेश के भीतर स्वतंत्र रूप से तोड़फोड़ करने देना कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है.’

रिजवी ने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश के कानूनों के तहत जिस पर मुकदमे चल रहे हैं, वह शख्स भारत से स्वतंत्र रूप से निर्देश जारी कर रहा है और उन निर्देशों का कोई कानूनी आधार नहीं है. उन्होंने कहा कि शेख हसीना बांग्लादेश में लोगों से संपत्तियों को जलाने और तबाह कर देने को कह रह है और ऐसे आदेश स्पष्ट रूप से अवैध हैं. भारत खुद को एक लोकतांत्रिक देश कहता है तो वो ऐसा कैसे होने दे सकता है?

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पाकिस्तान में सुरक्षा पर उठे थे सवाल, 2 श्रीलंकाई क्रिकेटर अपने देश लौटे; जानें पूरा मामला

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श्रीलंका क्रिकेट टीम के 2 सीनियर खिलाड़ी अपने देश वापस लौट आए हैं. पिछले दिनों इस्लामाबाद में धमाके के बाद कई श्रीलंकाई प्लेयर्स ने सुरक्षा कारणों से श्रीलंका वापस लौट जाने की बात कही थी. हालांकि PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी से मिलने और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के कहने के बाद श्रीलंका टीम ने ODI सीरीज खेलनी जारी रखी थी. अब कप्तान चरिथ असालंका और तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो अपने देश वापस लौट आए हैं, लेकिन उनके वापस लौटने का कारण कुछ और है.

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने X पर पोस्ट के माध्यम से स्टेटमेंट जारी करके बताया, “2 खिलाड़ी श्रीलंका वापस लौट रहे हैं. कप्तान चरिथ असालंका और तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो बीमार पड़ने के कारण घर लौट रहे हैं. ये दोनों खिलाड़ी श्रीलंका, पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली ट्राई सीरीज में हिस्सा नहीं लेंगे.”

बोर्ड ने असालंका और फर्नांडो के बीमार पड़ने पर अधिक जानकारी साझा नहीं की है. असालंका की गैरमौजूदगी में दासुन शनाका टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि फर्नांडो को टी20 स्क्वाड में पवन रत्नायके से रिप्लेस कर दिया गया है.

श्रीलंकाई टीम को पाकिस्तान में खेली गई वनडे सीरीज में 3-0 से हार झेलनी पड़ी. अब जिम्बाब्वे, पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच 18 नवंबर से ट्राई सीरीज का आगाज होने वाला है, जिसके सारे मैच रावलपिंडी में खेले जाएंगे. यह ट्राई सीरीज पहले 17 नवंबर को शुरू होने वाली थी, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए शेड्यूल आगे बढ़ाकर पहला मैच 18 नवंबर को शिफ्ट कर दिया गया.

पहले ट्राई सीरीज के 5 मैचों की मेजबानी लाहौर को मिलने वाली थी, लेकिन इस्लामाबाद में सुसाइड ब्लास्ट के बाद सुरक्षा कारणों के चलते सभी मैच रावलपिंडी में करवाने पर सहमति बनी थी.

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कर्व्ड स्क्रीन वाला फोन खरीदने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान, बाद में पछताना नहीं पड़ेगा

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स्मार्टफोन में जब पहली बार कर्व्ड डिस्प्ले मिले थे तो इनकी धूम मच गई थी. स्लीक लुक वाले इन डिस्पले को फ्यूचरिस्टिक माना गया, लेकिन जल्दी ही इनका ट्रेंड चला गया. कर्व्ड डिस्प्ले वाले फोन ज्यादा एस्थेटिक होते हैं और इनमें बड़ा व्यूइंग एरिया मिलता है, लेकिन अब इनकी पॉपुलैरिटी कम होती जा रही है. ऐसे में अगर आप कर्व्ड डिस्प्ले वाला फोन लेने की योजना बना रहे हैं तो इसके फायदे-नुकसान जान लेना जरूरी है. 

क्या होता है कर्व्ड डिस्प्ले?

जैसा नाम से ही जाहिर है, कर्व्ड डिस्प्ले वाले फोन में ऐसी स्क्रीन होती है, जो किनारों के पास से मुड़ी या कर्व होती है. इससे डायनामिक और इमर्सिव व्यूइंग एक्सपीरियंस मिलता है. ऐसे फोन में अधिकतर OLED टेक्नोलॉजी का यूज किया जाता है, जो स्क्रीन को पतला रखते हुए फ्लेक्सिबल बनाती है. पहले केवल फ्लैगशिप डिवाइस में ऐसे डिस्प्ले मिलते थे, लेकिन अब किफायती मॉडल में भी यह ऐसे डिस्प्ले मिलने लगे हैं.

कर्व्ड डिस्प्ले के फायदे

  • कर्व्ड डिस्प्ले वाले फोन ज्यादा एस्थेटिक लगते हैं और कई यूजर्स को खूब पसंद आते हैं. यह डिस्प्ले फोन को एक प्रीमियम टच देते हुए इसके ओवरऑल लुक को बढ़ा देता है.
  • कर्व्ड डिस्प्ले डिस्प्ले वाले फोन में ज्यादा व्यूंइंग एरिया मिल जाता है. इस कारण इन पर वीडियो देखने, गेम खेलने और वेब ब्राउज करने का अलग मजा होता है. 
  • यह डिस्प्ले एडिशन फीचर्स देने में भी मदद करता है. कई कंपनियां कर्व को साइड नोटिफिकेशन और शॉर्टकट आदि दिखाने के लिए यूज करती है. कई फोन में इस पर म्यूजिक कंट्रोल मिल जाते हैं. 
  • कर्व होने के कारण यूजर को फोन पर बेहतर ग्रिप मिल पाती है. इससे फोन के हाथ स फिसलने का खतरा कम हो जाता है.

ये नुकसान भी हैं

  • कर्व स्क्रीन को डैमेज का ज्यादा खतरा होता है. अगर फोन हाथ से फिसलकर गिर जाता है तो स्क्रीन टूटने का डर रहता है. 
  • कर्व्ड डिस्प्ले वाले फोन पर एक्सीडेंटल टच ज्यादा होते हैं. यानी आप स्क्रीन को टच नहीं करना चाहते, लेकिन एज पर हाथ लगने से कोई ऐप खुल जाती है या कोई और एक्शन ट्रिगर हो जाता है.
  • स्क्रीन प्रोटेक्टर से कर्व्ड स्क्रीन को प्रोटेक्श देना मुश्किल होता है. इसकी वजह यह है कि स्टैंडर्ड प्रोटेक्टर कर्व स्क्रीन के लिए नहीं बने होते हैं. ऐसे में स्क्रीन पर कुछ जगह बच जाती है, जिससे डैमेज का खतरा रहता है.

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Mecca Medina: एक शहर, दो रूहानी सफर, क्यों उमराह मेहमान बनाता है और हज गवाह? जानें छुपा रहस्य

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क्या होता है उमराह?  इस्लाम में उमराह को बेहद खास माना जाता है. इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक उमराह अल्लाह के करीब जाने का एक ऐसा मौका होता है, जहां मुसलमान अपने  गुनाहों की माफी मांग सकता है और अल्लाह के करीब हो सकता है. उमराह का मतलब मक्का में हरम शरीफ की जियारत करने से हैं, हालांकि इसका कोई वक्त मुकर्रर नहीं होता है, यह साल में किसी भी वक्त कर सकते हैं.

उमराह में मुसलमान काबा के चारों ओर चक्कर लगाते हैं यानी हरम शरीफ की तवाफ करते हैं और सफा और मरवा के दरमियान सई करते हैं.  मान्यता है कि जिसका तवाफ पूरा हो जाता है, उसका उमराह मुकम्मल हो जाता है. आखिर में एहराम तोड़ने के लिए मर्द अपना सिर मुंडवाते हैं. वहीं, औरतों को अपने बाल एक उंगली के बराबर काटने होते हैं.

हज और उमराह में क्या फर्क है?

हज और उमराह इस्लाम में बेहद खास और रूहानी सफर माना जाता है. हर मुसलमानों पर एक हज जरूर फर्ज होता है, खासकर उन सभी लोगों पर जो मालदार है. अगर ऐसे लोग हज नहीं करते हैं तो वह गुनहगार कहलाएंगे. जबकि उमराह के लिए ऐसा नहीं माना गया है, क्योंकि उमराह मुस्तहब होता है. उमराह और हज का एक ही मकसद होता है, अल्लाह की रजा और अपने गुनाहों की माफी मांगना.

हज और उमराह में कई फर्क है जैसे आपको हज के दौरान अरफात के मैदान में ठहरना पड़ेगा, साथ ही कुर्बानी करानी पड़ेगी और शैतान को कंकरिया मारनी पड़ेगी.  जबकि उमराह करने वाले लोग मक्का मुकर्रमा जाते हैं, वहां काबा शरीफ का तवाफ करते हैं. उमराह की खास बात यह है कि हज के दिनों को छोड़कर साल भर कभी भी किया जा सकता है. ईमान को ताज़ा करने और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगने का एक खूबसूरत मौका है.

सोमवार तड़के मक्का से मदीना जा रहे भारतीय उमरा यात्रियों की बस मुफ़रिह़त इलाके में एक डीज़ल टैंकर से टकरा गई. बस में 43 लोग सवार थे जिनमें से शुरुआती जानकारी के अनुसार केवल एक यात्री जीवित बचा है. बाकी 42 यात्रियों के शहीद होने की आशंका जताई जा रही है. अधिकतर यात्री तेलंगाना के निवासी बताए जा रहे हैं, जिनमें कई महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं.

यह समूह मक्का में उमरा अदा कर चुका था और रोज़े-ए-रसूल ﷺ की ज़ियारत के लिए मदीना शरीफ़ की ओर बढ़ रहा था. हादसे की वजह भले सड़क दुर्घटना हो, लेकिन मुस्लिम समुदाय में यह भावना बहुत गहरी है कि —
जो अल्लाह के घर की इबादत के सफर में दुनिया से रुख़्सत होते हैं, वे मौत नहीं पाते, बल्कि अल्लाह की रहमत के साथ जन्नत का बुलावा पाते हैं.

मजहबी रहनुमाओं के मुताबिक —
“काबा की देहलीज़ पर इबादत पूरी कर, रसूल के शहर की तरफ़ बढ़ते हुए जान देना मुकद्दर वालों को ही नसीब होता है. यह दुनिया की नज़र में मौत है, लेकिन ईमान वालों की नज़र में यह बुलावा जन्नत का होता है.

हादसे ने पूरे भारतीय मुस्लिम समुदाय को ग़मगीन कर दिया है, लेकिन लोगों के दिलों में यह उम्मीद भी है कि —
अल्लाह उन सभी शहीद हुए मुसाफ़िरों को जन्नतुल फ़िरदौस में उंचा मक़ाम दे, और उनके घर वालों को सब्र और हिम्मत अता करे. पूरे देश में उनके लिए दुआओं का सिलसिला जारी है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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मार्केट रेगुलेटर का अगले 3 से 5 वर्षों में शेयर निवेशकों की संख्या दोगुने का लक्ष्य- सेबी चीफ

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Sebi Chief on Investors: सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को कहा कि बाजार नियामक अगले तीन से पांच वर्षों में शेयर बाजार निवेशकों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. उन्होंने हाल ही में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण का हवाला दिया, जिसमें निवेश के प्रति लोगों की बढ़ती उत्सुकता दिखाई दी. सर्वेक्षण के मुताबिक 20 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने कहा है कि वे किसी न किसी माध्यम से प्रतिभूति बाजार में निवेश करने की योजना बना रहे हैं.

शेयर निवेशकों की संख्या दोगुने पर जोर

जब पांडेय से पूछा गया कि अगले तीन से पांच वर्षों में उन्हें किस उपलब्धि पर खुशी होगी, तो उन्होंने कहा, “हम निवेशकों की संख्या को दोगुना करने की उम्मीद कर रहे हैं. अगर हम 10 करोड़ और निवेशक जोड़ते हैं, तो यह कई देशों की कुल जनसंख्या से भी अधिक होगा.” भारत में विशिष्ट निवेशकों की कुल संख्या अक्टूबर तक 12.2 करोड़ थी और 2020 में कोविड-19 महामारी के बाद से इसमें तेज वृद्धि दर्ज की गई है.

सीआईआई वित्त पोषण शिखर सम्मेलन में बोलते हुए पांडेय ने कहा कि पूंजी बाजार की जिम्मेदारी है कि वह अच्छी गुणवत्ता वाली प्रतिभूतियों को बाजार में लाए, ताकि निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहे. उनके अनुसार, भारत की विकास कहानी किसी बुलबुले जैसी नहीं है, बल्कि यह उच्च आर्थिक वृद्धि, सरकारी सुधारों तथा निवेश और कारोबार सुगमता से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि घरेलू निवेशक आने वाले समय में बाजार को संभावित झटकों से बचाने वाली मजबूत ढाल बनेंगे.

नियमों को आसान बनाने का लक्ष्य

पांडेय के अनुसार, सेबी का उद्देश्य नए नियम जोड़ना नहीं, बल्कि एक ऐसी नियम पुस्तिका तैयार करना है जो सरल, जोखिम के अनुसार संतुलित और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली हो. उन्होंने बाजार में बढ़ती परिपक्वता और जनविश्वास से जुड़े कुछ आंकड़ों का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में इक्विटी पूंजी 2.5 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई, जबकि कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार केवल सात महीनों में 5.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. यह दर्शाता है कि सार्वजनिक बाजार लंबी अवधि की वित्तपोषण जरूरतों को प्रभावी और भरोसेमंद तरीके से पूरा करने में सक्षम हैं.

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विवाह पंचमी पर पीएम मोदी करेंगे राम मंदिर में ध्वज पूजन, भक्तों के लिए इस दिन रामलला के दर्शन होंगे बंद!

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विवाह पंचमी का त्योहार हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है, जो इस साल 25 नवंबर 2025 मंगलवार के दिन पड़ रही है. शास्त्रों के मुताबिक, इस तिथि पर ही त्रेतायुग में भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था. जिस वजह से इन दिन अयोध्या में ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया जाएगा.

विवाह पंचमी का त्योहार हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है, जो इस साल 25 नवंबर 2025 मंगलवार के दिन पड़ रही है. शास्त्रों के मुताबिक, इस तिथि पर ही त्रेतायुग में भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था. जिस वजह से इन दिन अयोध्या में ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया जाएगा.

इस कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत, यूपी की गवर्नर आनंदीबेन पटेल समेत कई वीवीआईपी लोग शामिल होंगे. राम मंदिर में होने जा रहे ध्वजारोहण कार्यक्रम में शुभ मुहूर्त में ध्वज को धीरे-धीरे 190 फुट पर ले जाया जाएगा फिर पीएम मोदी ध्वजाराहण करेंगे.

इस कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत, यूपी की गवर्नर आनंदीबेन पटेल समेत कई वीवीआईपी लोग शामिल होंगे. राम मंदिर में होने जा रहे ध्वजारोहण कार्यक्रम में शुभ मुहूर्त में ध्वज को धीरे-धीरे 190 फुट पर ले जाया जाएगा फिर पीएम मोदी ध्वजाराहण करेंगे.

25 नवंबर का दिन पूरे अयोध्या में विवाह पंचमी की धूम होगी. इस दिन राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे से हो जाएगी और इसका समापन दोपहर के करीब 2 बजे तक होगा. राम लाला के दर्शन 24 नवंबर की रात में ही बंद हो जाएंगे और 25 नवंबर तक आम जनता दर्शन नहीं कर पाएगी.

25 नवंबर का दिन पूरे अयोध्या में विवाह पंचमी की धूम होगी. इस दिन राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे से हो जाएगी और इसका समापन दोपहर के करीब 2 बजे तक होगा. राम लाला के दर्शन 24 नवंबर की रात में ही बंद हो जाएंगे और 25 नवंबर तक आम जनता दर्शन नहीं कर पाएगी.

इस कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के बंधु-बांधवों को आमंत्रित किया गया है. इसमें कुल 6 हज़ार लोगों को बुलाए गए हैं, जिसमें तीन हज़ार लोग अयोध्या जनपद से होंगे और बाकी अयोध्या के सभी संतों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया है. इन संतों में ग्रामीण क्षेत्रों के भी काफी संत शामिल होंगे.

इस कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के बंधु-बांधवों को आमंत्रित किया गया है. इसमें कुल 6 हज़ार लोगों को बुलाए गए हैं, जिसमें तीन हज़ार लोग अयोध्या जनपद से होंगे और बाकी अयोध्या के सभी संतों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया है. इन संतों में ग्रामीण क्षेत्रों के भी काफी संत शामिल होंगे.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव ने बताया कि इस बार विशेष रूप से वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले संत समाज को आमंत्रित किया गया है. ट्रस्ट की कोशिश रही है कि उन संतों और समाज के लोगों को सम्मानपूर्वक बुलाया जाए, जो दूर-दराज जंगलों, पहाड़ी इलाकों, वनवासी क्षेत्रों और समुद्र किनारे बसे गांवों में रहते हैं. उत्तर भारत में भले ही समुद्र न हो, लेकिन गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों के किनारे बसे समुदायों के लोगों को भी इस विशेष अवसर के लिए चुना गया है.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव ने बताया कि इस बार विशेष रूप से वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले संत समाज को आमंत्रित किया गया है. ट्रस्ट की कोशिश रही है कि उन संतों और समाज के लोगों को सम्मानपूर्वक बुलाया जाए, जो दूर-दराज जंगलों, पहाड़ी इलाकों, वनवासी क्षेत्रों और समुद्र किनारे बसे गांवों में रहते हैं. उत्तर भारत में भले ही समुद्र न हो, लेकिन गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों के किनारे बसे समुदायों के लोगों को भी इस विशेष अवसर के लिए चुना गया है.

महासचिव चंपत राय ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री सहित सभी प्रमुख अतिथि दोपहर करीब 2 बजे या उससे थोड़ा पहले अयोध्या से प्रस्थान कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन और ट्रस्ट दोनों इस आयोजन के महत्व और व्यस्त कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए तैयारियां कर रहे हैं, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो. यह सभी प्रबंध समारोह का हिस्सा हैं.

महासचिव चंपत राय ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री सहित सभी प्रमुख अतिथि दोपहर करीब 2 बजे या उससे थोड़ा पहले अयोध्या से प्रस्थान कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन और ट्रस्ट दोनों इस आयोजन के महत्व और व्यस्त कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए तैयारियां कर रहे हैं, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो. यह सभी प्रबंध समारोह का हिस्सा हैं.

Published at : 17 Nov 2025 10:07 PM (IST)

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