SEBI के Digital Gold नियमों के बाद Gold की खरीद में 61% की गिरावट! |GOLD| Paisa Live

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SEBI द्वारा Digital Gold पर सख्ती के बाद अक्टूबर 2025 में डिजिटल गोल्ड की खरीद में भारी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में Digital Gold की खरीद में 61% की कमी आई, जो इस साल का सबसे निचला स्तर है। अगर निवेश की राशि की बात करें, तो अक्टूबर में खरीदे गए डिजिटल सोने की मूल्य केवल 550 करोड़ रुपये रही, जबकि सितंबर में यह 1,410 करोड़ रुपये थी। इस साल का औसत निवेश लगभग 951 करोड़ रुपये है। विशेष बात यह है कि अक्टूबर महीने में Diwali और शादी के सीजन के बावजूद सोने की खरीद में गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण Digital Gold के बढ़ते दाम और SEBI के नए नियम हैं। डिजिटल गोल्ड की सबसे अधिक खरीद UPI Apps के जरिए होती है। ट्रांजैक्शन्स की संख्या भी अगस्त-सितंबर के 10 करोड़ से घटकर अक्टूबर में केवल 2.1 करोड़ रह गई, जो लगभग 80% की गिरावट दर्शाती है। SEBI के नियम डिजिटल गोल्ड के खिलाफ भौतिक सोने की खरीद को नियंत्रित नहीं करते, लेकिन निवेशकों के लिए कुछ जोखिम बने हुए हैं। इस वीडियो में हम विस्तार से बताएंगे कि क्यों Digital Gold में इस समय गिरावट आई है और निवेशकों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।                  

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‘अमेरिका और पाकिस्तान का एजेंडा…’, शेख हसीना की सजा पर बोले एक्सपर्ट्स; कठपुतली बन चुके हैं य

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है. भारत में निर्वासन में रह रहीं हसीना को 5 में से दो मामलों में फांसी और बाकी मामलों में आजीवन कारावास मिला है. उन्होंने फैसले को राजनीतिक साजिश बताते हुए इसे ‘फर्जी अदालत’ का निर्णय कहा है. इसी फैसले के बाद अब कई विशेषज्ञ इसे बांग्लादेश की राजनीति नहीं, बल्कि ‘अंतरराष्ट्रीय गेम’ का हिस्सा बता रहे हैं.

क्या है शेख हसीना का मामला?
ICT ने 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, मौतों और दमन के लिए सीधे शेख हसीना को जिम्मेदार माना. कोर्ट का कहना है कि उस समय ड्रोन, हेलिकॉप्टर और घातक हथियारों का इस्तेमाल उनके निर्देश पर हुआ, जिससे 1,400 लोगों की मौत और करीब 24,000 लोग घायल हुए. अदालत ने हसीना को इन घटनाओं का ‘मास्टरमाइंड’ कहकर फांसी की सजा सुनाई.

एक्सपर्ट्स बोले- यह फैसला ‘राजनीतिक बदला’
कई विशेषज्ञों और पूर्व राजनयिकों ने फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक रूप से प्रभावित है और हसीना को सफाई का मौका भी नहीं दिया गया. रक्षा विश्लेषक डॉ. ब्रह्म चेलानी ने ICT को ‘कंगारू कोर्ट’ करार देते हुए कहा कि यह फैसला न्याय नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध है. उन्होंने कहा कि अवामी लीग को पहले ही बैन किया गया है और अंतरिम सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए न्यायिक व्यवस्था का इस्तेमाल कर रही है.

भारत के खिलाफ अमेरिका-पाकिस्तान का गेम?
रिटायर्ड मेजर जनरल और रक्षा विशेषज्ञ संजय मेस्टन ने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अमेरिका और पाकिस्तान का एजेंडा काम कर रहा है. उनके मुताबिक, ये दोनों देश बांग्लादेश को भारत-विरोधी इस्लामिक ढांचे में ढालना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में लोकतंत्र को योजनाबद्ध रूप से कमजोर किया जा रहा है.

पूर्व राजनयिकों ने भी फैसले पर उठाए सवाल
बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीना सीकरी ने भी कोर्ट के फैसले को अवैध बताया. उनका कहना है कि 1,400 मौतों के आंकड़े का कोई आधिकारिक आधार नहीं दिया गया और न ही पीड़ितों की पहचान बताई गई. उन्होंने कहा कि यह फैसला इतनी जल्दी सुनाया गया कि यह न्यायिक प्रक्रिया से अधिक राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित लगता है. पूर्व राजदूत अशोक सज्जनहार ने भी कहा कि यह फैसला पहले से तय था क्योंकि ट्रिब्यूनल के सभी सदस्य वर्तमान अंतरिम सरकार के भरोसेमंद लोग हैं.

भारत की पूर्व हाई कमिश्नर रीवा गांगुली दास ने कहा कि हालात को बेहद सावधानी से देखने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि फैसले के बाद दो बुलडोजर ढाका के 32 धनमंडी की ओर बढ़ते दिखे, जहां शेख मुजीबुर रहमान की हत्या हुई थी. उन्होंने सवाल उठाया कि ये बुलडोज़र कौन लोग ला रहे हैं और क्यों उस जगह को निशाना बनाया जा रहा है.उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हिंसा और आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे हालात बहुत खतरनाक हो गए हैं. भारत को अपने पड़ोस की इस स्थिति पर कड़ी नजर रखनी होगी.

यूनुस भी तो वही काम कर रहे!
फैसले से पहले ही ढाका में हिंसा, क्रूड बम हमलों और तनाव की स्थिति बनी हुई थी. इसके बीच अंतरिम सरकार ने सुरक्षा बलों को ‘देखते ही गोली मारने’ के आदेश दिए, जिसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जिस आरोप में हसीना को सजा दी गई, वही कार्रवाई अभी की सरकार खुद कर रही है.



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संजय कपूर के प्रॉपर्टी विवाद में आया नया मोड़, प्रिया सचदेव पर लगा फेक सिग्नेचर का आरोप

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दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों की उस याचिका पर दिवंगत संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर से जवाब मांगा है जिसमें उन्होंने अपने पिता की कथित वसीयत की मूल प्रति के निरीक्षण का आग्रह किया है.

संयुक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) गगनदीप जिंदल ने याचिका पर प्रिया कपूर और कथित वसीयत की निष्पादक श्रद्धा सूरी मारवाह को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा. अब मामले की सुनवाई 16 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध की गई है.

प्रिया सचदेव पर लगा जाली हस्ताक्षार करने का आरोप 
यह आवेदन करिश्मा कपूर के बच्चों – समायरा कपूर और उनके भाई – द्वारा दायर मुकदमे में दायर किया गया, जिसमें उनके दिवंगत पिता संजय कपूर की संपत्ति की कथित वसीयत को चुनौती दी गई है.

संबंधित संपत्ति की कीमत कथित तौर पर 30,000 करोड़ रुपये है. वादियों के अनुसार, कथित वसीयत जाली और मनगढ़ंत है, तथा उस पर हस्ताक्षर उनके पिता के नहीं हैं, बल्कि कथित तौर पर प्रिया कपूर ने सत्यापनकर्ता गवाहों के साथ मिलीभगत करके जाली हस्ताक्षर किए हैं.
संजय कपूर के प्रॉपर्टी विवाद में आया नया मोड़, करिश्मा के बच्चों ने प्रिया सचदेव पर फेक सिग्नेचर का लगाया आरोप

प्रिया सचदेव के वकील ने दी क्या दलीलें? 
दूसरी ओर, प्रिया कपूर के वकील ने दावा किया कि उनके द्वारा वादी के दावों को ‘फर्जी और निराधार’ बताए जाने के बाद यह आवेदन दायर किया गया है. प्रिया कपूर के वकील ने पहले की सुनवाई में कहा था, ‘वर्तनी की त्रुटियों के कारण वसीयत को फर्जी नहीं कहा जा सकता, और उन्होंने संजय कपूर के हस्ताक्षर पर भी सवाल नहीं उठाया है.’ वकील ने दावा किया कि यह तर्क उठाए जाने के बाद, वादी ने अब हस्ताक्षर की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए नया आवेदन दायर किया है.
संजय कपूर के प्रॉपर्टी विवाद में आया नया मोड़, करिश्मा के बच्चों ने प्रिया सचदेव पर फेक सिग्नेचर का लगाया आरोप

संपत्ति से अलग करने की हुई कोशिश 
आवेदन में करिश्मा कपूर के बच्चों ने अपने दिवंगत पिता की कथित वसीयत की मूल प्रति के निरीक्षण का आग्रह किया है, जिसे मारवाह ने 25 सितंबर को एक सीलबंद लिफाफे में, समर्थन हलफनामों के साथ दायर किया था.

अदालत करिश्मा कपूर के बच्चों द्वारा दायर एक अंतरिम निषेधाज्ञा याचिका पर भी सुनवाई कर रही है, जिसमें प्रिया कपूर को संजय कपूर की संपत्ति से उन्हें अलग करने से रोकने का आग्रह किया गया है. इस याचिका पर सुनवाई 20 नवंबर को जारी रहेगी.

प्रिया सचदेव को कहा सिंड्रेला की सौतेली मां 
बच्चों ने कथित वसीयत की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अदालत के सामने प्रिया कपूर पर ‘‘लालची’’ होने का आरोप लगाया और उन्हें ‘‘सिंड्रेला की सौतेली मां’’ कहा.

परीकथा सिंड्रेला में, इसी नाम की युवती के साथ उसकी सौतेली मां द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता है, जो अपना सारा ध्यान अपनी दो बेटियों पर केंद्रित करती है.ससे पहले, उच्च न्यायालय ने प्रिया कपूर से उनकी संपत्तियों की सूची अदालत को सौंपने को कहा था.

इस बीच, प्रिया कपूर ने अदालत को बताया कि एक्ट्रेस के बच्चों को पारिवारिक ट्रस्ट से पहले ही 1,900 करोड़ रुपये मिल चुके हैं.

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Neem ke Totke: कड़वे नीम में छिपा है सौभाग्य का राज, ये 5 गुप्त ज्योतिष उपाय बदल देंगे तकदीर

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भारतीय परंपरा और ज्योतिष शास्त्र में नीम का पेड़ सिर्फ एक औषधीय पौधा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और धन-संपत्ति को आकर्षित करने वाला एक शक्तिशाली तरीका माना गया है. नीम की पत्तियों, लकड़ी, छाल और यहां तक कि उसके धुएं तक में ऐसी शक्ति होती है, जो जीवन में आने वाली हर बाधा को दूर करने में मदद करती है.  ऐसे में आइए जानें नीम से जुड़े 5 गुप्त ज्योतिष उपाय जो आपकी तकदीर बदल देंगे.

भारतीय परंपरा और ज्योतिष शास्त्र में नीम का पेड़ सिर्फ एक औषधीय पौधा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और धन-संपत्ति को आकर्षित करने वाला एक शक्तिशाली तरीका माना गया है. नीम की पत्तियों, लकड़ी, छाल और यहां तक कि उसके धुएं तक में ऐसी शक्ति होती है, जो जीवन में आने वाली हर बाधा को दूर करने में मदद करती है. ऐसे में आइए जानें नीम से जुड़े 5 गुप्त ज्योतिष उपाय जो आपकी तकदीर बदल देंगे.

नहाने से पहले पानी में नीम की पत्तियां डालने से ज्योतिषीय रूप से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है, जीवन में सकारात्मकता आती है और अटके हुए काम धीरे-धीरे बनने लगते हैं. ज्योतिष में इसे केतु और शनि ग्रह को शांत करने का एक उपाय माना जाता है, साथ ही यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर मानसिक तनाव कम करने में भी मदद करता है.

नहाने से पहले पानी में नीम की पत्तियां डालने से ज्योतिषीय रूप से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है, जीवन में सकारात्मकता आती है और अटके हुए काम धीरे-धीरे बनने लगते हैं. ज्योतिष में इसे केतु और शनि ग्रह को शांत करने का एक उपाय माना जाता है, साथ ही यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर मानसिक तनाव कम करने में भी मदद करता है.

नीम की माला पहनने से आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक शांति मिलती है, जिससे करियर में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है. ज्योतिष में माना जाता है कि नीम की माला पहनने से जीवन की अधूरी इच्छाएं भी पूरी हो सकती हैं, जो करियर में सफलता के रूप में भी हो सकता है.

नीम की माला पहनने से आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक शांति मिलती है, जिससे करियर में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है. ज्योतिष में माना जाता है कि नीम की माला पहनने से जीवन की अधूरी इच्छाएं भी पूरी हो सकती हैं, जो करियर में सफलता के रूप में भी हो सकता है.

अगर घर में पैसा नहीं टिकता है, तो अपनी तिजोरी या अलमारी में नीम की कुछ हरी पत्तियां रखें. हर शुक्रवार को इन्हें बदलें. लगातार 11 दिनों तक सुबह ताज़े नीम के पत्ते तोड़कर मां काली के मंदिर या घर पर उनकी प्रतिमा को अर्पित करें. ऐसा करने से पैसों की तंगी दूर होने के साथ घर में सुख-शांति और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो सकती है.

अगर घर में पैसा नहीं टिकता है, तो अपनी तिजोरी या अलमारी में नीम की कुछ हरी पत्तियां रखें. हर शुक्रवार को इन्हें बदलें. लगातार 11 दिनों तक सुबह ताज़े नीम के पत्ते तोड़कर मां काली के मंदिर या घर पर उनकी प्रतिमा को अर्पित करें. ऐसा करने से पैसों की तंगी दूर होने के साथ घर में सुख-शांति और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो सकती है.

व्यापार में सफलता पाना चाहते हैं, तो अपने व्यापार स्थल पर नीम की पत्तियां रखें. यह नकारात्मकता को दूर करने और ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद कर सकता है, क्योंकि नीम को धन वृद्धि का प्रतीक माना जाता है.

व्यापार में सफलता पाना चाहते हैं, तो अपने व्यापार स्थल पर नीम की पत्तियां रखें. यह नकारात्मकता को दूर करने और ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद कर सकता है, क्योंकि नीम को धन वृद्धि का प्रतीक माना जाता है.

नीम के पानी से पोछा लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, सुख-समृद्धि आती है और शनि दोष से राहत मिल सकती है. माना जाता है कि नीम के पानी से पोछा लगाने पर मेहनत का पूरा फल मिलता है और जीवन की कई समस्याएं समाप्त होती है.

नीम के पानी से पोछा लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, सुख-समृद्धि आती है और शनि दोष से राहत मिल सकती है. माना जाता है कि नीम के पानी से पोछा लगाने पर मेहनत का पूरा फल मिलता है और जीवन की कई समस्याएं समाप्त होती है.

Published at : 18 Nov 2025 01:48 AM (IST)

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iPhone 18 Vs Samsung Galaxy S26: अगले साल होने वाली प्रीमियम फोन की सबसे बड़ी जंग, जानिए लीक मे

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iPhone 18 Vs Samsung Galaxy S26: स्मार्टफोन मार्केट में एक नई टक्कर तैयार हो रही है Apple के iPhone 18 और Samsung के Galaxy S26 की. दोनों फोन 2026 में लॉन्च होने की उम्मीद है लेकिन शुरुआती लीक ने अभी से टेक दुनिया में हलचल मचा दी है. एक तरफ Apple अपने सबसे पतले और पावरफुल iPhone पर काम कर रहा है तो दूसरी ओर Samsung बेहद चमकदार डिस्प्ले और दमदार कैमरा सेटअप के साथ मैदान में उतरने वाला है. नीचे जानिए दोनों फोन्स को लेकर अब तक क्या-क्या अहम जानकारियां सामने आई हैं.

iPhone 18

iPhone 18 सीरीज को Apple के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. iPhone 17 के बाद Apple अब और भी पतले और प्रीमियम लुक वाले मॉडल पेश करने की तैयारी में है. लीक के अनुसार इस बार लाइनअप में iPhone 18, iPhone 18e, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max शामिल होंगे. जबकि iPhone Air 2 पर फिलहाल रोक लग सकती है.

लॉन्च टाइमलाइन में बड़ा बदलाव

इस बार Apple अपनी लॉन्च स्ट्रेटेजी भी बदल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक Pro और Pro Max मॉडल के साथ पहला फोल्डेबल iPhone सितंबर 2026 में आएगा जबकि बेस मॉडल्स 2027 की स्प्रिंग में लॉन्च हो सकते हैं.

ताकतवर 2nm A20 Bionic चिप

iPhone 18 का सबसे बड़ा हाईलाइट होगा इसका Next-Gen A20 Bionic चिप, जो 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा. इससे फोन में AI परफॉर्मेंस, बैटरी एफिशिएंसी और Siri की क्षमताओं में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा. Apple Intelligence के जरिए ऑन-डिवाइस AI फीचर्स और भी स्मार्ट हो जाएंगे जिसमें एडवांस टेक्स्ट-टू-इमेज टूल्स, बेहतर जेनरेटिव AI और तेज प्रोसेसिंग शामिल है.

कुल मिलाकर डिजाइन में बड़ा बदलाव

iPhone Air से प्रेरित पतला डिज़ाइन, नई OLED स्क्रीन, पतले बेज़ल और मजबूत बॉडी iPhone 18 को प्रीमियम फील देने वाले हैं. सबसे ज्यादा चर्चा में है iPhone Fold जिसे दो पतले टाइटेनियम बॉडीज से बनता बताया जा रहा है. इसकी कीमत $2000 से ऊपर (1.6 लाख+ रुपये) हो सकती है.

Samsung Galaxy S26

सैमसंग भी अपनी Galaxy S26 सीरीज़ को लेकर काफी आक्रामक दिख रहा है. कंपनी 2026 की शुरुआत यानी जनवरी या फरवरी में अपनी नई लाइनअप पेश कर सकती है. इस बार Galaxy S26, S26+ और S26 Ultra मॉडल देखने को मिलेंगे. Edge एडिशन की वापसी को लेकर अभी भी कयास जारी हैं.

डिस्प्ले और बैटरी में बड़ा अपग्रेड

Galaxy S26 में 6.27-इंच स्क्रीन और 4300mAh बैटरी होने की उम्मीद है. वहीं S26 Ultra में हल्का फ्रेम, 6.9-इंच डिस्प्ले और 5400mAh तक बैटरी देखने को मिल सकती है. सबसे अच्छा बदलाव—Ultra मॉडल में 60W फास्ट चार्जिंग आने की चर्चा है जो लंबे समय से 45W पर अटका हुआ था.

Galaxy AI का और अधिक स्मार्ट रूप

Samsung One UI 8 के साथ और भी गहरे AI इंटीग्रेशन पर काम कर रहा है. Snapdragon 8 Elite Gen 5 या Exynos 2600 चिप फोन को ज्यादा तेज AI प्रोसेसिंग का अनुभव देंगे.

इसके अलावा बेस मॉडल में बड़ा और ज्यादा लाइट कैप्चर करने वाला 50MP सेंसर, Ultra मॉडल में 200MP टेलीफोटो कैमरा और यहां तक कि 324MP मेन कैमरा की भी चर्चा हालांकि यह कितना सच है यह लॉन्च के बाद ही पता चलेगा. Ultra मॉडल में वैरिएबल अपर्चर भी वापस आ सकता है जो 2019 के बाद से किसी Galaxy फोन में नहीं मिला.

iPhone vs Samsung

दोनों कंपनियां AI, डिस्प्ले टेक्नोलॉजी और अल्ट्रा-प्रीमियम डिजाइन पर पूरा जोर लगाकर आगे बढ़ रही हैं. iPhone 18 अधिक एफिशिएंसी, पतले डिजाइन और फोल्डेबल मॉडल पर फोकस कर रहा है, वहीं Galaxy S26 कैमरा, बैटरी और AI क्षमताओं को नए स्तर पर ले जाना चाहता है. एक बात तय है 2026 फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स के लिए ऐतिहासिक साल बनने वाला है.

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Aaj Ka Meen Rashifal (18 November 2025): मीन राशि घरेलू मामलों में जटिलताएं बढ़ सकती हैं, बिज़न

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Aaj Ka Meen Rashifal 18 November 2025 in Hindi: चन्द्रमा के 8वें भाव में संचरण से आज घर और निजी मामलों में उलझनें बढ़ सकती हैं. कुछ परिस्थितियाँ आपके नियंत्रण से बाहर भी जा सकती हैं, लेकिन शांत मन व धैर्य रखने से समस्याएँ धीरे-धीरे सुलझेंगी. 

हेल्थ राशिफल

आज सेहत को लेकर लापरवाही बिल्कुल न करें. मामूली समस्याएँ बढ़ सकती हैं, जैसे पेट संबंधित परेशानी, थकान, ब्लड प्रेशर या तनाव. आज भरपूर पानी पिएँ, समय पर भोजन करें, और क्रोध पर नियंत्रण रखें. शरीर और मन दोनों को शांत रखने के लिए रात में नींद पूरी लेना आवश्यक है.

बिज़नेस और करियर

ऑफिस में अपने काम पर पूरा फोकस रखें. डेडलाइन के दबाव के बावजूद जल्दबाज़ी में गलत निर्णय लेने से बचें, खासकर यदि नौकरी बदलने या नई टीम में शिफ्ट होने का विचार हो. परिस्थितियाँ विपरीत दिखाई देने के बावजूद धैर्य ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा.

लव और पारिवारिक जीवन

प्रेम संबंधों में गलतफहमी और मनमुटाव की संभावना है. अपनी बात दबाकर न रखें, लेकिन बोलते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें. 

धन राशिफल

खर्च बढ़ सकते हैं और आय स्थिर रहने से वित्तीय दबाव महसूस हो सकता है. निवेश या उधार देने/लेने का निर्णय आज के लिए टालना ही सुरक्षित रहेगा. बजट बनाकर खर्च करने से स्थिति नियंत्रण में रहेगी.

युवा और छात्र

कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे युवाओं को आज स्टडी फोकस में कठिनाई आ सकती है. समय बर्बाद न करें और स्टडी शेड्यूल पर लौट आएँ. प्रेम या निजी तनाव को पढ़ाई पर हावी न होने दें.

उपाय

  • शाम के समय गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएँ और 11 बार “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जप करें.
  • आज किसी ज़रूरतमंद को जल या नीला कपड़ा दान करें.
  • शुभ रंग: नेवी ब्लू
  • भाग्यशाली अंक: 3

FAQs

Q1: क्या आज नई नौकरी या बिजनेस की शुरुआत करनी चाहिए?
आज का दिन शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं है, जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है. कुछ दिन रुककर निर्णय लें.

Q2: लव लाइफ में तनाव कम करने के लिए सबसे अच्छा तरीका क्या रहेगा?
स्पष्ट बातचीत और समय देना सबसे प्रभावी उपाय है. भावनाओं को दबाएँ नहीं, लेकिन गुस्से में कुछ भी न कहें.

Disclaimer यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और विश्लेषण पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी दावे की पुष्टि नहीं करता. किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें.

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क्या शुभमन गिल नहीं बन पाएंगे ऑल-फॉर्मेट कप्तान? पूर्व क्रिकेटर के बयान से सब हैरान; जानें क्या

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गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद भारतीय टीम ने 18 में से 9 टेस्ट मैच हारे हैं. यह खराब रिकॉर्ड कोलकाता में भी जारी रहा, जहां मौजूदा WTC चैंपियन दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 30 रनों से हरा दिया. दूसरी ओर शुभमन गिल का टेस्ट में कप्तानी रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा नहीं है. अब तक बतौर कप्तान गिल 8 में से 3 मैच हार चुके हैं और उन्हें चार जीत नसीब हुई हैं. इसी बीच भारत के पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद का कहना है कि भारतीय टीम पर अब सभी फॉर्मेट में एक कप्तान की नीति अब लागू नहीं की जानी चाहिए.

निश्चित ही शुभमन गिल तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम के कप्तान बनने की ओर अग्रसर हैं. टेस्ट और वनडे कप्तानी पहले ही उनके पास आ चुकी है और वो अभी टी20 टीम के उपकप्तान हैं. जबकि कप्तानी सूर्यकुमार यादव के पास है. बताते चलें कि गिल ऑस्ट्रेलिया टूर से सीधे कोलकाता चले गए थे, जिसके बाद पहले टेस्ट में गर्दन में खिंचाव की समस्या के बाद उनके वर्कलोड पर भी बात होने लगी है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में गिल ने लगातार मैच खेले हैं.

शुभमन गिल ना बनें तीनों फॉर्मेट के कप्तान

पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने एक शो पर चर्चा करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि शुभमन गिल के अंदर तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी करने की काबिलियत है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि अब टीम इंडिया के पास सभी फॉर्मेट में एक ही कप्तान होना चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा, “अलग फॉर्मेट में अलग कप्तान होना अच्छा निर्णय होगा. शुभमन गिल को टेस्ट कप्तानी सौंपी गई है, उनपर बहुत ज्यादा दबाव आएगा ही. यह सीरीज (दक्षिण अफ्रीका) भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.”

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कोलकाता में हारे, अब बचे हैं सिर्फ 10 मैच, WTC फाइनल के लिए भारत को कितनी जीत चाहिए? ये रहा पूरा समीकरण 

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10वीं-ITI पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, साउथ ईस्टर्न रेलवे में बंपर भर्ती; 1785 पदों पर आवेदन

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साउथ ईस्टर्न रेलवे (SER), कोलकाता ने अप्रेंटिसशिप के 1785 पदों पर भर्ती का बड़ा नोटिफिकेशन जारी किया है. नोटिफिकेशन के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 18 नवंबर से शुरू होकर 17 दिसंबर 2025 तक चलेगी. यानी उम्मीदवारों के पास पूरा एक महीना है ताकि वे आराम से फॉर्म भर सकें और इस सुवर्ण अवसर का फायदा उठा सकें. इसके लिए उम्मीदवारों को RRC SER की आधिकारिक वेबसाइट rrcser.co.in पर जाना होगा.

कौन कर सकता है आवेदन?

मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं (10+2 सिस्टम) पास कर ली हो और संबंधित ट्रेड में ITI का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया है तो वह इस भर्ती के लिए पात्र माना जाएगा. इसके अलावा रेलवे ने आयु सीमा भी तय की है. न्यूनतम आयु 15 वर्ष रखी गई है जबकि अधिकतम आयु 24 वर्ष तय की गई है. इस उम्र सीमा में आने वाले उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते हैं. SC, ST, OBC को आयु सीमा में सरकार के नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी.

फीस कितनी देनी होगी?

भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को एक सामान्य फीस जमा करनी होगी. सामान्य (UR), OBC और अन्य वर्ग 100 आवेदन शुल्क देना होगा.  SC, ST, दिव्यांग (PWD) और सभी महिला उम्मीदवार को कोई शुल्क नहीं देना होगा. फीस ऑनलाइन जमा की जाएगी.

कैसे भरें आवेदन?

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‘कानून से ऊपर कोई नहीं’, बांग्लादेश में शेख हसीना को मिली मौत की सजा तो क्या बोले मोहम्मद यूनुस

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बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके सहयोगी के खिलाफ एक विशेष न्यायाधिकरण के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि फैसले ने एक बुनियादी सिद्धांत की पुष्टि करते हुए ताकत की परवाह किए बिना यह स्पष्ट कर दिया कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है.

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-बांग्लादेश (ICT-BD) ने 78 वर्षीय शेख हसीना और उनके पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को पिछले साल के छात्र विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई.

कोर्ट ने शेख हसीना को पहले भगोड़ा किया था घोषित

पिछले साल पांच अगस्त को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के कारण बांग्लादेश से भागने के बाद से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में रह रही हैं. इससे पहले अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था. यूनुस ने एक बयान में कहा, ‘आज बांग्लादेश के न्यायाधिकरण ने जिस स्पष्टता के साथ अपनी बात कही है उसकी गूंज पूरे देश और उसके बाहर भी सुनाई देती है. दोषसिद्धि और सजा एक बुनियादी सिद्धांत की पुष्टि करती है, जबकि यह बताती है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे उसके पास कितनी भी शक्ति क्यों न हो.’

छात्र प्रदर्शन के बाद शेख हसीना की 16 साल की सत्ता खत्म

पिछले साल बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना का 16 साल का शासन खत्म हो गया और वह भारत आ गई थी, जिसके बाद पिछले साल अगस्त में यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभाला था. फैसले पर प्रतिक्रिया में हसीना ने आरोपों को पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताते हुए इनकार किया और कहा कि यह फैसला एक गैर-अधिकृत न्यायाधिकरण की ओर से दिया गया है, जिसकी स्थापना और अध्यक्षता एक अनिर्वाचित सरकार की ओर से की गई है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है. अपने बयान में यूनुस ने कहा कि यह फैसला जुलाई और अगस्त 2024 के विद्रोह में प्रभावित हुए हजारों लोगों और उन परिवारों को न्याय प्रदान करता है जो अब भी अपने नुकसान को झेल रहे हैं.

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5 करोड़ का कॉर्पस चाहिए? एसआईपी में बस इतना निवेश करके पूरा कर सकते हैं टारगेट

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SIP Investment Plan: भारतीय पैसे कमाने के साथ-साथ अच्छा रिटर्न देने वाले निवेश विकल्पों की भी तलाश करते रहते हैं. वैसे तो मार्केट में कई निवेश ऑप्शन मौजूद हैं पर अपनी जरूरतों और आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लोगों को रिसर्च करना पड़ता है.

अगर आप भी करोड़ों रुपए का फंड बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं तो, आपको म्युचुअल फंड के सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के बारे में जरूर जानना चाहिए. एसआईपी के तहत आप आपका पैसा तेजी से बढ़ता हैं और पैसों पर मिलने वाले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है. अगर आप एसआईपी के माध्यम से 30 सालों में 5 करोड़ों रुपए का फंड बनाना चाहते हैं तो, आपको इस तरह से अपने निवेश की प्लानिंग करनी चाहिए. 

कैसे बनेगा 5 करोड़ का फंड? 

अगर आप एसआईपी के जरिए लंबी अवधि में 5 करोड़ रुपए का फंड बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको सही फंड का चुनाव करना होगा. फंड चुनते समय मार्केट में मौजूद ऐसे फंड को चुनना होगा, जिसपर सालान तौर पर 12 फीसदी का रिटर्न देने की क्षमता हो. बाजार में मौजूद कई फंड इससे ज्यादा रिटर्न भी देते हैं, लेकिन इस पूरे कैलकुलेशन को समझने के लिए 12 प्रतिशत का औसत मान कर हम आगे बढ़ते हैं.

अब मान लीजिए कि, आपने किसी अच्छे फंड में हर महीने 15,000 रुपये की SIP शुरू की. आपने अपने निवेश को 30 सालों तक जारी रखा. आपके इस निवेश पर औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है तो, आपका कुल कॉर्पस 5 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकता है. इसमें आपका कुल निवेश 54,00,000 रुपये होगा और बाकी 4,75,48,707 रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में जुड़ेंगे. यानी कंपाउंडिंग की ताकत से आपका निवेश इस आंकड़े तक पहुंच जाएगा. 

हालांकि, एसआईपी में निवेश बाजार पर निर्भर करता है. संभव है कि, आपका रिटर्न कम भी हो सकता है. इसलिए मार्केट की पूरी जानकारी और अपने निवेश सलाहकार से सुझाव लेकर ही निवेश करने का फैसला लेना चाहिए. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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