शेयर बाजार में आईपीओ की बहार! इस सप्ताह दो लॉन्च और सात लिस्टिंग, जानें पूरी जानकारी

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Upcoming IPO India: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. 17 नवंबर से शुरु हो रहे कारोबारी सप्ताह में दो नई कंपनियों के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ ) लॉन्च हो रहे हैं. साथ ही कुछ कंपनियों के आईपीओ लिस्ट होने के लिए तैयार हैं.

ऐसे में यह कारोबारी सप्ताह निवेशकों के लिए बहुत खास हो सकता हैं. उनके लिए निवेश के नए अवसर बन रहे हैं. 19 से 21 नवंबर के बीच एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज और गलार्ड स्टील का आईपीओ लॉन्च होने वाला है. जिससे शेयर मार्केट में हलचल देखने को मिल सकती है. 

 एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज आईपीओ

एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज SaaS यानी सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस मॉडल पर काम करने वाली कंपनी है. कंपनी शिक्षा व परीक्षाओं से जुड़ी तकनीकी सेवाएं देती है. कंपनी का आईपीओ 19 वंबर से 21 नवंबर तक खुला रहेगा. कंपनी ने प्राइस बैंड 114 से 120 रुपए के बीच तय किया है.

एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज इस आईपीओ के माध्यम से 500 करोड़ रुपए जुटाने का प्रयास करेगी. इसके तहत 180 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए जाएंगे और 320 करोड़ रुपए हिस्सा ऑफर फॉर सेल का होगा. कंपनी आईपीओ से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल नई जमीन खरीदने, बिल्डिंग बनाने, IT सिस्टम मजबूत करने और अन्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में करेगी.    

गलार्ड स्टील आईपीओ

इंजीनियर्ड स्टील कास्टिंग्स बनाने वाली कंपनी गलार्ड स्टील का आईपीओ 19 से 21 नवंबर तक खुला रहेगा. आईपीओ के जरिए कंपनी 37.50 करोड़ रुपए जुटाने का प्रयास करेगी. कंपनी के सारे शेयर फ्रेश जारी किए जाएंगे. कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 142 से 150 रुपए रखा है.

कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बढ़ाने, नए ऑफिस बनवाने और सामान्य कारोबारी खर्च को पूरा करने में करेगी. 

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

18 से 21 नवंबर के बीच कुल सात कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही हैं. 18 नवंबर को फिजिक्सवाला, MV Photovoltaic, महामाया लाइफसाइंसेज और वर्कमेट्स Core2Cloud की लिस्टिंग निर्धारित है. इसके बाद 19 नवंबर को Tenneco Clean Air बाजार में आएगी. 20 नवंबर को Fujiyama पावर सिस्टम्स और 21 नवंबर को Capillary टेक्नोलॉजीस लिस्ट होगी

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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बच्चों को न देना पड़े गुजारा भत्ता इसलिए हर साल नाम बदलता था शख्स! चालाकी देख यूजर्स हैरान

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दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए बिल्कुल अजीब और मजेदार तरीके अपनाते हैं. रूस में एक आदमी ने तो हद ही कर दी. बच्चा बड़ा हो रहा है, उसे पैसे की जरूरत है, लेकिन ये साहब हर साल अपना नाम बदल लेते थे ताकि उन्हें पैसे न देने पड़ें. नाम इस तरह बदले जा रहे थे मानों कोई बच्चा खेल-खेल में नाम बदल रहा हो, लेकिन असल में वो ऐसा सिर्फ इस लिए कर रहा था ताकि बच्चे की परवरिश के लिए दिए जाने वाले पैसे से बच सके. यह कहानी इतनी अजीब है कि सुनकर बड़े भी सिर पकड़ लें, लेकिन मामला इतना आसान है कि छोटा बच्चा भी समझ लेगा.

हर साल देना होता था बच्चों का गुजारा भत्ता

रूस के टूमेन शहर में रहने वाला एक आदमी अपनी जिम्मेदारी से बचने का बहुत अजीब तरीका इस्तेमाल करता था. उस आदमी को अपने बच्चे के लिए हर महीने पैसे देने होते थे. ये पैसे बच्चे की सही देखभाल के लिए होते हैं. लेकिन इस आदमी को पैसे देने का मन ही नहीं था. इसलिए उसने एक ऐसा तरीका निकाला जिसे सुनकर कोई भी हैरान हो जाए.

बच्चे का गुजारा भत्ता न देना पड़े इसलिए हर साल बदलता नाम

वह हर साल अपना नाम बदल देता था. पूरा नाम. मतलब उसका पहला नाम, दूसरा नाम, और बीच वाला नाम, सब बदल जाता था. जैसे एक साल वह “राजू” बन जाए, फिर अगले साल “सोहन”, फिर अगले साल वापस “राजू”. वह ऐसा बार-बार करता था. उसका सोचने का तरीका बहुत अजीब था. उसे लगता था कि अगर नाम बदल दिया तो सरकार उसे नहीं पकड़ पाएगी और उसे पैसे नहीं देने पड़ेंगे.

कानून की नजरों से नहीं बच पाया

लेकिन हकीकत कुछ और ही थी. वहां के अधिकारी, जिन्हें बेलीफ कहा जाता है, हर नाम बदलने की जानकारी रखते हैं. जब कोई अपना नाम बदलता है, तो सरकारी दफ्तर खुद ही बेलीफ को बता देता है. तो ये शख्स चाहे जितनी बार नाम बदल ले, छुप नहीं सकता था. जितना वह छुपता, उतना ही जल्दी पकड़ा जाता.

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यूजर्स बोले, नाम ही है दिमाग से खाली है

रोमन कोरेनेव नाम के अधिकारी ने खुद मीडिया को बताया कि यह उनके करियर का एक सबसे अजीब मामला था. उन्होंने कहा कि इस तरीके से कोई भी आदमी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकता. नाम बदलने से सिर्फ कागजों में फर्क पड़ता है, लेकिन कानून सब जानता है. सोशल मीडिया पर जैसे ही मामला वायरल हुआ लोग हैरान रह गए. एक यूजर ने लिखा…बड़ा शातिर बाप है. एक और यूजर ने लिखा…भाई तो चालाकी में सभी का गुरु निकला. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…इस बंदे के पास नाम ही है, दिमाग नहीं है.

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15 दिसंबर को नहीं… BCCI ने किया IPL ऑक्शन की तारीख और वेन्यू का आधिकारिक ऐलान

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इंडियन प्रीमियर लीग सीजन 19 के लिए होने वाले ऑक्शन की तारीख का ऐलान हो गया है. शनिवार को सभी टीमों की रिटेंशन लिस्ट आ गई है, अब साफ हो गया है कि किस टीम के कितने स्लॉट्स खाली हैं और उनके पर्स में कितना पैसा है. सबसे ज्यादा पर्स बैलेंस केकेआर और सबसे कम मुंबई इंडियंस के पास है.

किस तारीख को है IPL 2026 ऑक्शन?

आईपीएल 2026 के लिए होने वाला ऑक्शन मंगलवार, 16 दिसंबर को होगा.

कहां पर होगा IPL 2026 ऑक्शन?

आईपीएल ऑक्शन इस बार भी भारत में नहीं होगा. आधिकारिक बयान में बताया गया कि ऑक्शन अबू धाबी में होगा.

खबर अपडेट हो रही है.



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AMU में किन्हें मिलता है खास रिजर्वेशन, जानें किन्हें मिलती है उम्र से लेकर नंबरों तक की छूट?

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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) किसी नाम की मोहताज नहीं है. देश में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स इस यूनिवर्सिटी में दाखिला लेकर पढ़ाई करना चाहते हैं. लेकिन चुनिंदा छात्रों को ही ये मौका मिल पाता है. आइए जानते हैं यूनिवर्सिटी में किन विद्यार्थियों को रिजर्वेशन मिलता है.

सेशन 2025-26 की बात करें तो PwBD यानी Persons with Benchmark Disabilities कैटेगरी के तहत एडमिशन लेने वाले छात्रों को AMU ने 5% रिजर्वेशन दिया. लेकिन यह रिजर्वेशन हर कोर्स में एक जैसा लागू नहीं है. यूनिवर्सिटी ने बताया कि ज्यादातर कोर्सों में यह 5% सीटें मौजूदा सीटों पर अतिरिक्त होंगी, यानी approved intake के ऊपर नई सीटें बढ़ाई जाएंगी ताकि सामान्य कैटेगरी की सीटें कम न हों.

लेकिन कुछ प्रोफेशनल कोर्स जैसे MBBS, BDS, BUMS, B.Sc Nursing, B.Arch, मेडिकल फैकल्टी के पोस्टग्रेजुएट कोर्स और PhD में यह रिजर्वेशन मौजूदा सीटों के अंदर ही है.  इन कोर्सों में सीटें बढ़ाई नहीं जाती हैं, बल्कि उपलब्ध सीटों में ही PwBD का 5% हिस्सा तय होता है.

क्या डाक्यूमेंट्स चाहिए?

इस कैटेगरी का लाभ लेने के लिए किसी उम्मीदवार के पास कम से कम 40% विकलांगता का प्रमाण होना जरूरी है. वहीं, यह भी साफ किया गया है कि PwBD उम्मीदवार केवल उन्हीं कोर्सों में एडमिशन ले सकेंगे जहां उनकी विकलांगता पढ़ाई में रुकावट पैदा नहीं करती.

वहीं, अगर आर्थिक छूट की बात करें तो AMU ने PwBD कैटेगरी के छात्रों को बड़ी राहत दी है. सामान्य तौर पर जहां छात्रों को एडमिशन टेस्ट फीस देनी होती है, वहीं PwBD उम्मीदवारों को आवेदन करते समय केवल 100 रुपये का भुगतान करना होगा. इसी तरह, एडमिशन होने पर उन्हें ट्यूशन फीस के रूप में सिर्फ 100 रुपये देने होंगे. हालांकि यह छूट उन उम्मीदवारों को नहीं मिलेगी जो फेलोशिप पर हैं या Self-Finance, NRI या Foreign National कोटे में एडमिशन लेते हैं.

क्वालिफिकेशन में भी इतने परसेंट की छूट

योग्यता में भी इन छात्रों को बड़ा फायदा दिया गया है. PwBD उम्मीदवारों को क्वालीफाइंग परीक्षा में 5% तक की छूट मिलेगी. इसका मतलब यह है कि जहां सामान्य छात्रों के लिए 50% अंक जरूरी हों, वहां PwBD उम्मीदवार 45% अंकों के साथ भी योग्य माने जाएंगे. यही छूट एडमिशन टेस्ट में भी लागू होगी. इसके अलावा, जहां-जहां कोर्स में अधिकतम उम्र सीमा तय है, वहां PwBD उम्मीदवारों को उम्र में पांच साल तक की ढील दी जाएगी. हालांकि यह छूट उन कोर्सों में लागू नहीं होगी जहां उम्र सीमा किसी बाहरी काउंसिल या नियामक संस्था द्वारा तय की जाती है.

PwBD कैटेगरी के उम्मीदवार न होने पर क्या होगा?

अगर किसी खास कोर्स में PwBD कैटेगरी के योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते और उस कोर्स में रिजर्वेशन मौजूदा सीटों के भीतर लागू है तो ऐसी खाली सीटें सामान्य कैटेगरी में ट्रांसफर कर दी जाएंगी. हालांकि पीएचडी प्रोग्राम में यह नियम लागू नहीं किया जाएगा.

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भूकंप के झटकों से फिर कांपी धरती, दहशत में लोग, जानें ताजा अपडेट

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राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के मुताबिक रविवार (16 नवंबर) को म्यांमार में 3 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया, जिससे इसके बाद झटकों की आशंका बनी रहती है. बता दें कि उथले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में इसलिए ज्यादा खतरनाक होते हैं क्योंकि पृथ्वी की सतह के पास आने पर उनकी ऊर्जा ज़्यादा निकलती है, जिससे जमीन ज़्यादा हिलती है और इमारतों को ज़्यादा नुकसान पहुंचता है और लोग हताहत होते हैं. 

ये स्थिति गहरे भूकंपों की तुलना में ज़्यादा गंभीर होती है, क्योंकि सतह पर आते ही उनकी ऊर्जा कम हो जाती है. इससे पहले 14 नवंबर को 3.9 तीव्रता का भूकंप 35 किलोमीटर की गहराई पर आया था. एक्स पर एक पोस्ट में NCS ने इसकी जानकारी दी. म्यांमार मध्यम और बड़ी तीव्रता वाले भूकंपों के खतरों के प्रति संवेदनशील है, जिसमें इसकी लंबी तटरेखा पर सुनामी का खतरा भी शामिल है.

4 टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है म्यांमार 
म्यांमार चार टेक्टोनिक प्लेटों (भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट) के बीच स्थित है, जो एक्टिव भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं में परस्पर क्रिया करती है. 28 मार्च को मध्य म्यांमार में आए 7.7 और 6.4 तीव्रता के भूकंपों के बाद, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में विस्थापित हुए हज़ारों लोगों के लिए तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य खतरों की एक श्रृंखला की चेतावनी दी. जिनमें टीबी, एचआईवी, वेक्टर और जल-जनित बीमारियां शामिल हैं.

क्या है सागाइंग फ़ॉल्ट
म्यांमार से होकर 1,400 किलोमीटर लंबा एक ट्रांसफ़ॉर्म फ़ॉल्ट गुजरता है और अंडमान के फैलाव केंद्र को उत्तर में स्थित एक टकराव क्षेत्र से जोड़ता है जिसे सागाइंग फ़ॉल्ट कहा जाता है. सागाइंग फ़ॉल्ट, सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून के लिए भूकंपीय खतरे को बढ़ाता है, जो कुल मिलाकर म्यांमार की 46 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. 

एएनआई के मुताबिक यांगून फ़ॉल्ट ट्रेस से दूर है, फिर भी अपनी घनी आबादी के कारण यह काफी जोखिमग्रस्त है. बता दें कि 1903 में बागो में 7.0 तीव्रता का एक तीव्र भूकंप आया था, जिसने यांगून को भी प्रभावित किया था. 

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असली और नकली पुखराज रत्न की पहचान कैसे करें? जानिए धारण करने से पहले ध्यान रखने योग्य नियम

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पुखराज बृहस्पति ग्रह से जुड़ा एक बहुमूल्य और मूल्यवान रत्न है. इसे ज्योतिष में ज्ञान, धन, स्वास्थ्य, विवाह, समृद्धि और मान-सम्मान का कारक माना जाता है. यह आमतौर पर पीले रंग का होता है, जो हल्के नींबू जैसे पीले से लेकर गहरे सुनहरे पीले तक हो सकता है.

पुखराज बृहस्पति ग्रह से जुड़ा एक बहुमूल्य और मूल्यवान रत्न है. इसे ज्योतिष में ज्ञान, धन, स्वास्थ्य, विवाह, समृद्धि और मान-सम्मान का कारक माना जाता है. यह आमतौर पर पीले रंग का होता है, जो हल्के नींबू जैसे पीले से लेकर गहरे सुनहरे पीले तक हो सकता है.

ऐसे में अगर आप असली पुखराज नहीं पहनते हैं तो लाभ की जगह हानि हो सकती है. खासकर यदि यह नकली हो या सही ज्योतिषीय सलाह के बिना पहना जाए. इसके कारण नकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य संबंधी समस्या, आर्थिक नुकसान और रिश्तों में तनाव हो सकता है. इसलिए असली और नकली पुखराज के बीच पहचान करना बेहद जरूरी है.

ऐसे में अगर आप असली पुखराज नहीं पहनते हैं तो लाभ की जगह हानि हो सकती है. खासकर यदि यह नकली हो या सही ज्योतिषीय सलाह के बिना पहना जाए. इसके कारण नकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य संबंधी समस्या, आर्थिक नुकसान और रिश्तों में तनाव हो सकता है. इसलिए असली और नकली पुखराज के बीच पहचान करना बेहद जरूरी है.

असली पुखराज का रंग हल्का पीला से लेकर गहरा सुनहरा तक होता है और यह एक जैसा ही होता है. इसमें कोई हरा या भूरा रंग नहीं होना चाहिए.

असली पुखराज का रंग हल्का पीला से लेकर गहरा सुनहरा तक होता है और यह एक जैसा ही होता है. इसमें कोई हरा या भूरा रंग नहीं होना चाहिए.

पुखराज बहुत स्पष्ट होता है, लेकिन इसमें कुछ प्राकृतिक आंतरिक दरारें या समावेशन हो सकते हैं, जो इसे असली होने का संकेत देते हैं. अगर पत्थर में कोई भी समावेशन नहीं है या बहुत ज़्यादा बुलबुले दिख रहे हैं, तो वह नकली हो सकता है.

पुखराज बहुत स्पष्ट होता है, लेकिन इसमें कुछ प्राकृतिक आंतरिक दरारें या समावेशन हो सकते हैं, जो इसे असली होने का संकेत देते हैं. अगर पत्थर में कोई भी समावेशन नहीं है या बहुत ज़्यादा बुलबुले दिख रहे हैं, तो वह नकली हो सकता है.

असली पुखराज में एक प्राकृतिक और रेशमी चमक होती है, जो प्रकाश को शानदार ढंग से परावर्तित करती है. प्रकाश की अलग-अलग दिशाओं में देखने पर, यह दो अलग-अलग रंग दिखाता है. जो एक प्राकृतिक रत्न का महत्वपूर्ण संकेत है.

असली पुखराज में एक प्राकृतिक और रेशमी चमक होती है, जो प्रकाश को शानदार ढंग से परावर्तित करती है. प्रकाश की अलग-अलग दिशाओं में देखने पर, यह दो अलग-अलग रंग दिखाता है. जो एक प्राकृतिक रत्न का महत्वपूर्ण संकेत है.

असली पुखराज वजन में भारी महसूस होता है. वजन के हिसाब से भी इसकी पहचान की जा सकती है, असली पुखराज का वजन नकली पुखराज की तुलना में अधिक होता है.

असली पुखराज वजन में भारी महसूस होता है. वजन के हिसाब से भी इसकी पहचान की जा सकती है, असली पुखराज का वजन नकली पुखराज की तुलना में अधिक होता है.

Published at : 16 Nov 2025 08:00 AM (IST)

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आपके शहर की हवा कितनी जहरीली? Google Maps पर ऐसे देखें रियल-टाइम AQI, सिर्फ कुछ सेकंड में

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How to Check AQI: जैसे-जैसे दिल्ली सहित कई भारतीय शहरों में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है Google Maps ने यूज़र्स के लिए एक नया रियल-टाइम AQI ट्रैकर जारी किया है. इस फीचर की मदद से अब लोग अपने आसपास की हवा की गुणवत्ता को तुरंत जान सकेंगे और उसी के अनुसार अपनी दिनचर्या तय कर पाएंगे. नया अपडेट दुनिया के 40 से ज्यादा देशों के प्रदूषण डेटा को हर घंटे अपडेट करता है जिसमें भारत भी शामिल है.

पहले Google Maps पर AQI डेटा थोड़ी देरी से दिखाई देता था लेकिन अब लाइव रीडिंग उपलब्ध होंगी. इससे यूज़र्स बाहर निकलने, यात्रा करने या वर्कआउट की प्लानिंग करने से पहले हवा की स्थिति को समझ पाएंगे. यह फीचर खासकर उन शहरों में बेहद उपयोगी साबित होगा जहां प्रदूषण तेज़ी से बढ़ता या घटता है.

कलर-कोडेड AQI स्केल

एयर क्वालिटी को सहजता से समझाने के लिए Google Maps ने रंगों वाला AQI स्केल शामिल किया है. हर घंटे अपडेट होने वाले ये आंकड़े ऐप और डेस्कटॉप दोनों पर दिखाई देते हैं. AQI स्केल 0 से 500 तक चलता है जहां कम संख्या का मतलब साफ हवा है.

0–50: अच्छी हवा (हरा)

51–100: संतोषजनक (पीला)

101–200: सामान्य से खराब (नारंगी)

201–300: खराब (लाल)

301–400: बहुत खराब (बैंगनी)

401–500: बेहद खतरनाक (मैरून)

इन रंगों की मदद से यूज़र तुरंत समझ सकते हैं कि बाहर जाना सुरक्षित है या घर के अंदर ही रहना बेहतर होगा.

Google Maps पर AQI ऐसे देखें

Google ने इस फीचर को सरल और सभी के लिए उपयोगी बनाया है. कुछ आसान स्टेप्स में आप अपने इलाके की हवा की गुणवत्ता जान सकते हैं,

  • अपने Android या iOS डिवाइस पर Google Maps का लेटेस्ट वर्ज़न इंस्टॉल करें.
  • ऐप खोलें और सर्च बार में अपने शहर या लोकेशन का नाम डालें.
  • दाईं ओर दिख रहे लेयर्स वाले आइकन (stacked squares) पर टैप करें.
  • इसमें मौजूद विकल्पों में से Air Quality चुनें.
  • मैप पर दिख रही किसी भी रंगीन जगह पर टैप करें और वहां का AQI स्कोर देखें.

यह रियल-टाइम AQI फीचर लोगों को विशेष रूप से सर्दियों और भारी प्रदूषण वाले दिनों में अपनी सेहत का बेहतर ख्याल रखने में मदद करेगा.

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Gen Z और मिलेनियल्स पर बढ़ता तनाव, नौकरी की दिक्कतें और पैसों की टेंशन बनी बड़ी वजह

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85 साल के शख्स ने कार में लगाया मैप! एक गलत टर्न ने पहुंचाया 1500 किमी दूर क्रोएशिया

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दुनिया में कभी-कभी ऐसे किस्से हो जाते हैं जिन्हें सुनकर पहले डर लगता है, फिर हल्की-सी हंसी भी आ जाती है. एक ऐसा ही किस्सा फ्रांस से सामने आया है. यहां एक 85 साल के दादाजी सिर्फ अपने डॉक्टर के पास जाने निकले थे, जो उनके घर से बहुत पास था. लेकिन रास्ते में कुछ ऐसा हुआ कि दादाजी सीधा 12 मील दूर वाले डॉक्टर की जगह 1500 किलोमीटर दूर क्रोएशिया पहुंच गए. हां, उन्होंने अपनी कार चलाते-चलाते पूरा यूरोप पार कर दिया.

उनके घर वाले परेशान हो गए, पुलिस लग गई, सेना लग गई, मोबाइल ट्रैक किया गया और आखिर में पता चला कि दादाजी तो आराम से एक दूर देश के होटल में बैठे हैं. ये कहानी सोशल मीडिया पर इतनी वायरल हो रही है कि लोग इसे “दुनिया की सबसे लंबी डॉक्टर–यात्रा” कह रहे हैं.

कार चलाते हुए 85 साल के बुजुर्ग ने पार की तीन देशों की सीमाएं!

पिछले हफ्ते फ्रांस के एक छोटे से गांव चैटिलॉन-सुर-थौएट में रहने वाले 85 साल के दादाजी अपनी कार लेकर निकले. उनका डॉक्टर सिर्फ 12 मील दूर एयरवॉल्ट नाम की जगह पर था. आमतौर पर ये रास्ता सिर्फ आधे घंटे का था. लेकिन दादाजी ने सोचा कि जीपीएस लगा देते हैं ताकि रास्ता आसानी से मिल जाए. लेकिन असली कहानी तो यहीं से शुरू होती है. जीपीएस ने दादाजी को गलत दिशा दिखा दी. दादाजी को लगा कि यह रास्ता डॉक्टर के पास ही जा रहा है, तो वे अपनी कार चलाते रहे. चलाते रहे. और चलाते रहे. रास्ते बदलते गए, सड़कें बदलती गईं, बोर्ड बदलते गए. लेकिन दादाजी को लगा कि सब ठीक है. उन्होंने घंटों गाड़ी चलाई. फिर और कई घंटे. और बिना रुके 20 घंटे में फ्रांस, फिर इटली और फिर क्रोएशिया तक पहुंच गए. दादाजी को खुद भी नहीं समझ आया कि वे यूरोप में इतना घूम आए.

घर वाले हुए परेशान, सेना और पुलिस ने खोजने में लगा दी जान

उधर, इस बूढ़े शख्स की घर वापसी नहीं हुई. डॉक्टर के पास भी नहीं पहुंचे. और जिस मीटिंग में वे हमेशा जाते थे, वहां भी नहीं आए. उनके परिवार को चिंता होने लगी. उन्होंने आसपास पूछताछ की. पड़ोसियों ने कहा कि दादाजी सुबह निकले थे लेकिन लौटे नहीं. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. लेकिन दादाजी को ढूंढना आसान नहीं था. तब सेना ने उनके मोबाइल फोन को ट्रैक किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक दादाजी किसी बीमारी या याददाश्त की दिक्कत से नहीं जूझ रहे. बस इस बार जीपीएस की गलती से उनका “महान यूरोपीय सफर” बन गया. परिवार उन्हें लाने निकल चुका है. और दादाजी के पास अब घर पहुंचकर सुनाने के लिए बहुत दिलचस्प किस्से होंगे.

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यूजर्स को हजम नहीं हुई बात, करने लगे सवाल

सोशल मीडिया पर जैसे ही मामला वायरल हुआ वैसे ही इंटरनेट यूजर्स अपना माथा पकड़कर बैठ गए. एक यूजर ने लिखा…तीन देशों की सीमाएं पार की और किसी इमिग्रेशन से नहीं गुजरे ये तो हजम नहीं हो रहा. एक और यूजर ने लिखा…इंसान इतना मूर्ख कैसे हो सकता है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…1500 किमी चलते हुए लगा नहीं कि काफी देर हो गई. ये शख्स झूठ बोल रहा है, जांच होनी चाहिए.

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फातिमा सना शेख का वायरल हुआ नया पोस्ट, बाहों में बाहें डाल विजय वर्मा संग दिए रोमांटिक पोज

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फातिमा सना शेख और विजय वर्मा 'गुस्ताख इश्क' को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. फैंस भी इस फ्रेश केमिस्ट्री को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही है. अब फिल्म की लीड एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर तस्वीरें शेयर की हैं.

फातिमा सना शेख और विजय वर्मा ‘गुस्ताख इश्क’ को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. फैंस भी इस फ्रेश केमिस्ट्री को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही है. अब फिल्म की लीड एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर तस्वीरें शेयर की हैं.

अपने को–स्टार के बाहों में बाहें डाले फातिमा ने रोमांटिक पोज दिया है. सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस इस जोड़ी पर जमकर प्यार बरसा रहे हैं.

अपने को–स्टार के बाहों में बाहें डाले फातिमा ने रोमांटिक पोज दिया है. सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस इस जोड़ी पर जमकर प्यार बरसा रहे हैं.

'गुस्ताख इश्क' के स्टारकास्ट इस आउटफिट में खूब जच रहे हैं और फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. दोनों की ऑफ स्क्रीन केमिस्ट्री भी फैंस को बहुत भा रही है. पोस्ट शेयर करने के महज कुछ ही घंटों में ये वायरल हो गई और बहुत प्यार भी कमा रही है.

‘गुस्ताख इश्क’ के स्टारकास्ट इस आउटफिट में खूब जच रहे हैं और फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. दोनों की ऑफ स्क्रीन केमिस्ट्री भी फैंस को बहुत भा रही है. पोस्ट शेयर करने के महज कुछ ही घंटों में ये वायरल हो गई और बहुत प्यार भी कमा रही है.

आउटफिट की बात करें तो फातिमा सना शेख ने क्रीम कलर की डिजाइनर साड़ी कैरी की है. इसके साथ उन्होंने लैवेंडर कलर का ब्लाउज पेयर किया है जो उनपर बहुत जच रहा है. एक बार फिर उन्होंने अपने खूबसूरत अंदाज से फैंस को मुरीद बना किया है.

आउटफिट की बात करें तो फातिमा सना शेख ने क्रीम कलर की डिजाइनर साड़ी कैरी की है. इसके साथ उन्होंने लैवेंडर कलर का ब्लाउज पेयर किया है जो उनपर बहुत जच रहा है. एक बार फिर उन्होंने अपने खूबसूरत अंदाज से फैंस को मुरीद बना किया है.

मेकअप और एक्सेसरीज को भी एक्ट्रेस ने जबरदस्त तरीके से स्टाइल किया है. उन्होंने ग्लौसी मेकअप किया है और अपने बालों को खुला रखा है. चेन वाले इयरिंग्स और स्टेटमेंट रिंग के साथ उन्होंने अपना हे लुक कंप्लीट किया.

मेकअप और एक्सेसरीज को भी एक्ट्रेस ने जबरदस्त तरीके से स्टाइल किया है. उन्होंने ग्लौसी मेकअप किया है और अपने बालों को खुला रखा है. चेन वाले इयरिंग्स और स्टेटमेंट रिंग के साथ उन्होंने अपना हे लुक कंप्लीट किया.

वहीं विजय वर्मा की बात करें तो उनका ये ट्रेडीशनल कम मॉडर्न आउटफिट भी काफी अट्रैक्टिव लग रहा है. अपने चार्मिंग स्माइल और डैशिंग पर्सनैलिटी से एक्टर ने फैंस का दिल जीत किया है. फातिमा सना शेख संग उनकी केमिस्ट्री को देख आप भी दोनों के दीवाने हो जाएंगे.

वहीं विजय वर्मा की बात करें तो उनका ये ट्रेडीशनल कम मॉडर्न आउटफिट भी काफी अट्रैक्टिव लग रहा है. अपने चार्मिंग स्माइल और डैशिंग पर्सनैलिटी से एक्टर ने फैंस का दिल जीत किया है. फातिमा सना शेख संग उनकी केमिस्ट्री को देख आप भी दोनों के दीवाने हो जाएंगे.

बात करें 'गुस्ताख इश्क' की तो ये फिल्म 28 नवंबर को थिएटर्स में रिलीज होगी. फातिमा सना शेख और विजय वर्मा के साथ इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, विभु पूरी, शारिब हाशमी भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे.

बात करें ‘गुस्ताख इश्क’ की तो ये फिल्म 28 नवंबर को थिएटर्स में रिलीज होगी. फातिमा सना शेख और विजय वर्मा के साथ इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, विभु पूरी, शारिब हाशमी भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे.

Published at : 16 Nov 2025 07:11 AM (IST)

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