एक हफ्ते बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुए प्रेम चोपड़ा, इस वजह से होना पड़ा था एडमिट, जानें अब कैस

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बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर प्रेम चोपड़ा लीलावती हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गए हैं. पिछले एक हफ्ते से हॉस्पिटल में एक्टर का इलाज चल रहा था. कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नितिन गोखले और डॉ. जलील पारकर प्रेम चोपड़ा का ट्रीटमेंट कर रहे थे. अब एक्टर के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद डॉ. पारकर ने मीडिया से बात करते उनका हेल्थ अपडेट शेयर किया है. 

न्यूज एजेंसी एएनआई की मानें तो प्रेम चोपड़ा के परिवार ने बताया है कि उन्हें शनिवार, 15 नवंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. अब एक्टर घर पर रहकर ही रिकवर करेंगे. प्रेम चोपड़ा के दामाद विकास भल्ला ने इंडिया टुडे को बताया- ‘वो घर वापस आ गए हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं.’ बता दें कि प्रेम चोपड़ा 92 साल के हो चुके हैं. ऐसे में उन्हें ठीक होने में एक हफ्ते का समय लग गया.

बढ़ती उम्र की वजह से रिकवरी में लगा वक्त!
डॉ. पारकर ने प्रेम चोपड़ा का हेल्थ अपडेट देते हुए कहा- ‘प्रेम चोपड़ा एक जाने-माने हार्ट पेशेंट हैं. वायरल इंफेक्शन के साथ-साथ, उम्र संबंधी समस्याओं ने उनकी रिकवरी में थोड़ी देरी की है. उनकी हालत स्थिर है, उन्हें आईसीयू में नहीं रखा गया था और हमने उनका इलाज वार्ड में ही किया. कुछ दिनों में उन्हें घर पर काफी बेहतर महसूस होगा.’

400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं एक्टर
प्रेम चोपड़ा ने अपने लंबे करियर में बॉलीवुड की सैकड़ों फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं. उनके डायलॉग्स, उनका अंदाज और उनकी दमदार उपस्थिति आज भी दर्शकों को याद हैं. ‘बॉबी’ फिल्म का उनका मशहूर डायलॉग ‘प्रेम नाम है मेरा… प्रेम चोपड़ा’ आज भी दर्शकों की जुबान पर है. उन्होंने अपने करियर में लगभग 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. वह भारतीय सिनेमा के सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले कलाकारों में गिने जाते हैं. 2023 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.

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तेंदुआ पकड़ने गई पुलिस की टीम पर दरिंदे ने कर दिया हमला! रेस्क्यू करने में छूटे पसीने

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तेंदुआ बेहद खतरनाक और आदमखोर जंगली जानवर है. तेंदुए को सबसे हिम्मत वाला और साहस वाला जानवर भी माना जाता है. लेकिन आजकल इस जंगली जानवर का रुख जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाके की ओर हो गया है जहां आए दिन तेंदुए के मूमेंट की खबरें आती रहती हैं तो वहीं ये जानवर इंसानों पर हमला करने से भी गुरेज नहीं करता. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जहां तेंदुए के रेस्क्यू के लिए पहुंची पुलिस और जंगल की टीम पर एक तेंदुए ने हमला कर दिया. वीडियो देखकर आपकी रूह कांप उठेगी.

तेंदुए का रेस्क्यू करने गए पुलिस कर्मचारी पर हुआ दरिंदे का हमला!

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस और जंगल की टीम तेंदुए के रेस्क्यू के लिए शहर के किसी मोहल्ले में आई हुई है. तभी एक पुलिसवाला तेंदुए का सामना करने के लिए एक लट्ठ हाथ में लेकर जाता है. तभी सामने से तेंदुआ दहाड़ते हुए आता है और उस पुलिस कर्मचारी पर हमला कर देता है. हमले में पुलिस वाले को हल्की चोंटे आती है और वो वहां से तुरंत उठकर भाग निकलता है. उसे देखने के लिए उसके कुछ और साथी भी आते हैं लेकिन तेंदुए की घुर्राहट के सामने किसी की हिम्मत नहीं होती कि दोबारा उसके पास जा सकें.

वीडियो बना रहे शख्स की ओर भागा तेंदुआ

इसके बाद तेंदुआ वीडियो बना रहे शख्स की ओर दौड़ता हुआ आता है तो वीडियो बना रहा शख्स भी अपनी जान बचाने के लिए ऊपर की ओर भागता है. कुल मिलाकर तेंदुए का रेस्क्यू करने में टीम के बुरी तरह से पसीने छूट जाते हैं और कोई भी दोबारा हिमाकत नहीं करता. मामला महाराष्ट्र के कोल्हापुर के एक कॉलेज कैंपस का बताया जा रहा है जिसके आस पास शहर की बसावट है और वहीं तेंदुआ कहीं से आ पहुंचता है.

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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…तेंदुआ गरीब आदमी नहीं है साहब, उस पर जोर मत दिखाइए खा जाएगा. एक और यूजर ने लिखा…इस बहादुर पुलिस वाले को दिल से सलाम है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…तेंदुआ डंडे से नहीं डरता.

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खराब सिबिल स्कोर पर बैंक ने लोन ठुकराया? इस ट्रिक के इस्तेमाल से तुरंत बन जाएगा काम

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Loan With Poor Cibil Score: जीवन में ऐसे कई अवसर आते हैं, जब व्यक्ति को तुरंत ही पैसों की जरूरत होती है. ऐसे में अगर उन्होंने इमरजेंसी के लिए कोई फंड जोड़ रखा है, तब तो उनका काम आसानी से हो जाता है. लेकिन बहुत से लोगों के पास इस स्थिति से निपटने के लिए कोई इमरजेंसी फंड नहीं होती हैं.

ऐसे में बैंक से लोन लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है. वहीं बैंक लोन देने से पहले व्यक्ति की वित्तीय जानकारी और अन्य चीजों के बारे में खोजबीन करती है. बैंक मुख्य रुप से व्यक्ति की सिविल स्कोर की जानकारी लेती है.  सिविल स्कोर खराब होने पर बैंक लोन देने से मना कर देती है. अगर किसी व्यक्ति का सिविल स्कोर खराब है तो, क्या उसे लोन मिल सकता है? आइए जानते हैं सिबिल स्कोर खराब होने पर कैसे आप बैंक से लोन ले सकते है. 

सिबिल स्कोर खराब होने पर ऐसे मिलेगा लोन

अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है और बैंक ने आपको लोन देने से मना कर दिया हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे समय में आपकी बैंक एफडी आपका सहारा बन सकती है. ज्यादातर मामलों में कम सिबिल स्कोर होने पर भी बैंक एफडी के एवज में लोन पास कर देता है. हालांकि, लोन की राशि आपकी एफडी राशि पर निर्भर करती है.

एफडी पर मिलने वाला लोन एक तरह का सिक्योर्ड लोन होता है. इसमें बैंक आपकी क्रेडिट हिस्ट्री नहीं देखते, क्योंकि आपके लोन की पूरी गारंटी आपकी एफडी ही होती है. अगर किसी वजह से आप लोन वापस नहीं कर पाते, तो बैंक आपकी एफडी से लोन की रकम की भरपाई करती हैं. इसलिए खराब सिबिल स्कोर की स्थिति में एफडी पर लोन लेना एक आसान और भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकता है.

सिबिल स्कोर ऐसे सुधरेगा

एफडी की राशि पर 90 फीसदी तक लोन लिया जा सकता है. यानी कि, अगर आपकी एफडी 1 लाख रुपए की हैं तो, आप 90 हजार रुपए तक का लोन ले सकते हैं. अगर आपने एफडी पर लिए गए लोन राशि का सही समय पर भुगतान कर दिया तो आपके सिबिल स्कोर में सुधार हो सकता है. आप एफडी लोन राशि का भुगतान करके 100 पॉइंट तक अपने सिबिल स्कोर को सुधार सकते हैं.  

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माइक्रोनेशिया के विदेश सचिव के निधन पर एस जयशंकर ने व्यक्त किया शोक, जानें क्या कहा

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार (16 नवंबर) को माइक्रोनेशिया के विदेश सचिव लोरिन एस रॉबर्ट के निधन पर शोक व्यक्त किया. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “माइक्रोनेशिया के विदेश सचिव लोरिन एस रॉबर्ट के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ. मैं उनके परिवार और माइक्रोनेशिया के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाए व्यक्त करता हूं”

इससे पहले 3 नवंबर को एस जयशंकर ने संघीय माइक्रोनेशिया राज्यों (एफएसएम) को उनके स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं दी थीं. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “विदेश सचिव लोरिन एस. रॉबर्ट और संघीय माइक्रोनेशिया राज्यों की सरकार और लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं.” भारत और माइक्रोनेशिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हैं.

प्रशांत द्वीपीय देशों के लिए परियोजना
भारत-यूएनडीपी निधि के अंतर्गत प्रशांत द्वीपीय देशों (पीआईसी) के लिए 7 जलवायु पूर्व चेतावनी प्रणालियां नाम की परियोजना प्रगति पर है. इसका उद्देश्य 7 प्रशांत द्वीपीय देशों की सरकारों की जलवायु संबंधी आपदाओं के लिए तैयारी करने, उनका जवाब देने और उनसे उबरने की क्षमता को बढ़ाना है.

सौर ऊर्जाकरण में एफएसएम की मदद कर रहा भारत
भारत-यूएनडीपी कोष के माध्यम से 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत वाली माइक्रोनेशिया की राष्ट्रीय लैंगिक मशीनरी को सुदृढ़ बनाने के लिए एफएसएम की सहायता कर रहा है. सभी प्रशांत द्वीप समूहों में राष्ट्राध्यक्षों के आवास/कार्यालयों के सौर ऊर्जाकरण की परियोजना के एक भाग के रूप में भारत यूएनडीपी कोष के अंतर्गत राष्ट्राध्यक्षों के आवास/कार्यालयों के सौर ऊर्जाकरण में भी एफएसएम की सहायता कर रहा है.

भारत-प्रशांत द्वीपसमूह सहयोग मंच की भारत ने की थी मेजबानी 
सितंबर में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में भारत-प्रशांत द्वीपसमूह सहयोग मंच (FIPIC) के विदेश मंत्रियों की बैठक (FMM) की मेज़बानी की थी, जिसमें FIPIC-III शिखर सम्मेलन में 12-सूत्रीय कार्य योजना की प्रगति को लेकर चर्चा की गई थी. 80वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के अवसर पर आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रशांत द्वीप देशों के विकास साझेदार के रूप में भारत की भूमिका का जिक्र किया गया.

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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट्स टेबल में टीम इंडिया को नुकसान, दक्षिण अफ्रीका की लंबी छलांग

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भारत को पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 30 रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है. इस हार से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की पॉइंट्स टेबल में टीम इंडिया को नुकसान हुआ है. अंक तालिका में टीम इंडिया चौथे स्थान पर चली गई है, जबकि गत चैंपियन दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर आ गई है. कोलकाता टेस्ट में आई हार से भारतीय टीम की फाइनल खेलने की उम्मीदों को फिर से झटका लगा है.

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की पॉइंट्स टेबल

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की पॉइंट्स टेबल में भारतीय टीम अब 8 मैचों में चार जीत के बाद चौथे स्थान पर है. उसका पॉइंट्स प्रतिशत 54.17 का है. ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका टेबल में अभी टीम इंडिया से ऊपर हैं. भारत के बाद पांचवें स्थान पर पाकिस्तान है, जिसका पॉइंट्स प्रतिशत अभी 50 है.

  1. ऑस्ट्रेलिया
  2. दक्षिण अफ्रीका
  3. श्रीलंका
  4. भारत
  5. पाकिस्तान

दक्षिण अफ्रीकी टीम पाकिस्तानी सरजमीं पर पाक टीम के साथ टेस्ट सीरीज एक-एक से ड्रॉ खेलकर आ रही है. अब कोलकाता टेस्ट जीतकर उसने यह सुनिश्चित कर लिया है कि टीम इंडिया उसे सीरीज में हरा नहीं सकती. टेंबा बावुमा का भी बतौर कप्तान टेस्ट जीतने का सिलसिला बरकरार है. बावुमा की कप्तानी में अब तक दक्षिण अफ्रीका ने 11 में से 10 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा था.

भारतीय टीम से चेज नहीं हुए 124 रन

दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 159 रन बनाए थे, इसके जवाब में भारत की पहली पारी 189 रनों पर समाप्त हुई थी. 30 रनों की बढ़त देखने में मामूली लगती है, लेकिन कोलकाता की पिच जैसा बर्ताव कर रही थी उसपर 10 रनों की बढ़त भी बहुत बड़ा अंतर पैदा कर सकती है.

दक्षिण अफ्रीका ने तीसरी पारी में 153 रन बनाए, इसलिए पहली पारी में बढ़त के आधार पर भारत को 124 रनों का लक्ष्य मिला. भारत की पूरी टीम सिर्फ 93 रनों पर ऑलआउट हो गई और 30 रन से मैच हार गई.

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चाय बनाने का अनोखा जुगाड़! कुकर में सब्जी की तरह उबाली चाय फिर लगा दी सीटी- वीडियो वायरल

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सोशल मीडिया की दुनिया में एक से बढ़कर एक अतरंगी जुगाड़ रोज सामने आते रहते हैं लेकिन इस बार मामला जरा हटकर है. चाय के नाम पर लोग आमतौर पर केतली. पतीला या सॉसपैन का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इंटरनेट पर इस समय जो वीडियो वायरल हो रहा है उसने ‘चाय’ जैसी साधारण चीज को भी एक रोमांचक स्टंट में बदल दिया है. इस वीडियो में चाय बनाने की ऐसी ‘निंजा टेक्निक’ दिखाई गई है जिसे देखकर एक पल को लगता है कि चाय नहीं. मानो किसी मिशन की तैयारी चल रही हो.

चाय बनाने की निंजा टेक्निक हो रही वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. वीडियो में चाय बनाने का तरीका बिल्कुल ट्रैडिशनल नहीं. बल्कि ‘निंजा स्टाइल’ बताया जा रहा है. वीडियो की शुरुआत होती है एक प्रेशर कुकर से. जिसमें चाय पत्ती. दूध. चीनी और अदरक-इलायची वगैरह वो सारे मसाले डाले जाते हैं जो आमतौर पर लोग अपने स्वाद के अनुसार चाय में मिलाते हैं. लेकिन फर्क बस इतना है कि यहां ये सब कुछ कुकर में सीधे डाल दिया जाता है. मानो किसी स्पेशल डिश की तैयारी हो रही हो.


प्रेशर कुकर में बनाई चाय

इसके बाद वीडियो में दिखाया जाता है कि कुकर को अच्छी तरह से बंद कर गैस पर चढ़ाया जाता है और उसमें बाकायदा सीटी लगाई जाती है. चाय बनने की इस निंजा प्रक्रिया को देखकर कई यूजर्स हैरान हैं कि आखिर कोई चाय के लिए कुकर क्यों इस्तेमाल करेगा. जबकि दूसरी तरफ कुछ लोग इसे ‘सही इनोवेशन’ बता रहे हैं और कह रहे हैं कि इससे मसालों का स्वाद और भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग आता होगा. बहरहाल आखिर में चाय बनकर तैयार होती है और उसे कप में छान लिया जाता है.

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यूजर्स ने ले लिए मजे

वीडियो को mosrrat_creation_4 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई चाय में सीटी कितनी लगानी है ये तो बताया ही नहीं. एक और यूजर ने लिखा…अरे भाई चाय गली नहीं है, चार सीटी और लगाओ. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भाई चाय के साथ छेड़छाड़ मत करो, चाय को चाय ही रहने दो.

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BSNL का धमाका! महज इतने रुपये में मिलेगा अनलिमिटेड कॉल और 2.5GB डेली डेटा, जानिए पूरे बेनिफिट्स

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BSNL Silver Jubilee Plan: BSNL ने अपनी 25वीं वर्षगांठ पर एक खास Silver Jubilee प्रीपेड प्लान पेश किया है जिसमें कम कीमत में कई प्रीमियम फायदे दिए जा रहे हैं. पिछले कुछ समय से BSNL लगातार किफायती और बेहतरीन वैल्यू वाले प्लान लॉन्च कर रहा है जिससे कंपनी की सब्सक्राइबर संख्या भी बढ़ी है. TRAI की हालिया रिपोर्ट भी इसी बढ़त की पुष्टि करती है.

BSNL का Silver Jubilee Plan

इस प्लान की कीमत 225 रुपये है और ये एक नया प्रीपेड प्लान है जो यूजर्स के लिए कई आकर्षक सुविधाओं के साथ आया है. इसमें शामिल हैं अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग, 100 फ्री SMS प्रति दिन, रोज 2.5GB हाई-स्पीड डेटा, जिसके बाद स्पीड कम हो जाती है लेकिन डेटा चलता रहता है.

सबसे खास फीचर है BiTV का फ्री एक्सेस, जहां यूजर 350+ लाइव टीवी चैनल और कई OTT ऐप इंटीग्रेशन का मज़ा ले सकते हैं. कम कीमत में इतने फायदे इसे वैल्यू-फॉर-मनी तलाश रहे ग्राहकों के लिए बेहतरीन विकल्प बनाते हैं.

BSNL का Re 1 प्लान

BSNL का चर्चित Re 1 रिचार्ज प्लान भी सीमित समय के लिए उपलब्ध है और यह 18 नवंबर को खत्म हो जाएगा. यह प्लान सिर्फ नए SIM यूजर्स के लिए है. इसमें मिलता है:

  • 30 दिनों की वैधता
  • अनलिमिटेड वॉइस कॉल
  • रोज 2GB हाई-स्पीड डेटा
  • 100 SMS प्रति दिन
  • फ्री नेशनल रोमिंग

यह प्लान पहली बार 15 अगस्त को पेश किया गया था और दीवाली के लिए इसे दोबारा सक्रिय किया गया है.

बाजार में BSNL की मजबूत वापसी

कम कीमत, बेहतरीन डेटा बेनिफिट्स, OTT एक्सेस और लंबी वैधता BSNL के ये नए प्लान निजी टेलीकॉम कंपनियों के सामने मजबूत विकल्प बनकर उभर रहे हैं. किफायती प्लान ढूंढ रहे यूजर्स के लिए ये ऑफर काफी आकर्षक साबित हो सकते हैं.

Reliance Jio का साल भर वाला प्लान

Reliance Jio का 3999 रुपये प्लान हर दिन 2.5GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 100 SMS देता है. इसमें अनलिमिटेड 5G डेटा और 90 दिनों के लिए JioHotstar Mobile/TV का सब्सक्रिप्शन भी शामिल है. साथ ही 50GB का JioAICloud स्टोरेज मुफ्त मिलता है.

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चीन ने अंतरिक्ष में क्यों भेजे थे चूहे, ड्रैगन के इस खास मिशन के पीछे क्या छिपा है राज, जानें

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चीन ने एक बार फिर से अपने कारनामों से दुनिया को चौंका दिया है. हाल ही में चीन के शेनझोउ-21 अंतरिक्ष मिशन से लौटाए गए जीव विज्ञान नमूने शनिवार (15 नवंबर 2025) तड़के बीजिंग के स्पेस एप्लिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर पहुंचे. ग्लोबल टाइम्स और चीनी विज्ञान अकादमी की रिपोर्ट के अनुसार इस बार जो बैच धरती पर लौटकर आया है, उसे खास माना जा रहा है, क्योंकि इसमें चार चूहे, ज़ेब्रा फिश, प्लैनेरियन, हॉर्नवॉर्ट, ब्रेन ऑर्गेनॉइड और सूक्ष्मजीव स्ट्रेप्टोमाइस शामिल हैं. कुल वजन लगभग 46.67 किलोग्राम है और ये 26 शोध योजनाओं से संबंधित हैं.

चूहे जैसे जीवित नमूनों को केंद्र में पहुंचते ही तुरंत संभाला गया. वहां वैज्ञानिक उनके व्यवहार, शारीरिक बदलावों और जैविक प्रतिक्रियाओं का अध्ययन शुरू कर चुके हैं. अंतरिक्ष में रहने से शरीर किस तरह बदलता है. इम्यून सिस्टम कैसे रिएक्शन देती है और न्यूरो सिस्टम में क्या अंतर आता है. इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी. अगले चरण में इन पर सेल लेवल पर स्टडी होगी, ट्रांसक्रिप्टोमिक और प्रोटिओमिक विश्लेषण होंगे. यह शोध भविष्य में मानव अंतरिक्ष यात्राओं और लंबी अवधि के चंद्र या ग्रह मिशनों की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

अंतरिक्ष से लौटी एडवांस चीजें नए वैज्ञानिक संकेत

जीव विज्ञान के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सामग्री विज्ञान नमूने भी धरती पर वापस लाए गए. इनमें टंगस्टन–हाफ़नियम मिश्रधातु, नई चुंबकीय सामग्री, रिलैक्सर फेरोइलेक्ट्रिक क्रिस्टल और विशेष दहन नमूने शामिल हैं. अंतरिक्ष में मौजूद माइक्रोग्रेविटी वातावरण में किसी भी पदार्थ का व्यवहार धरती से बिल्कुल अलग होता है. ऐसे माहौल में क्रिस्टल बनावट, ठोस होने की प्रक्रिया, रासायनिक संरचना और Electromagnetic properties अजीब तरह से बदल जाते हैं. बीजिंग में शोधकर्ता इस बात का गहराई से अध्ययन करेंगे कि इन सामग्रियों में अंतरिक्ष के कारण क्या परिवर्तन आए. इन परिणामों से भविष्य में ऐसी नई तकनीकों का रास्ता खुलेगा, जिनका उपयोग चंद्र आधार के निर्माण, अधिक मजबूत सौर पैनलों, विशेष ऑप्टिकल फाइबर और सुरक्षित अंतरिक्ष संचार प्रणालियों में किया जा सकेगा.

आग के व्यवहार की नई समझ

शेनझोउ-21 से वापस आए फायर साइंस नमूने भी वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. अंतरिक्ष स्टेशनों में आग का व्यवहार पृथ्वी से अलग होता है, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण के अभाव में ताप, ऑक्सीजन और गैसों का प्रवाह पूरी तरह बदल जाता है. लौटाए गए नमूनों के आधार पर विशेषज्ञ यह जानने की कोशिश करेंगे कि ईंधन कैसे जलता है, लौ किस आकार में बनती है और तापमान किस तरह घूमता है. इस तरह के अध्ययन से भविष्य के अंतरिक्ष यानों में सुरक्षा बढ़ेगी, ऊर्जा प्रणालियां अधिक प्रभावी बनेंगी और लंबी अवधि वाले स्पेस मिशनों में आग से जुड़ी संभावित समस्याओं से निपटना आसान होगा.

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प्रकाश-हेमा से पहले धर्मेंद्र का इस लड़की पर आया था दिल, बंटवारे ने कर दिया था जुदा

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बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र हाल ही में अपनी तबीयत को लेकर चर्चा में आ गए थे. उम्र के कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत और कुछ हेल्थ इश्यू हुए, जिसकी वजह से फैन्स काफी चिंतित हो गए. इतना ही नहीं, उनकी सेहत को लेकर अफवाहें भी फैलने लगी थीं.

लेकिन 12 नवंबर को उनकी तबीयत में सुधार हो गया और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई. उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने भी राहत जताई और फैन्स का शुक्रिया अदा किया. धर्मेंद्र और हेमा की लव स्टोरी बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत कहानियों में से एक मानी जाती है, लेकिन धर्मेंद्र एक बार यह बता चुके हैं कि प्यार का पहला एहसास उन्हें हेमा जी से मिलने से बहुत पहले ही हो गया था. 

कौन थी धर्मेंद्र की पहली पसंद?
धर्मेंद्र बचपन में पंजाब के एक छोटे से गांव में रहते थे, वो भी 1947 के बंटवारे से पहले. उसी गांव में उनकी पहली पसंद एक लड़की थी हमीदा, जो उनके स्कूल टीचर की बेटी थी. हमीदा उनसे बड़ी थी, वह आठवीं में पढ़ती थी और धर्मेंद्र छठी में.

वहीं एक बार धर्मेंद्र अपने बेटे बॉबी देओल के साथ सलमान खान के शो ‘दस का दम’ में, में आए थे, धर्मेंद्र ने मुस्कुराते हुए बताया कि कैसे वह चुपके-चुपके हमीदा को देखते थे और चाहते थे कि काश वो उसके पास बैठ पाते. उन्होंने कहा था, “हम मन ही मन ही सब कहते रहते थे… ठंडी आहें भरते रहते थे… सामने वाली को कुछ पता ही नहीं था.”

हमीदा को कभी उनके दिल की बात का पता नहीं चला, क्योंकि धर्मेंद्र बहुत शर्मीले थे और उन्होंने अपने मन की बात कभी कही ही नहीं. उन्होंने इस बचपन वाले पहले प्यार को अपने दिल में ही छिपाए रखा, और बाद में उसी एहसास को एक कविता में लिखकर हमेशा के लिए अमर कर दिया.

प्रकाश-हेमा से पहले धर्मेंद्र का इस लड़की पर आया था दिल, 1947 के बंटवारे ने तोड़ दी पहली मोहब्बत

धर्मेंद्र ने सुनाई प्यार की कहानी
शो में जब बॉबी देओल ने उस कविता का ज़िक्र किया, तो धर्मेंद्र ने बताया कि ये कविता उन्होंने अपने स्कूल के दिनों में लिखी थी, जब देश का बंटवारा भी नहीं हुआ था. उन्होंने कहा, “मैं तब पढ़ता था… पार्टीशन नहीं हुआ था.” फिर उन्होंने अपने बचपन के उस मासूम प्यार की कहानी सुनाई, “मैं छोटा था, उम्र भी मासूम थी. एक लड़की थी, जिसके पास जाने का मन करता था.

वह हमारी 8वीं क्लास की छात्रा थी और मैं 6वीं में था. वह हमारे स्कूल के टीचर की बेटी थी, नाम था हमीदा.” बंटवारे के वक्त 1947 में हमीदा अपने परिवार के साथ पाकिस्तान चली गई और धर्मेंद्र भारत में रह गए. दोनों फिर कभी नहीं मिले, लेकिन अपनी पहली मोहब्बत की यादें धर्मेंद्र के दिल में हमेशा रहीं.

उन्होंने उन मीठी, मासूम बातचीतों को भी याद किया, “वह हल्के से मुस्कुरा देती थी तो मैं उसके पास चला जाता था. वह चुप रहती थी और मैं सिर झुका लेता था. वह कुछ और पूछती थी और मैं कुछ और जवाब दे देता था. वह कहती थी, ‘उदास मत हो, धरम… सब ठीक हो जाएगा.’ वह चली जाती थी और मैं बस सोचता रह जाता था ‘सवाल क्या था, यार?’”

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चौका लगाते ही शुभमन गिल के कंधे में क्यों होने लगा तेज दर्द, कितनी खतरनाक है यह दिक्कत?

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Shubman Gill neck injury: कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय कप्तान शुभमन गिल को स्वीप शॉट से चौका लगाने के तुरंत बाद गर्दन में खिंचाव आ गया. वॉशिंगटन सुंदर के आउट होने के बाद गिल 35वें ओवर में बल्लेबाजी करने उतरे और आते ही एक जबरदस्त स्वीप लगाकर चौका जड़ा. उस शॉट के बाद उन्हें अचानक तेज दर्द महसूस हुआ और वे अपनी गर्दन पकड़ते हुए रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए. बीसीसीआई ने बताया कि गिल अस्पताल में एडमिट हैं और वह पहले टेस्ट मैच से बाहर हो चुके हैं. आइए जानते हैं कि चौका लगाते ही गिल के कंधे में क्यों हुआ तेज दर्द और यह कंडीशन कितनी खतरनाक है?

शुभमन को क्या दिक्कत?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुभमन गिल को इलाज के लिए ICU में शिफ्ट किया गया है, जहां मेडिकल टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रख रही है. स्कैन और MRI की सभी जांचें पूरी हो चुकी हैं. भारतीय कप्तान को गर्दन के पास तेज दर्द की शिकायत थी, इसी कारण उन्हें बेहतर देखभाल के लिए ICU में भर्ती किया गया. अच्छी बात यह है कि शुरुआती रिपोर्ट्स में उनकी स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. ताजा अपडेट के अनुसार, शुभमन गिल को गर्दन में स्पैसम है, जिसकी वजह से उन्हें सांस लेने और शरीर हिलाने-डुलाने में दिक्कत हो रही है. उन्हें निगरानी के लिए वुडलैंड्स हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है.

गर्दन में खिंचाव कितना खतरनाक?

Mayo Clinic के अनुसार, अचानक होने वाला गर्दन का दर्द अक्सर मांसपेशियों के तनाव, गलत मूवमेंट या नस पर दबाव के कारण होता है. शुभमन गिल के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिली. स्वीप शॉट लगाते वक्त उनका ऊपरी शरीर तेजी से घूम गया, जिससे गर्दन की मांसपेशियों पर अचानक जोर पड़ा और स्पैसम की स्थिति बन गई. यही वजह रही कि चौका लगाने के तुरंत बाद उन्हें तीखा दर्द महसूस हुआ और वह रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए. तमाम मेडिकल रिपोर्ट्स बताती हैं कि, गर्दन की मांसपेशियों में अचानक पड़ा खिंचाव आम तौर पर हल्का होता है, लेकिन कभी-कभी यह नस पर दबाव, टिश्यू इंजरी या सर्वाइकल स्पाइन पर स्ट्रेस पैदा कर सकता है. ऐसे मामलों में दर्द तेज हो सकता है और सिर घुमाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए खिलाड़ियों में ऐसे दर्द को हल्के में नहीं लिया जाता और तुरंत स्कैन करने की सलाह दी जाती है.

कब यह ज्यादा दिक्कत कर सकती है

Mayo Clinic के अनुसार, वैसे तो यह कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, इलाज करवाने के बाद. लेकिन अगर खिचाव-दर्द के साथ कुछ लक्षण दिखें तो यह सावधानी लायक हो सकता है. जैसे कि

  • दर्द लगातार बने रहना या दिनों में कम न होना
  • दर्द के साथ बाजू-हाथ या कंधे में कमजोरी, सुन्न होना, टिंगलिंग महसूस होना
  • इनमें से कोई भी मिले तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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