दुल्हन के पिता ने शादी में ठुमकों से उड़ाया गर्दा! ब्रेक डांस से सभी को किया हैरान- शर्मा गए…

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शादियों में डांस तो सब करते हैं लेकिन कुछ पल ऐसे होते हैं जो सिर्फ यादों में नहीं. बल्कि पूरे इंटरनेट पर छा जाते हैं. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही जबरदस्त वीडियो वायरल हो रहा है जिसने शादी-ब्याह के मजे को एक नए लेवल पर पहुंचा दिया है. वीडियो किसी दूल्हा-दुल्हन का नहीं. बल्कि दुल्हन के पिता का है. जी हां. एक पिता अपनी बेटी के बड़े दिन को इतना खास बनाने में जुट जाता है कि स्टेज पर आते ही पूरा माहौल बदल देता है. ब्लैक आउटफिट. क्लासिक कॉन्फिडेंस और फिल्मी करिश्मे से भरे ठुमके. यह सब मिलाकर ऐसा लगता है मानों भारतीय शादी नहीं. बल्कि किसी म्यूजिक वीडियो का सेट हो. लोग कहते नहीं थक रहे कि “अंकल में तो सच में माइकल जैक्सन की आत्मा आ गई.”

दुल्हन के पिता ने किया जोरदार ब्रेक डांस!

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने शादी की दुनिया में नयी हलचल पैदा कर दी है. वीडियो एक खूबसूरत स्टेज से शुरू होता है जहां रोशनी. सजावट और माहौल पहले ही शादी की खुशियों को बयां कर रहा है. तभी स्टेज पर एंट्री होती है दुल्हन के पिता की. ब्लैक आउटफिट. दमदार एनर्जी और चेहरे पर जबरदस्त कॉन्फिडेंस. शुरुआत के कुछ सेकंड में ही पता चल जाता है कि यह कोई साधारण डांस नहीं होने वाला.


हर तरफ हूटिंग का शोर और बजती तालियां!

अंकल के स्टेप्स इतने स्मूद और एनर्जेटिक लग रहे हैं कि कई यूज़र्स ने तो उन्हें ‘माइकल जैक्सन ऑफ इंडिया’ तक कह दिया है. खास बात यह है कि न केवल स्टेप्स बल्कि उनकी टाइमिंग. एक्सप्रेशन और मंच पर पकड़ भी बेहद शानदार है. वीडियो में बार-बार हूटिंग. क्लैपिंग और शोर सुनाई देता है. जिससे मालूम होता है कि मेहमान भी इस परफॉर्मेंस से पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो चुके थे.

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यूजर्स ने भी माना अंकल का लोहा

जैसे ही म्यूजिक बीट पकड़ता है. अंकल स्टेज पर पूरा धमाका कर देते हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि वो स्टेप्स नहीं कर रहे. बल्कि परफॉर्म कर रहे हैं. ब्रेक डांस का ऐसा तड़का लगाते हैं जिसे देखकर वहां मौजूद युवाओं में भी हलचल मच जाती है. किसी ने कमेंट किया. “अंकल ने तो शादी में अग्नि परीक्षा पास कर ली.” तो किसी ने लिखा. “भाई. ये पिता नहीं. पूरे लेजेंड हैं.” वीडियो को wonderzwork नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

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भारत के कितने क्रिकेटरों के पास है Lamborghini कार? रोहित की कार की स्पीड 300 से ज्यादा

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भारत के हर गली-मोहल्ले में क्रिकेट खेला जाता है, लोकप्रियता इतनी है कि जो प्लेयर टीम इंडिया के लिए एक मैच भी खेल ले, वो किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं होता. एमएस धोनी को बाइक्स का शौक रहा है, वहीं हार्दिक पांड्या महंगी घड़ियों के शौकीन हैं. ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों के पास महंगी-महंगी गाड़ियां भी हैं. रोहित शर्मा को अक्सर लैम्बोर्गिनी उरुस में घूमते देखा जाता है. यहां उन भारतीय क्रिकेटरों की लिस्ट देखिए, जिनके कार कलेक्शन में लैम्बोर्गिनी गाड़ी मौजूद है.

इन क्रिकेटरों के पास Lamborghini कार

रोहित शर्मा: सूची में सबसे पहला नाम रोहित शर्मा का है, जिन्होंने इसी साल अगस्त में नई लैम्बोर्गिनी उरुस खरीदी है. उनके पास पहले भी लैम्बोर्गिनी उरुस थी, जिसे उन्होंने ड्रीम11 फैंटेसी क्रिकेट के विजेता को तोहफे में दे दिया था. उनकी नई कार लाल रंग की है. भारत में इस कार की कीमत 4.2 करोड़ से शुरू होती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गाड़ी की उच्चतम स्पीड 312 kmph तक चली जाती है.

विराट कोहली: बताया जाता है कि विराट कोहली के कार कलेक्शन में लैम्बोर्गिनी एवेंटाडोर मौजूद है. ये गाड़ी 2.9 सेकेंड में 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ लेती है. भारत में इस मॉडल की कीमत लगभग 5 करोड़ से शुरू होती है.

सचिन तेंदुलकर: दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटरों में से एक सचिन तेंदुलकर के पास नीले रंग की लैम्बोर्गिनी उरुस एसई है, जिसकी कीमत 5.4 करोड़ रुपये बताई जाती है. मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार उनके पास फरारी से लेकर BMW और पोर्शे कंपनी की कार भी मौजूद है.

केएल राहुल: केएल राहुल के पास लैम्बोर्गिनी हुराकान स्पाइडर है, जो देखने में बेहद स्टाइलिश कार है. ये 3.4 सेकेंड में 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ लेती है. इसकी कीमत 4.10 करोड़ है.

युवराज सिंह: युवराज सिंह के पास भी कई लक्जरी कार हैं, जिनमें से एक लैम्बोर्गिनी मर्सिएलागो एलपी 640-4 है, जो ऑरेंज रंग की है. भारत में इसकी कीमत 2.60 करोड़ रुपये से शुरू होती है.

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एनटीपीसी की बड़ी तैयारी, देश में 700MW से 1600MW तक के लगेंगे नए न्यूक्लियर प्लांट

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NTPC Nuclear Projects: सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी देश के विभिन्न स्थानों पर 700 मेगावाट, 1,000 मेगावाट और 1,600 मेगावाट क्षमता वाली परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की योजना बना रही है. कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

एनटीपीसी का लक्ष्य 2047 तक भारत की प्रस्तावित 100 गीगावाट परमाणु क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी (30 गीगावाट) हासिल करना है. उद्योग के अनुमान के अनुसार, एक  गीगावाट क्षमता वाले परमाणु संयंत्र के लिए 15,000-20,000 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होती है और आमतौर पर इसकी शुरुआत से इसे चालू करने तक में तीन साल का समय लगता है. 

कंपनी इन राज्यों में तलाश रही है जमीन

कंपनी की परमाणु विस्तार योजनाओं पर जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि, एनटीपीसी वर्तमान में गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में भूमि विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है.    कंपनी की रणनीतिक योजना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘‘परमाणु परियोजनाओं की क्षमता क्रमशः 700 मेगावाट, 1,000 मेगावाट और 1,600 मेगावाट होगी.’’

एनटीपीसी परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा चिन्हित और अनुमोदित राज्यों में परमाणु ऊर्जा विकास कार्य जारी रखेगी.   

यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता

अधिकारी ने आगे कहा, परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड स्थलों को मंजूरी देगा और एनटीपीसी उसी के अनुरूप परियोजनाओं को क्रियान्वित करेगी. कंपनी ने कच्चे माल के मोर्चे पर भी प्रयास शुरू कर दिए हैं और विदेशों में यूरेनियम परिसंपत्तियों के अधिग्रहण की संभावना तलाश रही है. यूरेनियम, एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला धात्विक तत्व है और यह परमाणु रिएक्टर में प्रयुक्त होने वाला प्राथमिक ईंधन है. एनटीपीसी ने विदेशों में यूरेनियम परिसंपत्तियों की संयुक्त तकनीकी-व्यावसायिक जांच-परख के लिए यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के साथ एक समझौते के मसौदे पर पहले ही हस्ताक्षर कर दिए हैं. 

प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर, एनटीपीसी 700 मेगावाट और 1,000 मेगावाट के संयंत्रों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित दाबयुक्त भारी जल रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) स्थापित करने की योजना बना रही है. अधिकारी ने कहा, ‘‘1,600 मेगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए, हम तकनीकी सहयोग पर विचार कर सकते हैं.’’ वर्ष 1975 में एक ताप विद्युत उत्पादक के रूप में स्थापित, एनटीपीसी लिमिटेड ने लगातार विस्तार किया है और नए ऊर्जा स्रोतों में विविधीकरण किया है. 

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2030 तक इंसान होगा अमर? AI रोक देगी मौत! वैज्ञानिक के दावे ने दुनिया में मचा दिया तहलका

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AI By 2030: अमरता एक ऐसा सपना है जिसे इंसान सदियों से पूरा करना चाहता रहा है. लेकिन अब इस सपने को नया मोड़ दिया है एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक ने जिन्होंने दावा किया है कि 2030 तक इंसान मौत को मात दे सकेगा. यह दावा सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि तेजी से विकसित हो रही AI, बायोटेक्नोलॉजी और नैनो टेक्नोलॉजी पर आधारित है. वैज्ञानिक के अनुसार आने वाले कुछ सालों में तकनीक इतनी आगे बढ़ जाएगी कि शरीर की कमजोरियां, बीमारियां और उम्र का असर लगभग खत्म कर दिया जाएगा.

AI कैसे रोकेगी मौत?

AI आज सिर्फ चैटबॉट या रोबोट बनाने तक सीमित नहीं है. यह अब शरीर के अंदर होने वाली प्रक्रियाओं को समझने, बीमारी को पहचानने और दवाई तय करने जैसे कामों में इंसान से भी तेज हो चुकी है. वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में AI हमारे शरीर का लाइव स्कैन करती रहेगी और किसी भी बीमारी, दिल की समस्या, अंग फेल होने या कैंसर जैसी स्थिति को समय रहते रोक देगी.

AI की मदद से ऐसे डिजिटल डॉक्टर तैयार किए जा रहे हैं जो शरीर के अंदर नैनोबॉट्स भेजकर खराब कोशिकाओं को ठीक कर सकेंगे DNA की मरम्मत कर सकेंगे और उम्र बढ़ने के कारण होने वाले नुकसान को पलट सकेंगे.

नैनोबॉट्स- शरीर के अंदर चलेंगे माइक्रो रोबोट

अमरता की दौड़ में सबसे बड़ा हथियार होंगे नैनोबॉट्स. ये बेहद छोटे रोबोट होंगे जो खून के साथ शरीर में घूमते रहेंगे और बीमार कोशिकाओं, बैक्टीरिया, वायरस और उम्र के असर से लड़ेंगे.

इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इंसान बूढ़ा तो होगा लेकिन उसके शरीर पर उम्र का असर लगभग दिखाई नहीं देगा. वैज्ञानिकों का दावा है कि नैनोबॉट्स शरीर को ऑटो-रिपेयर मोड में बदल देंगे.

क्या इंसान की डिजिटल कॉपी भी बनेगी?

कुछ वैज्ञानिक एक और क्रांतिकारी संभावना पर भी काम कर रहे हैं मानव चेतना को डिजिटल रूप में सहेजना. इसका मतलब यह है कि भविष्य में इंसान का दिमाग, उसकी यादें, सोच और व्यक्तित्व कंप्यूटर या रोबोट में ट्रांसफर किया जा सकेगा. यदि यह सफल हो गया तो इंसान की डिजिटल जिंदगी कभी खत्म नहीं होगी यानी एक नए रूप में अमरता संभव हो जाएगी.

कितना सच, कितना भविष्य?

हालांकि यह विचार बेहद रोमांचक है लेकिन वैज्ञानिक समुदाय अभी भी बंटा हुआ है. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि 2030 तक अमरता पूरी तरह संभव नहीं, लेकिन मानव जीवनकाल में भारी बढ़ोतरी जरूर हो सकती है. फिर भी, AI और बायोटेक की रफ्तार देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले दशक में इंसान की जिंदगी का चेहरा पूरी तरह बदल सकता है.

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Som Pradosh Vrat 2025: 17 या 18 नवंबर प्रदोष व्रत की डेट क्या है, जानें शिव कृपा पाने का उपाय

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Som Pradosh Vrat 2025: हर महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है, जोकि देवों के देव महादेव की समर्पित होती है. भगवान शिव को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए प्रदोष व्रत को बहुत प्रभावशाली माना गया है.

मार्गशीर्ष या अगहन महीने का पहला प्रदोष व्रत भी बहुत खास होने वाला है. क्योंकि इस बार प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है, जिस कारण इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाएगा. आइए जानते हैं सोम प्रदोष व्रत की तिथि मुहूर्त और उपायों के बारे में.

सोम प्रदोष व्रत तिथि और मुहूर्त (Som Pradosh Vrat 2025 Date and Muhurat)

पंचांग के मुताबिक, मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 17 नवंबर को सुबह 04:47 पर शुरू हो जाएगी और 18 नवंबर को सुबह 07:12 तक रहेगी. ऐसे में 17 नवंबर को सुबह से लेकर रात तक त्रयोदशी तिथि मिल रही है और इसी दिन सोम प्रदोष व्रत मनाया जाएगा. पूजा के लिए शाम 05:27 से लेकर 08:07 तक का समय शुभ रहेगा.

सोम प्रदोष व्रत के लाभ (Som Pradosh Vrat Benefits)

सोम प्रदोष व्रत को यानी सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सर्व सिद्धि प्रदायक व्रत कहा जाता है. इसलिए इस व्रत का महत्व काफी बढ़ जाता है. सोम प्रदोष का व्रत रखने वाले साधकों को सौभाग्य,शांति, संतान सुख, वैवाहिक आनंद और आर्थिक वृद्धि मिलती है. चंद्र दोष से मुक्ति, गृह क्लेश, रोग, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की परेशानियों से मुक्ति के लिए यह व्रत बहुत फलदायी होता है. साथ ही इस दिन आप शिव कृपा पाने के लिए कुछ उपाय भी कर सकते हैं.

सोम प्रदोष व्रत उपाय (Som Pradosh Vrat Upay)

गृह क्लेश से छुटकारा पाने के लिए सोम प्रदोष व्रत के दिन शिव जी को दही और शहद मिश्रित भोग लगाएं. इससे पारिवारिक समस्या दूर होगी और जीवन सुखमय बनेगा.

प्रदोष व्रत के दिन किसी शिव मंदिर में नारियल का दान कर अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें. इसे रोग-बीमारियों दूर होंगी.

कारोबार-व्यापार में तरक्की के लिए प्रदोष व्रत के दिन तीन मिट्टी के दीपक लेकर इसमें थोड़ी पीली सरसों के दाने, तिल और नमक साबुत धनिया डालकर जलाएं. इन दीयों को आप अपने दुकान या व्यापार स्थल के पास जलाएं. इससे कारोबार से जुड़ी समस्या दूर होगी.

शिव कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत पर जल, कच्चा दूध, दही, शहद, गंगाजल से अभिषेक करें. बिल्वपत्र, सफेद पुष्प, चंदन, धूप-दीप अर्पित करें और  “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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धीरेंद्र शास्त्री की पद यात्रा में शामिल हुए चोटी वाले बाबा! अपने बालों से खींची 1 टन की कार

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सोशल मीडिया इन दिनों किसी अखाड़े से कम नहीं है. जहां हर दिन कोई न कोई चमत्कारी वीडियो सामने आ जाता है और इंटरनेट पर हलचल मचा देता है. धीरेंद्र शास्त्री की दिल्ली से वृंदावन तक चल रही पद यात्रा (9 से 16 नवंबर) पहले ही लाखों भक्तों का ध्यान खींच रही थी. लेकिन अब इस यात्रा में एक और दिलचस्प चेहरा सामने आया है. जिन्हें लोग प्यार से “चोटी वाले बाबा” कहकर बुला रहे हैं. कारण उतना ही चौंकाने वाला है जितना उनका नाम. बाबा की एक वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर आग लगा दी है. जिसमें वे अपनी लंबी चोटी से करीब 1 टन वजन वाली कार को हाईवे पर खींचते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो का माहौल ऐसा लगता है जैसे किसी धार्मिक यात्रा में अचानक पावर शो का तड़का लग गया हो.

पदयात्रा में चोटी वाले बाबा ने खींचा लोगों का ध्यान!

धीरेंद्र शास्त्री की पद यात्रा के बीच वायरल हुए “चोटी वाले बाबा” ने सोशल मीडिया यूजर्स और श्रद्धालुओं का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि बाबा हाईवे पर चल रहे हैं. सिर पर जूड़े जैसी बंधी उनकी लंबी चोटी जमीन तक लटक रही है और उसी चोटी से एक हेवी कार बंधी हुई है. जैसे ही भीड़ उन्हें घेरती है. बाबा अपनी चाल बढ़ाते हैं और कार उनके पीछे-पीछे आसानी से खिसकने लगती है. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बाबा की चोटी से बंधी कार का वजन 1 टन है जिसे खींचने में बाबा को जरा भी मेहनत नहीं करनी पड़ रही है, जैसा कि वायरल वीडियो में साफ देखने को मिल रहा है.

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यूजर्स बोले, ऐसा तो कोई ताकतवर पुरुष ही कर सकता है

वीडियो को @Sheetal2242 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…यही काम अगर कोई विदेशी करता तो गिनीज बुक वाले आ चुके होते. एक और यूजर ने लिखा…धर्म के प्रति अपनी अपनी आस्था है. जैसे चाहे दिखाए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…अद्भुत, ऐसा तो कोई ताकतवर पुरुष ही कर सकता है.

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दुल्हन की नजर उतार रहा था दूल्हा तभी हो गया जोरदार कांड! लड़की पर चढ़ गई भीड़ और फिर…वीडियो व

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शादियों की सीजन शुरू हो चुका है और अब इनके रूझानों ने भी सोशल मीडिया को सराबोर कर दिया है. कभी दूल्हा डांस करते हुए गिर पड़ता है तो कभी दुल्हन के डांस से पूरे घरातियों को शर्मिंदा होना पड़ता है. लेकिन अब जो वीडियो इंटरनेट पर सामने आया है उसने यूजर्स को पेट पकड़कर हंसने के लिए मजबूर कर दिया है. इसमें ना दूल्हे का डांस है और ना ही दुल्हन की बैगरतों वाली हरकत. लेकिन फिर भी यह वीडियो इंटरनेट पर लोगों को गुदगुदाने की वजह बना हुआ है.

शादी में दुल्हन की नजर उतारने लगा दूल्हा!

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक देहात की शादी का मंजर दिखाया गया है जिसमें स्टेज पर दुल्हन का इंतजार कर रहा दूल्हा अचानक अपनी होने वाली बीवी को देखकर उसे लेने आ जाता है. दुल्हन के साथ उसके घर वाले हैं और सबकुछ सही चल रहा होता है. तभी दूल्हे को दुल्हन की नजर उतारने की सूझती है और वो हाथों में पैसों की गड्डी लेकर दुल्हन की नजर उतारने लगता है. लेकिन जैसे ही वो नजर उतारकर पैसे हवा में उछालता है वैसे ही कांड हो जाता है.

पैसे लुटाते वक्त दुल्हन के साथ हो गया कांड

वीडियो में दिख रहा है कि जैसे ही दूल्हा नजर उतारकर पैसे हवा में उछालता है आसपास खड़े बच्चे जो अभी तक दूल्हा दुल्हन को देख रहे थे, सबकुछ भूलकर पैसे लूटने में लग जाते हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि पैसे लूटते हुए बच्चे दुल्हन पर आ गिरते हैं जिससे दुल्हन बेचारी गिरने से बाल बाल बचती है और उसका भाई संभालने के लिए दौड़ता है. इसके बाद दुल्हन का भाई दूल्हे को कुछ कहता है और माहौल शांत कराता है.

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यूजर्स लेने लगे मजे

वीडियो को chaurasiyaji4289 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…पैसा ही सबकुछ है, तुम कितने महत्वपूर्ण हो ये फर्क नहीं पड़ता. एक और यूजर ने लिखा…बच्चे भी जानते हैं कि पैसे से क्या हो सकता है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…पैसे स्टेज पर लुटाने थे भाई.

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Vastu Tips: टीवी-एसी के रिमोट में पन्नी चढ़ाकर रखना कितना सही कितना गलत, जानें एक्सपर्ट की राय

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Vastu Tips: कई घरों में आपने देखा होगा कि लोग टीवी, एसी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स चीजों के रिमोट में प्लास्टिक की पन्नी या फिर कवर चढ़ाकर रखते हैं. रिमोट के ऊपर प्लास्टिक की पन्नी चढ़ाकर उसे सुरक्षित रखने का यह तरीका क्या सही है. इस संबंध में वास्तु शास्त्र और ज्योतिष की क्या राय है, आइए जानते हैं.

वास्तु के अनुसार रिमोट पर पन्नी लगाना सही या गलत

  • वास्तु विशेषज्ञ और ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार- पुरानी परंपराओं की माने तो घर में लिपटी, ढंकी या छिपी चीजों से आर्थिक ऊर्जा बाधित होती है. इसलिए बहुत ज्यादा चीजों पर पन्नी चढ़ाना या कवर करना से हमें बचना चाहिए. यह सकारात्मक ऊर्जा और धन के प्रवाह को रोकने जैसा माना जाता है.
  • ज्योतिष में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का संबंध मुख्य रूप से राहु (Rahu) से माना जाता है. ऐसे में इन चीजों पर प्लास्टिक की परत (पन्नी) डालना, राहु के प्रभाव को बढ़ाने वाला माना जाता है. अगर किसी की कुंडली में राहु पहले से अशुभ हो तो सलाह है कि ऐसे अनावश्यक प्लास्टिक उपयोग से बचना चाहिए.
  • कुछ मान्यताओं में प्लास्टिक की वस्तुओं को अग्नि और ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करने वाला माना गया है. घर में अधिक प्लास्टिक न रखने की सलाह दी जाती है. इसलिए रिमोट पर पन्नी चढ़ाना विद्वानों के अनुसार ऊर्जा संतुलन को थोड़ा बाधित कर सकता है. वास्तु शास्त्र में प्लास्टिक, लोहे या एल्युमिनियम जैसी वस्तुओं को शुभ नहीं माना जाता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

आमतौर पर लोगों का मानना होता है कि, ऐसा मध्यम वर्ग के लोग ही करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. लगभग हर तबके के लोग रिमोट को धूल-मिट्टी, पानी, नमी या चिकनाई से बचाने के लिए भी यह उपाय अपनाते हैं. हालांकि आपको यह जानकर हैरानी हो कि जब आप रिमोट में प्लास्टिक की पन्नी लगाकर रखते हैं तो इससे रिमोट का बचाव नहीं होता, बल्कि इससे रिमोट जल्दी खराब होती है. कुछ लोगों की तो यह भी शिकायत रहती है कि पन्नी सिग्नल को रोक देती है. वहीं लंबे समय से जब रिमोट में पन्नी लगी रहती है और बदली नहीं जाती तो इससे पन्नी के ऊपर किटाणु भी जमा हो जाते हैं. इसके अलावा पर्यावरण की दृष्टि से भी हमें प्लास्टिक के कम के कम इस्तेमाल का संकल्प लेना चाहिए.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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NEET PG 2025 राउंड 1 काउंसलिंग कल से शुरू, जानें चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया

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देशभर के हजारों मेडिकल PG उम्मीदवारों के लिए अब इंतजार खत्म होने वाला है, क्योंकि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने आखिरकार NEET PG 2025 काउंसलिंग का संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है. सीट मैट्रिक्स की मंजूरी में देरी के कारण काउंसलिंग शुरू होने की डेट आगे बढ़ गई थी. अब MCC ने पूरी टाइमलाइन दोबारा सेट कर दी है, जिसमें सबसे बड़ा अपडेट राउंड 1 की चॉइस फिलिंग और चॉइस लॉकिंग कल यानी 17 नवंबर से शुरू होगी है.

यह काउंसलिंग 50 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा (AIQ) सीटों, तथा डीम्ड यूनिवर्सिटी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की 100 प्रतिशत सीटों पर लागू होगी. सभी चरण पंजीकरण से लेकर सीट रिपोर्टिंग तक उम्मीदवारों को सिर्फ mcc.nic.in के जरिए ऑनलाइन पूरे करने होंगे. 

राउंड 1 काउंसलिंग चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया

NEET PG 2025 की काउंसलिंग में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि राउंड 1 की चॉइस फिलिंग अब 17 नवंबर से शुरू होगी, जो 18 नवंबर रात तक चलेगी. इसी दौरान उम्मीदवार अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स को प्रायोरिटी के अनुसार चुन सकेंगे. चॉइस लॉकिंग की प्रक्रिया 18 नवंबर को शाम 4 बजे से रात 11:55 बजे तक होगी. राउंड 1 से पहले संस्थानों में सीट मैट्रिक्स का सत्यापन 23 अक्टूबर को होगा, जबकि पंजीकरण और फीस भुगतान 5 नवंबर तक पूरा किया जा सकेगा। इसके बाद MCC 19 नवंबर को सीट आवंटन करेगा और 20 नवंबर को परिणाम जारी होगा. जिन उम्मीदवारों को सीटें मिलेंगी, उन्हें 21 से 27 नवंबर के बीच रिपोर्ट करना होगा, और संस्थान 28 से 30 नवंबर के बीच डॉक्यूमेंट सत्यापन पूरा करेंगे. 

राउंड 2 काउंसलिंग चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया

राउंड 2 की प्रक्रिया छोटी और तेज है. इसमें 1 दिसंबर को सीट मैट्रिक्स सत्यापन होगा और 2 से 7 दिसंबर तक पंजीकरण और ऑप्शन भरने की सुविधा अवेलेबल रहेगी. चॉइस लॉकिंग 7 दिसंबर की शाम को होगी. इसके बाद 8 और 9 दिसंबर को सीट आवंटन होगा और परिणाम 10 दिसंबर को घोषित किया जाएगा. चयनित उम्मीदवारों को 11 से 18 दिसंबर तक रिपोर्ट करना होगा, जबकि डॉक्यूमेंट का सत्यापन 19 से 21 दिसंबर तक होगा. राउंड 2 आमतौर पर उन उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद होता है जिन्हें राउंड 1 में सीट नहीं मिली या वे अपग्रेड चाहते हैं. 

राउंड 3 चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया

तीसरे और अंतिम नियमित राउंड की शुरुआत 22 दिसंबर के सीट मैट्रिक्स सत्यापन से होगी. इस चरण में 23 से 28 दिसंबर तक पंजीकरण होगा और 24 से 28 दिसंबर तक चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया चलेगी. चॉइस लॉकिंग 28 दिसंबर को होगी. 29 और 30 दिसंबर को सीट आवंटन पूरा किया जाएगा और परिणाम 31 दिसंबर 2025 को जारी किया जाएगा. उम्मीदवारों को 1 जनवरी से 8 जनवरी 2026 के बीच रिपोर्ट करना होगा, जबकि संस्थान 9 से 11 जनवरी तक डॉक्यूमेंट सत्यापन करेंगे. इसके बाद स्ट्रे वैकेंसी राउंड आता है , जो काउंसलिंग का लास्ट मौका होता है. इस चरण में  अगर कोई सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें भरा जाता है. 

इस राउंड में 12 जनवरी को सीट मैट्रिक्स सत्यापन किया जाएगा, जबकि पंजीकरण और ऑप्शन भरना 13 से 18 जनवरी तक चलेगा. 18 जनवरी को चॉइस लॉकिंग होगी, और 19 से 20 जनवरी को सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसका परिणाम 21 जनवरी को जारी किया जाएगा और उम्मीदवार 31 जनवरी 2026 तक रिपोर्ट कर सकेंगे. 

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लाल किले ब्लास्ट की जांच में Threema ऐप का कनेक्शन, जानिए क्या है यह स्विस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म

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Threema App: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अब डिजिटल मोड़ ले चुकी है. सुरक्षाबलों ने इस हमले से जुड़े तीन डॉक्टरों डॉ. उमर उन नबी, डॉ. मुझम्मिल गणाई और डॉ. शाहीन शाहिद की बातचीत का सुराग एक कम-पहचाने जाने वाले स्विस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Threema से जोड़ा है. पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े बताए जा रहे हैं और ब्लास्ट से पहले लगातार इसी ऐप के जरिए आपस में संपर्क में थे. Threema की गहरी एन्क्रिप्शन और पूरी तरह अनाम पहचान की व्यवस्था ने इन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल बना दिया था.

Threema का सीक्रेट नेटवर्क

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने Threema की संरचना का फायदा उठाकर एक बंद और सुरक्षित कम्युनिकेशन सर्किट तैयार किया था. इस ऐप पर न तो मोबाइल नंबर की जरूरत होती है और न ईमेल की सिर्फ एक रैंडम आईडी ही पूरी पहचान बन जाती है. यही वजह है कि संदिग्ध इतने लंबे समय तक निगरानी से बाहर रहे.

सूत्रों के मुताबिक, तीनों ने आगे बढ़कर अपना निजी Threema सर्वर भी तैयार कर लिया था. इसी के जरिए वे फाइलें, लोकेशन, मैप और प्लानिंग डॉक्यूमेंट्स साझा करते रहे. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, मेटाडाटा न स्टोर करना और मेसेज को दोनों ओर से स्थायी रूप से डिलीट कर देना यह सब मिलकर जांच एजेंसियों के लिए सबूत ढूंढना बेहद चुनौतीपूर्ण बना देता है.

फॉरेंसिक टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह प्राइवेट सर्वर भारत में था या विदेश में और क्या इस मॉड्यूल में और लोग भी शामिल थे. बरामद डिवाइसेज की साइबर जांच जारी है.

भारत में Threema पर बैन

Threema की भूमिका सामने आने के बाद पता चला कि इससे पहले भी दो Telegram ग्रुप एजेंसियों की रडार पर थे. हालांकि ऐप का डेटा बेहद कम स्टोर होने के कारण जांचकर्ताओं के पास सामग्री बहुत सीमित है.

भारत में Threema को मई 2023 में IT Act की धारा 69A के तहत बैन कर दिया गया था. सरकार की जांच में पाया गया था कि पाकिस्तान-आधारित कई नेटवर्क इस तरह के हाई एन्क्रिप्शन ऐप्स का इस्तेमाल भारत में प्रोपेगेंडा फैलाने और संपर्क साधने के लिए कर रहे थे.

बैन की सूची में Zangi, Briar, Nandbox, SafeSwiss, BChat, Element, Second Line, MediaFire और IMO जैसे कई ऐप शामिल थे सभी ऐसे, जहां निगरानी लगभग असंभव थी.

बावजूद इसके, जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी VPN की मदद से देश की पाबंदियों को चकमा देकर Threema का इस्तेमाल करते रहे. विदेश यात्राओं खासकर तुर्की और UAE के दौरान भी वे इस ऐप को बिना प्रतिबंध के चला सकते थे.

इस ऐप की पेमेंट प्रणाली भी ट्रैकिंग को मुश्किल बनाती है. यूजर Threema को खरीदने के लिए स्विट्ज़रलैंड स्थित ऑफिस में नकद भेज सकते हैं या Bitcoin का इस्तेमाल कर सकते हैं दोनों तरीकों से कोई डिजिटल रिकॉर्ड नहीं बनता.

डिजिटल आतंकवाद का नया रूप

लाल किले ब्लास्ट की जांच यह साफ दिखाती है कि आधुनिक समय में आतंकवाद का डिजिटल पक्ष कितना पेचीदा और पकड़ से बाहर हो चुका है. प्राइवेसी के लिए बनाया गया एक स्विस ऐप, गलत हाथों में जाकर एक घातक साजिश को छिपाने का साधन बन गया. जैसे-जैसे फॉरेंसिक टीमें साजिश की परतें खोल रही हैं, यह स्पष्ट है कि भविष्य की सुरक्षा लड़ाई ज़मीन पर जितनी कठिन है डिजिटल दुनिया में उससे कहीं ज्यादा जटिल.

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