बंजी जंपिंग के वक्त टूटी रस्सी! घायल हुआ शख्स, सामने आया डराने वाला वीडियो- यूजर्स के छूटे पसीन

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सोशल मीडिया की दुनिया में रोमांचक वीडियो तो रोज देखने को मिलते हैं, लेकिन कुछ दृश्य ऐसे होते हैं जिन्हें देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. ऐसा ही एक खतरनाक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर तूफान की तरह वायरल हो रहा है. वीडियो की शुरुआत में सबकुछ सामान्य लगता है. एक लड़का ऊंचाई पर खड़ा है, बंजी जंपिंग के लिए तैयार. नीचे लोग उसे उत्साह से देखते हुए. हवा में डर और रोमांच का मिश्रण तैरता हुआ. लेकिन अगले ही पल जो होता है, उसे देख कोई भी दहशत में आ जाएगा. लड़का जैसे ही छलांग लगाता है, उसी क्षण उसकी बंजी जंपिंग की रस्सी हवा में चीख मारते हुए टूट जाती है और वह सीधे नीचे मौजूद एक घर के टीन शेड पर जा गिरता है.

बंजी जंपिंग करते हुए टूटी रस्सी

तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एक युवक काफी ऊंचाई पर बने बंजी जंपिंग प्लेटफॉर्म पर खड़ा दिख रहा है. उसके चेहरे पर डर से ज्यादा रोमांच दिखता है. वह नीचे झांककर देखता है, गहरी सांस लेता है और फिर जैसे ही हिम्मत करके छलांग लगाता है, उसी पल सबसे बड़ा हादसा होता है. उसकी कमर पर बंधी सुरक्षा रस्सी अचानक झटके से टूट जाती है.


बेसुध होकर गिरा शख्स, गंभीर थी हालत

रस्सी टूटते ही युवक हवा में अनियंत्रित होकर नीचे की ओर तेजी से गिरता है. कुछ ही सेकंड में वह एक घर की छत पर बने टीन शेड पर जाकर जोरदार धड़ाम से गिरता है. टीन शेड जोरदार आवाज के साथ मुड़ जाता है. युवक गिरते ही बेसुध पड़ जाता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि गिरते ही उसके हाथ-पैर बिल्कुल ढीले हो जाते हैं और वह वहीं अचेत होकर पड़ा रहता है. इसके बाद शख्स को अस्पताल ले जाया जाता है जहां देखने से लगता है कि शख्स की हालत गंभीर है.

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यूजर्स बोले, खतरनाक खेलों से दूर रहें

वीडियो को ankit_bhandari_ji_ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…जीवन में कभी ऐसे खतरनाक खेलों में शामिल ना हों. एक और यूजर ने लिखा…जो लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए उनका शुक्रिया. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…जिम्मेदारों पर केस होना चाहिए.

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Surya Gochar 2025: वृश्चिक में सूर्य का प्रवेश! जानें क्या होगा आपकी राशि पर असर, बड़े बदलावों

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Surya Gochar 2025: सूर्य का गोचर 16 नवंबर 2025 को दोपहर 1:44 बजे सूर्य अपनी स्थिति बदलेंगे. इस दिन सूर्य तुला राशि से आगे बढ़कर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य का यह प्रवास 15 दिसंबर 2025 तक चलेगा. इसके बाद सूर्य धनु राशि में जाएंगे.

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व, मान-सम्मान और सफलता का कारक माना गया है. यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य मजबूत हो तो समाज में प्रतिष्ठा, सरकारी कार्यों में सहायता और आर्थिक उन्नति मिलती है.
इसके विपरीत सूर्य कमजोर होने पर पेट, आंखों और हृदय से जुड़ी समस्याएँ बढ़ सकती हैं तथा सरकारी या महत्वपूर्ण काम अटक सकते हैं.

अजमेर की ज्योतिष विशेषज्ञ और टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा का कहना है कि इस बार सूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश से लोगों के विचारों, भावनाओं और ऊर्जा में गहरे परिवर्तन दिखाई देंगे.

वृश्चिक राशि में सूर्य का प्रभाव

वृश्चिक जल तत्व की राशि है और राशि चक्र में इसका आठवां स्थान है. इस राशि का स्वामी ग्रह मंगल है, जो सूर्य का मित्र माना जाता है. वृश्चिक राशि का संबंध गहराई, रहस्यों, भावनात्मक तीव्रता, बदलाव और आत्मनिरीक्षण से माना जाता है.

इस वजह से सूर्य के इस गोचर से —

  • मन के अंदर छिपी भावनाएँ सामने आ सकती हैं
  • जीवन के कुछ क्षेत्रों में बड़ा परिवर्तन हो सकता है
  • आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति दोबारा विकसित हो सकती है
  • व्यक्ति अपने जीवन के निर्णयों पर पुनर्विचार करेगा

संक्रांति का महत्व

सूर्य लगभग एक महीने तक एक ही राशि में रहते हैं. जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, उसी दिन को संक्रांति कहा जाता है.
धार्मिक विश्वासों के अनुसार संक्रांति के दिन सूर्य की पूजा करने से प्रतिष्ठा, सफलता और सौभाग्य में वृद्धि होती है.

सूर्य के तुला से वृश्चिक में जाने वाली संक्रांति को वृश्चिक संक्रांति कहा जाता है.
कुल मिलाकर वर्ष में 12 संक्रांतियां होती हैं और प्रत्येक को शुभ तथा पवित्र दिन माना गया है.

प्रभाव: ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि सूर्य के वृश्चिक राशि में आने से गलत काम बढ़ सकते हैं यानी चोर और भ्रष्टाचारी लोग बढ़ने की संभावना है. वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है. मंगल की राशि में सूर्य के आ जाने से कई लोगों के लिए कष्टपूर्ण समय हो सकता है. कई लोग खांसी और ठण्ड से पीड़ित हो सकते हैं.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सूर्य का अशुभ असर देखने को मिलेगा. राष्ट्रों के बीच संघर्ष बढ़ सकता है. आसपास के देशों से भारत के संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं. शेयर बाजार में गिरावट के साथ बिजनेस की गति कुछ थमेगी. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि के साथ शेयर बाजार फिर से बढ़ने की भी संभावना रहेगी.

इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होने के योग बनेंगे. राजनीतिक उथल-पुथल एवं प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ेगी. लोगों को विशेष लाभ मिलेगा. शिक्षा प्रणाली में सुधार के भी योग बनेंगे. धरना जुलूस प्रदर्शन आंदोलन गिरफ्तारियां होगी. रेल दुर्घटना होने की संभावना. महिलाओं के लिए समय शुभ नहीं है. कोई बड़ी फिल्म अभिनेत्री से दुखद समाचार. देश और दुनिया में राजनीतिक बदलाव होंगे. सत्ता संगठन में परिवर्तन होगा. आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलेगा. मनोरंजन फिल्म नाटक फैशन डांसर कॉमेडी चर्चा में रहेंगे.

उपाय:  ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि सबसे पहले अपने घर की पूर्व दिशा को साफ सूथरा करें. भगवान श्री विष्णु की उपासना करें. बंदर, पहाड़ी गाय या कपिला गाय को भोजन कराएं. रोज उगते सूर्य को अर्घ्य देना शुरू करें. रविवार के दिन उपवास रखे. रोज गुढ़ या मिश्री खाकर पानी पीकर ही घर से निकलें . जन्मदाता पिता का सम्मान करें, प्रतिदिन उनके चरण छुकर आशीर्वाद लें. भगवान सूर्य की स्तुति आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें . 

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा से जानते हैं सूर्य के वृश्चिक राशि में जाने पर सभी राशियों पर क्या होगा प्रभाव.

  • मेष राशि: भ्रमित होने के कारण किसी भी कार्य में मन नहीं लगेगा. बीमारी की आशंका रहेगी. विवाद से बचें. 
  • वृषभ राशि: बीमारी होने की आशंका से तनाव. साझेदार या शासन सत्ता से तनाव रहेगा. व्यर्थ की यात्रा होगी. 
  • मिथुन राशि: रोग ठीक होगा. रुका हुआ धन मिलेगा. आदर-सम्मान में वृद्धि. उपहार मिल सकता है. पदोन्नति की संभावना है. 
  • कर्क राशि: कार्यालय या घर में तनाव संभव. किसी बीमारी से परेशान हो सकते हैं. बच्चों की सेहत की चिंता रहेगी.
  • सिंह राशि: मेहनत ज्यादा करनी होगी. सुख में कमी होगी. कार्यों में बाधा से तनाव रहेगा. बुजुर्गों को लेकर चिंता रहेगी.  
  • कन्या राशि: धन का संग्रह करने में सफल रहेंगे. रुके हुए पुराने कार्यों  में सफलता मिलेगी. उच्च अधिकारी से मदद संभव.
  • तुला राशि: फिजूल के खर्च बढे़ंगे. अनावश्यक जिद से हानि होगी. ठगे जाने की आशंका बनी रहेगी. परिजनों से विवाद न करें.
  • वृश्चिक राशि: अनावश्यक मेहनत होगी. गुस्सा बढ़ जाएगा. यात्रा में हानि. नकारात्मक विचारों से बचें.
  • धनु राशि: हर काम में बाधा से तनाव. बीमारी आदि से परेशान हो सकते हैं. दोस्तों के व्यवहार से चिंता. धन हानि से तनाव रहेगा.
  • मकर राशि: रुकी हुई पदोन्नति मिलेगी. सम्मान में वृद्धि होगी. धन मिल सकता है. नया कार्य शुरू कर सकते हैं. 
  • कुंभ राशि: रुके हुए बडे़कार्य में सफलता. कार्यक्षेत्र में अनुकूल वातावरण. धन लाभ होगा. पदोन्नति संभव.: 
  • मीन राशि: धर्म में अरुचि. कामकाज में असफलता से तनाव. महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझ कर लें. यात्रा हो सकती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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‘120 बहादुर’ और ‘मस्ती 4’ को टफ कंपटीशन देने आ रहीं ये 6 फिल्में, सभी होंगी 21 नवंबर को रिलीज

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बॉक्स ऑफिस पर 21 नवंबर को बॉलीवुड और हॉलीवुड के साथ तमाम साउथ की फिल्में भी रिलीज होने वाली हैं. इसके साथ ही बॉक्स ऑफिस पर कई रीजनल मूवीज भी अपनी ग्रैंड एंट्री करेगी. आइए जानते हैं इन सभी बड़ी फिल्मों की लिस्ट और इनसे जुड़े इंपॉर्टेंट डिटेल्स. 

अगले शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्में मचाएंगे धमाल

1. 120 बहादुर
इस लिस्ट के सबसे पहले नंबर पर फरहान अख्तर की फिल्म का शामिल है. इसकी वॉर ड्रामा की कहानी मेजर शैतान सिंह भाटी और उन 120 जवानों की कहानी है जिन्होंने 1962 में इंडो-चाइना वॉर के दौरान बहादुरी से अपने देश की रक्षा की. फिल्म में फरहान अख्तर के साथ राशि खन्ना, अंकित सिवाच समेत कई स्टार्स नजर आएंगे. 

2. मस्ती 4
आफताब शिवदसानी,रितेश देशमुख और विवेक ओबेरॉय की एडल्ट कॉमेडी फिल्म भी 21 नवंबर को पर्दे पर दस्तक देगी. मस्ती फ्रेंचाइजी की इस फिल्म की कहानी एक बार फिर अपने दर्शकों के लिए धमाल और एंटरटेनमेंट का डबल डोज लेकर आ रही है. 

3. सीसु: रोड टू रिवेंज 
हॉलीवुड की ये हाई एक्शन थ्रिलर 21 नवंबर को बाकी फिल्मों के लिए मुश्किल खड़ी सकती है. इस हॉलीवुड फिल्म का इंतजार ऑडियंस में लंबे समय से किया है और एक्शन लवर्स के लिए तो ये किसी इमोशन से कम नहीं. इसमें जोर्मा टोमिला और स्टीफन लैंग मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे. दिन पर दिन इस फिल्म को लेकर हाइप बढ़ता जा रहा है. बता दें, ये फिल्म इंग्लिश के साथ हिंदी,तमिल और तेलुगु में भी रिलीज होगी.

4. पांच मीनार
ये तेलुगु एक्शन कॉमेडी फिल्म भी अगले हफ्ते थिएटर्स में धमाल मचाने के लिए आ रही है. इसके स्टारकास्ट की बात करें तो राज तरुण और राशि सिंह हैं लीड रोल्स में नजर आएंगे. वहीं दूसरी ओर इस फिल्म में ब्रह्माजी, अजय घोष और सुदर्शन जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं. राम कदुमुला ने फिल्म में बतौर निर्देशक काम किया है. 

5. हॉन्टेड 3D: घोस्ट ऑफ द पास्ट 
मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह चक्रवर्ती की फिल्म 21 नवंबर को थिएटर्स में रिलीज होगी. इसके अनाउंसमेंट के बाद से ही दर्शकों में फिल्म को लेकर काफी उत्साह है. इसके टीजर और ट्रेलर को भी दर्शकों ने बहुत पसंद किया और सभी को इसके थिएट्रिकल रिलीज का इंतजार है. ‘हॉन्टेड 3डी’ के सक्सेस के बाद अब 14 साल बाद इसका सीक्वल रिलीज होने वाला है. 

6. विक्ड फॉर गुड
ये फिल्म सिंथिया इरोवो और एरियाना ग्रैंड की मूवी विक्ड का ही सिक्वल है. पिछले साल जब ये फिल्म रिलीज हुई तो इसे दर्शकों का बहुत प्यार मिला और अब उसी उत्साह के साथ मेकर्स इसका सिक्वल 21 नवंबर को रिलीज करने वाले हैं. अब ये देखना दिलचस्प होगा तमाम बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों के बीच हॉलीवुड की ये मूवी अपनी जगह बना पाती है या नहीं. 

7. कलीवी वनम
ये तेलुगु फिल्म 21 नवंबर को थिएटर्स में रिलीज होगी. इसमें फिल्म की लीड अपने दादा जी द्वारा बनाए गए जंगल की रक्षा करेगी जिसे कॉरपोरेट के अधिकारी अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करेंगे. राज नरेंद्र ने अपने इस फिल्म के जरिए ऑडियंस को पर्यावरण का ध्यान रखने का मैसेज बखूबी देने की कोशिश की है. 

8. थीयावर कुलाई नादूंगा 
इस तमिल एक्शन ड्रामा को दिनेश लक्ष्मणन ने डायरेक्ट किया है. अनिका राधाकृष्ण, ऐश्वर्या राजेश और अर्जुन सरजा जैसे कई बड़े स्टार्स इस फिल्म में अहम किरदार निभाएंगे.

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महाराष्ट्र की दादियों का पढ़ने का सपना बना मिसाल. 60 से 90 साल की उम्र में भी स्कूल जाने की जिद

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कभी-कभी दुनिया में ऐसी कहानियां सामने आती हैं, जो हमारे दिल को बेहद नरम कर देती हैं. ये कहानियां बड़ी नहीं होतीं, लेकिन इनमें इतना प्यार, हिम्मत और उम्मीद छुपी होती है कि पढ़ने वाला मुस्कुरा देता है. महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव फंगाणे में भी ऐसी ही एक कहानी चल रही है. यहां 60 साल से लेकर 90 साल तक की दादियां स्कूल जाती हैं. हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा. दादियां स्कूल जाती हैं, कॉपी खोलती हैं, पेन्सिल पकड़ती हैं और अपने छोटे-से हाथों से अपना नाम लिखती हैं. उनकी आंखों में चमक होती है और दिल में खुशी. उनका बस एक ही सपना था कि वे मरने से पहले अपना नाम खुद लिख सकें. और अब यह सपना पूरा हो रहा है. यही कहानी आज सोशल मीडिया से लेकर हर दिल तक पहुंच रही है.

पुणे के शिक्षक योगेंद्र बांगर ने शुरू किया स्कूल

दरअसल, महाराष्ट्र के फंगाणे गांव में रहने वाली कई दादियों का एक बहुत प्यारा सपना था. वे चाहती थीं कि वे अपना नाम खुद लिखें. पहले वे दस्तावेजों पर सिर्फ अंगूठा लगा पाती थीं. लेकिन 2016 में गांव के एक शिक्षक योगेंद्र बांगर ने उनके लिए एक खास स्कूल खोला. इस स्कूल में सिर्फ दादियां पढ़ती हैं. वे एबीसीडी सीखती हैं, मराठी पढ़ती हैं और सबसे जरूरी बात. अपना नाम खुद लिखती हैं.


60 से 90 साल तक है दादियों की उम्र

इन दादियों की उम्र 60 साल नहीं, 70, 80 और कुछ की तो 90 साल भी है. लेकिन दिल से वे बिल्कुल बच्चों जैसी हैं. स्कूल जाने के लिए तैयार होती हैं, स्लेट और कॉपी रखती हैं और क्लास में बैठकर ध्यान से पढ़ती हैं. जब भी वे अपने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करती हैं, तो उनके चेहरे पर गर्व झलकता है. इन सभी के बीच sidiously_ नाम का एक इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर भी दादियों की कहानी को कवर करने पहुंचा था जिसमें उनके स्कूल की दिनचर्या को दिखाया गया है.

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यूजर्स ने जमकर की तारीफ

वीडियो को sidiously_ इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…पढ़ने लिखने की कोई उम्र नहीं होती. एक और यूजर ने लिखा…एक ही दिल है कितनी बार जीतोगे. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…मुझे आजी बाई के लिए खुशी महसूस हो रही है.

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TECH EXPLAINED: मोबाइल फोन में RAM और ROM का क्या मतलब होता है और कौन-सी है ज्यादा जरूरी?

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हम जब भी किसी स्मार्टफोन के स्पेसिफिकेशंस देखते हैं तो RAM और ROM का जिक्र जरूर आता है. इन दोनों का ही काम फोन के ऑपरेशन से जुड़ा हुआ है और ये ऐप परफॉर्मेंस से लेकर सिस्टम स्टेबिलिटी के लिए जरूरी होती हैं. ऐसे में आपके मन में सवाल उठ सकता है कि ये दोनों क्या होती हैं, क्या इनमें कोई अंतर होता है और फोन की परफॉर्मेंस के लिए ये क्यों इंपोर्टेंट हैं? आज हम इस एक्सप्लेनर में इन सारे सवालों के जवाब लेकर आए हैं. 

RAM और ROM क्या होती हैं?

RAM यानी रैंडम एक्सेस मेमोरी और ROM मतलब रीड-ओनली मेमोरी. ये दोनों ही फोन मेमोरी के जरूरी पार्ट हैं. RAM फोन में शॉर्ट-टर्म मेमोरी की तरह काम करती है. यह वॉलेटाइल मेमोरी होती है, जो फोन में ओपन ऐप्लिकेशन्स और प्रोसेस को रन करती है. इसका मतलब है कि जब आप कोई ऐप ओपन करते हैं या दूसरी ऐप पर जाते हैं तो RAM के कारण यह सबकुछ स्मूद तरीके से हो जाता है. फोन में ज्यादा रैम होने का मतलब है कि आप एक साथ कई टास्क कंप्लीट कर सकते हैं और फोन हैंग नहीं होगा. 

ROM की बात करें तो यह फोन की इंटरनल स्टोरेज होती है, जो नॉन-वॉलेटाइल है. फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम, प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स और यूजर का सारा पर्सनल डेटा इसी मेमोरी पर स्टोर होता है. रैम की तरह यह टेंपरेरी नहीं होती और यह जरूरत पड़ने पर उपलब्ध रहती है. इसमें फोन बंद करने पर रैम की तरह डेटा इरेज भी नहीं होता.

दोनों में क्या अंतर?

रैम टेंपरेरी तौर पर उतना ही डेटा होल्ड करती है, जितना ऑपरेटिंग सिस्टम और फोन में ओपन ऐप को जरूरत है. जब फोन ऑफ होता है तो रैम का डेटा इरेज हो जाता है, जिससे फोन ऑन करने पर नए डेटा के लिए जगह बन जाती है. इसकी तुलना में ROM पर डिवाइस ऑफ होने पर भी डेटा रहता है. स्मार्टफोन में ROM को आमतौर पर इंटरनल स्टोरेज या बिल्ट-इन स्टोरेज के तौर पर भी जाना जाता है. 

कैपेसिटी और अपग्रेड

स्मार्टफोन में 2GB से 16GB तक की रैम मिलती है. अभी कुछ मॉडर्न स्मार्टफोन में 18GB और 24GB रैम भी आने लगी है. यह डिवाइस के मदरबोर्ड में लगी होती है, जिससे इसे एक्सपैंड नहीं किया जा सकता. हालांकि, अब कुछ फोन में टेक्नोलॉजी आने लगी है, जिससे बिना किसी हार्डवेयर अपग्रेड भी रैम को बढ़ाया जा सकता है. दूसरी तरफ ROM की बात करें तो इसकी रेंज 16GB से लेकर 1TB और कई स्मार्टफोन में 2TB तक जाती है. माइक्रोएसडी जैसे स्टोरेज सॉल्यूशन की मदद से इसे एक्सपैंड भी किया जा सकता है. 

मोबाइल के लिए कौन-सी ज्यादा जरूरी?

स्मार्टफोन के फंक्शन के लिए दोनों ही जरूरी है और दोनों की ही अलग-अलग जरूरतें हैं. रैम के कारण फोन में मल्टीटास्किंग आसान हो पाती है. रैम के कारण ही ऐप्स और टास्क स्मूद तरीके से रन कर पाते हैं. गेमिंग से लेकर स्ट्रीमिंग तक के कामों के लिए रैम जरूरी होती है. अगर परफॉर्मेंस और स्पीड के नजरिए से देखा जाए तो रैम को ज्यादा जरूरी माना जा सकता है. दूसरी तरफ फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम से लेकर ऐप्स, फोटो और वीडियो सब कुछ ROM पर ही स्टोर होता है. अगर आप फोन पर ज्यादा डेटा स्टोर या ज्यादा ऐप्स यूज करते हैं तो ROM ज्यादा जरूरी हो सकती है. 

स्मार्टफोन में कितनी ROM काफी है?

अगर आप उन यूजर्स में शामिल हैं, जो अपने फोन को लंबे समय तक और ज्यादा डेटा स्टोर करने के लिए यूज करते हैं तो सही ROM का चुनाव करना जरूरी हो जाता है. इसलिए जरूरत के हिसाब से ROM डिसाइड करना बेहतर रहता है.

अगर आप बेसिक कामों जैसे कॉलिंग, टेक्स्टिंग या हल्की-फुल्की इंटरनेट ब्राउजिंग के लिए फोन यूज करते हैं तो 64GB इंटरनल स्टोरेज वाला फोन आपके लिए पर्याप्त रहेगा. इससे आपको जरूरी ऐप्स के लिए स्पेस भी मिल जाएगा और ज्यादा स्टोरेज के लिए ज्यादा पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ेगा. 

अगर आपका फोन को बेसिक कामों के अलावा प्रोडक्टिविटी और गेमिंग आदि के लिए भी यूज करते हैं तो ज्यादा ROM वाला मॉडल खरीदने की जरूरत है. इस स्थिति में आप 128GB से 256GB वाले स्मार्टफोन खरीद सकते हैं. इनमें आपको फोटो-वीडियो स्टोर करने के साथ-साथ अलग-अलग ऐप्स रन करने के लिए अच्छा स्पेस मिल जाता है. 

अपने फोन को फिल्म रिकॉर्डिंग, मूवीज लाइब्रेरी और दूसरे हैवी टास्क के लिए यूज करने वाले यूजर्स के लिए 512GB या इससे ज्यादा स्टोरेज वाला फोन खरीदना बेहतर रहता है. हाल ही में लॉन्च हुई आईफोन 17 सीरीज के प्रो मॉडल्स में 2TB स्टोरेज तक का ऑप्शन मिलता है. इसकी वजह है कि ये फोन शानदार कैमरा क्वालिटी के साथ आते हैं, जिससे 4K और 8K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है. इस तरह के डेटा को स्टोर करने के लिए ज्यादा स्पेस की जरूरत पड़ती है. ऐसे में अगर आप फिल्म मेकिंग या कंटेट क्रिएशन करते हैं तो 512GB या इससे ज्यादा स्टोरेज वाला फोन खरीद सकते हैं.

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Gen Z पर करियर का खतरा! नई स्टडी ने खोले कई चौंकाने वाले सच

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आज की दुनिया में अगर किसी पीढ़ी को सबसे स्मार्ट, सबसे तेज और सबसे डिजिटल कहा जाता है, तो वह है जेनरेशन Z. 1997 से 2012 के बीच जन्मे ये युवा तकनीक, मोबाइल, सोशल मीडिया और इंटरनेट के साथ बड़े हुए हैं. इन्हें डिजिटल नेटिव्स और जूमर्स भी कहा जाता है.

लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जिस पीढ़ी को सुपर स्मार्ट कहा जाता है, उसी पीढ़ी को लेकर कंपनियों में चिंता बढ़ रही है. एक नए सर्वे ने बताया कि Gen Z कर्मचारियों को सबसे ज्यादा और सबसे जल्दी नौकरी से निकाला जा रहा है.

हायरिंग मैनेजर्स की राय चौंकाने वाली

सितंबर 2025 में Intelligent.com ने 1000 हायरिंग मैनेजर्स पर आधारित एक बड़ा सर्वे जारी किया. इस सर्वे का नतीजा हैरान करने वाला था. 60% हायरिंग मैनेजर्स ने कहा कि उन्होंने Gen Z कर्मचारियों को काफी जल्दी नौकरी से निकाल दिया. 6 में से 1 मैनेजर ने साफ कहा कि वह Gen Z को नौकरी पर रखना ही नहीं चाहता.

क्यों निकाल रही हैं कंपनियां Gen Z कर्मचारियों को?

कई मैनेजर्स ने बताया कि Gen Z साफ, सटीक और प्रोफेशनल तरीके से बात नहीं कर पाती. 38% का कहना था कि ये लोग समय पर फीडबैक भी नहीं देते. कम्युनिकेशन की यह कमी टीमवर्क में दिक्कत पैदा करती है.

हैरानी की बात है कि इस डिजिटल जेनरेशन में काम के प्रति उत्साह कम पाया गया. 20% मैनेजर्स ने बताया कि Gen Z काम जल्दी शुरू ही नहीं करती. अक्सर इन्हें कई बार याद दिलाना पड़ता है.

46% हायरिंग मैनेजर्स ने साफ कहा कि Gen Z में प्रोफेशनलिज्म की दिक्कतें ज्यादा हैं. इनमें समय पर काम पूरा न करना, ऑफिस कल्चर को अपनाने में परेशानी, जिम्मेदारी न लेना, बार-बार छुट्टी लेना शामिल हैं.

Gen Z स्मार्ट जरूर है, लेकिन सर्वे के अनुसार कई युवाओं को नई चीजें सीखने में परेशानी होती है. 500 से ज्यादा मैनेजर्स ने कहा कि यह पीढ़ी बदलाव को आसानी से नहीं अपनाती. डिजिटल होना एक अलग बात है, लेकिन मैदान में काम करना इनकी असली चुनौती बन जाता है.

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रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

अप्रैल में ResumeBuilder.com द्वारा किए गए सर्वे में भी वही बात सामने आई. 74% मैनेजर्स ने कहा कि Gen Z के साथ काम करना मुश्किल है. जबकि अपनी ही जेनरेशन के लोगों के साथ काम करना उनके लिए आसान रहता है.

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म्यूचुअल फंड में निवेश करने का है प्लान? ऐसे करें डायरेक्ट और रेगुलर का चुनाव, वरना होगा भारी

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Mutual Fund Investment Guide: भारतीय निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश को बेहतर निवेश विकल्प के तौर पर देखते आए हैं. हालांकि, म्यूचुअल फंड में निवेश करते वक्त बहुत से निवेशक इस बात का फैसला नहीं कर पाते कि, उन्हें डायरेक्ट फंड का चुनाव करना चाहिए या फिर रेगुलर फंड का.

दोनों विकल्पों में से किसी एक का चयन करने से पहले आपको खर्च, रिटर्न और निवेश प्रक्रिया की जानकारी ले लेनी चाहिए. ताकि, आपको भविष्य में किसी तरह की परेशानी ना हो. साथ ही दोनों विकल्पों के नुकसान और फायदे के बारे में भी आपको जानना चाहिए.

सीधे म्यूचुअल फंड में निवेश

डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आप सीधे फंड हाउस या एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) में निवेश करते हैं. जिसमें किसी भी तरह का कोई एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर शामिल नहीं होता, इसलिए आपको कमीशन नहीं देना पड़ता. इस वजह से इन फंड्स का खर्च अनुपात कम हो जाता है. साथ ही लंबे समय तक निवेश करने पर बेहतर रिटर्न मिल सकता है.  

जिन निवेशकों को बाजार की जानकारी हैं और वे खुद रिसर्च करना पसंद करते हैं. उनके लिए डायरेक्ट फंड एक अच्छा विकल्प हैं. ऐसे निवेशक AMC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी निवेश जर्नी शुरू कर सकते हैं. 

रेगुलर म्यूचुअल फंड में निवेश

रेगुलर म्यूचुअल फंड में निवेश सलाहकार, ब्रोकर या डिस्ट्रीब्यूटर की मदद से किया जाता हैं. वे निवेशकों को सही फंड चुनने में मदद करते हैं. इसके लिए निवेशकों से चार्ज लिया जाता है. अगर आप बाजार की जटिलताओं को नहीं समझते और खुद रिसर्च नहीं करना चाहते तो, आप रेगुलर म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं.

कौन सा फंड है आपके लिए सही?

डायरेक्ट म्यूचुअल फंड और रेगुलर म्यूचुअल फंड में से किसी एक चयन करते समय आपको अपनी वित्तीय लक्ष्य और बाजार की आपकी जानकारी का पता होना चाहिए. अगर आप बाजार की जानकारी नहीं रखते तो रेगुलर म्यूचुअल फंड आपके लिए सही हो सकता है. वहीं, अगर आप खुद से फंड का चयन करना चाहते हैं और बाजार की समझ रखते हैं तो, डायरेक्ट म्यूचुअल फंड का चयन कर सकते हैं.  

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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ट्रंप का बड़ा फैसला, कई चीजों से हटाया टैरिफ, किसके दबाव में आकर लिया ये फैसला?

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में कई चीजों पर लगे टैरिफ को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है. ट्रंप ने शुक्रवार (14 नवंबर, 2025) को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है, जिसके तहत बीफ, कॉफी और ट्रॉपिकल फलों सहित कई तरह के सामानों पर लगाए गए टैरिफ को खत्म कर दिया गया है. ट्रंप की ओर से यह कदम उपभोक्ताओं के बढ़ते दबाव के जवाब में उठाया गया है, जो लगातार बढ़ती कीमतों और महंगाई से परेशान हैं.

ट्रंप का यह फैसला उस वक्त सामने आया है, जब इस महीने हुए ऑफ-ईयर चुनावों में मतदाताओं ने आर्थिक चिंताओं को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया था और देश के ज्वलंत आर्थिक मुद्दों के चलते वर्जीनिया और न्यू जर्सी में रिपब्लिकन कैंडिडेट्स को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है.

200 से ज्यादा सामानों से हटाया टैरिफ

राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार ने कार्यकारी आदेश जारी कर 200 से ज्यादा खाद्य उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को वापस ले लिया है. इनमें कॉफी, बीफ, केला और ऑरेंज जूस शामिल है. अमेरिका में बढ़ती महंगाई और किराना कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि को ट्रंप की टैरिफ नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ ट्रंप अभी भी यह दावा करते हैं कि अमेरिका में कोई महंगाई नहीं है.

ट्रंप ने इस साल अप्रैल महीने में ज्यादातर देशों से आने वाले आयात पर टैरिफ लगा दिए थे. हालांकि, ट्रंप और उनकी सरकार ने लंबे समय से यह कहते आ रहे हैं कि टैरिफ से उपभोक्ताओं की कीमतें नहीं बढ़ती है, जबिक आर्थिक विशेषज्ञ ने इसके बिल्कुल उलटा सबूत पेश कर रहे हैं.

अमेरिका में बीफ की बढ़ती कीमतें चिंता का कारण

अमेरिका में बीफ की कीमतों में बढ़ोत्तरी विशेष रूप से चिंता का विषय रही है और ट्रंप पहले ही इस ओर इशारा कर चुके थे कि वे इसे कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे. वहीं, बीफ के सबसे बड़े निर्यातक ब्राजील से आयात होने वाले सामानों पर लगाए गए टैरिफ भी इसकी कीमतों में वृद्धि का एक प्रमुख कारण रहा है.

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आंद्रे रसेल समेत रिलीज होने वाले 5 सबसे बड़े प्लेयर, पंजाब से OUT हुआ दिग्गज

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IPL 2026 से पहले सभी टीमों की रिटेंशन लिस्ट सामने आ चुकी है. सभी टीमों ने 15 या उससे ज्यादा खिलाड़ी रिटेन किए हैं, लेकिन रिलीज होने वाले प्लेयर्स की लिस्ट में कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्हें देख पूरा IPL जगत हिल गया है. इनमें एक नाम आंद्रे रसेल (Andre Russell Released) का भी है, जिन्हें KKR ने 11 साल बाद रिलीज कर दिया है. RCB और दिल्ली कैपिटल्स ने कुछ नामी खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया है.

रिलीज होने वाले 5 बड़े खिलाड़ी

आंद्रे रसेल- रिलीज होने वाले खिलाड़ियों में सबसे बड़ा नाम आंद्रे रसेल का है, जो 2014 से ही KKR के लिए खेल रहे थे. रसेल के रिलीज होने से KKR के पर्स में 12 करोड़ रुपये जुड़े हैं, क्योंकि पिछले सीजन केकेआर ने रसेल को 12 करोड़ में रिटेन किया था. रसेल ने केकेआर के लिए 140 मैचों में 2651 रन बनाने के अलावा 123 विकेट भी लिए.

लियाम लिविंगस्टोन- लियाम लिविंगस्टोन को पिछले साल ऑक्शन में RCB ने 8.75 करोड़ रुपये की बोली लगाकर खरीदा था. पिछले सीजन वो RCB के लिए 10 मैचों में सिर्फ 112 रन बना पाए और गेंदबाजी में केवल 2 विकेट लिए. कहीं ना कहीं यही खराब प्रदर्शन और 8.75 करोड़ की राशि उनके रिलीज होने का कारण बनी है.

फाफ डु प्लेसिस- फाफ डु प्लेसिस को मेगा ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने 2 करोड़ रुपये में खरीदा था. 2025 सीजन में वो दिल्ली के लिए 9 मैचों में 202 रन ही बना पाए. 41 साल के हो चुके डु प्लेसिस को बढ़ती उम्र के कारण अगले सीजन कोई खरीदार मिलना मुश्किल लग रहा है. मेगा ऑक्शन में भी दिल्ली ने उन्हें बेस प्राइस में ही खरीदा लिया था.

ग्लेन मैक्सवेल- ग्लेन मैक्सवेल के लिए पिछले 2 IPL सीजन बहुत खराब रहे हैं. पिछले दो सीजन में खेले 17 मैचों में उन्होंने सिर्फ 100 रन बनाए हैं. वहीं IPL 2025 में पंजाब किंग्स के लिए 7 मैचों में केवल 48 रन बना सके थे. मैक्सवेल के रिलीज से पंजाब के पर्स में 4.2 करोड़ रुपये जुड़े हैं.

डेविड मिलर- डेविड मिलर की IPL फॉर्म भी बहुत अच्छी नहीं रही है. मेगा ऑक्शन में उन्हें लखनऊ सुपर जायंट्स ने 7.5 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा था. मगर पूरे सीजन में खेले 11 मैचों में उनके बल्ले से सिर्फ 153 रन निकले.

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मेरा तो नजरिया ही बदल गया! भारतीयों के अपनेपन ने बनाया फ्रांस की महिला को मुरीद- यूजर्स भी हैरा

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यूरोप से आई एक युवती ने भारत खासकर गुजरात में मिले पड़ोसियों के अपनापन को लेकर अपना दिल छू लेने वाला अनुभव शेयर किया है. पोस्ट अंग्रेजी में लिखा गया था, लेकिन उसमें झलक पूरी पूरी हिंद वाली थी. वायरल पोस्ट में युवती ने बताया कि यूरोप में उसने कभी अपने पड़ोसियों के नाम तक नहीं जाने, वहां पड़ोसी सिर्फ दूर से दिखने वाले लोग होते हैं हल्की-फुल्की हाय-हैलो के अलावा कोई रिश्ता नहीं होता. लेकिन 2024 में जब वह गुजरात शिफ्ट हुई, तो पहले ही दिन उसकी जिंदगी बदल गई.

भारत के अपनेपन की कायल हुई विदेशी महिला!

लड़की ने आगे पोस्ट में लिखा कि नए घर में पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद दरवाजे पर दस्तक हुई. सामने वाले फ्लैट का पड़ोसी खड़ा था, हाथ में मुस्कान और मुंह पर सिर्फ एक सवाल “कोई मदद चाहिए? खाना चाहिए तो बता देना.” लड़की ने ये भी लिखा कि यह उसके लिए सांस्कृतिक झटका था, क्योंकि जीवन में पहली बार किसी पड़ोसी ने इतनी दिल से मदद की पेशकश की थी. वह आगे बताती है कि इसके बाद त्योहार मनाना, घर का खाना शेयर करना, सफारी प्लान करना जैसे छोटे-छोटे पल उसकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए. उसकी पोस्ट में सबसे भावुक लाइन थी…“Living in India completely changed my perspective on neighbours. They’re not just people next door. They’re the ones closest to you.”

कई यूजर्स ने भी अपने किस्से किए शेयर

कई यूजर्स ने अपने किस्से भी शेयर किए कि कैसे उनके पड़ोसी मुश्किल वक्त में परिवार की तरह साथ खड़े रहे. वायरल पोस्ट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी इंसानियत और सामाजिक बंधन हैं. यहां पड़ोसी सिर्फ दरवाजे के सामने रहने वाले लोग नहीं, बल्कि हर स्थिति में आपके साथ खड़े रहने वाले अनकहे रिश्ते होते हैं.

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सोशल मीडिया पर आई कमेंट्स की बाढ़

पोस्ट को @juliachaigneau नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…पड़ोसी आपके हम साया होते हैं. एक और यूजर ने लिखा…मुसीबत में पड़ोसी ही सबसे पहले काम आते हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कितनी खूबसूरत कहानी है, भारत की बात ही कुछ और है.

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