TECH EXPLAINED: Delhi Blast में Telegram का कनेक्शन! कैसे बना ये मैसेजिंग ऐप आतंकियों का नया अड

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Telegram: दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट के पीछे डॉक्टर उमर मोहम्मद का नाम सामने आया है जिसे आत्मघाती हमलावर बताया जा रहा है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, उमर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा था. वह कुछ अन्य कट्टरपंथी डॉक्टरों के साथ Telegram पर एक गुप्त ग्रुप में सक्रिय था जहां आतंकी गतिविधियों की प्लानिंग की जाती थी. बताया गया है कि उमर ने अपने दो साथियों की गिरफ्तारी के बाद घबराकर लाल किले के पास विस्फोट कर दिया.

Telegram

दुनियाभर में करोड़ों यूजर्स Telegram को एक सुरक्षित और प्राइवेट मैसेजिंग ऐप के रूप में इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब यह ऐप अपराध, फेक न्यूज़, बच्चों से जुड़े आपराधिक कंटेंट और आतंकवाद फैलाने का केंद्र बनता जा रहा है. Telegram की शुरुआत 2013 में रूसी अरबपति पावेल ड्यूरोव और उनके भाई निकोलाई ड्यूरोव ने की थी. आसान इंटरफेस और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन ने इसे लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया. यूक्रेन युद्ध और हांगकांग प्रोटेस्ट जैसे कई मौकों पर इसे जन आंदोलनों का जरिया भी बनाया गया.

आतंकवादियों का नया हथियार बना Telegram

Telegram के कम मॉडरेटेड चैनल्स और ग्रुप्स ने आतंकवादी संगठनों को अपने प्रचार और भर्ती के लिए एक सुरक्षित मंच दे दिया है. ISIS, अल-कायदा, हिजबुल्ला और हमास जैसे संगठन Telegram का इस्तेमाल नए सदस्यों को जोड़ने, फंड जुटाने और हिंसा फैलाने के लिए करते हैं. 2015 में पेरिस में हुए आतंकी हमले के दौरान जांच में पता चला था कि हमलावरों ने अपनी प्लानिंग Telegram और WhatsApp के जरिए की थी.

हालांकि बाद में Telegram ने ISIS से जुड़े चैनल्स हटाने का वादा किया, लेकिन 2024 की एक रिपोर्ट बताती है कि आतंकी कंटेंट अब भी सीमित रूप में ऐप पर मौजूद है.

Telegram की प्राइवेसी पॉलिसी बनी अपराधियों की ढाल

New York Times की हालिया जांच में खुलासा हुआ कि Telegram के लाखों चैनलों में खुलेआम हथियारों की बिक्री, ड्रग्स तस्करी और चरमपंथी प्रचार चल रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार, Telegram की 16,000 से ज्यादा चैनलों के 3.2 मिलियन से अधिक मैसेज स्कैन किए गए जिनमें से कई चैनल सफेद वर्चस्ववादी समूहों और अपराधियों के संपर्क में थे. Telegram की पॉलिसी के अनुसार, कंपनी बहुत सीमित डेटा रखती है और केवल कोर्ट ऑर्डर मिलने पर ही किसी यूजर का IP या फोन नंबर शेयर किया जा सकता है.

Telegram के संस्थापक पावेल ड्यूरोव का कहना है कि कंपनी ऐसे सरकारी आदेशों को मानने से इनकार करती है जो फ्री स्पीच और प्राइवेसी के सिद्धांतों के खिलाफ हों. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि Telegram ने अमेरिकी जांच एजेंसियों के कैपिटल हिल दंगे (2021) की जांच में सहयोग नहीं किया था.

Telegram का बचाव और आधिकारिक बयान

NDTV को दिए एक बयान में Telegram ने कहा कि उसकी Terms of Service में किसी भी प्रकार की हिंसा या आतंकवाद के प्रचार की अनुमति नहीं है. कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि Telegram रोजाना लाखों हानिकारक कंटेंट हटाता है और उसने Global Center for Combating Extremist Ideologies (Etidal) के साथ साझेदारी की है. Telegram ने यह भी कहा कि वह भारत के IT Act 2021 का पालन कर रहा है और अवैध सामग्री की रिपोर्ट मिलने पर तुरंत कार्रवाई करता है.

Telegram के खास फीचर्स

Telegram को बाकी मैसेजिंग ऐप्स से अलग बनाते हैं इसके कुछ एडवांस फीचर्स.

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption): सीक्रेट चैट्स में भेजे गए संदेश सिर्फ भेजने और पाने वाले ही पढ़ सकते हैं.

सेल्फ-डिस्ट्रक्टिंग मैसेजेज: यूजर्स अपने चैट्स को एक तय समय बाद अपने-आप डिलीट होने के लिए सेट कर सकते हैं.

बड़े ग्रुप्स और चैनल्स: एक ही चैनल में लाखों लोग जुड़ सकते हैं जिससे जानकारी बहुत तेजी से फैलती है.

क्लाउड बेस्ड चैट्स: Telegram की चैट्स और मीडिया क्लाउड में सेव होती हैं जिससे डेटा कभी भी किसी भी डिवाइस पर एक्सेस किया जा सकता है.

बॉट्स और ऑटोमेशन: Telegram बॉट्स की मदद से यूजर्स गेम्स खेल सकते हैं पोल बना सकते हैं या ऑटोमैटिक रिप्लाई सेट कर सकते हैं.

प्राइवेसी का ढाल या खतरा?

Telegram का दावा है कि यह सबसे सुरक्षित और प्राइवेट चैटिंग ऐप है लेकिन इसकी यही प्राइवेसी अब आतंकी, अपराधी और हैकर्स के लिए भी ‘सेफ ज़ोन’ बन गई है. क्योंकि Telegram पर चैट्स और चैनल्स का पूरा एक्सेस कंपनी को भी नहीं होता इसलिए किसी अवैध गतिविधि को ट्रैक करना बहुत मुश्किल हो जाता है. इसी वजह से ड्रग्स, हथियारों की बिक्री, फेक न्यूज और आतंकवादी प्रचार जैसी चीजें इस ऐप पर तेजी से फैल रही हैं.

क्या यूजर्स की प्राइवेसी अब खतरे में है?

Telegram यह दावा करता है कि वह यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखता है लेकिन अगर किसी देश की सरकार “राष्ट्रीय सुरक्षा” के नाम पर डेटा की मांग करे तो यह ऐप कई बार सहयोग नहीं करता. इससे एक सवाल उठता है क्या Telegram की प्राइवेसी यूजर्स की सुरक्षा से ज्यादा अहम है?

Telegram का नाम आज सिक्योरिटी और प्राइवेसी के प्रतीक के रूप में लिया जाता है लेकिन यही फीचर्स अब खतरे की घंटी बन गए हैं. जहां एक ओर यह ऐप यूजर्स को आज़ादी देता है, वहीं दूसरी ओर यह अपराधियों और आतंकियों के लिए डिजिटल छिपने की जगह भी बन गया है. ऐसे में अब समय आ गया है कि Telegram को अपनी पॉलिसीज़ और सिक्योरिटी सिस्टम को और सख्त बनाना होगा ताकि प्राइवेसी के साथ पब्लिक सेफ्टी भी बनी रहे.

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टैरो कार्ड से जानें कैसे रहेगा आपका 15 नवंबर 2025 का दिन, पढ़ें टैरो राशिफल

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मेष टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स के अनुसार, काम से संबंधित सफलता मिलने के बाद भी खुद को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे. किसी व्यक्ति के लिए आकर्षण महसूस होने के बाद भी आप अपनी भावनाओं को उनके सामने प्रकट नहीं कर पाएंगे. अपच की समस्या होने के कारण बेचैनी महसूस होती रहेगी.

मेष टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स के अनुसार, काम से संबंधित सफलता मिलने के बाद भी खुद को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे. किसी व्यक्ति के लिए आकर्षण महसूस होने के बाद भी आप अपनी भावनाओं को उनके सामने प्रकट नहीं कर पाएंगे. अपच की समस्या होने के कारण बेचैनी महसूस होती रहेगी.

वृषभ टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि काम की जगह बढ़ती हुई कंपटीशन की वजह से खुद पर दबाव बिल्कुल न बनने दें. आपको आपकी मेहनत का फल मिलने वाला है.  लव रिलेशनशिप से संबंधित उलझनें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं. पेट संबंधित विकार बढ़ सकते हैं.

वृषभ टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि काम की जगह बढ़ती हुई कंपटीशन की वजह से खुद पर दबाव बिल्कुल न बनने दें. आपको आपकी मेहनत का फल मिलने वाला है. लव रिलेशनशिप से संबंधित उलझनें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं. पेट संबंधित विकार बढ़ सकते हैं.

मिथुन टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार व्यापार क्षेत्र से जुड़े हुए लोगों को पार्टनरशिप से संबंधित अवसर मिलेंगे. परिवार और पार्टनर के बीच हो रहे विवादों को दूर कर पाना मुश्किल हो सकता है. सिर में भारीपन और आंखों से संबंधित तकरार महसूस होगी.

मिथुन टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार व्यापार क्षेत्र से जुड़े हुए लोगों को पार्टनरशिप से संबंधित अवसर मिलेंगे. परिवार और पार्टनर के बीच हो रहे विवादों को दूर कर पाना मुश्किल हो सकता है. सिर में भारीपन और आंखों से संबंधित तकरार महसूस होगी.

कर्क टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि काम की जगह आपकी तारीफ हो सकती है; ये केवल प्रयास है, प्रगति नहीं, इस बात का ध्यान रखना होगा. रिलेशनशिप से संबंधित निर्णय लेते समय हर एक बात का सोच-विचार करके आगे बढ़ें. पेट से संबंधित इंफेक्शन होने की संभावना बन रही है.

कर्क टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि काम की जगह आपकी तारीफ हो सकती है; ये केवल प्रयास है, प्रगति नहीं, इस बात का ध्यान रखना होगा. रिलेशनशिप से संबंधित निर्णय लेते समय हर एक बात का सोच-विचार करके आगे बढ़ें. पेट से संबंधित इंफेक्शन होने की संभावना बन रही है.

सिंह टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि उच्च शिक्षा के लिए प्रयत्न बढ़ाने की आवश्यकता है. पैसों की वजह से एडमिशन से संबंधित बातों में थोड़ी रुकावट हो सकती है. परिवार के खिलाफ जाकर विवाह से संबंधित निर्णय से लेने से पहले पार्टनर की परख ठीक से करें. किन पदार्थों का सेवन करने से नुकसान हो सकता है, इस बात का ध्यान रखें.

सिंह टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि उच्च शिक्षा के लिए प्रयत्न बढ़ाने की आवश्यकता है. पैसों की वजह से एडमिशन से संबंधित बातों में थोड़ी रुकावट हो सकती है. परिवार के खिलाफ जाकर विवाह से संबंधित निर्णय से लेने से पहले पार्टनर की परख ठीक से करें. किन पदार्थों का सेवन करने से नुकसान हो सकता है, इस बात का ध्यान रखें.

कन्या टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि करियर या काम से संबंधित अवसर का चुनाव करते समय, आपकी दुविधा बढ़ सकती है. अपनी हर एक मानसिक तकलीफ के लिए पार्टनर को दोषी ठहराना गलत होगा. खानपान में बदलाव करने की आवश्यकता है. तला हुआ या मसालेदार खाना बंद करें.

कन्या टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि करियर या काम से संबंधित अवसर का चुनाव करते समय, आपकी दुविधा बढ़ सकती है. अपनी हर एक मानसिक तकलीफ के लिए पार्टनर को दोषी ठहराना गलत होगा. खानपान में बदलाव करने की आवश्यकता है. तला हुआ या मसालेदार खाना बंद करें.

तुला टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार स्टॉक मार्केट क्षेत्र से जुड़े लोगों को अनेक प्रकार की चिंता महसूस हो सकती है. आपसी विवादों की चर्चा दूसरों के साथ न करें, वरना गलतफहमी बढ़ेगी. अपनी सेहत से संबंधित चिंता बार-बार महसूस होती रहेगी.

तुला टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार स्टॉक मार्केट क्षेत्र से जुड़े लोगों को अनेक प्रकार की चिंता महसूस हो सकती है. आपसी विवादों की चर्चा दूसरों के साथ न करें, वरना गलतफहमी बढ़ेगी. अपनी सेहत से संबंधित चिंता बार-बार महसूस होती रहेगी.

वृश्चिक टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि काम से संबंधित लोगों पर बढ़ रही निर्भरता नुकसान का कारण बन सकती है. पार्टनर के साथ हो रहे विवाद के समय शब्दों का उपयोग सोच-समझकर करें. हाई बीपी की समस्या बढ़ने की आशंका है. खुद को तनावमुक्त रखने की कोशिश करें.

वृश्चिक टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि काम से संबंधित लोगों पर बढ़ रही निर्भरता नुकसान का कारण बन सकती है. पार्टनर के साथ हो रहे विवाद के समय शब्दों का उपयोग सोच-समझकर करें. हाई बीपी की समस्या बढ़ने की आशंका है. खुद को तनावमुक्त रखने की कोशिश करें.

धनु टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मार्केटिंग से जुड़े लोगों का काम लाभ की ओर बढ़ता हुआ नजर आएगा. पार्टनर को दिए गए वचन का पूरा पालन करने की कोशिश करें. जीवन शैली में आ रहे बदलाव के कारण वजन बढ़ता हुआ नजर आएगा.

धनु टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मार्केटिंग से जुड़े लोगों का काम लाभ की ओर बढ़ता हुआ नजर आएगा. पार्टनर को दिए गए वचन का पूरा पालन करने की कोशिश करें. जीवन शैली में आ रहे बदलाव के कारण वजन बढ़ता हुआ नजर आएगा.

मकर टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि किसी एक स्रोत के जरिए आर्थिक लाभ मिल सकता है. पार्टनर के साथ पिकनिक या यात्रा का प्लान अचानक से बन सकता है. दिन की शुरुआत में सेहत में उतार-चढ़ाव नजर आएगा, लेकिन किसी भी प्रकार की बड़ी तकलीफ नहीं होगी.

मकर टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि किसी एक स्रोत के जरिए आर्थिक लाभ मिल सकता है. पार्टनर के साथ पिकनिक या यात्रा का प्लान अचानक से बन सकता है. दिन की शुरुआत में सेहत में उतार-चढ़ाव नजर आएगा, लेकिन किसी भी प्रकार की बड़ी तकलीफ नहीं होगी.

कुंभ टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार अपने काम से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लेना आपके लिए संभव होगा. पार्टनर के सामने हर बार जिद करना सही नहीं है, विवाद हो सकते हैं. बढ़ते वजन की वजह से हार्मोनल इंबैलेंस होने की आशंका बन रही है.

कुंभ टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार अपने काम से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लेना आपके लिए संभव होगा. पार्टनर के सामने हर बार जिद करना सही नहीं है, विवाद हो सकते हैं. बढ़ते वजन की वजह से हार्मोनल इंबैलेंस होने की आशंका बन रही है.

मीन टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि अपने काम में पारंगत होने की वजह से काम का विस्तार कर पाना आसान होगा. काम के विस्तार के साथ अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रयत्न करते रहें. पार्टनर्स एक-दूसरे के अलग-अलग विचारों को जानकर एक-दूसरे को समझने की कोशिश करेंगे. शरीर पर सूजन किस कारण हो रही है, इसकी जांच डॉक्टर के द्वारा करवाएं.

मीन टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि अपने काम में पारंगत होने की वजह से काम का विस्तार कर पाना आसान होगा. काम के विस्तार के साथ अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रयत्न करते रहें. पार्टनर्स एक-दूसरे के अलग-अलग विचारों को जानकर एक-दूसरे को समझने की कोशिश करेंगे. शरीर पर सूजन किस कारण हो रही है, इसकी जांच डॉक्टर के द्वारा करवाएं.

Published at : 14 Nov 2025 02:30 PM (IST)

राशिफल फोटो गैलरी

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बॉम्ब ब्लास्ट के डर से खिलाड़ियों ने खेलने से किया था मना, फिर क्यों हो रहा PAK-SL दूसरा ODI

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पाकिस्तान दौरे पर पहला वनडे खेलने के बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम ने दूसरा मैच खेलने से मना कर दिया था. दरअसल इस्लामाबाद में हुए बम ब्लास्ट के बाद खिलाड़ी डरे हुए थे, वह घर लौटना चाहते थे. लेकिन अब दूसरा वनडे खेला जा रहा है, जिसमें पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया.

पाकिस्तान बनाम श्रीलंका दूसरा वनडे 13 नवंबर को खेला जाना था, लेकिन इसे रीशेड्यूल करना पड़ा. इससे पहले खबर आई थी कि इस्लामाबाद में हुए बम ब्लास्ट के बाद श्रीलंका के प्लेयर्स डरे हुए हैं, वह अब पाकिस्तान में खेलना नहीं चाहते. पहले वनडे में भी सभी खिलाड़ियों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्टेडियम लाया गया था.

क्यों खेलने को तैयार हुई श्रीलंका टीम

अगर श्रीलंका टीम पाकिस्तान का दौरा बीच में छोड़कर लौट जाती तो पाकिस्तान की किरकिरी हो जाती. बता दें कि कुछ साल पहले न्यूजीलैंड टीम भी पाकिस्तान में आतंकी धमकी के बाद सीरीज बीच में छोड़कर चली गई थी. श्रीलंका क्रिकेट और पीसीबी के बीच बातचीत चल रही थी, पीसीबी उन्हें आश्वस्त करने में लगा था कि टीम को पूरी सुरक्षा में रखा जाएगा.

इस्लामाबाद बम विस्फोट के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने एलान किया कि श्रीलंका टीम को राज्य स्तरीय सुरक्षा प्रदान की जाएगी. उन्होंने बताया था कि पुलिस के साथ अब सेना और रेंजर्स भी मेहमान टीम की सुरक्षा का ध्यान रखेंगे.

नकवी ने पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाड़ियों से मुलाकात की, जिसके बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि श्रीलंका की सरकार और बोर्ड ने सीरीज जारी रखने का फैसला किया है. उन्होंने इसकी पुष्टि की थी कि इस्लामाबाद में हुए ब्लास्ट के बाद श्रीलंका के कुछ खिलाड़ी स्वदेश लौटना चाहते थे.

फील्ड मार्शल ने की श्रीलंका के रक्षा मंत्री से बात

मोहसिन नकवी ने कहा था, “पाकिस्तान और श्रीलंका के अधिकारियों के बीच निरंतर बातचीत से सकारात्मक नतीजा निकला है. फील्ड मार्शल ने खुद श्रीलंका के रक्षा मंत्री और सचिव से बात की है. मैं खिलाड़ियों का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने पाकिस्तान में ही रहने का फैसला करके बहुत बहादुरी दिखाई. मैंने खुद श्रीलंका के प्लेयर्स के साथ लंबी बातचीत की है, ताकि उन्हें आश्वस्त किया जा सके कि उनकी सुरक्षा पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है.”



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‘दे दे प्यार दे 2’ ओपनिंग डे पर अजय देवगन का एक रिकॉर्ड तोड़ चुकी, 2 अभी बाकी

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अजय देवगन और रकुल प्रीत की मच अवेटेड रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ सिनेमाहॉल में रिलीज हो चुकी है. कुछ दिन पहले ही अजय की ‘सन ऑफ सरदार 2’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थी.

इसके बाद से ही उनके फैंस को उनकी किसी ऐसी फिल्म का इंतजार था जो ओपनिंग डे पर ही ताबड़तोड़ कलेक्शन करे. ऐसे में जान लेते हैं कि ‘दे दे प्यार दे 2’ क्या ओपनिंग डे पर ताबड़तोड़ कलेक्शन कर पा रही है?

‘दे दे प्यार दे 2’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

अजय देवगन और आर माधवन की फिल्म ने ओपनिंग डे पर 4:05 बजे तक 2.53 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है. ये आंकड़ा फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का डेटा रखने वाली वेबसाइट सैक्निल्क के मुताबिक है और अभी शुरुआती है. इसमें बदलाव हो सकता है.

फिल्म को लेकर कोईमोई का प्रीडिक्शन था कि ये ओपनिंग डे पर 8-10 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लेगी. अब देखना ये होगा कि क्या ये फिल्म इन आंकड़ों तक पहुंच पाती है या नहीं.

‘दे दे प्यार दे 2’ क्या तोड़ेगी अजय की इन फिल्मों का रिकॉर्ड?

इस साल अजय देवगन की 3 फिल्में रिलीज हुईं- आजाद, रेड 2 और सन ऑफ सरदार 2. इनमें से ये आजाद का ओपनिंग डे कलेक्शन पीछे हो चुका है लेकिन अब भी रेड 2 और सन ऑफ सरदार 2 की ओपनिंग डे कमाई से फिल्म पीछे है. इन सभी फिल्मों का ओपनिंग डे कलेक्शन इस प्रकार है-

  • आजाद- 1.5 करोड़
  • सन ऑफ सरदार 2- 7.25 करोड़
  • रेड 2- 19.25 करोड़


‘दे दे प्यार दे 2’ का रिव्यू और स्टारकास्ट

फिल्म में अजय देवगन, जावेद जाफरी, मीजान जाफरी, रकुल प्रीत और आर माधवन जैसे एक्टर्स हैं. प्यार का पंचनामा जैसी फिल्में बनाने वाले लव रंजन ने फिल्म की कहानी लिखी है और इसे अंशुल शर्मा ने डायरेक्ट किया है.

एबीपी न्यूज ने फिल्म को अपने रिव्यू में साढ़े तीन स्टार देते हुए एक सरप्राइज एंटरटेनर फिल्म बताया है. साथ ही, आर माधवन की एक्टिंग की भी खूब तारीफ की है.



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बांग्लादेश में बड़ा सियासी खेल? शेख हसीना के 4 बड़े U-Turn ने बढ़ाई हलचल

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बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अचानक एक नए राजनीतिक तेवर के साथ सामने आई हैं. उनके ताज़ा इंटरव्यू में दिए गए बयान न सिर्फ ढाका की राजनीति को, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया को चौंका रहे हैं. अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद हसीना जहां लगातार अमेरिका और पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराती रही थीं, अब वो बेहद नपा-तुला और संयमित रुख अपना रही है.

अगस्त 2024 में शासन बदलने के तुरंत बाद हसीना ने दावा किया था कि उनकी सरकार अमेरिकी दखल के कारण गिरी. उनके कई मंत्रियों तक ने कहा था कि वाशिंगटन ने राजनीतिक अस्थिरता का रास्ता तैयार किया, लेकिन अब हसीना बिल्कुल अलग लहजे में बात कर रही हैं. हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे किसी एक देश को दोषी नहीं मानतीं. उनके अनुसार, उन्हें गलत सूचनाएं देकर राजनीतिक हालात बिगाड़े गए और इस पूरी कहानी में मोहम्मद यूनुस की भूमिका ज्यादा अहम रही. यह उनके पुराने बयानों से बिल्कुल उलटा रुख है.

मोहम्मद यूनुस पर आरोपों से नरम हुईं हसीना

कभी यूनुस को अमेरिका का हथियार बताने वाली हसीना अब कहीं अधिक संतुलित बयान दे रही हैं. उन्होंने कहा कि यूनुस को केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि पश्चिमी देशों का एक बड़ा नेटवर्क समर्थन देता है. साथ ही, वे यह भी कहती नजर आईं कि उन्हें अमेरिका से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है. उनका यह रुख संकेत देता है कि वे वाशिंगटन से रिश्ते सुधारने की तैयारी में हैं.

पाकिस्तान को लेकर भी बदली भाषा

हसीना ने तख्तापलट के बाद पाकिस्तान के खिलाफ बेहद कड़े बयान दिए थे, लेकिन अब वे बहुत सीमित टिप्पणी कर रही हैं और कह रही हैं कि ढाका-इस्लामाबाद के बीच राजनयिक संबंधों में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. उनका यह नरम स्वर दक्षिण एशियाई भू-राजनीति के लिहाज से बड़ा संकेत माना जा रहा है.

सेंट मार्टिन द्वीप पर विवाद से पीछे हटने के संकेत

लंबे समय से हसीना यह दावा करती रही थीं कि अमेरिका सेंट मार्टिन द्वीप पर अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है. कई बार उन्होंने कहा था कि इस दबाव का विरोध करने के कारण ही उनकी सरकार को कमजोर किया गया, लेकिन अब अपने इंटरव्यू में उन्होंने इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साध ली है. उनके शब्दों में कुछ बातें बंद दरवाज़ों के पीछे हुई थीं, जिन पर अभी चर्चा का सही समय नहीं है.

आखिर इतने बड़े राजनीतिक बदलाव क्यों?

विशेषज्ञों का मानना है कि हसीना के इन बड़े बदलावों के पीछे गहरी रणनीति है.बांग्लादेश में फरवरी 2026 में आम चुनाव होने हैं और हसीना धीरे-धीरे अपने राजनीतिक समीकरण नए सिरे से साध रही हैं. इसके अलावा उनके समर्थक मौजूदा सरकार और यूनुस के खिलाफ खुलकर विरोध कर रहे हैं, जिससे देश की सत्ता व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है. दूसरी ओर, बीएनपी और जमात के रास्ते अलग होने से विपक्ष की स्थिति भी बिखरी हुई है, जिससे राजनीतिक तस्वीर और जटिल हो गई है.

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जामिया में मुस्लिमों को 30% आरक्षण तो हिंदुओं के लिए कितना कोटा? कैसे होता है बंटवारा

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दिल्ली में स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया किसी पहचान का मोहताज नहीं है. साथ ही ये संस्थान अपने खास आरक्षण सिस्टम को लेकर भी हमेशा चर्चा में रहता है. ये देश के उन चुनिंदा विश्वविद्यालय में है जिसे अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा मिला हुआ है. कोर्ट के एक खास निर्णय के बाद जामिया  मिल्लिया इस्लामिया को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 30(1) के तहत यह दर्जा मिला, जिसके चलते यहां मुस्लिम स्टूडेंट्स के लिए खास आरक्षण की व्यवस्था लागू हुई.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रत्येक प्रोग्राम में 30 फीसदी सीटें मुस्लिम छात्रों के लिए रिजर्व्ड हैं. यदि किसी कोर्स में 100 सीटें हैं तो 30 सीटें केवल मुस्लिम कैंडिडेट्स को दी जाती हैं. विश्वविद्यालय की तरफ से मुस्लिम महिलाओं को भी खास अवसर दिया गया है. हर प्रोग्राम में 10 प्रतिशत सीटें मुस्लिम महिलाओं के लिए सुरक्षित रखी गई हैं.
 
मुस्लिम ओबीसी और एसटी के लिए 10% आरक्षण

साथ ही 10 फीसदी सीटें मुस्लिम समुदाय के ओबीसी और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों के लिए रिजर्व्ड हैं. हालांकि ये आरक्षण केवल नॉन-क्रीमी लेयर वाले उम्मीदवारों को ही मिलेगा. कैंडिडेट्स को इस लिए केंद्र सरकार की लिस्ट में शामिल प्रमाण पत्र जमा करना आवश्यक है. अगर इन 10% आरक्षित सीटों (महिलाओं या ओबीसी/एसटी वर्ग) में सीटें खाली रह जाती हैं, तो वे सीटें सामान्य मुस्लिम श्रेणी में स्थानांतरित कर दी जाती हैं.

दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 5% आरक्षण

जामिया में दिव्यांग छात्रों के लिए भी 5% सीटें आरक्षित हैं. इसमें अलग-अलग प्रकार की दिव्यांगता दी गई है. जिनमें दृष्टि बाधित, सुनने में कमी, चलने-फिरने में दिक्कत, मानसिक विकलांगता, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, पार्किंसन जैसी स्थितियां शामिल हैं.

जामिया स्कूलों के छात्रों के लिए 5% आरक्षण

इसके अलावा जिन छात्रों ने जामिया स्कूलों से अपनी 10वीं या 12वीं की परीक्षा पास की है, उन्हें भी फायदा मिलता है. विश्वविद्यालय में 5% सीटें इंटरनल (Internal) छात्रों के लिए आरक्षित हैं. यानी जिन्होंने जामिया से अपनी स्कूली पढ़ाई की है, उन्हें दाखिले में प्राथमिकता दी जाती है.

जामिया में कौन पढ़ सकता है

हालांकि जामिया मिल्लिया इस्लामिया एक अल्पसंख्यक संस्थान है, लेकिन यहां हर धर्म और राज्य के छात्र दाखिला ले सकते हैं. गैर-मुस्लिम छात्रों के लिए भी बड़ी संख्या में सीटें खुली रहती हैं और हर साल देशभर से हजारों छात्र यहां आवेदन करते हैं.

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Video: हाई IQ वाला बंदा देख लो! तेज दिमाग का इस्तेमाल कर लूट करने आए बदमाशों को अकेले खदेड़ा

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Social Media Viral Video: पल भर की सतर्कता किसी भी बड़ी घटना को टाल सकती है. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें  पेट्रोल पंप पर लूट की कोशिश को एक कर्मचारी की तेजी और चतुराई से नाकाम कर दिया गया. वीडियो में देखा गया है कि पेट्रोल पंप पर लूट की कोशिश करने आए बदमाशों को कर्मचारी ने ऐसा सबक सिखाया कि सब के सब वहां से फरार हो गए.

बिना देरी किए कर्मचारी ने बदमाशों पर छिड़का पेट्रोल

वीडियो की शुरूआत में देखा जा सकता है कि एक सफेद कार पेट्रोल पंप के पास खड़ी है. उस कार में पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारी फ्यूल भर रहा होता है. इसी दौरान एक सफेद रंग की वैन पेट्रोल पंप पर आती है, जिसक अंदर से तीन लोग बाहर निकलते हैं.

तीनों जिल तरह वैन से बाहर आते है उसे देखकर साफ होता है कि वह पेट्रोल पंप पर लूट के मकसद से आए है. कर्मचारी कार में पेट्रोल डाल ही रहा होता है, लेकिन जैसे ही वैन में से तीनों बाहर आते हैं. कर्मचारी तुरंत पेट्रोल उनके ऊपर डालना शुरू कर दिया. वीडियो में देख सकते हैं कि पूरी वैन और तीनों बदमाश पेट्रोल से पूरी तरह भीग गए होते हैं.

यूजर्स ने की सतर्कता की तारीफ

कर्मचारी की इस तेजी के चलते तीनों बदमाश डर जाते हैं और तुरंत वहां से भागने की कोशिश करने लगते हैं. कर्मचारी ने अच्छे से पूरी वैन के अंदर तक पेट्रोल डाल दिया होता है. आगे वीडियो में देख सकते हैं कि तीनों वैन में तेजी से बैठकर वहां से फरार हो जाते हैं.

ये घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो पर लोगों की तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी. लोगों ने कर्मचारी की सतर्कता की तारीफ की. 


इसी साल लॉन्च हुआ यह आईफोन हो गया 18,000 रुपये से ज्यादा सस्ता, तुरंत उठाएं मौके का फायदा

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अगर आप कम कीमत पर नया आईफोन खरीदना चाहते हैं तो आपके लिए एक अच्छा मौका आया है. इसी साल लॉन्च हुए iPhone 16e पर शानदार छूट मिल रही है, जिससे इसकी कीमत काफी कम हो गई है. लगभग 60,000 रुपये की कीमत के साथ लॉन्च हुए इस आईफोन पर 18,000 से रुपये से ज्यादा की बचत की जा सकती है. ऐसे में अगर आप अपना फोन अपग्रेड करना चाहते हैं या अपने किसी दोस्त को आईफोन गिफ्ट करना चाहते हैं तो यह शानदार मौका है. आइए इस फोन के फीचर और इस पर मिल रही डील के बारे में विस्तार से जानते हैं. 

iPhone 16e के फीचर

आईफोन 16 सीरीज के किफायती एडिशन iPhone 16e को इस साल की शुरुआत में लॉन्च किया गया था. इस आईफोन में 6.1 इंच का OLED डिस्प्ले है, जो 60Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. इसके रियर में 2x ऑप्टिकल जूम के साथ 48MP कैमरा और फ्रंट में सेल्फी और वीडियो के लिए 12MP कैमरा मिलता है. एल्युमिनियम बॉडी वाले इस आईफोन में  A18 चिपसेट मिलता है और यह कई ऐप्पल इंटेलीजेंस फीचर्स के साथ लॉन्च हुआ था. यह फोन USB-C पोर्ट के साथ लॉन्च हुआ था.

फोन पर मिल रही यह शानदार डील

भारत में इस आईफोन को 59,900 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया गया था, लेकिन अब यह रिलायंस डिजिटल की वेबसाइट पर 10,910 रुपये की छूट के बाद 48,990 रुपये में लिस्टेड है. इसके अलावा अगर आप HSBC क्रेडिट कार्ड से EMI ट्रांजेक्शन सेलेक्ट करते हैं तो 7,500 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी. इस तरह देखा जाए तो फोन पर 18,000 रुपये से ज्यादा का डिस्काउंट मिल रहा है. सिर्फ इतना ही नहीं, आप अपने पुराने आईफोन या एंड्रॉयड स्मार्टफोन को एक्सचेंज कर नए आईफोन पर और भी छूट पा सकते हैं. 

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महंगाई में आई रिकॉर्ड कमी, क्या दिसंबर में सस्ता होगा लोन? जानें रिपोर्ट का अनुमान

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Repo Rate Cut Expectation: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के द्वारा दिसंबर महीने में होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की मीटिंग में रेपो रेट में कटौती होने की संभावना है. गुरुवार को अर्थशास्त्रियों ने जानकारी दी कि, अक्टूबर महीने में महंगाई दर में कमी आई है. खुदरा महंगाई दर अक्टूबर में रिकॉर्ड 0.25 फीसदी के निचले स्तर पर पहुंची है, जो सितंबर महीने में 1.44 प्रतिशत थी.

बतौर जानकार, ये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) सीरीज में दर्ज की गई सबसे कम महंगाई दर है. कुल मिलाकर महंगाई इसलिए कम हुई है क्योंकि, एक तरफ खाने-पीने की चीजों की कीमतों में कमी आई है और वहीं दूसरी तरफ बाकी जरूरी सामानों की कीमतें भी धीमी रफ्तार से बढ़ रही हैं.

क्रिसिल ने क्या दी जानकारी?

क्रिसिल की ओर से दी जानकारी के अनुसार, उम्मीद से अधिक खाद्य महंगाई दर में आई कमी, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों कम होने और जीएसटी रिफॉर्म के कारण खुदरा महंगाई दर इस वित्त वर्ष में औसत 2.5 प्रतिशत रह सकती है. जो कि पिछले साल के आंकड़े 4.6 प्रतिशत से काफी कम है. साथ ही जीएसटी रिफॉर्म का फायदा आम लोगों तक पहुंच रहा है. हालांकि, अक्टूबर महीने में जीएसटी का प्रभाव पूरी से तरह से ट्रांसफर नहीं हो पाया था. जिसका प्रभाव नवंबर महीने में देखने को मिलेगा. 

साथ ही क्रिसिल ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि, नवंबर महीने में खुदरा महंगाई दर 0.9 प्रतिशत है, जीसटी बदलावों से इनमें और गिरावट आने की संभावना है. साथ ही वित्त वर्ष 2026 में मुख्य महंगाई दर 2 फीसदी से कम रह सकती है. 

अक्टूबर में रेपो रेट में नहीं किया गया था बदलाव

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अक्टूबर में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया था. रेपो रेट को 5.5 प्रतिशत रखने का निर्णय लिया गया था. इससे पहले अगस्त महीने में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था. अमेरिका के द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ का असर समिति के निर्णय में देखने को मिला था.  

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मोटापा कम करने के लिए भारत की पहली दवा ट्रायल में सफल, जानें मार्केट में कब आएगी?

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Weight loss medicine: सन फार्मा की नई दवा यूट्रिग्लूटाइड, जिसे मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए विकसित किया जा रहा है, उसने शुरुआती क्लिनिकल स्टडी में मेनोपॉज के बाद वाली महिलाओं में महत्वपूर्ण वजन घटाने और मेटाबॉलिक सुधार दिखाए हैं. इस दवा के फेज 1a/2b ट्रायल के नतीजे इस हफ्ते अमेरिका के न्यू ऑरलियन्स में हुए अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के साइंटिफिक सेशन में पेश किए गए. यूट्रिग्लूटाइड उसी दवा समूह से है, जिसमें दुनिया भर में चर्चित मोनजारो और विगोवी आती हैं. इन दवाओं की खासियत यह रही कि ये भारत में भी तेजी से लोकप्रिय हुई हैं. ये दवाएं GLP-1 रेसेप्टर एगोनिस्ट हैं, जो लिवर के हार्मोन की तरह काम करके भूख कम करती हैं.

क्या निकला ट्रायल में?

सन फार्मा के मुताबिक, वजन घटाने के अलावा इस दवा ने सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर, लिवर फैट, और इंसुलिन सेंसिटिविटी से जुड़े कई बायोमार्कर में सुधार दिखाया. इसके साथ ही सीरम यूरिक एसिड भी कम हुआ, जिससे यह पता चलता है कि दवा मेटाबॉलिक समस्याओं के कई पहलुओं पर असर डाल सकती है. सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने कहा कि “मोटापा और मेटाबॉलिक लिवर डिजीज तेजी से बढ़ रही हैं, खासकर मेनोपॉज़ के बाद की महिलाओं में. इस शुरुआती स्टडी के नतीजे उत्साहजनक हैं और हमें इन बीमारियों से निपटने के लिए बेहतर इलाज विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं.”

बढ़ रही दिक्कत

भारत का एंटी-ओबेसिटी दवा का बाजार फिलहाल 3,000 से 3,500 करोड़ रुपये का है, जो 2030 तक बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. इसके पीछे मोटापा और लाइफस्टाइल डिजीज के बढ़ते दिक्कत को देखकर यह अनुमान लगाया गया.

स्टडी के नतीजे उम्मीद जगाने वाले

इस ट्रायल में 52 से 69 साल की मेनोपॉज के बाद वाली महिलाएं शामिल थीं, जिन्हें मोटापे की समस्या थी. 14 हफ्ते तक दवा लेने के बाद यूट्रिग्लूटाइड लेने वालों का औसतन 8 प्रतिशत वजन घटा और यह 17वें हफ्ते तक बना रहा. प्लेसबो लेने वालों का वजन सिर्फ 2.1 प्रतिशत और 1.2 प्रतिशत घटा.

14वें हफ्ते तक क्या देखने को मिला?

  • 76 प्रतिशत महिलाओं का वजन 5 प्रतिशत से ज्यादा घटा.
  • 25 प्रतिशत महिलाओं का वजन 10 प्रतिशत से ज्यादा कम हुआ.
  • शुरुआत में औसत BMI 43 था, जो 14 और 17 हफ्ते तक घटकर 39.7 से 39.8 हो गया.

इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि लिवर फैट में 28.6 प्रतिशत की कमी, जबकि प्लेसबो समूह में सिर्फ 2.7 प्रतिशत गिरावट देखी गई. ये नतीजे बताते हैं कि यह दवा मोटापे के साथ-साथ MASLD मेटाबॉलिक लिवर डिजीज जैसी समस्याओं में भी मददगार हो सकती है.

साइड इफेक्ट

अगर इसके साइड इफेक्ट की बात करें, तो भूख कम लगना, जल्दी पेट भर जाना, मतली, अपच और उलटी शामिल था. जो GLP-1 दवाओं में सामान्य माने जाते हैं. ट्रायल से जुड़े डॉ. रोहित लूंबा (यूसी सैन डिएगो) ने कहा कि “यूट्रिग्लूटाइड ने मोटापे और MASLD वाली महिलाओं में लिवर फैट और कई मेटाबॉलिक पैरामीटर में बेहतरीन सुधार दिखाया है, जो बेहद उत्साहजनक है.” ट्रायल के बाद अगर सब कुछ मंजूरी मिल जाती है, तो यह दवा बाजार में जल्द इंट्र कर सकती है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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