मीन साप्ताहिक टैरो राशिफल (16 से 22 नवंबर 2025): गुरुवार को नए अवसर और रिश्तों में बदलाव, व्याप

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Meen Saptahik Tarot Rashifal 16 to 22 November: यह सप्ताह मीन राशि वालों के लिए ऊर्जा और भावनाओं का मिश्रित समय लेकर आ रहा है. टैरो कार्ड संकेत देते हैं कि इस सप्ताह आपका व्यवहार सामान्य से थोड़ा अधिक आक्रामक या प्रतिक्रियात्मक हो सकता है. सप्ताह की शुरुआत में मानसिक उतार-चढ़ाव रह सकता है. गुरुवार का दिन विशेष रहेगा—इस दिन नए अवसर, रिश्तों से जुड़ी घटनाएँ और कुछ विरोध आपके जीवन में एक साथ प्रवेश कर सकते हैं. 

बिज़नेस राशिफल

व्यवसाय में सावधानी की आवश्यकता है. साझेदारों के साथ गलतफहमियाँ उत्पन्न हो सकती हैं. किसी बड़े निर्णय को जल्दबाजी में न लें. धन का प्रवाह सामान्य रहेगा, पर बकाया वसूली में समय लग सकता है.

नौकरी राशिफल

ऑफिस में दबाव बढ़ेगा और आपको एक साथ कई काम निपटाने पड़ सकते हैं. सहकर्मियों से मतभेद संभव हैं, लेकिन आपके प्रदर्शन को सीनियर्स द्वारा सराहा जाएगा. गुरुवार को किसी नई जिम्मेदारी का अवसर मिल सकता है.

लव और फैमिली राशिफल

दांपत्य जीवन में खट्टे-मीठे अनुभव होंगे. रिश्तों में संवाद को प्राथमिकता दें. अविवाहित जातकों के लिए आकर्षण बढ़ेगा और कोई नई शुरुआत संभव है. परिवार में छोटे मुद्दों को अनदेखा करें, माहौल बेहतर रहेगा.

युवा और विद्यार्थी राशिफल

विद्यार्थियों को पढ़ाई पर अतिरिक्त ध्यान देना होगा. मेहनत का परिणाम मिलेगा, लेकिन ध्यान भटकने से बचें. युवाओं के लिए सप्ताह मिश्रित है—कुछ नए अनुभव मिलेंगे.

हेल्थ राशिफल

तनाव, अनिद्रा और थकान बढ़ सकती है. पानी और नींद का ध्यान रखें.

शुभ अंक: 9

शुभ रंग: पीला

उपाय: बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें और हरे मूंग का दान करें. इससे मानसिक शांति और कार्यों में सफलता मिलेगी.

FAQs

Q1: क्या इस सप्ताह कामकाज में सुधार होगा?
A1: हां, शुरुआत थोड़ी चुनौतीपूर्ण होगी लेकिन मध्य सप्ताह से सुधार दिखाई देगा.

Q2: क्या किसी नए रिश्ते की शुरुआत संभव है?
A2: हां, अविवाहित जातकों के लिए आकर्षण और नई शुरुआत के योग हैं.

Q3: क्या बिज़नेस में पार्टनरशिप ठीक रहेगी?
A3: सावधानी रखें, थोड़े मतभेद संभव हैं. जल्दबाजी में निर्णय न लें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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MRF के तिमाही नतीजे शानदार, मुनाफा में आई तेजी, शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड सरप्राइज

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MRF Q2 Results: देश की जानी-मानी टायर और रबर प्रोडक्ट्स बनानी वाली कंपनी मद्रास रबर फैक्ट्री (MRF) ने शुक्रवार, 14 नवंबर को अपने वित्त वर्ष 2025-26 के दूसरे तिमाही के नतीजों की घोषणा की है. कंपनी के इस तिमाही के नतीजे शानदार रहे है. बतौर कंपनी जुलाई–सितंबर 2024 तिमाही में उनका कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ 11.7 प्रतिशत बढ़कर 525.64 करोड़ रुपए हो गया है. अगर पिछले साल इस तिमाही की तुलना करें तो, यह आंकड़ा 470.70 करोड़ रुपए था.

साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने का ऐलान भी किया है. चेन्नई की इस दिग्गज कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपए फेस वैल्यू वाली प्रति इक्विटी शेयर पर 3 रुपए डिविडेंड देने की घोषणा की है. इस खबर से निवेशकों के चेहरे खुशी से खिल गए हैं. 

क्या कहता है कंपनी डेटा?

एमआरएफ के तीसरी तिमाही का नतीजे शानदार रहे हैं. कंपनी को 525.64 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ हुआ है. साथ ही कंपनी का ऑपरेशनल आय में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है. यह 7.23 प्रतिशत बढ़कर 7,378.72 करोड़ के आंकड़े पर पहुंच गई है.

पिछले साल यह आंकड़ा 6,881.09 करोड़ रुपए था. कंपनी का स्टैंडअलोन आय भी 7.2 फीसदी बढ़कर 7,249.68 करोड़ रुपए पर पहुंच गई हैं. जो पिछले वर्ष 6,760.37 करोड़ रुपए थी.

कंपनी ने की डिविडेंड देने की घोषणा

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने घोषणा की है कि, 10 रुपए फेस वैल्यू वाले प्रति इक्विटी शेयर पर 3 रुपए का अंतरिम डिविडेंड दिया जाएगा. जिसके लिए 21 नवंबर, 2025 का रिकॉर्ड डेट तय किया गया है. शेयरधारकों को 5 दिसंबर 2025 या उसके बाद अंतरिम डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा. 

शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी के शेयर

सप्ताह के आखिरी कारोबारी ट्रेडिंग सेशन शुक्रवार, 14 नवंबर को बीएसई पर कंपनी के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए थे. कंपनी शेयर 0.59 फीसदी या 942.10 रुपए की गिरावट दर्ज करते हुए 157432.05 रुपए पर बंद हुआ थी. दिन की शुरुआत में कंपनी के शेयर 1,59,399.95 रुपए पर खुला था.

एमआरएफ के 52 सप्ताह के हाई लेवल 1,63,500 रुपए और 52 सप्ताह का लो लेवल 1,00,500 रुपए रहा है.  

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भारत में बनेगा डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड, सरकार ने नोटिफाई किए DPDP एक्ट के नियम, जानें डिटेल्स

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भारत सरकार ने देश में पर्सनल डेटा की प्रोसेसिंग, प्रोटेक्शन और गवर्नेंस को रेगुलेट करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स, 2025 को नोटिफाई कर दिया है. इसके साथ ही डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के लागू होने का रास्ता साफ हो गया है. डेटा फिड्यूशरीज, कन्सेंट मैनेजर और यूजर के प्राइवेसी राइट्स को सुरक्षित करने के लिए इन नियमों से नई गाइडलाइंस सेट हो सकेंगी. इसके कई प्रोविजन तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएंगे, जबकि कुछ के लिए 12-18 महीनों का समय दिया गया है. इस तरह देखा जाए तो यह चरणबद्ध तरीके से लागू होगा.

डेटा फिड्यूशरीज को किया गया डिफाइन्ड

नियमों के मुताबिक, पर्सनल डेटा को कलेक्ट और प्रोसेस करने वाली कंपनियों और प्लेटफॉर्म को डेटा फिड्यूशरी माना जाएगा. वहीं जिस यूजर का डेटा प्रोसेस हो रहा है, वह डेटा प्रिंसिपल है. इसके अलावा कंसेंट मैनेजर एक ऑथोराइज्ड और न्यूट्रल इंटरमीडियरी है, जो यूजर को परमिशन मैनेज करने देगा.

डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड बनेगा

नोटिफिकेशन के मुताबिक, भारत में डेटा लीक और नियमों के पालन आदि को देखने के लिए चार मेंबर्स का डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड बनेगा. साथ ही इन नियमों से डेटा लीक की जानकारी देने की टाइमलाइन भी स्पष्ट हो गई है. सभी डेटा फिड्यूशरीज को पर्सनल डेटा लीक होने के 72 घंटों के भीतर बोर्ड को जानकारी देनी होगी, जबकि प्रभावित यूजर्स को इसकी जानकारी बिना किसी देरी के देना अनिवार्य किया गया है.

माइनर से जुड़े डेटा को लेकर सख्ती

सरकार के बच्चों के डेटा प्रोटेक्शन को लेकर सख्ती बरती है. सभी प्लेटफॉर्म्स को पैरेंट्स से कन्सेंट लेनी होगी और वो एडवरटाइजिंग दिखाने या प्रोफाइलिंग के लिए माइनर यूजर्स को ट्रैक नहीं कर सकेंगे. हालांकि, सरकारी संस्थाओं को कुछ मामलों में राहत मिली है, लेकिन उन्हें भी पूरी तरह दायरे से बाहर नहीं रखा गया है. इसके अलावा सरकार ने भारतीय यूजर्स के डेटा को हैंडल कर रही किसी भी कंपनी को बुलाने की शक्ति अपने पास रखी है. कुछ मामलों में अगर सरकार को लगता है कि डेटा लीक की जानकारी यूजर को देने से जोखिम बढ़ सकता है वो फिड्यूशरी को यह जानकारी देने से रोक सकती है. 

तीन साल बाद डिलीट हो जाएगा इनएक्टिव यूजर्स का डेटा

नए नियमों के मुताबिक, फिड्यूशरीज को अब तीन साल बाद इनएक्टिव यूजर्स का पर्सनल डेटा डिलीट करना पड़ेगा. हालांकि, कानूनन जरूरत होने पर वो इससे ज्यादा समय तक डेटा स्टोर कर सकेंगी. साथ ही उन्हें एक साल का डेटा लॉग्स रखना पड़ेगा, जिसमें कन्सेंट, डिस्क्लोजर, प्रोसेसिंग एक्टिविटी और विदड्रॉल एक्शन की जानकारी होनी चाहिए.

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इस राज्य ने दी अग्निवीरों को सरकारी नौकरी की बड़ी सौगात, आयु सीमा में  मिलेगी 5 साल की छूट

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अग्निवीर के रूप में देश की सेवा करने वाले युवाओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. अब सरकारी नौकरियों में भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को उम्र में विशेष छूट मिलेगी, जिससे उनके नौकरी के अवसर पहले की तुलना में कई गुना बढ़ जाएंगे. सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य के सभी ग्रुप-बी और ग्रुप-सी पदों पर सीधी भर्ती के समय पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा में तीन साल की राहत दी जाएगी. इसके साथ ही, पहला बैच जो सेना से सबसे पहले लौटेगा, उसे अतिरिक्त 5 साल की आयु छूट का लाभ मिलेगा.

यह आदेश लागू करने के लिए सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं. इससे यह सुनिश्चित होगा कि आने वाले समय में अग्निवीरों की सरकारी नौकरियों में भागीदारी बढ़ेगी.

राज्य सरकार का कहना है कि यह केवल एक भर्ती नियम में बदलाव नहीं, बल्कि पूर्व अग्निवीरों के सम्मान और पुनर्वास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल है. सरकार का मानना है कि सेना में चार साल की सेवा पूरा कर लौटने वाले युवा देश के सबसे अनुशासित और प्रशिक्षित नागरिक होते हैं. उनके अंदर नेतृत्व क्षमता, कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता और अनुशासन का स्तर काफी ऊंचा होता है. ऐसे में उन्हें सरकारी सेवाओं में उचित अवसर मिलना बेहद जरूरी है.

अग्निवीर नीति 2024 हुई थी लागू

इसी सोच को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पिछले वर्ष अग्निवीर नीति 2024 लागू की थी. इस नीति के तहत अग्निवीरों को सरकारी और निजी नौकरियों में आरक्षण दिया जाएगा, आत्मनिर्भर बनने के लिए आसान कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा और कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) की अनिवार्यता से भी छूट दी जाएगी. इससे स्पष्ट है कि सरकार अग्निवीरों को केवल नौकरी के लिए तैयार नहीं कर रही, बल्कि उन्हें हर क्षेत्र में एक मज़बूत उम्मीदवार बनाना चाहती है.

पहला बैच कब होगा रिटायर?

अग्निवीरों की यह नीति आने वाले वर्षों में विशेष रूप से अहम हो जाएगी क्योंकि हरियाणा के हजारों युवा आगामी वर्षों में सेना से लौटेंगे. अभी तक राज्य के करीब सात हजार से अधिक युवा अग्निवीर योजना के तहत तीनों सेनाओं थल, जल और वायु में भर्ती हो चुके हैं. इनमें 2023-24 के दौरान सबसे अधिक 2,893 अग्निवीरों की भर्ती हुई थी. अब इनका पहला बैच जुलाई 2026 में सेवानिवृत्त होगा और जैसे ही वे रिटायर होंगे, उनके लिए राज्य सरकार के दरवाजे नई नौकरियों के साथ खुल जाएंगे.

सरकारी विभागों में आरक्षण

राज्य सरकार ने अपनी नीति में यह भी स्पष्ट किया है कि अग्निवीरों को कई सरकारी विभागों में आरक्षण मिलेगा. पुलिस, खनन गार्ड, जेल वार्डन और एसपीओ की भर्तियों में 10 प्रतिशत हॉरिजेंटल आरक्षण का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा ग्रुप-सी पदों की सीधी भर्ती पर अग्निवीरों को 5 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा. इसका मतलब है कि चाहे सरकारी विभाग हो या पुलिस बल, अग्निवीरों के लिए नौकरी के रास्ते काफी हद तक आसान होने वाले हैं.

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IPL 2026 से पहले रिलीज होने वाले खिलाड़ियों की संभावित लिस्ट, MI-CSK से बड़े प्लेयर्स की छुट्टी!

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IPL 2026 के लिए टीमों को कल हर हाल में अपनी-अपनी रिटेंशन लिस्ट जारी करनी होगी. संजू सैमसन से लेकर रवींद्र जडेजा और मोहम्मद शमी के ट्रेड की खबरों ने पिछले दिनों इंटरनेट पर बवाल मचाया हुआ है. मुंबई इंडियंस तो शेरफान रदरफोर्ड और शार्दुल ठाकुर को क्रमशः गुजरात टाइटंस और LSG से ट्रेड भी कर चुकी है.

मेगा ऑक्शन में 23.75 करोड़ में बिके वेंकटेश अय्यर से लेकर लियाम लिविंगस्टोन और डेवोन कॉनवे के रिलीज होने की अटकलें चरम पर हैं. यहां जान लीजिए कि IPL 2026 के लिए सभी टीम किन खिलाड़ियों को रिलीज कर सकती हैं. बताते चलें कि इस बार एक टीम कितने भी खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है, उसी हिसाब से रिलीज हुए खिलाड़ियों की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है. हालांकि स्क्वाड में 18-25 खिलाड़ियों की लिमिट सेट है. वहीं सभी खिलाड़ियों पर टीम द्वारा खर्च किया गया पैसा 120 करोड़ या उससे कम ही होना चाहिए.

सभी टीमों की संभावित रिलीज लिस्ट:

चेन्नई सुपर किंग्स- राहुल त्रिपाठी, विजय शंकर, डेवोन कॉनवे, दीपक हुड्डा, श्रेयस गोपाल, नाथन एलिस, मुकेश चौधरी, शेख रशीद

गुजरात टाइटंस- जयंत यादव, दासुन शनाका, करीम जन्नत, मानव सुथर, कुलवंत खेजरोलिया, कुमार कुशाग्र, गुरनूर ब्राड़

कोलकाता नाइट राइडर्स- क्विंटन डी कॉक, वेंकटेश अय्यर, एनरिक नॉर्टजे, मोईन अली, स्पेन्सर जॉनसन, मनीष पांडे, चेतन सकारिया

मुंबई इंडियंस- रीस टॉपली, कर्ण शर्मा, लिजाद विलियम्स, रघु शर्मा, सत्यनारायण राजू, लिजाद विलियम्स

दिल्ली कैपिटल्स- टी नटराजन, जेक फ्रेजर मैकगर्क, हैरी ब्रूक, डोनोवन फरेरा, दुशमंता चामीरा

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- लियाम लिविंगस्टोन, रसिख सलाम, टिम सीफर्ट, स्वप्निल सिंह, अभिनंदन सिंह, मोहित राठी

सनराइजर्स हैदराबाद- मोहम्मद शमी, अभिनव मनोहर, सचिन बेबी, राहुल चाहर, वियान मुल्डर

राजस्थान रॉयल्स- शिमरोन हेटमायर, तुषार देशपांडे, नितीश राणा, क्वेना मफाका, आकाश मधवाल, नांद्रे बर्गर, महीश तीक्षणा, वानिंदु हसरंगा, फजलहक फारूकी

पंजाब किंग्स- ग्लेन मैक्सवेल, अजमतुल्लाह ओमरजई, आरोन हार्डी, जेवियर बार्टलेट, काइल जैमीसन, प्रवीण दुबे, हरनूर पन्नू

लखनऊ सुपर जायंट्स- शमार जोसेफ, अर्शिन कुलकर्णी, मोहसिन खान, आर्यन जुयाल, मयंक यादव, मैथ्यू ब्रीत्जके

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दिलीप कुमार और कामिनी कौशल की अधूरी प्रेम कहानी, जिसके लिए शब्द नहीं हैं काफी

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भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर की यादें हमेशा से ही दर्शकों को अपने जादू में बांधती आई हैं. उस समय के सितारों के बीच बनी दोस्तियां, रिश्ते और अनकहे भाव आज भी लोगों के दिलों में जगह बनाए हुए हैं.

इन्हीं में से एक है दिलीप कुमार और कामिनी कौशल का रिश्ता, एक ऐसा रिश्ता, जिसे कभी पूरी तरह शब्दों में नहीं बताया गया, लेकिन इसकी गूंज दोनों की आत्मकथाओं में साफ महसूस होती है. दोनों ही कलाकारों ने अपने करियर में जितनी सफलता हासिल की, उतनी ही गहराई से अपने निजी अनुभवों को जिया है.

कामिनी कौशल ने आत्मकथा में बताया था दिलीप से उनका रिश्ते के बारे में

कामिनी कौशल ने अपनी आत्मकथा में अपने जीवन के उस दौर को बहुत ईमानदारी से साझा किया है, जब वह और दिलीप कुमार एक-दूसरे से गहरा लगाव रखते थे. उन्होंने अपनी किताब में बताया कि कैसे उनके और दिलीप कुमार के बीच एक खूबसूरत अपनापन था. दोनों साथ में बेहद खुश रहते थे और उनके बीच एक स्वाभाविक जुड़ाव था, लेकिन हालात ऐसे बने कि उन्हें अलग होना पड़ा.

कामिनी ने कहा कि वह कभी किसी रिश्ते को अचानक खत्म करने में विश्वास नहीं रखती थीं, खासकर तब, जब परिवार की जिम्मेदारियां उन पर हों. उन्होंने अपनी बहन की बेटियों की जिम्मेदारी ली थी और उन्हें छोड़ देना उनके लिए संभव नहीं था. इसी कारण उन्होंने अपने दिल पर पत्थर रखकर वह रिश्ता खत्म किया.

दिलीप कुमार और कामिनी कौशल की अधूरी प्रेम कहानी, जिसके लिए शब्द नहीं हैं काफी, लेकिन गूंज है बाकी

दिलीप कुमार ने भी अपनी आत्मकथा में बयान की थी मोहब्बत

दूसरी ओर, दिलीप कुमार की आत्मकथा ‘दिलीप कुमार- स्टार लेजेंड ऑफ इंडियन सिनेमा’ भी इस रिश्ते की गहराई को उजागर करती है. उन्होंने कामिनी कौशल को अपनी पहली मोहब्बत बताया और लिखा कि उनके साथ उन्हें एक ऐसा अपनापन महसूस हुआ था, जैसा पहले कभी नहीं हुआ.

उन्होंने कहा कि सच्चा प्यार जीवन में केवल एक बार होता है, उसके बाद अगर कोई भावना फिर जगती भी है, तो वह सिर्फ पहली मोहब्बत की एक हल्की सी परछाईं जैसी होती है.

कामिनी कौशल और दिलीप कुमार ने साथ में तीन फिल्मों ‘शहीद’, ‘शबनम’, और ‘नदिया के पार’ में काम किया था. इन फिल्मों की शूटिंग के दौरान ही दोनों के बीच यह भावनात्मक रिश्ता पनपा था.

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Lost iPhone Alert बना नया जाल! ठग रहे हैं आपकी Apple ID, जानिए कैसे करें पहचान और बचाव

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Lost iPhone Alert: iPhone खो जाना किसी झटके से कम नहीं होता लेकिन अगर उसी फोन के मिलने का मैसेज आ जाए तो कोई भी उम्मीद से भर जाता है. बस इसी भरोसे का फायदा उठा रहे हैं साइबर ठग. हाल ही में एक नया फ़िशिंग स्कैम सामने आया है जिसमें यूजर्स को Lost iPhone Found का झांसा देकर उनकी Apple ID चुरा ली जाती है.

कैसे काम करता है यह Lost iPhone Alert स्कैम?

स्विट्जरलैंड के National Cyber Security Centre (NCSC) के मुताबिक, जब कोई यूजर अपना iPhone खो जाने की रिपोर्ट करता है और Find My iPhone फीचर एक्टिव करता है तो वह लॉक स्क्रीन पर एक मैसेज लिख सकता है जैसे अगर यह फोन मिले तो इस नंबर पर संपर्क करें. यही जगह है जहां ठग अपना जाल बिछाते हैं.

साइबर अपराधी खुद को Apple Find My टीम बताकर यूजर को iMessage या SMS भेजते हैं. इन मैसेज में फोन का मॉडल, रंग, स्टोरेज जैसी डिटेल्स भी होती हैं ताकि सब कुछ असली लगे. फिर लिखा होता है, “आपका खोया हुआ iPhone 14 Midnight 128GB मिल गया है. लोकेशन देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें.”

जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है वह एक फर्जी Apple लॉगिन पेज पर पहुंच जाता है. यह पेज असली Apple साइट जैसा दिखता है लेकिन जैसे ही व्यक्ति अपनी Apple ID और पासवर्ड डालता है, सारी जानकारी सीधे ठगों के पास चली जाती है. इसके बाद अपराधी इस डेटा का इस्तेमाल चोरी हुए डिवाइस को अनलॉक कर बेचने में करते हैं.

कैसे बचें इस खतरनाक स्कैम से?

साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने साफ चेतावनी दी है कि कभी भी किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, भले ही वह Apple से आया हुआ क्यों न लगे. अगर गलती से लिंक खुल भी जाए तो Apple ID डालने से पहले URL ध्यान से देखें असली साइट हमेशा apple.com से ही खत्म होती है.

इसके अलावा, अगर आपका फोन चोरी हो गया है तो लॉक स्क्रीन पर अपनी मुख्य ईमेल ID न लिखें. उसकी जगह एक अलग ईमेल या कॉन्टैक्ट नंबर का इस्तेमाल करें ताकि ठग सीधे आपकी जानकारी तक न पहुंच सकें. साथ ही, SIM कार्ड पर PIN लॉक लगाना और दो-स्तरीय वेरिफिकेशन (2FA) ऑन रखना भी जरूरी है.

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थोक महंगाई में आई बड़ी गिरावट! दाल सब्जी से लेकर ईंधन तक हुई सस्ती, जानें क्यों मिली राहत

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Wholesale Inflation India: दालों और सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट के साथ-साथ ईंधन और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में नरमी से थोक मुद्रास्फीति में अक्टूबर में गिरावट दर्ज की गयी और यह 27 महीने के निचले स्तर शून्य से नीचे 1.21 प्रतिशत रही.

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति  सितंबर में 0.13 प्रतिशत और अक्टूबर 2024 में 2.75 प्रतिशत रही थी. उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2025 में मुद्रास्फीति में गिरावट की मुख्य वजह खाद्य पदार्थों, कच्चे पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, बिजली, खनिज तेलों और मूल धातुओं के विनिर्माण आदि की कीमतों में नरमी रही.’’ 

जानें क्या कहते है आंकड़े?

थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर सितंबर में 5.22 प्रतिशत के मुकाबले अक्टूबर में 8.31 घटी. प्याज, आलू, सब्जियों और दालों की कीमतों में गिरावट देखी गई. सब्जियों की महंगाई दर में अक्टूबर में 34.97 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि सितंबर में यह 24.41 प्रतिशत थी. दालों में अक्टूबर में 16.50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि आलू और प्याज में यह क्रमशः 39.88 प्रतिशत और 65.43 प्रतिशत रही. 

विनिर्मित उत्पादों के मामले में मुद्रास्फीति सितंबर के 2.33 प्रतिशत से घटकर 1.54 प्रतिशत हो गई. ईंधन और बिजली की कीमतें अक्टूबर में 2.55 प्रतिशत कम हुईं, जबकि पिछले महीने इनमें 2.58 प्रतिशत की गिरावट आई थी. इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के कार्यकारी निदेशक पारस जसराय ने कहा,‘‘ वित्त वर्ष 2025-26 के बाकी समय में अनुकूल तुलनात्मक आधार से थोक मुद्रास्फीति में गिरावट का दौर जारी रहने की उम्मीद है. 
 
जीएसटी रिफॉर्म से हुआ फायदा

ऐसे में इंडिया रेटिंग्स का अनुमान है कि, नवंबर 2025 में थोक मुद्रास्फीति में गिरावट एक प्रतिशत से कम रहेगी.’’ माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में 22 सितंबर से प्रभावी कटौती के बाद थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में अपेक्षा के अनुरूप गिरावट आई है. कर दरों को युक्तिसंगत बनाने के तहत दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की गई जिसके तहत चार-स्तरीय कर ढांचे को घटाकर पांच और 18 प्रतिशत की दो श्रेणी में लाया गया. 

कर कटौती से वस्तुओं की कीमतें कम हुईं तथा पिछले वर्ष की अनुकूल मुद्रास्फीति आधार के कारण थोक और खुदरा मुद्रास्फीति दोनों में कमी आई. अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति 0.25 प्रतिशत के सर्वकालिक निम्न स्तर पर रही जो जीएसटी दरों में कटौती और पिछले साल के उच्च आधार के कारण कम हुई. सितंबर में खुदरा या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 1.44 प्रतिशत थी.

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Bihar Election Results 2025: बिहार में भाजपा की जीत…ग्रहों का कमाल या रणनीति का खेल?

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Bihar Election Results 2025: बिहार की राजनीति ने 14 नवंबर 2025 में जो करवट ली, उसने पूरे देश को चौंका दिया. 6 और 11 नवंबर को हुए दो चरणों के मतदान के बाद जब आज मतगणना हुई, तो परिणाम सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी चमत्कारिक थे. सवाल अब यह है क्या ये जीत सिर्फ रणनीति की थी, या सच में ग्रहों की चाल ने भाजपा को सिंहासन तक पहुंचाया?

जब आसमान में ग्रह बदल रहे थे, तब धरती पर…

पहला चरण 6 नवंबर को हुआ, उस दिन वृश्चिक लग्न उदित थी. मंगल अपने ही घर में था, और ज्योतिष के अनुसार, जब मंगल स्वगृही होकर सक्रिय होता है, तब संघर्ष से विजय मिलती है. भाजपा की पूरी कैंपेनिंग उसी ‘आक्रामक मंगल’ की तरह थी. सटीक, प्रहारक, और अनुशासित. दूसरी ओर, विपक्ष शुक्र की दशा में चल रहा था. शुक्र बारहवें भाव में था, जो हानि और भ्रम का सूचक है. यही भ्रम महागठबंधन को ले डूबा.

11 नवंबर को जब दूसरा चरण हुआ, तब कुंभ राशि में शनि और चंद्रमा की युति ने स्पष्ट संकेत दिया जनता मन बना चुकी है. शनि अनुशासन का ग्रह है, और भाजपा की राजनीति का यही मूल स्वर रहा ‘कम बोलो, ठोस करो.’ यह वही संयोजन था जिसने 2014 के आम चुनाव में भी सत्ता परिवर्तन कराया था.

मतगणना के दिन चंद्र-केतु युति यानी अचानक मोड़ का संकेत!

14 नवंबर 2025 को मतगणना शुरू होते ही ज्योतिषीय दृष्टि से बड़ा मोड़ आया. उस दिन चंद्रमा केतु के साथ युति में था, जो अचानक परिणाम और अप्रत्याशित जीत का प्रतीक माना जाता है. बिहार के राजनीतिक इतिहास में इस दिन वही हुआ. कई सीटों पर रुझान विपक्ष के पक्ष में जा रहे थे, पर अंतिम चरण में ‘मूड’ पलट गया. ठीक वैसे ही जैसे केतु एक क्षण में दिशा बदल देता है, परिणाम ने सत्ता की राह मोड़ दी.

गुरु (बृहस्पति) उस समय वक्री अवस्था में वृश्चिक राशि में था. यह ग्रह जब वक्री होता है, तो ‘सत्य का पुनः उदय’ करवाता है. इसका अर्थ था कि जनता पिछले दो साल की अस्थिरता से थक चुकी थी, और एक स्थिर नेतृत्व चाहती थी. एनडीए ने वही दिया.

कैसे बना सत्ता का महायोग ?

भाजपा और जद(यू) ने इस चुनाव को सिर्फ जमीन पर नहीं, आसमान पर भी पढ़ा. मंगल की ऊर्जा को उन्होंने ‘युवा मतदाता’ की भाषा में बदला. आक्रोश को संगठन में परिवर्तित किया. शनि की स्थिरता को उन्होंने ‘गवर्नेंस’ के वादे में बदला. नारे नहीं, नीति दी.

और केतु की युति ने विपक्ष की रणनीति को ध्वस्त किया. जहां भ्रम था, वहां भग्नता आई. मतदान प्रतिशत (67% से अधिक) भी ग्रहों के पक्ष में गया. उच्च मतदान प्रायः उस पक्ष को लाभ देता है जो जनता से ‘कनेक्ट’ में हो, और एनडीए ने यह साबित किया कि उनका तालमेल जनता के मन और ग्रहों के संकेत दोनों से मेल खाता है.

ग्रहों की अदालत में विपक्ष की हार

महागठबंधन के लिए राहु का स्थान ‘तृतीय भाव’ में था जो अस्थिरता, आंतरिक विभाजन और प्रचार में भ्रम का प्रतीक है. चुनाव के आखिरी हफ्ते में ठीक यही देखने को मिला. पोस्टर विवाद, सीट बंटवारे में असंतोष और नेतृत्व पर प्रश्न. वहीं भाजपा की कुंडली में गुरु का दृष्टि-संयोग सत्ता के घर पर पड़ रहा था यही ‘विकास-योग’ बना. राजनीतिक विश्लेषक भले कहें कि यह रणनीति की जीत थी, पर ग्रह-गोचर की दृष्टि से यह ‘समय का संयोग’ था, जब आसमान ने जमीन से हाथ मिला लिया.

सितारे झूठ नहीं बोलते, पर उन्हें समझने वाले चाहिए

बिहार का 2025 चुनाव एक उदाहरण बन गया. जब नीति, नेतृत्व और नक्षत्र एक दिशा में हों तो परिवर्तन अवश्य होता है. 6 नवंबर की मंगल-ऊर्जा, 11 नवंबर का शनि-चंद्र संयम, और 14 नवंबर की चंद्र-केतु युति. यह त्रिकोणीय ज्योतिषीय शक्ति भाजपा की विजय पताका बन गई. यह जीत केवल बिहार की नहीं, बल्कि ग्रह-गोचर की ‘टाइमिंग’ की भी थी. बिहार के परिणाम ने फिर साबित किया कि राजनीति केवल धरती पर नहीं, आकाश में भी लिखी जाती है.

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मेट्रो स्टेशन पर पेशाब कर रहा था शख्स, किसी ने बना लिया वीडियो; खूब हो रहा वायरल

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दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने लोगों को हैरान और नाराज दोनों कर दिया. यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसके बारे में जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. दरअसल, मेट्रो स्टेशन पर एक व्यक्ति प्लेटफॉर्म के किनारे ट्रेन के ट्रैक पर पेशाब करते हुए देखा गया. इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया और अब यह इंटरनेट पर लोगों के बीच खूब चर्चा में है.

मेट्रो ट्रैक पर पेशाब, वायरल हुआ वीडियो

वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ट्रेन आने से ठीक पहले ही एक आदमी प्लेटफॉर्म के किनारे पेशाब कर रहा है. वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने उसे रोकने की कोशिश की और कहा, यहां पेशाब क्यों कर रहे हो, यह कोई जगह है? इस पर वह आदमी सिर्फ इतना जवाब देता है कि उसने थोड़ी ज्यादा पी ली है. इसके बाद वीडियो बनाने वाला व्यक्ति दूसरी ओर अपनी ट्रेन में चढ़ जाता है, लेकिन वह आदमी तब भी प्लेटफॉर्म पर पेशाब करता दिखाई देता है. 

यह वीडियो इंटरनेट पर आते ही वायरल हो गया। खासकर X पर इसे तेजी से शेयर किया गया. लाखों लोग अब तक इसे देख चुके हैं और इस घटना पर अपनी राय दे रहे हैं. वीडियो को खुरपेंच इन्फ्रा @Khurpenchinfra के अकाउंट से शेयर किया गया था. लोग इस घटना को देखकर बेहद नाराज हैं और सोशल मीडिया पर जमकर कमेंट कर रहे हैं. 

सोशल मीडिया पर आए जबरदस्त कमेंट्स

इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चाएं हो रही हैं. लोग इस पर अपनी नाराजगी और हैरानी जाहिर कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ऐसा व्यवहार सार्वजनिक स्थानों पर बिल्कुल नहीं होना चाहिए. अगर यह आदमी यही सब कुछ किसी घर या गली में करता, तो ठीक था, लेकिन मेट्रो स्टेशन पर, वहीं एक और यूजर ने लिखा, यह वीडियो सिर्फ एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि पूरे समाज की है, हमें इस पर ध्यान देना चाहिए. कुछ यूजर्स ने इस घटना को एक गंभीर मुद्दा बताया है. सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कई लोगों ने मेट्रो प्रशासन से सवाल पूछा है कि क्या इस घटना के बारे में उन्होंने कोई कदम उठाया है या नहीं. 

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