पंजाब किंग्स में बड़ा बदलाव तय! इन खिलाड़ियों पर गिर सकती है गाज, जानें कौन रहेगा टीम में कौन ह

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IPL 2026: आईपीएल 2025 में सिर्फ छह रन से खिताब से चूकने वाली पंजाब किंग्स (PBKS) अब अगले सीजन के लिए तैयारियों में जुट गई है. फ्रेंचाइजी के पास 15 नवंबर तक खिलाड़ियों की रिटेंशन और रिलीज लिस्ट सौंपने का समय है. नई कप्तानी, नए जोश और पुराने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद टीम को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब एक मजबूत और संतुलित टीम के साथ IPL 2026 में उतरना चाहेगी.

टीम का मजबूत कोर बरकरार रहेगा

फ्रेंचाइजी के पास इस वक्त कई भरोसेमंद खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछले सीजन में दमदार प्रदर्शन किया था. श्रेयरस अय्यर ने बतौर कप्तान शानदार बल्लेबाजी करते हुए 604 रन बनाए थे. वहीं, तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और स्पिनर युजवेंद्र चहल टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे.

मिडिल ऑर्डर में शशांक सिंह ने अपनी विस्फोटक फिनिशिंग से सबका दिल जीत लिया था. उनके अलावा प्रभसिमरन सिंह और युवा ओपनर प्रियांश आर्य ने भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी जगह पक्की कर ली है.

इन खिलाड़ियों पर गिर सकती है गाज

हालांकि कुछ बड़े नाम ऐसे भी हैं जिनका प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है. 

ग्लेन मैक्सवेल – जिन पर पंजाब ने कई सीजन से भरोसा जताया, लेकिन उनके बल्ले से निरंतर रन नहीं निकले.

मार्कस स्टोइनिस – जिन्हें 11 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, टीम के लिए ‘महंगे निवेश’ साबित हुए.

एरॉन हार्डी और मुशीर खान – इन दोनो खिलाड़ियों को भी शायद टीम में जगह न मिले. हार्डी पूरे सीजन में बेंच पर बैठे रहे, जबकि मुशीर को केवल एक मैच खेलने का मौका मिला. सूत्रों के मुताबिक, पंजाब इन खिलाड़ियों को रिलीज कर नीलामी में दोबारा बोली लगाने की रणनीति अपना सकती है, ताकि बेहतर संयोजन बनाया जा सके.

रिटेन किए जाने वाले खिलाड़ी

श्रेयरस अय्यर, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, शशांक सिंह, नेहल वढेरा, विजयकुमार व्यासक, यश ठाकुर, हरप्रीत बराड़, प्रभसिमरन सिंह, प्रियांश आर्य, मार्को जैनसन, जोश इंग्लिस, जेवियर बार्टलेट, कुलदीप सेन, प्रवीण दुबे, अजमतुल्लाह उमरजई, लॉकी फर्ग्यूसन.

संभावित रिलीज खिलाड़ी

ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, एरॉन हार्डी, मुशीर खान, हरनूर सिंह.

आगे की रणनीति

पंजाब किंग्स अब संतुलित ऑलराउंडर्स और डेथ बॉलर्स की तलाश में नीलामी में जाएगी. टीम का लक्ष्य होगा कि 2025 की गलती न दोहराई जाए और 2026 में खिताब अपने नाम किया जाए. 

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सिक लीव पर था आदमी, फिटनेस ऐप ने दिखा दी 16,000 स्टेप्स की वॉक, नौकरी चली गई

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टेक्नोलॉजी लोगों के काम आसान बना रही है, लेकिन कई बार यह काम बिगाड़ भी देती है. चीन से सामने आए एक मामले से यह साबित हो जाता है. दरअसल, यहां एक व्यक्ति को कंपनी ने इसलिए नौकरी से निकाल दिया क्योंकि सिक लीव वाले दिन उसकी फिटनेस ऐप ने दिखाया था कि वह 16,000 स्टेप्स चला है. कंपनी ने उस पर बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी लेने का आरोप लगाया. इसके बाद उस आदमी ने कंपनी के खिलाफ केस किया और इसमें उसकी जीत हो गई. आइए पूरा मामला जानते हैं. 

2019 का है मामला

यह मामला 2019 का है, लेकिन अब चीनी सरकार ने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जिसके बाद यह फिर चर्चा में आ गया. दरअसल, चेन सरनेम वाला एक कर्मचारी जियांग्शु प्रांत की एक कंपनी में काम करता था. कमर में लगी चोट के कारण उसने दो बार मेडिकल लीव ले ली थी. करीब एक महीने के बाद जब वह ड्यूटी पर आया तो उसके पैर में दर्द होने लगा. इसके चलते डॉक्टर ने उसे फिर से एक हफ्ते के आराम की सलाह दी, लेकिन कंपनी इसके लिए तैयार नहीं हुई और चेन को नौकरी से निकाल दिया.

कंपनी ने नौकरी से निकाला

जब मामला कोर्ट पहुंचा तो कंपनी ने कहा कि चेन बीमारी का बहाना बना रहे हैं. यह साबित करने के लिए कंपनी ने कहा कि चेन ने जिस दिन सिक लीव ली थी, उसी दिन उनकी फिटनेस ऐप बता रही है कि वो 16,000 स्टेप्स चले थे. कंपनी ने कोर्ट में चैट लॉग औग सर्विलांस फुटेज भी दायर किए और कहा कि चेन वहां रनिंग कर रहे थे. इसके जवाब में चेन ने कहा कि उनके पास मेडिकल रिपोर्ट है और कंपनी प्राइवेट डेटा को यूज कर उनकी प्राइवेसी का उल्लंघन कर रही है. इसके बाद कोर्ट ने कंपनी को चेन को मुआवजा देने का आदेश सुनाया. कंपनी ने इसके खिलाफ अपील की, लेकिन कोर्ट ने एक बार फिर कहा कि चेन को गैरकानूनी तरीके से नौकरी से निकाला गया.

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चीन ने उड़ाया ‘रहस्यमई ड्रैगन’ GJ-11! दुनिया के लिए ओपन चैलेंज, भारत के लिए है खतरा?

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चीन ने अपने नए और अत्याधुनिक स्टील्थ ड्रोन GJ-11 का ताजा वीडियो जारी कर ग्लोबल लेवल पर हलचल मचा दी है. यह वीडियो चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) की तरफ से शेयर किया गया है, जिसमें यह चीन के J-20 स्टील्थ फाइटर और J-16D इलेक्ट्रॉनिक अटैक जेट के साथ उड़ता नजर आ रहा है. रक्षा विशेषज्ञ इसे चीन की नई सैन्य नीति का गेम-चेंजर कदम मान रहे हैं.

चीन के GJ-11 को रहस्यमई ड्रैगन या फैंटेसी ड्रैगन कहा जाता है. ये एक एडवांस Unmanned Combat Aerial Vehicle (UCAV) है. यह दुश्मन के इलाके में घुसकर गुप्त मिशन चलाने, जासूसी करने और सटीक हमले करने में सक्षम है. इस ड्रोन की उड़ान यह दिखाती है कि चीन अब पारंपरिक लड़ाकू विमानों से आगे बढ़कर मानवरहित स्टील्थ स्क्वाड्रन बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.

डिजाइन और क्षमताएं

GJ-11 का आकार चमगादड़ जैसा है. इसके डिजाइन में रडार से बचने की तकनीक, हाई-स्पीड उड़ान और लॉन्ग-रेंज अटैक सिस्टम शामिल हैं. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस ड्रोन की क्षमता अमेरिका के F-35 जेट से भी अधिक एडवांस है. इसकी विशेषता यह है कि यह न केवल हमले कर सकता है बल्कि इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है.

J-20 और मशीन–मानव ऑपरेशन का नया प्रयोग

चीन की नई सैन्य रणनीति के तहत J-20 फाइटर जेट और GJ-11 ड्रोन मिलकर मिशन पर काम करेंगे. J-20 का दो सीटों वाला वर्जन इन ड्रोन को रिमोटली कंट्रोल करेगा, जिससे इंसान और मशीन के बीच तालमेल बनाएगा. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह वीडियो इस ड्रोन के ऑपरेशनल सर्विस में आने का संकेत है.

भारत की सीमा के पास सक्रिय GJ-11

अमेरिकी रक्षा विश्लेषण वेबसाइट द वॉर जोन के अनुसार, चीन के तिब्बत क्षेत्र में स्थित शिगात्से एयरबेस पर तीन GJ-11 ड्रोन देखे गए हैं. यह बेस भारत-चीन सीमा से कुछ ही दूरी पर है. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इन ड्रोन का उपयोग सीमावर्ती निगरानी और संभावित हवाई अभियानों की तैयारी के लिए कर रहा है. यह भारत के लिए सुरक्षा दृष्टि से एक नया खतरा बन सकता है.

2013 से अब तक GJ-11 का सफर

GJ-11 का पहला प्रोटोटाइप वर्ष 2013 में बनाया गया था. छह साल बाद 2019 की बीजिंग सैन्य परेड में इसका अत्याधुनिक मॉडल पेश किया गया. नए वर्जन में ऐसा रियर डिजाइन और एग्जॉस्ट सिस्टम है. ये रडार सिग्नल को पूरी तरह छिपा देता है, जिससे यह ड्रोन दुश्मन की निगाहों से लगभग अदृश्य हो जाता है.

नौसेना संस्करण की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन अब GJ-11 का नौसेना संस्करण तैयार कर रहा है, जो एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरने में सक्षम होगा. अगर ऐसा होता है तो चीन की नौसैनिक ताकत में कई गुना वृद्धि हो सकती है और यह ड्रोन समुद्री सीमाओं पर निगरानी व हमले दोनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा.

अमेरिका की प्रतिक्रिया और मुकाबला रणनीति

अमेरिका अपने नेक्स्ट-जेनरेशन स्टील्थ ड्रोन प्रोजेक्ट्स को गुप्त रखता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि GJ-11 की क्षमताओं ने अमेरिकी रक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. अमेरिका भी अब समान श्रेणी के हाई-टेक UCAV सिस्टम पर काम तेज कर रहा है ताकि भविष्य के हवाई युद्ध में संतुलन बनाए रखा जा सके.

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हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, 84500 के लेवल पर खुला सेंसेक्स; निफ्टी भी 25000 के पार

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Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को पॉजिटिव नोट के साथ हुई. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 59 अंक उछलकर 84525 के लेवल पर खुला. वहीं, निफ्टी-50 30 अंक चढ़कर 25906 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की. इस बीच, बैंक निफ्टी 74 अंक या 0.13 परसेंट की गिरावट के साथ 58200 पर खुला. इसी तरह से स्मॉल और मिडकैप शेयरों में भी सुस्ती रही. निफ्टी मिडकैप 60910 पर सपाट खुला.

सुबह के कारोबार में निफ्टी 50 में इस समय सबसे ज्यादा बढ़त हासिल करने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, हिंडाल्को, भारती एयरटेल और इंडिगो शामिल रहे. वहीं, टाटा मोटर्स सीवी, ओएनजीसी, बीईएल, इटरनल (जोमैटो) और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. 

ग्लोबल मार्केट का हाल 

वॉल स्ट्रीट पर रात भर चले उतार-चढ़ाव वाले सेशन के बाद आज एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई है. अमेरिका में इस हफ्ते के आखिर तक शटडाउन खुलने की उम्मीदों के बीच निवेशकों की नजर यहां के घटनाक्रमों पर बनी हुई है.  जापान का निक्केई 225 0.4 परसेंट बढ़ा, दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने 0.3 परसेंट तक की बढ़त हासिल की, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग में 0.2 परसेंट की गिरावट आई.

वहीं, अगर अमेरिकी शेयर बाजार की बात करें, तो S&P 500 इंडेक्स पूरे कारोबार के दौरान फ्लैट नोट पर बना रहा है. वहीं, नैस्डैक कंपोजिट 0.26 परसेंट तक गिरा, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने 0.68 परसेंट की बढ़त हासिल की. 

मार्केट को नए ट्रिगर की जरूरत 

जियोजित इंवेस्टमेट के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है, बाजार को नए रिकॉर्ड हाई लेवल तक ले जाने के लिए नए ट्रिगर्स की जरूरत है. बिहार चुनाव के नतीजे को भी काफी हद तक कम करके आंका जा रहा है इसलिए कोईपॉलिटिकल ट्रिगर भी नहीं है, लेकिन अगर चुनाव का रिजल्ट एग्जिट पोल से अलग निकले तो मामला उलट सकता है.

उन्होंने आगे कहा, इसके अलावा, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील के संभावित नतीजे पर नजर रखनी होगी, जिसमें पेनाल्टी को हटाए जाने और रेसिप्रोकल टैरिफ में कमी लाने की बात कही गई है. अक्टूबर में भारत में रिटेल महंगाई में 0.25 परसेंट की गिरावट आई है, दिसंबर में फेड रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में कटौती की संभावना बनी हुई है, लेकिन इस बीच मॉनिटरी पॉलिसी का कमजोर होना RBI के लिए एक चुनौती बन गया है. 

इनके आएंगे तिमाही नतीजे

आज हीरो मोटोकॉर्प, आयशर मोटर्स, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, एल्केम लैबोरेटरीज, इप्का लैबोरेटरीज, नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी, वोल्टास, अपोलो टायर्स, भारत डायनेमिक्स, दिलीप बिल्डकॉन, जीएमआर एयरपोर्ट्स, जुबिलेंट फूडवर्क्स, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, मुथूट फाइनेंस, एनबीसीसी (इंडिया), न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, ओर्कला इंडिया, पेज इंडस्ट्रीज, पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स और टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस जैसी कंपनियां अपने सितंबर तिमाही के नतीजे का ऐलान करेंगी.

 

 

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‘उनके बच्चे सोए नहीं हैं, मैं कमजोर नहीं पड़ सकती हूं…’ धर्मेंद्र की हेल्थ पर बोलीं हेमा मालि

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बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र की तबीयत को लेकर फैंस बहुत परेशान हैं. बुधवार को धर्मेंद्र को ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. बुधवार की सुबह बॉबी देओल पिता को घर ले गए थे.जिसके बाद अब उनका घर पर ही इलाज हो रहा है. फैंस को हेमा मालिनी और सनी देओल की टीम धर्मेंद्र की हेल्थ को लेकर अपडेट देते रहते हैं. जिससे उन्हें थोड़ी तसल्ली मिल जाती है. फैमिली ने ऑफिशियल अपडेट में कहा है कि एक्टर की तबीयत अब पहले से ठीक है और वो स्टेबल हैं. इसी बीच हेमा मालिनी ने बताया है कि पिछले कुछ दिन उनके लिए मुश्किल भरे रहे हैं.

हेमा मालिनी पति धर्मेंद्र से मिलने के लिए अस्पताल में जा रही हैं. वो और ईशा दोनों ही हॉस्पिटल के चक्कर काट रही थीं. उन्होंने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया है कि बीते कुछ दिन उनके लिए आसान नहीं थे.

सब ऊपर वाले के हाथ में है

हेमा मालिनी ने सुभाष के झा को दिए इंटरव्यू में धर्मेंद्र की हेल्थ के बारे में बात की. उन्होंने कहा- ‘मेरे लिए ये आसान समय नहीं है. धरमजी की हेल्थ हम सभी के लिए बहुत बड़ा कंसर्न है. उनके बच्चे सोए नहीं हैं. मैं कमजोर नहीं पड़ सकती हूं. बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं लेकिन मैं खुश हूं कि वो घर पर वापस आ गए हैं. हमारी चिंता खत्म हुई कि वो अस्पताल से बाहर हैं. उन्हें अपने प्यार करने वाले लोगों के आस-पास रहने की जरुरत है. बाकी तो सब ऊपर वाले के हाथ में है.’

बता दें मंगलवार को धर्मेंद्र के निधन की अफवाहें उड़ी थीं जिसके बाद हेमा मालिनी ने पोस्ट शेयर करके सभी को फटकार लगाई थी. उन्होंने लिखा था- ‘जो हो रहा है वह माफ़ करने योग्य नहीं है! कैसे ज़िम्मेदार चैनल किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में झूठी खबरें फैला सकते हैं जो इलाज का जवाब दे रहे हैं और धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं? यह बेहद असम्मानजनक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है. कृपया परिवार और उनकी प्राइवेसी की आवश्यकता का सम्मान करें.’

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कॉलेज पासआउट करने के बाद नहीं मिली जॉब तो न हो परेशान, ये स्किल्स करेंगे आपकी मदद

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आज की दुनिया पहले से कहीं तेजी से बदल रही है. टेक्नोलॉजी, एआई और ऑटोमेशन ने हमारे काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है. अगर आप अभी-अभी कॉलेज से निकले हैं और जॉब पाने की कोशिश कर रहे हैं,  हर जगह खबरें हैं कि नई नौकरियां कम हो रही हैं, कंपनियां हायरिंग रोक रही हैं, और एआई इंसानों का काम संभालने लगा है. लेकिन लिंक्डइन के ताजा सर्वे में लगभग पांच लाख लोगों ने बताया कि वे अपने करियर को लेकर कैसा महसूस करते हैं. परिणाम चौंकाने वाले थे, आज के युवा बाकी सभी उम्र के लोगों से ज्यादा निराश हैं. इसका कारण एंट्री-लेवल यानी शुरुआती नौकरियां पहले से बहुत कम हो गई है. 2023 से अब तक सिर्फ अमेरिका में ही ऐसी नौकरियों के विज्ञापन 35 प्रतिशत घट गए हैं. 

लिंक्डइन के चीफ इकोनॉमिक अपॉर्च्युनिटी ऑफिसर अनीश रमन ने इस बारे में गहराई से बात की है. उन्होंने बताया कि युवाओं के सामने आज परफेक्ट स्टॉर्म यानी कई मुश्किलों का संगम है. आर्थिक अनिश्चितता, एआई का बढ़ता असर और बदलती इंडस्ट्रीज, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि अगर कोई वक्त करियर शुरू करने के लिए सबसे अच्छा है, तो वो यही वक्त है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कॉलेज पास आउट करने के बाद नहीं मिली जॉब तो कौन सी स्किल्स आपकी मदद करेंगे.

आने वाले समय में जिन स्किल्स की सबसे ज्यादा जरूरत होगी

1. क्रिटिकल थिंकिंग – सिर्फ जानकारी याद रखना नहीं, बल्कि यह समझना कि उसका यूज कैसे करें. 

2. कम्युनिकेशन – अपने आइडियाज को साफ और प्रभावशाली तरीके से लोगों तक पहुंचाना. 

3. एडेप्टेबिलिटी – नई तकनीकों, नए माहौल और बदलावों के साथ जल्दी तालमेल बिठाना. 

4. इमोशनल इंटेलिजेंस – टीम में काम करना, लोगों की भावनाएंं समझना और सही समय पर सही प्रतिक्रिया देना. 

5. क्रिएटिव – बॉक्स के बाहर सोचने की क्षमता, क्योंकि मशीनें कॉपी कर सकती हैं, लेकिन सोच नहीं. 

6. क्नोलॉजी अवेयरनेस – चाहे आप किसी भी फील्ड में हो, एआई और डिजिटल टूल्स का बेसिक नॉलेज बहुत जरूरी है. 

अगर अभी नौकरी नहीं मिली, तो क्या करें?

1. अपनी स्किल्स का ऑडिट करें – इसके लिए सोचिए कि आपके पास कौन-सी क्षमताएं हैं जिन्हें आप और निखार सकते हैं. 

2. ऑनलाइन कोर्सेज से सीखें – आज कई फ्री प्लेटफॉर्म हैं जहां आप नई स्किल्स सीख सकते हैं. जैसे Coursera, Udemy, या LinkedIn Learning

3. नेटवर्क बनाइए – प्रोफेशनल कनेक्शन बनाना अब पहले से ज्यादा जरूरी है. लिंक्डइन पर एक्टिव रहें, नए लोगों से जुड़ें, अपने प्रोजेक्ट्स शेयर करें.

4. छोटे कामों से शुरुआत करें – चाहे वो इंटर्नशिप हो, फ्रीलांसिंग या कोई छोटा प्रोजेक्ट शुरुआत कहीं से भी करें. हर एक्सपीरियंस आपकी प्रोफेशनल पहचान को मजबूत करेगा.

5. मेंटल हेल्थ का ख्याल रखें – अपने लिए समय निकालें, और मेडिटेशन करें. 

एआई से डरें नहीं, उसे अपना साथी बनाएं

सर्वे में शामिल 63 प्रतिशत बिजनेस लीडर्स मानते हैं कि एआई अब वो काम करने लगा है जो पहले एंट्री-लेवल कर्मचारी करते थे. लेकिन उसी सर्वे में ये भी पता चला कि उतने ही लीडर्स यह भी मानते हैं कि युवाओं के नए आइडियाज और फ्रेश सोच किसी भी कंपनी की ग्रोथ के लिए जरूरी हैं.तो एआई को समझिए और उसे अपने काम में यूज करना सीखें.

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जल्द खत्म होगा Galaxy Z TriFold का इंतजार, अगले महीने लॉन्च होगा सैमसंग का पहला ट्राईफोल्ड फोन

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Samsung Galaxy Z TriFold: दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग के पहले ट्राई-फोल्ड फोन Galaxy Z TriFold का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है. एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इसे अगले महीने लॉन्च किया जा सकता है. इसके लिए कंपनी एक स्पेशल इवेंट आयोजित करेगी और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि लॉन्च होते ही यह फोन सेल के लिए अवेलेबल हो जाएगा. आइए फोन की एक्सपेक्टेड लॉन्च डेट और फीचर्स के बारे में जानते हैं.

Galaxy Z TriFold के फीचर्स

Galaxy Z TriFold में 6.5 इंच की Dynamic AMOLED 2X स्क्रीन मिल सकती है, जो अनफोल्ड होने पर 10 इंच की हो जाएगी. इसे Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर से लैस किया जा सकता है, जिसके 16GB RAM और 256GB-1TB स्टोरेज के साथ पेयर होने की उम्मीद है. यह एंड्रॉयड 16 पर बेस्ड One UI 8.0 पर रन करेगा. एक बार अनफोल्ड होने पर यह Galaxy Z Fold 7 जैसा लगेगा. इसके दो हिंज होंगे, जिससे फोन तीन भागों में फोल्ड होगा. पूरी तरह अनफोल्ड होने पर इसकी मोटाई 4.2mm और फोल्ड होने पर लगभग 14mm रह सकती है. 

कैमरा और बैटरी

Galaxy Z TriFold में 200MP का प्राइमरी कैमरा मिलना लगभग तय है. इसके ट्रिपल कैमरा सेटअप के दो बाकी लेंस 12MP अल्ट्रावाइड और 50MP टेलीफोटो सेंसर होंगे. इसके फ्रंट में 10-10MP के दो सेंसर दिए जा सकते हैं. बैटरी कैपेसिटी की बात करें तो इसे 5,600 mAh की बैटरी दी जा सकती है, जो Galaxy Z Fold 7 की 4,400mAh वाली बैटरी की तुलना में काफी बड़ी होगी. 

कब होगा लॉन्च और कितनी हो सकती है कीमत?

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस फोन को 5 दिसंबर को लॉन्च किया जा सकता है. कंपनी शुरुआत में इसकी 20,000-30,000 यूनिट्स ही बेचने का प्लान बना रही है. अभी कंपनी सेल की बजाय अपनी टेक्नोलॉजिकल स्किल दिखाना चाहती है. आधिकारिक तौर पर इसकी कीमत सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह लगभग 2.60 लाख रुपये की कीमत पर लॉन्च होगा. इस फोन को चीनी कंपनी Huawei के Mate XT से टक्कर मिलेगी. Huawei का Mate XT दुनिया का पहला ट्राईफोल्ड फोन है और इसका सेकंड जनरेशन मॉडल भी लॉन्च हो चुका है.

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क्या रूक जाएगी रूस-यूक्रेन जंग? पुतिन के राजनयिक ने दे दिया बड़ा अपडेट, बातचीत के लिए तैयार हुआ

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यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने एक बार फिर शांति की पहल का संकेत दिया है. तुर्की में रूस के अंतरिम प्रभारी एलेक्सी इवानोव ने कहा कि मॉस्को यूक्रेन के साथ शांति वार्ता के लिए किसी भी समय तैयार है. उन्होंने साफ कहा कि अगर कीव राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाए, तो बातचीत तुरंत शुरू हो सकती है. इस्तांबुल को फिर से वार्ता स्थल बनाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है.

मॉस्को ने कहा है कि वह यूक्रेन के साथ शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है. यह जानकारी तुर्की में रूस के अंतरिम प्रभारी एलेक्सी इवानोव के हवाले से रूसी समाचार एजेंसी TASS ने दी है.

इस्तांबुल में फिर से शुरू की जा सकती है वार्ता
इवानोव ने तुर्की में मीडिया को बताया कि रूस इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने के लिए तैयार है. उन्होंने याद दिलाया कि 16 मई, 2 जून और 23 जुलाई को पहले भी इस्तांबुल में दोनों देशों के बीच वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन उनका परिणाम सकारात्मक नहीं रहा.

‘हम बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं’ – एलेक्सी इवानोव
रूसी राजनयिक ने कहा, हमने बार-बार यह दोहराया है कि रूस यूक्रेनी पक्ष और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधी बातचीत जारी रखने के लिए तैयार है. हमारे तुर्की साझेदारों ने भी कहा है कि इस्तांबुल का मंच हमारे लिए खुला है, यहां दरवाजे हमेशा खुले हैं. उन्होंने आगे कहा कि यदि कीव राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाता है, तो रूस किसी भी समय वार्ता के लिए तैयार रहेगा.

पिछली बैठकों में रखे गए प्रस्ताव
इवानोव ने बताया कि पिछले दौर की वार्ताओं के दौरान रूस ने कई ठोस प्रस्ताव और पहलें रखी थीं, जिनमें तीन ऑनलाइन वर्किंग ग्रुप्स की स्थापना, कूटनीतिक बातचीत को स्थायी रूप देने के सुझाव शामिल थे.

हालांकि, उन्होंने कहा कि यूक्रेनी पक्ष ने अब तक इन पहलों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है. गौरतलब है कि जुलाई के बाद से दोनों देशों के बीच कोई आमने-सामने की वार्ता नहीं हुई है.

रूस का दूसरा बड़ा शांति संकेत
यह हाल के दिनों में रूस की ओर से दूसरा बड़ा शांति संकेत है. इससे पहले 24 अक्टूबर को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी और रूस के विशेष दूत किरील दिमित्रियेव ने CNN को दिए इंटरव्यू में कहा था कि रूस, यूक्रेन और अमेरिका अब कूटनीतिक समाधान के काफी करीब हैं. दिमित्रियेव हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक के लिए अमेरिका गए थे. उन्होंने कहा कि रूस केवल संघर्षविराम नहीं चाहता, बल्कि इस युद्ध का स्थायी और अंतिम समाधान चाहता है. संघर्षविराम अक्सर अल्पकालिक होते हैं.

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भारत बनाम साउथ अफ्रीका टेस्ट इतिहास में कौन सी रही है सबसे बड़ी जीत, जानिए टॉप 5 मैचों के बारे

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भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट क्रिकेट हमेशा से रोमांच से भरा रहा है. इन दो टीमों के बीच कई ऐसे मुकाबले हुए हैं, जिनमें किसी एक टीम ने विशाल रन अंतर से जीत हासिल कर इतिहास रच दिया. आइए नजर डालते हैं भारत बनाम साउथ अफ्रीका टेस्ट मैचों में सबसे बड़ी जीतों कब-कब दर्ज की गई है.

भारत की सबसे बड़ी जीत – दिल्ली, 2015 (337 रन से)

दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान पर दिसंबर 2015 में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 337 रनों से हराकर सीरीज का शानदार अंत किया. आर. अश्विन और रवींद्र जडेजा की फिरकी ने साउथ अफ्रीका की पूरी टीम को 143.1 ओवर में धराशायी कर दिया. भारत ने 481 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन प्रोटियाज बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों के सामने बेबस नजर आए. यह जीत भारत की साउथ अफ्रीका पर अब तक की सबसे बड़ी टेस्ट जीत साबित हुई.

साउथ अफ्रीका की 329 रन की जीत – कोलकाता, 1996

1996 में ईडन गार्डन्स टेस्ट भारतीय टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था. हैंसी क्रोनिए की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 329 रनों के भारी अंतर से हराया था. भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप मात्र 53.3 ओवर में सिमट गई. यह जीत साउथ अफ्रीका की भारत के खिलाफ सबसे यादगार जीतों में गिनी जाती है.

डरबन का कहर – 1996 में 328 रन की जीत

उसी साल दिसंबर में डरबन टेस्ट में भी साउथ अफ्रीका ने भारत को 328 रनों से शिकस्त दी थी. केवल 34 ओवरों में पूरी भारतीय टीम ढेर होकर पवेलियन वापस लौट गई थी. एलन डोनाल्ड और शॉन पोलॉक की घातक गेंदबाजी के आगे कोई भारतीय बल्लेबाज टिक नहीं सका.

केप टाउन टेस्ट – 282 रन से साउथ अफ्रीका की जीत (1997)

1997 के केप टाउन टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने भारत को 282 रनों से मात दी थी. उस मैच में ब्रायन मैकमिलन और गैरी कर्स्टन शानदार पारियां खेलकर अपनी टीम को एक मजबूत स्कोर तक ले गए थे. वहीं  भारतीय टीम चौथी पारी में बुरी तरह लड़खड़ा गई और इतने बड़े अंतर से मैच हार गई.

भारत की 280 रन की जीत –  कानपुर(1996)

दिसंबर 1996 में कानपुर के ग्रीन पार्क में भारत ने साउथ अफ्रीका को 280 रनों से हराया था. अनिल कुंबले की शानदार गेंदबाजी और मोहम्मद अजहरुद्दीन की संतुलित बल्लेबाजी ने साउथ अफ्रीकिा की टीम को पूरी तरह से दबाव में ला दिया था.  

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