जंगल सफारी में हड़कंप, तेंदुए के अटैक में महिला घायल; वीडियो अपने रिस्क पर देखें

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Leopard Attack Video Viral: जंगल सफारी का नाम सुनते ही मन एडवेंचर और एक्साइटमेंट से भर जाता है. लोग अपने बिजी लाइफस्टाइल से कुछ वक्त निकालकर नेचर के पास जाते हैं, जहां वे जंगली जानवरों को करीब से देखने का मौका पाते हैं, लेकिन कभी-कभी यही एडवेंचर डर में बदल जाता है, जब जंगल के शेर, बाघ या तेंदुआ जैसी खतरनाक जानवर अचानक टूरिस्ट के सामने आ जाते हैं.

ऐसा ही कुछ बेंगलुरु के मशहूर बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क (Bannerghatta National Park) में हुआ, जहां एक तेंदुए ने सफारी बस पर ऐसी छलांग लगाई कि सभी सैलानियों की सांसें थम गईं. कुछ पल के लिए माहौल एकदम दिल थाम देने वाला था. इस दौरान एक महिला भी घायल हो गई. इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर सनसनी मचा रहा है.  

कैसे हुआ यह हादसा?

घटना हाल ही में पार्क के अंदर एक सफारी टूर के दौरान हुई. बस में दर्जनभर से ज्यादा पर्यटक सवार थे, जो वन्यजीवों को नजदीक से देखने आए थे. सफारी गाइड बस को धीमा कर जानवरों को दिखा ही रहा था कि अचानक एक तेंदुआ झाड़ियों से निकलकर बस की ओर झपटा और सीधे खिड़की पर छलांग लगा दी. तेंदुए की यह हरकत इतनी खतरनाक थी कि बस में मौजूद सभी लोग जोर-जोर से चीखने लगे. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ बस की खिड़की पर चढ़ने की कोशिश कर रहा है और अंदर बैठे डरे हुए यात्रियों को घूर रहा है.

घायल हुई महिला 

तेंदुए की छलांग के बाद बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई. कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे तो कुछ डर के मारे सीटों के पीछे छिप गए. बताया जा रहा है कि इस हमले में चेन्नई की एक महिला को हल्की चोटें भी आईं, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. फिलहाल महिला खतरे से बाहर बताई जा रही है. 

सोशल मीडिया पर आए अलग-अलग रिएक्शन

इस पूरे हादसे का वीडियो बस में बैठे एक पर्यटक ने रिकॉर्ड कर लिया. जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुआ, कुछ ही घंटों में यह तेजी से वायरल हो गया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ पहले बस के पास आता है, फिर खिड़की पर छलांग लगाता है और अंदर झांककर यात्रियों को देखता है मानो कह रहा हो, मुझे देखने आए हो, तो अब डर भी सही से देखो. वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, लगता है तेंदुआ भी फोटो खिंचवाने आया था. तो दूसरे ने लिखा, आजकल तो इलेक्ट्रॉनिक सिटी के आसपास भी ये तेंदुआ दिखने लगे हैं. कई यूजर्स ने कहा कि वीडियो देखने के बाद ही रोंगटे खड़े हो गए. 

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कितना पढ़ा-लिखा है अल-फलाह यूनिवर्सिटी का चांसलर, जानें कहां करता था नौकरी?

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फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी आज देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. वजह हाल ही में दिल्ली में हुए ब्लास्ट से जुड़ी जांच में इस यूनिवर्सिटी का नाम सामने आना. लेकिन इस चर्चा के केंद्र में हैं अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर और संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी, जिनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती एक वक्त में जामिया के लेक्चरर, फिर कारोबारी, और अब एक बार फिर सुर्खियों में, लेकिन गलत कारणों से.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 61 साल के जावेद अहमद सिद्दीकी का जन्म 15 नवंबर 1964 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था. उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से इंडस्ट्रियल और प्रोडक्ट डिजाइन में बीटेक किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका परिवार दिल्ली आ गया, जहां उन्होंने 1993 में जामिया मिलिया इस्लामिया में बतौर मैकेनिकल इंजीनियरिंग लेक्चरर नौकरी शुरू की.लेकिन जावेद के सपने एक कॉलेज की नौकरी से कहीं बड़े थे. उन्होंने अपने भाई सऊद के साथ मिलकर कुछ बिजनेस शुरू किए, जिनमें से एक था अल-फलाह इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड. यही कंपनी बाद में उनके करियर पर काला साया बन गई.

जामिया से जेल की यात्रा

जामिया में पढ़ाते हुए जावेद ने कई सहयोगियों को अपने बिजनेस में निवेश करने के लिए राजी किया. उन्होंने उन्हें भारी मुनाफे का वादा किया, लेकिन जल्द ही मामला उलझ गया. साल 2000 में निवेशकों ने धोखाधड़ी और गबन के आरोप लगाए. पुलिस जांच में सामने आया कि निवेशकों के दस्तखत फर्जी थे और कई कंपनियां काल्पनिक निकलीं. आरोप था कि जावेद और उनके भाई ने निवेशकों के पैसे अपने खातों में ट्रांसफर किए और फिर हेराफेरी की. दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर तीन साल तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा. फिर 2005 में पटियाला कोर्ट से उन्हें बरी कर दिया गया, लेकिन इस शर्त पर कि वे सभी निवेशकों को उनका पैसा लौटाएंगे.

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की नींव

जेल से बाहर आने के बाद जावेद ने एक नया रास्ता चुना. उन्होंने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की स्थापना की जिसका अर्थ है “सफलता और समृद्धि”. 2019 में जब अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज शुरू हुआ, तो यह हरियाणा का एक उभरता हुआ मेडिकल संस्थान बन गया. कैंपस में छात्रों की भीड़, डॉक्टरों की टीम और आधुनिक सुविधाओं ने इसे जल्द ही पहचान दिलाई.

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अल-फलाह के अलावे 9 कंपनियां, एजुकेशन से सॉफ्टवेयर तक कारोबार… जानें जावेद अहमद सिद्दिकी की कितन

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Jawad Ahmad Siddiqui Net Worth: दिल्ली ब्लास्ट केस में सुरक्षा एजेंसियों की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है. अब इस मामले के तार हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर जावेद अहमद सिद्दिकी से जुड़ गए हैं. डॉक्टर शाहीन सईद और डॉक्टर मुजम्मिल शकील के साथ जावेद सिद्दिकी का नाम अब मुख्य संदिग्ध अभियुक्तों की सूची में शामिल है. वहीं, फंडिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस केस की अलग से जांच कर रहा है.

पुराने फर्जीवाड़े का केस

जावेद सिद्दिकी पहले भी विवादों में रह चुके हैं. वह साढ़े सात करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े से जुड़े एक पुराने मामले में आरोपी हैं और इसके चलते करीब तीन साल तक जेल में रह चुके हैं. सिद्दिकी का एक बड़ा कॉर्पोरेट नेटवर्क है, जो अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए संचालित होता है.

उनके ट्रस्ट के तहत करीब 9 कंपनियां रजिस्टर्ड हैं, जो शिक्षा, सॉफ्टवेयर, फाइनेंशियल सर्विसेज और एनर्जी सेक्टर से जुड़ा कारोबार करती थीं. ये सभी कंपनियां दिल्ली के एक ही पते पर रजिस्टर्ड थीं और ज्यादातर 2019 तक एक्टिव थीं. इसके बाद कई को बंद कर दिया गया या वे निष्क्रिय हो गईं.

जावेद सिद्दिकी ने देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर से बी.टेक किया था. लगभग 25 साल पहले वे इंदौर के महूं से दिल्ली-एनसीआर आ गए और फरीदाबाद में बस गए. शुरुआत में उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज खोला, जिसके बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी की स्थापना की.

  • 1997: अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना
  • 2019: मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली
  • 2019: पहले बैच में एमबीबीएस की शुरुआत
  • यूनिवर्सिटी परिसर में 650 बेड वाला मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल भी संचालित है.

फंडिंग और संदेह की जांच

ईडी के सूत्रों के मुताबिक, जांच इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि क्या अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और उससे जुड़ी कंपनियों के जरिए फंड डाइवर्जन या मनी लॉन्ड्रिंग की गई. सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि इन चैनलों का उपयोग दिल्ली ब्लास्ट मामले से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों में किया गया हो सकता है.

जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि अब जांच का दायरा शैक्षणिक संस्थानों और उनसे जुड़ी वित्तीय लेनदेन तक पहुंच गया है.

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दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी यूज कर रहे थे सेशन ऐप, जानिये यह क्या है और कैसे करती है काम

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दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की जांच में जुटी एजेंसियों के हाथ बड़ी जानकारी लगी है. जांच में पता चला है कि बम ब्लास्ट के आरोपी डॉक्टर मुज़म्मिल और डॉक्टर उमर सेशन नाम के एक मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे. इस ऐप से वो अपने हैंडलरों से बात कर रहे थे. अबू उकसा नाम के हैंडलर ने दोनों को यह ऐप यूज करने को कहा था ताकि उनकी बातचीत लीक न हो पाए और उनके कम्यूनिकेशन की एजेंसियों को भनक तक न लगे. आइए जानते हैं कि यह ऐप कैसे काम करती है.

क्या है सेशन ऐप?

सेशन की वेबसाइट पर लिखा है कि यह एक एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड मैसेंजर है, जो आपका प्राइवेट डेटा प्रोटेक्ट करता है. यह एक डिसेंट्रलाइज्ड ऐप है, जिसे प्राइवेसी एक्सपर्ट ने डिजाइन किया और बनाया है. कंपनी का कहना है कि यह ऐप यूजर का प्राइवेट डेटा कलेक्ट नहीं करती, जिससे डेटा लीक होने का खतरा नहीं है. साथ ही इसमें सेफ पाथ्स यूज किए गए हैं, जो यूजर की बातचीत को हैकर्स से बचाते हैं. इसका कोड ओपन सोर्स है और कोई भी इसे देख और ऑडिट कर सकता है. वेबसाइट पर दावा किया गया है कि यूजर डेटा को कभी भी थर्ड पार्टी को नहीं बेचा जाएगा.

कैसे काम करती है यह ऐप

सेशन ऐप की एक खास बात यह है कि इस पर अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं पड़ती. साथ ही यह कोई मेटाडेटा स्टोर नहीं करती, जिससे किसी भी मैसेज को ट्रैक करना या यूजर को पहचान पाना लगभग असंभव हो जाता है. यह वेब ट्रैफिक को मल्टीपल सर्वर से रूट करती है, जिससे IP एड्रेस भी छिप जाता है. इस कारण यूजर की लोकेशन का भी पता नहीं चल पाता. कंपनी का कहना है कि इस पर चैटिंग करने वाले केवल दो लोगों के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति मैसेज नहीं देख सकता. इस पर बातचीत पूरी तरह एनक्रिप्टेड है और यूज खुद एनक्रिप्शन कीज को मैनेज कर सकता है.

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मत बर्बाद करो बचपन… टीचर करा रही थी प्रैक्टिस और नींद में झूमता रहा मासमू, देखें वीडियो

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सोशल मीडिया आज के समय में हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. रोजाना न जाने कितने ही वीडियो वायरल होते हैं. कोई हमें हंसा देता है, कोई सोचने पर मजबूर कर देता है और कुछ ऐसे भी होते हैं जो हमारे दिल को छू जाते हैं. ऐसा ही एक प्यारा लेकिन दिल-दिमाग को सोच में डाल देने वाला वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर खूब चर्चा में है. 

वीडियो में एक छोटा सा बच्चा है, मासूम-सा चेहरा, नन्हे-से हाथ और थकान से बोझिल पलकों के साथ क्लासरूम में बैठा हुआ. सामने टीचर बच्चों को पोएम की प्रैक्टिस करा रही हैं. सभी बच्चे एक सुर में बोल रहे हैं, लेकिन इस वीडियो का सबसे प्यारा पल तब आता है जब यह छोटा बच्चा नींद में झूमने लगता है. उसकी आंखें धीरे-धीरे बंद होती हैं, सिर बार-बार झुक जाता है और वो नींद से लड़ते हुए भी क्लास में बने रहने की कोशिश करता है. 

वीडियो में क्या दिखाया गया है

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक टीचर सभी बच्चों को लाइन में खड़ा करके पोएम की प्रैक्टिस करा रही हैं. सारे बच्चे बड़े उत्साह से बोल रहे हैं, लेकिन एक छोटा-सा बच्चा नींद में झूलता जा रहा है. उसकी झपकी इतनी प्यारी लगती है कि देखने वाला मुस्कुरा उठता है. कई लोग इस मासूमियत पर हंस रहे हैं, तो कईयों का दिल भर आता है कि शायद यह बच्चा बहुत थका हुआ है. शायद सुबह-सुबह उठकर स्कूल आया हो या फिर देर रात तक जागा हो. 


लोगों के रिएक्शन 

जैसे ही यह वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड हुआ, कमेंट सेक्शन में लोगों की लाइन लग गई. किसी ने लिखा अरे इसे सोने दो, बहुत प्यारा है. तो किसी ने कहा बचपन को इतना बोझिल मत बनाओ, खेलने-दौड़ने की उम्र में ये नींद से लड़ रहा है. एक यूजर ने लिखा बचपन में नींद सबसे मीठी होती है, इसे पढ़ाई से ज्यादा आराम की जरूरत है. बहुत से लोगों ने इस वीडियो को देखकर कहा मत बर्बाद करो बचपन, इस का मतलब यही है कि बच्चों से बहुत ज्यादा उम्मीदें, बहुत ज्यादा दबाव या अनुशासन की जरूरत नहीं होती,उन्हें थोड़ा वक्त खेलने, सोने, और मासूम रहने का भी मिलना चाहिए. 

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बॉक्स ऑफिस: दे दे प्यार दे 2 से पहले 2025 में अजय देवगन की रिलीज हुई चार फिल्में, दो हुईं फ्लॉप

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अजय देवगन एक बार फिर पर्दे पर नजर आने वाले हैं. उनकी फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ कल यानी 14 नवंबर को रिलीज होने वाली है. फिल्म में अजय देवगन के अलावा रकुल प्रीत सिंह, आर माधवन, मीजान जाफरी, जावेद जाफरी और गौतमी कपूर नजर आएंगे. ये फिल्म 2019 में आई फिल्म का सीक्वल है. पहले पार्ट को फैंस ने बहुत पसंद किया. दूसरे पार्ट को लेकर काफी बज है. फिल्म में कॉमेडी और इमोशन्स का तगड़ा लगेगा.

अजय देवगन की साल 2025 में 3-4 फिल्में रिलीज हुईं. आइए जानते हैं उन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कैसा परफॉर्म किया. 


आजाद

अजय की फिल्म ‘आजाद’ जनवरी में रिलीज हुई थी. इस फिल्म से उनके भांजे अमन देवगन और रवीना टंडन की बेटी राशा थड़ानी ने बॉलीवुड डेब्यू किया था. फिल्म में राशा का गाना काफी चर्चा में रहा था. ये फिल्म फ्लॉप रही थी. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, फिल्म ने 6.32 करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन किया था. फिल्म को अभिषेक कपूर ने डायरेक्ट किया था.


रेड 2

‘रेड 2’ मई में रिलीज हुई थी. फिल्म हिट रही थी. इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर 19.71 करोड़ का कलेक्शन किया था. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन 178.08 करोड़ था. फिल्म को राज कुमार गुप्ता ने डायरेक्ट किया था. फिल्म में रितेश देशमुख विलेन के रोल में थे.


सन ऑफ सरदार 2

अजय की फिल्म ‘सन ऑफ सरदार 2’ अगस्त महीने में रिलीज हुई. फिल्म को लेकर काफी चर्चा थीं. फिल्म में मृणाल ठाकुर, रवि किशन जैसे एक्टर्स भी नजर आए थे. फिल्म फ्लॉप हो गई थी. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, फिल्म ने 7.50 करोड़ की ओपनिंग की थी और महज 43.24 करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन किया था.


मां (प्रोड्यूसर)

फिल्म ‘मां’ में काजोल लीड रोल में थीं. फिल्म में अजय देवगन ने एक्टिंग नहीं की थी. लेकिन उन्होंने फिल्म को प्रोड्यूस किया था. ये फिल्म एवरेज रही है. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, फिल्म ने 4.93 करोड़ की ओपनिंग की थी. फिल्म ने 34.93 करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन किया था.




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कितने ml का बनाना चाहिए रम का एक पैग? 99 पर्सेंट लोग कर देते हैं गलती

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How Many ml in One Peg: शराब पीने वालों में एक सबसे आम गलती होती है पैग की सही मात्रा तय न कर पाना. खासकर रम की बात करें तो ज्यादातर लोग अंदाजे से पैग डालते हैं और यही आदत उनके पूरे पीने की एक्सपीरियंस को बदल देती है. दिलचस्प बात यह है कि 99 प्रतिशत लोग यह गलती रोजमर्रा में करते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि उनका बनाया हुआ सही है या फिर नहीं है. तो आखिर रम का एक सही पैग कितने एमएल का होना चाहिए, क्यों जरूरी है यह जानना और गलत पैग बनाने से क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं. चलिए आपको बताते हैं कि पैग कितने एमएल का होना चाहिए.

कितना होना चाहिए पैग?

दुनिया भर में शराब की स्टैंडर्ड का नियम अलग-अलग देशों और ड्रिंक के हिसाब से तय किया गया है. भारत में एक पैग की सबसे ज्यादा स्वीकार की गई मात्रा 30 एमएल मानी जाती है. इसे सामान्य भाषा में “एक छोटा पैग” कहा जाता है. वहीं 60 एमएल को लार्ज पैग या डबल पैग कहा जाता है. लेकिन लोग क्या करते हैं कि घर पर या पार्टियों में अपनी मर्जी से पैग डालते हैं और अक्सर 45 से 50 एमएल डालकर भी मान लेते हैं कि यह 30 एमएल ही है.

क्यों होती है दिक्कत?

इस सवाल के जवाब पर आते हैं कि आखिर यह गलती क्यों होती है. दरअसल, ग्लास का आकार, उसकी चौड़ाई और हाथ की आदतें, ये तीनों चीजें मिलकर पैग की मात्रा गड़बड़ा देती हैं. अगर कोई ग्लास थोड़ा गहरा या चौड़ा हो, तो उसमें 30 ml डालने पर भी लगता है कि कम पड़ा है और लोग थोड़ा और डाल देते हैं. इससे होता क्या है कि पैग की मात्रा बढ़ जाती है और असर भी ज्यादा होता है. यही कारण है कि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि उन्होंने तो सिर्फ एक पैग पिया है, लेकिन असल में उनकी मात्रा डेढ़ से दो पैग के बराबर हो जाती है.

कैसे सही पैग तैयार करें?

तो क्या किया जाए? सबसे आसान तरीका है कि आप घर में एक छोटा सा 30 एमएल का मापने वाला ग्लास रखें. इसे पहले से आपको अंदाजा होता रहेगा कि आप कितना पी रहे हैं. आप हर बार बिल्कुल सही मात्रा में पैग बना पाएंगे. गलत पैग का असर सिर्फ नशे पर नहीं पड़ता, बल्कि आपके मिक्सर के स्वाद पर भी फर्क डालता है. उदाहरण के लिए अगर आप 30 एमएल रम में 150 एमएल कोला डालते हैं तो स्वाद बैलेंस्ड आता है. लेकिन वही 50 एमएल रम डाल देंगे, तो पेय ज्यादा स्ट्रॉन्ग और तीखा लगेगा. इसीलिए बार में ड्रिंक हमेशा एक जैसे स्वाद के लगते हैं, क्योंकि मात्रा हमेशा सटीक रहती है.

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दिल्ली ब्लास्ट के बाद पुलिस कर रही थी चेकिंग, कार की डिग्गी में मिला सोता मिला लड़का

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दिल्ली, जो हमेशा इतिहास, भीड़-भाड़, फैशन, खाना-पान, रंग-रूप और अलग-अलग अनुभवों के कारण लोगों का ध्यान खींचती है, आज एक बहुत ही डरावनी घटना की चपेट में आ गई. हाल ही में लाल किला के पास अचानक एक जोरदार धमाका हुआ जिसने न सिर्फ आसपास के हिस्से को हिला दिया बल्कि पूरे शहर में डर फैला दिया है. इस धमाके के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे जिले में गहन चेकिंग शुरू कर दी है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें चेकिंग के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है कि जिसे देखकर हंसी भी छूट जाए और हैरानी भी हो जाए. 

वायरल वीडियो का नजारा

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि डर के माहौल में सुरक्षा-चेकिंग चल रही थी. पुलिस ने एक गाड़ी को रोका और उसकी तलाशी ली. गाड़ी में से एक लड़का-लड़की उतरते हैं और तभी जो हुआ, उसे देखकर आसपास के लोग दंग रह गए. पुलिस ने उस गाड़ी की डिग्गी खुलवाई और उसमें सोया हुआ एक युवक मिला. पुलिस उसे उठाने-की कोशिश करती है और उसके साथी भी उठाते हैं. साथ कहते हैं ओए सत्यम खड़ा हो… ओए सत्यम खड़ा हो… वीडियो में उस स्थिति के बाद जो प्रतिक्रिया और माहौल बना, वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. 

सोशल मीडिया पर रिएक्शन

जैसे ही यह वीडियो सामने आया, X, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लोगों के रिएक्शनस की लाइन लग गई. कुछ लोग हैरानी जाहिर कर रहे हैं, कुछ इस जुगाड़ पर हंस रहे हैं. तो कुछ लोग सोच में पड़ गए हैं कि  आखिर एक आदमी को कैसे गाड़ी की डिग्गी में रखा जा सकता है. कई लोगों ने लिखा कि भारत में जुगाड़ की कोई कमी नहीं है, लेकिन यह तो सच में हद है. वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि इस घटना ने डरावने माहौल में थोड़ी हंसी भी भर दी. यह सीन इतना मजेदार था कि वहां मौजूद लोग हंसी नहीं रोक पाए और बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. 

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दिल्ली धमाके के बाद बौखलाया पाकिस्तान, ख्वाजा आसिफ बोले – ‘भारत-अफगानिस्तान से जंग…’

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दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट के बाद आतंक को पनाह देने वाले पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी हुई है. दिल्ली में आतंकी धमाके के बाद इस्लामाबाद के कोर्ट परिसर में धमाका हुआ. इसे लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर गीदड़भभकी दी है. इस्लामाबाद में हुए हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली है, इसके बावजूद दोनों नेताओं की घड़ी की सुई भारत पर अटक गई है.

‘दो मोर्चों पर जंग लड़ने के लिए तैयार PAK’

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दिल्ली के आतंकी धमाके को लेकर कहा, “कल तक तो यह एक गैस सिलेंडर विस्फोट था. अब वे इसे विदेशी साजिश बताने की कोशिश कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान पर कभी भी आरोप लगा सकता है. एक बार फिर गीदड़भभकी देते हुए डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने कहा, “पाकिस्तान दो मोर्चों पर जंग लड़ने के लिए तैयार है. हम दो मोर्चों पर ईस्टर्न और वेस्टर्न बॉर्डर पर लड़ने के लिए तैयार हैं. अल्लाह ने राउंड वन में हमारी मदद की और वह राउंड दो में भी हमारी मदद करेंगे.”

दिल्ली हमले के बाद क्यों बढ़ी पाकिस्तान की बैचेनी?

पाकिस्तान की पूर्वी सीमा भारत से लगती है तो वहीं पश्चिमी सीमा अफगानिस्तान से लगी है, जिसे लेकर रक्षा मंत्री खोखली धमकी दे रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान की ये बेचैनी जायज भी है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. वहीं दिल्ली धमाके के बाद भूटान से पीएम मोदी ने दुनिया को मैसेज दिया कि जो भी दोषी है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा.

ऐसे में पाकिस्तान को इस बात का अंदाजा तो लग चुका है कि भारत आगे क्या कर सकता है. ऑपरेशन सिंदूर से मिले जख्म पाकिस्तान अब तक भूल नहीं पाया है, ऐसे में इस बार अगर फिर इस घटना को पाकिस्तानी धरती से अंजाम दिया गया तो फिर उसकी खैर नहीं होगी. इस पूरे माहौल में पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर का वो खौफनाक मंजर जरूर याद आया होगा.

पाकिस्तान की अफगानिस्तान को गीदड़भभकी 

अफगानिस्तान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ख्वाजा आसिफ ने लिखा, “काबुल की सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद को रोक सकते हैं, लेकिन इस युद्ध को इस्लामाबाद तक लाना अफगानिस्तान से एक संदेश है, जिसका जवाब देने के लिए पाकिस्तान के पास पूरी ताकत है.”

पाकिस्तान की तरफ से लगातार अफगानिस्तान को ये गीदड़भभकी दी जा रही है. पाकिस्तान लगातार आरोप लगा रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल हमारे ऊपर हमले करने के लिए किया जा रहा है.

हालांकि, टीटीपी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर अपना लोकेशन पाकिस्तान सरकार को बता दिया था. वीडियो में एक टीटीपी सदस्य ने पाकिस्तानी सेना और सरकार को क्रूर बताया और दावा किया है कि उनमें मुजाहिदीन के खिलाफ युद्ध छेड़ने की क्षमता नहीं है. टीटीपी सदस्य ने वीडियो में पाकिस्तानी सेना और सरकार के पतन की भविष्यवाणी की है.

टीटीपी सदस्यों ने इस वीडियो में दावा किया है कि वे पाकिस्तान के पंजाब में मौजूद हैं. टीटीपी का यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को चुनौती देता दिख रहा है.

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पाकिस्तान में श्रीलंका टीम पर हमला, कुल 8 लोगों ने गंवाई जान; दिल दहला देने वाली घटना

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इस्लामाबाद में हुए ब्लास्ट के बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम में डर का माहौल है. इस्लामाबाद ब्लास्ट में 12 लोगों के मारे जाने और 20 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है. इसी वजह से कई सारे श्रीलंकाई क्रिकेटरों ने ODI सीरीज के बाकी मैचों में खेलने से मना कर दिया था. हालांकि श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया, लेकिन सीरीज बीच में छोड़ने को लेकर प्रतिबंध की चेतावनी भी दी. दरअसल ये पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान जाकर श्रीलंकाई क्रिकेटरों में डर का माहौल पैदा हुआ है. लगभग 16 साल पहले एक आतंकी हमले ने क्रिकेट जगत को झकझोर कर रख दिया था.

श्रीलंकाई टीम पर हमला

यह घटना साल 2009 की है, जब श्रीलंकाई टीम 3 वनडे और 2 टेस्ट मैचों के लिए पाकिस्तान टूर पर गई थी. श्रीलंका बनाम पाकिस्तान दूसरा टेस्ट लाहौर में खेला जा रहा था, जो 1-5 मार्च तक चलना था. इसी बीच 3 मार्च की सुबह श्रीलंकाई क्रिकेट टीम बस में सवार गद्दाफी स्टेडियम के लिए रवाना हुई. मगर लिबर्टी स्क्वायर के पास बंदूक से लैस 12 आतंकवादी टीम बस का इंतजार कर रहे थे.

7 श्रीलंकाई खिलाड़ी घायल

इस हमले में श्रीलंका टीम के तत्कालीन कप्तान महेला जयवर्धने और उपकप्तान कुमार संगाकारा समेत 7 खिलाड़ियों को चोट आई थी. इन 7 खिलाड़ियों के नाम महेला जयवर्धने, कुमार संगाकारा, अजंता मेंडिस, थिलन समरवीरा, थरंगा परानाविताना, चामिंडा वास और सुरंगा लकमल रहे. इनमें से समरावीरा और परानाविताना को गंभीर चोट आई थी, कुछ समय अस्पताल में भी भर्ती रहे. वहीं अन्य क्रिकेटरों को हल्की चोट आई थी.

6 पुलिस कर्मी शहीद

आतंकवादियों ने अंधाधुंध श्रीलंकाई क्रिकेट टीम की बस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए जैसे-तैसे टीम की सुरक्षा सुनिश्चित की, लेकिन इस कार्यवाई में 6 पुलिस कर्मी और 2 आम नागरिकों की जान चली गई थी. 20 मिनट तक चली जद्दोजहद के बाद आतंकवादी वहां से भाग निकले, लेकिन रॉकेट लॉन्चर और गोला बारूद वहीं छोड़ गए.

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