पहले अर्शदीप-हर्षित ने गेंद से बरपाया कहर, फिर गायकवाड़ के शतक ने बांधा समा

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पहले अनऑफिशियल वनडे मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 4 विकेट से हरा दिया है. राजकोट में खेले गए वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका A ने पहले खेलते हुए 285 रनों का स्कोर बनाया था. जवाब में इंडिया A ने ऋतुराज गायकवाड़ की शतकीय पारी के दम पर टीम इंडिया ने आखिरी ओवर में 4 विकेट से जीत सुनिश्चित की. गायकवाड़ ने 117 रनों की मैच विजेता पारी खेली.

दक्षिण अफ्रीकी टीम ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी थी. अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा के ओपनिंग स्पेल ने दक्षिण अफ्रीकी टीम को बैकफुट पर ला खड़ा किया, क्योंकि उसने मात्र एक रन के स्कोर तक तीन विकेट गंवा दिए थे. 16 रन पर चौथा और 53 रन बनाने तक दक्षिण अफ्रीका की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी.

इसी बीच डियान फॉरेस्टर और डेलानो पॉटगेटर ने 113 रनों की पार्टनरशिप कर दक्षिण अफ्रीका A की मैच में दमदार वापसी करवाई. फॉरेस्टर ने 77 रनों की पारी खेली. इसके बाद पॉटगेटर ने बीजोर्न फॉर्टुइन के साथ मिलकर 87 रन जोड़े. पॉटगेटर ने 90 और बीजोर्न ने 59 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया.

ऋतुराज गायकवाड़ का शतक

286 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के लिए अभिषेक शर्मा ने 31 रन और रियान पराग सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए. दूसरे छोर पर ऋतुराज गायकवाड़ ने कमान संभाली हुई थी. गायकवाड़ ने तिलक वर्मा के साथ मिलकर 89 रनों की साझेदारी करके भारतीय टीम को जीत के करीब ले जाने का काम किया.

गायकवाड़ 117 रन बनाकर आउट हुए. नितीश कुमार रेड्डी ने भी दबाव भारी स्थिति में 26 गेंदों में 37 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, उन्होंने निशांत सिंधू के साथ मिलकर 65 रन ऑन की पार्टनरशिप की. सिंधू ने नाबाद 29 रन बनाए. दोनों टीमों के बीच दूसरा अनऑफिशियल वनडे मैच 16 नवंबर को खेला जाएगा.

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आपके आईफोन और एंड्रॉयड फोन को कैसे पता चलता है कि हवा खराब है? जानें कहां से लेते हैं डेटा

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इन दिनों दिल्ली और आसपास के इलाकों की हवा में जहर घुला हुआ है. एयर क्वालिटी इस कदर खराब हो चुकी है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है. ऐसे में लोग घर से बाहर निकलने से पहले अपने फोन में AQI को चेक कर रहे हैं. आपने देखा होगा कि अलग-अलग फोन में एयर क्वालिटी को लेकर अलग-अलग रीडिंग दिखाई जाती हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मोबाइल कंपनियां अलग-अलग डेटा प्रोवाइडर्स से मौसम का डेटा ले रही हैं. आइए जानते हैं कि कौन-सी कंपनी कहां से मौसम का डेटा लेती है. 

सैमसंग, वनप्लस, रियलमी और ओप्पो

सैमसंग के डिवाइस द वेदर चैनल के प्लेटफॉर्म Weather.com से डेटा लेते हैं. यह सरकारी सेंसरों और ग्लोबल मॉनिटरिंग स्टेशनों से मिले डेटा को कंबाइन कर AQI रीडिंग देता है. इसकी मदद से सैमसंग यूजर्स को GPS लोकेशन के आधार पर पॉल्यूशन डेटा देखने को मिलता है. सैमसंग के अलावा वनप्लस, रियलमी और ओप्पो भी इसी प्लेटफॉर्म से पॉल्यूशन का डेटा लेते हैं. इस वजह से अधिकतर समय इनकी रीडिंग एक जैसी होती है.

ऐप्पल

ऐप्पल अपने आईफोन के लिए इजरायली कंपनी BreezoMeter से एयर क्वालिटी डेटा लेती है. यह कंपनी मशीन लर्निंग मॉडल्स के साथ-साथ ग्राउंड पर लगे सेंसर और सैटेलाइट डेटा की मदद से AQI रीडिंग प्रदान करती है. यह हवा में PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक तत्वों की भी जानकारी देती है. इससे मिले डेटा से वेदर ऐप और सिरी पर AQI रीडिंग दिखती है. 

गूगल

पिक्सल डिवाइस और वेदर सर्विस गूगल के खुद के डेटा एग्रीगेशन सिस्टम का यूज कर रीडिंग दिखाते हैं. गूगल कई सरकारी और प्राइवेस सोर्सेस से मौसम का डेटा लेती है और उन्हें कंबाइन कर यूजर को उसके इलाके का हाल बताती है. यह हाइपरलोकल की जगह शहरों के हिसाब से हवा का हाल बताती है. 

शाओमी, रेडमी और पोको

ये तीनों चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियां AccuWeather से AQI और मौसम का डेटा लेती है. AccuWeather सरकारी एजेंसियों और ग्लोबल मॉनिटरिंग स्टेशन से मौसम से जुड़ा डेटा इकट्ठा करती है. इस डेटा के आधार यह कंपनी शहरों के हिसाब से एयर क्वालिटी रीडिंग को अपडेट करती रहती है.

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बिहार चुनाव रिजल्ट 2025: बिहार में सत्ता का संग्राम, सिंह राशि का चंद्रमा और वैधृति योग तय करें

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Bihar Election Result 2025: कल बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले ग्रहों की चाल ऐसी स्थिति में है जो राजनीति में बड़ा उलटफेर ला सकती है. पंचांग के अनुसार 14 नवंबर 2025, शुक्रवार को कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी और चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा यह संयोजन सत्ता, अहंकार, प्रतिष्ठा और नेतृत्व से जुड़ा माना जाता है. ऐसे में जो नेता अपने ‘स्व’ और ‘रणनीति’ पर नियंत्रण रखेंगे, वही जीत की चौखट तक पहुंचेंगे.

सूर्य का प्रभाव अभी भी तुला राशि में है. यानी संतुलन और न्याय की परीक्षा का दिन. इसका अर्थ है कि नतीजे ‘एकतरफा लहर’ नहीं बल्कि संघर्षपूर्ण समीकरण दिखा सकते हैं. ग्रहों का ये मिलन कहता है, जो आज विनम्रता से झुक गया, कल वही जनता के सिर चढ़ेगा.

राहु काल (सुबह 10:45 से 12:05 तक) और यमगण्ड (दोपहर 16:02:04 से 16:45:07 तक) के दौरान कुछ दलों के लिए अचानक झटका या मतगणना में धीमापन दिख सकता है. खासकर वे दल जो आत्मविश्वास में चूक करेंगे, उनके लिए वैधृति योग ‘नेतृत्व पर सवाल’ उठाने वाला हो सकता है.

ज्योतिषीय संकेत क्या कहते हैं?

जिन नेताओं की कुंडली में सूर्य या गुरु मजबूत है (जैसे सिंह, धनु, मीन राशि वाले), उनके लिए यह दिन भाग्यवर्धक है. जिनके शनि या राहु पीड़ित हैं (जैसे मिथुन, कन्या, कुंभ राशि वाले), उन्हें देर से राहत मिलेगी. नतीजे परेशान और हैरान कर सकते हैं.

जिनकी कुंडली में चंद्र कमजोर है, वे भावनात्मक निर्णय लेकर राजनीतिक नुकसान उठा सकते हैं. इस दिन सिंह राशि में चंद्रमा का गोचर और उसकी उर्जा सत्ता की चाह चरम पर पहुंचती है. यही कारण है कि जिन नेताओं ने जनता की नब्ज समझी है, वे आगे निकलेंगे. लेकिन जो सिर्फ गठबंधन की गणना में उलझे हैं, उनके लिए ग्रहों का संदेश स्पष्ट है ‘अहम से पतन होता है.’

बिहार का ‘कल’ सिर्फ नतीजों का दिन नहीं, बल्कि ‘नेतृत्व की परीक्षा’ का दिन!

‘संग्रामे जयमिच्छेत् नित्यं देवता-पूजनम्’ यानी जो युद्ध में विजय चाहता है, उसे पहले देव-शक्ति की शरण लेनी चाहिए. आज शाम सूर्यास्त के बाद भगवान विष्णु या सूर्य देव को जल अर्पित करें, और मन में विनम्रता रखें यही ‘राजयोग’ का वास्तविक सूत्र है.

बिहार का ‘कल’ सिर्फ नतीजों का दिन नहीं, बल्कि ‘नेतृत्व की परीक्षा’ का दिन है. सिंह राशि में बैठा चंद्रमा और वैधृति योग का ये संगम तय करेगा कि कौन सिंहासन तक पहुंचेगा और कौन जनता की अदालत में ठहर जाएगा. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं, यह तो ग्रहों की नई पटकथा की शुरुआत है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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नियामकीय देरी, उच्च अनुपालन लागत से छोटे उद्यमों पर पड़ रहा असर: एसोचैम रिपोर्ट

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Assocham Report: उद्योग मंडल एसोचैम (ASSOCHAM) ने गुरुवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नियामकीय देरी, ऊंची अनुपालन लागत और ‘सिंगल-विंडो’ मंजूरी प्रणाली की कमी जैसी बाधाएं देश के सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (MSME) को अपनी असली क्षमता तक पहुंचने से रोक रही हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि MSME सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए राज्य स्तर पर तेज और ठोस सुधारों की जरूरत है. एसोचैम के अनुसार, कई नियामक और अवसंरचनात्मक अड़चनें व्यावसायिक गतिविधियों में बाधक बन रही हैं, जिनमें शामिल हैं —

  • जटिल अनुमोदन और पंजीकरण प्रक्रियाएं
  • पैसे की वापसी (रिफंड) में देरी
  • जीएसटी और आईटीसी विवादों का बोझ
  • लॉजिस्टिक और अवसंरचना संबंधी कमियां
  • पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बिजली आपूर्ति की दिक्कतें, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है

‘सिंगल विंडो सिस्टम’ पर जोर

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि राज्यों में डिजिटल और समयबद्ध मंजूरी व्यवस्था लागू की जाए तो इससे निवेश माहौल में बड़ा सुधार होगा. विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में एकल खिड़की प्रणाली (Single Window Clearance) के तत्काल कार्यान्वयन की सिफारिश की गई है, क्योंकि वहां मौजूदा सिस्टम खंडित है.

एसोचैम ने अपनी रिपोर्ट में इन राज्यों की स्थिति का विश्लेषण किया है —ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली, गोवा, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश.

सुधार के लिए प्रमुख सिफारिशें

रिपोर्ट में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वित सुधार की जरूरत बताई गई है और निम्नलिखित कदम सुझाए गए हैं —

  • मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाना
  • जीएसटी सुधार और आईटीसी विवादों का समाधान
  • भूमि उपयोग परिवर्तन की समयबद्ध प्रक्रिया
  • श्रम कानूनों और कंपनी नियमों को युक्तिसंगत बनाना
  • लॉजिस्टिक हब, ई-वे बिल प्रणाली और आधुनिक बिजली वितरण ढांचे को मजबूत करना

MSME को सशक्त बनाने की दिशा में पहल

एसोचैम ने सुझाव दिया है कि सरकार को MSME के लिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना चाहिए —

  • कौशल विकास और तकनीकी नवाचार
  • निर्यात संवर्धन
  • वित्तीय योजनाओं और प्रोत्साहनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि इन मुद्दों का समाधान किया जाए, तो सरकार एक भरोसेमंद, पारदर्शी और कुशल कारोबारी माहौल बना सकती है, जिससे भारत का MSME सेक्टर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति में पहुंच सकेगा.

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सनी देओल का फूटा था मीडिया पर गुस्सा, एक्टर के सपोर्ट में उतरे करण जौहर, कहा- ‘ये अनादर है..’

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वेटरन एक्टर धर्मेंद्र से जुड़ी गलत खबर को लेकर सनी देओल ने गुरुवार को मीडिया पर नाराजगी जताई. करण जौहर ने सनी देओल के बयान को सपोर्ट किया और कहा कि यह कवरेज नहीं अपमान है.

फिल्ममेकर करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखा और मीडिया को संवेदनशील तरीके से काम करने की सलाह दी.

करण जौहर ने सनी देओल के सपोर्ट में क्या लिखा?

उन्होंने लिखा, “जब बुनियादी शिष्टाचार और संवेदनशीलता हमारे दिलों और हमारे कार्यों से निकल जाती है, तो हम जानते हैं कि हम कितने खराब हो चुके हैं.”

उन्होंने पोस्ट में देओल परिवार को अकेला छोड़ने की बात कही और लिखा, “प्लीज परिवार को अकेला छोड़ दें, वे पहले से ही भावनात्मक रूप से बहुत कुछ झेल रहे हैं. एक दिग्गज कलाकार जिसने फिल्म उद्योग में इतना बड़ा योगदान दिया है, उसका पपराजी और मीडिया सर्कस देखना दिल दहला देने वाला है, यह कवरेज नहीं, बल्कि अनादर है.”

सनी देओल का फूटा था मीडिया पर गुस्सा, एक्टर के सपोर्ट में उतरे करण जौहर, कहा- 'ये अनादर है..

सनी देओल ने गलत खबर को लेकर मीडिया पर जाहिर की थी नाराजगी

इससे पहले गुरुवार की सुबह सनी देओल ने घर के बाहर कवरेज के लिए खड़ी मीडिया पर गुस्सा जाहिर किया था. उन्होंने पहले मीडिया के सामने हाथ जोड़े और फिर चिल्लाकर कहा, “घर पर तुम्हारा परिवार, माता-पिता और बच्चे हैं, और तुम ऐसे वीडियो बना रहे हो जैसे कि तुम बेवकूफ हो, शर्म नहीं आती.”

11 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक्टर से जुड़ी गलत खबर फैल गई थी. बाद में हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खंडन किया था और ऐसी खबरों को गैरजिम्मेदाराना और असंवेदनशील बताया था.

दूसरी तरफ धर्मेंद्र की हालत स्थिर है. उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है. हालांकि, घर पर उनका इलाज जारी है. बता दें कि धर्मेंद्र की इस समय 89 साल के हैं और अगले महीने की 8 तारीख को अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले हैं.

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Video: चढ़ते ही टूट गया एस्केलेटर, मौत के मुंह में समाई महिला, गोद में था बच्चा, देखें वीडियो

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Social Media Viral Video:  ऐसा कहा जाता है कि हर समय भगवान हमारे साथ नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने मां को भेजा है. क्योंकि हमारे जीवन में सिर्फ मां- बाप ही ऐसे होते हैं, जो अपने बच्चों के लिए खुद की जान जोखिम में डाल सकते हैं, लेकिन अपने बच्चों को कुछ नहीं होने देते. जीवन में मां का होना उतना ही जरूरी है, जितनी सांसें लेने के लिए ऑक्सीजन. हाल ही में इंटरनेट पर एक इमोशनल वीडियो सामने आया है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी है. वायरल हो रहे वीडियो में देखा गया है कि एक मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने बच्चे की जान को बचाने के लिए खुद को कुर्बान कर दिया.

एस्केलेटर टूटते ही उसमें समा गई महिला

वीडियो की शुरुआत में देखा एक महिला अपने बच्चे के साथ एस्केलेटर से उतरती नजर आती है. इसी दौरान एस्केलेटर की मशीनरी में कुछ गड़बड़ी होती है और एस्केलेटर का एक हिस्सा टूट जाता है. महिला और उसका बच्चा गिरने वाले होते हैं, लेकिन इस दौरान महिला अपने बच्चे को बचा लेती है.

वीडियो में देख सकते हैं कि महिला अपने बच्चे को ऊपर की साइड फेंक देती है. वहां पर दो अन्य महिलाएं खड़ी होती है, जो उस बच्चे को खींच लेती हैं और साथ ही महिला को भी बचाने की कोशिश करने लगती है, लेकिन उसके बाद भी दोनों महिलाएं उसे बचा नहीं पाती है और महिला  एस्केलेटर के टूटे हुए हिस्से में गिर जाती है.

अब एस्केलेटर पर चढ़ने से डर लगेगा- बोले यूजर्स

हालांकि, इस घटना के सही स्थान की जानकारी उपलब्ध नहीं है. इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों के तमाम कमेंटस सामने आने लगे. लोगों ने कहा कि इस वीडियो को देखने के बाद एस्केलेटर पर चढ़ने से डर लगेगा.

वहीं कुछ ने कहा कि एक मां ही ऐसा कर सकती है. वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि मां ने बिना कुछ सोचे अपने बच्चे को बचा लिया और खुद को मौत के मुंह में ढकेल दिया. लोगों ने घटना पर दुख जताया.


डायनामिक आईलैंड की होगी छुट्टी, आईफोन 20 सीरीज में स्क्रीन के नीचे लगा होगा सेल्फी कैमरा

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ऐप्पल अगले साल आईफोन 18 सीरीज लॉन्च करेगी और इसके बाद 19 लाइनअप को स्किप करते हुए 2027 में सीधा आईफोन 20 सीरीज लॉन्च करेगी. दरअसल, 2027 में आईफोन के सफर को 20 साल पूरे हो जाएंगे और इस मौके पर कंपनी आईफोन 20 लाइनअप ला रही है और इसमें पहली बार फुल स्क्रीन आईफोन देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आईफोन 20 सीरीज के मॉडल्स में अंडर-स्क्रीन सेल्फी कैमरा दिया जाएगा, जिससे डिस्प्ले पर कोई कटआउट नहीं रहेगा और ना ही इन पर कोई बैजल्स नजर आएंगे.

डायनामिक आईलैंड का सफर हो जाएगा खत्म

चाइनीज टिपस्टर डिजिटल चैट स्टेशन ने वीबो पर अपनी पोस्ट में लिखा है कि 2027 में आईफोन लाइनअप अंडर-डिस्प्ले कैमरा के साथ लॉन्च होगी. इसका मतलब है कि आईफोन 14 प्रो से शुरू हुआ डायनामिक आईलैंड का सफर इसी के साथ समाप्त हो जाएगा. कंपनी पिछले कुछ समय से इसका साइज छोटा करती आ रही है और आईफोन 20 सीरीज में अल्टीमेटली इसे बंद कर दिया जाएगा. टिपस्टर ने बतााया कि अंडर-स्क्रीन कैमरा टेक्नोलॉजी को 3D फेस रिकग्नेशन के साथ कंबाइन किया जाएगा. 

कैमरा क्वालिटी का नहीं रहेगा इश्यू

एंड्रॉयड स्मार्टफोन में अंडर-स्क्रीन कैमरा के साथ एक्सपेरिमेंट किया गया था, लेकिन इनकी कैमरा क्वालिटी एक बड़ा इश्यू रही थी. इससे बचने के लिए ऐप्पल एडवांस्ड ऑप्टिकल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करेगी ताकि फोटो की क्वालिटी एकदम शानदार बनी रहे. हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी, जो इस लीक की पुष्टि करती है. रिपोर्ट में बताया गया था कि अगले साल लॉन्च होने वाला फोल्डेबल आईफोन 24MP वाले अंडर-डिस्प्ले कैमरा सेंसर के साथ लॉन्च होगा. आजतक किसी भी दूसरे फोन में इतना हाई रेजॉल्यूशन अंडर-स्क्रीन कैमरा नहीं दिया गया है. 

आईफोन 20 में मिल सकती हैं Haptic Buttons

आईफोन 20 सीरीज सिर्फ डिस्प्ले के लिहाज से ही खास नहीं होने जा रही है. इस सीरीज के मॉडल में पावर, वॉल्यूम, एक्शन और कैमरा कंट्रोल के लिए फिजिकल बटन की जगह सॉलिड-स्टेट बटन देखने को मिलेंगी. ये बटन फिजिकली मूव नहीं होगी, लेकिन जैसे ही कोई इन पर टच करेगा, ये हेप्टिक वाइब्रेशन के जरिए फीडबैक देगी. इससे यूजर को बटन दबाने जैसा ही फील होगा.

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बल्लेबाज या गेंदबाज, कोलकाता की पिच पर कौन मचाएगा तबाही? पहले टेस्ट की पिच रिपोर्ट

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भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज कल से शुरू हो रही है. पहला मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा और मैच भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा. इस मैदान पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केवल 3 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें टीम इंडिया ने 2 और एक बार अफ्रीकी टीम विजयी रही है. यहां इन दोनों टीमों के बीच आखिरी मैच 2010 में खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम पारी और 57 रनों से विजयी रही थी.

ईडन गार्डन्स के इतिहास को उठाकर देखें तो यहां बल्लेबाज सेट हो जाए तो पहली पारी में रन बनाना काफी हद तक आसान हो जाता है. मगर तीसरी और चौथी पारी में रन बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है.

बल्लेबाज या गेंदबाज, किसे ज्यादा मदद मिलेगी

ईडन गार्डन्स की पिच का इतिहास बताता है कि यहां बल्लेबाज और गेंदबाज, दोनों के लिए मदद रहती है. शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, वहीं तीसरे दिन से स्पिनर्स हावी होने लगते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहले टेस्ट मैच के लिए पिच पर घास होगी, जिससे शुरुआत में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलने का अनुमान होगा. ऐसे में बल्लेबाजों को रन बनाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है.

भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच रायन टेन डोइशे कह चुके हैं कि इस मैदान में स्पिन गेंदबाजों का रोल महत्वपूर्ण रह सकता है. टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी चुन सकती है और यहां बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है, क्योंकि पहले 2 दिन यहां बैटिंग करना अंतिम 3 दिनों की तुलना में आसान रह सकता है लेकिन जैसे ही पिच पुरानी होगी वैसे ही स्पिनर्स हावी होते चले जाएंगे.

कुल मिलाकर देखा जाए तो पहले दिन नई गेंद से तेज गेंदबाज घातक सिद्ध हो सकते हैं, लेकिन इसी बीच पहले 2 दिन बल्लेबाज आखिरी 3 दिनों की तुलना में आसान होगी. पहली दो पारियों में यहां औसत स्कोर 300 रन से ज्यादा है, लेकिन तीसरी पारी में औसत स्कोर करीब 250 और चौथी पारी में यहां 200 रन बनाना भी बहुत मुश्किल काम माना जाता है.

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ये 5 लक्षण दिखें तो समझ जाएं हो गई डायबिटीज, तुरंत शुरू कर दें ये परहेज

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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में डायबिटीज जैसी बीमारी किसी को भी चुपके से घेर लेती है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 83 करोड़ लोग डायबिटीज से जूझ रहे हैं और आधे से ज्यादा को तो पता ही नहीं चलता कि उनकी बॉडी में शुगर का लेवल बढ़ चुका है. भारत में भी हालात बेहद गंभीर हैं. इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) की 2025 की डायबिटीज एटलस रिपोर्ट कहती है कि भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं और 2.5 करोड़ लोग अब भी इससे अनजान हैं. वर्ल्ड डायबिटीज डे के मौके पर हम आपको उन 5 लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे डायबिटीज होने का पता चलता है. अगर समय पर सही परहेज शुरू कर दिए जाएं तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

कैसे रखें अपना ध्यान?

दिल्ली के नामी अस्पताल में एंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. वी. सुब्रह्मण्यम के मुताबिक, डायबिटीज को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि यह चुपचाप हार्ट, किडनी, आंखों और नसों को नुकसान पहुंचाती है. अगर आपको बार-बार पेशाब आ रहा है या ज्यादा प्यास लग रही है, थकान, वजन का अचानक कम होना और धुंधला दिखना जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं तो तुरंत ब्लड टेस्ट करवाएं. ये लक्षण टाइप-2 डायबिटीज में ज्यादातर देखे जाते हैं, जो 90 पर्सेंट मामलों में होता है.

रात में दिखता है यह लक्षण

डायबिटीज का पहला लक्षण बार-बार पेशाब आना है. दरअसल, जब ब्लड शुगर बढ़ता है तो किडनी उसे बाहर निकालने की कोशिश करती है. इसके चलते रात में भी 4-5 बार टॉयलेट जाना पड़ता है. डॉ. सुब्रह्मण्यम के मुताबिक, मरीज अक्सर कहते हैं कि रात भर नींद नहीं आती, क्योंकि पेशाब रोक नहीं पाते हैं. यह शुरुआती संकेत है, जिसे इग्नोर करने से किडनी डैमेज हो जाती है. IDF की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर वक्त पर चेकअप न हे तो भारत में 40 पर्सेंट डायबिटीज के मरीजों को किडनी प्रॉब्लम हो जाती है.

बार-बार प्यास लगना भी खतरनाक

दूसरा लक्षण अजीब-सी प्यास लगना है. दरअसल, शुगर बढ़ने से बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है और आप जितना पानी पिएंगे, उतनी ही प्यास लगती है. डॉ. सुब्रह्मण्यम कहते हैं कि गर्मी में प्यास तो लगती ही है, लेकिन ठंडे मौसम में भी बार-बार पानी पीना पड़ रहा है तो शुगर चेक कराएं. हमने हाल ही में एक स्टडी में देखा कि 70 पर्सेंट मरीजों में यह लक्षण सबसे पहले नजर आया. ADA (अमेरिकन डायबिटीज असोसिएशन) की 2025 गाइडलाइंस में भी यही कहा गया है कि प्यास का बढ़ना हाइपरग्लाइसीमिया का सिग्नल होता है. 

लगातार थकान लग रही तो कराएं जांच

डायबिटीज में कोशिकाएं शुगर को एनर्जी में बदल नहीं पाती हैं, जिसकी वजह से हर वक्त थकान महसूस होती है. डॉ. सुब्रह्मण्यम के मुताबिक, मरीज सोचते हैं कि काम की थकान है, लेकिन ऐसा डायबिटीज की वजह से होता है. WHO की स्टडी भी बताती है कि अनट्रीटेड डायबिटीज से थकान हार्ट अटैक का रिस्क दोगुना कर देती है.

अचानक घट रहा वजन तो दें ध्यान

टाइप-1 डायबिटीज के दौरान वजन काफी तेजी से कम होने लगता है, क्योंकि बॉडी फैट और मसल्स को तोड़कर एनर्जी बनाने लगती है. डॉ. सुब्रह्मण्यम ने बताया कि एक महीने में 4-5 किलो वजन घटना नॉर्मल नहीं होता है. यह इंसुलिन की कमी का संकेत है. IDF की लेटेस्ट रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में 10 मिलियन टाइप-1 केस हैं, जिनमें यह लक्षण प्रमुख है.

धुंधला दिख रहा है तो हो जाएं अलर्ट

डायबिटीज का पांचवां लक्षण आंखों से धुंधला दिखना है. दरअसल, हाई शुगर की वजह से आंखों के लेंस में सूजन आ जाती है, जिससे विजन ब्लर हो जाता है. डॉ. सुब्रह्मण्यम बताते हैं कि डायबिटिक रेटिनोपैथी से 20 पर्सेंट मरीज अंधे हो जाते हैं. 2025 की ADA रिपोर्ट कहती है कि शुरुआती चेकअप से 80 पर्सेंट केस बचाए जा सकते हैं. यह लक्षण बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है. 

कैसे करना चाहिए परहेज?

डॉ. सुब्रह्मण्यम सलाह देते हैं कि अगर डायबिटीज को कंट्रोल करना है तो चीनी, मैदा, प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट से तौबा करें. इसकी जगह फाइबर वाली चीजें खाएं. IDF की 2025 में पब्लिश रिपोर्ट में बताया गया है कि हेल्दी डाइट से 58 पर्सेंट केस प्रिवेंट हो सकते हैं. इसके अलावा सुबह उठते ही गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पिएं. ब्रेकफास्ट में ओट्स, दलिया या मल्टीग्रेन पराठा लें. सुबह 7 से 8 बजे के बीच नाश्ता करें, जिसमें 300 कैलोरी हो. फल में सेब, अमरूद या पपीता चुनें, केला कम खाएं. लंच में ब्राउन राइस, दाल, हरी सब्जी और सलाद रखें. रोटी 2-3 ही लें. शाम के स्नैक में मुट्ठी भर बादाम या स्प्राउट्स खाएं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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अल-फलाह यूनिवर्सिटी की एआईयू ने रद्द की सदस्यता, जानें क्या है पूरा मामला

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एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी है. संस्था का कहना है कि हाल के दिनों में सामने आए घटनाक्रम विश्वविद्यालय की गरिमा और आचार संहिता के अनुरूप नहीं हैं. इसी बीच, यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट को भी प्रशासन की ओर से बंद कर दिया गया है.

फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है. भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने विश्वविद्यालय की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. संस्था का कहना है कि बीते कुछ दिनों में हुए घटनाक्रम और विश्वविद्यालय का आचरण, एआईयू के मानकों और नियमों से मेल नहीं खाता. इसी बीच, यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट भी प्रशासन की ओर से बंद कर दी गई है.

एआईयू का बयान

एआईयू की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के उपनियमों के अनुसार किसी भी विश्वविद्यालय की सदस्यता तब तक प्रभावी रहती है, जब तक वह ‘सद्भावपूर्ण स्थिति’ में हो.

बयान में आगे कहा गया मीडिया में आई हालिया रिपोर्ट्स के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी वर्तमान में ऐसी स्थिति में नहीं है, जिसे सद्भावपूर्ण कहा जा सके. इसलिए एआईयू ने यह निर्णय लिया है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए.

प्रशासन ने वेबसाइट की पहुंच की बंद

सदस्यता रद्द होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट बंद कर दी है. अब वेबसाइट पर जाने की कोशिश करने पर उपयोगकर्ताओं को “Service Unavailable” का संदेश दिख रहा है.

हालिया विवादों से घिरी यूनिवर्सिटी

गौरतलब है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से विवादों में घिरी हुई है. दिल्ली धमाके के बाद विश्वविद्यालय का नाम जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया था. 

क्या है एआईयू?

एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) देशभर के विश्वविद्यालयों का एक शीर्ष संगठन है, जो उच्च शिक्षा संस्थानों की मान्यता और सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेता है. किसी भी यूनिवर्सिटी की एआईयू सदस्यता उसके शैक्षणिक स्तर और विश्वसनीयता का प्रतीक मानी जाती है.

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