बिहार चुनाव रिजल्ट 2025: बिहार में सत्ता का संग्राम, सिंह राशि का चंद्रमा और वैधृति योग तय करें
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Bihar Election Result 2025: कल बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले ग्रहों की चाल ऐसी स्थिति में है जो राजनीति में बड़ा उलटफेर ला सकती है. पंचांग के अनुसार 14 नवंबर 2025, शुक्रवार को कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी और चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा यह संयोजन सत्ता, अहंकार, प्रतिष्ठा और नेतृत्व से जुड़ा माना जाता है. ऐसे में जो नेता अपने ‘स्व’ और ‘रणनीति’ पर नियंत्रण रखेंगे, वही जीत की चौखट तक पहुंचेंगे.
सूर्य का प्रभाव अभी भी तुला राशि में है. यानी संतुलन और न्याय की परीक्षा का दिन. इसका अर्थ है कि नतीजे ‘एकतरफा लहर’ नहीं बल्कि संघर्षपूर्ण समीकरण दिखा सकते हैं. ग्रहों का ये मिलन कहता है, जो आज विनम्रता से झुक गया, कल वही जनता के सिर चढ़ेगा.
राहु काल (सुबह 10:45 से 12:05 तक) और यमगण्ड (दोपहर 16:02:04 से 16:45:07 तक) के दौरान कुछ दलों के लिए अचानक झटका या मतगणना में धीमापन दिख सकता है. खासकर वे दल जो आत्मविश्वास में चूक करेंगे, उनके लिए वैधृति योग ‘नेतृत्व पर सवाल’ उठाने वाला हो सकता है.
ज्योतिषीय संकेत क्या कहते हैं?
जिन नेताओं की कुंडली में सूर्य या गुरु मजबूत है (जैसे सिंह, धनु, मीन राशि वाले), उनके लिए यह दिन भाग्यवर्धक है. जिनके शनि या राहु पीड़ित हैं (जैसे मिथुन, कन्या, कुंभ राशि वाले), उन्हें देर से राहत मिलेगी. नतीजे परेशान और हैरान कर सकते हैं.
जिनकी कुंडली में चंद्र कमजोर है, वे भावनात्मक निर्णय लेकर राजनीतिक नुकसान उठा सकते हैं. इस दिन सिंह राशि में चंद्रमा का गोचर और उसकी उर्जा सत्ता की चाह चरम पर पहुंचती है. यही कारण है कि जिन नेताओं ने जनता की नब्ज समझी है, वे आगे निकलेंगे. लेकिन जो सिर्फ गठबंधन की गणना में उलझे हैं, उनके लिए ग्रहों का संदेश स्पष्ट है ‘अहम से पतन होता है.’
बिहार का ‘कल’ सिर्फ नतीजों का दिन नहीं, बल्कि ‘नेतृत्व की परीक्षा’ का दिन!
‘संग्रामे जयमिच्छेत् नित्यं देवता-पूजनम्’ यानी जो युद्ध में विजय चाहता है, उसे पहले देव-शक्ति की शरण लेनी चाहिए. आज शाम सूर्यास्त के बाद भगवान विष्णु या सूर्य देव को जल अर्पित करें, और मन में विनम्रता रखें यही ‘राजयोग’ का वास्तविक सूत्र है.
बिहार का ‘कल’ सिर्फ नतीजों का दिन नहीं, बल्कि ‘नेतृत्व की परीक्षा’ का दिन है. सिंह राशि में बैठा चंद्रमा और वैधृति योग का ये संगम तय करेगा कि कौन सिंहासन तक पहुंचेगा और कौन जनता की अदालत में ठहर जाएगा. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं, यह तो ग्रहों की नई पटकथा की शुरुआत है.
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