Aaj Ka Rashifal: 12 नवंबर 2025 का राशिफल धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि वाले शेयर मार्केट में निवेश

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Rashifal: धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि के लिए आज यानी 12 नवंबर 2025 का दिन कैसा रहेगा? क्या धन और सेहत के मामले में हानि होगी या जीवन में कोई शुभ समाचार मिल सकता है, जानते हैं इन चार राशियों का विशेष राशिफल (Horoscope Today).

धनु (Sagittarius) राशिफल, 12 नवंबर 2025

चंद्रमा आज आपके नवम भाव में है, भाग्य और दृष्टिकोण को नई दिशा देने वाला दिन. कोई शुभ समाचार या यात्रा का योग बन सकता है. आपकी दूरदर्शिता लोगों को प्रभावित करेगी. शिक्षा और आध्यात्मिक विषयों में नई प्रेरणा मिलेगी.
Career/Business: कार्यस्थल पर भाग्य आपका साथ देगा, नए अवसर मिलेंगे. शेयर मार्केट में ध्यान से निवेश करें.
Love Life: रिश्तों में स्थिरता और भावनात्मक गहराई आएगी.
Education: विदेश या रिसर्च से जुड़ी योजना आगे बढ़ेगी.
Health: मानसिक सुकून मिलेगा.
Finance: लाभ के नए स्रोत बनेंगे.
सफलता मंत्र: भाग्यं फलति कर्मणा. यानी कर्म से ही भाग्य बनता है.
Lucky Color: Yellow. Lucky Number: 3 

उपाय: पीले फूल से विष्णु पूजन करें.

मकर (Capricorn) राशिफल, 12 नवंबर 2025

आज चंद्रमा आपके अष्टम भाव में है, गहन विचार, परिवर्तन और रहस्यों का दिन. आपकी आंतरिक शक्ति आपको कठिन स्थितियों में संयमित रखेगी. पुराना मामला सुलझ सकता है या नई रणनीति से लाभ मिलेगा.
Career/Business: इन्वेस्टमेंट या पॉलिसी से संबंधित कामों में सफलता.
Love Life: भावनात्मक मुद्दों पर खुलकर बात करें.
Education: शोध या अध्यात्मिक विषयों में रुचि.
Health: तनाव या हार्मोनल असंतुलन संभावित.
Finance: गुप्त लाभ या बोनस का योग.
Lucky Color: Dark Brown. Lucky Number: 10 

उपाय: शनि मंदिर में तिल का तेल अर्पित करें.

कुंभ (Aquarius) राशिफल, 12 नवंबर 2025

चंद्रमा आज आपके सप्तम भाव में है, साझेदारी और रिश्तों का दिन. आपका संवाद कला सफलता दिलाएगा. जो पिछले दिनों से अलगाव महसूस कर रहे थे, उनके लिए मेल-मिलाप का समय है.
Career/Business: टीमवर्क और सहयोग से बड़ा प्रोजेक्ट सफल होगा.
Love Life: रिश्तों में संतुलन और विश्वास लौटेगा.
Education: ग्रुप डिस्कशन या डिबेट में जीत संभावित.
Health: सिरदर्द या थकान से सावधानी.
Finance: साझा निवेश से लाभ. शेयर बाजर
Lucky Color: Teal Blue. Lucky Number: 11 

उपाय: हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाएँ.

मीन (Pisces) राशिफल, 12 नवंबर 2025

चंद्रमा आज आपके षष्ठ भाव में है, कर्म, सेवा और संघर्ष का समय है. आपकी सच्ची मेहनत और निष्ठा आज पहचानी जाएगी. सामाजिक कार्य या सहायता से मान मिलेगा.
Career/Business: प्रतिस्पर्धा में विजय के संकेत.
Love Life: साथी के साथ छोटी-मोटी मतभेद सुलझेंगे.
Education: प्रतियोगी परीक्षा के तैयार छात्रों के लिए शुभ.
Health: पाचन और थकान से सावधान.
Finance: खर्च के बावजूद आर्थिक संतुलन बना रहेगा.
Lucky Color: Pearl White. Lucky Number: 12 

उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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कैसे Freight Equalization Policy ने बिहार की अर्थव्यवस्था को दशकों पीछे धकेल दिया| Paisa Live

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बिहार—जिसे कभी प्राचीन भारत की बौद्धिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर माना जाता था—आज देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिना जाता है। सवाल उठता है कि आखिर आज़ादी के समय तमिलनाडु और बिहार आर्थिक रूप से बराबर होने के बावजूद बिहार इतना पीछे कैसे रह गया? इसका बड़ा कारण रही 1952 में लागू की गई Freight Equalization Policy, जिसने बिहार जैसे खनिज-संपन्न राज्य की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी। इस नीति के तहत कोयला, लोहा, बॉक्साइट जैसे खनिजों के परिवहन पर सब्सिडी दी गई ताकि देश के किसी भी कोने में उद्योग लगाना सस्ता पड़े। नतीजा यह हुआ कि उद्योग बिहार या झारखंड जैसे खनिज क्षेत्रों में बसने के बजाय मुंबई, गुजरात और दक्षिण भारत में स्थापित हो गए।1993 तक चली इस नीति ने बिहार के औद्योगिक विकास को लगभग ठप कर दिया। जहां तमिलनाडु में फैक्ट्रियों की संख्या 520% बढ़ी, वहीं बिहार में आज भी मुश्किल से 3300 फैक्ट्रियाँ हैं। इसका सीधा असर रोजगार और जीवन स्तर पर पड़ा — यहाँ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार सिर्फ 5.7% है जबकि तमिलनाडु में 17%। आज जब बिहार चुनावों के केंद्र में है, तो ज़रूरत है कि राजनीतिक बहसों में इसके असली आर्थिक दर्द की चर्चा भी हो।                                   

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जय शाह की चेयरमैनशिप में ICC का बड़ा फैसला, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में नया फॉर्मेट होगा लागू!

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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में टीमों की संख्या बढ़कर 9 से 12 होने वाली है. WTC के 2025-2027 चक्र में 9 ही टीम भाग ले रही हैं, लेकिन 2027 के बाद टीमों की संख्या बढ़कर 12 हो सकती है. इससे अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और आयरलैंड जैसी टीमों को ज्यादा टेस्ट मैच खेलने को मिल पाएंगे. दूसरी ओर पिछले एक साल से दो डिवीजन वाले फॉर्मेट पर लगातार चर्चा चलती रही हैं. ईएसपीएन क्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट अनुसार आईसीसी की हालिया मीटिंग में 2 डिवीजन वाले फॉर्मेट पर सहमति नहीं बन पाई है.

ईएसपीएन क्रिकइन्फो के मुताबिक आईसीसी की हालिया बैठक में 2 डिवीजन वाले फॉर्मेट पर चर्चा हुई थी, लेकिन फंडिंग मॉडल और टॉप टीमों के साथ खेलने के कम अवसरों के कारण इस फॉर्मेट पर सहमति नहीं बन पाई है.

न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर रोजर ट्रूज आईसीसी द्वारा गठित एक कार्यसमिति का नेतृत्व कर रहे थे. पूर्वकथित कुछ मुद्दों के अलावा टीम प्रमोशन की प्रणाली पर भी सहमति नहीं बन पाई है. टॉप-3 टीमों में से किसी एक टीम को दूसरे डिवीजन में डाल दिया जाता है, तो वे एक-दूसरे के खिलाफ नहीं खेल पाएंगी. यह समस्या अगस्त में ECB के सीईओ रिचर्ड थॉमप्सन ने सामने रखी थी.

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 12 टीमों को लाने का फैसला सकारात्मक हो सकता है. सभी 12 टीमों को पूरे WTC चक्र में एक निश्चित संख्या में मैच खेलने होंगे. हालांकि किसी मैच की मेजबानी करने वाले देश को अतिरिक्त धनराशि आवंटित नहीं की जाएगी.

वहीं तीन बड़े देशों से धनराशि का विकेंद्रीकरण शुरू नहीं हो पाया, लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अफगानिस्तान और आयरलैंड जैसे देश एक निश्चित संख्या में टेस्ट मैच खेल पाएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक ICC में एक बोर्ड डायरेक्टर ने कहा कि इस मॉडल से यह सुनिश्चित हो जाएगा कि हर देश को टेस्ट क्रिकेट खेलने का अवसर मिले.

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बंगाल पुलिस में DSP बनीं ऋषा घोष, जानें यूपी की DSP दीप्ति शर्मा से सैलरी कम या ज्यादा?

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हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले दिनों दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप अपने नाम कर लिया। इस वर्ल्ड कप में कई चेहरे सामने उभर के आए, जिनमें से एक नाम ऋचा घोष का भी है.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष ने न केवल मैदान पर अपने दमदार खेल से देश का नाम रोशन किया है, बल्कि अब उन्हें एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली है. पश्चिम बंगाल सरकार ने ऋचा घोष को राज्य पुलिस विभाग में उप-अधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्त किया है.

ऋचा घोष का नाम उन खिलाड़ियों में शामिल हो गया है जिन्होंने खेल के साथ-साथ प्रशासनिक सेवा में भी अपनी जगह बनाई है. महिला वनडे विश्व कप में उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत को प्रभावित किया था और अब उनकी इस उपलब्धि को राज्य सरकार ने सम्मानित किया है.

बंगाल पुलिस में बनी DSP

पश्चिम बंगाल सरकार ने ऋचा घोष को DSP पद पर नियुक्त किया है. यह पद उन्हें स्पोर्ट्स कोटे के तहत दिया गया है. अब ऋचा न केवल विकेट के पीछे जिम्मेदारी निभाएंगी, बल्कि समाज की सुरक्षा की भी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी.

कितनी है ऋचा घोष की सैलरी?

रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल सरकार में एक DSP का मूल वेतन 56,100 प्रति माह होता है. इसके अलावा उन्हें महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं.

दीप्ति शर्मा को कितनी सैलरी?

वहीं, उत्तर प्रदेश की क्रिकेटर और DSP दीप्ति शर्मा की बात करें तो उन्हें जनवरी 2025 में स्पोर्ट्स कोटे के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस में DSP नियुक्त किया गया था. यूपी में DSP की बेसिक सैलरी 56,100 से शुरू होती है और भत्तों और कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान किए जाते हैं.

ऋचा और दीप्ती का सफर

ऋचा घोष ने अपने छोटे से करियर में कई शानदार पारियां खेली हैं. तेज-तर्रार बल्लेबाजी और बेहतरीन विकेटकीपिंग के लिए वो जानी जाती हैं. महिला क्रिकेट में उनका नाम उन खिलाड़ियों में शामिल है जिन्होंने कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया. वहीं, दीप्ति शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर मानी जाती हैं. उन्होंने कई मैचों में गेंद और बल्ले दोनों से टीम को जीत दिलाई है.

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इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर भिड़ेंगी 10 फिल्में, ‘दे दे प्यार दे 2’ से ‘कांथा’ तक होंगी रिलीज

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इस हफ्ते थिएटर में कई बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली हैं. बॉलीवुड से लेकर साउथ और हॉलीवुड मुवीज तक 14 नवंबर को बड़े पर्दे पर दस्तक देने जा रही हैं. इस लिस्ट में ‘दे दे प्यार दे 2’, ‘कांथा’, ‘काल त्रिघोरी’ से लेकर ‘द रनिंग मैन’ तक शामिल हैं. 

दे दे प्यार दे 2

  • अजय देवगन और रकुलप्रीत सिंह की फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ थिएटर्स में 14 नवंबर को थिएटर्स में रिलीज होगी.
  • फिल्म में आर माधवन, इशिता दत्ता, मीजान जाफीर, जावेद जाफरी और गौतमी कपूर भी दिखाई देंगी.
  • ‘दे दे प्यार दे 2’ को अंशुल शर्मा ने डायरेक्ट किया है.

कांथा

  • दुलकर सलमान की फिल्म ‘कांथा’ को सेल्वमणि सेल्वराज ने डायरेक्ट किया है.
  • ये एक तमिल-पीरियड ड्रामा फिल्म है 14 नवंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. 

काल त्रिघोरी

  • सुपरनैचुरल हॉरर फिल्म ‘काल त्रिघोरी’ भी 14 नवंबर को रिलीज होने जा रही है.
  • आदित्य श्रीवास्तव स्टारर इस फिल्म से अरबाज खान 6 साल बाद पर्दे पर वापसी करने वाले हैं.

द रनिंग मैन

  • द रनिंग मैन ‘द रनिंग मैन’ एक हॉलीवुड डायस्टोपियन एक्शन थ्रिलर फिल्म है. 
  • एडगर राइट के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म भी 14 नवंबर को सिनेमाघरों में आएगी.

गाथा वैभव

  • पुनर्जन्म के कॉन्सेप्ट पर आधारित फिल्म गाथा ‘वैभव’ भी 14 नवंबर को रिलीज होगी.
  • सुनील कुमार के डायरेक्शन में बनी फिल्म में आशिका रंगनाथ और एसएस दुष्यंत लीड रोल में होंगे.

दाऊद 

  • तमिल फिल्म ‘दाउद’ 14 सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है.
  • दथो राधारवी, लिंगा, साई धीना, अभिषेक, जयकुमार और शरा अहम रोल में हैं.

स्कूल लाइफ

  • ‘स्कूल लाइफ’ को पुलिवेंदुला महेश ने डायरेक्ट किया है. ये फिल्म भी इसी हफ्ते रिलीज होगी.
  • फिल्म में सावित्री कृष्णा, मुडे वरुण नायक और शन्नू शेख जैसे कलाकार नजर आएंगे.

लव ओटीपी

  • अनीश तेजेश्वर के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘लव ओटीपी’ 14 नवंबर को रिलीज होने वाली है.
  • इस फिल्म में अनीश तेजेश्वर, जाह्नविका कलाकेरी और राजीव कनकला भी हैं.

कुमकी 2

  • तमिल फिल्म ‘कुमकी’ का सीक्वल ‘कुमकी 2’ को प्रभु सोलोमन ने डायरेक्ट किया है.
  • फिल्म में मथियाझगन, अर्जुन दास और श्रीता राव मुख्य भूमिकाओं में हैं.

बेबी गर्ल

  • ‘बेबी गर्ल’ एक मलयालम सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है जिसे निर्देशन अरुण वर्मा ने किया है.
  • इस फिल्म में कुंचाको बोबन और निविन पॉली अहम रोल में नजर आएंगे.

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बैटरी पीने वाली ऐप्स की खैर नहीं, गूगल ने उठाया बड़ा कदम, अब होगा यह बदलाव

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अगर आपके फोन की बैटरी लंबी नहीं चलती तो इसका मतलब यह नहीं है कि फोन या बैटरी में कोई खराबी है. कुछ ऐप्स भी ऐसी होती हैं, जो आपके फोन की बैटरी को पीती रहती हैं. हालांकि, जल्द ही ऐसी ऐप्स से छुटकारा मिलने वालाहै. गूगल ने फैसला लिया है कि वह प्ले स्टोर पर ऐसी ऐप्स की पहचान करेंगी, जो ज्यादा बैटरी की खपत करती हैं और उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा. इन ऐप्स पर बैटरी खपत वाला वार्निंग टैग दिए जाने की भी प्लानिंग चल रही है.

गूगल ने लिया यह फैसला

गूगल ने ऐप डेवलपर्स को नए निर्देश दिए हैं. अब एंड्रॉयड ऐप्स को प्ले स्टोर पर लिस्ट करने से पहले एक नए परफॉर्मेंस चेक से गुजरना होगा. इनमें ‘वेक लॉक्स’ नाम का भी एक चेक होगा. वेक लॉक्स के कारण स्क्रीन बंद होने पर भी फोन अवेक होता है. म्यूजिक प्लेबैक और फाइल्स डाउनलोड करते समय यह फीचर काम आता है, लेकिन यह बैटरी की खपत ज्यादा करता है. 

1 मार्च से लागू होंगे नए नियम

1 मार्च, 2026  से में बिना कारण वेक लॉक्स का ज्यादा यूज किया करने वाली ऐप्स की खैर नहीं होगी. गूगल ने कहा है कि वह इनके खिलाफ एक्शन लेगी और ऐसी ऐप्स को ग्राहकों को रिकमंड नहीं किया जाएगा. साथ ही ऐप के नीचे एक वार्निंग लेबल भी लगाएगी, जिस पर लिखा होगा कि यह ऐप ज्यादा बैटरी की खपत करती है. गूगल चाहती है कि डेवलपर्स ऐसी ऐप्स बनाएं, जो ज्यादा पावर एफिशिएंट हो. साथ ही वह पारदर्शिता बरतते हुए यूजर्स को बताना चाहती है कि कौन-सी ऐप्स से फोन की बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो सकती है. दरअसल, कई ऐप्स बैकग्राउंड में एक्टिव रहती है और लोकेशन समेत कई टाइप का डेटा फैच करती रहती हैं. इससे फोन लॉक होने पर भी उसकी बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होने लगती है.

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रेयर अर्थ मेटल पर रूस की पैनी नजर! चीन से मुकाबले की तैयारी, जानें क्या है इसके पीछे का गेम

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने अधिकारियों को आदेश दिया है कि 1 दिसंबर 2025 तक एक ऐसी नीति तैयार की जाए, जिससे रूस रेयर अर्थ मेटल के उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सके. यह योजना रूस की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे दुनिया की तकनीकी ताकतों में शामिल करने की कोशिश है.

रेयर अर्थ मेटल का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर पैनलों, पवन टर्बाइन, स्मार्टफोन और रक्षा उपकरणों में किया जाता है. जो देश इन संसाधनों पर नियंत्रण रखेगा, वही आने वाले समय की तकनीकी और औद्योगिक दौड़ में सबसे आगे रहेगा. संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में लगभग 11 करोड़ टन रेयर अर्थ मेटल हैं. इसमें चीन सबसे आगे है, जबकि रूस लगभग 38 लाख टन भंडार के साथ 5वें स्थान पर है. रूस के पास रेयर अर्थ मेटल का भंडार बड़ा है, लेकिन रूस की उत्पादन क्षमता अभी भी बहुत कम है, जो कुल वैश्विक उत्पादन का केवल 0.6 प्रतिशत है.

चीन का दबदबा और अमेरिका की चुनौती

चीन इन धातुओं का सबसे बड़ा उत्पादक है और दुनिया के करीब 70 प्रतिशत उत्पादन पर उसका नियंत्रण है. साल 2025 में चीन ने अमेरिका के खिलाफ निर्यात पर अस्थायी रोक लगाई थी, जिससे अमेरिकी उद्योगों में हड़कंप मच गया. इसके बाद में शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के बाद यह रोक अस्थायी रूप से हटा ली गई. अब अमेरिका नए साझेदारों की तलाश में है ताकि उसकी तकनीकी सप्लाई पर चीन की पकड़ कम हो सके.

रूस की नई रणनीति

रूस के पास अब दो रास्ते हैं या तो वह चीन के साथ मिलकर खनिजों को प्रोसेस कर निर्यात बढ़ाए या फिर अमेरिका और यूरोपीय देशों से निवेश आकर्षित कर नए खनन प्रोजेक्ट शुरू करे. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम रूस को आर्थिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर मजबूत बना सकता है.

संसाधन तो हैं पर मुश्किलें भी

रूस के पास लगभग 15 दुर्लभ मृदा धातुओं के 2.85 करोड़ टन भंडार हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इनकी खुदाई और प्रसंस्करण बेहद महंगा है. कई खनिज क्षेत्र कठिन भौगोलिक इलाकों में हैं और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण निवेश भी सीमित है. इसी वजह से रूस की कई परियोजनाएं अब तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई हैं.

अमेरिका और रूस एक नया समझौता?

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया कि अगर रूस यूक्रेन के दक्षिण और पूर्वी इलाकों में स्थित खनिज स्थलों तक अमेरिकी कंपनियों को पहुंच देता है तो अमेरिका रूस के साथ व्यापारिक सहयोग बढ़ा सकता है. इस पर पुतिन ने कहा कि रूस रेयर अर्थ मेटल के क्षेत्र में विदेशी साझेदारी के लिए तैयार है.”

रूस का लक्ष्य तकनीकी स्वतंत्रता

रूस अब तेल और गैस के भरोसे नहीं रहना चाहता. वह चाहता है कि आने वाले वर्षों में उसकी पहचान रेयर अर्थ मेटल की वैश्विक ताकत के रूप में बने. अगर उसकी नई नीति सफल रही तो रूस आने वाले दशक में अमेरिका और चीन जैसे देशों को टक्कर दे सकता है.

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