Gold Investment Astrology: सोने में निवेश का राज आपकी कुंडली में छिपा है! तुला का शुक्र और कर्क

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Gold Astrology: भारतीय परंपरा में ऐसा कहा जाता है कि-सोना कभी मिट्टी नहीं होता. यानी इसका मूल्य कभी घटता नहीं है. इसलिए मिडिल क्लास से लेकर करोड़पति भी अपनी बचत के अनुसार सोने में निवेश करते हैं. क्योंकि जीवन में कभी न कभी उन्हें इसका फायदा ही मिलेगा. यही कारण है कि लोग सोने को केवल आभूषण नहीं, बल्कि एक स्थायी निवेश के तौर पर भी देखते हैं. गोल्ड को एक परंपरागत संपत्ति और मजबूत वित्तीय उपकरण भी माना जाता है.

हिंदू धर्म और ज्योतिषीय दृष्टि से देखें तो सोना खरीदने, बेचने, पहनने और उतारने के लिए भी उचित तिथि या वार बताए गए हैं. इसलिए सोने की खरीदारी करने से पहले लोग शुभ मुहूर्त या शुभ दिन पर विशेष ध्यान देते हैं, जिससे कि उन्हें इसका लाभ मिल सके.

गोल्ड निवेश से पहले ध्यान रखें ये बातें

इसी प्रकार अगर आप सोने या गोल्ड में निवेश करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए भी आपको शुभ समय पर जरूर ध्यान देना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल न केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि आर्थिक बाजार (Share Market), निवेश (Investment) और धन-संपत्ति पर भी गहरा असर पड़ता है. जब शुभ ग्रह अनुकूल स्थिति में आते हैं, तो धन वृद्धि, निवेश में लाभ और आर्थिक स्थिरता की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं.

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास बताते हैं कि- जब गुरु (बृहस्पति) और शुक्र जैसे शुभ ग्रह अनुकूल स्थिति में हों तब सोने में निवेश का सही समय होता है. इन ग्रहों की अनुकूल चाल से धन प्राप्ति, निवेश में लाभ और लक्ष्मी कृपा के योग बनते हैं.

इसलिए जब आकाश में शुभ ग्रहों का संगम होता है तब धरती पर सोना अपने असली मूल्य से भी अधिक चमकने लगता है और इस समय निवेश किए गए सोने से भविष्य में भी लाभ होता है. वहीं कुंडली में यदि इन दोनों ग्रहों की शुभ स्थिति के साथ-साथ सूर्य मजबूत है तो निवेश से अच्छा लाभ प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है.

क्या अभी सोने में निवेश का कोई शुभ योग बन रहा है

वर्तमान समय में गुरु और शुक्र के संगम से सोने में निवेश का कोई ऐसा मजबूत योग तो नहीं बन रहा है. लेकिन इस समय शुक्र मजबूत स्थिति में हैं, जोकि किसी भी तरह के निवेश के लिए अनुकूल हैं. इसलिए इस समय सोने जैसे स्थायी निवेश से भी लाभ मिलने की प्रबल संभावना है.

2 नवंबर 2025 को शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि तुला में गोचर कर चुके हैं. तुला राशि में शुक्र मजबूत स्थिति में होता है. शुक्र धन, विलासिता और भौतिक सुखों का कारक है और शुक्र का स्वराशि में होना धन संबंधी मामलों के लिए एक अनुकूल माहौल बनाता है.

वहीं बृहस्पति (गुरु) वर्तमान में कर्क राशि में वक्री गति में हैं. जब गुरु वक्री होते हैं, तो सोने के कारक के रूप में उनकी गति धीमी हो जाती है. यह कभी-कभी बाजार में अस्थिरता या बड़े निवेश के लिए अत्यधिक सावधानी का संकेत भी होता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

फोन हो गया है खराब, रिपेयर करवाना ठीक रहेगा या नया लेना होगा फायदे का सौदा? ऐसे करें डिसाइड

[ad_1]


यूज करते समय हाथ से गिरकर या दूसरे तरीकों से फोन डैमेज हो जाना आम बात है. कई बार फोन में सॉफ्टवेयर या इंटरनल पार्ट्स के कारण भी खराबी निकल आती है. कई बार ऐसी स्थिति बनती है कि डैमेज हुए फोन को ठीक करवाने और नए फोन लेने की लागत में ज्यादा अंतर नहीं रह जाता. ऐसे में लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि नया फोन लेना ठीक रहेगा या खराब फोन को रिपेयर करवाना. अगर आप भी ऐसी कंफ्यूजन से जूझ रहे हैं तो कुछ बातों से इसका फैसला किया जा सकता है. 

कितना डैमेज हुआ है फोन?

अगर आपने नया फोन खरीदा है और यह डैमेज हो गया तो इस बात की संभावना है कि यह वारंटी से कवर हो जाएगा. अगर आपका फोन वारंटी कवर से बाहर है और डैमेज हो गया है तो यह देखने की जरूरत है कि कितना नुकसान हुआ है. अगर यह फोन रिपेयर होने लायक है और इसके लिए ज्यादा पैसा नहीं देना पड़ेगा तो रिपेयर करवाना बेहतर है. अगर डैमेज ज्यादा है और ठीक करवाने में मोटी रकम खर्च होगी तो नया फोन खरीदा जा सकता है.

कितना पुराना है फोन

अगर आप कई साल पुराना फोन यूज कर रहे हैं और ये ज्यादा डैमेज हुआ है तो इसे बदल देना ठीक रहेगा. कई बार पुराने फोन के पार्ट्स नहीं मिल पाते. ऐसे में आपको बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं. अगर आप कोई फोन 4-5 साल से यूज कर रहे हैं और यह ज्यादा डैमेज हुआ है तो नया फोन लेना बेहतर है.

फोन के कंटेट से करें डिसाइड

स्मार्टफोन में फाइलों का बैकअप लेने की सुविधा मिलती है, लेकिन कई बार बैकअप नहीं लिया जाता. ऐसे में अगर जरूरी डॉक्यूमेंट्स, फाइल्स और फोटो-वीडियो वाला फोन खराब या डैमेज हुआ है तो इसे रिपेयर करवा लेना समझदारी होगी. नया फोन लेने पर आपका जरूरी डेटा खो जाएगा और उसे रिकवर करना लगभग असंभव हो जाएगा. ऐसे में पुराने फोन को रिपेयर करवा लें.

ये भी पढ़ें-

फोन को कवर के बिना भी रखें एकदम नए जैसा, ये टिप्स अपना लिए तो हो जाएगी मौज

[ad_2]

भारतीय रेल ने शेयर किया ऑप्टिकल इल्यूजन! पढ़ते ही लोग बोलने लगे वंदे मातरम, क्या आपको दिखा?

[ad_1]


आंखों की कसरत और आजमाइश के लिए अगर सबसे बढ़िया खेल कोई है तो वो ऑप्टिकल इल्यूजन है. ऑप्टिकल इल्यूजन ऐसी तस्वीरें होती हैं जो दिखने में तो आपको आसान लगती हैं लेकिन इनकी चुनौतियां आपको हैरान और परेशान कर देती हैं. आपका दिमाग और आंखें पूरा जोर लगाकर भी कई बार इनमें छिपे खुफिया राज को नहीं खोज पाती. अब ऐसा ही खेल खेला है भारतीय रेलवे मंत्रालय ने यूजर्स के साथ. जहां भारतीय रेलवे ने अपने एक्स अकाउंट से एक ऑप्टिकल इल्यूजन तस्वीर शेयर की है जिसमें आपको खुफिया शब्द खोजने की चुनौती दी गई है.

रेलवे ने यूजर्स के साथ खेला ऑप्टिकल इल्यूजन, शेयर की तस्वीर

काली और सफेद धारियों वाली ये तस्वीर लोगों के दिमाग और आंखों को धोखा दे रही है. पतली और बारीक धारियों के बीच एक खुफिया शब्द छिपा हुआ है जिसे आपको खोजना होगा. रेलवे ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा…क्या आपको इस तस्वीर में छिपा शब्द दिखाई दे रहा है? कमेंट करके बताएं.

मिल गया तस्वीर में छिपा शब्द?

अब आपके लिए इस शब्द को खोजने की चुनौती तो है ही लेकिन माइंड फ्रेश करने के लिए आप तस्वीरों पर आए कमेंट भी पढ़ सकते हैं जिसमें लोगों ने रेलवे को बताया कि उनका असल काम क्या है तो कुछ ने शब्द को खोजने की चुनौती को स्वीकार करते हुए रेलवे को जवाब भी दे दिया. अगर आपको जवाब खोजने में परेशानी आ रही है तो हम आपको जवाब दे देते हैं. दरअसल, तस्वीर में जो शब्द छिपा है वो है वंदेमातरम जिसका क्लू रेलवे ने अपने कैप्शन में भी दिया है.

यह भी पढ़ें: 15 लाख की EV कार का ये हाल… बीच सड़क हुई बंद तो ई-रिक्शा से खिंचवाया; वीडियो वायरल

किसी ने दिया जवाब तो किसी ने मारा तंज

तस्वीर को Ministry of Railways नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स तस्वीर को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इस तस्वीर में छिपा शब्द वंदेमातरम है. एक और यूजर ने रेलवे को तंज मारते हुए जनरल कोच की तस्वीर शेयर की और पूछा…क्या आपको भीड़ दिखाई दे रही है. तो वहीं एक और यूजर ने रेलवे से जुड़े एक ऐप पर ट्रेन के रनिंग टाइम में देरी को दिखाया और पूछा क्या आपको इसमें लेट होती ट्रेन दिख रही है.


Explained: आसिम मुनीर की डिक्टेटरशिप का आगाज! क्या खुद पाकिस्तान को डुबा देंगे?

[ad_1]


दिल के फफोले जल उठे सीने के दाग से,
इस घर को आग लग गई घर के चिराग से…’

उर्दू शायर महताब राय ताबां का ये मशहूर शेर पाकिस्तान और उसकी आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर दुरुस्त बैठता है. अब आप सोचेंगे ऐसा क्यों? तो बता दें कि आसिम मुनीर ने पाकिस्तान के संविधान में संशोधन करके तीनों आर्मी की कमान और परमाणु बम का बटन अपने हाथों में ले लिया है. 10 नवंबर को सीनेट और 11 नवंबर को निचले सदन ने बिल को मंजूरी दे दी. आसिम मुनीर के भाषण धार्मिक शब्दों और संदर्भों से भरे होते हैं. मुनीर की विचारधारा पाकिस्तानी आर्मी में इतनी गहराई तक घुस गई है कि उन्होंने अपने काल्पनिक दुश्मन बना लिए हैं. इससे किसी अन्य देश को नुकसान हो या न हो, लेकिन खुद पाकिस्तान को बर्बाद कर देंगे.

तो आइए ABP एक्सप्लेनर में समझते हैं कि आसिम मुनीर ने संविधान में क्या बदलाव किए, कितने ताकतवर हुए पाक आर्मी चीफ और कैसे पाकिस्तान को ही ले डूबेंगे…

सवाल 1- पाकिस्तानी आर्मी में CDF का पद क्या है और यह कितना ताकतवर है?
जवाब- पाकिस्तान में अभी तक चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) नाम का कोई पद नहीं था. यह खासतौर पर आसिम मुनीर के लिए बूनाया जा रहा है. इसके साथ ही मौजूदा चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) का पद 27 नवंबर 2025 को खत्म कर दिया जाएगा. CDf ही तीनों सेनाओं का प्रमुख होगा…

  • CDF बनने के बाद सेना प्रमुख (COAS) को संपूर्ण सैन्य सेवाओं थलसेना, नौसेना और वायुसेना पर संवैधानिक अधिकार मिल जाएगा.
  • इससे सेना प्रमुख का पद पहली बार संविधान में स्थायी रूप से सर्वोच्च सैन्य शक्ति के रूप में दर्ज हो जाएगा.
  • अब तक CJCSC तीनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल बनाने का काम करती थी. जबकि असल ताकत आर्मी चीफ के पास होती थी, लेकिन अब दोनों ही चीजें CDF के पास होंगी.
  • थलसेना प्रमुख को ही CDF का पद भी दिया जाएगा. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर CDF फोर्सेज की नियुक्ति करेंगे.
  • NSC नाम की एक नई कमांड बनाई जाएगी. इसे परमाणु हथियारों और मिसाइलों का कंट्रोल दिया जाएगा. इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री कीजगह CDF के पास होगी.

सवाल 2- आसिम मुनीर को CDF बनाने के लिए क्या-क्या हुआ?
जवाब- शहबाज सरकार इसके लिए संविधान में बदलाव कर रही है. इससे जुड़ा बिल 10 नवंबर को संसद के ऊपरी सदन यानी सीनेट में पास हुआ. इसके पक्ष में 64 वोट पड़े, जबकि विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया.

  • पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट ARY न्यूज के मुताबिक, 11 नवंबर को निचले सदन यानी नेशनल असेंबली में इस बिल को पेश किया, जो पारित हो गया. लेकिन इसमें कुछ संशोधन करने के बाद दोबारा पेश किया जाएगा. इसके दोबारा पारित होने की उम्मीद है.
  • इस विधेयक को पाकिस्तान के इतिहास में सबसे बड़ा और विवादास्पद प्रस्ताव माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि यह देश की न्याय व्यवस्था और सैन्य ढांचे दोनों को बदलकर रख देगा. पाकिस्तान का संविधान 1973 का है, जिसमें अब 27वां संशोधन हो रहा है.
  • 27वें संविधान संशोधन का एक बहुत खास हिस्सा है नेशनल स्ट्रैटजिक कमांड (NSC) का गठन. यह कमांड पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम की निगरानी और कंट्रोल करेगी.
  • पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट में एक्सपर्ट के हवाले से बताया गया है कि इससे देश में सेना और ज्यादा ताकतवर हो जाएगी. संविधान में हो रहा संशोधन सेना के अधिकारों को स्थायी रूप से संविधान में दर्ज कर देगा.
  • आगे कोई भी नागरिक सरकार इन बदलावों को आसानी से उलट नहीं पाएगी. यानी व्यवहार में ‘राष्ट्रपति के सुप्रीम कमांडर’ की भूमिका सिर्फ औपचारिक रह जाएगी.

सवाल 3- आसिम मुनीर के लिए CDF का पद कितना जरूरी है?
जवाब- मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुनीर को फील्ड मार्शल का सम्मान मिला. यह पाकिस्तान का दूसरा ऐसा पद था. पहले 1959 में अयूब खान ने खुद को दिया था. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद के प्रेसिडेंट हाउस में 20 मई 2025 को यह पदवी दी. लेकिन फील्ड मार्श का यह खिताब संवैधानिक रूप से असुरक्षित था. इसलिए 27वां संशोधन की बात उठी.

  • पाकिस्तान अखबार द डॉन के मुताबिक, यह संशोधन आसिम मुनीर को न सिर्फ लाइफटाइम प्रिविलेज देता है, बल्कि उन्हें COAS के साथ-साथ CDS का पद भी सौंपता है. कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने सीनेट में कहा, यह खिताब जिंदगीभर का है. जैसे अन्य देशों में मार्शल ऑफ द एयर फोर्स या एडमिरल ऑफ द फ्लीट होता है. यह मुनीर के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि 28 नवंबर को वे रिटायर होने वाले हैं. ऐसे में अगर यह पद मिल गया, तो वो जिंदगीभर रिटायर नहीं होंगे.
  • डॉन के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट को कमजोर करने का जो काम पूर्व सैन्य शासक जनरल जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ जैसे ताकतवर शख्स अपने दौर में नहीं कर पाए, अब वह काम चुनी हुई संसद करने जा रही है. यह संशोधन साबित कर देगा कि संसद के पास सब कुछ बदलने की ताकत है. यह भी कि अगर वह चाहे तो न्यायपालिका की रीढ़ भी तोड़ सकती है.
  • आसिम मुनीर को जिया-उल-हक का असली उत्तराधिकारी माना जाता है, क्योंकि वे पाकिस्तानी आर्मी में जिहाद की बात करते हैं. वे पाकिस्तानी आर्मी को इस्लामिक आर्मी बनाना चाहते हैं.

सवाल 4- यह सब होने की वजह सिर्फ मुनीर के लिए हमदर्दी है या कुछ और भी?
जवाब- एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह संशोधन सैन्य-राजनीतिक गठजोड़ का नतीजा है. शहबाज शरीफ सरकार ने इसे मॉडर्नाइजेशन बताया, लेकिन कहानी मई 2025 के भारत-पाक संघर्ष में हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जीत का दावा किया, इससे मुनीर की पोजिशन मजबूत हुई. हालांकि, इंटरनल रिपोर्ट्स ने इसे नाकामी बताया था.

राजनीतिक रूप से इमरान खान की पॉलिटिकल पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को दबाने के लिए सेना का समर्थन जरूरी था. इमरान जेल में हैं और PTI को आपराधिक संगठन घोषित करने की कोशिश हुई. गठबंधन ने संशोधन को लेकर बहुमत जुटाया,. बिलावल भुट्टो ने कहा, हम आर्टिकल 243 के सैन्य बदलाव का समर्थन करेंगे, लेकिन हमारे प्रांत में आजादी का रोल बैक नहीं.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका ने चुप्पी साधी. ट्रंप प्रशासन ने मुनीर को सपोर्ट किया, लेकिन अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन जो विल्सन और डेमोक्रेट जिमी पानेता ने पाकिस्तान डेमोक्रेसी एक्ट पेश किया, जो मुनीर पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास करता है. फिर भी सूदी अरब और वेस्ट एशिया के साथ मुनीर के डिफेंस पैक्ट ने इसे आसान बनाया.

सवाल 5- क्या मुनीर को बेहिसाब ताकत देना, पाकिस्तान के लिए ही मुसीबत बन जाएगी?
जवाब- विदेश मामलों के जानकार और JNU के रिटायर्ड प्रोफेसर ए. के. पाशआ के मुताबिक, यह संशोधन पाकिस्तान के लिए लंबे समय में घातक साबित हो सकता है. अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया, यह सेना को स्थायी वर्चस्व देगा, जो लोकतंत्र को कमजोर करेगा. इसके अलावा…

  • संस्थागत असंतुलन: पाकिस्तान के पूर्व डिफेंस सेक्रेटरी आसिफ यासीन मलिक ने कहा है कि यह एक व्यक्ति के लिए बनाया गया लगता , न कि रक्षा संरचना मजबूत करने के लिए. नेवी और एयर फोर्स में असंतोष बढ़ सकता है, जिससे आंतरिक विद्रोह या कमजोर समन्वय हो सकता है.
  • लोकतंत्र का अंत: तहरीक-ए-तहफुज एन-ए-पाकिस्तान (TTAP) ने 9 नवंबर को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन घोषित किए. अखुंद जिया के पोस्टर पर लॉन्ग लिव डेमोक्रेसी, डाउन विद डिक्टेटरशिप लिखा. इससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ेगी और पहले से संकट में जूझ रही अर्थव्यवस्था को ज्यादा नुकसान होगा.
  • परमाणु जोखिम का खतरा: न्यूक्लियर कमांड का एक व्यक्ति पर निर्भर होना मिसकैलकुलेशन बढ़ाएगा. इससे भारत या अफगानिस्तान के साथ तनाव गहरा सकता है. मुनीर की महत्वकांक्षा व्यक्तिगत निर्णयों को बढ़ावा देगी.
  • मुनीर का पाकिस्तान को तबाह करना: इतिहास गवाह है कि अयूब खान (1958), जिया-उल-हक (1977) और परवेज मुशर्रफ (1999) ने सैन्य शक्ति को अस्थिर किया. मुनीर की सत्ता के लालच से आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार और विद्रोह बढ़ सकता है. यह सिविल-मिलिट्री असंतुलन को स्थायी कर देगा, जो पाकिस्तान को अंदर से खोखला करेगा.

[ad_2]

बम विस्फोट के बाद से पाकिस्तान में डरे हुए हैं श्रीलंका के खिलाड़ी, नहीं खेलना चाहते दूसरा ODI

[ad_1]


पाकिस्तान बनाम श्रीलंका दूसरा वनडे कल (13 नवंबर) रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. मेजबान 1-0 से आगे हैं, पाकिस्तान ने पहले वनडे में श्रीलंका को 6 रनों से हराया था. पहला वनडे भी रावलपिंडी में खेला गया, जो घटना स्थल से 17 किलोमीटर दूर है. इस ब्लास्ट के बाद पहला वनडे निर्धारित समय पर कराने के लिए श्रीलंका टीम को कड़ी सुरक्षा के बीच स्टेडियम ले जाया गया था, लेकिन दूसरे वनडे को लेकर संशय बना हुआ है.

सीरीज जारी नहीं रखना चाहते प्लेयर्स

रिपोर्ट के अनुसार श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और वे श्रृंखला जारी रखना नहीं चाहते. स्थानीय मीडिया ने बताया कि श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) प्रबंधन ने खिलाड़ियों से बचे हुए मैच खेलने को कहा है, जबकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और स्थानीय अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है.

पीसीबी अधिकारियों ने श्रीलंका क्रिकेट को आश्वासन दिया है कि श्रीलंकाई टीम के लिए अधिकतम सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं. फिर भी, खिलाड़ी कथित तौर पर स्थिति को लेकर चिंतित हैं. श्रीलंका कल दूसरा वनडे खेलने के लिए तैयार है, हालाँकि खिलाड़ियों, एसएलसी और पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों के बीच आगे की बातचीत के कारण मैच पर संदेह बना हुआ है.

12 लोगों की हुई मौत

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कोर्ट के ठीक सामने एक आत्मघाती हमला हुआ. कोर्ट के बाहर कड़ी एक कार में ब्लास्ट हो गया, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.

बता दें कि 2009 में आतंकवादियों ने गद्दाफी स्टेडियम के पास श्रीलंका टीम की बस पर अटैक किया था, जिसके बाद पाकिस्तान में 10 सालों तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं हुआ था.

पाकिस्तान बनाम श्रीलंका दूसरा वनडे गुरुवार, 13 नवंबर को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. अगर ये मैच हुआ तो पाकिस्तान इसे जीतकर सीरीज में अजेय बढ़त बनाना चाहेगी. सीरीज का तीसरा और आखिरी वनडे शनिवार, 15 नवंबर को रावलपिंडी में ही आयोजित है.

[ad_2]

खत्म हुआ मंदी का दौर! अब एक और रेटिंग एजेंसी की देश की इकोनॉमी को लेकर आई बड़ी भविष्यवाणी

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

India’s GDP Growth: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिका के ऊंचे टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय बाजार की उथल-पुथल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है. रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) ने अपने ताजा अनुमान में कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की GDP 7.2% की दर से बढ़ सकती है.

दूसरी तिमाही में दिखेगी सबसे तेज ग्रोथ

रेटिंग एजेंसी का कहना है कि भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP), जो 2011-12 के आधार वर्ष पर मापी जाती है, पिछले पांच तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ेगी.  राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) 28 नवंबर को आधिकारिक GDP आंकड़े जारी करेगा.

 वृद्धि का मुख्य आधार — निजी खपत (Private Consumption)

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री और मैनेजिंग डायरेक्टर पारस जसराय ने कहा कि निजी खपत (Private Consumption) में वृद्धि GDP ग्रोथ का प्रमुख कारण है. उच्च और निम्न आय वर्ग दोनों की वास्तविक आय में सुधार देखने को मिला है, जिससे मांग बढ़ी है.”

इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवा क्षेत्र का योगदान

एजेंसी के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मजबूत स्थिति,  माल और सेवा निर्यात में बढ़ोतरी और सेवा क्षेत्र की मजबूती ने भी दूसरी तिमाही की वृद्धि को बल दिया है. वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में निजी खपत में 8% वृद्धि का अनुमान है. जबकि पिछले वर्ष की पहली तिमाही में यह 7% और दूसरी तिमाही में 6.4% थी.

एजेंसी का कहना है कि सरकार द्वारा आयकर में की गई कटौती ने उपभोग मांग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है.  हालांकि, यदि GST दरों के युक्तिकरण के चलते खरीदारी के फैसले स्थगित नहीं किए गए होते, तो खपत में और भी तेज उछाल देखने को मिलता.

निवेश मांग में 7.5% की बढ़ोतरी

बयान के अनुसार, निवेश मांग (Investment Demand) भी सालाना आधार पर 7.5% की दर से बढ़ी है.  सरकार का स्थिर पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) इस वृद्धि को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

ये भी पढ़ें: गूगल को कानूनी नोटिस, जेमिनी AI का इस्तेमाल कर यूजर्स का डेटा चोरी का करने आरोप

[ad_2]

Video: आगे निकलने की होड़! पुल से नीचे गिरा तेज रफ्तार बाइक सवार, वीडियो डैश कैम में रिकॉर्ड

[ad_1]


Road Accident Viral Video:  कभी-कभी सड़क पर एक छोटी सी गलती बड़ी दुर्घटना में बदल जाती है. आजकल सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक चौंका देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाएगी. वीडियो किसी व्यस्त हाईवे का बताया जा रहा है, जहां कुछ गाड़ियां सामान्य रफ्तार में चल रही थीं. सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन कुछ ही सेकंड में ऐसा मंजर बना कि देखने वालों की सांसें थम गईं.

तेज रफ्तार की वजह से हुआ हादसा

वीडियो में देखा जा सकता है कि हाईवे पर कई गाड़ियां सामान्य गति से चल रही थीं. तभी पीछे से दो बाइक सवार तेज रफ्तार में आते हैं और सामने जा रहे एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश करते हैं. जैसे ही दो बाइक सवार ओवरटेक करते हैं, उनमें से एक बाइक सवार का हल्का संतुलन बिगड़ जाता है और वह आगे जा रही बाइक के करीब आ जाती है.

इस दौरान दोनों में हल्की टक्कर हो जाती है. टक्कर मामूली लगती है, लेकिन उसका असर बड़ा होता है. बाइक पर सवार व्यक्ति का संतुलन बिगड़ जाता है और वह सीधे हाईवे की साइड रेलिंग से टकरा जाता है. टक्कर से बाइक सवार हाईवे से नीचे जा गिरता है, जबकि उसकी बाइक सड़क पर ही गिर जाती है.

कार के डैशकैम में कैद हुआ हादसा

यह पूरी घटना पीछे आ रही एक कार के डैशकैम में कैद हो गई. फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हादसा कितनी तेजी से हुआ और किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोग हैरान रह गए और कई लोगों ने तेज रफ्तार व ओवरटेकिंग को लेकर नाराजगी जताई. फिलहाल अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि हादसे में घायल बाइक सवार की हालत कैसी है या वह जिंदा है या नहीं.


कहां गायब हैं प्रियंका चोपड़ा के एक्स लवर हरमन बावेजा? करते हैं ये काम

[ad_1]


हरमन बावेजा और प्रियंका चोपड़ा के प्यार के भी खूब चर्चे रहे हैं. हालांकि, ये रिश्ता ज्यादा चल नहीं पाया था. ऋतिक रोशन जैसे दिखने वाले एक्टर हरमन बावेजा ने बॉलीवुड में डेब्यू तो किया लेकिन वो अपना सिक्का नहीं चला पाएं. जन्मदिन के मौके पर जानिए एक्टर के बारे में सबकुछ.

हरमन बावेजा का शुरआती जीवन और डेब्यू
13 नवंबर 1989 को एक्टर का जन्म चंडीगढ़ में हुआ. इनके पिता फेमस फिल्ममेकर हैरी बावेजा और मां पम्मी बावेजा हैं. हैरी बावेजा ने ‘दिलवाले’ और ‘दिलजले’ जैसी सुपरहिट फिल्में बनाई हैं. एक्टर के एजुकेशन की बात करें तो उन्होंने अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से ग्रेजुएशन किया. इसके बाद 2008 में उन्होंने बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा जिसे उनकी मां ने प्रोड्यूस और पिता ने डायरेक्ट किया था. एक्टर को प्रियंका चोपड़ा के साथ ‘लव स्टोरी 2050’ में देखा गया था. लेकिन उनकी पहली ही फिल्म फ्लॉप हो गई. फिल्मी बैकग्राउंड से ताल्लुक रखने के बाद भी हरमन बावेजा इंडस्ट्री में अपना सिक्का नहीं चला पाएं.
कहां गायब हैं प्रियंका चोपड़ा के एक्स लवर हरमन बावेजा? करते हैं ये काम

बैक टू बैक फ्लॉप्स के बाद इंडस्ट्री को किया गुडबाय
डेब्यू फिल्म के बाद हरमन बावेजा को ऋतिक रोशन का हमशक्ल कहा जाने लगा. एक्टिंग में तो वो माहिर थे ही इसके साथ वो डांस भी ऋतिक रोशन की तरह ही करते थे. लेकिन ऑडियंस उन्हें अपना नहीं पाई और उनकी फिल्में लगातार फ्लॉप होती चली गईं. इससे परेशान हो कर आखिरकार उन्होंने इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया. हरमन बावेजा ने ‘वॉट्स योर राशि’, ‘ढिश्कियाऊं’, ‘चार साहिबजादे’ और विक्ट्री ‘ जैसी फिल्मों में काम किया है.
कहां गायब हैं प्रियंका चोपड़ा के एक्स लवर हरमन बावेजा? करते हैं ये काम

अब क्या करते हैं हरमन बावेजा? 
फिल्में लगातार फ्लॉप होने के बाद हरमन बावेजा ने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया और गुमनामी की जिंदगी जीने लगे. अचानक 2021 में खबरें आने लगीं कि एक्टर ने साशा रामचंदानी संग शादी कर ली है. कई सालों तक उनका पब्लिक अपियरेंस कम ही रहा. लेकिन 2023 में उन्होंने अपनी वापसी की और ऑडियंस ने उनका दमदार ट्रांसफॉर्मेशन देखा. 2023 में हंसल मेहता की वेब सीरीज स्कूप से उन्होंने शोबिज इंडस्ट्री में अपनी वापसी की. अब फिल्म इंडस्ट्री में वो बतौर प्रोड्यूसर काम करते हैं. साथ ही उनकी एक डिस्ट्रीब्यूटिंग की कंपनी है जो दूसरी भाषाओं की फिल्मों को हिंदी भाषा में डिस्ट्रीब्यूट करती है.

[ad_2]

गेमिंग और चार्जिंग के दौरान ओवरहीट हो रहा है फोन? ये टिप्स आजमा लिए तो रहेगा कूल

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

फोन का ओवरहीट होना एक बड़ी समस्या है और यह बड़े नुकसान का कारण भी बन सकती है. बाहरी वजहों से लेकर इंटरनल पार्ट्स में खराबी तक कई ऐसे कारण हैं, जिनसे फोन चार्जिंग, गेमिंग या दूसरे यूज के दौरान ओवरहीट हो सकता है. कई बार जेब में रखा फोन भी हीट हो जाता है और ठीक तरीके से काम नहीं कर पाता. आज हम ऐसे कुछ ऐसी टिप्स बताने जा रहे हैं, जिससे फोन को ओवरहीट होने से रोका जा सकता है.

सॉफ्टवेयर और ऐप्स को अपडेट रखें

फोन के सॉफ्टवेयर और ऐप्स को हमेशा अपडेटेड रखें. सॉफ्टवेयर अपडेट से बैटरी लाइफ ज्यादा हो जाती है और फोन बेहतर तरीके से परफॉर्म करने लगता है. अगर सॉफ्टवेयर और ऐप्स को अपडेट न किया जाए तो कई तरह की दिक्कतें आने लगती हैं. इसलिए फोन और ऐप्स को अपडेट करने में आलस न बरतें.

बैकग्राउंड एक्टिविटी को कर दें बंद

कई बार आप फोन पर कुछ भी नहीं कर होते, लेकिन यह हीट हो जाता है. दरअसल, बैकग्राउंड एक्टिविटी के कारण ऐसा होता है. कई ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार एक्टिव रहती है और नेटवर्क समेत कई दूसरे रिसोर्सेस को भी यूज करती है. इससे फोन के प्रोसेसर पर लोड पड़ता है और इसके हीट होने का खतरा बढ़ जाता है.

चार्जिंग के समय यूज न करें

कई लोग फोन चार्जिंग पर लगाकर गेमिंग या स्ट्रीमिंग करते हैं. ऐसा करना खतरनाक हो सकता है. चार्जिंग के कारण फोन पहले ही हीट होता है और ऊपर से अगर उसमें कोई हैवी टास्क किया जाता है तो ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए चार्जिंग के दौरान फोन को यूज करने से बचना चाहिए.

फोन को धूप में न रखें
 
गर्म तापमान और सीधी धूप फोन के लिए ठीक नहीं है. इसलिए हमेशा फोन को सीधी धूप में रखने से बचना चाहिए. इसी तरह गर्मियों के मौसम में तापमान अधिक होने पर फोन में हैवी टास्क नहीं करना चाहिए. ज्यादा तापमान के कारण फोन ठीक तरह से फंक्शन नहीं कर पाता. आजकल स्मार्टफोन खुद ही ज्यादा तापमान होने पर नोटिफिकेशन भेजकर फोन के ठंडा होने तक कोई टास्क नहीं करने देते.

ये भी पढ़ें-

फोन हो गया है खराब, रिपेयर करवाना ठीक रहेगा या नया लेना होगा फायदे का सौदा? इन बातों से करें डिसाइड

[ad_2]

जमकर पढ़ने के बाद भी क्लियर नहीं हुआ UPSC एग्जाम, जानें अब कैसे मिलेगी सरकारी नौकरी?

[ad_1]


हर साल लाखों स्टूडेंट्स पूरे जोश और उम्मीद के साथ UPSC की तैयारी करते हैं.सुबह से रात तक बस एक ही ख्वाहिश होती है कि किसी दिन मैं भी IAS या IPS बनूंगा. लेकिन लिए पढ़ाई, कोचिंग, मॉक टेस्ट, नोट्स सब कुछ करने के बाद भी जब रिजल्ट में नाम नहीं आता, तो कई बार इंसान सारी उम्मीदे छोड़ देता है।

पिछले साल 5 लाख 83 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने UPSC सिविल सर्विसेज का प्रीलिम्स एग्जाम दिया था.उनमें से 14,627 लोग मेन्स तक पहुंचे, 2,845 उम्मीदवारों ने इंटरव्यू दिया, और आखिर में सिर्फ 1,009 लोग ही अफसर बन पाए. ऐसे में बाकी सारे मेहनती उम्मीदवार की मेहनत बेकार चली जाती है. लेकिन अब ऐसा नहीं है. क्योंकि UPSC ने  एक खास पहल शुरू की है जो उन उम्मीदवारों को नया मौका देती है, जो बस थोड़ा-सा रह गए थे. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि जमकर पढ़ने के बाद भी UPSC एग्जाम क्लियर नहीं हुआ, तो भी अब सरकारी नौकरी कैसे  मिलेगी. 

अब सरकारी नौकरी कैसे मिलेगी?

UPSC ने एक खास पहल प्रतिभा सेतु (Pratibha Setu) की शुरुआत की है जो उन उम्मीदवारों को नया मौका देती है, जो बस थोड़ा-सा रह गए थे. प्रतिभा सेतु एक ऐसा पुल जो UPSC इंटरव्यू तक पहुंच चुके उम्मीदवारों को जोड़ता है. सरकारी और निजी संस्थानों से, जो टैलेंटेड लोगों की तलाश में रहते हैं. दरअसल, ये नई स्कीम बिल्कुल नई नहीं है. इससे पहले UPSC की एक योजना Public Disclosure Scheme (PDS) चलती थी. उसके तहत UPSC उन कैंडिडेट्स का डेटा वेबसाइट पर डालता था, जिन्होंने लिखित परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू में थोड़े अंकों से पीछे रह गए. अब उसी को नया रूप देकर प्रतिभा सेतु नाम दिया गया है. इसमें पहले से कहीं ज्यादा परीक्षाओं को जोड़ा गया है, और अब सिर्फ सरकारी नहीं, बल्कि प्राइवेट कंपनियां भी इसमें भाग ले सकती हैं.

किन परीक्षाओं के उम्मीदवार जुड़ सकते हैं प्रतिभा सेतु से?

अब सिर्फ सिविल सर्विस ही नहीं, बल्कि UPSC की कई परीक्षाओं के उम्मीदवार इस स्कीम में शामिल हो सकते हैं. जैसे सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस एग्जामिनेशन, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज एग्जाम, इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम, कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट एग्जाम, कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जाम, इंडियन इकोनॉमिक सर्विस , इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस, कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज एग्जाम. लेकिन कुछ परीक्षाएं इस स्कीम का हिस्सा नहीं हैं . जैसे NDA,NA, CBI DSP LDCE या CISF LDCE जैसी डिपार्टमेंटल परीक्षाएं. 

PDS से कैसे अलग है प्रतिभा सेतु?

पुरानी PDS स्कीम में सिर्फ इतना होता था कि UPSC वेबसाइट पर उन उम्मीदवारों की जानकारी दी जाती थी जो मेरिट से थोड़ा पीछे रह गए. लेकिन अब प्रतिभा सेतु में बड़ा बदलाव ये है कि अब अलग-अलग परीक्षाओं के उम्मीदवारों का डाटा इसमें जोड़ा जा रहा है.सरकारी विभागों और प्राइवेट कंपनियों को लॉगइन दिया जाता है ताकि वे इन उम्मीदवारों के प्रोफाइल देख सकें यानी अब कंपनियां खुद इन टैलेंटेड उम्मीदवारों से संपर्क कर सकती हैं. साथ ही, कंपनियों को वेरिफिकेशन के बाद ही एक्सेस दिया जाता है, ताकि डेटा सुरक्षित रहे. IAS अकादमी के फैकल्टी विनय कुमार के मुताबिक, इस पोर्टल पर अभी 10,000 से ज्यादा उम्मीदवारों का डेटा है. वो सभी जिन्होंने UPSC के इंटरव्यू तक का सफर तय किया, लेकिन फाइनल लिस्ट में नहीं आ सके.हालांकि, अभी तक कितने लोगों को इस स्कीम से नौकरी मिली, इसका सही डेटा पब्लिक नहीं है. 

इस स्कीम के क्या-क्या फायदे?

1. सरकारी नौकरियों का नया मौका: ऐसे उम्मीदवार नीति आयोग, मंत्रालयों, या राज्य सरकारों के प्रोजेक्ट्स में सलाहकार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर या डेवलपमेंट फेलो के तौर पर काम कर सकते हैं. 

2. पब्लिक सेक्टर और थिंक टैंक्स: कई PSU, थिंक टैंक और सरकारी संस्थान इस पोर्टल के जरिए भर्ती कर सकते हैं. 

3. प्राइवेट सेक्टर: कुछ निजी कंपनियां भी इस पोर्टल से जुड़ रही हैं, ताकि उन्हें अच्छे एनालिटिकल और एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल वाले कैंडिडेट मिल सकें. 

4. डेटा सुरक्षा: सिर्फ वे ही कंपनियां कैंडिडेट्स की जानकारी देख सकती हैं जो पहले से वेरिफाइड हैं, जिससे गोपनीयता बनी रहती है. 

यह भी पढ़ें: डॉक्टर बना आतंक का चेहरा, दिल्ली ब्लास्ट के डॉ. उमर ने कहां से की थी पढ़ाई?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]