आंवले से ऐसे बनाएं होममेड फेस पैक, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर
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आंवले से ऐसे बनाएं होममेड फेस पैक, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर
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आंवले से ऐसे बनाएं होममेड फेस पैक, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर
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iPhone 16 पर अब तक की सबसे बड़ी कटौती! पहली बार हो गया इतना सस्ता, यहां से खरीदने पर होगी तगड़ी बचत
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एक्टर संजय खान की पत्नी और जानीमानी फिल्म इंडस्ट्री शख्सियत जरीन खान ने दुनिया को अलविदा कह दिया है. संजय खान से शादी के पहले वो मॉडलिंग करती थीं और ग्लैमर की दुनिया में तेजी से नाम कमा रही थीं लेकिन ये बात उनके पति को पसंद नहीं थी. संजय खान इनसिक्योर हो गए थे. उस वक्त उनके पास खुद की जॉब भी नहीं थी. पति की परेशान को देखते हुए जरीन खान ने तेजी से बढ़ता हुआ अपना मॉडलिंग का करियर छोड़ दिया था.
कैसे हुआ जरीन खान निधन?
जायद, सुजैन और फराह की मां जरीन खान का 81 साल की उम्र में निधन हो गया. वो लंबे समय से एज-रिलेटेड बीमारियों से जूझ रही थीं और इसी दौरान पिछले दिनों उन्हें कॉर्डियक अरेस्ट हो गया. उनकी मौत से उनकी फैमिली और उनके करीबी काफी गमगीन हैं.
मिस इंडिया बन सकती थीं जरीन
कहा जाता है कि शादी के पहले जरीन खान का मॉडलिंग करियर काफी अच्छा था. उन्हें मिस इंडिया टाइटल के लिए एक मजबूत दावेदार माना जा रहा था. हालांकि, संजय खान से शादी होते ही उन्होंने मॉडलिंग करियर त्याग दिया था.
IDiva से एक बार हुई बातचीत में जरीन ने कहा था कि जब दोनों के रिश्ते की शुरुआत हुई तो संजय एक्टिंग की दुनिया में स्टार्ट ले रहे थे. उस वक्त वो काफी दुबले-पतले थे, डॉक्टर्स ने उन्हें रोज आठ केले और एक पैकेट बटर खाने की सलाह दी थी. उसी दौरान जरीन भी मॉडलिंग की दुनिया में कमद रख रही थीं. उन्हें लोग अगली मिस इंडिया के तौर पर भी देखते थे. हालांकि, जल्द ही संजय इन्सिक्योर होने लगे और इससे टेंशन बढ़ने लगी. जरीन ने कहा था- जब मैं उस दौरान रैंप पर चलती थी अब्बास पीछे बैठकर गुर्राता रहता था. उस वक्त उसके पास काम नहीं था, इससे वो और ज्यादा इरिटेट था.
जरीन ने कहा था इसके अलावा एक वक्त उनके पास बड़ा मौका आया था जो कि उनकी दुनिया बदल सकता था. सुपरमॉडल पर्सिस खंबाटा (Persis Khambatta) ने उन्हें दो साल के लिए लंदन का कन्ट्रैक्ट दिया था. लेकिन उस वक्त उनके ब्वॉयफ्रेंड संजय ने अल्टीमेटम दे दिया था. जरीन ने कहा था- पर्सिस मुझे दो साल के कन्ट्रैक्ट पर लंदन ले जाना चाहती थी. पर मेरा ब्वॉयफ्रेंड काफी पोजेसिव था. उन्होंने मुझे अल्टीमेटम दे दिया कि या तो तुम लंदन जाओगी या फिर मेरे साथ रहोगी. मैंने उसके साथ रहना चुना और खुश हूं. बता दें कि दोनों की शादी 1996 में हुई थी.
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क्रिकेट को अक्सर “जेंटलमैन गेम” कहा जाता है. हालांकि कभी-कभी इस खेल में कुछ दर्दनाक घटनाएं ऐसी भी हुई हैं जिन्होंने इस खेल को हमेशा के लिए बदल दिया. बल्ले और गेंद की टक्कर के बीच कभी-कभी मौत भी मैदान पर ही दस्तक दे देती है. आइए जानते हैं उन क्रिकेटरों के बारे में जिन्होंने मैदान पर ही अपनी जान गंवा दी. इन खिलाड़ियों की मौत ने दुनिया भर को झकझोर दिया.
फिलिप ह्यूज – ऑस्ट्रेलिया
मैच: न्यू साउथ वेल्स बनाम साउथ ऑस्ट्रेलिया, 2014
ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज फिलिप ह्यूज को क्रिकेट का अगला सुपरस्टार माना जा रहा था, लेकिन एक बाउंसर ने उनकी जिंदगी छीन ली. बल्लेबाजी के दौरान तेज गेंदबाज शॉन एबट की गेंद उनकी गर्दन के नीचे लगी, जिससे दिमाग में गंभीर चोट पहुंची. दो दिन बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई.
इस हादसे के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में हेलमेट डिजाइन बदले गए, ताकि गर्दन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. “63 नॉट आउट” का उनका स्कोर आज भी श्रद्धांजलि के रूप में याद किया जाता है.
रमन लांबा – भारत
मैच: ढाका प्रीमियर लीग, 1998
भारत के पूर्व बल्लेबाज रमन लांबा बांग्लादेश में घरेलू लीग खेल रहे थे, जब उन्होंने शॉर्ट लेग पर बिना हेलमेट फील्डिंग की. बल्लेबाज मेहराब हुसैन के शॉट से गेंद सीधे उनके सिर पर लगी. लांबा पहले तो चलकर बाहर आए, लेकिन कुछ घंटों बाद कोमा में चले गए और तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद दुनिया भर में क्लोज-इन फील्डर्स के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया.
विल्फ स्लैक – इंग्लैंड
मैच: घरेलू मुकाबला, गाम्बिया, 1989
इंग्लैंड के बल्लेबाज विल्फ स्लैक बल्लेबाजी करते हुए अचानक गिर पड़े थे. डॉक्टरों ने बाद में बताया कि उन्हें पहले भी कई बार ब्लैकआउट हुआ था, लेकिन कोई बीमारी नहीं पकड़ में आई थी. उनकी मौत ने खिलाड़ियों के स्वास्थ्य मॉनिटरिंग सिस्टम को लेकर नए नियम बनाए.
वसीम राजा – पाकिस्तान
मैच: वेटरन्स मैच, इंग्लैंड, 2006
पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर वसीम राजा इंग्लैंड में एक वेटरन्स मैच खेल रहे थे जब मैदान पर ही उन्हें हार्ट अटैक आया. कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए कार्डियक जांच और फिटनेस टेस्ट को गंभीरता से लिया जाने लगा.
डैरिन रैंडल – दक्षिण अफ्रीका
मैच: घरेलू टूर्नामेंट, 2013
रैंडल ने एक बाउंसर पर पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके सिर पर लगी. हेलमेट पहने होने के बावजूद वे बच नहीं सके. इस घटना के बाद क्रिकेट बोर्ड ने हेलमेट सेफ्टी टेक्नोलॉजी पर और जोर दिया.
जुल्फिकार भट्टी – पाकिस्तान
मैच: टी20 घरेलू मैच, 2013
पाकिस्तान के युवा बल्लेबाज जुल्फिकार भट्टी को एक तेज गेंद सीने पर लगी. कुछ सेकंड बाद वह मैदान पर गिर पड़े और उनकी मौत हार्ट फेल्योर से हो गई. इसके बाद से बल्लेबाजों के लिए चेस्ट गार्ड्स की जरूरत पर जोर दिया गया.
आयन फॉली – इंग्लैंड
मैच: इंग्लिश डोमेस्टिक क्रिकेट, 1993
इंग्लैंड के स्पिनर इयान फॉली बल्लेबाजी करते समय गेंद से चोटिल हुए. बल्लेबाजी के दौरान फॉली को सिर पर चोट लगी थी. अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान उन्हें हार्ट अटैक हुआ और मौत हो गई. इस घटना ने स्टेडियमों में इमरजेंसी मेडिकल सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया.
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कभी-कभी हकीकत भी इतनी अजीब होती है कि सुनने वाले भी सोच में पड़ जाते हैं. ऐसा ही एक वाकया हुआ है उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में, जहां रात के सन्नाटे में पुलिस टीम रूटीन गश्त पर थी. सड़कें सूनी थीं, हवाओं में ठंडक थी और चौराहे पर हल्की रोशनी टिमटिमा रही थी. तभी पुलिस की नजर एक ऐसे युवक पर पड़ी जिसने न सिर्फ अपनी हरकतों से बल्कि अपने जवाब से भी पुलिसवालों को उलझन में डाल दिया. हाथ में एक झोला लिए वो युवक ठाडीभर चौराहे के आसपास कुछ तलाशते हुए घूम रहा था. जब पुलिस ने उसे रोका और पूछा कि इतनी रात को कहां जा रहे हो, तो उसका जवाब सुनकर पुलिसवाले कुछ पल के लिए चुप रह गए और सोशल मीडिया हैरान. वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल है.
दरअसल, जब पुलिस ने उस शख्स से नाम पता और बाहर टहलने का कारण पूछा तो उसने कहा “साहब, मैं सत्य की खोज में निकला हूं.” अब आप सोचिए, आधी रात को अंधेरी सड़क पर ‘सत्य की खोज’ में निकला कोई शख्स अगर मिल जाए, तो पुलिस क्या सोचेगी! लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो हर कोई दंग रह गया. पूरा मामला कुशीनगर जिले के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के ठाडीभर चौराहे का है. बताया जा रहा है कि पुलिस टीम रात में इलाके में गश्त पर थी. इसी दौरान करीब आधी रात के समय पुलिस की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी जो झोला लेकर सड़क किनारे इधर-उधर देखता हुआ कुछ तलाश रहा था. उसके हावभाव देखकर पुलिस को शक हुआ और तुरंत टीम ने उसे रोक लिया.
जब पुलिस ने पूछा कि इतनी रात में इस सुनसान इलाके में क्या कर रहे हो, तो युवक ने बिना झिझके जवाब दिया ..“साहब, मैं सत्य की खोज में निकला हूं.” यह जवाब सुनकर पुलिसकर्मी एक पल को चौंक गए और मुस्कुरा भी दिए. लेकिन जब उन्होंने उससे थोड़ी सख्ती से पूछताछ की, तो मामला धीरे-धीरे खुलने लगा. शख्स खुद ही बोल पड़ा कि मैं चोरी की नियत से निकला था.
वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई सत्य की नहीं चोरी करने की खोज में निकला था. एक और यूजर ने लिखा…लोगों की तिजोरियों में सत्य रखा होगा. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…पैसा ही सत्य है.
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हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. एक नई खोजी डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों द्वारा की गई बातचीत ने कनाडा के अधिकारियों को भारत और खालिस्तानी नेता की हत्या के बीच संबंध स्थापित करने में मदद की.
ब्लूमबर्ग ओरिजिनल्स की डॉक्यूमेंट्री में दिखाए गए इन दावों ने भारत और कनाडा के तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है. डॉक्यूमेंट्री के अनुसार ब्रिटेन की इलेक्ट्रॉनिक खुफिया एजेंसी जीसीएचक्यू ने फोन कॉल को इंटरसेप्ट किया, जिसमें तीन संभावित टारगेट हरदीप सिंह निज्जर, अवतार सिंह खंडा और गुरपतवंत सिंह पन्नू के बारे में चर्चा होती दिखी.
क्या है डॉक्यूमेंट्री का दावा
डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि ये इंटरसेप्ट जुलाई 2023 के अंत में फ़ाइव आइज़ इंटेलिजेंस-शेयरिंग अलायंस के तहत कनाडा संग शेयर किए गए थे, जिसमें यूके, यूएस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड शामिल हैं. रिपोर्ट बताती है कि निज्जर की हत्या की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की जांच में यह खुफिया जानकारी एक सफलता साबित हुई है.
कड़ी शर्तों के तहत दी गई खुफिया जानकारी
कथित तौर पर खुफिया जानकारी कड़ी शर्तों के तहत दी गई थी. इसे ओटावा में व्यक्तिगत रूप से पहुंचाया गया और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से दूर रखा गया. कथित तौर पर इंटरसेप्ट की गई बातचीत से संकेत मिलता है कि भारत सरकार की ओर से काम करने वाले व्यक्तियों ने इस बात पर चर्चा की थी कि निज्जर को कैसे सफलतापूर्वक खत्म किया गया.
इन खुलासों ने ब्रिटेन में नए सिरे से जांच शुरू कर दी है. सिख फेडरेशन यूके ने कथित तौर पर सुरक्षा मंत्री डैन जार्विस को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है कि सिख समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों द्वारा पूछे जाने पर ब्रिटिश अधिकारियों ने ये खुफिया जानकारी क्यों नहीं बताई.
कनाडा पर खालिस्तानियों को जगह देने का आरोप
भारत ने निज्जर की हत्या में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और आरोपों को बेतुका और राजनीति से प्रेरित बताया है. नई दिल्ली ने बार-बार ओटावा पर कनाडा की धरती से चरमपंथी खालिस्तानी तत्वों को जगह देने का आरोप लगाया है.
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पाकिस्तान की राजनीति और सेना एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह है एक बड़ा संवैधानिक कदम 27वां संशोधन बिल. पाकिस्तान के कानून मंत्री आज़म नजीर तारड़ ने इसे हाल ही में सीनेट में पेश किया है. यह बिल पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है. माना जा रहा है कि अगर यह बिल पास हो गया, तो फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को ‘कमांडर ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ (CDF) का नया संवैधानिक पद मिल सकता है. यह पद भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की तरह होगा, जो देश की तीनों सेनाओं थल सेना, नौसेना और वायुसेना का प्रमुख होता है.
कानून मंत्री तारड़ ने संसद में बताया कि इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह भारत के साथ लगातार बढ़ते तनाव हैं. उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध के तरीके अब पूरी तरह बदल चुके हैं. साइबर अटैक, ड्रोन युद्ध और गुप्त अभियानों के इस दौर में सेना की संरचना को और मजबूत करना जरूरी हो गया है. उनका कहना था कि कई अहम सैन्य पद पहले आर्मी एक्ट के तहत तो थे, लेकिन पाकिस्तान के 1973 के संविधान में उनका कोई उल्लेख नहीं था. इसीलिए अब सरकार चाहती है कि सेना की शीर्ष कमान को भी संविधान में दर्ज किया जाए, ताकि उसे कानूनी और संवैधानिक शक्ति मिल सके.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी हलचल
भारत द्वारा 7 मई को चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की राजनीति और सेना में अचानक हलचल बढ़ गई. भारत ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया था. बताया जाता है कि इस हमले में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए. इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी सैन्य कार्रवाई की, लेकिन हालात गंभीर होने से पहले ही 10 मई को दोनों देशों ने युद्ध विराम की घोषणा कर दी.
इसी दिन पाकिस्तान में एक और बड़ी घटना हुई आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया. यह पाकिस्तान के इतिहास में दूसरी बार हुआ है. इससे पहले, 1959 में अय्यूब खान ने खुद को फील्ड मार्शल बनाया था. इस फैसले के बाद यह सवाल उठने लगे कि क्या पाकिस्तान में सेना एक बार फिर राजनीतिक शक्ति हासिल करने की दिशा में बढ़ रही है.
क्या होगा ‘CDF’ पद का असर?
अगर यह 27वां संशोधन बिल पास हो गया, तो आसिम मुनीर पाकिस्तान के इतिहास में सबसे शक्तिशाली सैन्य अधिकारी बन जाएंगे. ‘कमांडर ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ यानी CDF का पद सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों पर सर्वोच्च अधिकार देगा. इसका मतलब यह होगा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सैन्य मामलों में भूमिका सीमित हो सकती है. अब असली सैन्य निर्णय और रणनीति CDF के हाथों में होगी.
यह पद भारत के CDS के समान होगा, जो तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और युद्धकालीन समन्वय सुनिश्चित करता है. पाकिस्तान के लिए यह एक नया प्रयोग होगा, जो उसकी सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है.
आसिम मुनीर की सैलरी और सुविधाएं
हालांकि पाकिस्तान सरकार ने अभी आधिकारिक तौर पर CDF पद की सैलरी और सुविधाओं की जानकारी नहीं दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार ये पद फील्ड मार्शल से लगभग 30 प्रतिशत अधिक वेतन वाला हो सकता है. इसके अलावा इस पद के साथ आजीवन सरकारी सुरक्षा, विशेष आवास, विदेश नीति में सलाहकार की भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता जैसे विशेषाधिकार भी दिए जा सकते हैं.
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India Russia Energy Deal: अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है. वैश्विक मंचों से अमेरिका और पश्चिमी देश भारत और रूस की एनर्जी डील पर पाबंदियों की बात दोहराते रहते हैं. हालांकि, भारत ने कई मौकों पर यह स्पष्ट किया है कि, भारत हमेशा अपनी जनता की भलाई को ध्यान में रखकर ही कोई कदम उठाएगा. वहीं अब रूसी राजदूत के एक बयान से संकेत मिल रहा है कि, भारत और रूस के बीच एनर्जी डील भविष्य में और अधिक मजबूत हो सकती है.
भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि, रूस भारत को अच्छी कीमतों और हाई क्वालिटी क्रूड ऑयल की सप्लाई करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. साथ ही उन्होंने बताया कि, भारत और रूस मिलकर इन प्रतिबंधों के बीच रास्ता तलाशने की कोशिश कर रहे हैं. जिससे बिना रुकावट एनर्जी व्यापार जारी रह सके.
राजदूत का बयान
इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत के दौरान, रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि रूस भारत के लिए कच्चे तेल का एक बड़ा सप्लायर बन गया है. आज भारत जितना तेल विदेशों से खरीदता है, उसमें से एक-तिहाई से ज्यादा रूस से आता है. राजदूत ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि, रूस ने हमेशा यह दिखाया है कि, वो एक भरोसेमंद पार्टनर है और वो भारत को अच्छी कीमतों पर बेहतरीन क्वालिटी का तेल मुहैया करवाता है. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि, कई बार दोनों देशों के बीच रिश्तों को कमजोर करने की कोशिश की गई हैं. लेकिन हमने हर बार मिलकर नए रास्तों की तलाश की है.
अलीपोव के अनुसार दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. अब दोनों देश आपसी कारोबार में ज्यादातर लेनदेन अपनी स्थानीय या वैकल्पिक मुद्राओं में ही कर रहे हैं, जो कुल ट्रेड का 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बन चुका है. इसके साथ ही, दोनों देश नए ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक रूट्स तैयार करने पर भी काम कर रहे हैं. जिससे व्यापार और सप्लाई की परेशानी को कम किया जाएगा.
रक्षा क्षेत्र में जारी है साझेदारी
अलीपोव ने बताया कि, दोनों देशों के बीच रक्षा मामलों को लेकर भी नई साझेदारियों की जा रही है. दोनों देश मिलकर नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं. जिसमें ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, एडवांस रडार, मिसाइल और अन्य रक्षा उपकरणों कर काम जारी है.
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Kal Ka Rashifal: 10 नवंबर 2025 का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीदें लेकर आएगा. करियर, धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में किस राशि को मिलेगी सफलता और किसे रहना होगा सावधान, आइए जानते हैं कल का राशिफल-
आज का दिन व्यापार कर रहे लोगों के लिए अच्छा रहेगा. यदि आप किसी योजना की शुरुआत करने के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, तो अब समय अनुकूल है. प्रेम जीवन में किसी तीसरे के हस्तक्षेप से मनमुटाव संभव है. धन लाभ के एक से अधिक स्रोत बन सकते हैं. किसी बड़े निवेश से पहले अनुभवी व्यक्ति की राय अवश्य लें.
आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा. सामाजिक गतिविधियों में भाग लेंगे. कार्यक्षेत्र में ध्यान केंद्रित रखें और शत्रुओं से सावधान रहें. किसी रुके हुए कार्य में देरी से मन खिन्न रह सकता है. संतान से अधिक अपेक्षा न रखें.
आज आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी. अपने निजी विचार किसी बाहरी व्यक्ति से साझा न करें. शेयर मार्केट में निवेश लाभदायक रहेगा. किसी प्रिय व्यक्ति से शुभ समाचार मिल सकता है. पारिवारिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप से बचें.
दिन उन्नति देने वाला रहेगा. कार्यक्षेत्र में चुनौतियाँ आएंगी, पर आप उनसे निपट लेंगे. विद्यार्थियों को अधिक परिश्रम की आवश्यकता है. घर का वातावरण सुखद रहेगा. संतान के करियर की चिंता मन में रह सकती है.
आज आप अपनी मनपसंद दिशा में काम करेंगे. संपत्ति विवाद में सफलता संभव है. नौकरीपेशा जातकों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है. दांपत्य जीवन में तनातनी से बचें. संतान से जुड़ी चिंता दूर होगी.
आज आप ऊर्जावान रहेंगे. धन लेनदेन में सतर्कता रखें और किसी को उधार न दें. व्यापारिक निर्णय बुजुर्गों की सलाह से लें. परिवार के लिए कुछ खरीदारी संभव है.
आलस्य दिन पर हावी रहेगा, पर कार्य पर फोकस जरूरी है. धार्मिक कार्यों में भाग लेने से मन को शांति मिलेगी. कार्यस्थल पर संयम रखें. संतान की शिक्षा से जुड़ी समस्या का हल निकलेगा.
दिन मिलाजुला रहेगा. सरकारी कार्य पूर्ण होने की संभावना है. मीडिया और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को लाभ होगा. पारिवारिक विवाद समाप्त हो सकते हैं. किसी को अनावश्यक सलाह देने से बचें.
निवेश योजनाओं के लिए दिन शुभ है. अविवाहितों के जीवन में नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है. कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलेगा. खर्चों पर नियंत्रण रखें.
करियर के लिए दिन अनुकूल रहेगा. आय के नए स्रोत बनेंगे. परिवार की सलाह से कोई नया कार्य शुरू कर सकते हैं. प्रेम जीवन में विवाद संभव है. अचानक खर्चों से सावधान रहें.
दिन चुनौतियों भरा रहेगा. कार्यक्षेत्र में बाधाएँ आएंगी, पर आप उन्हें दूर कर लेंगे. परिवार में किए वादे याद रखें. नौकरीपेशा लोगों को शुभ सूचना मिल सकती है.
संपत्ति संबंधी मामलों में लाभ मिलेगा. परिजनों से संबंध मधुर होंगे. खर्चों में कटौती करें और बजट बनाकर चलें. यात्रा में सावधानी रखें.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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