रेलवे स्टाफ का स्वच्छ भारत! ट्रेन के दरवाजे से रेलवे कर्मचारी ने की औछी हरकत- भड़क उठा इंटरनेट

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर हर कोई हैरान है. देशभर में जहां एक तरफ “स्वच्छ भारत अभियान” के तहत रेलवे अपनी सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक रेलवे कर्मचारी ने अपनी हरकत से पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है. वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रेन के अंदर सफाई करने वाला एक कर्मचारी डस्टबिन से भरी हुई काली पॉलिथिन निकालता है और चलती ट्रेन के दरवाजे पर जाकर पूरे कचरे को बाहर फेंक देता है. इतना ही नहीं, कचरा फेंकने के बाद वह बड़ी चालाकी से डस्टबिन में नई थैली लगा देता है और ऐसा दिखाने की कोशिश करता है कि उसने कुछ किया ही नहीं.

चलती ट्रेन से सफाईकर्मी ने फेंका कूड़े का थैला

यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है क्योंकि इसे एक यात्री ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया था. यात्री ट्रेन के दरवाजे पर बैठा हुआ था, तभी उसने देखा कि सफाई कर्मचारी वहां आया और कुछ देर सफाई करने के बाद डस्टबिन में लगी काली थैली को बाहर निकाल लिया. फिर वह ट्रेन के दरवाजे की ओर बढ़ा और बिना सोचे-समझे चलती ट्रेन से पूरा कचरा बाहर फेंक दिया. यह देखकर यात्री हैरान रह गया और तुरंत उस पल को रिकॉर्ड कर लिया. अब वही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

सफाई करने वाले ही फैला रहे गंदगी?

वीडियो ने साफ कर दिया है कि ट्रेनें चलाने में चाहे तकनीक कितनी भी आधुनिक क्यों न हो जाए, जब तक जिम्मेदारी और ईमानदारी से सफाई नहीं की जाएगी, तब तक सरकार का “स्वच्छ भारत मिशन” सिर्फ दीवारों पर लिखे नारे बनकर रह जाएगा. अब देखना यह होगा कि रेलवे इस वायरल वीडियो पर क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि फिलहाल तो लोगों के बीच यही सवाल गूंज रहा है कि “जब सफाई वाला ही गंदगी फैलाएगा तो सफाई कौन करेगा?”

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यूजर्स बोले, सारी पोल खुल गई

वीडियो को @IndianTechGuide नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…क्या यही है रेलवे का स्वच्छ भारत मिशन? एक और यूजर ने लिखा… वाह, इसने तो सारे सिस्टम की पोल एक बार में खोल दी. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कचरा फेंकने की एक जगह फिक्स हो और उससे गैस बनाई जाए.

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अब साल में 2 बार होगी राजस्थान बोर्ड परीक्षा, शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा एलान

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कोटा जिले के दौरे पर पहुंचे शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा एलान किया. उन्होंने कहा कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE), अजमेर अब छात्रों को एक ही शैक्षणिक सत्र में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का मौका देगा. यह नई व्यवस्था अगले शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी.

मंत्री दिलावर ने बताया कि यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रावधानों के तहत उठाया गया है. नई शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को अधिक अवसर और लचीलापन देना है, ताकि वे अपनी योग्यता का बेहतर प्रदर्शन कर सकें. उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य रहेगा, जबकि जो विद्यार्थी इस परीक्षा में उत्तीर्ण होंगे, उन्हें तीन विषयों तक में अपने अंक सुधारने के लिए दूसरी परीक्षा देने का अवसर मिलेगा.

दिलावर ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन छात्रों को पूरक घोषित किया जाएगा, उन्हें भी अधिकतम तीन विषयों में द्वितीय अवसर परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी. इसमें पूरक विषय भी शामिल रहेंगे, जिससे अब छात्रों को सालभर इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे उसी सत्र में अपने परिणाम सुधार सकेंगे.

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

राजस्थान बोर्ड अब से साल में दो बार परीक्षा आयोजित करेगा. पहली मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी और उसके परिणाम आने के बाद मई-जून में दूसरी परीक्षा, जिसे ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’ कहा जाएगा, आयोजित की जाएगी. दोनों परीक्षाएं उसी सत्र के पूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित होंगी. यानी विद्यार्थियों को किसी भी तरह की नई या अलग तैयारी नहीं करनी होगी. अध्ययन योजना और परीक्षा प्रणाली दोनों ही बार समान रहेंगी.

दिलावर ने कहा कि यदि कोई विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति केवल चिकित्सा प्रमाण पत्र या जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही दी जाएगी. यह व्यवस्था केवल उन छात्रों के लिए होगी जिनकी अनुपस्थिति के पीछे उचित कारण होगा.

इतना होगा शुल्क

शिक्षा मंत्री ने बताया कि द्वितीय अवसर परीक्षा का शुल्क मुख्य परीक्षा के समान रहेगा. छात्रों को इस व्यवस्था से किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं झेलना पड़ेगा. साथ ही, बोर्ड ने यह भी तय किया है कि इसमें ‘बेस्ट ऑफ टू’ का सिद्धांत लागू किया जाएगा. यानी विद्यार्थी की दोनों परीक्षाओं में से जिसमें अधिक अंक होंगे, वही अंक अंतिम परिणाम में शामिल किए जाएंगे. इससे छात्रों पर पहली परीक्षा में अच्छे अंक लाने का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा.

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कप्तान ऋषभ पंत का गलत फैसला पड़ा भारी, दूसरे टेस्ट में 5 विकेट से हारा भारत, अफ्रीका की जीत

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दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 5 विकेट से हरा दिया है. टीम इंडिया को जल्दी पारी घोषित करने का भुगतान करना पड़ा. बेंगलुरु में खेले गए इस अनऑफिशियल टेस्ट मैच में इंडिया A ने दक्षिण अफ्रीका A के सामने 417 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था. दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सिर्फ 5 विकेट खो कर इस टारगेट को हासिल करके बड़ी जीत दर्ज की. जॉर्डन हरमन ने 91 रनों की शानदार पारी खेली.

इंडिया A को पहली पारी में 34 रनों की बढ़त मिली थी. वहीं दूसरी पारी में ध्रुव जुरेल के नाबाद 127 रन, ऋषभ पंत और हर्ष दुबे के अर्धशतकों के दम पर भारतीय टीम ने 382 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी थी. पंत ने 65 रन और हर्ष दुबे ने 84 रनों का योगदान दिया था. पारी घोषित करना टीम इंडिया को बहुत भारी पड़ा.

कप्तान ऋषभ पंत का फैसला पड़ा भारी

पारी घोषित करने का फैसला कप्तान और टीम मैनेजमेंट का होता है. इंडिया A टीम ने तीसरा दिन खत्म होने से पहले 382 के स्कोर पर पारी घोषित कर दी थी. ध्रुव जुरेल सेट हो चुके थे, 127 रन बना चुके थे. उनके दम पर भारतीय टीम आसानी से दक्षिण अफ्रीका A के सामने 450 या फिर 500 रनों का टारगेट भी रख सकती थी. मगर अतिआत्मविश्वास टीम इंडिया पर भारी पड़ा.

भारतीय टीम के लिए इस मैच की दोनों पारियों में ध्रुव जुरेल ने शतक लगाया. पहली पारी में उन्होंने नाबाद 132 रन और दूसरी पारी में 127 रन बनाकर नाबाद लौटे. जुरेल सीरीज का पहला मैच नहीं खेले थे, लेकिन दूसरे टेस्ट में कुल 259 रन बनाकर उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज पर कब्जा जमाया. पहला अनऑफिशियल टेस्ट इंडिया A ने 3 विकेट के करीबी अंतर से जीता था.

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‘दीवानियत’ हिट होते ही बदली हर्षवर्धन की जिंदगी, अब लेंगे 5 गुना ज्यादा फीस! केआरके का दावा

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हर्षवर्धन राणे इन दिनों अपनी लेटेस्ट फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानियत’ को लेकर टॉक ऑफ द टाउन बने हुए हैं. फिल्म के सक्सेस के बाद हर जगह उन्हीं के चर्चे हो रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक ये फिल्म अभिनेता के करियर की रिकॉर्ड ब्रेकिंग फिल्म साबित हुई है.

ऐसे में अब केआरके का कहना है कि ‘एक दीवाने की दीवानियत’ के सक्सेस के बाद हर्षवर्धन राणे की सिर्फ पॉपुलैरिटी ही नहीं बल्कि उनके फीस में भी इजाफा हुआ है.

फिल्म के सक्सेस के बाद 5 गुना फीस चार्ज करेंगे हर्षवर्धन राणे?
‘एक दीवाने की दीवानियत’ 21 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में दर्शकों ने हर्षवर्धन राणे के किरदार और उनकी एक्टिंग स्किल्स को भी खूब सराहा. हर जगह अब सिर्फ अभिनेता की ही तारीफ हो रही है और इस फिल्म में हर्षवर्धन राणे के करियर को एक नया आयाम दिया है.

अब कमल आर खान (केआरके) ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट शेयर किया. इसमें उन्होंने दावा किया कि ‘एक दीवाने की दीवानियत’ के सक्सेस के बाद हर्षवर्धन राणे अब फीस के लिए 10 करोड़ रुपए डिमांड कर रहे हैं.

बता दें, हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक हर्षवर्धन राणे आमतौर पर 1.5 करोड़ रुपए फीस लेते हैं. लेकिन सनम तेरी कसम के री-रिलीज के बाद उनकी पॉपुलैरिटी में गजब का उछाल आया और बिग टीवी रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ‘एक दीवाने की दीवानीयत’ के लिए 2 से 3 करोड़ रुपए चार्ज किए.
दीवानियत' हिट होते ही बदली हर्षवर्धन राणे की जिंदगी, अब लेंगे 5 गुना ज्यादा फीस! केआरके का दावा

‘एक दीवाने की दीवानीयत’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 
‘एक दीवाने की दीवानीयत’ और ‘थामा’ दोनों एक ही दिन थिएटर्स में रिलीज हुई थी. शुरुआती दिनों में फिल्म के आंकड़ों में गिरावट देखी गई लेकिन अब इसने अपने खाते में जबरदस्त कलेक्शन कर लिया है.

मिलाप जावेरी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को खूब सराहा जा रहा है और हर्षवर्धन राणे संग सोनम बाजवा की सिजलिंग फ्रेश केमिस्ट्री भी लोगों का दिल जीतने में कामयाब हुई है. कोईमोई के रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म को 25 करोड़ के बजट से बनाया गया और सैक्निल्क के रिपोर्ट के अनुसार ‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने इंडियन बॉक्स ऑफिस में 73.45 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है.

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गधी के दूध से बना साबुन! दुबई में बढ़ रहा क्रेज, इसी से नहा रहे ज्यादातर लोग- यूजर्स हैरान

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स्किन को ग्लोइंग और जवां बनाए रखने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते. कोई महंगे क्रीम्स पर पैसा खर्च करता है तो कोई घरेलू नुस्खे अपनाता है. भारत में जहां लोग आयुर्वेद और प्राकृतिक चीजों पर भरोसा करते हैं, वहीं दुनिया के कई देशों में अब एक नया ट्रेंड चल पड़ा है, गधी के दूध से बना साबुन. जी हां, सुनने में भले अजीब लगे लेकिन सच यही है कि अब दुबई, जॉर्डन और कई अन्य देशों में लोग गधे के दूध से बने साबुन से नहाने लगे हैं. सोशल मीडिया पर भी इस अनोखे ट्रेंड की खूब चर्चा हो रही है. कहा जा रहा है कि ये साबुन न सिर्फ स्किन को चमकदार बनाता है बल्कि झुर्रियों, दाग-धब्बों और उम्र बढ़ने के असर को भी कम करता है.

जॉर्डन से लेकर दुबई तक इस साबुन का इस्तेमाल कर रहे लोग!

हाल ही में गल्फ न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अत्तान डंकी मिल्क सोप (Attan Donkey Milk Soap) नाम की कंपनी जॉर्डन की राजधानी अम्मान से करीब 35 किलोमीटर दूर मदाबा नाम के इलाके में इस खास साबुन का उत्पादन कर रही है. कंपनी के पास कुल 12 गधे हैं और वहीं के दूध से ये साबुन तैयार किया जाता है. कंपनी का कहना है कि ये साबुन पूरी तरह से नेचुरल और केमिकल-फ्री है. शुरुआत में जब कंपनी ने इस साबुन का निर्माण शुरू किया, तो लोगों ने मजाक उड़ाया, लेकिन कुछ ही समय बाद इसके फायदे सामने आने लगे और अब इसकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है.

गधी के दूध से बना साबुन हो रहा वायरल

कंपनी की संस्थापक का कहना है कि अब न सिर्फ जॉर्डन, बल्कि दुबई समेत कई देशों में इसके ऑर्डर बढ़ गए हैं. लोग इसे अपनी स्किन के लिए बहुत फायदेमंद बता रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, गधे के दूध में प्रोटीन, मिनरल्स और विटामिन्स की भरपूर मात्रा होती है, जो त्वचा को मॉइस्चराइज रखने और उसे नरम बनाए रखने में मदद करती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को सूरज की किरणों और प्रदूषण से बचाते हैं और एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करते हैं.

बेहद फायदेमंद होता है गधी का दूध

अम्मान के एक ब्यूटी सेंटर में डाइटिशियन सुजाना हद्दाद ने बताया कि गधे के दूध में मैग्नीशियम, कॉपर, सोडियम, मैंगनीज, जिंक, कैल्शियम और आयरन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो स्किन के लिए बेहद जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि इसमें व्हे प्रोटीन (Whey Protein) भी पाया जाता है जो एंटीमाइक्रोबियल गुण रखता है. यानी यह त्वचा पर वायरस और बैक्टीरिया के बढ़ने को रोकता है.

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यूजर्स ने पूछे मजेदार सवाल

जैसे ही सोशल मीडिया पर ये मामला वायरल हुआ वैसे ही लोगों ने इसे लेकर तरह तरह के सवाल करने शुरू कर दिए. एक यूजर ने लिखा…भाई गधी के दूध से नहाने से बुद्धि तो गधे जैसी नहीं होगी? एक और यूजर ने लिखा…तुम्हें साबुन बनाने के लिए गधी का दूध ही मिला था. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…गधी का दूध महंगा भी होता है और कई मायनों में फायदेमंद होता है.

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YouTube पर 1000 Views के कितने मिलते हैं पैसे? जानकर उड़ जाएंगे होश, इतनी कमाई की उम्मीद नहीं थ

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YouTube Income: आज के डिजिटल युग में YouTube सिर्फ मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है. लाखों क्रिएटर्स इस प्लेटफॉर्म पर वीडियो अपलोड करते हैं और उनसे अच्छी-खासी आमदनी भी करते हैं. लेकिन हर नए यूट्यूबर के मन में यह सवाल जरूर आता है आखिर YouTube पर 1,000 व्यूज़ के कितने पैसे मिलते हैं?

कमाई कैसे होती है? जानिए YouTube के फार्मूले

YouTube अपने क्रिएटर्स को Ads Revenue के ज़रिए भुगतान करता है. इसके लिए दो अहम शब्द हैं CPM (Cost Per Mille) और RPM (Revenue Per Mille). CPM बताता है कि विज्ञापनदाता 1000 विज्ञापनों पर कितना खर्च करता है. RPM बताता है कि 1,000 व्यूज़ पर क्रिएटर को कितना भुगतान मिलता है.

भारत में यह RPM आमतौर पर 20 से 150 रुपये के बीच होता है. यानी अगर आपके वीडियो को 1,000 व्यूज़ मिलते हैं तो आपकी कमाई 20 से 150 रुपये तक हो सकती है. लेकिन यह आंकड़ा हर चैनल के लिए अलग होता है.

लोकेशन और कंटेंट का भी है बड़ा रोल

कमाई सिर्फ व्यूज़ पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इस बात पर भी कि आपके दर्शक किस देश से वीडियो देख रहे हैं और आपका कंटेंट किस विषय पर है. अगर आपके व्यूज़ अमेरिका, कनाडा या यूरोप से आते हैं तो आपका RPM काफी ज्यादा होगा. वहीं भारत, पाकिस्तान या एशियाई देशों में यह थोड़ा कम रहता है. इसके अलावा, टेक्नोलॉजी, एजुकेशन, फाइनेंस और बिज़नेस जैसे विषयों पर वीडियो बनाने वालों की कमाई एंटरटेनमेंट चैनलों की तुलना में ज्यादा होती है.

सिर्फ व्यूज़ नहीं, और भी हैं कमाई के रास्ते

YouTube पर पैसा कमाने के कई अन्य तरीके भी हैं. जैसे Super Chat, Channel Memberships, Brand Sponsorships, और Affiliate Marketing. बड़े यूट्यूबर्स हर महीने इन स्रोतों से लाखों रुपये तक कमा लेते हैं. इसी तरह से आप भी यूट्यूब से हर महीने अच्छा पैसा कमा सकते हैं.

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अगरबत्ती जलाना शुभ या अशुभ? जानें शास्त्र क्या कहते हैं, पूजा में करें किसका इस्तेमाल?

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Burning incense sticks is good or bad: आज के समय में घरों और मंदिरों में पूजा पाठ करने के लिए लोग विशेष तौर पर अगरबत्तियों का इस्तेमाल करते हैं. अगरबत्ती जलाना काफी सामान्य हो चुका है. मार्केट में पूजा पाठ के लिए तमाम तरह की खुशबूदार अगरबत्तियां मिलती है.

लेकिन क्या आपको पता है धार्मिक दृष्टि से अगरबत्ती जलाना हमेशा से ही अशुभ माना जाता है. आइए जानते हैं शास्त्रों में अगरबत्ती को लेकर क्या उल्लेख क्या गया है?

अगरबत्ती जलाने पर हिंदू धर्म की राय

हिंदू धर्म के जानकारों के मुताबिक, प्राचीन ग्रंथ-शास्त्रों में पूजा-पाठ के दौरान धूपबत्ती के इस्तेमाल का उल्लेख मिलता है, लेकिन अगरबत्ती से जुड़ी कोई भी बात शास्त्रों में उल्लेखित नहीं है.

ऐसा इसलिए क्योंकि अगरबत्ती बनाने के लिए बांस की लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है. जबकि हिंदू धर्म में बांस से बनी वस्तुओं को जलाना अशुभ माना जाता है.

धार्मिक कर्मकांड में बांस की लकड़ी का विशेष महत्व

इसी कारण हिंदू धर्म में पूजा-पाठ से जुडे़ कर्मकांडों में अगरबत्ती जलाने की मनाही होती है. हिंदू धर्म में बांस का इस्तेमाल शादी, जनेऊ और मंडप बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन इसे बनी अगरबत्तियों का प्रयोग करने की मनाही होती है.

शास्त्रों बांस जलाना निषेध बताया गया है. यहां तक कि दाह संस्कार में भी बांस को नहीं जलाया जाता है. 

मान्यताओं के मुताबिक बांस जलाने से वंश का नाश होता है. वही ज्योतिषियों के मुताबिक, पूजा के लिए हमेशा अगरबत्ती की जगह धूपबत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है. 

धूपबत्ती जलाने के नियम

ज्योतिषीय सलाह के अनुसार, पूजा करने के लिए हमेशा धूपबत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसा करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं.

धूप बत्ती जलाने से घर का वातावरण शुद्ध और पवित्र होता है. 

कोशिश करें ज्यादा कैमिकल फ्री धूपबत्ती का इस्तेमाल करें, ताकि आपकी सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता न हो. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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Funny Dance: “मौत आ जाए पर ऐसा कॉन्फिडेंस न आए” दुल्हन को देख डांस की जल्दी में खुद का पोपट करा बैठा दूल्हा- वीडियो वायरल

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शादी के मौके पर दूल्हा-दुल्हन का स्टेज पर आना हमेशा ही चर्चा में रहता है. कभी कोई रोमांटिक एंट्री वायरल होती है, तो कभी डांस मूव्स इंटरनेट पर धूम मचा देते हैं. लेकिन इस बार जो वीडियो वायरल हुआ है, उसने सोशल मीडिया पर हंसी का माहौल बना दिया है. दरअसल, एक शादी में दूल्हा अपनी दुल्हन के सामने ऐसा डांस करता नजर आता है कि देखने वाले अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे. स्टेज पर खड़ी दुल्हन जहां बिल्कुल शालीन और शांत दिखाई देती है, वहीं दूल्हा पूरे आत्मविश्वास के साथ अजीबोगरीब डांस मूव्स करता नजर आता है. यूजर्स ने वीडियो देखकर लिखा  “मौत आ जाए लेकिन ऐसा कॉन्फिडेंस नहीं चाहिए.”

दुल्हन के सामने दूल्हे ने किया अजीब डांस

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक शादी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि दूल्हा पारंपरिक शेरवानी और साफा पहने हुए है और सामने दुल्हन लाल लहंगे में खड़ी है. चारों ओर रिश्तेदारों और मेहमानों की भीड़ लगी है. संगीत या जयमाला कार्यक्रम जैसा माहौल नजर आ रहा है. तभी अचानक दूल्हा दुल्हन के सामने डांस करने लगता है. वीडियो में मौजूद लोग, खासकर पीछे खड़ी महिलाएं, हंसी रोक नहीं पा रहीं. कोई मुंह पर हाथ रख रही है, तो कोई खुलकर ठहाके लगा रही है. दूल्हे का चेहरा देखकर लगता है कि वह पूरे कॉन्फिडेंस से अपनी “परफॉर्मेंस” दे रहा है, लेकिन दर्शकों के रिएक्शन इसे कॉमेडी शो बना देते हैं.


दूल्हे के स्टेप्स देख हंसी नहीं रोक पाए लोग

दूल्हे का डांस देखकर लग रहा है कि वह मजबूरी में या जबरदस्ती स्टेज पर उतारा गया हो. उसके स्टेप इतने अजीब और अनोखे हैं कि हंसी रोकना मुश्किल हो जाता है. एक पल के लिए वह कमर मटकाता है, फिर अचानक सिर हिलाते हुए झुककर अजीब मूव्स करता है. दुल्हन की तरफ देखकर वह कुछ बोलने की कोशिश करता है, लेकिन उसकी एक्सप्रेशन और हरकतें देख सब हंस पड़ते हैं.

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यूजर्स लेने लगे मजे

इंटरनेट पर लोगों ने इस वीडियो को हाथों-हाथ लिया है. किसी ने लिखा  “भाई का डांस नहीं, आत्मविश्वास वायरल है.” वहीं एक यूजर ने कमेंट किया “दूल्हा मजबूर है, लेकिन स्टाइल में है.” एक और यूजर ने मजाक करते हुए लिखा.. “ऐसा कॉन्फिडेंस स्कूल की प्रेजेंटेशन में होता तो आज जिंदगी कुछ और होती.” कुछ यूजर्स ने लिखा…मौत आ जाए लेकिन ऐसा कॉन्फिंडेंस न आए. वीडियो को mr.nadan_parinda नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

यह भी पढ़ें: भोजपुरी गाने पर छोटे-से बच्चे ने किया ऐसा डांस कि गोरी-चिट्टी भाभी भी मान लेगी हार, गर्दा उड़ा रहा यह वायरल वीडियो


इंजीनियर, रिटेल से लेकर डिजाइनर तक… इस देश में हर फील्ड में बढ़ीं नौकरियां; लाखों में सैलरी

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कुवैत, जो कभी सिर्फ तेल और ऊर्जा के लिए जाना जाता था. अब तेजी से एक आधुनिक व्यवसायिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है. हाल में LinkedIn की एक रिपोर्ट ने यह साफ़ किया है कि यहां विदेशी पेशेवरों की मांग बहुत बढ़ गई है. खासकर ऐसे लोगों की जिनके पास बिजनेस, इंजीनियरिंग, शिक्षा और डिजिटल स्किल्स हैं. सरकार का न्यू कुवैत 2035 विजन इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है.

कुवैत सरकार ने देश को तेल पर निर्भरता से आगे बढ़ाकर एक स्थायी और विविध अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है. इस विज़न के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी, शिक्षा और निजी निवेश पर ज़ोर दिया जा रहा है. इसी कारण अब कुवैत में न केवल तेल उद्योग, बल्कि कॉर्पोरेट, टेक्नोलॉजी, और शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा हो रहे हैं.

कुवैत में बढ़ती नौकरियां

कुवैत में अब हर क्षेत्र में विदेशी पेशेवरों की मांग देखी जा रही है. सबसे पहले बात करें बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की. यहां कंपनियां नए ऑफिस खोल रही हैं और उन्हें प्रबंधन में दक्ष लोगों की जरूरत है. ऐसे विशेषज्ञों को औसतन 400 कुवैती दिनार (लगभग ₹1.09 लाख) का वेतन मिल रहा है. 

  • रिटेल सेक्टर: रिटेल सेक्टर की बात करें तो मॉल मैनेजर अब एक लोकप्रिय पद बन चुका है. कुवैत और पड़ोसी देशों में शॉपिंग सेंटरों की संख्या बढ़ने से इस क्षेत्र में तेज़ी आई है. इनकी आमदनी करीब 500 दिनार (₹1.36 लाख) तक होती है.
  • शिक्षा क्षेत्र: शिक्षा क्षेत्र में भी विदेशी शिक्षकों के लिए नए अवसर खुले हैं. खासकर अंग्रेजी शिक्षक की मांग बढ़ी है, जिनका औसत वेतन 300 से 350 दिनार (₹95,000) तक है.
  • इंजीनियरिंग सेक्टर: इंजीनियरिंग सेक्टर की बात करें तो यह सबसे ज़्यादा भुगतान वाला क्षेत्र है. सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरों की ज़रूरत लगातार बनी हुई है. इन पेशेवरों को 600 से 750 दिनार (₹1.63 से ₹2.04 लाख) तक वेतन मिलता है.
  • अन्य नौकरी: इसके अलावा ग्राफिक डिजाइनर, एचआर विशेषज्ञ, फैक्ट्री सुपरवाइजर और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव जैसे पेशों की भी मांग लगातार बढ़ रही है. डिजिटल और औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के साथ ये नौकरियां स्थायी और आकर्षक दोनों बनती जा रही हैं.

विदेशी निवेश और नई अर्थव्यवस्था का प्रभाव

कुवैत में रोजगार के अवसरों में यह तेज़ी अचानक नहीं आई. इसके पीछे कई वजहें हैं विदेशी निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियां, निजी क्षेत्र का विस्तार और कुवैत विज़न 2035 के तहत नई औद्योगिक योजनाएं शामिल है. सरकार का लक्ष्य यह है कि देश का हर क्षेत्र शिक्षा से लेकर निर्माण और डिजिटल सेवाओं तक आत्मनिर्भर बने और स्थानीय युवाओं के साथ-साथ विदेशी विशेषज्ञों को भी समान अवसर मिले.

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कबाड़ से करोड़ों! सरकार की सफाई मुहिम ने तोड़ दिए कमाई के सारे रिकॉर्ड

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Government Scrap Earnings: भारत सरकार ने सिर्फ कबाड़ बेचकर करोड़ों रुपए की कमाई की हैं. केंद्र सरकार की ओर से पिछले महीने बड़े स्तर पर सफाई अभियान का आयोजन किया गया था. इस दौरान सरकार ने कबाड़ बेचकर करीब 800 करोड़ रुपए जुटाए.

यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि, सरकार की छोटी योजनाओं के बराबर की राशि केवल कबाड़ बेचकर प्राप्त हो गई. यह आंकड़ा चंद्रयान-3 के बजट से भी ज्यादा है, जिसकी लागत 615 करोड़ रुपए थी. न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार को इस सफाई अभियान से बंपर कमाई हुई हैं.

क्या कहती है रिपोर्ट?

न्यूज18 की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, साल 2021 में वार्षिक अभियान शुरु करने के बाद से केंद्र सरकार ने अब तक लगभग 4,100 करोड़ रुपए कबाड़ बेचकर कमाए हैं. अगर इस साल के आंकड़ों की बात करें तो, 2 से 31 अक्टूबर के बीच चले इस बड़े अभियान में रिकॉर्ड तोड़ सफाई की गई.

इस दौरान 232 लाख वर्ग फुट ऑफिस स्पेस खाली कराया गया और करीब 29 लाख पुरानी फाइलों को हटाया गया. यह अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान रहा, जिसमें 11.58 लाख से ज्यादा दफ्तरों ने एक्टिव होकर हिस्सा लिया.

आंकड़ों से समझे पूरा विषय

केंद्र सरकार की ओर से साल 2021 से 2025 के बीच पांच बड़े सफाई अभियानों का आयोजन किया गया. इन पांचों अभियानों के तहत कुल मिलाकर 23.62 लाख सरकारी दफ्तरों की सफाई की गई. साथ ही 928.84 लाख वर्ग फुट जगह खाली कराई गई और 166.95 लाख फाइलों को छांटा या बंद किया गया.

इस पूरे अभियान से सफाई को तो बढ़ावा मिला ही, साथ ही इन सरकारी दफ्तरों में लंबित मामलों को कम करने में भी मदद मिली. इन सब के साथ ही इससे सरकार का खजाना भी भर गया. सरकार को कुल 4,097.24 करोड़ रुपए की कमाई हुई. 

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