मुनीर को फुल पॉवर देने चले थे शहबाज, संविधान संशोधन के खिलाफ मचा बवाल, PAK में सड़कों पर उतरे ल

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पाकिस्तान में एक बड़े संवैधानिक बदलाव की तैयारी होते ही राजनीतिक माहौल गरम हो गया है. शहबाज शरीफ सरकार 27वें संविधान संशोधन को आगे बढ़ा रही है, जिसमें सेना प्रमुख को अभूतपूर्व शक्तियां देने और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका सीमित करने जैसे दूरगामी प्रावधान शामिल हैं. इसके विरोध में विपक्षी दल रविवार से देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यह संशोधन ‘पाकिस्तान के संविधान की बुनियाद हिला देगा.’

आर्मी चीफ को नई शक्तियां देने पर विवाद
सरकार जो 27वां संविधान संशोधन लाना चाहती है, उसके तहत एक नई पदवी चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाने का प्रस्ताव है. यह पद सेना प्रमुख के पास होगा. मौजूदा सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इस पद पर देश की तीनों सेनाओं आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के संवैधानिक प्रमुख बन जाएंगे.

विपक्ष का आरोप है कि इस कदम से सेना की राजनीतिक और संवैधानिक प्रभावशक्ति असामान्य रूप से बढ़ जाएगी. एक PTI नेता ने कहा, ‘संशोधन के बाद फील्ड मार्शल को आजीवन विशेषाधिकार मिलेंगे और उनके खिलाफ कभी भी कोई केस दर्ज नहीं हो सकेगा.’

सुप्रीम कोर्ट की शक्तियां कम करने का प्रस्ताव
संशोधन में एक फेडरल कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट (FCC) बनाने का प्रस्ताव है, जो संविधान की व्याख्या और संघ–प्रांत विवादों को सुलझाने जैसे सुप्रीम कोर्ट के कई अधिकार अपने हाथ में ले लेगी. इसके अलावा, उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और राष्ट्रपति को आजीवन आपराधिक मामलों से छूट देने की भी बात कही गई है. कई कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे सुप्रीम कोर्ट लगभग ‘अप्रासंगिक’ हो जाएगा और केवल सामान्य सिविल व क्रिमिनल अपीलों का कोर्ट रह जाएगा.

राजनीतिक माहौल में तल्खी बढ़ी
राजनीतिक विश्लेषक हबीब अकरम ने कहा कि यह संशोधन पाकिस्तान के राजनीतिक विवादों को अदालत की पहुंच से बाहर कर देगा और इससे देश में कड़वाहट बढ़ेगी. उन्होंने इसकी तुलना जनरल जिया-उल-हक़ के विवादित 8वें संशोधन से की. दूसरी ओर, विपक्षी नेता अबुजर सलमान नियाजी ने इसे ‘न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला’ बताया.

संसद में चर्चा शुरू, सरकार को बहुमत पर भरोसा
संसद के ऊपरी सदन (सीनेट) में सप्ताहांत से इस संशोधन पर औपचारिक चर्चा शुरू हो चुकी है. कानून मंत्री आजम नजीर तारड़ ने बिल पेश किया, जिसे आगे की समीक्षा के लिए कमेटी को भेज दिया गया है. सरकार को विश्वास है कि वह सीनेट में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत (64 सदस्यों) का समर्थन जुटा लेगी. संशोधन पास होने के बाद इसे नेशनल असेंबली में भी दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी.

देशभर में विपक्ष का प्रदर्शन शुरू
विपक्षी गठबंधन तहरीक-ए-तहफ्फुज-ए-आईन-ए-पाकिस्तान (TTAP) ने देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा कर दी है. इस गठबंधन में MWM, PTI, PkMAP, BNP-M और सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल शामिल हैं. MWM प्रमुख अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने कहा, ‘पाकिस्तान में लोकतांत्रिक संस्थाएं अपंग कर दी गई हैं. 27वें संशोधन के खिलाफ जनता को उठना होगा.’ PkMAP प्रमुख महमूद खान अचकजई ने कहा कि रविवार से पूरे देश में प्रदर्शन होंगे और नारे होंगे- ‘लोकतंत्र जिंदाबाद’ और ‘तानाशाही मुर्दाबाद’. उन्होंने राजनीतिक कैदियों की रिहाई की भी मांग की.

विशेषज्ञों की चेतावनी-‘यह न्यायपालिका का अंत जैसा’
कई वरिष्ठ वकीलों और रक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि प्रस्तावित संशोधन न्यायिक ढांचे को बदल देगा. एक वरिष्ठ वकील ने कहा कि नए सिस्टम में सुप्रीम कोर्ट ‘सुप्रीम डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ जैसा हो जाएगा, क्योंकि चुनाव समेत कई महत्वपूर्ण मामलों में अपीलें अब FCC में जाएंगी, न कि सुप्रीम कोर्ट में.

अगले कुछ दिन होंगे निर्णायक
संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजे जाने से पहले संसद के दोनों सदनों में पास होना जरूरी है. सरकार बिल को आगे बढ़ाने के लिए तेजी दिखा रही है, जबकि विपक्ष इसे रोकने के लिए देशव्यापी विरोध तेज कर रहा है. आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीति और भी तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है.

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सोशल मीडिया पर हर वक्त एक्टिव रहते हैं? तो सावधान! हैकर्स बस एक क्लिक में उड़ाएंगे आपका डेटा, बचने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट ट्रिक्स

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हैकर्स आपकी फोटो, लोकेशन या पोस्ट की डिटेल्स का इस्तेमाल कर नकली प्रोफाइल बना लेते हैं और फिर इन्हीं फेक अकाउंट्स से आपके दोस्तों या फॉलोअर्स से पैसे ठगते हैं, फिशिंग लिंक भेजते हैं या किसी भावनात्मक जाल में फंसाकर ठगी करते हैं.

हैकर्स आपकी फोटो, लोकेशन या पोस्ट की डिटेल्स का इस्तेमाल कर नकली प्रोफाइल बना लेते हैं और फिर इन्हीं फेक अकाउंट्स से आपके दोस्तों या फॉलोअर्स से पैसे ठगते हैं, फिशिंग लिंक भेजते हैं या किसी भावनात्मक जाल में फंसाकर ठगी करते हैं.

सोशल मीडिया पर सुरक्षा के लिए सबसे पहला कदम है अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को बदलना. अपने अकाउंट की सेटिंग में जाकर प्रोफाइल को ‘पब्लिक’ की जगह प्राइवेट करें ताकि केवल वही लोग आपकी पोस्ट्स देख सकें जिन्हें आप चाहते हैं. फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर Privacy Checkup या Off-Facebook Activity जैसे टूल्स का इस्तेमाल करें ताकि ऐप्स और गेम्स को आपके डेटा तक पहुंचने से रोका जा सके.

सोशल मीडिया पर सुरक्षा के लिए सबसे पहला कदम है अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को बदलना. अपने अकाउंट की सेटिंग में जाकर प्रोफाइल को ‘पब्लिक’ की जगह प्राइवेट करें ताकि केवल वही लोग आपकी पोस्ट्स देख सकें जिन्हें आप चाहते हैं. फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर Privacy Checkup या Off-Facebook Activity जैसे टूल्स का इस्तेमाल करें ताकि ऐप्स और गेम्स को आपके डेटा तक पहुंचने से रोका जा सके.

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कभी भी एक ही पासवर्ड कई अकाउंट्स पर इस्तेमाल न करें. हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड बनाएं जिसमें अक्षर, नंबर और विशेष चिन्हों का मिश्रण हो. पासवर्ड याद रखने में दिक्कत हो तो किसी विश्वसनीय पासवर्ड मैनेजर ऐप का इस्तेमाल करें.

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कभी भी एक ही पासवर्ड कई अकाउंट्स पर इस्तेमाल न करें. हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड बनाएं जिसमें अक्षर, नंबर और विशेष चिन्हों का मिश्रण हो. पासवर्ड याद रखने में दिक्कत हो तो किसी विश्वसनीय पासवर्ड मैनेजर ऐप का इस्तेमाल करें.

अपने अकाउंट को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर चालू करें. इससे हर लॉगिन पर एक अतिरिक्त कोड या डिवाइस की पुष्टि करनी होगी जो हैकर्स के लिए आपके अकाउंट तक पहुंचना मुश्किल बना देगा.

अपने अकाउंट को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर चालू करें. इससे हर लॉगिन पर एक अतिरिक्त कोड या डिवाइस की पुष्टि करनी होगी जो हैकर्स के लिए आपके अकाउंट तक पहुंचना मुश्किल बना देगा.

कई लोग पुराने या बेकार पड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स को यूं ही छोड़ देते हैं लेकिन यही अकाउंट साइबर अपराधियों के निशाने पर रहते हैं. ये हैक होकर जॉम्बी अकाउंट में बदल जाते हैं जिनका उपयोग फिशिंग या ठगी के लिए किया जा सकता है. इसलिए ऐसे अकाउंट्स को डिलीट करने से पहले जरूरी डेटा डाउनलोड कर लें और फिर हमेशा के लिए हटा दें.

कई लोग पुराने या बेकार पड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स को यूं ही छोड़ देते हैं लेकिन यही अकाउंट साइबर अपराधियों के निशाने पर रहते हैं. ये हैक होकर जॉम्बी अकाउंट में बदल जाते हैं जिनका उपयोग फिशिंग या ठगी के लिए किया जा सकता है. इसलिए ऐसे अकाउंट्स को डिलीट करने से पहले जरूरी डेटा डाउनलोड कर लें और फिर हमेशा के लिए हटा दें.

अगर आपको हर चीज सोशल मीडिया पर शेयर करने की आदत है तो अब वक्त है थोड़ा संयम बरतने का. निजी भावनाएं या रोजमर्रा के पल किसी सुरक्षित मैसेजिंग ऐप जैसे Signal पर भरोसेमंद दोस्तों के साथ साझा करें. अगर आप खुद को व्यक्त करना पसंद करते हैं तो ऑनलाइन पोस्ट करने की बजाय किसी डिजिटल डायरी ऐप या फोन के Notes ऐप में अपने विचार लिखें. याद रखें, कुछ लाइक्स या थोड़ी सी लोकप्रियता के लिए अपनी प्राइवेसी को खतरे में डालना समझदारी नहीं है.

अगर आपको हर चीज सोशल मीडिया पर शेयर करने की आदत है तो अब वक्त है थोड़ा संयम बरतने का. निजी भावनाएं या रोजमर्रा के पल किसी सुरक्षित मैसेजिंग ऐप जैसे Signal पर भरोसेमंद दोस्तों के साथ साझा करें. अगर आप खुद को व्यक्त करना पसंद करते हैं तो ऑनलाइन पोस्ट करने की बजाय किसी डिजिटल डायरी ऐप या फोन के Notes ऐप में अपने विचार लिखें. याद रखें, कुछ लाइक्स या थोड़ी सी लोकप्रियता के लिए अपनी प्राइवेसी को खतरे में डालना समझदारी नहीं है.

Published at : 09 Nov 2025 10:54 AM (IST)

टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी

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Palmistry: पुरुषों और महिलाओं के हस्तरेखा में क्या है अंतर? जानिए यहां हस्तरेखा विज्ञान से

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हस्तरेखा विज्ञान एक छद्म वैज्ञानिक पद्धति है जिसमें हथेली की रेखाओं और पर्वतों का अध्ययन करके किसी भी व्यक्ति के भविष्य, स्वभाव और भाग्य का अंदाजा लगाया जाता है. ऐसे में अब बात आती है कि पुरुष और महिलाओं के हस्तरेखा में क्या है अंतर. तो आइए जानते हैं विस्तार से.

हस्तरेखा विज्ञान एक छद्म वैज्ञानिक पद्धति है जिसमें हथेली की रेखाओं और पर्वतों का अध्ययन करके किसी भी व्यक्ति के भविष्य, स्वभाव और भाग्य का अंदाजा लगाया जाता है. ऐसे में अब बात आती है कि पुरुष और महिलाओं के हस्तरेखा में क्या है अंतर. तो आइए जानते हैं विस्तार से.

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार पुरुष और महिलाओं के हस्तरेखाओं में मुख्य अंतर यह है कि पुरुषों के भविष्य के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए उनका दाहिना हाथ पढ़ा जाता है, जबकि महिलाओं के लिए उनका बायां हाथ पढ़ा जाता है, क्योंकि यह उनके जीवन के अर्जित अनुभवों और वर्तमान को दर्शाता है. हालांकि, दोनों लिंगों के लिए दोनों हाथों का अध्ययन महत्वपूर्ण होता है.

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार पुरुष और महिलाओं के हस्तरेखाओं में मुख्य अंतर यह है कि पुरुषों के भविष्य के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए उनका दाहिना हाथ पढ़ा जाता है, जबकि महिलाओं के लिए उनका बायां हाथ पढ़ा जाता है, क्योंकि यह उनके जीवन के अर्जित अनुभवों और वर्तमान को दर्शाता है. हालांकि, दोनों लिंगों के लिए दोनों हाथों का अध्ययन महत्वपूर्ण होता है.

पुरुष का हाथ पढ़ने के लिए, दाहिने हाथ का उपयोग किया जाता है. दाहिने हाथ को पढ़कर व्यक्ति के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल की जाती है. उदाहरण के लिए, आमतौर पर पुरुषों के बड़े हाथ पृथ्वी से गहरे संबंध को दर्शाता है, काम और व्यापार पर बारीकियों से ध्यान देने का संकेत देते हैं, जबकि लंबी उंगलियां कुशल स्वभाव को दर्शाती हैं.

पुरुष का हाथ पढ़ने के लिए, दाहिने हाथ का उपयोग किया जाता है. दाहिने हाथ को पढ़कर व्यक्ति के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल की जाती है. उदाहरण के लिए, आमतौर पर पुरुषों के बड़े हाथ पृथ्वी से गहरे संबंध को दर्शाता है, काम और व्यापार पर बारीकियों से ध्यान देने का संकेत देते हैं, जबकि लंबी उंगलियां कुशल स्वभाव को दर्शाती हैं.

महिलाओं के व्यक्तिगत स्वभाव और कर्मों के बारे में पता लगाने के लिए बाएं हाथ को पढ़ा जाता है, महिलाओं के बाएं हाथ को उनके द्वारा जीवन में अर्जित अनुभवों, वर्तमान और भविष्य का सूचक माना जाता है.

महिलाओं के व्यक्तिगत स्वभाव और कर्मों के बारे में पता लगाने के लिए बाएं हाथ को पढ़ा जाता है, महिलाओं के बाएं हाथ को उनके द्वारा जीवन में अर्जित अनुभवों, वर्तमान और भविष्य का सूचक माना जाता है.

आजकल कई हस्तरेखा विशेषज्ञ पुरुषों और महिलाओं, दोनों के हाथों की तुलना करके अधिक सटीक भविष्यवाणी करते हैं, खासकर कामकाजी महिलाओं के मामले में, जो अपने कर्म से अपनी तकदीर बदल रही हैं.

आजकल कई हस्तरेखा विशेषज्ञ पुरुषों और महिलाओं, दोनों के हाथों की तुलना करके अधिक सटीक भविष्यवाणी करते हैं, खासकर कामकाजी महिलाओं के मामले में, जो अपने कर्म से अपनी तकदीर बदल रही हैं.

Published at : 09 Nov 2025 09:00 PM (IST)

धर्म फोटो गैलरी

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अहमदाबाद में होगा टी20 वर्ल्ड कप का पहला मैच, फाइनल का वेन्यू भी आया सामने! शेड्यूल पर अपडेट

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2026 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत और श्रीलंका करने वाले हैं. वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल, फाइनल और शुरुआती मैच को लेकर बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है. द इंडियन एक्स्प्रेस के मुताबिक विश्व कप का पहला मैच और आखिरी यानी फाइनल मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जाएंगे. वहीं एक सेमीफाइनल मैच की मेजबानी मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम को मिलेगी. बताया जा रहा है कि टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी-8 मार्च तक खेला जाएगा.

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम ने इससे पहले 2023 ODI वर्ल्ड कप के पहले और फाइनल मैच को होस्ट किया था. द इंडियन एक्स्प्रेस के अनुसार यदि भारत और पाकिस्तान के बीच सेमीफाइनल मैच खेला जाता है, तो उसे कोलंबो में करवाया जाएगा, जबकि दूसरा सेमीफाइनल मैच मुंबई में खेला जाएगा.

श्रीलंका वर्ल्ड कप सह-मेजबान है और दोनों देशों के कुल 7 मैदानों में वर्ल्ड कप के मैच खेले जाएंगे. भारत में होने वाले मैच चेन्नई, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और कोलकाता में खेले जा सकते हैं. वहीं श्रीलंका में होने वाले मैचों के लिए 3 मैदानों पर मुहर लग सकती है. रिपोर्ट अनुसार प्रेमदासा स्टेडियम, पल्लेकेले, वहीं डाम्बुला और हम्बनटोटा में से कोई एक मैदान चुना जा सकता है.

वॉर्म-अप मैचों के वेन्यू को लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है. संभावनाएं हैं कि बेंगलुरु को कुछ वॉर्म-अप मुकाबलों की मेजबानी दी जा सकती है. भारतीय टीम के मैच बड़े शहरों, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में करवाए जा सकते हैं. ICC अगले कुछ दिनों में वर्ल्ड कप का शेड्यूल घोषित कर सकता है.

इसी रिपोर्ट अनुसार BCCI के कुछ उच्च अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें फैसला लिया गया कि 2023 ODI वर्ल्ड कप की तुलना में इस बार विश्व कप के मैचों का आयोजन कम शहरों में करवाया जाए. टी20 वर्ल्ड कप में प्रत्येक मैदान को 6 मैच मिलने का अनुमान है.

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भारत से सीखा अब लंदन में झालमुड़ी बेच रहा विदेशी शख्स! खूब लग रही अंग्रेजों की भीड़- देखें वीडि

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कहते हैं भारत का स्वाद अगर एक बार किसी की ज़ुबान पर चढ़ जाए तो फिर दुनिया का कोई भी कोना उस दीवानगी को नहीं रोक सकता. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है जो भारत के देसी तड़के और कोलकाता के मशहूर स्ट्रीट फूड “झालमुड़ी” की लोकप्रियता को एक नए मुकाम पर ले गया है. वीडियो में एक विदेशी शख्स को देखा जा सकता है जो लंदन की सड़कों पर ठेले पर बैठकर झालमुड़ी बना रहा है. दिलचस्प बात यह है कि इस शख्स ने कोलकाता आकर खुद एक स्थानीय ठेलेवाले से झालमुड़ी बनाने की रेसिपी सीखी और फिर वापस लंदन जाकर उसी देसी अंदाज में अपनी दुकान खोल ली. उसने अपनी इस दुकान का नाम रखा है “Jhalmuri Express”, और अब वह ब्रिटेन में भारतीय स्ट्रीट फूड का ब्रांड एंबेसडर बन गया है.

कोलकाता से सीखी झालमुड़ी अब लंदन में बनाकर बेच रहा विदेशी शख्स

वीडियो में देखा जा सकता है कि यह विदेशी युवक बिल्कुल उसी अंदाज में झालमुड़ी बना रहा है जैसे कोलकाता के फुटपाथ पर कोई देसी भैया बनाते हैं. वो मुरमुरे, मूंगफली, प्याज, टमाटर, धनिया, हरी मिर्च और मसालों को डालकर तेजी से हाथ चलाते हुए झालमुड़ी तैयार करता है. आखिर में नींबू निचोड़कर वो इसे तैयार करता है. इस देसी टच ने लोगों का दिल जीत लिया है. वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया है और लोग कह रहे हैं “यह सिर्फ खाना नहीं, भारत का कल्चर है जो अब लंदन की सड़कों पर बिक रहा है.”


भारत यात्रा के दौरान सीखी रेसिपी

दावा किया जा रहा है कि यह विदेशी शख्स मूल रूप से ब्रिटेन का रहने वाला है और भारत की यात्रा के दौरान कोलकाता की गलियों में घूमते हुए उसे झालमुड़ी का स्वाद इतना भा गया कि उसने इसे अपना बिजनेस आइडिया बना लिया. उसने कोलकाता के एक फेमस झालमुड़ी वाले से पूरी रेसिपी सीखी. सिर्फ रेसिपी ही नहीं, बल्कि उसने भारतीय स्टाइल में ठेला सजाना, अखबार के कोन में झालमुड़ी परोसना और लोगों से देसी लहजे में बात करना भी सीख लिया.

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यूजर्स बोले, इस स्वाद की दुनिया दीवानी है

वीडियो को jhalmuriexpress नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ये भारत का स्वाद है, किसी को भी पसंद आ जाता है. एक और यूजर ने लिखा….इस स्वाद की तो पूरी दुनिया दीवानी है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भाई क्या बात है, जज्बा हो, तो इंसान कुछ भी कर सकता है.

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‘हक’ का जलवा बरकरार, ‘दीवानियत’ से पिछड़ी ‘जटाधरा’, देखें संडे किस फिल्म ने कितना कमाया

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बॉलीवुड से लेकर साउथ तक की कई फिल्में इस समय थिएटर्स में लगी हैं. महाक्लैश के बीच भी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए है. वहीं कई फिल्में कमाई के लिए जद्दोजहद करती दिखाई दे रही हैं. आइए जानते हैं संडे को बॉक्स ऑफिस पर किस फिल्म की धूम रही और कौन-सी फिल्म अपना दबदबा बनाने में नाकाम रही.

‘हक’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 3

  • यामी गौतम और इमरान हाशमी की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म ‘हक’ 7 नवंबर को रिलीज हुई है.
  • सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म ने दो दिनों मे 5.10 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था.
  • तीसरे दिन भी ‘हक’ अब तक (रात 8 बजे तक) 2.82 करोड़ रुपए का कारोबार कर चुकी है. 

Sunday Box Office Collection: 'हक' का जलवा बरकरार, 'दीवानियत' से पिछड़ी 'जटाधरा', देखें संडे किस फिल्म ने कितना कमाया

‘जटाधरा’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 3

  • सोनाक्षी सिन्हा और सुधीर बाबू स्टारर हॉरर फिल्म ‘जटाधरा’ भी 7 नवंबर को पर्दे पर आई थी. 
  • सैकनिल्क की मानें तो फिल्म दो दिनों में महज 2.14 करोड़ रुपए ही कमा पाई थी
  • अब तीसरे दिन भी ‘जटाधरा’ (रात 8 बजे तक) 70 लाख रुपए का कलेक्शन ही कर पाई है.

Sunday Box Office Collection: 'हक' का जलवा बरकरार, 'दीवानियत' से पिछड़ी 'जटाधरा', देखें संडे किस फिल्म ने कितना कमाया

‘द गर्लफ्रेंड’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 3

  • ‘द गर्लफ्रेंड’ भी 7 नवंबर को रिलीज हुई थी जिसमें रश्मिका मंदाना और दीक्षित शेट्टी लीड रोल में हैं.
  • सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म ने दो दिन में बॉक्स ऑफिस पर 3.85 करोड़ रुपए बटोरे थे.
  • अब तीसरे दिन (रात 8 बजे तक) ‘द गर्लफ्रेंड’ ने 2.18 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है.

Sunday Box Office Collection: 'हक' का जलवा बरकरार, 'दीवानियत' से पिछड़ी 'जटाधरा', देखें संडे किस फिल्म ने कितना कमाया

‘द ताज स्टोरी’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 10

  • ‘द ताज स्टोरी’ 10 दिन बाद भी बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों में कमा रही है.
  • परेश रावल स्टारर फिल्म ने 9 दिनों में 13.65 करोड़ रुपए का बिजनेस कर लिया था.
  • 10वें दिन भी ‘द ताज स्टोरी’ ने (रात 8 बजे तक) 1.6 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है.

Sunday Box Office Collection: 'हक' का जलवा बरकरार, 'दीवानियत' से पिछड़ी 'जटाधरा', देखें संडे किस फिल्म ने कितना कमाया

‘डाइस इरा’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 10

  • मलयालम फिल्म ‘डाइस इरा’ पहले दिन से बॉक्स ऑफिस पर छाई हुई है.
  • प्रणव मोहनलाल की फिल्म हर रोज बाकी फिल्मों के मुकाबले ज्यादा कलेक्शन कर रही है.
  • 9 दिनों में ‘डाइस इरा’ ने 31.95 करोड़ रुपए कमाए थे और अब 10वें दिन का कलेक्शन सामने आ गया है.
  • फिल्म ने अब तक (रात 8 बजे तक) 2.22 करोड़ रुपए कमा लिए हैं.

‘एक दीवाने की दीवानियत’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 31

  • ‘एक दीवाने की दीवानियत’ को रिलीज हुए अब 20 दिन हो चुके हैं लेकिन ये नई रिलीज फिल्मों से भी ज्यादा कमा रही है.
  • हर्षवर्धन राणे की फिल्म ने 19 दिनों में 73.45 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया था.
  • अब 20वें दिन भी ‘एक दीवाने की दीवानियत’ (रात 8 बजे तक) 1.22 करोड़ रुपए कमा चुकी है.

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बारिश में फंसी थी लकवाग्रस्त विदेशी महिला! भारतीय शख्स ने ऐसे की मदद- वीडियो वायरल

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कहते हैं, इंसानियत आज भी जिंदा है बस जरूरत है किसी एक ऐसे दिल की जो दूसरों का दर्द महसूस कर सके. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही हैं. वीडियो में एक पैरालाइज महिला बारिश में भीगती हुई, अपनी बेटी तक पहुंचने की कोशिश कर रही होती है. उसके कपड़े भीग चुके हैं, हाथ कांप रहे हैं, लेकिन चेहरा उम्मीद से भरा है. तभी एक अजनबी शख्स अपनी कार रोकता है, उतरता है और बिना कुछ पूछे उस महिला की मदद करता है. शख्स का मदद करने का अंदाज आपका दिल खुश कर देगा.

लकवाग्रस्त महिला को शख्स ने पहुंचाया घर

वीडियो में दिख रहा है कि बारिश के बीच सड़क पर एक महिला जमीन पर बैठी हुई है. उसके चेहरे पर थकान साफ झलकती है, लेकिन जब कार वाला शख्स उसे देखकर रुकता है तो उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान लौट आती है. वह महिला बताती है कि वह अपनी बेटी के पास जा रही थी, लेकिन रास्ते में बारिश ने उसे रोक दिया. फिर वह कहती है कि अब वो अपनी बेटी के गैराज में रहती है और उसके पास कुछ नहीं है, सिवाय प्यार के. उस पल को जिसने भी देखा, उसने यही कहा “यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे खूबसूरत सबक है.”


कार में बैठाया, तौलिया दिया और खास अंदाज में की मदद

बहरहाल, शख्स उसे अपनी कार में बैठाता है, ड्राई सीट पर तौलिया रखता है और उसे सुरक्षित घर तक पहुंचाता है. इसी खूबसूरत इंसानियत के पल ने इंटरनेट पर तूफान मचा दिया है. वीडियो देखकर अब नेटिजंस अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं जिन्हें पढ़कर आपका भी दिन बन जाएगा. वीडियो शेयर करते हुए शख्स ने लिखा…मैंने एक लकवाग्रस्त महिला को बारिश में संघर्ष करते देखा, बस अपनी बेटी तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी. उसने सब कुछ छोड़ दिया था, अब अपनी बेटी के गैराज में रह रही थी, उसके दिल में बस प्यार था. मैं रुका और उसे लिफ्ट दी. यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह सुरक्षित घर पहुंच जाए. कभी-कभी, दयालुता ही एक पल या एक जीवन बदलने के लिए काफी होती है.”

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यूजर्स जमकर कर रहे तारीफ

वीडियो को flexnoahh नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ग्रेट वर्क किया है मेरे भाई आपने. एक और यूजर ने लिखा…इंसानियत की सांसे कुछ लोग संभाले हुए हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भाई ने आज बहुत पुण्य का काम किया है.

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NCLT ने दी बड़ी मंजूरी! मारुति सुजुकी इंडिया में इस ऑटो कंपनी का होगा विलय

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Key points generated by AI, verified by newsroom

Maruti Suzuki Merger: देश की दिग्गज कार निर्माता कंपनी मारुति इंडिया के साथ सुजुकी मोटर गुजरात के मर्जर को लेकर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने अनुमति दे दी है. एनसीएलटी की दिल्ली स्थित प्रिंसिपल बेंच ने दोनों कंपनियों की संयुक्त याचिका को मंजूर किया है.

यह मर्जर शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. एनसीएलटी के आदेश के अनुसार, यह मर्जर 1 अप्रैल 2025 से लागू मानी जाएगी. मर्जर के बाद से ही सुजुकी मोटर गुजरात कंपनी के कर्मचारी नई कंपनी के पेरोल पर है. जिससे उन्हें किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा

एनसीएलटी ने क्या कहा?

एनसीएलटी ने सुजुकी मोटर गुजरात और मारुति सुजुकी के मर्जर को मंजूरी देते हुए कहा कि, यह मर्जर स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू मानी जाएगी. इसका मतलब है कि, अब सुजुकी मोटर गुजरात को अलग से बंद करने या लिक्विडेशन से नहीं गुजरना होगा. इस फैसले का सीधा असर कंपनी के संचालन और प्रबंधन को एकीकृत करने में होगा. यानि कि, कंपनी के कामकाज और भी आसानी से चल सकेंगे.

इसके साथ ही, एनसीएलटी ने यह भी बताया कि, इस मर्जर को लेकर किसी भी सरकारी या नियामक संस्था ने कोई आपत्ति नहीं जताई हैं. आयकर विभाग, आरबीआई, सेबी, बीएसई और एनएसई जैसी सभी संस्थाओं ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी है. इन सभी सरकारी संस्थाओं की मंजूरी के बाद अब यह विलय औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा, जिससे मारुति सुजुकी को भारत में अपने उत्पादन और रणनीति को एक साथ मजबूत करने में मदद मिलेगी.

सुजुकी मोटर का क्या है प्लान?

सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन हेड तोशीहिरो सुजुकी ने अगस्त महीने में बड़े निवेश की घोषणा की थी. उन्होंने बताया था कि, भारत में कंपनी अपने परिचालन को मजबूत करने के उद्देश्य से करीब 70,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी. यह निवेश आने वाले 5 से 6 सालों में करने की योजना है. सुजुकी मोटर के भारत में निवेश से लगभग 11 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बने हैं. 

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क्या है GPS Spoofing टेक्नोलॉजी जिसने 800 फ्लाइट्स पर डाला असर, जानिए क्यों खड़ा हो गया बड़ा खत

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GPS Spoofing: 7 नवंबर 2025 की शाम दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर तकनीकी खराबी के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम प्रभावित हो गया. इस गड़बड़ी की वजह से 800 से अधिक उड़ानों में देरी और रद्दीकरण देखने को मिला जिससे देशभर के हवाई मार्गों पर असर पड़ा. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में दिल्ली एयरपोर्ट पर कई बार GPS Spoofing की घटनाएं सामने आईं जो इस समस्या की एक बड़ी वजह बनीं.

आखिर क्या है GPS Spoofing?

साइबर सुरक्षा कंपनी McAfee के मुताबिक, GPS Spoofing एक ऐसी साइबर तकनीक है जिसमें GPS रिसीवर को धोखे में रखकर झूठे लोकेशन सिग्नल भेजे जाते हैं. इसका मतलब यह है कि डिवाइस को ऐसा महसूस कराया जाता है जैसे वह किसी दूसरी जगह पर मौजूद हो जबकि वास्तव में वह कहीं और होता है.

यह हमला GPS डेटा की सटीकता पर सीधा असर डालता है जो नेविगेशन, ट्रैकिंग, टाइम सिंक्रोनाइजेशन और एविएशन जैसी कई तकनीकों के लिए बेहद अहम है. पहले यह तकनीक सीमित थी लेकिन अब कम लागत वाले हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की उपलब्धता ने इसे एक गंभीर साइबर खतरा बना दिया है.

फ्लाइट्स पर पड़ा भारी असर

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने बताया कि तकनीकी समस्या को ठीक कर लिया गया है लेकिन फ्लाइट बैकलॉग की वजह से संचालन सामान्य होने में समय लगेगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्वी हवाओं के कारण रनवे की दिशा बदलनी पड़ी विमानों को द्वारका की तरफ से लैंडिंग और वसंत कुंज की तरफ से टेकऑफ करना पड़ा. इससे दिल्ली के ऊपर हवाई जाम की स्थिति बन गई.

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, बीते हफ्ते कई एयरलाइनों ने दिल्ली के ऊपर उड़ान भरते समय फर्जी नेविगेशन डेटा और गलत लोकेशन अलर्ट जैसी घटनाओं की शिकायत की. इस मामले की जांच अब DGCA (Directorate General of Civil Aviation) कर रही है.

क्या अब ATC सिस्टम को अपग्रेड करने का वक्त आ गया है?

ऑगस्ट 2025 में संसद की स्थायी परिवहन समिति ने भारत के ATC ऑटोमेशन सिस्टम की तुरंत समीक्षा और अपग्रेडेशन की सिफारिश की थी. News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समिति ने चेतावनी दी थी कि पुरानी तकनीक का इस्तेमाल देश के हाई-ट्रैफिक एयरपोर्ट्स जैसे दिल्ली और मुंबई में सुरक्षा और संचालन दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.

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दुश्मन की नजर से बचकर करेगी न्यूक्लियर अटैक… अमेरिका की नई LRSO मिसाइल की सामने आई तस्वीर

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अमेरिका की नई AGM-181 LRSO मिसाइल इन दिनों चर्चा में है. इसे पेंटागन गुप्त रख रहा था, लेकिन कैलिफोर्निया में एक प्लेनस्पॉटर ने पहली बार इसकी तस्वीर ली. यह मिसाइल दूर से न्यूक्लियर हमला करने में सक्षम है और पुरानी AGM-86B को बदलने जा रही है. स्टेल्थ तकनीक से बनी यह मिसाइल दुश्मन की नजर से बचकर चुपचाप वार कर सकती है, जो इसे बेहद खास बनाती है.

LRSO में क्या है खास?
AGM-181 LRSO एक एयर-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल है, जिसे लंबी दूरी से हमला करने के लिए तैयार किया गया है. यह न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाती है, यानी लड़ाकू विमान को लक्ष्य के पास ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती. मिसाइल खुद दुश्मन के भीतर गहराई तक जाकर हमला कर सकती है और इस पूरी प्रक्रिया में बमवर्षक विमान बिल्कुल सुरक्षित रहता है.

स्टेल्थ तकनीक-रडार को धोखा देने की क्षमता
LRSO को इस तरह डिजाइन किया गया है कि रडार इसे आसानी से पकड़ न सके. इसकी बॉडी का रडार सिग्नल बहुत कम है, पंख उड़ान के दौरान खुलते हैं और नीचे की तरफ एक वर्टिकल टेल लगाया गया है जो रडार पर इसकी छवि को और भी कम कर देता है. इस वजह से यह मिसाइल दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंच सकती है.

आकार, रेंज और तकनीकी क्षमता
यह मिसाइल लगभग 6.4 मीटर लंबी और 0.62 मीटर चौड़ी है, आकार में एक छोटी कार जितनी. वजन लगभग 1,360 किलो है, जो पुरानी AGM-86 मिसाइल के बराबर है. इसकी रेंज 2,500 किलोमीटर से भी अधिक है- इतना कि यह एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक हमले की क्षमता रखती है. यह मिसाइल सबसोनिक गति, यानी लगभग 850 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ती है और W80-4 न्यूक्लियर वॉरहेड ले सकती है, जिसकी शक्ति 5 से 150 किलोटन तक बदली जा सकती है. 150 किलोटन पर यह हीरोशिमा बम से लगभग 10 गुना अधिक ताकतवर हमला कर सकती है. मार्गदर्शन के लिए इसमें इनर्शियल सिस्टम के साथ GPS और TERCOM का इस्तेमाल होता है, जिससे यह रास्ता बदलते हुए भी लक्ष्य पर सटीक प्रहार कर सकती है.

तस्वीर लीक होने के बाद पहली बार दिखी मिसाइल
जून 2025 में LRSO की पहली तस्वीर सामने आई, जिसमें यह B-52 बॉम्बर के नीचे लटकी दिख रही थी. यह तस्वीर कैलिफोर्निया में एक प्लेनस्पॉटर ने खींची थी. इसके बाद पहली बार लोग इस मिसाइल का वास्तविक रूप देख पाए, क्योंकि पेंटागन इसे अब तक बेहद गोपनीय रख रहा था.

कब होगी युद्ध के लिए तैयार?
यह मिसाइल अभी परीक्षण चरण में है और उम्मीद है कि 2030 तक पूरी तरह सेवा में शामिल हो जाएगी. शुरुआत में इसे B-52 बॉम्बर से लॉन्च किया जाएगा और बाद में यह अमेरिका के नए स्टेल्थ बॉम्बर B-21 Raider पर भी तैनात होगी. ट्रंप सरकार के समय इसके विकास को गति मिली थी और इसका पहला कॉन्ट्रैक्ट 2020 में रिथियन कंपनी को मिला था.

रूस और चीन के लिए बड़ा संदेश
अमेरिका इस मिसाइल को अपने न्यूक्लियर डिटरेंस को मज़बूत करने के साधन के रूप में देख रहा है. पेंटागन के अनुसार LRSO रूस और चीन की बढ़ती मिसाइल क्षमता का मजबूत जवाब है. यह न सिर्फ अमेरिका की रणनीतिक ताकत बढ़ाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि किसी भी हमले का जवाब देने के लिए अमेरिका हर समय तैयार है.

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