उत्तर प्रदेश में खुला महिलाओं के लिए सुनहरा मौका, आंगनवाड़ी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी; जानिए पूर

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उत्तर प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए खुशखबरी आई है. राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. यह भर्ती बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तहत की जा रही है. जिन महिला अभ्यर्थियों का सपना अपने ही गांव या कस्बे में रहकर बच्चों और माताओं की सेवा करने का है, उनके लिए यह सुनहरा अवसर है.

कौन कर सकता है आवेदन

भर्ती के लिए केवल महिला उम्मीदवारों को ही मौका दिया गया है. आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी के पास भारत के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल या संस्थान से कम से कम 12वीं पास (इंटरमीडिएट) की डिग्री होना जरूरी है. आवेदिका की उम्र 18 से 35 साल के बीच होनी चाहिए. आयु की गणना 17 सितंबर, 2025 के आधार पर की जाएगी.

कितनी मिलेगी सैलरी

चयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 4,500 रुपये मानदेय के रूप में दिए जाएंगे. भले ही यह रकम बहुत अधिक न लगे, लेकिन ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

आवेदन करने से पहले ध्यान रखें ये बातें

आवेदन केवल उसी ग्राम पंचायत या वार्ड की महिला कर सकती है, जहां के लिए विज्ञापन जारी हुआ है. एक ही आंगनवाड़ी केंद्र पर एक परिवार की दो महिलाओं की नियुक्ति नहीं की जाएगी. आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सभी जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी तैयार रखनी होगी.

20 नवंबर तक करें आवेदन

भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक महिलाएं 20 नवंबर, 2025 तक आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाकर आवेदन कर सकती हैं. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी. ज्यादा डिटेल्स के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट की मदद ले सकते हैं.

कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

  • आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले upanganwadibharti.in वेबसाइट पर जाएं.
  • इसके बाद उम्मीदवार होमपेज पर मौजूद “लेटेस्ट लिंक सेक्शन” पर क्लिक करें.
  • वहां दिखाई देने वाले ‘Anganwadi Worker Registration’ लिंक पर क्लिक करें.
  • अब खुलने वाले फॉर्म में अपना पूरा नाम, पिता का नाम, जिला और मोबाइल नंबर दर्ज करें.
  • इसके बाद अपनी शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी भरें.
  • सभी डिटेल्स भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें और उसका प्रिंटआउट निकाल लें.

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तैयार हो जाएं निवेशक! 1 शेयर पर 90 रुपये दे रही यह कंपनी, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते

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Dividend Alert: फार्मिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनी बायर क्रॉपसाइंस लिमिटेड (Bayer CropScience Ltd) अपने निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा दिलाने जा रही हैं. कारोबारी साल 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 12.3 परसेंट बढ़ा है इसलिए अब कंपनी अपने निवेशकों के लिए प्रति शेयर 90 रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया है. कंपनी ने इसके लिए रिकॉर्ड डेट का भी ऐलान कर दिया है.

दूसरी तिमाही में कमाया शानदार मुनाफा 

30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट एक साल पहले के 136.3 करोड़ से बढ़कर 152.7 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि, रेवेन्यू एक साल पहले के 1738.2 करोड़ से 10.6 परसेंट घटकर 1553.4 करोड़ रुपये रह गया. EBITDA भी 11.4 परसेंट बढ़कर 204.9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि मार्जिन एक साल पहले के 10.59 परसेंट से बढ़कर 13.19 परसेंट हो गया. 

कब है रिकॉर्ड डेट? 

कंपनी के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर साइमन वीबुश ने कहा कि इस तिमाही हुई अधिक बारिश की वजह से खेती-बाड़ी से जुड़े काम और फसलों की बिक्री प्रभावित हुई है, लेकिन मजबूत संकर किस्मों और अनुकूल बाजार गतिशीलता के कारण मक्का बीज व्यवसाय ने अपनी विकास गति जारी रखी.

इस बीच, कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 90 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया है. इसमें लगभग 4045 मिलियन के बराबर खर्च आएगा. कंपनी ने एक्सचेंज को दी गई सूचना में कहा कि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 14 नवंबर, 2025 है और इसका भुगतान 3 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा.

कंपनी के शेयरों का हाल 

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कंपनी के शेयर 3.42 परसेंट की गिरावट के साथ 4595.35 के लेवल पर बंद हुए थे. 20652 करोड़ मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयरों ने बीते तीन महीने में 19 परसेंट की गिरावट दर्ज की है. वहीं, एक साल में शेयरों की कीमत में 30 परसेंट तक की गिरावट आई है. इसके 52- हफ्ते का हाई लेवल 6728.35 रुपये और 52- हफ्ते का लो लेवल 4222.05 रुपये है.  

 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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जापान में फिर भयानक भूकंप, 6.7 की तीव्रता के बाद सुनामी का अलर्ट; हजारों घर कराए गए खाली

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Key points generated by AI, verified by newsroom

जापान में एक बार फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. जापान में रविवार शाम पांच बजकर तीन मिनट पर 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद इवाते प्रांत में सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है.

जापानी मीडिया के अनुसार, रविवार शाम को तट पर आए 6.7 तीव्रता के भूकंप के बाद इवाते में सुनामी की चेतावनी जारी की गई.

2800 से ज्यादा घरों को कराया गया खाली

जानकारी के अनुसार, इवाते प्रांत के ओफुनाटो शहर में तटीय क्षेत्रों के 2,825 घरों को खाली करने का आदेश दिया गया है. इसके साथ ही इन घरों में रहने वाले 6,138 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश जारी किया है.

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, शाम 5:39 बजे इवाते के ओफुनाटो बंदरगाह में 10 सेंटीमीटर की सुनामी देखी गई. शाम 5:12 बजे इवाते के तट से 70 किलोमीटर दूर एक कमजोर सुनामी देखी गई.

एक मीटर तक लहरों की आशंका

जापान में सुनामी संबंधी चेतावनी में 1 मीटर तक की लहरों की आशंका है. वहीं मोरियोका शहर और इवाते के याहाबा कस्बे के साथ-साथ पड़ोसी मियागी प्रान्त के वाकुया कस्बे में इस भूकंप की तीव्रता 4 मापी गई.

पूर्वी जापान रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया कि तोहोकू शिंकानसेन में कुछ समय के लिए बिजली नहीं रहेगी. इसकी वजह से सेंडाइ और शिन-आओमोरी स्टेशनों के बीच परिचालन स्थगित कर दिया गया है. इससे पहले 5 अक्टूबर को जापान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 मापी गई थी. इसका केंद्र जमीन के अंदर 50 किलोमीटर की गहराई में था.

साल 2011 में आया था 9.0 तीव्रता का भूकंप

यह इलाका साल 2011 की भीषण समुद्री आपदा की यादों से अभी भी उबर नहीं पाया है. उस समय जापान के इस इलाके में 9.0 की जोरदार तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने विशाल सुनामी को जन्म दिया था. उस भयानक प्राकृतिक आपदा में करीब 18,500 लोग मारे गए और लापता हो गए थे.

जापान में आया वही आपदा फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट में तीन रिएक्टरों के मेल्टडाउन का कारण भी बना था, जो जापान की सबसे बड़ी युद्ध के बाद की त्रासदी और चेर्नोबिल के बाद दुनिया की सबसे भयंकर परमाणु दुर्घटना थी.

रिंग ऑफ फायर के पश्चिमी तट पर स्थित जापान

जापान धरती के चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है, जो प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर के पश्चिमी किनारे पर है और जापान दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों में से एक है. जापान एक द्वीपीय देश है, जहां हर साल 1,500 से ज्यादा भूकंप के तीव्र और जोरदार झटके महसूस किए जाते हैं. इनसे से ज्यादातर भूकंप के झटके हल्के होते हैं, हालांकि नुकसान की गंभीरता भूकंप के केंद्र और उसकी गहराई पर निर्भर करती है.

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बच्चों की सुरक्षा के लिए पहनाया जाता है चांदी का चेन, जानें इस रहस्य को

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हिंदू धर्म में यह आम परंपरा है कि नवजात से लेकर छोटे बच्चों तक को चांदी के आभूषण पहनाए जाते हैं.  चांदी की चेन, पायल या माला शुभ माना जाता है. इसका ज्योतिषशास्त्र और धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है. यही कारण है कि अन्नप्राशन के समय भी बच्चों को चांदी के बर्तन में पहला अन्न खिलाया जाता है.

हिंदू धर्म में यह आम परंपरा है कि नवजात से लेकर छोटे बच्चों तक को चांदी के आभूषण पहनाए जाते हैं. चांदी की चेन, पायल या माला शुभ माना जाता है. इसका ज्योतिषशास्त्र और धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है. यही कारण है कि अन्नप्राशन के समय भी बच्चों को चांदी के बर्तन में पहला अन्न खिलाया जाता है.

चांदी को एक ऊर्जावान और शुद्ध धातु माना गया है. इसमें ऐसी ऊर्जा होती है जो नकारात्मक प्रभावों को दूर रखती है. इस से बच्चे बाहरी नकारात्मकता और नजर दोष से सुरक्षित रहते हैं.

चांदी को एक ऊर्जावान और शुद्ध धातु माना गया है. इसमें ऐसी ऊर्जा होती है जो नकारात्मक प्रभावों को दूर रखती है. इस से बच्चे बाहरी नकारात्मकता और नजर दोष से सुरक्षित रहते हैं.

जन्म के बाद बच्चे सबसे अधिक नकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित होते हैं. इसी कारण उन्हें काला धागा या चांदी की चेन पहनाई जाती है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, चांदी की चेन पहनाने से बच्चे पर बुरी नजर नहीं लगती और उसका मन शांत रहता है. यह शुभता और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है.

जन्म के बाद बच्चे सबसे अधिक नकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित होते हैं. इसी कारण उन्हें काला धागा या चांदी की चेन पहनाई जाती है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, चांदी की चेन पहनाने से बच्चे पर बुरी नजर नहीं लगती और उसका मन शांत रहता है. यह शुभता और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है.

चांदी की ऊर्जा मन और मस्तिष्क पर सीधा असर डालती है. चांदी का माला पहनने से बच्चे का दिमाग शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है. इससे उसकी समझ और बुद्धि का विकास होता है.

चांदी की ऊर्जा मन और मस्तिष्क पर सीधा असर डालती है. चांदी का माला पहनने से बच्चे का दिमाग शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है. इससे उसकी समझ और बुद्धि का विकास होता है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से होता है. दोनों ही ग्रह मन, सौंदर्य और भावनाओं के प्रतीक हैं. जन्म के पहले 12 वर्षों तक बच्चा चंद्रमा के प्रभाव में रहता है. इसी कारण चांदी धारण करने से चंद्र दोष शांत रहता है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से होता है. दोनों ही ग्रह मन, सौंदर्य और भावनाओं के प्रतीक हैं. जन्म के पहले 12 वर्षों तक बच्चा चंद्रमा के प्रभाव में रहता है. इसी कारण चांदी धारण करने से चंद्र दोष शांत रहता है.

इसका वैज्ञानिक कारण भी है. चांदी में स्वाभाविक रूप से ठंडक देने और रोगाणु नष्ट करने के गुण होते हैं. यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखती है और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है.

इसका वैज्ञानिक कारण भी है. चांदी में स्वाभाविक रूप से ठंडक देने और रोगाणु नष्ट करने के गुण होते हैं. यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखती है और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है.

माना जाता है कि सही समय और उचित विधि से चांदी पहनाई जाए, तो यह बच्चे के जीवन में शुभता और सुरक्षा का प्रतीक बन जाती है.

माना जाता है कि सही समय और उचित विधि से चांदी पहनाई जाए, तो यह बच्चे के जीवन में शुभता और सुरक्षा का प्रतीक बन जाती है.

Published at : 09 Nov 2025 09:55 PM (IST)

धर्म फोटो गैलरी

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रवींद्र जडेजा और दूसरा कौन? संजू सैमसन के बदले CSK को देने होंगे 2 खिलाड़ी; ट्रेड डील पर अपडेट

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संजू सैमसन के ट्रेड की खबरों ने फिर से जोर पकड़ना शुरू कर दिया है. सैमसन का IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलना लगभग तय लग रहा है. ईएसपीएन क्रिकइन्फो की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि संजू सैमसन के बदले CSK रवींद्र जडेजा और सैम कर्रन के रूप में दो ऑलराउंडर खिलाड़ियों को RR के साथ ट्रेड कर सकती है. अगर यह ट्रेड सफल रहता है तो जडेजा 17 साल बाद RR टीम में वापसी कर रहे होंगे.

ईएसपीएन क्रिकइन्फो के मुताबिक चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स टीम के अधिकारियों ने रवींद्र जडेजा, संजू सैमसन और सैम कर्रन से भी इस संबंध में बात की है. डील लगभग पक्की लग रही है, लेकिन किसी भी फ्रैंचाइजी ने ट्रेड को लेकर कोई पुष्टि नहीं की है.

राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स यदि इस ट्रेड को ऑफिशियल करना चाहते हैं, तो उन्हें तीनों खिलाड़ियों के बारे में IPL की गर्वनिंग काउंसिल की जानकारी देनी होगी. ट्रेडिंग के नियमानुसार एक बार खिलाड़ियों की तरफ से लिखित सहमति मिलने के बाद फ्रैंचाइजी फाइनल एग्रीमेंट की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती हैं.

सैमसन और जडेजा लंबे समय से क्रमशः राजस्थान रॉयल्स और CSK से जुड़े रहे हैं. सैमसन ने राजस्थान टीम में 11 साल बिताए हैं, जबकि जडेजा 12 सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेले हैं. सैमसन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वो राजस्थान रॉयल्स टीम छोड़ना चाहते हैं.

जडेजा ने अपने विशाल IPL करियर में 254 मैच खेले हैं. वो सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में सिर्फ विराट कोहली, एमएस धोनी, रोहित शर्मा और दिनेश कार्तिक से पीछे हैं. CSK के लिए उन्होंने 143 विकेट लिए हैं, जो सबसे ज्यादा हैं. उन्हें IPL 2022 सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स का कप्तान भी बनाया गया था, लेकिन सीजन में टीम की खराब शुरुआत के बाद उन्होंने कप्तानी वापस धोनी के हाथों में सौंप दी थी.

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71 साल की रेखा पर क्यों नहीं दिखता उम्र का असर? जानें सीक्रेट

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बॉलीवुड एक्ट्रेस रेखा हमेशा से अपनी खूबसूरती से फैंस का दिल जीतती आई हैं. चाहे फिल्में हों, पेज थ्री पार्टी हो या फिर कोई इवेंट, रेखा की मौजूदगी हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच ही लेती है. उनकी बढ़ती उम्र उनके चेहरे की चमक को अब भी फीका नहीं कर पाई है. रेखा ने अपनी ख़ूबसूरती का राज कॉमेडी शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में खोला.

शो के वीडियो में रेखा कहती हुई नजर आ रही हैं, ”मुझे सब चीजों से प्यार है. मुझे अपने काम से प्यार है. मुझे अपने दोस्तों से प्यार है. मुझे दुनिया से प्यार है और मुझे नेचर से प्यार है. मुझे हर एक चीज से प्यार है, लेकिन सबसे जरूरी चीज है अपने आप से प्यार करना. मुझे खुद से प्यार है.” शो का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है.


रेखा खुद को फिट रखने के लिए क्या-क्या करती हैं?

इससे पहले एक इंटरव्यू में रेखा ने कहा था कि वह रोज सुबह उठकर वर्कआउट और मेडिटेशन करती है. उन्होंने बताया था कि वह जिम को फिट रहने का जरिया नहीं मानती, क्योंकि फिट रहने के लिए डांस, बागवानी और घरेलू काम जरूरी है, जो एक तरह का व्यायाम है.

इसके अलावा उन्होंने नींद पूरी करने पर भी जोर दिया था ताकि चेहरे पर ताजगी और ग्लो बना रहे.

खाने-पीने का खास ख्याल रखती हैं रेखा

रेखा अपने खाने-पीने का भी विशेष ध्यान रखती है. वह फलों का जूस और नारियल पानी पीती है. उन्होंने इंटरव्यू में बताया था कि वह तकरीबन 12 ग्लास पानी पीती है ताकि बॉडी और स्किन दोनों डिटॉक्स रहें.

वह तली-भुनी चीजों और ओवरकुक खाने से दूर रहती हैं. वह रोजाना रात 8 बजे डिनर कर लेती है ताकि बॉडी रिलैक्स रहे.

इसके अलावा, रेखा आयुर्वेद के पुराने तरीकों को आजमाती हैं. वह अरोमा थेरेपी और आयुर्वेदिक स्पा ट्रीटमेंट लेती हैं. बालों के लिए वह नेचुरल फेसपैक पर विश्वास करती हैं, जिसके लिए वह आंवला, शिकाकाई, मेथी और नारियल का तेल लगाती हैं.



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‘मोहम्मद यूनुस ने क्लिंटन के साथ रची थी साजिश’, बांग्लादेश में तख्तापलट पर शेख हसीना के करीबी क

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी और पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने बड़ा दावा किया है. Russia Today को दिए इंटरव्यू में चौधरी ने आरोप लगाया कि 2024 में शेख हसीना की सत्ता से विदाई के पीछे अमेरिकी मानवीय एजेंसी USAID और क्लिंटन परिवार का हाथ था. उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस और अमेरिका के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं. हालांकि, अमेरिका इन आरोपों को पहले ही ‘हास्यास्पद’ कहकर खारिज कर चुका है.

USAID और NGOs पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप
चौधरी ने दावा किया कि अमेरिकी एजेंसियों और कुछ एनजीओ ने 2018 से ही हसीना सरकार के खिलाफ अभियान चलाया. उन्होंने कहा, ‘कुछ अमेरिकी एनजीओ, खासकर USAID और इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट, लंबे समय से हमारी सरकार पर निशाना साध रहे थे.’ उन्होंने आरोप लगाया कि USAID की करोड़ों डॉलर की फंडिंग गायब हो गई और इस पैसे का इस्तेमाल ‘रेजीम चेंज गतिविधियों’ के लिए किया गया. उनके अनुसार, ‘इस फंडिंग से बांग्लादेश में जो अराजकता फैली, वह योजनाबद्ध थी और धीरे-धीरे बड़े दंगे में बदल गई.’

हसीना का पुराना आरोप -‘यूनुस ने देश अमेरिका को बेच दिया’
पूर्व पीएम हसीना ने भी इससे पहले मोहम्मद यूनुस पर अमेरिका के हित में काम करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान ने अमेरिका को सेंट मार्टिन द्वीप देने से इनकार कर दिया था, इसी वजह से दबाव बनाए जा रहा है. अमेरिका ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और कहा कि उनका बांग्लादेश संकट से कोई लेना-देना नहीं है.

5 अगस्त 2024 को देश छोड़कर भागीं थीं शेख हसीना
चौधरी ने बताया कि 2024 में जिस तरह हसीना सरकार गिरी, वह अचानक नहीं, बल्कि ‘सावधानी से बनाई गई योजना’ का हिस्सा था. 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना ने ढाका में अपने आवास पर भीड़ के हमले से कुछ मिनट पहले ही देश छोड़ दिया था. वह अब दिल्ली में रह रही हैं. यह अशांति सरकारी नौकरी में आरक्षण को लेकर शुरू हुई छात्रों के विरोध से भड़की थी, जो जुलाई-अगस्त में बड़े दंगों में बदल गई. इस दौरान कम से कम 700 लोगों की मौत की खबरें सामने आईं, जिनमें हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की भी रिपोर्टें शामिल थीं.

क्लिंटन परिवार-यूनुस के बीच ‘पुराने रिश्ते’ का दावा
चौधरी ने दावा किया कि क्लिंटन परिवार और यूनुस की अंतरिम सरकार के बीच लंबे समय से एक संबंध रहा है. उनके अनुसार, ‘यह नेटवर्क वर्षों से सक्रिय था. गुप्त एनजीओ के जरिए फंडिंग होती थी और वे किसी भी तरह सरकार बदलने पर आमादा थे.’ चौधरी ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद यूनुस सरकार की नीतियां पाकिस्तान के अधिक करीब जाती दिखाई दे रही हैं. यह वही पाकिस्तान है जिस पर 1971 में बांग्लादेश में नरसंहार के आरोप लगे थे.

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एफपीआई ने फिर दिखाई बेरुखी, नवंबर में भारतीय बाजार से निकाले 12,569 करोड़ रुपए

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FPI selling in Indian Stock Market: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अक्टूबर में थोड़े विराम के बाद फिर से बिकवाली फिर शुरू कर दी है. कमजोर वैश्विक संकेतों और जोखिम-रहित धारणा के बीच नवंबर में अब तक एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार से 12,569 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है. डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में एफपीआई ने शेयरों में 14,610 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था, जो लगातार कई महीनों की निकासी के बाद आया था.

क्या कहते है आंकड़े?

सितंबर में एफपीआई ने 23,885 करोड़ रुपये, अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये की निकासी की थी. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि नवंबर के अब तक हर कारोबारी दिन जारी रही बिकवाली की नई प्रवृत्ति ने इस साल अन्य प्रमुख बाजारों की तुलना में भारत के खराब प्रदर्शन में योगदान दिया है. उन्होंने बताया कि 2025 में एफपीआई गतिविधियों की एक प्रमुख विशेषता निवेश प्रवाह में विविधता रही है.

जहां हेज फंड भारत में बिकवाली कर रहे हैं, जबकि अमेरिका, चीन, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे एआई-संचालित तेजी के लाभार्थी माने जाने वाले बाजारों में बिकवाली कर रहे हैं. उन्होंने बताया, ‘‘भारत को वर्तमान में एआई-आधारित कमजोर प्रदर्शन करने वाला देश माना जा रहा है, और यही धारणा एफपीआई की रणनीति को आकार दे रही है.’’ हालांकि, विजयकुमार ने आगे कहा कि, एआई-संबंधित मूल्यांकन अब बढ़ा हुआ है, और वैश्विक प्रौद्योगिकी शेयरों में संभावित बुलबुले का जोखिम भारत में निरंतर बिकवाली को सीमित कर सकता है. 

एंजल वन के वरिष्ठ बुनियादी विश्लेषक वकारजावेद खान ने भी इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए कहा कि एशिया और अन्य प्रमुख बाजारों में प्रौद्योगिकी शेयरों में वैश्विक बिकवाली के बीच नवंबर के पहले सप्ताह में एफपीआई ने 12,569 करोड़ रुपये मूल्य के भारतीय शेयर बेचे. भारतीय कंपनियों के वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से थोड़े बेहतर रहे हैं.

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Brahma Muhurta Morning Ritual: ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाले बनते हैं भाग्यशाली, ये है इसका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रहस्य

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हिंदू शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त को बेहद शुभ बताया गया है. ब्रह्म मुहूर्त का अर्थ है 'परमात्मा का समय' और यह सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले का समय होता है, जो कि रात का अंतिम प्रहर होता है. साथ ही ऐसा माना जाता है कि ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाले लोग भाग्यशाली होते हैं, आइए जानें विस्तार से.

हिंदू शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त को बेहद शुभ बताया गया है. ब्रह्म मुहूर्त का अर्थ है ‘परमात्मा का समय’ और यह सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले का समय होता है, जो कि रात का अंतिम प्रहर होता है. साथ ही ऐसा माना जाता है कि ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाले लोग भाग्यशाली होते हैं, आइए जानें विस्तार से.

यह समय सुबह लगभग 4 बजे से 5:30 बजे के बीच माना जाता है. आध्यात्मिक कार्यों के लिए यह समय बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि इस समय वातावरण शांत रहता है. इस समय वातावरण में फैली सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करती है, जिससे सोचने समझने की शक्ति में बढ़ोतरी होती  है.

यह समय सुबह लगभग 4 बजे से 5:30 बजे के बीच माना जाता है. आध्यात्मिक कार्यों के लिए यह समय बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि इस समय वातावरण शांत रहता है. इस समय वातावरण में फैली सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करती है, जिससे सोचने समझने की शक्ति में बढ़ोतरी होती है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में जगना अत्यंत शुभ माना जाता है, और इस समय जागने वाले व्यक्ति पर देवी-देवताओं की कृपा सदैव बनी रहती है. इतना ही नहीं ब्रह्म मुहूर्त में जागने की आदत व्यक्ति के जीवन में अपार सफलता दिलाने में सहायक होती है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में जगना अत्यंत शुभ माना जाता है, और इस समय जागने वाले व्यक्ति पर देवी-देवताओं की कृपा सदैव बनी रहती है. इतना ही नहीं ब्रह्म मुहूर्त में जागने की आदत व्यक्ति के जीवन में अपार सफलता दिलाने में सहायक होती है.

वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में आक्सीजन की मात्रा अधिक होती है और प्रदूषण कम होता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और फेफड़ों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है. इससे मानसिक स्पष्टता, तनाव में कमी और प्रतिरक्षा प्रणाली की मजबूती जैसे लाभ मिलते हैं.

वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में आक्सीजन की मात्रा अधिक होती है और प्रदूषण कम होता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और फेफड़ों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है. इससे मानसिक स्पष्टता, तनाव में कमी और प्रतिरक्षा प्रणाली की मजबूती जैसे लाभ मिलते हैं.

विद्यार्थियों के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय अमृत के सामान है. यह समय याद करने के लिए अत्यंत शुभ होता है. क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस मुहूर्त में पढ़ी गई चीजें जीवन भर याद रहती है.

विद्यार्थियों के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय अमृत के सामान है. यह समय याद करने के लिए अत्यंत शुभ होता है. क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस मुहूर्त में पढ़ी गई चीजें जीवन भर याद रहती है.

इस समय वातावरण में सात्विक ऊर्जा होती है, जिससे जप का कई गुना अधिक फल मिलता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. यह मंत्र जाप, ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है.

इस समय वातावरण में सात्विक ऊर्जा होती है, जिससे जप का कई गुना अधिक फल मिलता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. यह मंत्र जाप, ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है.

Published at : 09 Nov 2025 08:40 PM (IST)

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PNB में 750 पदों पर बंपर भर्ती शुरू, जानें वैकेंसी, सैलरी और एलिजिबिलिटी डिटेल्स

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PNB Recruitment 2025: अगर आप बैंकिंग सेक्टर में नौकरी करने का सपना देख रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है. पंजाब नेशनल बैंक (PNB) देशभर के युवाओं के लिए एक शानदार अवसर लेकर आया है. बैंक ने स्थानीय बैंक अधिकारी (Local Bank Officer) के पदों पर 750 भर्ती की घोषणा की है. आवेदन प्रक्रिया पहले से शुरू हो चुकी है और अंतिम तारीख 23 नवंबर 2025 तय की गई है.

पंजाब नेशनल बैंक की यह भर्ती देशभर के युवाओं के लिए एक बड़ा मौका है. अगर आप ग्रेजुएट हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना फ्यूचर बनाना चाहते हैं तो 23 नवंबर 2025 से पहले आवेदन जरूर करें. उम्मीदवार PNB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि पीएनबी की 750 पदों पर बंपर भर्ती की वैकेंसी, सैलरी और एलिजिबिलिटी क्या है. 

750 पदों पर बंपर भर्ती की वैकेंसी और एलिजिबिलिटी क्या है?

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 750 पदों पर भर्ती की जाएगी. सभी पद Local Bank Officer के हैं. अलग-अलग राज्यों में ये पद भरे जाएंगे ताकि स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सेवाओं को और मजबूत किया जा सके. इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. आवेदन के समय उम्मीदवार के पास वैध डिग्री या मार्कशीट होना जरूरी है. उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन करते समय अपनी डिग्री में मिले अंकों का प्रतिशत भी भरना होगा. साथ ही आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए. हालांकि, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी. 

750 पदों पर बंपर भर्ती की सैलरी क्या है?

इस भर्ती के लिए नोटिफिकेशन में सैलरी का जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन बैंक अधिकारियों को आमतौर पर 45,000 से 65,000 प्रति माह तक वेतन मिलता है. इसके अलावा उन्हें डीए, एचआरए, मेडिकल सुविधाएं और अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं. PNB की इस 750 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होगी. जिसमें ऑनलाइन लिखित परीक्षा, स्क्रीनिंग, भाषा दक्षता परीक्षा और पर्सनल इंटरव्यू शामिल है. परीक्षा में हर गलत उत्तर के लिए नेगेटिव मार्किंग लागू होगी. 

पीएनबी भर्ती 2025 के लिए कैसे करें आवेदन 

1. पीएनबी भर्ती 2025 के लिए  सबसे पहले PNB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.

2. इसके बाद Recruitment/Careers सेक्शन पर क्लिक करें. 

3. अब Local Bank Officer 2025 भर्ती लिंक पर जाएं. 

4. वहीं अब जरूरी  जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें. 

5. इन सब के बाद फीस का भुगतान करें और आवेदन सबमिट करें. 

6. अब आखिर में फॉर्म का प्रिंटआउट ले कर रखें. 

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