सातवें आसमान पर एनर्जी स्टॉक, एक्सपर्ट्स ने कहा- 74 रु. तक जाएगा भाव

[ad_1]


सुजलॉन ने कारोबारी साल  2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया. रेवेन्यू, EBITDA और PAT क्रमशः 84 परसेंट, 145 परसेंट और 166 परसेंट बढ़कर क्रमशः 38.7 अरब, 7.2 अरब और 5.6 अरब रुपये तक पहुंच गया. सुजलॉन एनर्जी के शेयर में भले ही पिछले एक साल में 14 परसेंट की गिरावट आई है, लेकिन बीते पांच सालों में इसमें 2009 परसेंट की तेजी भी आई है.

मजबूत होगी देश की वायु सेना, HAL की अमेरिकी कंपनी के साथ डील; तेजस Mk1A के लिए इंजन की होगी सप्लाई 

[ad_2]

AI से मानवता को खतरा, लंबे समय में होगा नुकसान, AI कंपनी के रिसर्चर ने की डराने वाली भविष्यवाणी

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

किफायती कीमत में AI चैटबॉट बनाकर अमेरिकी कंपनियों को टक्कर देने वाली चीनी कंपनी डीपसीक के एक रिसर्चर ने डराने वाली भविष्यवाणी की है. उसका कहना है कि इस टेक्नोलॉजी से समाज को खतरा है. थोड़े समय के लिए भले ही यह मानवता को फायदे दे रही है, लेकिन लंबे समय में यह समाज के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर सकती है. चीनी सरकार के एक आयोजन में बोलते हुए डीपसीक के सीनियर रिसर्चर चेन डेली ने यह डर जताया है. 

नौकरियां खा जाएगी AI- चेन

चेन ने कहा कि अगले 5-10 सालों में AI नौकरियों को खा जाएगी और अगले 10-20 सालों में AI मॉडल वो सारे काम करने लगेंगे, जो अभी इंसान कर रहे हैं. इससे समाज के सामने बड़ी चुनौती आ जाएगी. उन्होंने कहा कि वो इस टेक्नोलॉजी की बुराई नहीं कर रहे, लेकिन समाज पर इसका बुरा असर पड़ेगा और टेक कंपनियों को इस बात का पता होना चाहिए. 

AI के जनक भी जता चुके ऐसा डर

हाल ही में AI के जनक कहे जाने वाले और नोबेल पुरस्कार विजेता जेफ्री हिंटन ने भी इस टेक्नोलॉजी को लेकर नई चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि जिस हिसाब से चीजें चल रही हैं, उससे लाखों लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियां लोगों को निकालकर उनके काम AI से करवा रही हैं. ये कंपनियां इस पर इतना जोर इसलिए दे रही हैं क्योंकि इससे मोटा पैसा बनेगा. हिंटन ने यह भी कहा कि AI के कारण अमेरिकी अरबपति एलन मस्क जैसे लोग अमीर बनते जाएंगे और उन्हें लोगों की नौकरियां जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने आगे कहा कि इस पूरी समस्या को सिर्फ AI पर ही नहीं थोपना चाहिए. यह समस्या इसलिए आ रही हैं क्योंकि सोसायटी और इकॉनमी को इसी तरह तैयार किया गया है.

ये भी पढ़ें-

TECH EXPLAINED: क्या होते हैं AI वॉइस असिस्टेंट और कैसे करते हैं काम? जानिये फायदे-नुकसान समेत सारी बातें

[ad_2]

भारत के इस मंदिर में 900 साल पुरानी भारतीय संत की रहस्यमी Mummy! जानिए चौंकाने वाला सच

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Guru Ramanujacharya 900-year-old mummy: आज जब हम Mummy शब्द सुनते हैं तो हमारे दिलों दिमाग में हॉलीवुड फिल्में या मिस्र के प्राचीन ताबूतों में बंद मृत शरीर याद आते है. लेकिन क्या सच में मृत शरीर को हजारों सालों तक सलामत रखा जा सकता है.

बता दें कि ऐसा करना संभव है, जिसे वैज्ञानिकों ने भी स्पष्ट कर दिया है. आज हम आपको मिस्त्र नहीं, बल्कि भारत में ही मौजूद 900 साल पुराने एक भारतीय संत की ममी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है.

श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में 900 साल पुराने संत की ममी

दक्षिण भारत के श्री रंगनाथस्वामी मंदिर (श्रीरंग, तिरुचिरापल्ली) में प्रसिद्ध संत और धार्मिक गुरु रामानुजाचार्य का शरीर आज भी सुरक्षित रखा गया है. इनका यह शरीर करीब 900 साल पुराना बताया जाता है, जिनके दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. 

दुनिया के सबसे पुराने धर्मों में से एक हिंदू धर्म में मान्यता है कि, केवल मृत्यु से ही व्यक्ति को मोक्ष नहीं मिलता, बल्कि उसकी आत्मा को भी मुक्त करना जरूरी है, इसलिए मरने के बाद दाह संस्कार किया जाता है.

ईसाई और मुस्लिम धर्म में शव को दफनाया जाता है. वही मिस्र में ममी की तरह शरीर को सुरक्षित रखने की प्राचीन परंपरा रही है. इसी के परंपरा का पालन करते हुए गुरु रामानुजाचार्य के शरीर को भी सुरक्षित रखा गया है.

रामानुजाचार्य कौन थे?

गुरु रामानुजाचार्य एक भारतीय दार्शनिक, हिंदू धर्मशास्त्र के जानकार, समाज सुधारक और वैष्णव संप्रदाय से ताल्लुक रखते थे. रामानुजाचार्य के दार्शनिक विचारों ने ही भक्ति आंदोलन को प्रभावशाली बनाने का काम किया था.

आपको जानकार हैरानी होगी कि, गुरु रामानुजाचार्य के मृत शरीर को बैक्टीरिया से बचाने के लिए चंदन, हल्दी और केसर का पेस्ट लगाया जाता है. इसके अलावा साल में दो बार केसर के साथ कपूर का मिश्रण तैयार करके शरीर पर इसका लेप लगाया जाता है.

हल्दी, चंदन और कपूर के कोट का इस्तेमाल करने के कारण शरीर का रंग गेरुआ दिखाई देता है.

1137 ईसा पूर्व में ली समाधि

भक्तजन गुरु रामानुजाचार्य के दर्शन आसानी से कर सकते हैं. उनका शरीर मूर्ति के पीछे रखा गया है. उंगलियों के नाखूनों को देखकर पता लगाया जा सकता है कि यह शरीर असली है. 

श्री रामानुजाचार्य का शरीर श्रीरंगम मंदिर के अंदर पांचवें चक्र के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखा गया है. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यह आदेश स्वयं भगवान रंगनाथ ने दिया था.

मान्यताओं के मुताबिक जब गुरु रामानुजाचार्य इस पृथ्वी को छोड़कर जाने वाले थे, तब उन्होंने इस बारे में अपने शिष्यों को बता दिया था. उन्होंने अपने शिष्यों को आज्ञा देते हुए कहा कि, वो और तीन दिन तक उनके साथ रहेंगे.

माना जाता है कि उन्होंने अपनी अंतिम सांस 1137 ईसा पूर्व में ली थी.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

पाकिस्तान में पीएम बनने के लिए कितना पढ़ा-लिखा होना जरूरी? जान लें पूरी डिटेल

[ad_1]


भारत और पाकिस्तान दोनों के पास ही एक ही तरह की राजनीतिक विरासत थी. दोनों देशों ने ब्रिटेन की संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली को अपनाया, लेकिन दोनों देशों में प्रधानमंत्री बनने के नियम और प्रक्रिया काफी अलग है. भारत में प्रधानमंत्री का चयन जनता की तरफ से दिए गए मतों के आधार पर होता है. इसके अलावा भारत में प्रधानमंत्री बनने के लिए कुछ योग्यताएं भी निर्धारित की गई है. जबकि पाकिस्तान में प्रधानमंत्री चुनने की प्रक्रिया धार्मिक और संवैधानिक दोनों पहलुओं पर आधारित होती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि पाकिस्तान में प्रधानमंत्री बनने के लिए कितना पढ़ा-लिखा होना जरूरी है.

पाकिस्तान में कैसे होता है पीएम का चुनाव?

पाकिस्तान में भी भारत की तरह आम चुनाव होते हैं. पाकिस्तान में कुल 342 सीटें हैं, जिनमें से 272 सीटों पर सीधे जनता वोट देकर अपने प्रतिनिधि चुनती है. बाकी 70 सीटों पर खास वर्ग और समुदाय के लोगों को नियुक्त किया जाता है. चुने गए सदस्य नेशनल असेंबली का हिस्सा बनते हैं और यही असेंबली प्रधानमंत्री का चयन करती है. दरअसल, जब पाकिस्तान की नेशनल असेंबली को अपना नेता चुनना होता है तो स्पीकर के आदेश पर सभी सदस्य असेंबली में मौजूद रहते हैं. वहीं इसके बाद असेंबली के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं, ताकि कोई अंदर या बाहर न जा सके. इसके बाद स्पीकर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करते हैं और सदस्य वोट देकर अपना नेता चुनते हैं, जिसके पक्ष में सबसे ज्यादा वोट पड़ते हैं वहीं पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनता है.

पाकिस्तान का पीएम बनने के लिए क्या योग्यताएं जरूरी?

पाकिस्तान के संविधान के अनुसार, पाकिस्तान का प्रधानमंत्री वही व्यक्ति बन सकता है जो पाकिस्तान का नागरिक हो. पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के लिए व्यक्ति का मुसलमान होना जरूरी है और वह कम से कम 25 साल की उम्र पूरी कर चुका हो. साथ ही, पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के लिए व्यक्ति को इस्लाम की शिक्षाओं का ज्ञान प्राप्त होना चाहिए.  वह इस्लाम की तरफ से बताए गए कर्तव्यों का पालन करता हो. इसके अलावा किसी गंभीर अपराध में शामिल न हो, उसका चरित्र अच्छा हो और वह इस्लामी मान्यताओं का उल्लंघन करने के लिए बदनाम न हो. इन योग्यताओं में कहीं भी यह नहीं बताया गया है कि प्रधानमंत्री पद के लिए किसी विशेष शिक्षा की जरूरत होती है. इसका मतलब है कि पाकिस्तान में प्रधानमंत्री बनने के लिए किसी विशेष डिग्री या शिक्षा की योग्यता अनिवार्य नहीं है.

धार्मिक आधार पर ली जाती है शपथ

भारत में प्रधानमंत्री या मंत्री जो संविधान की शपथ लेते हैं वह धर्म से जुड़ी नहीं होती है. हालांकि, पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शपथ लेते समय धर्म को साक्षी मानते हैं. उनकी शपथ में कुरान-ए-पाक, अल्लाह और हजरत मोहम्मद का जिक्र होता है. पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शपथ के दौरान अपने नाम के बाद यह भी कहते हैं कि वह मुसलमान है तभी आगे की शपथ ली जाती है.

ये भी पढ़ें-भारत में प्रधानमंत्री बनने के लिए कितना पढ़ा-लिखा होना जरूरी? हैरान कर देगी यह हकीकत

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

भोजपुरी गाने पर छोटे-से बच्चे ने किया ऐसा डांस कि भाभी भी मान लेगी हार, गर्दा उड़ा रहा वीडियो

[ad_1]


Viral Video: सोशल मीडिया एक ऐसा मंच बन चुका है, जहां किसी को फेमस होने में सिर्फ कुछ सेकंड लगते हैं. चाहे कोई मजेदार वीडियो हो, कोई प्यारी एक्टिंग, या फिर किसी का डांस अगर लोगों को पसंद आ जाए तो वह देखते ही देखते पूरे इंटरनेट पर वायरल हो जाता है. कुछ ऐसा ही हुआ इन दिनों इंस्टाग्राम पर, जहां एक छोटे से बच्चे का डांस वीडियो सभी का दिल जीत रहा है. यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट @discosaksham से शेयर किया गया है. अपलोड होते ही इसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया. कुछ ही घंटों में इसे हजारों नहीं, बल्कि लाखों लोगों ने देख लिया और अपने दोस्तों के साथ शेयर भी किया. 

वायरल वीडियो में क्या है खास?

इस वायरल वीडियो में एक प्यारा-सा छोटा बच्चा अपने घर के अंदर भोजपुरी गाने पर धमाकेदार डांस करता नजर आता है. उसके चेहरे पर जो एक्सप्रेशन हैं, वह किसी प्रोफेशनल डांसर से कम नहीं लगते. बच्चा पूरे जोश और मस्ती में नाच रहा है और परिवार वाले उसकी वीडियो बनाते हुए तालियां बजाकर उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं. भोजपुरी गाने की बीट पर बच्चे के स्टेप्स इतने जबरदस्त हैं कि देखने वाले बस देखते रह जाते हैं. जिस कॉन्फिडेंस से वो छोटा बच्चा नाचता है, साफ झलकाता है कि उसमें टैलेंट की कोई कमी नहीं है. 

इस वीडियो में बच्चे का डांस इतना शानदार है कि सोशल मीडिया यूजर्स कह रहे हैं भोजपुरी गाने पर छोटे-से बच्चे ने ऐसा डांस किया कि गोरी-चिट्टी भाभी भी हार मान लेगी. बच्चे का डांस इतना बढ़िया और एनर्जी से भरा है कि कोई भी उसे देखकर मुस्कुराए बिना नहीं रह सकता है. 


सोशल मीडिया पर आई कमेंट्स की बाढ़

जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लोगों के कमेंट्स की लाइन लग गई. किसी ने मजाक करते हुए लिखा कि भाई, 10 साल बाद खुद ही ये वीडियो देखकर सिर पकड़ लेगा. किसी ने कहा भाई, खतरनाक डांस बहुत मस्त, एक यूजर ने तो मजाक में लिखा ओ भई गर्दा उड़ा दिया बच्चे ने, लोगों को इस वीडियो में बच्चे का कॉन्फिडेंस, मासूमियत और एनर्जी बहुत पसंद आ रही है. लोग इस बच्चे के टैलेंट की जमकर तारीफ कर रहे हैं. कई लोग कमेंट्स में उसे आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दे रहे हैं. किसी ने लिखा बहुत मस्त भाई ऐसे ही नाचते रहो, बहुत आगे जाओगे. तो किसी ने कहा इतनी छोटी उम्र में इतना शानदार डांस, वाह. 

यह भी पढ़ें जब पब्लिक के बीच झूमते नजर आए हीरो नंबर-1, यूजर्स बोले- ओरिजिनल गोविंदा भी अब डुप्लीकेट लग रहा


क्या अनुष्का शर्मा की ‘चकदा एक्सप्रेस’ हो पाएगी रिलीज?

[ad_1]


बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा लंबे समय से एक्टिंग की दुनिया से दूरी बनाई हुई है. वो फिल्म चकदा एक्सप्रेस से कमबैक करने जा रही हैं. मगर ये फिल्म पोस्टपोन पर पोस्टपोन हुई जा रही है. पहले ये फिल्म सिनेमाघरों पर रिलीज होने वाली थी मगर बाद में इसे नेटफ्लिक्स पर रिलीज करने की बात सामने आई है. अब वुमेन वर्ल्ड कप के जीतने के बाद इस साल झूलन गोस्वामी की बायोपिक रिलीज होने की उम्मीद की जा रही है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स ने चकदा एक्सप्रेस के पीछे स्टूडियो, नेटफ्लिक्स को लेटर लिखा है, ताकि उन्हें मना सकें. अगर यह सच हो जाता है, तो एक्ट्रेस की 7 साल बाद आखिरकार कोई फिल्म रिलीज होगी, जिससे वह इंडस्ट्री में वापस आएंगी. महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी की जिंदगी और कहानी पर आधारित इस फिल्म के ठंडे बस्ते में जाने से कई लोगों को निराशा हुई.

मेकर्स ने जताई उम्मीद

मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म की कोर-टीम के मेंबर ने शेयर किया है- हमने खुद नेटफ्लिक्स इंडिया के टॉप अधिकारियों को लिखा है कि क्या वे इस झगड़े से ऊपर उठ सकते हैं ताकि फिल्म रिलीज हो सके. झूलन दी जैसी लेजेंड पर बनी बायोपिक दर्शकों तक पहुंचने लायक है.

इस वजह से नहीं हुई रिलीज

चकदा एक्सप्रेस के क्रिएशन में असली प्रॉब्लम ये थी कि शुरू में जो बताया गया था, उसके रिजल्ट में फर्क था. प्रोडक्शन हाउस ओवर-बजट हो गया. दिक्कत ये भी थी कि प्लेटफ़ॉर्म हेड्स को प्रोजेक्ट का शेप पसंद नहीं आया. लेकिन यह फिर भी एक सॉलिड फिल्म.

वुमेन टीम के वर्ल्ड कप जीतने के बाद फिल्म को लेकर इंतजार कम हो सकता है. हाल ही में हुई जीत के बाद एक बार फिर बायोपिक की तरफ ध्यान चल गया है. स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के अंदर डिसकशन शुरू हो गया है और टीम इस महीने फिल्म की रिलीज को लेकर फैसले का इंतजार कर रही है.

ये भी पढ़ें: Bigg Boss 19: किस दिन होगा सलमान खान के शो का ग्रैंड फिनाले? इस साल नहीं होगा एक्सटेंड

[ad_2]

माली में 5 भारतीयों के साथ खौफनाक वारदात! अलकायदा से जुड़े आतंकियों ने किया अपहरण

[ad_1]


पश्चिमी अफ्रीकी देश माली से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, अलकायदा से जुड़े आतंकियों ने माली के पश्चिमी इलाके कोबरी के पास पांच भारतीय नागरिकों का अपहरण कर लिया है. ये सभी भारतीय एक विद्युतीकरण परियोजना पर काम कर रही निजी कंपनी के कर्मचारी थे.

घटना गुरुवार को उस समय हुई जब सशस्त्र आतंकियों ने उनके वाहन को घेर लिया और सभी को अगवा कर लिया. कंपनी के प्रतिनिधि ने फ्रांस की समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि बाकी भारतीय कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षा कारणों से राजधानी बमाको पहुंचा दिया गया है. हालांकि अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक अलकायदा और ISIS से जुड़े नेटवर्क पर जताया जा रहा है.

जुलाई में भी हुआ था भारतीयों का अपहरण

यह पहला मामला नहीं है. जुलाई 2025 में भी तीन भारतीयों का अपहरण किया गया था, जिनमें राजस्थान, ओडिशा और तेलंगाना के नागरिक शामिल थे. उस घटना की जिम्मेदारी अलकायदा से जुड़े संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुसलमीन (JNIM) ने ली थी. JNIM पिछले कुछ वर्षों में माली में कई हिंसक हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है.

400 से अधिक भारतीय माली में कर रहे काम 

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 400 भारतीय नागरिक वर्तमान में माली में रहते और काम करते हैं. इनमें से अधिकतर कंस्ट्रक्शन, माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े हैं. लगातार बढ़ते आतंकी हमलों और अपहरण की घटनाओं के कारण अब उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

फिरौती और अपहरण का गढ़ बना माली

माली का साहेल क्षेत्र (जिसमें नाइजर और बुर्किना फासो शामिल हैं) लंबे समय से आतंकी गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है. 2012 में तख्तापलट और सैन्य संघर्षों के बाद से यहां हिंसा लगातार बढ़ रही है. सितंबर 2024 में JNIM के जिहादियों ने दो अमीराती और एक ईरानी नागरिक का अपहरण किया था, जिन्हें बाद में 5 करोड़ डॉलर की फिरौती देकर रिहा कराया गया.

दुनिया का आतंकी केंद्र बनता साहेल

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) के मुताबिक, साहेल क्षेत्र अब दुनिया में आतंकवाद का नया एपिसेंटर बन चुका है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में आतंकवाद से होने वाली आधी से ज्यादा मौतें इसी क्षेत्र में होती हैं.

भारत सरकार की निगरानी

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है. अपहृत भारतीयों की सुरक्षित रिहाई के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं.

ये भी पढ़ें-

‘BSF किसके पास है, घुसपैठियों को…’, बिहार चुनाव के दूसरे चरण से पहले नीतीश पर भड़के ओवैसी, लालू पर भी साधा निशाना

[ad_2]

फायर है यह तो… आ जा नचले पर ऑफिस में झूमीं पर्पल अनारकली वाली दीदी, वीडियो देख उड़ेंगे होश

[ad_1]


आज के दौर में सोशल मीडिया ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है जहां हर दिन कोई न कोई नई स्टार बन जाती है. इंस्टाग्राम, फेसबुक और X जैसे प्लेटफॉर्म पर हर रोज हजारों वीडियो अपलोड होते हैं. लेकिन कुछ वीडियो ऐसे होते हैं जो सीधे दिल में उतर जाते हैं और देखते ही देखते वायरल हो जाते हैं. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर धूम मचा रहा है. जिसमें एक लड़की ने ऑफिस में ही शानदार डांस कर सबका दिल जीत लिया.

 

इस वीडियो को इंस्टाग्राम अकाउंट @sparkling_osheen से शेयर किया गया है. वीडियो अपलोड होते ही यह इतना पसंद किया गया कि कुछ ही घंटों में लाखों व्यूज, लाइक्स और कमेंट्स की बौछार हो गई. अब यह लड़की सोशल मीडिया की नई डांस सेंसेशन बन चुकी है और हर कोई कॉन्फिडेंस और एनर्जी देख कर हैरान है.

 

वीडियो में क्या है खास?

 

वीडियो में दिख रही लड़की ने खूबसूरत पर्पल अनारकली सूट पहन रखा है. बैकग्राउंड में बज रहा है मशहूर गाना आ जा नचले, और  लड़की ने ऑफिस फ्लोर को ही डांस फ्लोर बना रखा है. उनके एक्सप्रेशन, कॉन्फिडेंस और एनर्जी देखने लायक है.हर मूवमेंट में ऐसा ग्रेस और जोश है कि देखने वाला खुद झूमने लगे.ऑफिस के माहौल में इतना शानदार डांस देखकर लोग दंग रह गए. 

 

कई यूजर्स ने कमेंट में लिखा दीदी, क्या एनर्जी है, तो किसी ने कहा कि फायर है ये तो, एक यूजर ने तारीफ करते हुए लिखा कि ग्रेसफुल और खूबसूरत डांस, वहीं कई लोगों ने लिखा कि ऑफिस में ऐसे मूड चाहिए. कुछ लोगों ने तो मज़ाक में लिखा फिसल मत जाना दीदी, HR देख लेगा. 

 


लोगों की जबरदस्त रिएक्शन दिए 

 

वीडियो पर दिल, आग और डांस वाले इमोजी की बारिश हो रही है. यूजर्स लगातार तारीफों के पुल बांध रहे हैं.किसी ने लिखा Too much epic performance, तो किसी ने लिखा Superb, graceful and energetic 

 

वीडियो ने इतना ध्यान खींचा कि लोग अब इस लड़की की और भी डांस वीडियोज देखने की मांग कर रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि वह किसी डांस रियलिटी शो में जरूर हिस्सा लें, क्योंकि उनका टैलेंट किसी प्रोफेशनल डांसर से कम नहीं है. 

 


Kaal Bhairav Ashtami 2025: भय से मुक्ति दिलाएंगे भगवान कालभैरव, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Kaal Bhairav 2025: कालभैरव को भगवान शिव का तीसरा रूद्र अवतार माना जाता है. पुराणों के अनुसार, मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन भगवान कालभैरव प्रकट हुए थे. इस बार कालभैरव अष्टमी 12 नवंबर 2025 को है. इस कृष्णाष्टमी को मध्याह्न काल यानी दोपहर में भगवान शंकर से भैरव रूप की उत्पत्ति हुई थी. भगवान भैरव से काल भी डरता है, इसलिए उन्हें कालभैरव कहा जाता है.

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि 12 नवंबर को भैरव अष्टमी मनाई जाएगी. इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप कालभैरव की पूजा की जाती है. भैरव अष्टमी का व्रत करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. विधि-विधान के साथ इस दिन प्रातः व्रत का संकल्प लेकर रात्रि में कालभैरव भगवान की पूजा की जाती है.

कालभैरव का पौराणिक महत्व:

शिवपुराण के अनुसार, भगवान शंकर के अंश से कालभैरव की उत्पत्ति हुई थी. अपने अहंकार में चूर अंधकासुर ने भगवान शिव पर हमला किया था. उसके संहार के लिए भगवान शिव के रक्त से भैरव का जन्म हुआ. इसलिए कालभैरव शिव का ही स्वरूप हैं. उनकी आराधना करने से समस्त दुख और परेशानियाँ दूर हो जाती हैं.

भैरव अष्टमी का शुभ मुहूर्त:

मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी 11 नवंबर को रात्रि 11:08 बजे शुरू होगी और 12 नवंबर को रात्रि 10:58 बजे समाप्त होगी. कालभैरव की पूजा निशा काल यानी रात्रि में की जाती है.

पूजा और व्रत विधि:

  • प्रातः स्नान के पश्चात व्रत का संकल्प लें.
  • शाम को किसी मंदिर में जाकर भगवान भैरव की प्रतिमा के सामने चौमुखा दीपक जलाएं.
  • फूल, इमरती, जलेबी, उड़द, पान, नारियल आदि अर्पित करें.
  • 108 बार “ॐ कालभैरवाय नम:” मंत्र का जाप करें.
  • पूजा के बाद भगवान भैरव को जलेबी या इमरती का भोग लगाएं.
  • जरूरतमंदों को दो रंग का कंबल दान करें.
  • इस दिन कुत्तों को जलेबी और इमरती खिलाना पारंपरिक अनुष्ठान का हिस्सा है.

स्वास्थ्य और जीवन पर लाभ: कालभैरव का अर्थ है भय को हराने वाला. उनकी पूजा से मृत्यु और हर प्रकार के संकट का डर दूर होता है. नारद पुराण में भी कहा गया है कि कालभैरव की पूजा करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं.

दान और शुभ कार्य: अगहन महीने में ऊनी कपड़े और जरूरतमंदों को भोजन या वस्तुएं दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इसे भैरव के साथ शनिदेव की कृपा भी मिलती है.

रात्रि पूजा का महत्व: भैरव उपासना प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के समय या मध्यरात्रि में करनी चाहिए. रात्रि जागरण कर भगवान शिव, माता पार्वती और कालभैरव की पूजा करें. कालभैरव के वाहन काले कुत्ते की भी पूजा की जाती है.

कालभैरव जयंती पर इन मंत्रों का जाप करने से जीवन में भय और कष्ट दूर होते हैं:

  • ॐ कालभैरवाय नमः
  • ॐ भयहरणं च भैरव
  • ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्
  • ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रीं
  • ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नमः

कालभैरव जयंती का महत्व:

भैरव अष्टमी पर पूजा करने से साधक को भय से मुक्ति, ग्रह और शत्रु बाधा से रक्षा और जीवन में कल्याणकारी फल प्राप्त होता है. जो व्यक्ति भगवान भैरव के भक्तों का अहित करता है, उसे तीनों लोकों में शरण नहीं मिलती.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

OLED vs QLED vs Mini-LED: कौन-सा टीवी देगा असली थिएटर वाला मजा? खरीदने से पहले जानिए बड़ा फर्क

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

OLED vs QLED vs Mini-LED: अगर आप नया स्मार्ट टीवी खरीदने की सोच रहे हैं तो बाज़ार में OLED, QLED और Mini-LED जैसे शब्दों की बाढ़ देख कर जरूर उलझन में पड़ गए होंगे. हर ब्रांड दावा करता है कि उसका डिस्प्ले सबसे बेहतर है लेकिन असली सिनेमा वाला मज़ा किस तकनीक में है? आइए जानते हैं इन तीनों टीवी टेक्नोलॉजी के बीच असली फर्क.

OLED TV

OLED (Organic Light Emitting Diode) तकनीक में हर पिक्सल अपने आप रोशनी देता है. यानी, जब किसी हिस्से में ब्लैक दिखाना होता है तो वो पिक्सल पूरी तरह बंद हो जाता है. इसका मतलब है कि आपको परफेक्ट ब्लैक लेवल, ज़्यादा कॉन्ट्रास्ट और शानदार कलर डेप्थ मिलती है. सिनेमाटिक एक्सपीरियंस के लिए OLED टीवी सबसे बेस्ट माने जाते हैं. लेकिन इनकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है और लंबे समय तक एक ही इमेज रहने से “बर्न-इन” का खतरा भी रहता है.

QLED TV

QLED (Quantum Dot LED) टीवी असल में LED का एडवांस वर्ज़न है, जिसमें क्वांटम डॉट लेयर लगाई जाती है. इससे रंग और ब्राइटनेस दोनों में काफी सुधार होता है.

अगर आपका कमरा रोशनी वाला है या आप दिन में टीवी ज़्यादा देखते हैं, तो QLED टीवी आपके लिए बढ़िया रहेगा. इसमें बर्न-इन की समस्या नहीं होती और इसकी लाइफ भी लंबी होती है. हालांकि, QLED में OLED जैसी गहराई वाले ब्लैक्स नहीं मिलते क्योंकि ये पूरी तरह से बैकलाइट पर निर्भर रहते हैं.

Mini-LED TV

Mini-LED तकनीक QLED का एक उन्नत रूप है. इसमें छोटे-छोटे हजारों LED लाइट्स लगाई जाती हैं जिससे बैकलाइटिंग बहुत सटीक हो जाती है.

इसका फायदा है बेहतर कॉन्ट्रास्ट, गहरे ब्लैक्स और ज़्यादा ब्राइटनेस, वह भी कम कीमत पर. Mini-LED टीवी को आप OLED और QLED के बीच की मिडल ग्राउंड तकनीक कह सकते हैं.

कौन-सा टीवी है बेस्ट?

अगर आप थिएटर जैसी डार्क रूम एक्सपीरियंस चाहते हैं तो OLED आपके लिए परफेक्ट है. अगर ब्राइट रूम या गेमिंग के लिए टीवी ले रहे हैं तो QLED बेहतर रहेगा. और अगर आप चाहते हैं बैलेंस्ड परफॉर्मेंस और वैल्यू फॉर मनी तो Mini-LED सबसे स्मार्ट चॉइस है.

यह भी पढ़ें:

रूम हीटर यूज करते हैं तो इन सेफ्टी टिप्स का रखें ध्यान, लापरवाही की तो गड़बड़ हो जाएगी

[ad_2]