“वर्ल्ड कप जीतते ही छा गईं भारतीय शेरनियां, सोशल मीडिया पर आया जश्न का तूफान – ‘हर हर इंडिया’

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आज का दिन भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय है . ICC Women’s Cricket World Cup 2025 के फाइनल में India women’s cricket team ने South Africa women’s cricket team को मात देकर सिर्फ ट्रॉफी नहीं, बल्कि हिम्मत, जुनून और आत्मविश्वास की मिसाल कायम की है . भारत का यह 298/7 का स्कोर और उसके बाद हुआ बेहतरीन प्रदर्शन सोशल मीडिया पर लहर की तरह छा गया है. ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक सब पर #WomenInBlue #ChampionsIndia ट्रेंड कर रहे हैं . हर कोने से जयकारे उठ रहे हैं, मीम्स बन रहे हैं, चैट्स हो रही हैं. पुरानी हारों का बदला अब लोगों ने सोशल प्लेटफॉर्म्स पर ले लिया है. भारत ने साउथ अफ्रीका को वर्ल्डकप फाइनल में 52 रनों से हरा दिया है.

सोशल मीडिया पर आया जश्न का तूफान

फाइनल मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 298/7 का बड़ा स्कोर बनाया .  ओपनिंग जोड़ी Shafali Verma और Smriti Mandhana ने शानदार शुरुआत दी. शेफाली ने 87 रन की धमाकेदार पारी खेली . दफ्तर से निकलते ही सोशल प्लेटफॉर्म्स गुलजार हो गए. वीडियो क्लिप्स, यूजर्स के पोस्ट, मीम्स, सब कुछ एक-एक कर वायरल हो गए . “ऐसा आत्मविश्वास”, “इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी पारी”, “महिला क्रिकेट ने नया लेवल छू लिया”. ऐसे कमेंट्स की झड़ी लग गई . सोशल मीडिया इंस्टा स्टोरीज, ट्विटर रिलीफ, फेसबुक पोस्ट, हर जगह भारतीय टीम की जय हो रही है. एक यूजर ने लिखा. “आज वो लम्हा है जब कुर्सियों पर बैठकर हम ‘मैच फाइनल’ देख नहीं रहे, इतिहास देख रहे हैं.”


काम नहीं आया अफ्रीकी कप्तान Laura का शतक

आपको बता दें कि भारत ने साउथ अफ्रीका को 299 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसका पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका वुमन टीम 246 रनों पर सिमट गई. साउथ अफ्रीका की कप्तान Laura Wolvaardt ने जरूर एक बार के लिए संघर्ष किया और 101 रनों की पारी खेली, लेकिन दीप्ति शर्मा ने उन्हें भी चलता किया. उसके बाद तो मानों पूरी टीम लड़खड़ा गई और भारतीय शेरनियों ने साउथ अफ्रीका को संभलने का मौका ही नहीं दिया. 

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टूटा रिश्ता फिर बनेगा मजबूत, अपनाएं ये 3 वास्तु उपाय और लौट आएगा प्यार का जादू!

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हर इंसान चाहता है कि उसकी शादीशुदा ज़िंदगी हमेशा खुशियों, समझदारी और प्यार से भरी हो. मगर कभी के बार सब चीजें ठीक होने के बाद भी रिश्ते में अजीब सी दूरियां आने लगती हैं. इसका कारण केवल मतभेद नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा यानी वास्तु दोष भी हो सकता है. जब घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है, तो रिश्तों में प्यार और मिठास अपने आप बढ़ता है. वहीं नकारात्मक ऊर्जा हो तो वे गुस्सा और तनाव का कारण बनता है.

हर इंसान चाहता है कि उसकी शादीशुदा ज़िंदगी हमेशा खुशियों, समझदारी और प्यार से भरी हो. मगर कभी के बार सब चीजें ठीक होने के बाद भी रिश्ते में अजीब सी दूरियां आने लगती हैं. इसका कारण केवल मतभेद नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा यानी वास्तु दोष भी हो सकता है. जब घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है, तो रिश्तों में प्यार और मिठास अपने आप बढ़ता है. वहीं नकारात्मक ऊर्जा हो तो वे गुस्सा और तनाव का कारण बनता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दिशा और चीजों का सही जगह पर ना होने से हमारे जीवन और रिश्तों पर गहरा असर पड़ता है. अगर आप अपने रिश्ते में फिर से वही पुराना प्यार और गर्मजोशी महसूस करना चाहते हैं, तो कुछ आसान वास्तु उपाय आपकी मदद कर सकते हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दिशा और चीजों का सही जगह पर ना होने से हमारे जीवन और रिश्तों पर गहरा असर पड़ता है. अगर आप अपने रिश्ते में फिर से वही पुराना प्यार और गर्मजोशी महसूस करना चाहते हैं, तो कुछ आसान वास्तु उपाय आपकी मदद कर सकते हैं.

लोगों का ध्यान हमेशा अपने घर की सजावट में रहता है, मगर बेडरूम की दिशा की ओर ध्यान नहीं देते. वास्तु के हिसाब से दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में बना बेडरूम वैवाहिक जीवन के लिए सबसे शुभ माना गया है. ये दिशाएं स्थिरता और भरोसा बढ़ाती हैं. ध्यान रखें कि बेडरूम के दरवाजे के सामने कभी भी कोई टूटा आइटम या दर्पण न हो, वरना यह रिश्तों में मतभेद पैदा कर सकता है.

लोगों का ध्यान हमेशा अपने घर की सजावट में रहता है, मगर बेडरूम की दिशा की ओर ध्यान नहीं देते. वास्तु के हिसाब से दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में बना बेडरूम वैवाहिक जीवन के लिए सबसे शुभ माना गया है. ये दिशाएं स्थिरता और भरोसा बढ़ाती हैं. ध्यान रखें कि बेडरूम के दरवाजे के सामने कभी भी कोई टूटा आइटम या दर्पण न हो, वरना यह रिश्तों में मतभेद पैदा कर सकता है.

बेड और रंगों का चयन भी जीवन में अहम भूमिका निभाता है. लकड़ी का साधारण रेक्टेंगुलर बेड सबसे शुभ माना गया है. गोल या अनियमित आकार के बेड रिश्ते में अस्थिरता लाते हैं. साथ ही बेड के नीचे किसी भी तरह का सामान न रखें ताकि वहां की ऊर्जा प्रवाह में बाधा न आए. कमरे की दीवारों पर हल्के गुलाबी, हरे या आसमानी रंग का उपयोग करें. यह रंग मन को शांत और रिश्तों को मधुर बनाते हैं.

बेड और रंगों का चयन भी जीवन में अहम भूमिका निभाता है. लकड़ी का साधारण रेक्टेंगुलर बेड सबसे शुभ माना गया है. गोल या अनियमित आकार के बेड रिश्ते में अस्थिरता लाते हैं. साथ ही बेड के नीचे किसी भी तरह का सामान न रखें ताकि वहां की ऊर्जा प्रवाह में बाधा न आए. कमरे की दीवारों पर हल्के गुलाबी, हरे या आसमानी रंग का उपयोग करें. यह रंग मन को शांत और रिश्तों को मधुर बनाते हैं.

रिश्तों में संतुलन बनाए रखने के लिए बेडरूम में चीजें हमेशा जोड़ी में रखें. जैसे दो तकिए, दो लैंप या दो शोपीस. यह एकता और तालमेल का प्रतीक है. अगर चाहें तो कमरे में रोज क्वार्ट्ज क्रिस्टल भी रख सकते हैं, जो प्यार और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाने में मदद करता है.

रिश्तों में संतुलन बनाए रखने के लिए बेडरूम में चीजें हमेशा जोड़ी में रखें. जैसे दो तकिए, दो लैंप या दो शोपीस. यह एकता और तालमेल का प्रतीक है. अगर चाहें तो कमरे में रोज क्वार्ट्ज क्रिस्टल भी रख सकते हैं, जो प्यार और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाने में मदद करता है.

ध्यान रखें कि बेडरूम में कभी भी टूटी या उदास पेंटिंग न लगाएं. ऐसी तस्वीरें या वस्तुएं अनजाने में मानसिक तनाव और नकारात्मकता लाती हैं. यदि घर का वातावरण सकारात्मक रहेगा, तो न केवल रिश्तों में प्यार बढ़ेगा, बल्कि परिवार में सुख और सामंजस्य भी बना रहेगा.

ध्यान रखें कि बेडरूम में कभी भी टूटी या उदास पेंटिंग न लगाएं. ऐसी तस्वीरें या वस्तुएं अनजाने में मानसिक तनाव और नकारात्मकता लाती हैं. यदि घर का वातावरण सकारात्मक रहेगा, तो न केवल रिश्तों में प्यार बढ़ेगा, बल्कि परिवार में सुख और सामंजस्य भी बना रहेगा.

Published at : 02 Nov 2025 10:58 PM (IST)

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पलक मुच्छल करवा चुकी हैं 3800 से ज्यादा बच्चों के दिल की सर्जरी, गिनीज बुक में दर्ज है नाम

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बॉलीवुड सिंगर पलक मुच्छल अपने शानदार गानों के साथ ही समाज सेवा के लिए भी जानी जाती हैं. वह जितना भी कमाती हैं, उसका अधिकांश हिस्सा गरीब बच्चों के स्वास्थ्य पर खर्च कर देती हैं. सिंगर अब तक 3800 से ज्यादा बच्चों की दिल की सर्जरी करा चुकी हैं.

उन्होंने सोशल मीडिया पर इससे जुड़े पोस्ट शेयर किए हैं और फैंस के साथ यह जानकारी शेयर की है.

पलक मुच्छल चलाती हैं हार्ट फाउंडेशन

पलक मुच्छल अपने भाई पलाश के सथ मिलकर हार्ट फाउंडेशन चलाती हैं, जिसका नाम है पलक पलाश चैरिटेबल फाउंडेशन. इस फाउंडेशन के जरिए सिंगर अभी तक 3 हजार 8 सौ से ज्यादा बच्चों के दिल की सर्जरी करा चुकी हैं और अब भी बहुत सारी सर्जरी वेटिंग लिस्ट में हैं.

उन्होंने इससे पहले वीडियो भी शेयर किया था और लोगों से ज्यादा से ज्यादा दान देने की अपील की थी. उन्होंने लोगों से अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार या 100 रुपये डोनेट करने को कहा था.


स्टेज शो से होने वाली कमाई से कराती हैं बच्चों की हार्ट सर्जरी

बता दें कि पलक अपने स्टेज शो से जितना भी कमाती हैं, उसे बच्चों की हार्ट सर्जरी में लगा देती हैं. उनके पति मिथुन ने इस बात का खुलासा किया था. पलक का बच्चों के प्रति अलग भाव है. वो नहीं चाहती कि पैसे की तंगी की वजह से गरीब बच्चे अपनी जान गंवा दें.

उन्होंने बताया कि कभी-कभी स्टेज शो से आया पैसा भी कम पड़ जाता, क्योंकि बहुत सारी सर्जरी वेटिंग में होती है. हम कोशिश करते हैं कि जो केस ज्यादा इमरजेंसी वाला है, उसे पहले करा दिया जाए, लेकिन कभी-कभार स्टेज शो नहीं होते हैं तो अपनी सेविंग में से पैसे निकालकर पालक बच्चों की सर्जरी जारी रखती हैं.”

गिनीज बुक में भी दर्ज है नाम

साल 2013 में पलक ने ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा रुपये जमा किए और एक साल के भीतर 572 बच्चों के दिल की सर्जरी कराई थी. उनके इस सामाजिक कल्याण के कार्यों की वजह से उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हैं.

पलक के मन में गरीब बच्चों की मदद की भावना उस वक्त आई, जब उन्होंने गरीब बच्चों को ट्रेन के डब्बे साफ करते हुए देखा. इस दिन पलक ने ठान लिया कि वो गरीब बच्चों के लिए कुछ न कुछ तो करेंगी. इससे पहले पलक ने 1999 में कारगिल युद्ध से पीड़ित फौजी परिवारों की मदद की थी. उन्होंने उस वक्त भी गाना गाकर उन परिवारों के लिए पैसे जमा किए थे.



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सुबह की धूप से लेकर स्ट्रेस मैनेजमेंट तक, जानिए ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के 5 आसान तरीके

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एक्सपर्ट के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज करना और सुबह की धूप लेना जरूरी है. वॉकिंग, जॉगिंग, साइकलिंग, स्विमिंग या कोई भी एक्टिविटी शरीर को मजबूत बनाती है और विटामिन डी से इम्यून सिस्टम बेहतर होता है. जिससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है.

एक्सपर्ट के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज करना और सुबह की धूप लेना जरूरी है. वॉकिंग, जॉगिंग, साइकलिंग, स्विमिंग या कोई भी एक्टिविटी शरीर को मजबूत बनाती है और विटामिन डी से इम्यून सिस्टम बेहतर होता है. जिससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है.

इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि प्रोटीन सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं बल्कि शरीर के टिशूज रिपेयर करने और एंटीबॉडी बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इम्यून सिस्टम को बैक्टीरिया और कैंसर सेल से लड़ने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है. इसलिए हर दिन अपने खाने में आप पर्याप्त प्रोटीन शामिल करके भी ब्रेस्ट कैंसर से बच सकते हैं.

इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि प्रोटीन सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं बल्कि शरीर के टिशूज रिपेयर करने और एंटीबॉडी बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इम्यून सिस्टम को बैक्टीरिया और कैंसर सेल से लड़ने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है. इसलिए हर दिन अपने खाने में आप पर्याप्त प्रोटीन शामिल करके भी ब्रेस्ट कैंसर से बच सकते हैं.

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कैंसर का खाना शुगर होता है. ऐसे में वह सलाह देते हैं कि जंक फूड, मिठाइयां, चॉकलेट, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और अल्कोहल का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. एक्सपर्ट बताते हैं कि कभी-कभी इन चीजों का सेवन ठीक है, लेकिन इन्हें रोजमर्रा की लाइफस्टाइल का हिस्सा न बनाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कैंसर का खाना शुगर होता है. ऐसे में वह सलाह देते हैं कि जंक फूड, मिठाइयां, चॉकलेट, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और अल्कोहल का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. एक्सपर्ट बताते हैं कि कभी-कभी इन चीजों का सेवन ठीक है, लेकिन इन्हें रोजमर्रा की लाइफस्टाइल का हिस्सा न बनाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.

वहीं लगातार तनाव और नींद की कमी से शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है और इम्यून सिस्टम कमजोर होता है. इससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.  ऐसे में शरीर के लिए पर्याप्त नींद और मानसिक शांति जरूरी होती है, जिससे ब्रेस्ट कैंसर से बचा जा सकता है.

वहीं लगातार तनाव और नींद की कमी से शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है और इम्यून सिस्टम कमजोर होता है. इससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में शरीर के लिए पर्याप्त नींद और मानसिक शांति जरूरी होती है, जिससे ब्रेस्ट कैंसर से बचा जा सकता है.

इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हर महिला को महीने में एक बार ब्रेस्ट की सेल्फ एग्जामिनेशन करनी चाहिए और साल में एक बार डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए. जिससे समय पर पता चलने पर ब्रेस्ट कैंसर का इलाज पूरी तरह संभव हो सकता है.

इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हर महिला को महीने में एक बार ब्रेस्ट की सेल्फ एग्जामिनेशन करनी चाहिए और साल में एक बार डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए. जिससे समय पर पता चलने पर ब्रेस्ट कैंसर का इलाज पूरी तरह संभव हो सकता है.

Published at : 02 Nov 2025 09:31 PM (IST)

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पाकिस्तान: ईशनिंदा के आरोप में दृष्टिबाधित ईसाई गिरफ्तार, परिवार बोला- ‘पैसों के विवाद में…’

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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ईशनिंदा के आरोप में 49 वर्षीय एक दृष्टिबाधित ईसाई व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने रविवार (02 नवंबर, 2025) को यह जानकारी दी. नदीम मसीह पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने का आरोप है और अगर यह आरोप साबित हो जाता है तो उन्हें मौत की सजा हो सकती है.

पुलिस अधिकारी मुहम्मद याकूब ने बताया, ‘मसीह को हाल में लाहौर के मॉडल टाउन पार्क से गिरफ़्तार किया गया. पुलिस को एक पार्किंग ठेकेदार ने बताया कि मसीह ने पैगंबर का अपमान किया है.’ मसीह पर पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295-सी के तहत मामला दर्ज किया गया है. उनके वकील जावेद सहोत्रा ​​ने कहा कि प्राथमिकी में बड़ी विसंगतियां हैं, जिन्हें कोर्ट में चुनौती दी जाएगी और उम्मीद है कि मसीह को जमानत मिल जाएगी.

लाहौर हाई कोर्ट का करेंगे रुख

अखबार ‘इंटरनेशनल-मॉर्निंग स्टार न्यूज’ से बातचीत में सहोत्रा ​​ने कहा कि यदि निचली कोर्ट से मसीह को जमानत नहीं मिलती है तो वह लाहौर हाई कोर्ट का रुख करेंगे, जो निश्चित रूप से इन तथ्यों को ध्यान में रखेगा. सहोत्रा ​​ने दावा किया कि मसीह, जिसके दाहिने पैर में लोहे की रॉड लगी है, को पुलिस ने हिरासत में प्रताड़ित किया.

मसीह की मां ने बताई सच्चाई

मसीह की मां ने कहा कि उनके बेटे को अक्सर एक पार्किंग ठेकेदार और उसके साथियों की ओर से परेशान किया जाता था और उनका मसीह के साथ पैसों को लेकर विवाद था, जिसके कारण उनके खिलाफ ईशनिंदा का आरोप लगाया गया. पाकिस्तान के ईशनिंदा कानूनों का दुरुपयोग मुख्यतः धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और व्यक्तिगत और आर्थिक विवादों को निपटाने के लिए किया जाता रहा है.

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फोन में मौजूद ये ऐप करते हैं आपकी जासूसी, जानिए कैसे अपनी प्राइवेसी को करें सुरक्षित

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Mobile Apps: आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है. कॉल, चैट, ऑनलाइन बैंकिंग, फोटो, वीडियो, लोकेशन सब कुछ इसी में मौजूद रहता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके फोन में इंस्टॉल किए गए कुछ ऐप्स आपकी निजी जानकारी पर नजर रखते हैं? ये ऐप्स आपकी आदतों से लेकर आपकी पहचान तक को ट्रैक कर सकते हैं और बिना आपकी जानकारी के डेटा को बाहर भेज सकते हैं. अगर आप अपनी प्राइवेसी को लेकर सचेत नहीं हैं तो आपकी जानकारी गलत हाथों में भी जा सकती है.

कैसे करते हैं ऐप्स जासूसी

जब आप कोई ऐप इंस्टॉल करते हैं, तो वह कुछ परमिशन मांगता है जैसे कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स, मैसेज या लोकेशन एक्सेस. कई बार यूजर्स बिना पढ़े सभी परमिशन को Allow कर देते हैं. यहीं से ऐप्स को आपकी प्राइवेसी में सेंध लगाने का मौका मिल जाता है.

उदाहरण के तौर पर, एक फोटो एडिटिंग ऐप को आपकी लोकेशन या माइक्रोफोन की जरूरत नहीं होती लेकिन फिर भी वह इनका एक्सेस मांगता है. ऐसे ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार आपकी एक्टिविटी मॉनिटर करते रहते हैं और आपके डेटा को अपने सर्वर या थर्ड-पार्टी कंपनियों को भेज सकते हैं.

कुछ ऐप्स तो आपके कैमरे और माइक्रोफोन तक को बिना आपकी जानकारी के एक्टिवेट कर सकते हैं. इसका मतलब ये है कि वे आपकी आवाज़ सुन सकते हैं या गुप्त रूप से आपकी तस्वीरें भी ले सकते हैं. इस तरह आपकी निजी बातें और फोटोज किसी और के पास पहुंच सकती हैं.

कैसे करें अपनी प्राइवेसी सुरक्षित

सबसे पहले, अपने फोन में मौजूद ऐप्स की लिस्ट देखें और उन ऐप्स को तुरंत हटा दें जिनका आप अब इस्तेमाल नहीं करते या जिनकी परमिशन आपको संदिग्ध लगती है. सेटिंग्स में जाकर ऐप परमिशन सेक्शन में यह जांचें कि कौन-सा ऐप किस चीज़ का एक्सेस ले रहा है. जिन ऐप्स को कैमरा, माइक्रोफोन या लोकेशन की जरूरत नहीं है, उनसे ये परमिशन हटा दें.

इसके अलावा, हमेशा Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप्स डाउनलोड करें. थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स से डाउनलोड किए गए ऐप्स में अक्सर मैलवेयर या स्पाइवेयर छिपे होते हैं जो आपकी जानकारी चोरी कर सकते हैं. साथ ही, फोन का सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट समय-समय पर करते रहें ताकि कोई भी खामी जल्दी ठीक हो सके.

कई बार फेक ऐप्स असली ऐप्स के नाम पर प्ले स्टोर पर आ जाते हैं इसलिए ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके डेवलपर का नाम, रिव्यू और डाउनलोड संख्या जरूर जांच लें. भरोसेमंद एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल भी आपकी प्राइवेसी को एक अतिरिक्त सुरक्षा परत प्रदान करता है.

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अमेरिका से टैरिफ वार्ता पर बोले रघुराम राजन, भारत को जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए फैसला

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India US trade talks: भारत के पूर्व रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन ने भारत और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रैरिफ वार्ता को लेकर अपनी राय रखी है. राजन ने अमेरिकी थिंक टैंक DeKoder को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि, भारत को अमेरिका से चल रही ट्रेड वार्ता में अपने टैरिफ का स्तर 10 से 20 प्रतिशत के दायरे में रखने का लक्ष्य रखना चाहिए. भारत को ऐसा कोई भी वादा नहीं करना चाहिए, जिसे निभाना मुश्किल हो.

भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड वार्ता के नतीजों को लेकर सबकी उत्सुकता बनी हुई है. अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है. बाजार जानकारों का मानना है कि, इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान होने की पूरी संभावनाएं हैं.

पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने क्या कहा?

अमेरिकी थिंक टैंक DeKoder से बातचीत के दौरान राजन ने भारत को टैरिफ स्तर 10 से 20 प्रतिशत के दायरे में रखने की बात कही हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि, भारत को जापान और यूरोपीय देशों की तरह कठोर प्रतिबद्धताएं नहीं करनी चाहिए. जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर भविष्य में नुकसान हो. राजन के अनुसार, भारत अगर इस टैरिफ वार्ता को शून्य टैरिफ स्तर पर पहुंच पाए जो यह देश के लिए अच्छा होगा.

साथ ही इस बात का ध्यान भी रखना होगा कि, हम अपने प्रतिस्पर्धियों से पीछे ना छूट जाएं. अमेरिकी टैरिफ पर पूर्वी और दक्षिण एशिया के कई  देशों ने 19 प्रतिशत टैरिफ पर सहमति कर ली है. वहीं, विकसित देशों जैसे यूरोप और जापान की बात करें तो, 15 प्रतिशत पर टैरिफ सहमति बनी है. रघुराम राजन को लगता है कि, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए भारत को अमेरिका से टैरिफ स्तर पर 10 से 20 प्रतिशत के बीच रखना चाहिए. 

भारत-अमेरिका के बीच जारी है टैरिफ वार्ता

अमेरिका ने भारत से आयात होने वाली चीजों पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम टैरिफ लगाया है. जिससे भारतीय उत्पादों की मांग अमेरिकी बाजार में गिरने की संभावना है. अमेरिका और भारत के बीच कई स्तर पर टैरिफ वार्ता हो चुकी है. पिछले ही दिनों भारत का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी यात्रा से लौटा है.

दोनों ही देशों की तरफ से वार्ता के सकारात्मक होने के संकेत दिए जा रहे हैं. रूसी तेल खरीदने पर रोक की बात अमेरिका कर रहा है. हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि, उनका उद्देश्य भारतीय की इंटरेस्ट के अनुसार ही होगा. 

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फाइनल में इतिहास रचने से चूकीं शेफाली वर्मा, वर्ल्ड कप में अब तक कोई भारतीय नहीं कर पाया ऐसा

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ICC Women’s World Cup 2025 Final: आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आज यानी 2 नवंबर 2025 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेली जा रहा है. टीम इंडिया की स्टार ओपनर शेफाली वर्मा फाइनल में भले ही अपने शतक लगाने से चूक गईं, लेकिन उन्होंने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. शेफाली ने 87 रनों की शानदार पारी खेलकर महिला वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर अपने नाम कर लिया है. हालांकि, शेफाली फाइनल में शतक जड़ने वाली पहली भारतीय क्रिकेटर बनने का रिकॉर्ड हासिल नहीं कर पाईं.

फाइनल में शतक से चूकीं शेफाली 

भारतीय टीम की विस्फोटक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप के फाइनल मुकाबले में 78 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 87 रनों की शानदार पारी खेली. शेफाली ने टीम इंडिया को एक मजबूत शुरुआत दी और स्मृति मंधाना के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 104 रनों की बेहतरीन साझेदारी भी की. शेफाली ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से साउथ अफ्रीका को दबाव में ला दी थी, तब ही वे आयाबोंग खाका की गेंद पर सुने लूस को कैच दे बैठीं.

फाइनल में अर्धशतक से चूकीं स्मृति 

महिला विश्व कप के फाइनल मुकाबले में स्टार ओपनर स्मृति मंधाना अपनी 35वीं अर्धशतक लगाने से चूक गईं. उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दी और 58 गेंदों पर 8 चौके की मदद से 45 रनों की पारी खेलीं. स्मृति 17वें ओवर में क्लो ट्रायोन के गेंद पर विकेटकीपर सिनालो जाफ्ता की हाथों कैच आउट हुईं.

भारत और दक्षिण अफ्रीका का फाइनल में प्लेइंग-11

भारत: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, राधा यादव, क्रांति गौड़, श्री चरणी, रेणुका सिंह ठाकुर 

दक्षिण अफ्रीका: लौरा वोल्वार्ड्ट (कप्तान), ताजमिन ब्रिट्स, एनेके बॉश, सुने लुस, मारिजैन काप, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), एनेरी डर्कसन, क्लो ट्रायोन, नादिन डी क्लार्क, अयाबोंगा खाका, नॉनकुलुलेको म्लाबा

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RBI रिपोर्ट: MBBS की पढ़ाई के लिए भारतीयों की नई पसंद बना जॉर्जिया, यूक्रेन जैसे देशों में घट र

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यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच अब भारतीय छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जॉर्जिया की ओर रुख कर रहे हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत जारी आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में भारतीयों ने जॉर्जिया में एजुकेशन के लिए 50.25 मिलियन डॉलर भेजे हैं. यह राशि 2018-19 में भेजे गए 10.33 मिलियन डॉलर के तुलना में करीब 5 गुना ज्यादा है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए भारतीयों की नई पसंद क्यों बन रहा है जॉर्जिया और यूक्रेन के साथ  अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में क्यों रुझान घट रहा है.

यूक्रेन से हटकर जॉर्जिया की ओर बढ़ रहा है रुझान

यूक्रेन जो कभी भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स की पसंदीदा जगह हुआ करता था, अब स्टूडेंट्स की पसंद से बाहर होता जा रहा है. आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार यूक्रेन को भेजी जाने वाली राशि 2018-19 में 14.18 मिलियन डॉलर थी, जो 2024-25 में घटकर 2.40 मिलियन डॉलर रह गई है. वहीं रूस को भेजी गई राशि 69.94 मिलियन डॉलर रही, जो पिछले वर्षों की तुलना में 200 प्रतिशत ज्यादा थी. आरबीआई के अनुसार 2019 में जहां जॉर्जिया में 4,148 भारतीय छात्र पढ़ रहे थे, वहीं 2023 तक यह संख्या बढ़कर 10,470 हो गई. यहां के मेडिकल कॉलेज कम फीस में और इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई के लिए मशहूर है. जॉर्जिया में एमबीबीएस कोर्स की फीस भी सालाना 4,000 से 7,500 के बीच है. 6 साल के कोर्स की कुल फीस कुछ यूनिवर्सिटीज में 2,4000 तक रहती है जबकि यहां कुछ यूनिवर्सिटी में यह फीस लगभग 45,000 डॉलर तक पहुंच जाती है.
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क्यों बढ़ रही जॉर्जिया की लोकप्रियता?

जॉर्जिया में मेडिकल पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में होती है और यहां की वीजा प्रक्रिया भी आसान है. वहीं देश की सुरक्षा, यूरोप के करीब होने और किफायती फीस के कारण भारतीय छात्रों के लिए यह एक अच्छा ऑप्शन बन गया है. कई स्टूडेंट सीधे यूक्रेन से ट्रांसफर लेकर अब जॉर्जिया के मेडिकल कॉलेजों में भी पढ़ाई जारी रख रहे हैं.

अमेरिका और कनाडा में घट रहा भारतीयों का इंट्रेस्ट

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में अमेरिका में भारतीय छात्रों की तरफ से भेजी गई राशि में 10 प्रतिशत की  गिरावट आई है. कनाडा में यह गिरावट 43 प्रतिशत तक रही, जबकि ऑस्ट्रेलिया में 5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. वहीं ब्रिटेन में 12 प्रतिशत और जर्मनी में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, हालांकि मेडिकल एजुकेशन के सेक्टर में जॉर्जिया और रूस भारतीयों की नई पसंद के रूप में उभर रहे हैं.

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Video: बाइक वाले ने लिया यू-टर्न, तेज रफ्तार बस ने कुचला, दूर जा गिरा शख्स, वीडियो वायरल

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Road Accident Viral Video: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक हादसे का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक बाइक सवार को पीछे से आ रहे वाहन ने टक्कर मार दी. इस हादसे का वीडियो वाहन के डैशकैम में रिकॉर्ड हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

दूर जाकर गिरता है बाइक सवार

हालांकि, ये घटना कहां कि है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. वीडियो में देखा गया है कि बाइक सवार व्यक्ति यू-टर्न लेता है और आगे जाकर उसको पीछे से आ रहा वाहन टक्कर मार देता है. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर बुरी तरह गिर गया और उसकी बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई.

वीडियो में देखा गया कि टक्कर लगते ही उसकी बाइक कई हिस्सों में सड़क पर बिखर जाती है. बाइक सवार व्यक्ति सड़क पर बेहोश पड़ा होता है, जिसके बाद मौके पर मौजूद कुछ लोग दौड़कर बाइक सवार की मदद करने के लिए आते हैं. वो व्यक्ति को उठाने की कोशिश करते हैं.

लोगों ने हादसे को खतरनाक बताया

हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ है कि हादसे में व्यक्ति की जान बची या नहीं और साथ ही पुलिस को घटना की सूचना दी गई या नहीं.वीडियो को देखकर हादसे की गंभीरता साफ तौर पर नजर आ रही है.

वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने हादसे को खतरनाक बताया और हाईवे पर सावधानी पूर्वक वाहन चलाने की बात कहीं. हाईवे पर ड्राइवर्स को बहुत सावधानी के साथ गाड़ी चलानी चाहिए, क्योंकि ऐसे कई केस रोजाना सोशल मीडिया पर देखने को मिलते हैं.

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