दूसरे गोला से आया रहस्यमयी धूमकेतु, दिसंबर में धरती से टकराएगा?

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सोशल मीडिया पर 3I/ATLAS नाम के एक रहस्यमयी धूमकेतु की चर्चा इन दिनों जोरों पर है. ये नई खोजी गई चीज कई प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेंड कर रही है. यहां तक कि लोग एलियन मीम्स भी पोस्ट कर रहे हैं. चिली में नासा के एटलस टेलीस्कोप ने इसे सबसे पहले 1 जुलाई 2025 को खोजा था. इसकी कक्षा हाइपरबोलिक है, इसका मतलब है कि यह गुजर जाएगा और कभी लौटकर नहीं आएगा. 

यह धूमकेतु गुरुवार (30 अक्तूबर) को सूर्य के सबसे करीब रहा. इस दौरान सूर्य की गर्मी से इसकी बर्फीली सतह पिघल गई. इससे एक चमकदार धुंधला आवरण और एक लंबी पूंछ बन गई. 3I/ATLAS हर साल देखे जाने वाले हजारों धूमकेतुओं से अलग दिखाई दिया. चूंकि ये सूर्य के गुरुत्वाकर्षण से बंधा नहीं है, यह किसी दूसरे तारामंडल से आया धूमकेतु है. 

3I/ATLAS हमारे सौरमंडल से गुजरने वाला तीसरा धूमकेतु 
60 किमी प्रति सेकंड से ज्यादा की स्पीड से ट्रैवल करते हुए 3I/ATLAS हमारे सौरमंडल से गुजरने वाला अब तक का तीसरा अंतरतारकीय पिंड है. इससे पहले 2017 में Oumuamua और 2019 में 2I/Borisov देखा गया था. दुनियाभर के वैज्ञानिकों की नजर इस धूमकेतु पर है. वैज्ञानिक अंतरिक्ष सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए इस पर लगातार नजर रख रहे हैं. सूर्य के करीब से गुजरने के बाद अब यह 19 दिसंबर 2025 को पृथ्वी के सबसे करीब आएगा. 

ब्रह्मांड के कई अनसुलझे रहस्यों से उठ सकता है पर्दा 
नासा के मुताबिक, इस धूमकेतु के व्यवहार से ब्रह्मांड के कई अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठ सकता है. इस धूमकेतु को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एटलस टेलीस्कोप ने खोजा था. यह अपने दुर्लभ गुणों, जैसे ऐंटी टेल और कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता के चलते वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बना है.

इसके टकराने का कोई खतरा नहीं 
नासा के मुताबिक, सूर्य और धरती के करीब से गुजरने के बाद भी इसके टकराने का कोई खतरा नहीं है. इससे पहले सौर मंडल में बाहर से आने वाले Oumuamua और 2I/Borisov धूमकेतु थे. हालांकि, वैज्ञानिकों की पकड़ में 3I/ATLAS धूमकेतु जल्दी आ गया. 
 
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हैलोवीन की ही तरह 7 ऐसे भारतीय त्योहार जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं! देखें तस्वीरें

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दुनियाभर में अक्टूबर का महीना कई मायनों में खास रहता है. लोग उत्साह के साथ हैलोवीन का इतंजार करते हैं. हर साल दुनियाभर में 31 अक्टूबर 2025 को हैलोवीन मनाया जाता है. इस दिन लोग तरह-तरह की डरावनी पौशाकें पहनते हैं. बच्चे घूम-घूमकर ट्रिक और ट्रिट करते हैं.

दुनियाभर में अक्टूबर का महीना कई मायनों में खास रहता है. लोग उत्साह के साथ हैलोवीन का इतंजार करते हैं. हर साल दुनियाभर में 31 अक्टूबर 2025 को हैलोवीन मनाया जाता है. इस दिन लोग तरह-तरह की डरावनी पौशाकें पहनते हैं. बच्चे घूम-घूमकर ट्रिक और ट्रिट करते हैं.

जिस तरह अमेरिका समेत दुनियाभर के अन्य देशों में हैलोवीन मनाया जाता है, ठीक उसी तरह भारत के अंदर भी अलग-अलग समूहों के लोग भी आत्माओं को शांति देने, मृतकों के सम्मान और जीवन और मौत के बीच अजीब-अजीब तरह के धार्मिक अनुष्ठान करते हैं.

जिस तरह अमेरिका समेत दुनियाभर के अन्य देशों में हैलोवीन मनाया जाता है, ठीक उसी तरह भारत के अंदर भी अलग-अलग समूहों के लोग भी आत्माओं को शांति देने, मृतकों के सम्मान और जीवन और मौत के बीच अजीब-अजीब तरह के धार्मिक अनुष्ठान करते हैं.

पश्चिम बंगाल में काली पूजा से एक दिन पहले भूत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है, जिसे भूत चौदस के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व बंगाल के हैलोवीन की तरह ही है. इस दिन लोग अपनी पूर्वजों की आत्माओं को भटकने से रोकने के लिए 14 मिट्टी के दीये जलाकर घर के अलग अलग अंधेरे कोनों में रख देते हैं.

पश्चिम बंगाल में काली पूजा से एक दिन पहले भूत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है, जिसे भूत चौदस के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व बंगाल के हैलोवीन की तरह ही है. इस दिन लोग अपनी पूर्वजों की आत्माओं को भटकने से रोकने के लिए 14 मिट्टी के दीये जलाकर घर के अलग अलग अंधेरे कोनों में रख देते हैं.

नेपाल, भारत के सिक्किम और दार्जिलिंग जैसे राज्यों में अगस्त से सितंबर के बीच गाय जात्रा जिसे गाय उत्सव भी कहा जाता है, इस दिन लोग अपनी प्रियजनों की याद में गाय या साधु का वेश धारण करते हैं और मृतकों की याद में गांव भर में जुलूस निकालते हैं.

नेपाल, भारत के सिक्किम और दार्जिलिंग जैसे राज्यों में अगस्त से सितंबर के बीच गाय जात्रा जिसे गाय उत्सव भी कहा जाता है, इस दिन लोग अपनी प्रियजनों की याद में गाय या साधु का वेश धारण करते हैं और मृतकों की याद में गांव भर में जुलूस निकालते हैं.

भारत देश में सितंबर माह में 16 दिनों तक पितृ पक्ष का त्योहार मनाते हैं. इस दौरान हिंदू लोग अपने पूर्वजों की याद में उनका तर्पण और पिंडदान करते हैं. पितृ पक्ष का हैलोवीन से जुड़ाव मृतकों की आत्मा को सम्मान देना है. भारत के वाराणसी और गया बिहार में मुख्य रूप से पितृ पक्ष के दौरान भीड़ देखने को मिलती है.

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भारतवर्ष में इस्लामी कैलेंडर के आठवें महीने में शब-ए-बारात को मनाया जाता है. मुसलमानों के लिए ये रात बेहद खास होती है. इस्लामी मान्यताओं के मुताबिक अल्लाह इस रात आने वाले साल में क्या होगा, इसका निर्णय करते हैं. यह रात प्रार्थना की रात होती है.  शब-ए-बारात का हैलोवीन से जुड़ाव इस कदर है कि, लोग अपने दिवंगत प्रियजनों की कब्र पर जाकर आत्माओं के लिए अल्लाह से प्रार्थना करते हैं.

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भारत के ओडिशा राज्य में दिवाली के दिन लोग बड़ा बदुआ डाका नामक विशेष अनुष्ठान करते हैं. इस दिन परिवार के लोग घर के सामने इक्ट्ठा होकर जूट की लकड़ियों को जलाते हैं. जलती हुई जूट की लकड़ियों को हाथ में पकड़कर उड़िया भाषा में विशेष तरह के मंत्रों का उच्चार करते हैं. इस अनुष्ठान को करने का उद्देश्य पूर्वजों की आत्माओं को शांति प्रदान करने के साथ वापस अपनी दुनिया में जाने के लिए प्रेरित करते हैं.

भारत के ओडिशा राज्य में दिवाली के दिन लोग बड़ा बदुआ डाका नामक विशेष अनुष्ठान करते हैं. इस दिन परिवार के लोग घर के सामने इक्ट्ठा होकर जूट की लकड़ियों को जलाते हैं. जलती हुई जूट की लकड़ियों को हाथ में पकड़कर उड़िया भाषा में विशेष तरह के मंत्रों का उच्चार करते हैं. इस अनुष्ठान को करने का उद्देश्य पूर्वजों की आत्माओं को शांति प्रदान करने के साथ वापस अपनी दुनिया में जाने के लिए प्रेरित करते हैं.

पितृपक्ष के अंतिम दिन पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी राज्यों में महालया अमावस्या मनाया जाता है. दरअसल पितृपक्ष के बाद देशभर में दुर्गा पूजा का उत्सव मनाया जाता है. महालया के दिन लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करते हैं, और नदी के किनारे अपने पूर्वजों की आत्मा को जल अर्पित करते हैं.

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उत्तरी केरल के कासरगोड और कन्नूर जिले में दिसंबर से अप्रैल तक थेय्यम का उत्सव मनाया जाता है. थेय्यम मात्र एक त्योहार ही नहीं बल्कि जीता जागता  और गहन नृत्य शैली है, जो 800 सालों से भी चला आ रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार थेय्यम नृत्य के दौरान कलाकार विशेष तरह का वेशभूषा को पहनकर किसी देवता या पूर्वज की आत्मा का माध्यम बन जाता है.

उत्तरी केरल के कासरगोड और कन्नूर जिले में दिसंबर से अप्रैल तक थेय्यम का उत्सव मनाया जाता है. थेय्यम मात्र एक त्योहार ही नहीं बल्कि जीता जागता और गहन नृत्य शैली है, जो 800 सालों से भी चला आ रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार थेय्यम नृत्य के दौरान कलाकार विशेष तरह का वेशभूषा को पहनकर किसी देवता या पूर्वज की आत्मा का माध्यम बन जाता है.

Published at : 31 Oct 2025 09:00 AM (IST)

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Video: ऐसे ही खींच ले जाती है मौत! एक सेंकड के अंतर से बची शख्स की जान, हैरान कर देगा वीडियो

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Road Accident Viral Video: सोशल मीडिया पर एक खतरनाक हादसे का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति की जान बस कुछ सेकंड के चलते बची. वीडियो में देखा गया कि व्यक्ति जैसे ही अपनी गाड़ी में बैठने वाला होता है, वैसे ही पीछे से एक कार जोरदार टक्कर मार देती है. गनीमत रही कि व्यक्ति की जान बाल-बाल बच गई. 

गाड़ी के पीछे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त 

वीडियो में देखा गया है कि एक व्यक्ति, जो संतरी रंग की टी-शर्ट और शॉटर्स पहने हुए है. वो पेट्रोल पंप के पास खड़ा होता है. वह अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ता है. सब कुछ सामान्य नजर आ रहा है, लेकिन जैसे ही व्यक्ति अपनी गाड़ी के बेहद करीब पहुंचता है और बैठने वाला होता है, वैसे ही पीछे से एक तेज रफ्तार कार आती है और व्यक्ति की गाड़ी को जोरदार टक्कर मारती है. गनीमत रही कि व्यक्ति तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से बच जाता है. हादसे के कारण व्यक्ति की गाड़ी का पीछे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है.

सीसीटीवी में कैद हुआ खतरनाक मंजर

वीडियो में साफ देखा गया कि टक्कर मारने के बाद कार का ड्राइवर तेजी से फरार हो जाता है.व्यक्ति की गाड़ी टक्कर लगने के कारण पूरी तरह कबाड़ हो जाती है. हादसा बेहद ही खतरनाक था, लेकिन सिर्फ चंद सेकंड की वजह से व्यक्ति तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से बच गया नहीं तो व्यक्ति की जान भी जा सकती थी. ये पूरी घटना पेट्रोल पंप के पास लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है. लोगों के हादसे पर रिएक्शन सामने आ रहे हैं.

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Elon Musk का नया धमाका! आखिर क्यों बनाया Grokipedia? खुद बताई हैरान कर देने वाली वजह

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Elon Musk Grokipedia: टेक जगत में हलचल मचाने वाले एलन मस्क ने एक और नया प्रोजेक्ट लॉन्च किया है Grokipedia. यह एक AI-पावर्ड ऑनलाइन एनसाइक्लोपीडिया है जिसे उनकी कंपनी xAI ने तैयार किया है. यह साइट अब सभी यूज़र्स के लिए फ्री में उपलब्ध है और इसमें लाखों आर्टिकल पहले से मौजूद हैं. लेकिन सवाल ये उठता है कि जब Wikipedia पहले से ही इतनी बड़ी जानकारी का स्रोत है तो फिर मस्क को नई वेबसाइट बनाने की ज़रूरत क्यों पड़ी? आइए जानते हैं मस्क ने खुद इस पर क्या कहा.

Wikipedia से नाराज़गी बनी वजह

एलन मस्क लंबे समय से Wikipedia के आलोचक रहे हैं. उनका मानना है कि यह प्लेटफॉर्म फार-लेफ्ट एक्टिविस्ट्स के कंट्रोल में है. मस्क ने कई बार अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) पर Wikipedia पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि Wikipedia पर woke mind virus फैलाया जा रहा है और लोगों से अपील की कि वे अब इस प्लेटफॉर्म को दान न करें.

इन सबके बीच मस्क ने यह महसूस किया कि लोगों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म चाहिए जहां जानकारी निष्पक्ष और सच्ची हो और इसी सोच से ‘Grokipedia’ का जन्म हुआ.

क्या है Grokipedia और कैसे काम करता है?

Grokipedia एक ऐसी वेबसाइट है जो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा संचालित है. मस्क का दावा है कि यह प्लेटफॉर्म “पूरी तरह ओपन सोर्स” है यानी कोई भी व्यक्ति इसे फ्री में इस्तेमाल कर सकता है.

जब एक यूज़र कोई विषय सर्च करता है तो Grok AI चैटबॉट उस जानकारी को ढूंढता और xAI के इंटरनल सिस्टम्स के माध्यम से उसका विश्लेषण करता है. इसके बाद उस विषय पर एक सटीक और तथ्यों पर आधारित पेज तैयार किया जाता है.

एलन मस्क ने कहा कि Grokipedia का लक्ष्य सिर्फ जानकारी देना नहीं बल्कि “सच्चाई दिखाना” है. एक यूज़र द्वारा जॉर्ज फ्लॉयड पेज पर पूछे गए सवाल के जवाब में मस्क ने कहा कि Grokipedia में “केवल सच्चाई” दिखाई जाएगी.

Wikipedia का विकल्प ही नहीं एक बड़ा विजन

मस्क के लिए Grokipedia सिर्फ Wikipedia का विकल्प नहीं बल्कि एक बड़ी सोच का हिस्सा है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “Grokipedia, xAI के उस मिशन की दिशा में एक ज़रूरी कदम है जिसका मकसद ब्रह्मांड को समझना है.”

वर्तमान में Grokipedia के 0.1x वर्ज़न में करीब 8.85 लाख से ज़्यादा एंट्रीज़ जोड़ी जा चुकी हैं. मस्क ने यह भी कहा कि आने वाले अपडेट्स के साथ यह प्लेटफॉर्म और बेहतर होगा.

हम परफेक्ट नहीं होंगे, लेकिन कोशिश जारी रहेगी

एलन मस्क का मानना है कि Grokipedia के लिए यह शुरुआत है. उन्होंने लिखा, “हम कभी पूरी तरह परफेक्ट नहीं होंगे लेकिन उस दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश करते रहेंगे.”

अगर Grokipedia सही मायनों में AI के ज़रिए फैक्ट-चेकिंग और सटीक जानकारी प्रदान करने में सफल होती है तो यह न सिर्फ Wikipedia के लिए चुनौती बनेगी, बल्कि AI आधारित ज्ञान-साझाकरण के भविष्य को भी नई दिशा दे सकती है.

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भरे सिलेंडर पर रखा बम और लगा दी आग! इसके बाद जो हुआ देखकर फटी रह जाएंगी आंखें- वीडियो वायरल

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सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ ऐसा देखने को मिल जाता है जो हैरान कर देने वाला होता है. लेकिन इस बार जो वीडियो वायरल हुआ है, उसने लोगों को डरा भी दिया और गुस्से में भी भर दिया. वीडियो में एक शख्स इतना लापरवाह और खतरनाक काम करता दिखता है जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए. वो खाली सड़क के बीचोंबीच एक भरा हुआ एलपीजी गैस सिलेंडर रखता है, उसके ऊपर एक रस्सी बम रखता है और फिर आग लगा देता है. कुछ ही सेकंड बाद जैसे ही बम फटता है, सिलेंडर से आग का ऐसा भयानक गोला निकलता है मानो सड़क पर ज्वालामुखी फूट गया हो. ये नजारा इतना डरावना होता है कि वीडियो देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

एलपीजी सिलेंडर पर रखा बम और लगा दी आग

वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक सुनसान सड़क के बीच एक व्यक्ति एक एलपीजी गैस सिलेंडर लेकर आता है. वह उसे सड़क के बीचोबीच रख देता है. इसके बाद वह सिलेंडर के ऊपर रस्सी बम (जो आमतौर पर दिवाली में इस्तेमाल किया जाता है) रखता है और उसमें आग लगाता है. कैमरा थोड़ा दूर रखा गया है ताकि पूरा नजारा रिकॉर्ड हो सके. कुछ ही सेकंड में बम फटता है और अचानक सिलेंडर से इतनी तेज़ आग की लपटें निकलती हैं कि देखने वाला भी सहम जाए.


ज्वालामुखी की तरह फूटा सिलेंडर

आग का गोला लगभग ज्वालामुखी के विस्फोट जैसा दिखता है. चारों ओर धुआं और लपटें फैल जाती हैं. ऐसा लगता है मानो सिलेंडर किसी भी पल ब्लास्ट कर जाएगा. हालांकि वीडियो के अंत तक सिलेंडर फटता नहीं है, लेकिन उससे निकलती आग और धुआं भयानक रूप से उठता रहता है. आसमान तक जाती लपटें यह बताने के लिए काफी हैं कि अगर यह सिलेंडर सच में फट जाता तो पास में मौजूद किसी की जान भी जा सकती थी.

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यूजर्स बोले, समाज के लिए खतरा, ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो

वीडियो को deepakraaz566 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ऐसा लगता है कि ये किसी एडिटिंग का कमाल है. एक और यूजर ने लिखा…ऐसे लोग समाज के लिए खतरा हैं, कार्रवाई होनी चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…ये लोग दिमाग से अपाहिज हैं क्या. इस तरह के जानलेवा स्टंट कौन करता है.

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12वीं में फेल, दूध बेचने से शुरू किया सफर… आज IPS अफसर बन कर रहे देश की सेवा

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कहते हैं मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती. अगर इंसान में हिम्मत हो, तो असफलता भी सफलता की सीढ़ी बन जाती है. यही बात सच साबित की है महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव के रहने वाले उमेश गणपत खंडबहाले ने. कभी 12वीं कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा में फेल होने वाले उमेश आज भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं और पश्चिम बंगाल में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में कार्यरत हैं.

उमेश गणपत खंडबहाले की कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है. स्कूल के दिनों में वह पढ़ाई में बहुत होशियार नहीं थे. 12वीं कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा में उन्हें केवल 21 अंक मिले और वह फेल हो गए. इस असफलता ने उनके आत्मविश्वास को झटका दिया. परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी, इसलिए पढ़ाई छोड़कर उन्होंने अपने पिता के साथ काम करना शुरू कर दिया.

वे हर दिन गांव से नासिक जाते थे और दूध बेचकर घर का खर्च चलाने में मदद करते थे. इसके अलावा उन्होंने कई छोटे-मोटे काम भी किए जैसे सामान ढोना, खेतों में मदद करना, और कभी-कभी मजदूरी करना.

नई शुरुआत की ठानी

जीवन की कठिनाइयों ने उमेश को तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बना दिया. उन्होंने सोचा कि अगर फिर से कोशिश की जाए तो कुछ भी असंभव नहीं. उन्होंने ओपन स्कूल से 12वीं की परीक्षा दोबारा दी और इस बार अच्छे अंकों से पास हुए. यहीं से उनके जीवन ने नया मोड़ लिया. इसके बाद उमेश ने साइंस में ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने खुद को अनुशासन और मेहनत के रास्ते पर रखा. धीरे-धीरे उन्होंने अपने लक्ष्य को तय किया.

UPSC की कठिन राह

आईपीएस बनने का सपना आसान नहीं था. उमेश ने अपने सीमित संसाधनों में रहकर तैयारी शुरू की. उनके पास ना कोचिंग की सुविधा थी, ना ही शहर का वातावरण. लेकिन उनके पास था दृढ़ संकल्प और मेहनत का हौसला. उन्होंने रोज़ाना घंटों तक पढ़ाई की, किताबों और नोट्स से सीखा, और हर गलती से सबक लिया. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई. उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और 704वीं रैंक हासिल की. यह वही व्यक्ति था जिसे कभी “12वीं फेल” कहकर लोग ताना मारते थे और आज वही देश की सेवा कर रहा है.

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पिता को गले लगाकर खूब रोईं जेमिमा, भाई ने छुए पैर; सेमीफाइनल में भारत की जीत के बाद इमोशनल

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Jemimah Rodrigues In IND vs AUS Semi Final: वीमेंस वर्ल्ड कप सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार जीत हासिल की. नॉक ऑउट मैच में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट के हराया. इस सेमीफाइनल में जेमिमा रोड्रिगेज के बल्ले से 127 रनों की नाबाद पारी आई. जेमिमा 13 रन पर भारत का पहला विकेट गिरते ही मैदान पर उतरी थीं और आखिर में टीम इंडिया को जीत दिलाकर ही लौटीं. भारत की जीत के बाद जेमिमा जब अपने पिता से मिलीं, तब वे उन्हें गले लगाकर खूब रोने लगीं. भारत की इस खिलाड़ी ने अपने पिता के साथ ही हर भारतीय को गर्व महसूस कराया है.

पापा को गले लगाकर रोईं जेमिमा रोड्रिगेज

भारत-ऑस्ट्रेलिया का सेमीफाइनल मुकाबला नवी मुंबई में खेला गया, जो कि जेमिमा रोड्रिगेज का होम ग्राउंड है. ये सेमीफाइनल मैच देखने जेमिमा की पूरी फैमिली आई थी. टीम के साथ सेलिब्रेशन के बीच में जेमिमा अपने परिवार वालों से मिलने पहुंची. अपने पिता से गले मिलते ही जेमिमा गले लगकर रोने लगीं. इसके बाद जेमिमा के भाई ने उनके पैर भी छुए और गले लगाया.


जेमिमा ने शेयर किया इमोशनल पोस्ट

जेमिमा रोड्रिगेज ने भारत की जीत के बाद एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट में जेमिमा ने पांच फोटो शेयर की हैं, जिसमें पहली उनके पिता के साथ गले मिलते हुई. दूसरी फोटो में जेमिमा अपनी मां को गले लगाती नजर आ रही हैं. जेमिमा ने अपनी साथी खिलाड़ी अरुंधति रेड्डी के साथ फोटो शेयर की है. वहीं चौथी फोटो में जेमिमा, स्मृति मंधाना से खुशी से गले मिलती नजर आ रही हैं. वहीं जेमिमा ने पांचवां फोटो अपनी फैमिली के साथ शेयर किया है. जेमिमा रोड्रिगेज ने ये पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि ‘इन लोगों ने मुझ पर तब विश्वास किया, जब मैंने भी खुद पर नहीं किया था. मुझे खुशी है कि ये लोग मेरे जीवन में हैं’.


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‘एक दीवाने की दीवानियत’ उड़ा रही गर्दा, 10वें भी दिन की कमाई भी शानदार

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हर्षवर्धन राणे की ‘एक दीवाने की दीवानियत’ पिछले हफ्ते दिवाली पर सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. यह फिल्म आयुष्मान खुराना, रश्मिका मंदाना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ‘थामा’ से टकराई, जो दिनेश विजान की हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स की एक बड़ी रिलीज थी. ‘एक दीवाने की दीवानियत’ की तुलना में ‘थामा’ लगभग तीन गुना  ज्यादा शो के साथ रिलीज हुई, फिर भी, हर्षवर्धन की फिल्म अपनी पकड़ बनाए रखने और हिट होने में कामयाब रही है. यह अब एक्टर की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. चलिए यहां जानते हैं ‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने रिलीज के 10वें दिन यानी दूसरे गुरुवार को कितना कलेक्शन किया है?

एक दीवाने की दीवानियतने 10वें दिन कितनी की कमाई?
‘एक दीवाने की दीवानियत’ में  हर्षवर्धन राणे और सोनम बाजवा ने लीड रोल प्ले किया है. फिल्म की कहानी एक जुनूनी लव स्टोरी पर बेस्ड है और इसे दर्शकों से खूब प्यार मिल है. इसी के साथ इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई के साथ हर्षवर्धन की ‘सनम तेरी कसम’ को पीछे छोड़ दिया है. रिलीज के 10 दिनों में ‘एक दीवाने की दीवानियत’  ने अपनी 25 करोड़ की लागत से दुगनी से ज्यादा कमाई कर हिट का टैग भी हासिल कर लिया है अब तो ये मुनाफा बटोरने में लगी है.

फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो इसने पहले दिन 9 करोड़ की अच्छी कमाई की थी. दूसरे दिन इसने 7.75 करोड़, तीसरे दिन 6 करोड़, चौथे दिन 5.5 करोड़, पांचवें दिन 6.25 करोड़ और छठे दिन 7 करोड़ की कमाई की. वहीं सोमवार को इसकी कमाई घटकर 3.5 करोड़ रह गई, लेकिन मंगलवार को टिकटों की रियायती कीमतों की बदौलत थोड़ी बढ़ोतरी हुई और इसने 4.5 करोड़ का कलेक्शन किया. बुधवार को इसने 3 करोड़ कमाए.

  • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक 10वें दिन यानी दूसरे गुरुवार को ‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने 2.5 करोड़ कमाए.
  • इसी के साथ भारत में इसकी कुल कमाई 55 करोड़ रुपये हो गई है.

‘एक दीवाने की दीवानियत’ तोड़ने वाली है ‘मेट्रो इन दिनों’ का रिकॉर्ड
‘एक दीवाने की दीवानियत’ की कमाई में 10वें दिन काफी गिरावट देखी गई. हालांकि फिर भी ये कई फिल्मों को मात दे रही है. परम सुंदरी के 54.85 करोड़ के कलेक्शन को मात देने के बाद अब ये मेट्रो इन दिनों के भारत में लाइफटाइम नेट कलेक्शन 56.3 करोड़ को पछाड़ने से इंचभर दूर रह गई है. शुक्रवार को फिल्म ये उपलब्धि हासिल कर लेगी.

 

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Video: कौनसा शैंपू लगाती है! बालों के सहारे चखरी की तरह घूमी लड़की, वीडियो देख दंग रह गए लोग

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Viral Stunt Video: दुनिया में टैलेंट की कमी नहीं, लेकिन कुछ परफॉर्मेंस ऐसी होती हैं, जिन्हें देखकर आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. ऐसा ही नज़ारा अमेरिका के फेमस रियलिटी शो America’s Got Talent के मंच पर देखने को मिला, जहां एक लड़की ने अपने बालों से ऐसा खतरनाक स्टंट किया कि जज से लेकर दर्शक तक सब दंग रह गए.

बालों के सहारे गोल-गोल घूमी लड़की

शो में एक लड़का और लड़की की जोड़ी स्टेज पर आई. शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन जैसे ही उनका एक्ट शुरू हुआ, माहौल रोमांच और हैरानी से भर गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़के ने एक मोटी स्टील पाइप को पकड़ा हुआ है. उसी पाइप के सबसे ऊपर एक हुक लगा है और उस हुक में लड़की अपनी चोटी को फंसा रही है.

इसके बाद लड़की बिना हाथ लगाए हवा में लटक जाती है. अचानक वह सिर्फ अपने बालों के सहारे गोल-गोल घूमना शुरू कर देती है. नीचे से लड़का भी पाइप को घुमाता है और लड़की ऊपर से एक चरखी की तरह लगातार घूमती चली जाती है.

नज़ारा देखकर लोगों की थमीं सासें!

लड़की का इस तरह घूमना इतना खतरनाक था कि दर्शक सांसें रोककर देखने लगे. जजों के चेहरे पर भी हैरानी साफ दिखाई दी. कुछ लोग डर और हैरानी में चीख उठे. स्टेज पर हर किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि यह एक्ट बिना किसी सपोर्ट के सिर्फ बालों के दम पर किया गया है.

जैसे ही एक्ट खत्म हुआ, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा. जजों ने खड़े होकर तालियां बजाईं. यह एक्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इसे देखकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. किसी ने लिखा, मुझे तो अब भी यकीन नहीं हो रहा, तो किसी ने मजाक में लिखा , मैडम कौन सा शैंपू लगाती हैं.


पश्मीना शॉल ओढ़े भारतीय मूल की हिंदू महिला ने छुड़ा दिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पसीने

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अमेरिका के मिसिसिपी यूनिवर्सिटि में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा पल आया, जिसने पूरे हॉल को सन्न कर दिया. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जब मंच पर माइग्रेशन पॉलिसी पर बोल रहे थे, तभी पश्मीना शॉल पहने भारतीय मूल की एक महिला छात्रा ने खड़े होकर उनसे सवाल पूछा. वेंस ने अपने भाषण में कहा था कि अमेरिका को अब कानूनी प्रवासियों की संख्या घटानी चाहिए, क्योंकि बढ़ती जनसंख्या से समाज पर बोझ बढ़ रहा है.

इस पर छात्रा ने सीधे उनसे पूछा कि आप हमें अमेरिकी सपना दिखाकर यहां लाए, हमने पढ़ाई की, काम किया, टैक्स दिया, अब आप कहते हैं कि हम ज़्यादा हैं? हमें बाहर निकालना चाहते हैं? छात्रा के सवाल के बाद सभागार तालियों से गूंज उठा और माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया.

वेंस का जवाब और बढ़ता तनाव

जेडी वेंस ने छात्रा के सवाल पर शांत रहने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि वे कानूनी प्रवासियों का सम्मान करते हैं, लेकिन हर साल लाखों नए लोगों को देश में आने देने से सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने नागरिकों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर प्रवासन की गति कम करनी चाहिए. छात्रा ने फिर कहा, “यह हंगामा नहीं, सवाल है. हम वही पूछ रहे हैं, जो हर प्रवासी महसूस कर रहा है.” वेंस ने मुस्कराते हुए कहा कि बातचीत जरूरी है, लेकिन देश की नीतियां भावना नहीं, संतुलन पर आधारित होती हैं.

धर्म और पहचान पर भी उठा सवाल

बातचीत यहीं खत्म नहीं हुई. छात्रा ने वेंस से पूछा कि क्या “अमेरिका से प्यार करने के लिए ईसाई होना जरूरी है?” यह सवाल इसलिए खास था क्योंकि वेंस की पत्नी उषा वेंस भारतीय मूल की हिंदू हैं. इस पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेरी पत्नी हिंदू हैं और मैं ईसाई. मैं चाहता हूं कि वह हमारे धर्म को समझें, लेकिन अगर वह न चाहें तो यह उनका अधिकार है. ईश्वर ने हर व्यक्ति को अपनी राह चुनने की आजादी दी है.” उनका यह जवाब सुनकर माहौल कुछ शांत हुआ, लेकिन वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर छा गई. हज़ारों भारतीय-अमेरिकी यूजर्स ने छात्रा के साहस की तारीफ की और कहा कि उसने हर प्रवासी की आवाज बनकर बात की.

भारतीय छात्रों और पेशेवरों में बढ़ती चिंता

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका की प्रवासन नीतियां लगातार सख्त होती जा रही हैं. कई भारतीय छात्र H-1B और OPT वीज़ा की नई शर्तों से परेशान हैं. हजारों वीजा रद्द हो चुके हैं और EAD (Employment Authorization) प्रक्रिया भी और जटिल बना दी गई है. भारतीय समुदाय का कहना है कि वे वर्षों से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन में योगदान दे रहे हैं, फिर भी अब उन्हें यह महसूस कराया जा रहा है कि वे बोझ हैं. इस वजह से कई युवा अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं.

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