क्या ट्रंप की धमकियों से डर गया भारत? सितंबर में रूस कम हुई तेल की खरीद

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Russian Crude Oil Import: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से कच्चे तेल की आयात को लेकर 25 परसेंट की पेनाल्टी लगाई है. इसी के साथ भारत पर टैरिफ बढ़कर 50 परसेंट तक पहुंच चुका है. अमेरिका का मानना है कि यूक्रेन पर रूसी हमले की सबसे बड़ी वजह भारत और चीन है. अगर ये रूस से तेल खरीदना बंद कर दे, तो यूक्रेन पर हमला तुरंत रूक जाएगा.

ट्रंप का कहना है कि ये रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन में हमले को बढ़ावा दे रहा है. ट्रंप ने यह तक कहा है कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन में हमले के लिए रूस की फंडिंग कर रही है. इसे लेकर अमेरिकी सरकार लगातार भारत पर दबाव बना रही है कि वह रूस से तेल खरीदना बंद कर दे और अब लगता है कि कहीं का कहीं इस दबाव का असर भी दिखने लगा है.

रिपोर्ट में चौंकानेवाला खुलासा 

सिंतबर के महीने में भारत ने रूस से अगस्त के मुकाबले कम तेल खरीदा. हालांकि, यह गिरावट बेहद मामूली है. ग्लोबल रियल टाइम डेटा और एनालिटिक्स प्रोवाइडर केप्लर की ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, सितंबर में भारत का रूस से तेल आयात 1.60 मिलियन बैरल प्रति दिन रहा, जो अगस्त के 5.4 परसेंट के लेवल से कम है. केप्लर की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में भारत की सरकारी कंपनियों का रूस से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट औसतन 605,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) रहा, जो अप्रैल-अगस्त के औसत से 32 परसेंट कम है. 

क्या सच में ट्रंप के दबाव में आया भारत?

रूस से भारत के लिए कितने तेल की सप्लाई की जानी है इस पर कॉन्ट्रैक्ट डिलीवरी से छह-आठ हफ्ते पहले ही बन जाता है. यानी कि सितंबर में कितने बैरल तेल का एक्सपोर्ट किया जाना है यह जुलाई और अगस्त में हुए कॉन्ट्रैक्ट में ही तय हो जाता है. जुलाई में ट्रंप ने रूस से तेल की खरीद को लेकर भारत पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा शुरू किया था और अगस्त के पहले हफ्ते तक उन्होंने भारत पर पेनाल्टी लगाए जाने की भी घोषणा कर दी थी. अब अक्टूबर में रूस से तेल की सप्लाई होने के बाद ही यह साफ-साफ समझ में आएगा कि क्या वाकई में ट्रंप प्रशासन के दबाव का कुछ खास असर हुआ है कि नहीं? 

क्या है इसके पीछे वजह? 

केप्लर ने बताया कि इसकी एक बड़ी वजह रूस से भारत आने वाली माल ढुलाई की लागत हो सकती है, जिसमें कोई कमी नहीं आई है. सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत तक रूस से भारत आने वाली माल ढुलाई की लागत में इजाफा हुआ. तेल की खरीद पर मिलने वाला डिस्काउंट भी पहले के मुकाबले कम हुआ है. इसके अलावा, रूस से तेल की खरीद को लेकर अमेरिका के दबाव के बढ़ते जोखिम और सरकारी कंपनियों के लिए सप्लाई में विविधता लाने की जरूरत भी इसकी एक वजह हो सकती है. 

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इस टीम ने उठाया चौंकाने वाला कदम, क्रिकेट जगत में पहली बार हुआ ऐसा, जानकर चौंक जाएंगे

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USA Cricket: अमेरिका में क्रिकेट का भविष्य इन दिनों संकट में नजर आ रहा है. पिछले महीने आईसीसी (ICC) ने USA क्रिकेट को उसके दायित्वों को बार-बार तोड़ने के आरोप में सदस्यता से निलंबित कर दिया था. अब इस विवाद के बीच USA क्रिकेट ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है. बोर्ड ने चैप्टर 11 दिवालियापन (Chapter 11 Bankruptcy) के लिए अर्जी दाखिल कर दी है. क्रिकेट इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी आईसीसी सदस्य संस्था ने दिवालियापन की कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया है.

क्या है चैप्टर 11 दिवालियापन?

चैप्टर 11 दिवालियापन अमेरिका का एक कानूनी प्रावधान है, जो किसी संस्था या व्यक्ति को अदालत की निगरानी में अपने कर्ज और वित्तीय संकट को पुनर्गठित करने की अनुमति देता है. इसका मतलब यह नहीं कि संस्था बंद हो जाती है, बल्कि उसे फिर से खड़ा होने का मौका दिया जाता है. यह चैप्टर 7 से अलग है, जिसमें कंपनी की संपत्तियों को बेचकर कर्ज चुकाया जाता है. इसका मकसद संस्था को पूरी तरह बंद करने के बजाय उसे दोबारा खड़ा करना होता है. इसमें संस्था अपने संचालन को जारी रखते हुए उधार चुकाने और वित्तीय व्यवस्था सुधारने की कोशिश कर सकती है. यही वजह है कि इसे “पुनर्गठन दिवालियापन” कहा जाता है.

सुनवाई से ठीक पहले उठाया कदम

अमेरिकन क्रिकेट एंटरप्राइजेज (ACE) के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद की सुनवाई शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही USA क्रिकेट के वकील ने कोर्ट में दिवालियापन का ऐलान कर दिया. ACE ने आरोप लगाया कि बोर्ड को पहले से पता था कि नतीजा उसके खिलाफ जाएगा, इसलिए उसने यह कदम उठाया है. साथ ही ACE ने कहा कि USA क्रिकेट अब खिलाड़ियों और खेल के विकास की बजाय राजनीति और आंतरिक खींचतान में उलझा हुआ है.

खिलाड़ियों पर संकट के बादल

इस कदम से उन खिलाड़ियों की चिंता बढ़ गई है जिन्होंने हाल ही में USA क्रिकेट से करार किया है या फिर मेजर और माइनर लीग में शामिल हुए हैं. सबसे बड़ी चुनौती यह है कि USA को 2026 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना है, लेकिन अगर बोर्ड की वित्तीय हालत और कानूनी विवाद ऐसे ही बने रहते हैं, तो टीम की भागीदारी पर भी सवाल उठ सकते हैं.

क्रिकेट पर असर

आईसीसी द्वारा सदस्यता निलंबित किए जाने और अब दिवालियापन की अर्जी ने साफ कर दिया है कि USA क्रिकेट गहरे संकट में है. एक तरफ खिलाड़ी भविष्य को लेकर असमंजस में हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में क्रिकेट को ग्लोबल स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिशों को भी बड़ा झटका लग सकता है.

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चाचा उम्र का लिहाज करो! छत पर चाची संग बूढ़े चाचा ने जमकर लगाए ठुमके- वीडियो हो रहा वायरल

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग हंसी भी नहीं रोक पा रहे और चाचा-चाची की जोड़ी को दुआएं भी दे रहे हैं. वीडियो में एक बुजुर्ग चाचा अपनी बीवी के साथ घर की छत पर खड़े होकर इश्क फरमाते दिख रहे हैं. मजेदार बात ये है कि दोनों ने मशहूर गाने “लाल दुपट्टा” पर रोमांटिक रील बनाई है और उनकी केमिस्ट्री ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. चाचा अपनी बीवी को लाल दुपट्टा गाने ऐसे इशारे करते हैं मानों कोई हीरो अपनी महबूबा को पुकार रहा है, तो वहीं चाची के इशारे भी प्रियंका चोपड़ा से कम नहीं हैं.

चाचा पर चढ़ा आशिकी का भूत, बीवी को बनाया प्रियंका चौपड़ा

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चाचा पूरी तरह रोमांटिक मूड में हैं. वे अपनी बीवी यानी चाची संग घर की छत पर खड़े होकर फिल्मी अंदाज में पोज देते नजर आ रहे हैं. बैकग्राउंड में बज रहा है हिट गाना “लाल दुपट्टा”, जिस पर चाची प्रियंका चोपड़ा की तरह सिर पर दुपट्टा डालकर शरमाती हुई अदाएं दिखाती हैं. इस दौरान चाचा कभी हाथ पकड़ते हैं, कभी गले लगने की कोशिश करते हैं तो कभी फिल्मी स्टाइल में इशारे करते हैं.

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

दोनों की जोड़ी देखकर लग रहा है मानो ये किसी बॉलीवुड फिल्म का सीन हो. ये पहला मौका नहीं है जब बुजुर्ग कपल का ऐसा वीडियो वायरल हुआ हो, अक्सर सोशल मीडिया पर दादी-नानी या दादाजी-नाना जी के डांस और रोमांटिक वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन इस बार चाचा-चाची का फिल्मी अंदाज वाकई दर्शकों का दिल जीत रहा है.

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यूजर्स लेने लगे मजे, बोले चाचा उम्र का तो लिहाज करते

वीडियो को baba_badri_official नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…आप दोनों की जोड़ी सलामत रहे. एक और यूजर ने लिखा…उम्र का लिहाज करो चाचा, इस उम्र में ये सब शोभा नहीं देता. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…पुराने खिलाड़ी भी मैदान में उतर आए हैं, अब होगी आशिकी की जंग.

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हिमाचल के स्कूलों में बड़ा बदलाव, CBSE में शामिल होंगे 100 से ज्यादा स्कूल और लड़के-लड़कियां पढ

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हिमाचल प्रदेश के स्कूलों को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. अब राज्य के 100 से ज्यादा सरकारी स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से जोड़ा जाएगा. इसका मतलब यह है कि इन स्कूलों में पढ़ाई अब CBSE के पैटर्न पर होगी. वहीं, इन स्कूलों में लड़के और लड़कियां अब एक साथ पढ़ेंगे, क्योंकि सरकार ने अलग-अलग स्कूलों को मर्ज करके को-एजुकेशन लागू करने का फैसला किया है. यह खबर उन पैरेंट्स के लिए खास है, जो अपने बच्चों को CBSE के स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं। 

क्यों खास है यह मास्टर प्लान?

हिमाचल सरकार और शिक्षा निदेशालय ने मिलकर बड़ा कदम उठाया है. पहले चरण में 100 से ज्यादा सरकारी स्कूलों को CBSE बोर्ड से जोड़ा जाएगा. इनमें हाई स्कूल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं. अभी तक कई स्कूल सिर्फ लड़कों या सिर्फ लड़कियों के लिए थे, लेकिन अब इन्हें मर्ज करके को-एजुकेशन लागू की जाएगी. शिक्षा निदेशालय ने इसकी पूरी लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें स्कूलों के नाम और मर्ज करने की योजना बताई गई है.

क्या है इस प्लान का मकसद?

इस प्लान का मकसद बच्चों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा देना है.CBSE की पढ़ाई पूरे देश में बेहतरीन मानी जाती है और इससे बच्चों को भविष्य में कॉलेज या नौकरी के लिए ज्यादा मौके मिलेंगे. साथ ही, को-एजुकेशन से बच्चों में आपसी समझ और बराबरी का भाव आएगा.

CBSE से जुड़ने के लिए स्कूलों को क्या करना होगा?

CBSE से संबद्धता पाने के लिए स्कूलों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. इसके तहत स्कूलों को लैंड रिकॉर्ड देना होगा, जिसमें स्कूल की जमीन का पूरा ब्योरा होगा. वहीं, बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट देना होगा, जिसमें बिल्डिंग के सुरक्षित होने का सबूत देना होगा. साथ ही, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के अलावा साफ पानी और स्वच्छता सर्टिफिकेट भी देना होगा. ये सभी दस्तावेज स्कूलों को CBSE के सारस 6.0 पोर्टल पर अपलोड करने होंगे. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्कूल को CBSE की मान्यता मिलेगी. सरकार ने साफ कहा है कि हर स्कूल को इन नियमों का पालन करना होगा, जिससे बच्चों को अच्छी और सुरक्षित पढ़ाई मिलेइन नियमों का पालन 

किन-किन जिलों के स्कूल CBSE में होंगे शामिल?

हिमाचल के हर जिले से कुछ स्कूलों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है.

  • बिलासपुर जिला: यहां 6 स्कूल CBSE से जुड़ेंगे. इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर, घुमारवीं, हटवाड़, भराड़ी, तलाई और जुखाला शामिल हैं.
  • चंबा जिला: चंबा में भी 6 स्कूलों को चुना गया है, जिनमें किलाड़, चवाड़ी, सिंहुता, चंबा, तीसा और किहार शामिल हैं.
  • हमीरपुर जिला: हमीरपुर में 11 स्कूल CBSE से जुड़ेंगे. इनमें सोहारी, भोरंज, खरवाड़, शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर, नादौन, गलोड़, बड़ा, धनेटा, अमलैहड़, सुजानपुर और करोट शामिल हैं.
  • कांगड़ा जिला: कांगड़ा में सबसे ज्यादा 18 स्कूलों को CBSE से जोड़ा जाएगा. इनमें कुंसल, देहरा, ढलियारा, धर्मशाला, फतेहपुर, इंदौरा, जयसिंहपुर, अपर लंबागांव, सलेटी, ज्वालामुखी, ज्वाली, नगरोटा सूरियां, न्यू कांगड़ा, नगरोटा बगवां, नूरपुर, पालमपुर, कनबाड़ी और शाहपुर शामिल हैं.
  • किन्नौर जिला: यहां 4 स्कूल रिकांगपिओ, भावानगर, सांगला और कनम को सीबीएसई से जोड़ा जाएगा.
  • कुल्लू जिला: कुल्लू में 5 स्कूलों आनी, बंजार, मनाली, कुल्लू और सराहन को चुना गया है.
  • लाहौल-स्पीति जिला: यहां 2 स्कूल केलांग और काजा CBSE से जुड़ेंगे.
  • मंडी जिला: मंडी में 10 स्कूल CBSE से जुड़ेंगे. इनमें भंगरोटू, मड़ही, पनारसा, जोगेंद्रनगर, करसोग, गोहर, मंडी, सरकाघाट, जंजैहली और सुंदरनगर शामिल हैं.
  • सिरमौर जिला: सिरमौर में 7 स्कूलों को नाहन, राजगढ़, पांवटा साहिब, नौराधार, शिलाई, कफोटा और सतौन को शामिल किया गया है.
  • सोलन जिला: सोलन में 9 स्कूल अर्की, कुनिहार, दाड़लाघाट, बद्दी, नालागढ़, धर्मपुर, सोलन, कंडाघाट और ममलीग सीबीएसई से जुड़ेंगे.
  • ऊना जिला: ऊना में 7 स्कूलों को अंब, अंबोटा, हरोली, बदेहड़ा, दुलैहड़, बंगाणा और ऊना को चुना गया है.
  • शिमला जिला: शिमला में 13 स्कूल CBSE से जुड़ेंगे. इनमें नेरवा, स्वस्सती नगर, जुब्बल, गुम्मा, बल्देयां, कोटी, रामपुर, रोहडू, पोर्टमोर, छोटा शिमला, लालपानी, सुन्नी और घणाहट्टी शामिल हैं.

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‘इडली कढ़ाई’ से ‘जॉली एलएलबी 3’ समेत इन फिल्मों का बुधवार को कैसा रहा हाल? जान लीजिए बॉक्स ऑफिस

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बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों ढेर सारी फिल्में अपना जलवा दिखा रही हैं. हर शुक्रवार फिल्में रिलीज होती हैं और आते ही छा जाती है. साथ ही कुछ लंबी रेस के घोड़े की तरह टिकी भी रहती हैं. बॉक्स ऑफिस पर साउथ और नॉर्थ दोनों का दबदबा है. एक तरफ अक्षय कुमार की जॉली एलएलबी 3 पिछले 13 दिनों से छाई हुई है वहीं अब इस लिस्ट में धनुष की इडली कढ़ाई शामिल हो गई है. इस तरह से कई फिल्में हैं जो अच्छी कमाई कर रही हैं. आइए आपको बताते हैं किस फिल्म ने कितनी कमाई की है.

इडली कढ़ाई ने किया इतना कलेक्शन

इडली कढ़ाई धनुष की तमिल फिल्म है. जब वो कोई फिल्म लेकर आते हैं तो लोग उनके दीवाने हो जाते हैं. इडली कढ़ाई को लोगों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. ये फिल्म 1 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है और इसने पहले दिन ही 10.50 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है. पहले दिन ही फिल्म ने शानदार कमाई करके सभी को चौंका दिया है.

जॉली एलएलबी 3 पहुंची 100 करोड़ के पार

अक्षय कुमार और अरशद वारसी की फिल्म जॉली एलएलबी 3 सिनेमाघरों पर 19 सितंबर को रिलीज हुई थी. फिल्म 13 दिन में अब 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई है. इसने 13वें दिन 4.15 करोड़ का कलेक्शन किया है.

पवन कल्याण का जादू कायम

पवन कल्याण की फिल्म दे कॉल हिम ओजी ने आते ही सुनामी ला दी थी. पहले दिन ही इस फिल्म ने 100 करोड़ के पार कलेक्शन कर लिया था. अब फिल्म की कमाई काफी कम हो चुकी है. फिल्म को रिलीज हुए सात दिन हो गए हैं. सात दिन में इसका कलेक्शन 161.85 करोड़ हो गया है. फिल्म ने सातवें दिन 7 करोड़ का कलेक्शन किया है.

लोका चैप्टर-1 चंद्रा

मलयालम सुपरहीरो फिल्म लोका चैप्टर -1 चंद्रा भी हर जगह छाई हुई है. ये फिल्म अब 150 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई है. फिल्म का बुधवार का कलेक्शन सामने आ गया है. इसने 1.85 करोड़ की कमाई की है.

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शादी वाले दिन ही शुरू हो गया दूल्हा! सबके सामने दुल्हन से किया लिपलॉक- वीडियो देख यूजर्स ने लिए

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शादियों का सीजन हो और सोशल मीडिया पर कोई अनोखा वीडियो वायरल न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें दूल्हा अपनी दुल्हन के साथ शादी से पहले ही मैरिज गार्डन के कमरे में जाकर लिप-लॉक करता नजर आ रहा है. खास बात ये है कि इस पूरे पल को कैमरे में कैद भी किया गया और अब यही वीडियो लोगों की दिलचस्पी और चर्चाओं का कारण बन गया है. वीडियो देखकर आप भी यही कहेंगे कि भाई इतनी भी क्या जल्दी थी.

शादी में सबके सामने दुल्हन को लिप-लॉक करने लगा दूल्हा

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में देखा जा सकता है कि शादी की तैयारियों के बीच दूल्हा और दुल्हन अचानक मैरिज गार्डन के कमरे में पहुंच जाते हैं. वहां दोनों के बीच रोमांस शुरू हो जाता है. दूल्हा अपनी दुल्हन को पकड़कर लिप-लॉक करने लगता है और दुल्हन भी इसमें पूरी तरह शामिल हो जाती है. वीडियो को और ज्यादा चौंकाने वाला इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इस दौरान उनके साथ कैमरा मैन भी मौजूद थे, कैमरा टीम दोनों के इस प्राइवेट मोमेंट को शूट करती रही. यह सबकुछ शादी की रस्मों से पहले हुआ और अब इंटरनेट पर इसी वजह से यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.


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यूजर्स ने दी कड़ी प्रतिक्रियाएं तो किसी ने ले लिए मजे

वीडियो पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोग इसे प्यार और कपल्स की ओपन माइंडेडनेस का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स लिख रहे हैं कि शादी से पहले इस तरह कैमरे के सामने प्राइवेट पलों को दिखाना परंपरा और मर्यादा के खिलाफ है. लोगों ने मजाकिया अंदाज में भी कमेंट किए हैं. किसी ने लिखा – “यह तो प्री-वेडिंग लिपलॉक शूट है”, तो किसी ने कहा “अब शादी से पहले ही सबकुछ दिखाना नया ट्रेंड बनता जा रहा है.” वहीं कुछ ने लिखा भाई थोड़ी देर और रुक जाता तो क्या ही हो जाता. वीडियो को ksdshoot नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

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भारत ने पाकिस्तान को UNHRC में लगाई लताड़, आईना दिखाते हुए कहा – ‘ज्ञान मत दो…’

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भारत ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में एक बार फिर लताड़ा है. उसने पाक को अल्पसंख्यकों के मामले को लेकर सख्त संदेश दिया. भारत ने कहा कि जो देश खुद अपने यहां अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करता है, वह दूसरों को मानवाधिकारों के मामले पर कैसे उपदेश दे सकता है.

भारतीय राजनयिक मोहम्मद हुसैन ने बुधवार (1 अक्टूबर) को जेनेवा में UNHRC के 60वें सत्र की 34वीं बैठक में हिस्सा लिया. उन्होंने इस दौरान कहा, “भारत को यह गहरा विरोधाभासी लगता है कि पाकिस्तान जैसा देश दूसरों को मानवाधिकारों पर उपदेश देने की कोशिश करता है. उसे दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने यहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को देखना चाहिए.”

झूठ की मशीन पाकिस्तान

दरअसल पाकिस्तान अलग-अलग मौकों पर भारत के खिलाफ झूठ बोलता रहा है. वह भारत पर कई बार मानवाधिकार से जुड़े गंभीर आरोप लगा चुके हैं, लेकिन सच यह है कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद के लिए जिम्मेदार और उसकी जमीन पर आए दिन निर्दोष लोगों को जान गंवानी पड़ती है. पाक में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार बढ़ गई है, कई रिपोर्ट्स में इसका खुलासा भी हुआ है.

पीओके में भी निर्दोष लोगों को बनाया जा रहा निशाना

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भी आए दिन विरोध प्रदर्शन होते रहते हैं. बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार संगठन Paank ने सिर्फ 2025 की पहली छमाही में 785 गुमशुदगी और 121 हत्याओं की रिपोर्ट की है. वहीं पश्तून संगठनों ने भी बड़ा दावा किया था. उन्होंने एक साल में करीब 4,000 लोगों के लापता होने की शिकायत की थी. अहम बात यह है कि ये आंकड़े ऐसे हैं जो कि सबके सामने हैं, वहीं कई ऐसे लोग भी हैं जो पाकिस्तान गायब हुए या उनकी हत्या हुई तो सार्वजनिक रूप से जानकारी सामने नहीं आ सकी.



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Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि के बाद पूजन सामग्री का क्या करना चाहिए? जानें सही तरीका

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Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि देवी दुर्गा की सम्मान में मनाया जाने वाला एक हिंदू पर्व है, जो आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर नौ दिनों तक मनाया जाता है.

इस दौरान माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, उपवास रखे जाते हैं और गरबा व डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्य किए जाते हैं. यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और जीवन में शुद्धिकरण, शक्ति और सदाचार अपनाने की प्रेरणा देता है.

शारदीय नवरात्रि खत्म हो गई है, ऐसे में बात आती है कि बची हुई पूजन सामग्री का क्या करें. तो आइए जानें विस्तार से..

नवरात्रि के बाद पूजन सामग्री का क्या करें?

नवरात्रि की बची हुई पूजन सामग्री को पवित्र स्थानों जैसे नदी में प्रवाहित कर सकते हैं, या जली हुई बाती का प्रयोग कर घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर करने वाली भस्म बना सकते हैं.

कलश के जल को घर में छिड़क सकते हैं और बचे हुए जल को तुलसी में अर्पित कर सकते हैं. कलश के नारियल को प्रसाद रूप में ग्रहण कर सकते हैं या धन स्थान में रख सकते हैं. जवारे किसी पवित्र स्थान पर रख सकते हैं या पेड़ के नीचे रख सकते हैं. 

पूजन सामग्री का सदुपयोग

जली हुई बाती
बची हुई बाती को कपूर और लौंग डालकर जलाएं. इससे बनी राख को घर के विभिन्न कोनों में छिड़कने से नकारात्मकता दूर होती है और इसे पौधे में भी डाला जा सकता है.

कलश का जल
कलश के जल को आम के पत्तों से घर के हर कोने में छिड़कें. बचे हुए जल को तुलसी के पौधे में डालें.

नारियल
कलश से निकाले गए नारियल को प्रसाद रूप में परिवार के सदस्यों को दे सकते हैं.

सिक्के और चावल
कलश में रखें सिक्कों को अपने पर्स में और चावल को तिजोरी या धन स्थान पर रख सकते हैं, इससे धन-धान्य बना रहता है.

पूजन सामग्री का विसर्जन या दान

नदी में प्रवाह
उपयोग न की गई सामग्री, जैसे फूल, धूप आदि को नदी में प्रवाहित कर सकते हैं. 

पवित्र स्थान पर रखना
अगर आप नदी में सामग्री प्रवाहित नहीं कर सकते, तो इसे किसी पीपल या बरगद के पेड़ के नीचे सम्मानपूर्वक रख सकते हैं. 

जरूरतमंदों को दान
कुछ बची हुई सामग्री, जैसे कि कपड़े आदि, दान भी कर सकते हैं. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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आज शेयर बाजार खुला रहेगा या बंद? जानें BSE और NSE में आज ट्रेडिंग होगी या नहीं?

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Stock Market Holiday: भारतीय शेयर बाजार में आज ट्रेडिंग होगी या नहीं, इसे लेकर कुछ निवेशकों में कंफ्यूजन रह सकता है. ऐसे में बता दें कि आज गुरुवार को 2 अक्टूबर के दिन दशहरा और गांधी जयंती के त्योहार के चलते शेयर बाजार बंद रहेंगे. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बीएसई में गुरुवार को स्टॉक, डेरिवेटिव और कमोडिटी सेगमेंट में कोई कारोबार या सेटलमेंट नहीं होगा. छुट्टियों के चलते यह कारोबारी हफ्ता छोटा रहेगा. अब शेयर बाजार सीधे 3 अक्टूबर, शुक्रवार को खुलेगा. 

अक्टूबर में शेयर बाजार की छुट्टियां

अक्टूबर के महीने में दो और छुट्टियां होंगी-  21 अक्टूबर को दिवाली (लक्ष्मी पूजन के दिन) और 22 अक्टूबर को दिवाली बलिप्रतिपदा. अब सवाल यह आता है कि इस दौरान मुहूर्त ट्रेडिंग कितने बजे होगी?

दिवाली के मौके पर NSE पर मुहूर्त ट्रेडिंग मंगलवार, 21 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा. स्टॉक एक्सचेंज ने एक सर्कुलर में कहा कि ट्रेडिंग सेशन दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा. पिछले साल, मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन का आयोजन शाम 6 बजे से शाम 7 बजे के बीच किया गया था. 

क्यों खास है मुहूर्त ट्रेडिंग? 

दिवाली से हिंदू कैलेंडर वर्ष की शुरुआत होती है. ऐसी मान्यता है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के समय में कारोबार करना निवेशकों के लिए शुभ रहता है. इस दौरान नए स्टॉक में निवेश करना या अपने पोर्टफोलियो में नया स्टॉक जोड़ना मुनाफा देने वाला रहता है.  घरेलू शेयर बाजार आम दिनों में सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ट्रेडिंग होती है. नियमित कारोबारी दिनों में सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक प्री-ओपन सेशन भी होता है. शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहता है. अक्टूबर के बाद 5 नवंबर को प्रकाश गुरुपर्व के मौके पर शेयर बाजार में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी. इसके बाद 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर शेयर बाजार बंद रहेगा. 

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ये हैं दुनिया के टॉप 5 कैमरा स्मार्टफोन! नंबर 1 पर नहीं है iPhone, फटाफट चेक करें लिस्ट

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Huawei Pura 80 Ultra को इस साल का सबसे ताकतवर कैमरा फोन माना गया है. इसमें 50MP का बड़ा 1-इंच प्राइमरी सेंसर, 40MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और दो पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस दिए गए हैं, जो 3.7x और 9.4x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करते हैं. इसका वेरिएबल अपर्चर और फ्लेक्सिबल इमेज कंट्रोल इसे बाकी फोनों से अलग बनाता है. हालांकि, यह फोन अभी तक भारत में उपलब्ध नहीं है.

Huawei Pura 80 Ultra को इस साल का सबसे ताकतवर कैमरा फोन माना गया है. इसमें 50MP का बड़ा 1-इंच प्राइमरी सेंसर, 40MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और दो पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस दिए गए हैं, जो 3.7x और 9.4x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करते हैं. इसका वेरिएबल अपर्चर और फ्लेक्सिबल इमेज कंट्रोल इसे बाकी फोनों से अलग बनाता है. हालांकि, यह फोन अभी तक भारत में उपलब्ध नहीं है.

दूसरे स्थान पर Oppo Find X8 Ultra ने जगह बनाई है. इस फोन का कैमरा सिस्टम बेहद एडवांस है जिसमें पांच सेंसर शामिल हैं. इसमें 50MP का प्राइमरी 1-इंच सेंसर, 50MP अल्ट्रा-वाइड लेंस, 3x और 6x पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस और एक खास क्रोमा सेंसर मिलता है. यह फोन भी भारत में लॉन्च का इंतजार कर रहा है.

दूसरे स्थान पर Oppo Find X8 Ultra ने जगह बनाई है. इस फोन का कैमरा सिस्टम बेहद एडवांस है जिसमें पांच सेंसर शामिल हैं. इसमें 50MP का प्राइमरी 1-इंच सेंसर, 50MP अल्ट्रा-वाइड लेंस, 3x और 6x पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस और एक खास क्रोमा सेंसर मिलता है. यह फोन भी भारत में लॉन्च का इंतजार कर रहा है.

Apple iPhone 17 Pro इस बार तीसरे नंबर पर रहा है. इसमें 48MP के तीन कैमरे दिए गए हैं, जिनमें 5x टेलीफोटो जूम और उन्नत कम्प्यूटेशनल फोटोग्राफी फीचर्स शामिल हैं. खासतौर पर वीडियो रिकॉर्डिंग में यह फोन अब भी टॉप पर माना जाता है. भारत में इसकी शुरुआती कीमत 1,34,900 रुपये रखी गई है.

Apple iPhone 17 Pro इस बार तीसरे नंबर पर रहा है. इसमें 48MP के तीन कैमरे दिए गए हैं, जिनमें 5x टेलीफोटो जूम और उन्नत कम्प्यूटेशनल फोटोग्राफी फीचर्स शामिल हैं. खासतौर पर वीडियो रिकॉर्डिंग में यह फोन अब भी टॉप पर माना जाता है. भारत में इसकी शुरुआती कीमत 1,34,900 रुपये रखी गई है.

चौथे नंबर पर Vivo X200 Ultra है, जो ZEISS ऑप्टिक्स के साथ आता है. इसमें 50MP का क्वाड कैमरा सिस्टम है, जिसमें 200MP टेलीफोटो सैमसंग HP9 सेंसर और लो-लाइट फोटोग्राफी के लिए जिम्बल स्टेबिलाइजेशन वाला सोनी LYT-818 सेंसर शामिल है. यह भी फिलहाल भारत में लॉन्च नहीं हुआ है.

चौथे नंबर पर Vivo X200 Ultra है, जो ZEISS ऑप्टिक्स के साथ आता है. इसमें 50MP का क्वाड कैमरा सिस्टम है, जिसमें 200MP टेलीफोटो सैमसंग HP9 सेंसर और लो-लाइट फोटोग्राफी के लिए जिम्बल स्टेबिलाइजेशन वाला सोनी LYT-818 सेंसर शामिल है. यह भी फिलहाल भारत में लॉन्च नहीं हुआ है.

पांचवें नंबर पर Google Pixel 10 Pro XL मौजूद है. इसमें 50MP वाइड लेंस, 48MP अल्ट्रा-वाइड और 48MP 5x टेलीफोटो कैमरा मिलता है. साथ ही इसमें OIS सपोर्ट और 100x प्रो रिजॉल्यूशन जूम जैसी खासियतें हैं. भारत में इसकी कीमत 1,24,999 रुपये रखी गई है.

पांचवें नंबर पर Google Pixel 10 Pro XL मौजूद है. इसमें 50MP वाइड लेंस, 48MP अल्ट्रा-वाइड और 48MP 5x टेलीफोटो कैमरा मिलता है. साथ ही इसमें OIS सपोर्ट और 100x प्रो रिजॉल्यूशन जूम जैसी खासियतें हैं. भारत में इसकी कीमत 1,24,999 रुपये रखी गई है.

इस हिसाब से देखा जाए तो कैमरे की रेस में इस बार iPhone टॉप पर नहीं पहुंच पाया. Huawei, Oppo और Vivo जैसे ब्रांड्स ने अपनी एडवांस कैमरा टेक्नोलॉजी से कमाल दिखाया है और फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए नए विकल्प पेश किए हैं.

इस हिसाब से देखा जाए तो कैमरे की रेस में इस बार iPhone टॉप पर नहीं पहुंच पाया. Huawei, Oppo और Vivo जैसे ब्रांड्स ने अपनी एडवांस कैमरा टेक्नोलॉजी से कमाल दिखाया है और फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए नए विकल्प पेश किए हैं.

Published at : 01 Oct 2025 12:02 PM (IST)

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