ODI वर्ल्ड कप का पहला उलटफेर, बांग्लादेश ने पाकिस्तान को बुरी तरह रौंदा; 113 गेंद पहले जीता मैच

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2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप के तीसरे मैच में ही बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया. बांग्लादेश ने 113 गेंद शेष रहते ही मैच जीत लिया. पाकिस्तान की टीम पहले खेलने के बाद सिर्फ 129 रन ही बना सकी थी. जवाब में बांग्लादेश ने 31.1 ओवर में सिर्फ 3 विकेट खोकर लक्ष्य का पीछा कर लिया. 

बांग्लादेश के लिए रुबया हैदर ने नाबाद 54 रनों की मैच विनिंग पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 8 चौके जड़े. उनके साथ सोभना मोस्टारी 24 रनों पर नाबाद रहीं. उन्होंने सभी रन बाउंड्री से बनाए यानी कुल 6 चौके जड़े. इससे पहले गेंदबाजी में शोर्ना अख्तर ने सिर्फ पांच रन देकर 3 विकेट झटके. मारुफा अख्तर और नाहिदा अख्तर ने 2-2 विकेट चटकाए.

बेहद खराब रही पाकिस्तान की शुरुआत 

पहले बैटिंग करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी. ओपनर ओमैमा सोहैल 00 और तीन नंबर पर आईं सिदरा अमीन 00 पर आउट हो गई थीं. इसके बाद मुनीबा अली 35 गेंद में दो चौकों की मदद से 17 रन बनाकर आउट हो गईं. फिर रमीन शमीम भी 23 रन बनाकर चलती बनीं. 47 रनों पर ही पाकिस्तान के 4 विकेट गिर गए थे. 

अब आलिया रियाज और सिदरा रियाज से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन दोनों सिर्फ 20 रनों की साझेदारी ही कर सकी. आलिया ने 43 गेंद में 13 और सिदरा ने 20 गेंद में 15 रन बनाए. कप्तान सना फातिमा बेहतरीन लय में दिख रही थीं, लेकिन लगातार विकेट गिरते रहे. ऐसे में वह भी 33 गेंद में 3 चौकों की मदद से 22 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं. 

बाकी खिलाड़ी भी तू चल मैं आई की तर्ज पर पवेलियन लौटीं. इस दौरान नतालिया परवेज 09, नशरा संधू 01 और सादिया इकबाल 04 रन बनाकर आउट हुईं. डियान बेग 16 रनों पर नाबाद रहीं.

खराब शुरुआत के बाद भी बांग्लादेश ने आसानी से चेज़ किया लक्ष्य 

बांग्लादेश की शुरुआत भी खराब रही थी. फरगाना हक सिर्फ दो रन बनाकर आउट हो गई थीं. फिर शरमीन अख्तर भी सिर्फ 10 रन ही बना पाईं. बांग्लादेश ने 35 रनों पर दो विकेट गंवा दिए थे. पाकिस्तान की थोड़ी उम्मीद जगी थी, लेकिन रुबया हैदर अलग ही लय में थीं. उन्होंने 77 गेंद में 8 चौकों की मदद से नाबाद 54 रनों की मैच विनिंग पारी खेली. कप्तान निगार सुल्ताना ने 23 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया. अंत में सोभना मोस्टारी ने 6 चौके लगाकर टीम को जीत दिलाई. वह 24 रनों पर नाबाद रहीं.

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जुबीन गर्ग की मौत के मामले में मैनेजर पर सख्त कार्रवाई, पुलिस ने लगाई हत्या से जुड़ी धाराएं

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असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की अचानक मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. उनकी मौत की जांच चल रही है. इस केस की जांच में असम पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) और क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) जुटी है.हाल ही में इस केस में दो लोगों, श्यामकनु महंत और सिद्धार्थ सरमा को गिरफ्तार किया गया था. सीआईडी ने दोनों पर हत्या की धाराएं लगाई हैं. इसके साथ ही छह लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

सीआईडी ​​और एसआईटी के विशेष पुलिस महानिदेशक एमपी गुप्ता ने बताया कि सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के केस में सीआईडी ​​ने बीएनएस धारा 61(2)/105/106(1)/103 के तहत केस दर्ज किया है. इस मामले से जुड़े अन्य लोगों को नोटिस जारी कर 6 अक्टूबर को सीआईडी ​​के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है.

6 और लोगों से होगी पूछताछ
एमपी गुप्ता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा- ‘जांच जारी है. हमने दो लोगों श्यामकनु महंत और सिद्धार्थ सरमा को गिरफ्तार किया है. उनसे पूछताछ जारी है. मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जाएगी. इस केस में हमने कुछ नई धाराएं भी जोड़ी हैं. उसके बारे में अभी बता नहीं सकता. हमने नोटिस जारी कर छह अन्य लोगों को 6 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया है. हम उनसे जरूर पूछताछ करेंगे.’

जुबीन गर्ग की पत्नी ने कही ये बात
दूसरी तरफ जुबीन गर्ग की पत्नी ने एक इंटरव्यू में उनकी मौत पर कई सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जब मैनेजर वोां मौजूद था तो जुबीन की सेहत का ख्याल क्यों नहीं रखा गया. वो पिछले टूर से थक गए थे, फिर भी उन्हें स्कूबा डाइविंग के लिए ले जाया गया. उनकी पत्नी गरिमा गर्ग ने कहा- ‘वो दिन में आमतौर पर सोते थे. शायद उन्हें जबरदस्ती ले जाया गया होगा. मुझे तो ये भी नहीं पता कि उन्हें दवाइयां दी गई थीं या नहीं.’

मैनेजर ने कहा कि जुबीन को पानी के अंदर पहली बार दौरा पड़ा था, जबकि उन्हें दिल से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी. इसके साथ ही गरिमा ने प्रशासन से अपने पति और सिंगर जुबीन की मौत की गहराई से जांच करने की अपील की है.

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भारत ने बेनकाब किया पाकिस्तान का नापाक चेहरा! यूएन में अलापा कश्मीर राग तो बुरी तरह धोया

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भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 60वें सत्र में मानवाधिकारों और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को लेकर पाकिस्तान को लताड़ लगाई है. भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए राजनयिक मोहम्मद हुसैन ने कहा कि यह विडंबना है कि सबसे खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड वाला एक देश दूसरों को ज्ञान देने की कोशिश कर रहा है.

UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को धोया

भारत के प्रतिनिधि मोहम्मद हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान को प्रोपेगेंडा फैलाने के बजाय अपनी धरती पर अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का सामना करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों के खिलाफ राज्य प्रायोजित उत्पीड़न और भेदभाव को दूर करे. भारत की यह टिप्पणी PoK में पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई फायरिंग में 12 लोगों की मौत के बाद आई है. PoK के कई इलाकों में इस समय पाकिस्तान सेना और शहबाज सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हो रहा है.

इससे पहले पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा था. पाकिस्तानी प्रतिनिधि अब्बास सरवर ने अपने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारत पर जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन करन का आरोप लगाया. इस दौरान उन्होंने लद्दाख के मौजूदा घटनाक्रमों को जिक्र किया, जिसके बाद भारतीय राजदूत ने उन्हें आड़े हाथों लिया.

पाकिस्तान के दमन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग

जिनेवा में ये बातचीत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बढ़ती अशांति के समय हुई. यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के प्रवक्ता नासिर अजीज खान ने यूएनएचआरसी को संबोधित करते हुए क्षेत्र में पाकिस्तान के दमन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने 29 सितंबर 2025 को हुए विरोध प्रदर्शनों का हवाला दिया, जिसमें संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में पूर्ण बंद और चक्का जाम किया गया.

उन्होंने इस्लामाबाद पर PoK में रेंजर्स तैनात करने, इंटरनेट सेवाएं बंद करने और कम्युनिकेशन ब्लैकआउट करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “PoK में 30 लाख से ज्यादा कश्मीरी घेरे में हैं, जबकि विदेशों में 20 लाख लोग अपने परिवारों से कटे हुए हैं.” उन्होंने इसे शांतिपूर्ण प्रतिरोध को दबाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास बताया.

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भारत से हर साल कितने लोग पाकिस्तान जाते हैं पढ़ने? हैरान कर देगा यह आंकड़ा

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विदेश में पढ़ाई करना भारतीय छात्रों के बीच अब एक आम सपना बन चुका है. अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में तो हर साल लाखों छात्र उच्च शिक्षा के लिए जा रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के छात्र सिर्फ इन पश्चिमी देशों में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी मुल्कों में भी पढ़ाई करने जाते हैं? जी हां, पाकिस्तान भी उन देशों में शामिल है जहां भारतीय छात्र एडमिशन लेते हैं.

अक्सर लोग यह सोचकर हैरान रह जाते हैं कि आखिर भारतीय छात्र पाकिस्तान क्यों जाएंगे. इसकी बड़ी वजह है वहां की मेडिकल और ह्यूमैनिटीज (मानविकी) स्ट्रीम से जुड़ी यूनिवर्सिटीज. पाकिस्तान की कई यूनिवर्सिटीज ऐसे कोर्स ऑफर करती हैं जो भारत के छात्रों को किफायती और आसान लगते हैं. खासकर मेडिकल क्षेत्र में एडमिशन फीस और खर्च पश्चिमी देशों की तुलना में काफी कम है. यही कारण है कि सीमित बजट वाले कुछ भारतीय छात्र पाकिस्तान को चुन लेते हैं.

कितने भारतीय छात्र हैं पाकिस्तान में?

भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या अन्य पश्चिमी देशों की तुलना में बेहद कम है. अगर तुलना की जाए तो जहां अमेरिका और कनाडा में लाखों भारतीय पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान में यह संख्या हर साल गिनती की होती है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में हर साल कुछ सौ से भी कम भारतीय छात्र एडमिशन लेते हैं. यह आंकड़ा अक्सर 100-200 के बीच रहता है.

पाकिस्तान में कौन-से कोर्स पॉपुलर हैं?

पाकिस्तान में भारतीय छात्रों के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रियता मेडिकल कोर्सेज की है. वहां के मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटीज एमबीबीएस, बीडीएस और फार्मेसी जैसे कोर्स ऑफर करते हैं, जिनमें भारतीय छात्र एडमिशन लेते हैं. इसके अलावा कुछ छात्र ह्यूमैनिटीज, इस्लामिक स्टडीज और लैंग्वेज से जुड़े विषयों में भी दाखिला लेते हैं. हालांकि तकनीकी और इंजीनियरिंग कोर्स के लिए भारतीय छात्र आमतौर पर पश्चिमी मुल्कों या भारत की ही संस्थाओं को प्राथमिकता देते हैं.

चुनौतियां भी कम नहीं

हालांकि पाकिस्तान में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. सबसे बड़ी समस्या है वीजा और सुरक्षा की. पाकिस्तान जाने के लिए भारतीय छात्रों को विशेष अनुमति लेनी होती है, जो हर किसी के लिए आसान नहीं होती. इसके अलावा वहां का माहौल और रिश्तों की संवेदनशीलता भी छात्रों के लिए अतिरिक्त दबाव बनाती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2024 में दुनियाभर में करीब 13 लाख छात्र भारत से हैं. जिनमें करीब 13 स्टूडेंट्स पाकिस्तान पढ़ाई के लिए गए हैं.

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IT सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए बड़ा झटका देने वाली खबर, इस रिपोर्ट ने बता दिया आगे का भविष्य

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HSBC Global Research Report on IT Industry Performamce: भारतीय आईटी उद्योग इस समय सुस्त दौर से गुजर रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में प्रमुख आईटी कंपनियों के हालिया नतीजे कमजोर वृद्धि की ओर संकेत करते हैं. हालांकि, प्रमुख निर्यात बाजारों में सुधार और नई तकनीक अपनाने के चलते वित्त वर्ष 2026-27 में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है.

आईटी दिग्गज कंपनियों का प्रदर्शन

एचएसबीसी ग्लोबल रिसर्च के मुताबिक निकट भविष्य में ग्राहकों के विवेकाधीन खर्च कमजोर बना रहेगा. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ग्राहक लागत में कटौती और निर्णय लेने में देरी जैसी चुनौतियों से मांग दबाव में है. इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन की दिक्कतें और उद्योग-विशेष सतर्कता (जैसे BFSI और ऑटोमोबाइल सेक्टर) परियोजनाओं को स्थगित कर रही हैं.

टीसीएस, इन्फोसिस और एचसीएलटेक जैसी दिग्गज कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में मजबूत बुकिंग और सौदों की पाइपलाइन दिखाई है. इसके बावजूद, पूरे वर्ष की राजस्व वृद्धि का अनुमान केवल 1-5 प्रतिशत तक सीमित है. पिछले एक साल में एनएसई आईटी इंडेक्स का प्रदर्शन व्यापक भारतीय बाजार से कमजोर रहा है, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है.

भविष्य की संभावनाएं

चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद, 2026-27 में मामूली सुधार की संभावना जताई जा रही है. अमेरिका और यूरोप में जब व्यापक आर्थिक स्थिति स्थिर होगी, तब एआई आधारित प्रोजेक्ट्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से आईटी कंपनियों की मांग बढ़ सकती है. इससे भारतीय आईटी सेवाओं की राजस्व वृद्धि में 2-3 प्रतिशत का अतिरिक्त सुधार संभव माना जा रहा है.

गौरतलब है कि एआई के आने के बाद हाल के महीनों में आईटी कंपनियों में जबरदस्त छंटनी की गई है. यह कर्मचारियों का निकालने का सिलसिला अभी भी नहीं थमा है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि भविष्य में एआई के आने और इसके ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल के बाद इस सेक्टर में काम कर रहे लोगों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो सकती है.

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सिराज-बुमराह ने वेस्टइंडीज को 162 पर समेटा, फिर केएल राहुल बने चट्टान; ऐसा रहा पहला दिन

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पहले टेस्ट में पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 2 विकेट के नुकसान पर 121 रन बना लिए हैं. पहली पारी में टीम इंडिया अब भी 41 रनों से पीछे है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे मैच में वेस्टइंडीज टीम पहले बैटिंग करते हुए सिर्फ 162 रन ही बना सकी. वेस्टइंडीज टीम के लिए सर्वोच्च स्कोर जस्टिन ग्रीव्स ने बनाया, जिन्होंने 32 रन बनाए. भारत की ओर से सबसे ज्यादा 4 विकेट मोहम्मद सिराज ने झटके.

इस मैच में वेस्टइंडीज को टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला बहुत भारी पड़ा. मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह के शुरुआती स्पेल में ही कैरेबियाई बल्लेबाजों के पसीने छूट गए. पहले टैगनरीन चंद्रपॉल, फिर जॉन कैम्पबेल और देखते ही देखते वेस्टइंडीज ने सिर्फ 42 के स्कोर पर 4 विकेट गंवा दिए.

शाय होप और कप्तान रोस्टन चेस ने 48 रनों की पार्टनरशिप कर जैसे तैसे टीम को ठीकठाक स्कोर की तरफ आगे बढ़ाया. शाय होप ने 26 और रोस्टन चेस ने 24 रन बनाए. इसी बीच जस्टिन ग्रीव्स की 32 रनों की पारी की बदौलत वेस्टइंडीज 160 के स्कोर से पार पहुंच पाई.

सिराज और बुमराह ने मचाई तबाही

मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह ने पहली पारी में मिलकर 7 विकेट लिए. पहले 12 ओवर के भीतर उन्होंने वेस्टइंडीज के 4 विकेट गिरा दिए थे. उनके अलावा कुलदीप यादव ने 2 और वाशिंगटन सुंदर ने एक विकेट लिया.

उनके बाद केएल राहुल टीम इंडिया के लिए चट्टान बने. यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने 68 रनों की सलामी साझेदारी की, लेकिन जायसवाल 36 रन बनाकर आउट हो गए. साई सुदर्शन को फिर नंबर-3 पर मौका मिला, लेकिन इस बार भी सफलता उनके हाथ नहीं लगी. सुदर्शन सिर्फ 7 रन बना पाए. पहले दिन का खेल समाप्त होने तक शुभमन गिल और केएल राहुल 31 रनों की पार्टनरशिप कर चुके हैं. राहुल 53 रन बनाकर खेल रहे हैं, जबकि गिल ने 18 रन बना लिए हैं.

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दिल्ली-एनसीआर की इस जगह विलेन नहीं भगवान है रावण, ‘बह्महत्या’ जैसा पाप होता है पुतला जलाना

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आज 2 अक्टूबर 2025 को देशभर में धूमधाम के साथ दशहरा का त्योहार मनाया जा रहा है. इसे पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है. दशहरा पर प्रतीकात्मक रूप से रावण का पुतला बनाकर जलाया जाता है.

आज 2 अक्टूबर 2025 को देशभर में धूमधाम के साथ दशहरा का त्योहार मनाया जा रहा है. इसे पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है. दशहरा पर प्रतीकात्मक रूप से रावण का पुतला बनाकर जलाया जाता है.

देशभर के कई हिस्सों में दशहरा के मौके पर रावण दहन का आयोजन किया जाता है. आज शाम 06:05 के बाद रावण दहन का मुहूर्त भी शुरू हो जाएगा. रावण के साथ मेघनाथ और कुंभकर्ण का पुतला भी जलाया जाता है.

देशभर के कई हिस्सों में दशहरा के मौके पर रावण दहन का आयोजन किया जाता है. आज शाम 06:05 के बाद रावण दहन का मुहूर्त भी शुरू हो जाएगा. रावण के साथ मेघनाथ और कुंभकर्ण का पुतला भी जलाया जाता है.

लेकिन देशभर में ऐसे कई स्थान हैं जहां रावण को विलेन नहीं बल्कि भगवान माना जाता है और पूजा की जाती है. इसलिए इन जगहों पर रावण दहन भी नहीं किया जाता है.

लेकिन देशभर में ऐसे कई स्थान हैं जहां रावण को विलेन नहीं बल्कि भगवान माना जाता है और पूजा की जाती है. इसलिए इन जगहों पर रावण दहन भी नहीं किया जाता है.

दिल्ली-एनसीआर में ग्रेटर नोएडा के पास स्थित बिसरख गांव को रावण का जन्मस्थान माना जाता है. रामायण में भी इसका उल्लेख है कि रावण के पिता ऋषि विश्वश्रवा का आश्रम यहीं था.

दिल्ली-एनसीआर में ग्रेटर नोएडा के पास स्थित बिसरख गांव को रावण का जन्मस्थान माना जाता है. रामायण में भी इसका उल्लेख है कि रावण के पिता ऋषि विश्वश्रवा का आश्रम यहीं था.

इस गांव में रावण के कई मंदिर भी हैं, जहां खासकर दशहरा के मौके पर यज्ञ और शांति पूजन किए जाते हैं. इसलिए यहां के लोग रावण दहन का आयोजन नहीं करते.

इस गांव में रावण के कई मंदिर भी हैं, जहां खासकर दशहरा के मौके पर यज्ञ और शांति पूजन किए जाते हैं. इसलिए यहां के लोग रावण दहन का आयोजन नहीं करते.

आज भी बिसरख गांव के ग्रामीण रावण को महाब्राह्मण मानते हैं और नवरात्रि शुरू होते ही रावण की आत्मा की शांति के लिए लिए पूजा-पाठ करना शुरू कर देते हैं. यहां के लोग मानते हैं कि, रावण दहन करने को ब्रह्महत्या के समान पाप लगता है.

आज भी बिसरख गांव के ग्रामीण रावण को महाब्राह्मण मानते हैं और नवरात्रि शुरू होते ही रावण की आत्मा की शांति के लिए लिए पूजा-पाठ करना शुरू कर देते हैं. यहां के लोग मानते हैं कि, रावण दहन करने को ब्रह्महत्या के समान पाप लगता है.

Published at : 02 Oct 2025 05:21 PM (IST)

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पुल कांप रहा है या कोई हिला रहा है इसे… इतनी तेज आया भूकंप कि हर कोई जमीन पर आ गया

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Viral Video: सोशल मीडिया की दुनिया बड़ी अजीब है. हर दिन कुछ न कुछ ऐसा होता है जो लोगों का ध्यान खींच लेता है. कभी कोई नाचता हुआ वीडियो वायरल हो जाता है तो कभी किसी की मजेदार हरकत मीम बन जाती है, लेकिन कभी-कभी इंटरनेट पर ऐसे वीडियो भी वायरल हो जाते हैं जो डर के मारे रोंगटे खड़े कर देते हैं.

ऐसा ही एक वीडियो फिलीपींस से सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक पुल को तेजी से हिलते हुए देखा जा सकता है. ऐसा लग रहा है जैसे कोई उसे जोर से हिला रहा हो लेकिन असल में यह नजारा है एक भयानक भूकंप का, जिसने फिलीपींस को हिला कर रख दिया. 

वायरल वीडियो में क्या दिखा

यह घटना 1 अक्टूबर 2025 की रात की है, जब फिलीपींस के कई हिस्सों में जमीन अचानक कांपने लगी. लोग अपने-अपने कामों में लगे हुए थे. कोई पुल पार कर रहा था, कोई वाहन चला रहा था और कुछ लोग घरों में आराम कर रहे थे. तभी अचानक जोरदार भूकंप आया जिसकी तीव्रता 6.7 मापी गई. इस भूकंप का असर इतना जबरदस्त था कि पुल हिलने लगा, इमारतें डोलने लगीं और लोग दहशत में सड़कों की ओर भागने लगे. सोशल मीडिया पर इस भूकंप का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें देखा जा सकता है कि लोग एक लंबे पुल पर चल रहे थे. जैसे ही जमीन हिली, पूरा पुल जोर-जोर से कांपने लगा. कुछ लोग वहीं रुक गए, कुछ दौड़ने लगे और कुछ अपनी जान बचाने के लिए पुल से उतरने की कोशिश करने लगे. वीडियो इतना डरावना है कि देखकर हर कोई कह रहा है कि ये पुल खुद हिल रहा है या कोई उसे हिला रहा है. 

वीडियो ने मचाई सनसनी

इस वीडियो को इंस्टाग्राम, फेसबुक और X पर हजारों लोगों ने शेयर किया है. लोग इस पर कई तरह के कमेंट्स भी कर रहे हैं. इस पूरी घटना का जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें भूकंप के समय की अफरातफरी, लोगों का डर और हिलता हुआ पुल साफ देखा जा सकता है. वीडियो देखकर हर कोई यही कह रहा है कि यह अब तक का सबसे रियल और लाइव  एक्सपीरियंस वाला भूकंप वीडियो है. 

यह भी पढ़ें एयर मार्शल ने इंग्लिश गानों पर जमकर लगाए ठुमके! पाकिस्तान में आग लगाने के बाद डांस भी स्टेज ऑन फायर- वीडियो वायरल

मरते मर जाएंगे, लेकिन रावण का दहन नहीं करते इन 5 जगहों के लोग, जानें कहां हैं ये पॉइंट्स?

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इस लिस्ट में पहला नाम मध्य प्रदेश के मंदसौर का आता है. इस जिले में सदियों से दशहरा न मनाने की परंपरा चली आ रही है. यहां के लोग रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका होने का दावा करते हैं.

इस लिस्ट में पहला नाम मध्य प्रदेश के मंदसौर का आता है. इस जिले में सदियों से दशहरा न मनाने की परंपरा चली आ रही है. यहां के लोग रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका होने का दावा करते हैं.

मंदसौर के लोग रावण को अपना दामाद मानते हैं. यही कारण है कि यहां के लोग रावण का पुतला जलाना अपना अपमान मानते हैं. मंदसौर के लोग इस दिन रावण का पुतला जलाने की जगह शोक मनाते हैं.

मंदसौर के लोग रावण को अपना दामाद मानते हैं. यही कारण है कि यहां के लोग रावण का पुतला जलाना अपना अपमान मानते हैं. मंदसौर के लोग इस दिन रावण का पुतला जलाने की जगह शोक मनाते हैं.

इस लिस्ट में दूसरा नाम उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर का आता है. यहां के बिसरख गांव के लोग अपने आप को रावण का वंशज बताते हैं. लोककथाओं के अनुसार, यह गांव रावण का जन्मस्थान था.

इस लिस्ट में दूसरा नाम उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर का आता है. यहां के बिसरख गांव के लोग अपने आप को रावण का वंशज बताते हैं. लोककथाओं के अनुसार, यह गांव रावण का जन्मस्थान था.

इस लिस्ट में शामिल तीसरी जगह का नाम अमरावती का है. महाराष्ट्र के गढ़चौरी क्षेत्र के आदिवासी लोग रावण को अपना पूर्वज मानते हैं. इसलिए यहां के लोग न तो दशहरा मनाते हैं और न ही रावण का पुतला दहन करते हैं.

इस लिस्ट में शामिल तीसरी जगह का नाम अमरावती का है. महाराष्ट्र के गढ़चौरी क्षेत्र के आदिवासी लोग रावण को अपना पूर्वज मानते हैं. इसलिए यहां के लोग न तो दशहरा मनाते हैं और न ही रावण का पुतला दहन करते हैं.

इस लिस्ट में चौथा नाम हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ का आता है. यहां की स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहीं रावण ने भगवान शंकर की भक्ति की थी. यहां के लोग रावण के प्रति अपनी श्रद्धा रखते हैं.

इस लिस्ट में चौथा नाम हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ का आता है. यहां की स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहीं रावण ने भगवान शंकर की भक्ति की थी. यहां के लोग रावण के प्रति अपनी श्रद्धा रखते हैं.

पांचवां और आखिरी नाम जो इस लिस्ट में शामिल है, वह आंध्र प्रदेश के काकिनाडा जिले का है. यहां के लोग रावण को विद्वान और पंडित मानते हैं. यही कारण है कि यहां के लोग न तो इस दिन किसी उत्सव में भाग लेते हैं और न ही रावण के पुतले का दहन करते हैं.

पांचवां और आखिरी नाम जो इस लिस्ट में शामिल है, वह आंध्र प्रदेश के काकिनाडा जिले का है. यहां के लोग रावण को विद्वान और पंडित मानते हैं. यही कारण है कि यहां के लोग न तो इस दिन किसी उत्सव में भाग लेते हैं और न ही रावण के पुतले का दहन करते हैं.

इनके अलावा भी भारत में कुछ ऐसी जगहें हैं, जहां के लोग रावण के प्रति अपनी श्रद्धा रखते हैं और उसका पुतला नहीं जलाते हैं. लेकिन यहां आप कुछ भी कर लीजिए, इन 5 जगहों पर पुतला नहीं जलता.

इनके अलावा भी भारत में कुछ ऐसी जगहें हैं, जहां के लोग रावण के प्रति अपनी श्रद्धा रखते हैं और उसका पुतला नहीं जलाते हैं. लेकिन यहां आप कुछ भी कर लीजिए, इन 5 जगहों पर पुतला नहीं जलता.

Published at : 02 Oct 2025 06:00 PM (IST)

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सीमा हैदर ने किससे मांग ली पप्पी, सचिन ने मारा जोरदार चांटा; वीडियो हो रहा वायरल

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Seema Haider Viral Video: सोशल मीडिया पर अक्सर सीमा हैदर और सचिन चर्चा का विषय बने रहते हैं. सीमा और सचिन की जोड़ी अलग-अलग वीडियो और पोस्ट में दिखाई देती है. कभी रोमांस करती हुई, कभी डांस करती हुई और हर बार उनके कंटेंट को लोग बड़े क्रेज से देखते हैं. इन वीडियो और पोस्ट्स की वजह से सीमा हैदर की पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ी है. पाकिस्तान से भारत आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाई है.

उनके कई इंस्टाग्राम अकाउंट और यूट्यूब चैनल हैं, जहां वो डेली वीडियो पोस्ट करती हैं और लोग उन्हें तेजी से शेयर करते हैं. इस बीच एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें सीमा हैदर ने लिखा है कि सचिन जी ने मुझे थप्पड़ मार दिया. ये वीडियो हर जगह तेजी से वायरल हो रहा है. लोग कई तरह कमेंट कर रहे हैं और जानना चहा रहे हैं कि आखिर सीमा हैदर ने किससे पप्पी मांग ली जो सचिन ने जोरदार चांटा मारा. 

सीमा हैदर ने किससे मांग ली पप्पी?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में सीमा हैदर कहती हैं कि सचिन ने उन्हें थप्पड़ मारा. वीडियो की शुरुआत में सीमा अपनी बेटी के साथ खेलती नजर आती हैं. वो उसे पप्पी देती हैं और प्यार से उसके गालों को हल्के से काटती हैं, लेकिन तभी सचिन एकदम से सीमा के थप्पड़ मार देता है और सीमा को पीछे कर देता है. इसी बीच बच्ची पप्पी करने और काटने की वजह से रोने लगती है और सचिन बच्ची को चुप कराता दिखता है. इसके बाद सीमा वीडियो के लास्ट में बोलती है कि सचिन ने मीरा की वजह से मुझे मारा, नॉट फेयर ये गलत है. इसके बाद देखते ही देखते ये वीडियो वायरल हो जाता है और लोग कई तरह के कमेंट करते हैं. हालांकि, यह वीडियो सचिन और सीमा हैदर की कमेस्ट्री को दिखाता है, जिसमें दोनों का अपनी बच्ची मीरा के लिए प्यार देखा जा सकता है. 


सोशल मीडिया पर लोगों के कमेंट 
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, लोगों के कमेंट से वीडियो भर गई. कुछ लोगों ने कहा कि यह सब सिर्फ एक ड्रामा है ध्यान खींचने के लिए जानबूझकर किया गया. वहीं कुछ ने सवाल किया कि आखिर सीमा ने किससे पप्पी मांगी थी, जो सचिन इतने गुस्से में आ गए? वहीं कुछ यूजर्स ने इसे मजाकिया अंदाज में लिखते हुए कहा कि सचिन को भी एक्टिंग आ गई अब. 

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