चीन से नजदीकी भी नहीं आई काम, US हाई टैरिफ से इकोनॉमी का हो गया बड़ा नुकसान!

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India’s Service Sector Growth Slows: देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों के बीच सेवा क्षेत्र (Service Sector) से निराशाजनक खबर आई है. हाल ही में हुए जीएसटी सुधारों से जहां घरेलू मांग और कारोबारी गतिविधियों में तेजी की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर सितंबर में धीमी पड़ गई है.

एचएसबीसी द्वारा जारी भारत सेवा पीएमआई (HSBC India Services PMI) सर्वेक्षण के अनुसार, सितंबर 2025 में सेवा क्षेत्र का व्यावसायिक गतिविधि सूचकांक (PMI) घटकर 60.9 पर आ गया, जबकि अगस्त में यह 15 साल के उच्च स्तर 62.9 पर था. हालांकि यह स्तर 50 अंक के तटस्थ स्तर से ऊपर है, जो यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था में अभी भी वृद्धि जारी है, लेकिन यह वृद्धि अब पहले की तुलना में धीमी गति से हो रही है.

मंदी के संकेत और अंतरराष्ट्रीय मांग में कमी

सर्वेक्षण के अनुसार, सेवा क्षेत्र की सुस्ती की एक प्रमुख वजह नए ऑर्डर और कारोबारी गतिविधियों की धीमी रफ्तार है. इसके साथ ही भारतीय सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग में नरम सुधार देखने को मिला है.

सितंबर में निर्यात ऑर्डरों में वृद्धि तो दर्ज की गई, लेकिन यह मार्च के बाद से सबसे कमजोर स्तर पर रही. कंपनियों ने कहा कि अन्य देशों में कम कीमतों पर सेवाओं की उपलब्धता से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जिससे भारत की बाहरी बिक्री पर दबाव पड़ा.

मूल्य स्तर के मोर्चे पर स्थिति थोड़ी बेहतर रही. सर्वेक्षण में बताया गया कि मुद्रास्फीति की गति मार्च के बाद से सबसे धीमी रही, और यह दीर्घकालिक औसत के अनुरूप थी. सितंबर में भारतीय सेवाओं की कीमतें कमजोर दर से बढ़ीं, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली.

रोजगार सृजन में सुस्ती

सितंबर के दौरान रोजगार सृजन भी धीमा रहा. सर्वे में शामिल कंपनियों में से पांच प्रतिशत से भी कम ने नई भर्तियों की सूचना दी. इसका मतलब है कि सेवा क्षेत्र में रोजगार वृद्धि सीमित रही और नई नौकरियों के अवसर घटे.

कंपोजिट आउटपुट इंडेक्स में गिरावट

एचएसबीसी इंडिया का कम्पोजिट आउटपुट सूचकांक (Composite Output Index) — जिसमें विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों का प्रदर्शन शामिल है — सितंबर में 61.0 पर रहा, जो अगस्त के 63.2 से नीचे आया. यह जून के बाद से विस्तार की सबसे कमजोर दर को दर्शाता है. यह सूचकांक देश के विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में हिस्से के आधार पर तैयार किया जाता है.

पीएमआई (Purchasing Managers’ Index) 50 से ऊपर रहने का मतलब है कि अर्थव्यवस्था में विस्तार (Expansion) हो रहा है, जबकि 50 से नीचे का स्तर संकुचन (Contraction) को दर्शाता है. हालांकि सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर कुछ धीमी पड़ी है, लेकिन यह अभी भी विस्तार के क्षेत्र में है — जो संकेत देता है कि देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है, भले ही अल्पावधि में सेवा क्षेत्र पर दबाव दिखाई दे रहा हो.

विश्लेषकों की राय

एचएसबीसी इंडिया की चीफ इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी के मुताबिक, “अगस्त में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सितंबर में सेवा क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियां कुछ धीमी हुई हैं. हालांकि, घरेलू मांग और नीतिगत स्थिरता के चलते आने वाले महीनों में यह सेक्टर फिर से रफ्तार पकड़ सकता है.”

कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट बताती है कि भारत का सेवा क्षेत्र अभी भी लचीला और विकासशील है, लेकिन बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय मांग में कमी इसके लिए चुनौतियां पेश कर रही हैं.

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Video: नशे और रफ्तार का खौफनाक कॉम्बिनेशन! BMW कार सवार ने कई को रौंदा, वीडियो वायरल

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Telangana News: तेलंगाना के हैदराबाद से एक दुखद सड़क दुर्घटना का मामला सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार बीएमडब्लयू कार ने रेड सिग्नल पर खड़ी दो कारों और एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. इस खतरनाक हादसे में बाइक पर सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि कई वाहनों को नुकसान भी पहुंचा है. ये पूरी घटना सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए

बता दें कि ये घटना रविवार 5 अक्टूबर की है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रेड सिग्नल पर कई गाड़ियां रुकी हुई थी, तभी अचानक एक BMW कार तेजी से आती हुई दिखाई देती है और रेड सिग्नल पर खड़ी दो कार और एक बाइक को टक्कर मार देती है.

दावा किया जा रहा है कि BMW कार का ड्राइवर नशे में था, जिसके चलते उसने गाड़ियों को टक्कर मारी है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कार बाइक और दोनों कार से टकरा गई. हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. बाइक पर सवार महिला, जो पीछे बैठी थी वो हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई.

हादसे के बाद BMW कार का ड्राइवर मौके से फरार

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. मौके पर मौजूद लोग मदद के लिए आगे आते हैं. हादसे के बाद BMW कार का ड्राइवर मौके से फरार हो जाता है. हादसे में कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई है. इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस आरोपी ड्राइवर की तलाश में जुट गई है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हादसा कितना भयावह था. 


LCD या AMOLED, आंखों के लिए कौन सा डिसप्ले वाला फोन रहेगा बेस्ट? जानिए पूरी जानकारी

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LCD यानी Liquid Crystal Display तकनीक लंबे समय से स्मार्टफोन और टीवी में इस्तेमाल होती आ रही है. LCD डिस्प्ले में बैकलाइट का इस्तेमाल होता है जो पूरे स्क्रीन को रोशन करता है. इसकी वजह से स्क्रीन पर कलर्स ज्यादा नेचुरल और संतुलित दिखाई देते हैं.

LCD यानी Liquid Crystal Display तकनीक लंबे समय से स्मार्टफोन और टीवी में इस्तेमाल होती आ रही है. LCD डिस्प्ले में बैकलाइट का इस्तेमाल होता है जो पूरे स्क्रीन को रोशन करता है. इसकी वजह से स्क्रीन पर कलर्स ज्यादा नेचुरल और संतुलित दिखाई देते हैं.

ये डिस्प्ले वाला फोन आंखों पर ज्यादा जोर नहीं डालता है. खासकर लंबे समय तक पढ़ने या वीडियो देखने में. सूरज की रोशनी में भी स्क्रीन का दृश्य अच्छा रहता है. रंगों का बैलेंस अच्छा रहता है जो पढ़ाई या ऑफिस वर्क के लिए मददगार है. हालांकि, LCD डिस्प्ले में ब्लैक कलर इतना गहरा नहीं दिखता और बैटरी की खपत AMOLED की तुलना में थोड़ी ज्यादा होती है.

ये डिस्प्ले वाला फोन आंखों पर ज्यादा जोर नहीं डालता है. खासकर लंबे समय तक पढ़ने या वीडियो देखने में. सूरज की रोशनी में भी स्क्रीन का दृश्य अच्छा रहता है. रंगों का बैलेंस अच्छा रहता है जो पढ़ाई या ऑफिस वर्क के लिए मददगार है. हालांकि, LCD डिस्प्ले में ब्लैक कलर इतना गहरा नहीं दिखता और बैटरी की खपत AMOLED की तुलना में थोड़ी ज्यादा होती है.

AMOLED यानी Active Matrix Organic Light Emitting Diode डिस्प्ले में हर पिक्सल खुद रोशनी पैदा करता है, इसलिए इसे बैकलाइट की जरूरत नहीं पड़ती. इसका मतलब है कि ब्लैक कलर बिल्कुल गहरा दिखाई देता है और कंट्रास्ट बेहतर होता है.

AMOLED यानी Active Matrix Organic Light Emitting Diode डिस्प्ले में हर पिक्सल खुद रोशनी पैदा करता है, इसलिए इसे बैकलाइट की जरूरत नहीं पड़ती. इसका मतलब है कि ब्लैक कलर बिल्कुल गहरा दिखाई देता है और कंट्रास्ट बेहतर होता है.

AMOLED के फायदे की बात करें तो इसमें ज्यादा वाइब्रेंट और चमकदार कलर्स मिलते हैं. स्क्रीन का ब्लैक और कंट्रास्ट बेहतर होता है, जिससे वीडियो और गेमिंग का अनुभव शानदार होता है. बैटरी की खपत कम होती है खासकर जब डार्क मोड का इस्तेमाल किया जाए. हालांकि, AMOLED डिस्प्ले कुछ लोगों की आंखों को जल्दी थकावट दे सकता है, खासकर अगर स्क्रीन की ब्राइटनेस बहुत ज्यादा हो. लंबे समय तक पढ़ाई या ऑफिस वर्क के लिए इसे थोड़ा तनावजनक माना जाता है.

AMOLED के फायदे की बात करें तो इसमें ज्यादा वाइब्रेंट और चमकदार कलर्स मिलते हैं. स्क्रीन का ब्लैक और कंट्रास्ट बेहतर होता है, जिससे वीडियो और गेमिंग का अनुभव शानदार होता है. बैटरी की खपत कम होती है खासकर जब डार्क मोड का इस्तेमाल किया जाए. हालांकि, AMOLED डिस्प्ले कुछ लोगों की आंखों को जल्दी थकावट दे सकता है, खासकर अगर स्क्रीन की ब्राइटनेस बहुत ज्यादा हो. लंबे समय तक पढ़ाई या ऑफिस वर्क के लिए इसे थोड़ा तनावजनक माना जाता है.

अगर आप लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करते हैं जैसे पढ़ाई, ऑफिस वर्क या सोशल मीडिया ब्राउज़िंग, तो LCD डिस्प्ले थोड़ा बेहतर विकल्प हो सकता है. इसका कारण यह है कि LCD स्क्रीन की ब्राइटनेस और कलर बैलेंस आंखों पर कम दबाव डालती है.

अगर आप लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करते हैं जैसे पढ़ाई, ऑफिस वर्क या सोशल मीडिया ब्राउज़िंग, तो LCD डिस्प्ले थोड़ा बेहतर विकल्प हो सकता है. इसका कारण यह है कि LCD स्क्रीन की ब्राइटनेस और कलर बैलेंस आंखों पर कम दबाव डालती है.

वहीं, अगर आपका फोकस वीडियो, गेमिंग और हाई-क्वालिटी फोटो पर है, और आप ज्यादा कंट्रास्ट और गहरे ब्लैक कलर पसंद करते हैं, तो AMOLED डिस्प्ले अच्छा विकल्प है. बस ध्यान रखें कि ब्राइटनेस को नियंत्रित करें और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचें.

वहीं, अगर आपका फोकस वीडियो, गेमिंग और हाई-क्वालिटी फोटो पर है, और आप ज्यादा कंट्रास्ट और गहरे ब्लैक कलर पसंद करते हैं, तो AMOLED डिस्प्ले अच्छा विकल्प है. बस ध्यान रखें कि ब्राइटनेस को नियंत्रित करें और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचें.

Published at : 06 Oct 2025 01:44 PM (IST)

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राहुल द्रविड़ के बेटे अनवय का धमाका! 48 चौके-छक्के से ठोके 459 रन, दूसरी बार जीता KSCA अवॉर्ड

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KSCA Award: भारतीय क्रिकेट के “वॉल” कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने अपने करियर में अनगिनत रिकॉर्ड बनाए, लेकिन अब उनके बेटे अनवय द्रविड़ भी क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के वार्षिक पुरस्कार समारोह 2025 में अनवय को एक बार फिर सम्मानित किया गया. यह लगातार दूसरा साल है जब उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए KSCA अवॉर्ड मिला है.

अंडर-16 टूर्नामेंट में बल्ले से तूफान

अनवय द्रविड़ ने यह पुरस्कार अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शानदार बल्लेबाजी के दम पर जीता. उन्होंने इस टूर्नामेंट में 6 मैचों की 8 पारियों में 459 रन बनाए. खास बात यह रही कि उन्होंने इन रनों के दौरान 91.80 की औसत बनाए रखी और दो शतक भी ठोके. इस शानदार प्रदर्शन में उनके बल्ले से 46 चौके और 2 छक्के निकले, यानी कुल 48 बाउंड्री शॉट्स.

उनके इस प्रदर्शन ने न केवल कर्नाटक टीम को मजबूती दी, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में उन्हें सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज बना दिया. यही नहीं, उनका औसत भी टूर्नामेंट के सभी बल्लेबाजों में सबसे बेहतरीन रहा.

अन्य खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान

KSCA अवॉर्ड नाइट में अनवय के अलावा कई और खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया. मयंक अग्रवाल को विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. उन्हें कर्नाटक के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए अवॉर्ड मिला. टूर्नामेंट में मंयक ने 93 की औसत से 651 रन ठोके थे.

वहीं, युवा बल्लेबाज आर. स्मरण को रणजी ट्रॉफी में 64.50 की औसत से बनाए गए 516 रन के लिए सम्मानित किया गया. इसके अलावा विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल श्रीजीत को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक 213 रन बनाने के लिए पुरस्कृत किया गया. 

पिता के नक्शे-कदम पर चल रहे हैं अनवय

राहुल द्रविड़ हमेशा अपनी शालीनता और तकनीक के लिए जाने जाते हैं. उनके बेटे अनवय में भी वैसी ही परिपक्वता और धैर्य देखने को मिल रहा है. क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि अनवय की बल्लेबाजी में अपने पिता की झलक साफ झलकती है- सही शॉट सिलेक्शन, क्लासिकल टाइमिंग और क्रीज पर टिके रहने की क्षमता.

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दुनियाभर में ‘कांतारा चैप्टर 1’ का भौकाल, चार दिन में 300 करोड़ के हुई पार

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होम्बले फिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस और ऋषभ शेट्टी द्वारा लिखी और डायरेक्टेड फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 देश ही नहीं दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर कहर बरपा रही है.

होम्बले फिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस और ऋषभ शेट्टी द्वारा लिखी और डायरेक्टेड फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 देश ही नहीं दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर कहर बरपा रही है.

सिर्फ चार दिनो में ऋषभ शेट्टी की फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 ने एक और मील का पत्थर पार कर लिया है. ये कन्नड़ फिल्म अब इस साल दुनिया भर में 300 करोड़ रुपये की कमाई पार करने वाली इंडस्ट्री की पहली फिल्म बन गई है, और इसी के साथ इसने हाल की कुछ बड़ी हिट फिल्मों के साथ-साथ कई ऑल टाइम ग्रॉसिंग फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है.

सिर्फ चार दिनो में ऋषभ शेट्टी की फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 ने एक और मील का पत्थर पार कर लिया है. ये कन्नड़ फिल्म अब इस साल दुनिया भर में 300 करोड़ रुपये की कमाई पार करने वाली इंडस्ट्री की पहली फिल्म बन गई है, और इसी के साथ इसने हाल की कुछ बड़ी हिट फिल्मों के साथ-साथ कई ऑल टाइम ग्रॉसिंग फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है.

कांतरा चैप्टर 1 ने संडे को घरेलू बाजार में शानदार परफॉर्म किया और चौथे दिन देश में 61 करोड़ रुपयों का नेट कलेक्शन किया. इसी के साथ ऋषभ शेट्टी की इस फिल्म को अपने एक्सटेंडेड ओपनिंग वीकेंड में 223.25 करोड़ (ग्रॉस 268 करोड़ रुपये) की कमाई कर ली. 2022 में केजीएफ चैप्टर 2 के ऐतिहासिक 380 करोड़ रुपये के ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन के बाद कांतारा चैप्टर 1 कन्नड़ की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वीकेंड वाली फिल्म बन गई है.

कांतरा चैप्टर 1 ने संडे को घरेलू बाजार में शानदार परफॉर्म किया और चौथे दिन देश में 61 करोड़ रुपयों का नेट कलेक्शन किया. इसी के साथ ऋषभ शेट्टी की इस फिल्म को अपने एक्सटेंडेड ओपनिंग वीकेंड में 223.25 करोड़ (ग्रॉस 268 करोड़ रुपये) की कमाई कर ली. 2022 में केजीएफ चैप्टर 2 के ऐतिहासिक 380 करोड़ रुपये के ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन के बाद कांतारा चैप्टर 1 कन्नड़ की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वीकेंड वाली फिल्म बन गई है.

विदेशों में,

विदेशों में, “कांतारा चैप्टर 1” ने वीकेंड में तेज़ी पकड़ी है, और ट्रेड पंडितों का अनुमान है कि फिल्म ने इंटरनेशनल टेरिटिरिज में 60 लाख डॉलर से ज़्यादा की कमाई कर ली है. इस तरह चार दिनों में इसकी दुनिया भर में कुल कमाई 325 करोड़ रुपये हो गई है. इसी के साथ ये अब छावा के वर्ल्डवाइड 600 करोड़ के कलेक्शन को टक्कर दे सकती है. क्योंकि इसने महज चार दिन में ही 300 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है.

रविवार को, कंतारा चैप्टर 1 ने कुछ हालिया बड़ी रिलीज़ों के कुल कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया, जिसमें सितारे ज़मीन पर (266 करोड़ रुपये) और लोकाब चैप्टर 1 (290 करोड़ रुपये) शामिल हैं. कंतारा चैप्टर 1 ने 2023 की बड़ी पैन-इंडिया स्लीपर हिट, हनुमान के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पछाड़ दिया, जिसने दुनिया भर में 298 करोड़ रुपये कमाए थे. लेकिन कांतारा चैप्टर 1 की सबसे बड़ी जीत केजीएफ चैप्टर 1 (248 करोड़ रुपये) के दुनिया भर में कलेक्शन को पार करना है. यह इसे अब तक की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कन्नड़ फिल्म बनाता है, जो केवल केजीएफ चैप्टर 2 (1248 करोड़ रुपये) और पहली कंतारा (400 करोड़ रुपये) से पीछे है.

रविवार को, कंतारा चैप्टर 1 ने कुछ हालिया बड़ी रिलीज़ों के कुल कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया, जिसमें सितारे ज़मीन पर (266 करोड़ रुपये) और लोकाब चैप्टर 1 (290 करोड़ रुपये) शामिल हैं. कंतारा चैप्टर 1 ने 2023 की बड़ी पैन-इंडिया स्लीपर हिट, हनुमान के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पछाड़ दिया, जिसने दुनिया भर में 298 करोड़ रुपये कमाए थे. लेकिन कांतारा चैप्टर 1 की सबसे बड़ी जीत केजीएफ चैप्टर 1 (248 करोड़ रुपये) के दुनिया भर में कलेक्शन को पार करना है. यह इसे अब तक की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कन्नड़ फिल्म बनाता है, जो केवल केजीएफ चैप्टर 2 (1248 करोड़ रुपये) और पहली कंतारा (400 करोड़ रुपये) से पीछे है.

ओरिजिनल हिट फिल्म कांतारा (2022) की ये प्रीक्वल, कांतारा चैप्टर 1, रहस्यमयी दुनिया की गहराइयों में लेकर जाती है, जो लोककथाओं और आस्था पर आधारित है. बता दें कि क्रिटिक्स और फैंस ने इसकी खूबसूरत सिनेमैटोग्राफी और दिल छू लेने वाले म्यूजिक की खूब तारीफ की है.

ओरिजिनल हिट फिल्म कांतारा (2022) की ये प्रीक्वल, कांतारा चैप्टर 1, रहस्यमयी दुनिया की गहराइयों में लेकर जाती है, जो लोककथाओं और आस्था पर आधारित है. बता दें कि क्रिटिक्स और फैंस ने इसकी खूबसूरत सिनेमैटोग्राफी और दिल छू लेने वाले म्यूजिक की खूब तारीफ की है.

कांताराः चैप्टर 1 चौथी सदी में सेट है और यह कांतारा की पवित्र और रहस्यमय धरती की कहानी दिखाती हैय फिल्म में इसकी पुरानी कहानियां, पुराने झगड़े और खास घटनाएं दिखाई गई हैं.  यहां लोककथाओं, विश्वास और संघर्ष की कहानी है, जो सीधे धरती से जुड़ी है.

कांताराः चैप्टर 1 चौथी सदी में सेट है और यह कांतारा की पवित्र और रहस्यमय धरती की कहानी दिखाती हैय फिल्म में इसकी पुरानी कहानियां, पुराने झगड़े और खास घटनाएं दिखाई गई हैं. यहां लोककथाओं, विश्वास और संघर्ष की कहानी है, जो सीधे धरती से जुड़ी है.

फिल्म में ऋषभ शेट्टी, सप्तमी गौड़ा, गुलशन देवैया, रुक्मिणी वसंत, जयराम, पीडी सतीश चंद्र, प्रकाश थुमिनाड जैसे कई कलाकार हैं, जिन्होंने इस कहानी को जीता-जागता बना दिया है.

फिल्म में ऋषभ शेट्टी, सप्तमी गौड़ा, गुलशन देवैया, रुक्मिणी वसंत, जयराम, पीडी सतीश चंद्र, प्रकाश थुमिनाड जैसे कई कलाकार हैं, जिन्होंने इस कहानी को जीता-जागता बना दिया है.

कांताराः चैप्टर 1 को ऋषभ शेट्टी ने लिखा, डायरेक्ट किया और उसमें लीड भूमिका निभाई निभाई है. इस फिल्म को विजय किरगंदुर ने हॉम्बाले फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. फिल्म में अरविंद एस. कश्यप की सिनेमेटोग्राफी है, जबकि बी. अजनीश लोकनाथ का म्यूजिक है, जिन्होंने इस कहानी की जादुई दुनिया को बनाने में बड़ी मदद की. कांतारा: चैप्टर 1, 2 अक्टूबर 2025 को दुनियाभर में रिलीज हुई थी.

कांताराः चैप्टर 1 को ऋषभ शेट्टी ने लिखा, डायरेक्ट किया और उसमें लीड भूमिका निभाई निभाई है. इस फिल्म को विजय किरगंदुर ने हॉम्बाले फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. फिल्म में अरविंद एस. कश्यप की सिनेमेटोग्राफी है, जबकि बी. अजनीश लोकनाथ का म्यूजिक है, जिन्होंने इस कहानी की जादुई दुनिया को बनाने में बड़ी मदद की. कांतारा: चैप्टर 1, 2 अक्टूबर 2025 को दुनियाभर में रिलीज हुई थी.

Published at : 06 Oct 2025 12:54 PM (IST)

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40 की उम्र में भी आ जाएगी 25 वाली जवानी, ये देसी नुस्खे आएंगे काम

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Anti Aging Diet Plan: हर कोई जवान दिखना चाहता है, इसके लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं. कुछ लोग डाइट में सुधार करते हैं, तो कुछ यंग दिखने के लिए प्लास्टिक सर्जरी तक करवा लेते हैं. लेकिन आपको इसकी जरूरत नहीं है, क्योंकि आज हम जो आपको नुस्खा बताने जा रहे हैं, वह आपको 40 साल की उम्र में भी 25 वाली जवानी की फीलिंग देगा. बस आपको इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा, ताकि आप अपने चेहरे पर पड़ने वाली इन झुर्रियों को हटा सकें. एक बार झुर्रियां चेहरे से गायब हो गईं, उसके बाद आपकी स्किन ग्लो करने लगती है.

40 की उम्र में यंग दिखने का डाइट प्लान

अगर आपको 40 साल की उम्र में यंग दिखना है, तो आपको अपनी डाइट में कुछ बदलाव करना होगा और कुछ चीजों को शामिल करना होगा, जैसे कि अनार. अगर आप अनार का सेवन करते हैं, तो यह आपके चेहरे की रंगत को बचाकर रखता है. यह न सिर्फ हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है, इससे हमारी स्किन को काफी फायदा होता है. इसमें कई तरह के विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं, जो हमें सूरज की किरणों और झुर्रियों से बचने में मदद करते हैं. इसके बाद दूसरी जरूरी चीज जो है, वह है हरी पत्तेदार सब्जियां. हरी सब्जियां हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती हैं, यही कारण है कि सीजनल सब्जियों की डिमांड मार्केट में काफी ज्यादा रहती है. आप इन सब्जियों में पालक, ब्रोकली को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, इसमें पोषक तत्व काफी ज्यादा मात्रा में मिलते हैं. इसमें विटामिन और मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्किन को काफी समय तक खूबसूरत और जवान रखते हैं.

ये भी है बेहतरीन विकल्प

अगर आप अनार और हरी सब्जियों से परहेज करते हैं, तो आप अपनी डाइट में डार्क चॉकलेट को शामिल कर सकते हैं. इसमें भी फ्लेवनॉल्स होता है, जो स्किन को लंबे समय तक जवान रखने में मदद करता है. आप इसका भी सेवन कर सकते हैं. डार्क चॉकलेट न सिर्फ स्किन बल्कि ओवरऑल हमारी हेल्थ के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. यह हमारे हार्ट को सही रखता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करके रखता है, इससे यह फायदा होता है कि हमारी सेहत अच्छी रहती है, जिसका असर हमारी स्किन पर देखने को मिलता है. हालांकि इनका सेवन करते समय आप इस बात का ध्यान रखें कि इनका सेवन एक सीमित मात्रा में करें और डॉक्टर्स से सलाह जरूर लें, ताकि वे आपको अच्छे से जानकारी दे सकें.

इसे भी पढ़ें- Dietary Profile: डाइट में शामिल इन आदतों से लग जाता है डायबिटीज होने का पता, आज ही दूर कर लें यह कमी

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. 

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करवा चौथ पर सास को क्या दिया जाता है?

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करवा चौथ का व्रत साल 2025 में शुक्रवार 10 अक्टूबर को है. इस दिन सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं. करवा चौथ व्रत की शुरुआत सुबह सगरी करने के बाद से शुरू हो जाएगी और रात 8:13 पर चंद्रोदय के बाद व्रत समाप्त होगा.

करवा चौथ का व्रत साल 2025 में शुक्रवार 10 अक्टूबर को है. इस दिन सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं. करवा चौथ व्रत की शुरुआत सुबह सगरी करने के बाद से शुरू हो जाएगी और रात 8:13 पर चंद्रोदय के बाद व्रत समाप्त होगा.

करवा चौथ में सरगी, व्रत, पूजा आदि के साथ ही अन्य कई तरह की रस्में निभाई जाती हैं, जिसमें ‘बायना’ भी एक है. करवा चौथ पर बहु अपनी सास को कुछ सामान देती है, जिसे बायना कहा जाता है.

करवा चौथ में सरगी, व्रत, पूजा आदि के साथ ही अन्य कई तरह की रस्में निभाई जाती हैं, जिसमें ‘बायना’ भी एक है. करवा चौथ पर बहु अपनी सास को कुछ सामान देती है, जिसे बायना कहा जाता है.

करवा चौथ पर बायना के रूप में बहु सास को साड़ी, सुहाग के सामना जैसे चूड़ी, बिंदी, बिछुआ, पायल, मेंहदी, सिंदूर, काजल, मिठाई आदि जैसी चीजें एक थाल में सजाकर देती है.

करवा चौथ पर बायना के रूप में बहु सास को साड़ी, सुहाग के सामना जैसे चूड़ी, बिंदी, बिछुआ, पायल, मेंहदी, सिंदूर, काजल, मिठाई आदि जैसी चीजें एक थाल में सजाकर देती है.

बायना के बगैर करवा चौथ का पर्व अधूरा माना जाता है. इसलिए हर बहू को अपनी सास को बायना जरूर देना चाहिए. बायना देने के बाद बहू सास के पैर छूती है और सास बदले में उसे सदा सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद देती है.

बायना के बगैर करवा चौथ का पर्व अधूरा माना जाता है. इसलिए हर बहू को अपनी सास को बायना जरूर देना चाहिए. बायना देने के बाद बहू सास के पैर छूती है और सास बदले में उसे सदा सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद देती है.

इस बात का ध्यान रखें कि, करवा चौथ की पूजा-अर्चना करने और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद बहू अपने सास के पैर छूकर आशीर्वाद लेते समय बायना दे. यह रिवाज सास के प्रति बहू के आदर और स्नेह का प्रतीक होता है.

इस बात का ध्यान रखें कि, करवा चौथ की पूजा-अर्चना करने और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद बहू अपने सास के पैर छूकर आशीर्वाद लेते समय बायना दे. यह रिवाज सास के प्रति बहू के आदर और स्नेह का प्रतीक होता है.

यदि किसी महिला की सास न हो तो वह बड़ी ननद, जेठानी या किसी बुजुर्ग सुहागिन स्त्री को भी बायना दे सकती है. करवा चौथ पर्व में बायना को सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त करने लिए उपहार में देने का रिवाज है.

यदि किसी महिला की सास न हो तो वह बड़ी ननद, जेठानी या किसी बुजुर्ग सुहागिन स्त्री को भी बायना दे सकती है. करवा चौथ पर्व में बायना को सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त करने लिए उपहार में देने का रिवाज है.

Published at : 06 Oct 2025 12:52 PM (IST)

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Video: आगे से नहीं पीछे से आई ट्रेन! फाटक तोड़ निकली बिना सवार की घोड़ा गाड़ी, वीडियो वायरल

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Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मजेदार और हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक  राइडर और एक व्यक्ति रेलवे फाटक के पास खड़े होकर ट्रेन गुजरने का इंतजार कर रहे थे. दोनों धैर्य से ट्रेन के निकलने का इंतजार कर रहे थे ताकि फाटक खुलने के बाद वे पटरी पार कर सकें. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरान भी रह गए और हंसने भी लगे.

घोड़ा गाड़ी देख डरे लोग

वीडियो में अचानक पीछे से एक घोड़ा गाड़ी तेज रफ्तार में आती दिखती है. खास बात यह थी कि उस गाड़ी पर कोई सवार नहीं था. घोड़ा खुद ही भागता हुआ सीधा रेलवे फाटक की ओर बढ़ गया. फाटक बंद था, लेकिन घोड़ा किसी तरह नीचे झुककर या किनारे से निकल गया और पटरी पार कर दूसरी ओर चला गया. यह नजारा इतना अचानक था कि  राइडर और पास खड़े लोग कुछ पल के लिए डर गए, क्योंकि अगर वे थोड़ा आगे खड़े होते तो हादसा हो सकता था.

सोशल मीडिया पर हुआ वायरल वीडियो

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों व्यक्ति बाल-बाल बच गए. पहले तो सभी घबरा गए, लेकिन जैसे ही घोड़ा गाड़ी पार निकल गई, लोग हंसने लगे और यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कई लोगों ने मजाक में लिखा – गाड़ी तो पटरी पर आने की थी, लेकिन ये तो सड़क से ही निकल गई.

लोग इस वीडियो को देखकर तरह-तरह के मीम्स बना रहे हैं. कुछ यूजर्स ने लिखा कि घोड़ा शायद किसी काम से बहुत जल्दी में था, जबकि कुछ ने कहा कि यह ऑटो मोड वाली गाड़ी थी.


7 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती पर किन-किन राज्यों में बंद रहेंगे स्कूल? एक नजर में देख लें पूरी लि

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आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि पर हर साल की तरह इस बार भी पूरे देश में महर्षि वाल्मीकि जयंती बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी. यह वही दिन है जब आदिकवि महर्षि वाल्मीकि को उनकी अमर रचना रामायण के लिए याद किया जाता है. महर्षि वाल्मीकि न केवल संस्कृत साहित्य के जनक माने जाते हैं, बल्कि उन्होंने मानवता, नैतिकता और धर्म के आदर्शों को अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज तक पहुंचाया.

इस वर्ष वाल्मीकि जयंती 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को मनाई जाएगी. इस पवित्र अवसर पर देशभर में भक्ति और उत्सव का माहौल रहेगा. उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार दोनों ने इस दिन को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.

यूपी में रहेगा सार्वजनिक अवकाश

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर प्रदेशभर में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. जारी सरकारी आदेश के अनुसार, इस दिन राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, प्राइवेट संस्थान, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद रहेंगे.

सरकार की ओर से दिसंबर 2024 में जारी वार्षिक अवकाश सूची में पहले से ही वाल्मीकि जयंती को शामिल किया गया था. लेकिन अब शासन ने इसकी औपचारिक पुष्टि करते हुए आदेश जारी कर दिया है.

वाल्मीकि जयंती पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर जैसे बड़े शहरों में झांकियां, शोभायात्राएं और सांस्कृतिक आयोजन होंगे. लोगों के बीच महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनके उपदेशों को लेकर विशेष जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे.

दिल्ली में भी रहेगा अवकाश

इसी तरह दिल्ली सरकार ने भी 7 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती के मौके पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बीते रविवार को इसकी औपचारिक घोषणा की.

दिल्ली में इस अवसर पर स्कूल, कॉलेज और सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे. साथ ही सरकारी दफ्तरों और निगम कार्यालयों में भी अवकाश रहेगा. राजधानी में महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर शोभायात्राएं, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. दिल्ली के वाल्मीकि मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों को सजाया जा रहा है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेने की तैयारी में हैं.

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‘तुम ठीक हो दोस्त…?’ इतना पूछते ही हत्यारे ने इंडियन बिजनेसमैन को मार दी गोली, जानें मामला

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अमेरिका के पिट्सबर्ग से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक भारतीय मूल के शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई. 51 साल के राकेश पिट्सबर्ग के रॉबिन्सन टाउनशिप में एक मोटल चलाते थे, वे कुछ लोगों को झगड़ा करते देख मोटल से बाहर निकले. इस दौरान एक अपराधी ने उन्हें पॉइंट ब्लैक रेंज से गोली मार दी. पिट्सबर्ग अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य का का एक शहर है.

‘सीएनबीसी’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्टेनली यूजीन वेस्ट नाम के शख्स ने मोटल मालिक राकेश को गोली मार दी. पुलिस को वारदात के दौरान की सीसीटीवी फुटेज भी हाथ लगी है. स्टेनली एक महिला से झगड़ा कर रहा था. जब राकेश मामला शांत कराने पार्किंग में पहुंचे तो उन्होंने स्टेनली से पूछा, ”क्या तुम ठीक हो दोस्त?” इसके तुरंत बाद स्टेनली ने राकेश के सिर में गोली मार दी. यह पूरा घटना मोटल के पार्किंग में हुई. 

आरोपी ने महिला को भी मारी गोली

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि आरोपी स्टेनली एक महिला और एक बच्चे के साथ करीब दो हफ्तों से मोटल में रह रहा था. आरोप है कि स्टेनली ने मोटल मालिक को गोली मारने से ठीक पहले अपनी साथी महिला को भी गोली मारी थी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला एक बच्चे के साथ काली गाड़ी में बैठी, तभी हमलावर पहुंचा और गोली चला दी. घायल महिला काफी मुश्किलों के बाद कर्निक टायर एंड ऑटो सर्विस सेंटर पहुंची, जहां पुलिस ने उसे बचा लिया. महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. 

आरोपी ने पुलिस पर भी की फायरिंग

महिला और स्टेनली के बीच बहस भी हुई थी, जिसकी आवाज सुनकर राकेश मौके पर पहुंचे थे. राकेश, स्टेनली से कुछ ही कदम की दूरी पर खड़े थे और तभी उसने गोली मार दी. स्टेनली मोटल मालिक की हत्या के बाद कुछ ही दूर पर खड़ी वैन में बैठा और भाग गया, लेकिन पुलिस उस तक पहुंचने में कामयाब रही. जब पुलिस आरोपी तक पहुंची तो उसने पुलिस पर भी गोली चला दी. हालांकि उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है.

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