भारत-अमेरिका के बीच कब तक हो सकते हैं व्यापार समझौते? जानें नीति आयोग का जवाब

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India US Trade Talks: भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ (शुल्क) को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी सरकार ने हाल ही में भारतीय वस्तुओं के निर्यात पर 50 प्रतिशत तक का ऊंचा टैरिफ लगा दिया है, जिसमें 25 प्रतिशत बेस टैरिफ और अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क शामिल है. यह अतिरिक्त शुल्क अमेरिका की ओर से भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए गए पैनल्टी के रूप में लगाया गया है.

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हाल ही में मिले कुछ सकारात्मक संकेतों के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर बातचीत फिर से शुरू हुई है. पहले कई दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी, लेकिन अब स्थिति बदलती दिख रही है.

नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने सोमवार को भरोसा जताया कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौता हो जाएगा. उन्होंने कहा कि दोनों देश एक ऐसे द्विपक्षीय समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं जो दोनों की अर्थव्यवस्थाओं के हित में हो.

भारत को अपने बाजार खोलने की जरूरत: सुब्रह्मण्यम

सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत को अपने शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं (Tariff & Non-Tariff Barriers) को कम करना चाहिए और विनिर्माण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बाजारों को अधिक खुला बनाना चाहिए. उन्होंने यह बयान ‘ट्रेड वॉच क्वार्टरली’ रिपोर्ट जारी करने के दौरान दिया. उन्होंने कहा, “अच्छी बात यह है कि दोनों पक्ष अब भी बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं. पिछले महीने वार्ता हुई थी, इसलिए हमें उम्मीद है कि जल्द सकारात्मक नतीजे मिलेंगे.”

गौरतलब है कि अगस्त में अमेरिका ने भारतीय सामानों के ऊपर टैरिफ को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया था. इसमें रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाया गया 25 प्रतिशत पैनाल्टी के रूप में टैरिफ भी शामिल है. इस कदम के बाद दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच तनाव बढ़ गया.

भारत ने इस अमेरिकी कदम को “अनुचित और अविवेकपूर्ण” बताया है. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि इन शुल्कों का क्रिसमस तक बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर नवंबर तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो निर्यात क्षेत्र में गंभीर असर देखने को मिल सकता है.

समझौते से टलेगा आर्थिक झटका

उन्होंने कहा, “हम फिलहाल नुकसान में हैं… 50 प्रतिशत शुल्क से हमारी वस्तुएँ महंगी हो जाती हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा में रहना मुश्किल है. लेकिन अगर नवंबर तक व्यापार समझौता हो जाता है, तो बड़े व्यवधान से बचा जा सकता है.” सुब्रह्मण्यम ने यह भी जोड़ा कि भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) अभी प्रबंधनीय है, लेकिन इसमें असंतुलन बना हुआ है.

कुल मिलाकर, भारत और अमेरिका के बीच जारी यह टैरिफ टकराव दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौती है — लेकिन अगर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ी, तो दोनों देशों के बीच नया व्यापार समझौता वैश्विक बाजार में एक सकारात्मक संकेत साबित हो सकता है.

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वर्ल्ड कप पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे फिसला पाकिस्तान, टीम इंडिया का दबदबा कायम

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महिला वर्ल्ड कप 2025 में दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हरा दिया है. ये टूर्नामेंट का सातवां मैच रहा, जिसमें जीत से दक्षिण अफ्रीका को पॉइंट्स टेबल में फायदा मिला है. दूसरी ओर न्यूजीलैंड की ये लगातार दूसरी हार रही. पॉइंट्स टेबल में दक्षिण अफ्रीका की जीत से भारत को कोई असर नहीं पड़ा है, वो अब भी टेबल के टॉप पर विराजमान है. हालांकि टेबल में इससे पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है.

दक्षिण अफ्रीका अपना पहला मैच हार गई थी, वहीं न्यूजीलैंड को हराने के बाद उसके 2 मैचों में 2 अंक हो गए हैं. अफ्रीकी टीम अंक तालिका में पांचवें स्थान पर आ गई है. वहीं न्यूजीलैंड लगातार 2 हार के बाद सातवें स्थान पर मौजूद है.

भारत टॉप पर विराजमान

भारत ने पहले मैच में श्रीलंका को 59 रन और फिर पाकिस्तान को 88 रनों से हराया था. अपने दोनों मैच जीतकर टीम इंडिया 4 अंकों के साथ टेबल में पहले स्थान पर हैं. तीन पॉइंट्स के साथ गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर है, वहीं इंग्लैंड फिलहाल तीसरे नंबर पर है. पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा चुकी बांग्लादेश चौथे पायदान पर है. अब न्यूजीलैंड को हराकर टूर्नामेंट में पहली जीत दर्ज करने के बाद दक्षिण अफ्रीका पांचवें स्थान पर आ गई है. श्रीलंका, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान अभी तक वर्ल्ड कप में अपनी जीत का खाता नहीं खोल पाए हैं. पाकिस्तान पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले स्थान पर खिसक गई है.

  • भारत – 4 अंक (+1.515)
  • ऑस्ट्रेलिया – 3 अंक (+1.780)
  • इंग्लैंड – 2 अंक (+3.773)
  • बांग्लादेश – 2 अंक (+1.623)
  • दक्षिण अफ्रीका – 2 अंक (-1.424)
  • श्रीलंका – 1 अंक (-1.255)
  • न्यूजीलैंड – 0 अंक (-1.463)
  • पाकिस्तान – 0 अंक (-1.777)

अभी तक भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और बांग्लादेश, वो 4 टीम हैं जिन्हें टूर्नामेंट में एक भी हार का स्वाद नहीं चखना पड़ा है. भारतीय टीम की बात करें तो अगले मैच में 9 अक्टूबर को उसे दक्षिण अफ्रीका से भिड़ना है.

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CCTV कैमरा में क्यों होती है सिम की जरूरत? जानिए कैसे ये आपकी सेफ्टी करता है डबल

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SIM सपोर्ट वाले CCTV कैमरे उन जगहों के लिए खासतौर पर बनाए गए हैं जहां ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध नहीं होता. ये कैमरे सीधे 4G नेटवर्क के जरिए क्लाउड या मोबाइल ऐप पर डेटा भेजते हैं जिससे यूज़र कहीं से भी अपने कैमरे की लाइव निगरानी कर सकता है. इस तरह चाहे आप घर पर हों या बाहर, आपकी सुरक्षा हमेशा आपके हाथ में रहती है.

SIM सपोर्ट वाले CCTV कैमरे उन जगहों के लिए खासतौर पर बनाए गए हैं जहां ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध नहीं होता. ये कैमरे सीधे 4G नेटवर्क के जरिए क्लाउड या मोबाइल ऐप पर डेटा भेजते हैं जिससे यूज़र कहीं से भी अपने कैमरे की लाइव निगरानी कर सकता है. इस तरह चाहे आप घर पर हों या बाहर, आपकी सुरक्षा हमेशा आपके हाथ में रहती है.

साधारण CCTV कैमरों को Wi-Fi या LAN कनेक्शन की जरूरत होती है जबकि SIM वाले कैमरे मोबाइल नेटवर्क पर चलते हैं. इसका मतलब है कि इन्हें कहीं भी इंस्टॉल किया जा सकता है चाहे वह खेत, दूर-दराज का इलाका या अस्थायी सेटअप ही क्यों न हो. यह तकनीक ऐसे स्थानों पर भी सुरक्षा सुनिश्चित करती है जहां वायर्ड इंटरनेट उपलब्ध नहीं है.

साधारण CCTV कैमरों को Wi-Fi या LAN कनेक्शन की जरूरत होती है जबकि SIM वाले कैमरे मोबाइल नेटवर्क पर चलते हैं. इसका मतलब है कि इन्हें कहीं भी इंस्टॉल किया जा सकता है चाहे वह खेत, दूर-दराज का इलाका या अस्थायी सेटअप ही क्यों न हो. यह तकनीक ऐसे स्थानों पर भी सुरक्षा सुनिश्चित करती है जहां वायर्ड इंटरनेट उपलब्ध नहीं है.

SIM-सपोर्टेड कैमरे स्मार्टफोन से कनेक्ट किए जा सकते हैं. इससे यूज़र कहीं से भी लाइव वीडियो देख सकता है और किसी भी मूवमेंट पर तुरंत अलर्ट प्राप्त कर सकता है. यह रियल-टाइम निगरानी की सुविधा प्रदान करता है और सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी बनाता है.

SIM-सपोर्टेड कैमरे स्मार्टफोन से कनेक्ट किए जा सकते हैं. इससे यूज़र कहीं से भी लाइव वीडियो देख सकता है और किसी भी मूवमेंट पर तुरंत अलर्ट प्राप्त कर सकता है. यह रियल-टाइम निगरानी की सुविधा प्रदान करता है और सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी बनाता है.

इंस्टॉलेशन के मामले में भी ये कैमरे बेहद आसान हैं. जटिल वायरिंग की जरूरत नहीं होती और SIM डालते ही कैमरा एक्टिव हो जाता है. मोबाइल ऐप के जरिए इसे सीधे कंट्रोल किया जा सकता है जिससे छोटे दुकानदारों और घरों के लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प बन जाता है.

इंस्टॉलेशन के मामले में भी ये कैमरे बेहद आसान हैं. जटिल वायरिंग की जरूरत नहीं होती और SIM डालते ही कैमरा एक्टिव हो जाता है. मोबाइल ऐप के जरिए इसे सीधे कंट्रोल किया जा सकता है जिससे छोटे दुकानदारों और घरों के लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प बन जाता है.

हालांकि SIM सपोर्टेड CCTV कैमरों का खर्चा Wi-Fi कैमरों से थोड़ा अधिक हो सकता है क्योंकि इसमें डेटा रिचार्ज की जरूरत होती है. लेकिन जहां इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं है वहां यह तकनीक सबसे भरोसेमंद साबित होती है. लंबी बैटरी लाइफ और क्लाउड स्टोरेज की सुविधा इसे मेंटेन करने में भी आसान बनाती है. SIM वाले CCTV कैमरे न सिर्फ सुरक्षा को बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें कहीं भी और कभी भी इस्तेमाल करना आसान और भरोसेमंद बनाते हैं.

हालांकि SIM सपोर्टेड CCTV कैमरों का खर्चा Wi-Fi कैमरों से थोड़ा अधिक हो सकता है क्योंकि इसमें डेटा रिचार्ज की जरूरत होती है. लेकिन जहां इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं है वहां यह तकनीक सबसे भरोसेमंद साबित होती है. लंबी बैटरी लाइफ और क्लाउड स्टोरेज की सुविधा इसे मेंटेन करने में भी आसान बनाती है. SIM वाले CCTV कैमरे न सिर्फ सुरक्षा को बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें कहीं भी और कभी भी इस्तेमाल करना आसान और भरोसेमंद बनाते हैं.

Published at : 06 Oct 2025 12:46 PM (IST)

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पेरासिटामोल टेबलेट से महिला ने धोए कपड़े, चमक उठे पीले पड़े कपड़े! वीडियो देख घूम जाएगा माथा

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सोशल मीडिया की दुनिया में आए दिन ऐसे हैक्स और ट्रिक्स वायरल होते रहते हैं जिन्हें देखकर लोग हैरान रह जाते हैं. कभी कोई बेकिंग सोडा से बर्तन चमकाता दिखता है तो कभी कोई नींबू से घर की सफाई करता नजर आता है. लेकिन इस बार इंटरनेट पर एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग दंग हैं. दरअसल इस वीडियो में एक महिला पेरासिटामोल टेबलेट का इस्तेमाल डिटर्जेंट की तरह करती है और कपड़े धोती नजर आती है. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इस ट्रिक से कपड़े वाकई में चमचमाते साफ हो जाते हैं. वीडियो देखने वाले लोग इसे जादू बता रहे हैं और कुछ इसे मेडिकल दवा का गलत इस्तेमाल कह रहे हैं.

पेरासिटामोल से कपड़े धोती दिखी महिला

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला अपने घर में वॉशिंग मशीन के पास खड़ी है. वह कपड़ों के साथ पेरासिटामोल टेबलेट डालती है और मशीन को ऑन कर देती है. कुछ देर बाद जब कपड़े बाहर निकलते हैं तो वे एकदम चमचमाते और दाग रहित नजर आते हैं. वीडियो का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा तब आता है जब महिला एक सफेद शर्ट निकालती है जिसका कॉलर पीला पड़ा होता है. वह उसे पानी से भरे टब में डालती है और उसमें पेरासिटामोल की कुछ गोलियां डाल देती है. थोड़ी देर बाद जब शर्ट को बाहर निकाला जाता है तो उसका कॉलर पूरी तरह सफेद और नया जैसा हो जाता है.

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यूजर्स ने ले लिए मजे

वीडियो को @acharyaveda_ नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई किसी और ने ट्राई किया हो तो बताओ, फिर मैं भी करुंगी. एक और यूजर ने लिखा…इसे मैंने भी इस्तेमाल किया है, काम तो करता है आइडिया. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…जब दवाएं जहर बनने लगें तो लोग इसी काम ही तो लेंगे.

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ईशा की एक्स हसबैंड भरत से फिर बढ़ी नजदीकियां? एकसाथ मनाया फैमिली डे

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बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा देओल ने करीब 18 महीने पहले पति भरत तख्तानी से तलाक लिया था. दोनों के तलाक से सिर्फ उनकी फैमिली ही नहीं फैंस भी काफी शॉक में थे. लेकिन अब ईशा की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है. जिसे देख यूजर्स का दिमाग चकराया गया है. इस तस्वीर में एक्ट्रेस अपने एक्स हसबैंड भरत के साथ वक्त बिताती हुई नजर आ रही हैं. तस्वीर को भरत ने ही सोशल मीडिया पर शेयर किया है.

एक्स हसबैंड संग स्पॉट हुईं ईशा देओल

ईशा देओल के साथ ये तस्वीर भरत तख्तानी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट की है. तस्वीर में दोनों एक रेस्टोरेंट में नजर आ रहे हैं. इनके साथ ईशा की बहन अहाना देओल भी हैं. सभी कैमरे की तरफ स्माइल करते हुए पोज कर रहे हैं. फोटो शेयर करते हुए भरत ने लिखा, ‘फैमिली संडे.’ इसके साथ भरत ने एक हार्ट वाली इमोजी भी बनाई. ये फोटो अब तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं. जिसे देखकर यूजर्स भी तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं.  

ईशा देओल की एक्स हसबैंड भरत तख्तानी से फिर बढ़ी नजदीकियां? तलाक के बाद एकसाथ मनाया फैमिली डे

11 साल बाद टूटी थी ईशा और भरत की शादी

बता दें कि ईशा देओल ने साल 2012 में बिजनेसमैन भरत तख्तानी से शादी की थी. शादी के बाद ये कपल दो बेटियों के माता-पिता बने. लेकिन फिर 11 साल बाद ईशा और भरत ने तलाक लेकर अलग होने का फैसला किया. ईशा और भरत के तलाक से एक्ट्रेस के पिता धर्मेंद्र काफी दुखी हुए थे. खबरों के अनुसार वो बेटी के इस फैसले से खुश नहीं थे.


मेघना से शादी करने वाले हैं भरत?

खबरों के अनुसार ईशा के तलाक की वजह भरत के किसी दूसरी औरत से संबंध होना था. ईशा और भरत का भले ही तलाक हो चुका हो, लेकिन दोनों ने बच्चों की परवरिश एकसाथ करने का फैसला लिया था. बता दें कि कुछ वक्त पहले भरत ने मेघना लखानी के साथ एक फोटो शेयर की थी. जिसके बाद से दोनों की शादी की खबरें सामने आ रही है.

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माउंट एवरेस्ट पर आया बर्फीला तूफान, एक पर्वतारोही की मौत, तिब्बती ढलानों से 137 का रेस्क्यू

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माउंट एवरेस्ट के तिब्बती ढलानों पर बर्फीले तूफान के कारण सोमवार (6 अक्टूबर, 2025) को एक पर्वतारोही की मौत हो गई. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए अन्य 137 पर्वतारोहियों को बचा लिया गया है. इसके साथ ही लापता पर्वतारोहियों की तलाश भी जारी है.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट में स्थानीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि हाइपोथरमिया और अत्यधिक ऊंचाई पर पहुंचने से जुड़ीं समस्याओं के कारण 41 वर्षीय पर्वतारोही की मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर पश्चिमी किंगाई प्रांत में लगातार बर्फबारी होने के कारण फंसे 137 पर्वतारोहियों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और उनकी हालत स्थिर है.

किलियन पर्वत पर लाओहुगोऊ के लिए रवाना हुए थे 100 से ज्यादा लोग

एक अक्टूबर, 2025 से शुरू हुए आठ दिवसीय राष्ट्रीय अवकाश के दौरान पैदल यात्रा के शौकीन 100 से अधिक लोग लाओहुगोऊ क्षेत्र की ओर रवाना हुए. किलियन पर्वत पर स्थित लाओहुगोऊ क्षेत्र में छुट्टियों के दौरान लगातार बर्फबारी हुई है. इसकी औसत ऊंचाई 4,000 मीटर से अधिक है और भूभाग जटिल है.

1,000 से ज्यादा पर्यटक पर्वतारोहियों के फंसे होने की आशंका

इससे पहले, सरकारी सीसीटीवी ने बताया था कि 350 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 200 लोग अब भी लापता हैं. रविवार (5 अक्टूबर, 2025) को बीबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन की ओर स्थित कर्मा घाटी में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के ढलानों पर 1,000 से अधिक पर्यटक पर्वतारोही फंसे हुए हैं.

फंसे पर्वतारोहियों की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पता चलता है कि रविवार (5 अक्टूबर, 2025) को दूरस्थ क्षेत्र में बादलों की गरज के बीच, तेज हवाओं और लगातार बर्फबारी के कारण रास्ते पूरी तरह से बर्फ में दब गए.

दक्षिण चीन में तूफान मैत्मो ने दी दस्तक

इस बीच, दक्षिण चीन के ग्वांगदोंग प्रांत के झानजियांग शहर के शूवेन काउंटी के पूर्वी तट पर रविवार (5 अक्टूबर) को तूफान मैत्मो ने दस्तक दी. स्थानीय सरकारों ने ग्वांगदोंग और हैनान के दक्षिणी प्रांतों से लगभग 3,47,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.

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Bihar Election 2025: बिहार चुनाव 2025: 6, 11 और 14 नवंबर को बन रहे चौंकाने योग!

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Bihar Election 2025: बिहार में चुनावी रणभूमि तय हो चुकी है. निर्वाचन आयोग ने जो तीन तारीखें घोषित की हैं, 6 नवंबर, 11 नवंबर और 14 नवंबर वे महज कैलेंडर की तारीखें नहीं हैं. ग्रहों का खेल और पंचांग बताता है, ये वो तीन दिन हैं जब ग्रहों की चाल और जनता की मानसिकता टकराने वाली है. राजनीति में जो भी खिलाड़ी इन तिथियों को हल्के में लेगा, उसे नतीजे झटका दे सकते हैं. कैसे आइए समझते हैं-

पहला चरण 6 नवंबर 2025

पहले चरण का मतदान गुरुवार 6 नवंबर को होगा. इस दिन का पंचांग बताता है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से द्वितीया, नक्षत्र कृतिका रहेगा और चंद्रमा वृषभ राशि में रहेगा. कृतिका अग्नि तत्व का नक्षत्र है, जिसका स्वामी सूर्य है. यानी उस दिन की ऊर्जा तेज, ज्वालामुखी और निर्णायक होगी.

प्राचीन ग्रंथ बृहत्त संहिता में वराहमिहिर ने लिखा है कृतिका नक्षत्रे कर्मारंभे कलहो भवेत्. अर्थात कृतिका नक्षत्र में प्रारंभ किया गया कार्य विवाद और संघर्ष का कारण बनता है.

इस दिन वृषभ में चंद्रमा का प्रवेश सुबह 10 बजे के बाद होगा. वृषभ स्थिरता का संकेत देता है, लेकिन उसी के साथ जिद और प्रतिरोध भी लाता है. इसलिए सुबह का मतदान आक्रोशपूर्ण और बयानबाजी से भरा हो सकता है, जबकि शाम तक जनता का मूड व्यावहारिक और शांत हो जाएगा.

राजनीतिक दृष्टि से यह दिन इस बात का संकेत है कि पहला चरण झटकेदार शुरुआत देगा, और कई क्षेत्रों में अप्रत्याशित मतदान पैटर्न उभर सकते हैं. वर्ज्य काल लगभग 1:52 से 3:30 के बीच रहेगा, जो बताता है कि इस अवधि में प्रशासनिक विवाद या शिकायतें बढ़ सकती हैं. मौसम और ग्रह दोनों संकेत दे रहे हैं इस दिन भावनाएं ज्यादा, पर निर्णय स्थिर रहेगा.

दूसरा चरण 11 नवंबर 2025

दूसरा चरण मंगलवार को है. दिन शुरू होगा भद्रा करण (विष्टि) से, जो सुबह 11:32 बजे तक प्रभावी रहेगा. इस अवधि को शास्त्रों में अशुभ और विवादजनक माना गया है. मुहूर्त चिंतामणि में स्पष्ट कहा गया है कि विष्टि करणे कर्म विवादं जनयेत्. यानि भद्रा में शुरू किया गया कोई भी काम बहस, विरोध या कठिनाई से घिरता है.

भद्रा के बाद शुरू होता है पुष्य नक्षत्र, जो गुरु के स्वामित्व वाला है. गुरु ज्ञान, स्थिरता और नीति का कारक है. इसलिए जैसे ही भद्रा समाप्त होगी, माहौल धीरे-धीरे शांत होने लगेगा.

सुबह के घंटों में विवाद, शिकायतें और तीखे प्रसंग संभव हैं, पर दोपहर के बाद मतदाता का व्यवहार संतुलित और जागरूक रहेगा. कर्क राशि का चंद्रमा जनता को भावनात्मक बनाता है. इसलिए इस चरण का मतदान मुद्दों से ज्यादा संवेदनाओं पर आधारित होगा.

राजनीति की भाषा में कहा जाए तो दूसरा चरण सत्ता की नसें टटोलने का दिन होगा. जो दल इस दिन की सुबह को संभाल लेंगे, वे दोपहर के बाद जनता के दिलों में जगह बना सकते हैं.

मतगणना 14 नवंबर 2025

मतगणना का दिन शुक्रवार है. यह दिन कार्तिक कृष्ण दशमी तिथि का रहेगा. नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी से उत्तराफाल्गुनी की ओर जा रहा होगा,
और चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा. फाल्गुनी नक्षत्र शुक्र के अधीन है और शुक्र प्रतिष्ठा, आकर्षण और निर्णय का ग्रह है.

वाराहमिहिर की संहिता में फाल्गुनी को राजसिक और निर्णायक कहा गया है. मतलब यह दिन जनता के मन की फाइनल राय को सामने लाने वाला है. सिंह राशि नेतृत्व और आत्मविश्वास का प्रतीक होती है, जो बताती है कि परिणाम जनता की इच्छा से तय होंगे, कोई शक्ति उन्हें पलट नहीं पाएगी.

इस दिन कोई बड़ा दोषकाल या भद्रा नहीं है. यह शुद्ध मुहूर्त वाला दिन है, जो निर्णायक निष्कर्ष का संकेत देता है. पर ग्रह स्थिति कहती है कि यह परिणाम भावनाओं से नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान से तय होंगे. यानी जनता उस नेतृत्व को चुनेगी जो उसे आत्मसम्मान दे सके.

6 से 14 नवंबर तक बनने वाले ग्रहों के योग बताते हैं कि चुनाव सिर्फ विकास बनाम धर्म या जाति नहीं रहेगा, बल्कि यह नीति बनाम भावना की लड़ाई बनेगा. शनि कुंभ में होने से जनता अनुशासन और स्थायित्व चाहती है. मंगल अपने ही घर वृश्चिक में होगा जो तीखी कार्रवाई, गुप्त रणनीति और सत्ता संघर्ष का संकेत दे रहा है. प्रशासनिक कुशलता और क्षमता को दिखाना होगा. अधिकारियों को अधिक सजग रहना होगा.

चुनाव आयोग की डेटों पर शास्त्र क्या कहते हैं?

बृहत्त संहिता के अनुसार पहला चरण कृतिका नक्षत्र में होगा जो विवाद और संघर्ष का संकेत दे रहा है. मुहूर्त चिंतामणि की मानें तो भद्रा में किए गए कार्य वाद-विवाद और विरोध का कारण बनते हैं. निर्णयामृत और हस्तसंजीवनी के अनुसार फाल्गुनी नक्षत्र में फल-सिद्धि और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है.

चंद्रमा की भूमिका निर्णायक साबित होगी?

बिहार की तीनों तिथियां सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रहों की परीक्षा भी हैं. हर तिथि जनता की मनःस्थिति के अलग-अलग चरण दिखा रही है.

ग्रहों की दृष्टि से यह चुनाव कठिन शुरुआत का संकेत दे रहा है, पर स्थायी परिणाम का संकेत भी दे रहा है. जो दल जनता की भावना समझेगा, वही टिकेगा. जो अति करेगा, ग्रह उसका संतुलन बिगाड़ देंगे. जनता और ग्रह दोनों एक साथ फैसला देंगे.

तीनों तारीखें शुभ नहीं हैं, पर निर्णायक जरूर हैं. पहले चरण में आग, दूसरे में बहस, तीसरे में फैसला. भद्रा, कृतिका और फाल्गुनी ये तीन नक्षत्र बिहार की किस्मत लिखेंगे. किसी दल या व्यक्ति के समर्थन में नहीं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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गन्ने की मशीन में फंसा शख्स का हाथ! निकालने में छूटे लोगों के पसीने- वीडियो देख फट पड़ेगा कलेजा

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मर्द अपना घर और पेट पालने के लिए क्या कुछ नहीं करता. इन्हीं जद्दोजहद में कई बार ऐसी घटनाएं घट जाती हैं कि उन्हें देखकर लोगों का दिल पसीज जाता है. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स का हाथ गन्ने का जूस निकालते हुए मशीन में फंस गया है और अब वो शख्स दर्द से इस कदर तड़प रहा है कि देखने वालों की आंख में आंसू आ गए. वीडियो देखकर आपका भी कलेजा फट पड़ेगा.

गन्ने के रस की मशीन में फंसा शख्स का हाथ

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स दर्द में बुरी तरह तड़पता दिखाई दे रहा है. दर्द से तड़पने की वजह ये है कि शख्स का हाथ गन्ने का रस निकालने की मशीन में फंस गया है. शख्स का हाथ इस कदर मशीन में फंसा हुआ है कि उसके हाथ से खून बहकर लगातार निकलता जा रहा है. आसपास भीड़ जमा है और लोग शख्स का फंसा हुआ हाथ बाहर निकालने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि मशीन में गन्ना डालते वक्त शख्स का हाथ मशीन में फंस गया जिसके बाद तुरंत मशीन को बंद किया गया. लेकिन जब तक मशीन बंद हुई शख्स का आधे से ज्यादा हाथ घायल हो चुका था. वीडियो देखने के बाद आप भी सिहर उठेंगे. 


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वीडियो देख सिहर उठे यूजर्स

वीडियो को  titan_memes30 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…वीडियो देखते हुए मैं इस शख्स का दर्द महसूस कर सकता हूं. एक और यूजर ने लिखा…इन सारे लोगों को सलाम जिन्होंने शख्स की जान बचाई. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…शख्स इसलिए रो रहा है क्योंकि वो सोच रहा है कि अब कमाएगा कौन.

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ट्रंप के टैरिफ को अमेरिकी कंपनी ने ही दिखाया ठेंगा, भारत में करेगी एक अरब डॉलर का निवेश

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India Investment News: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन बेहद सकारात्मक (Positive) रहा. घरेलू बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों प्रमुख इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए. इसी बीच अमेरिका से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है.

अमेरिकी फार्मा दिग्गज एली लिली एंड कंपनी (Eli Lilly and Co.) ने भारत में 1 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 8,879 करोड़ रुपये) निवेश करने की घोषणा की है. कंपनी ने कहा है कि इस निवेश का उद्देश्य भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन क्षमताओं को मजबूत करना है.

हैदराबाद में बनेगा नया सेंटर

एली लिली कंपनी ने जानकारी दी है कि वह हैदराबाद में अपना नया सेंटर स्थापित करेगी. यह सेंटर पूरे देश में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क के लिए मुख्य हब के रूप में काम करेगा और उच्च गुणवत्ता वाली टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सेवाएँ प्रदान करेगा.

कंपनी ने इस साल की शुरुआत में भारत में वजन घटाने और डायबिटीज की दवा ‘मौन्जारो’ (Mounjaro) लॉन्च की थी, जिसकी ग्लोबल डिमांड लगातार बढ़ रही है. जानकारों का कहना है कि एली लिली का यह निवेश मोटापा और डायबिटीज दवाओं के बढ़ते बाजार में प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, जिससे कंपनी को भविष्य में बड़ा लाभ मिल सकता है.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने एली लिली के निवेश पर खुशी जताते हुए कहा, “हैदराबाद में लिली कंपनी का निवेश इस बात का प्रमाण है कि शहर ग्लोबल हेल्थ सर्विस इनोवेशन का एक भरोसेमंद और उभरता हुआ केंद्र बन चुका है.” उन्होंने कहा कि यह निवेश न केवल राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि भारत की बायोटेक और फार्मा इंडस्ट्री को भी नई दिशा देगा.

स्थानीय साझेदारी और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

एली लिली ने बताया है कि वह तेलंगाना में स्थानीय दवा कंपनियों के साथ साझेदारी करेगी ताकि दवाओं के उत्पादन और वितरण क्षमता को बढ़ाया जा सके. कंपनी का कहना है कि इससे मोटापा और डायबिटीज से जुड़ी दवाएँ भारत में अधिक सुलभ और किफायती बन सकेंगी.

लिली इंटरनेशनल के कार्यकारी वाइस प्रेसिडेंट पैट्रिक जॉनसन ने कहा, “हम वैश्विक स्तर पर अपनी मैन्युफैक्चरिंग और मेडिसिन सप्लाई कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए अहम कदम उठा रहे हैं. भारत में 1 अरब डॉलर का यह निवेश इसी रणनीति का हिस्सा है.”

यह निवेश भारत के हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि एली लिली जैसी कंपनियों का भारत की ओर रुझान देश की दवा निर्माण क्षमता, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक निवेश आकर्षण की पुष्टि करता है.

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ChatGPT से कभी न लें इन मामलों पर सलाह, फायदे की जगह हो जाएगा नुकसान, पड़ेगा पछताना

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आजकल लोग लगभग हर काम के लिए ChatGPT जैसे AI चैटबॉट की मदद लेने लगे हैं. बॉस से छुट्टी मांगने के मेल लिखना हो या कॉलेज के किसी असाइनमेंट के लिए रिसर्च, लोग ज्यादातर कामों के लिए AI चैटबॉट की तरफ देखने लगे हैं. कई मामलों में ये चैटबॉट आपकी मदद कर सकते हैं, लेकिन कई बार मुश्किलें बढ़ा भी सकते हैं. आज हम जानेंगे कि किन मामलों में ChatGPT जैसे चैटबॉट्स की मदद लेने से बचना चाहिए. 

इलाज संबंधी सलाह

भले ही ChatGPT जैसे चैटबॉट्स आपको बीमारी के कारण, लक्षण और संभावित इलाज के बारे में सब कुछ बता दें, लेकिन इनसे सलाह मांगना महंगा पड़ सकता है. कई बार यह लक्षणों के आधार पर सामान्य बीमारी को भी गंभीर या गंभीर बीमारी को सामान्य बता सकता है. इसलिए हमेशा इलाज संबंधी सलाह के लिए डॉक्टर की सलाह लें. 

मेंटल हेल्थ के लिए चैटबॉट्स पर निर्भर न रहें

अगर आप किसी मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं तो चैटबॉट पर पूरी तरह निर्भर न रहें. ये कुछ हद तक आपकी मदद कर सकते हैं, लेकिन इन पर निर्भरता आपकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं. इन चैटबॉट्स के पास असल जीवन का कोई अनुभव नहीं होता है. इसलिए इनकी सलाह लेने से बचना समझदारी भरा काम होगा.

इमरजेंसी स्थिति में चैटबॉट नहीं करेगा मदद

अगर आप किसी मुश्किल या संकट वाली स्थिति में है तो सबसे पहले वहां से बाहर निकलने की कोशिश करें. ऐसी स्थिति में चैटबॉट से सवाल पूछना आपके जीवन को संकट में डाल सकता है. संकट की घड़ी में हर पल कीमती होता है. इसलिए बिना वक्त गंवाएं सुरक्षित स्थान पर पहुंचें और इमरजेंसी सेवा से संपर्क करें.

निजी मामले पर न मांगे सलाह

ChatGPT समेत किसी भी AI टूल्स पर अपनी सेंसेटिव और प्राइवेट जानकारी शेयर कर सलाह न मांगे. प्रॉम्प्ट बॉक्स में टाइप कर ओके करने के बाद आपकी पर्सनल जानकारी सिर्फ आप तक न रहकर किसी कंपनी के सर्वर पर स्टोर हो जाती है. यह भी हो सकता है कि यह किसी हैकर के हाथ लग जाए या कोई कंपनी इस जानकारी का अपने चैटबॉट को ट्रेनिंग देने के लिए भी यूज कर ले.

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