Numerology: क्या आपका मूलांक है भाग्यशाली? अंक ज्योतिष से जानिए आपका अंक क्या कहता है?

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Numerology: अंक ज्योतिष या न्यूमरोलॉजी, एक प्राचीन विज्ञान हैं, जो अंकों के माध्यम से किसी व्यक्ति के भविष्य, व्यक्तित्व और जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करता है. इसमें किसी व्यक्ति की जन्मतिथि और नाम से संबंधित अंकों का विश्लेषण किया जाता है.

जैसे मूलांक, भाग्यांक और नामांक उनके माध्यम से जीवन की चुनौतियों और अवसरों को समझा जाता है. यह गणितीय नियमों का उपयोग करके व्यक्ति के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है.

किस मूलांक के लोग भाग्यशाली?

अंक ज्योतिष के अनुसार, कुछ मूलांक के लोग विशेष गुणों और ग्रहों के प्रभाव के कारण भाग्यशाली माने जाते हैं. ये मूलांक नेतृत्व क्षमता, बुद्धिमत्ता, समर्पण और सकारात्मक ऊर्जा जैसी विशेषताओं के कारण जीवन में सफलता, समृद्धि और सुख-शांति प्राप्त करते हैं.

उदाहरण के लिए, मूलांक 1 नेतृत्व और सूर्य के प्रभाव से शक्तिशाली होता है, मूलांक 5 अपनी बुद्धिमत्ता और ऊर्जा के लिए जाना जाता है और मूलांक 6 समृद्धि और प्रेम के गुणों से युक्त होता है.

विभिन्न भाग्यशाली मूलांक और उनकी खासियत

मूलांक 1 (जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख)
सूर्य से प्रभावित, ये लोग निडर, आत्मनिर्भर और नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं. इनमें नेतृत्व के गुण कूट-कूट कर भरे होते हैं और ये किसी भी कार्य को समय से पहले पूरा कर सकते हैं, जिससे इन्हें उच्च पद प्राप्त होता है.

मूलांक 5 (जन्म 5, 14, 23 तारीख)
बुध से प्रभावित ये लोग बुद्धिमान, संतुलित और मिलनसार होते हैं. इन्हें जीवन के उतार-चढ़ावों का सामना करने में आसानी होती है और इनकी बुद्धिमत्ता इन्हें हर क्षेत्र में सफलता दिलाती है.

मूलांक 6 (जन्म 6, 15, 24 तारीख)
शुक्र से प्रभावित, ये धन और समृद्धि के देवता माने जाते हैं. इस मूलांक के जातक कला-प्रेमी, आकर्षक और जीवन में सकारात्मकता लाते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहती है.

मूलांक 7 (जन्म 7, 16, 25 तारीख)
इस मूलांक को पूर्णता और भाग्य का प्रतीक माना जाता है, जो व्यक्ति को जीवन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कराता है. ये आत्मविश्वासी और निडर होते हैं और कड़ी मेहनत के बल पर अपनी किस्मत बदलने में सक्षम होते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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इन्हें देख याद आजाएंगे जय और वीरू! बिल्ली और बंदर की दोस्ती की हर तरफ हो रही चर्चा- वीडियो वायर

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दोस्ती की जब भी बात आती है तो लोग जय और वीरू की मिसाल देते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने के बाद या तो आपको जय वीरू याद आ जाएंगे या फिर आप आज से इन दोनों की जगह बंदर और बिल्ली की दोस्ती की मिसाल लोगों के सामने पेश करने लगेंगे. जी हां, इंटरनेट पर इन दिनों एक क्लिप बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें बिल्ली ने कुत्ते को गोद लिया हुआ है और दोनों दो जिस्म एक जान हुए जा रहे हैं.

बंदर को खुद से चिपकाया और सैर पर निकल पड़ी बिल्ली

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक बिल्ली और बंदर दोनों से इस कदर लिपटे हुए हैं कि इनकी दोस्ती देख लोग हैरान भी हो रहे हैं और कुछ की तो आंखें भी भर आई हैं. वीडियो में साफ दिख रहा है कि बिल्ली से एक बंदर ऐसे लिपटा हुआ है मानों बिल्ली उसकी दोस्त नहीं बल्कि मां हो. इन दोनों की दोस्ती की झलक से पूरा इंटरनेट रंगीन हो गया है. क्योंकि आमतौर पर बिल्ली या बंदर के दोस्त इंसान होते हैं, लेकिन बंदर और बिल्ली का इस तरीके का लगाव देख लोगों को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा है. बिल्ली ने बंदर को अपने पेट पर चिपकाया हुआ है और दोनों मोहल्ले की सैर पर निकले हैं. वहां खड़े लोग इन दोनों को देखकर वीडियो निकाल रहे हैं जिसके बाद इंटरनेट पर चर्चाओं की शुरुआत हो चुकी है.

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यूजर्स बोले, दोस्ती हो तो ऐसी

वीडियो को @ajaychauhan41 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…क्या बेहतरीन वीडियो है. एक और यूजर ने लिखा…इन दोनों की दोस्ती देखकर तो जय और वीरू की याद आ गई. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…जानवरों में भी प्रेम की भावना होती है, वो भी इसे समझते हैं. दोस्ती हो तो ऐसी.

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WhatsApp की बढ़ जाएगी टेंशन, Arattai ऐप में आने वाला है यह फीचर, कंपनी ने कर दिया कन्फर्म

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पिछले कुछ दिनों से धूम मचा रही जोहो कॉर्पोरेशन की Arattai ऐप में अब एक ऐसा फीचर आ रहा है, जो WhatsApp की टेंशन बढ़ा देगा. भारत में बनी इस ऐप में अभी तक वॉइस और वीडियो कॉल ही एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड है. अब इसमें चैटिंग को भी एंड-टू-एंड एनक्रिप्ट बनाया जा रहा है. यह फीचर आने के बाद इस प्लेटफॉर्म पर भेजे जाने वाले मैसेज यूजर्स के बीच ही रहेंगे और कंपनी समेत कोई भी थर्ड पार्टी इन्हें नहीं पढ़ पाएगी. व्हाट्सऐप में काफी समय से यह फीचर मिल रहा है.

कंपनी कर रही है तैयारी

पिछले कुछ दिनों से Arattai की पॉपुलैरिटी कई गुना बढ़ी है और अब कंपनी इसके प्राइवेसी फीचर्स को मजबूत बनाने पर काम कर रही है. मनीकंट्रोल के साथ बात करते हुए ऐप के सीईओ मणि वेंबू ने कहा, “हम इस पर काम कर रहे हैं. पर्सनल मैसेजिंग में हम सीक्रेट चैट का ऑप्शन दे रहे हैं, जो यूजर्स को प्राइवेट बातचीत के लिए एनक्रिप्शन इनेबल करने का ऑप्शन देता है. यह अभी तक डिफॉल्ट नहीं है. अब पूरी टीम इसे सभी यूजर्स के लिए अवेलेबल करवाने पर लगी हुई है.” वेंबू के इस बयान से पहले सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने Arattai के सिक्योरिटी आर्किटेक्चर पर सवाल उठाए थे. 

2021 में लॉन्च हुई थी Arattai ऐप

जोहो ने एक साइड प्रोजेक्ट के तौर पर Arattai ऐप को 2021 में लॉन्च किया था, लेकिन यह लोगों के बीच पॉपुलर नहीं हो सकी. अब पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल आदि ने लोगों से इसे सपोर्ट करने की अपील की थी. इसके बाद इसे डाउनलोड करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी और यह ऐप स्टोर पर सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली ऐप्स की सूची में टॉप पर पहुंच गई. इसमें WhatsApp की तरह पर्सनल चैट, ग्रुप चैट, वॉइस नोट, इमेज और वीडियो शेयरिंग जैसे फीचर्स मिलते हैं. इसे बनाने वाली कंपनी का कहना है कि इसमें प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा गया है और वह कभी भी पर्सनल डेटा को मोनेटाइज नहीं करेगी. 

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बिहार में जूनियर इंजीनियर पद के लिए निकली बंपर भर्ती, 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे आवेदन

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अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं अपने करियर को मजबूती देना चाहते हैं और अच्छी सैलरी पाना चाहते हैं तो ये भर्ती आपके लिए एक सुनहरा अवसर है आवेदन करने में देर न करें और जल्द से जल्द इस मौका का फायदा उठाएं. अगर आपका डिप्लोमा सिविल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में है, तो ये नौकरी आपके लिए बेस्ट है. इसमें शानदार सैलरी भी दी जा रही है.

इस भर्ती में कुल 2747 पद निकाले गए हैं जिसमें सिविल इंजीनियरिंग के 2591 पद, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 86 पद और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 70 पद शामिल हैं आयोग ने इन पदों के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

जरूरी योग्यता

उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम 3 साल का इंजीनियरिंग डिप्लोमा होना जरूरी है साथ ही BE या B.Tech करने वाले भी इस भर्ती के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

आयु सीमा

इस नौकरी के लिए आवेदन करने वाले की उम्र कम से कम 18 साल और ज्यादा से ज्यादा 37 साल होनी चाहिए वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकार के नियमों के हिसाब से उम्र में छूट मिलेगी.

ऐसे होगा चयन

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर होगा. एग्जाम कुल 100 अंक का होगा. इसमें जनरल स्टडीज से 20 सवाल, डोमेन नॉलेज(Civil/Mechanical/Electrical) के 80 सवाल होंगे. इसके अलावा गलत जवाब पर 0.25 अंक कटेंगे.

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कितनी मिलेगी सैलरी

जो उम्मीदवार चुने जाएंगे उन्हें हर महीने 44,900 रुपये से लेकर 1,42,400 रुपये तक की सैलरी मिलेगी इसके अलावा उन्हें महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और सरकारी नियमों के हिसाब से दूसरी सुविधाओं का भी फायदा मिलेगा.

कैसे करें आवेदन

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UPI PIN भूल गए? अब चेहरे और बायोमेट्रिक से होगा पेमेंट, NPCI का तगड़ा जुगाड़

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UPI New Rule 2025: राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने डिजिटल भुगतान प्रणाली में एक बड़ा बदलाव किया है. इस बदलाव के तहत 8 अक्टूबर 2025 से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल करते समय चेहरे और फिंगरप्रिंट का यूज किया जा सकेगा. यानि कि पिन के साथ-साथ अब आप पैसों की लेन देन करने के लिए चेहरे की पहचान और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल होगा.

आपकी बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल आधार प्रणाली से जुड़े डेटा से किया जाएगा. यूपीआई उपभोक्ता अपने मोबाईल फोन में अपनी पहचान दर्ज कर सकते हैं, इसके बाद उन्हें पेमेंट करने की अनुमति मिल जाएगी. इस कदम से डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक बनाने की उम्मीद जताई जा रही है. 

कैसे काम करेगा बायोमेट्रिक ऑप्शन 

इस भुगतान प्रणाली में जब भी आप यूपीआई पेमेंट करते समय बायोमेट्रिक विकल्प का चयन करेंगे, तो फोन का कैमरा और फिंगरप्रिंट स्कैनर चालू हो जाएगा. स्कैन किए गए डाटा का मिलान, आधार डाटाबेस से होगा और सब जानकारी सही होने पर कुछ ही सेकेंड में आपका भुगतान हो जाएगा. यूजर्स का बायोमेट्रिक डाटा उसके फोन में एन्क्रिप्टेड रूप में सुरक्षित रहेगा.

यूजर्स जब चाहे इस फीचर को बंद या चालू कर सकते है. इस प्रणाली का प्रदर्शन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के द्वारा मुंबई में चल रहे ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल में हो सकता है. हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. इस फीचर का फायदा ऐसे लोगों को मिलेगा जो अक्सर अपना यूपीआई पिन भूल जाते हैं.      

आरबीआई ने दिया है दिशा निर्देश 

RBI की ओर से जारी दिशा निर्देश में इस बात की जानकारी दी गई है कि, बैंकिंग सिस्टम में सुरक्षा और इनोवेशन बढ़ाने के लिए इस तरह के बदलाव किए जा रहे है. आरबीआई ने कहा कि मौजूदा पिन सिस्टम में कुछ कमजोरियां हैं.  पिन चोरी या फिशिंग के कारण कई यूपीआई उपभोक्ताओं का आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता हैं. इस सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बायोमेट्रिक बदलाव किए गए है. हर इंसान का चेहरा और फिंगरप्रिंट अलग-अलग होता है. ऐसे में धोखाधड़ी करने वालों के लिए इस सिस्टम को हैक करना लगभग नामुमकिन हो जाऐगा. साथ ही इस सुविधा से डिजिटल लेनदेन पहले की तुलना में और भी अधिक तेज और सुरक्षित होगा. 

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शुभमन गिल को जबरदस्ती बनाया ODI कप्तान, रोहित के साथ हो रही नाइंसाफी; पूर्व क्रिकेटर का दावा

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Shubman Gill Forcefully Appointed ODI Captain: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलिया दौरे (India Tour of Australia) से पहले एक बड़ा कदम उठाया है. बीसीसीआई ने रोहित शर्मा से कप्तानी छीनकर शुभमन गिल को वनडे टीम का नया कप्तान बनाया है. रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैचों की ODI सीरीज का हिस्सा हैं. रोहित के साथ विराट कोहली भी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जा रहे हैं, लेकिन अब ये खिलाड़ी इस सीरीज में शुभमन गिल की कप्तानी में खेलते नजर आएंगे. बीसीसीआई के इस फैसले से कई दिग्गज खिलाड़ी नाराज हैं.

शुभमन गिल पर थोपी गई कप्तानी

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने बीसीसीआई को पूरी तरह घेरा है. कैफ का मानना है कि शुभमन गिल को वनडे टीम की कप्तानी जबरदस्ती दी गई है. वनडे की कप्तानी लेने के लिए गिल पर दवाब बनाया गया है. कैफ का कहना है कि इतनी कम उम्र में शुभमन गिल को ये बड़ी जिम्मेदारी देने से उनकी परफॉर्मेंस पर नेगेटिव इम्पैक्ट पड़ सकता है.

BCCI ने क्यों लिया गिल की कप्तानी का फैसला?

टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत आगरकर ने शुभमन गिल को वनडे की कप्तानी की सौंपने के बाद इस फैसले के पीछे की वजह भी बताई थी. आगरकर ने कहा था कि रोहित 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे या नहीं, अभी इस बात को लेकर कोई कंफर्म नहीं है. वहीं टीम इंडिया को अगले दो साल में वनडे मुकाबले में भी कम ही खेलने हैं, तब टीम को वर्ल्ड कप से पहले ज्यादा मैच नहीं मिलेगें. इसी वजह से शुभमन गिल को कप्तान बनाया है, जिससे वे फैसले लेने के लिए पहले से पूरी तरह तैयार हो सकें.

भारतीय टीम रोहित शर्मा की कप्तानी में 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची थी. वहीं पूरे टूर्नामेंट में बिना किसी हार के फाइनल में पहुंची टीम इंडिया आखिर में ऑस्ट्रेलिया से हार गई. इसके बाद भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में ही 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीता और इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर भी कब्जा किया. लेकिन अब अगले वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा की जगह शुभमन गिल को वनडे टीम का कप्तान बना दिया गया है.

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इसे देखने के लिए कलेजा चाहिए! ट्रेन से टकराया लड़के का सिर फिर खुल गई खोपड़ी- वीडियो वायरल

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रामधारी सिंह दिनकर की रचना रश्मिरथी की वो लाइन तो आप सभी को याद होगी…”जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को देखकर आपको भी कहीं ना कहीं ये पंक्तियां याद आ जाएगी, जहां एक लड़के की मौत केवल इसलिए हो गई क्योंकि उसने आने वाले खतरे को नहीं भांपा. ट्रेन के साथ खिलवाड़ करते हुए लड़के का सिर इस कदर फूटा कि उसकी पूरी खोपड़ी ही खुल गई. वीडियो देखने के बाद आपका कलेजा भी थर थर कांपने लगेगा. वीडियो अपने रिस्क पर देखें.

रील की भूख ने लड़के को उतारा मौत के घाट!

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आप देखेंगे कि कुछ लड़के ट्रेन की पटरी पर खड़े होकर ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे हैं. उनका मकसद साफ है, रील बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना. जब ट्रेन करीब आ जाएगी तो एक दम पटरी से हट जाएंगे और फिर होगा इंस्टाग्राम पर लाइक और कमेंट्स का गदर. लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि साइड में खड़ी मौत हंस रही है. होता भी यही है, लड़के पटरी पर खड़े हो जाते हैं और तेज रफ्तार ट्रेन वहां से जैसे ही गुजरती है सभी पटरी से अलग हो जाते हैं.

ट्रेन से टकराया सिर और हो गई दर्दानाक मौत!

जैसे ही लड़के वहां से हटते हैं तेज रफ्तार ट्रेन फ्रेम में दिखती है, लेकिन इन्हीं सब में एक लड़का होशियारी और रील की भूख में जाने अंजाने में ट्रेन के करीब आकर खड़ा हो जाता है इतने में ट्रेन से उसका सिर इस कदर टकराता है कि उसकी मौके पर ही मौत हो जाती है. बताया जा रहा है कि लड़के की खोपड़ी ही खुल गई और फिर उसे बचाया ही नहीं जा सका. वीडियो वायरल है और यूजर्स भी अलग अलग तरह के दावे कर रहे हैं.

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यूजर्स कर रहे अलग अलग दावे

वीडियो को @KarmaCIip नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इन जैसे लोगों की वजह से ही मां बाप का बूढ़ापा नर्क हो जाता है. एक और यूजर ने लिखा…ट्रेन के अंदर हो तब तक सुरक्षित हो, ट्रेन बाहर से साक्षात यमराज है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…लड़के की मौके पर ही मौत हो चुकी है.

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नोबेल पुरस्कार 2025: इस साल किन्हें मिला ये अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित पुरस्कार, जानें किन कामों

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नोबेल पुरस्कार सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित पुरस्कार है, जो हर साल किसी ऐसे संगठन या व्यक्ति को दिया जाता है, जिन्होंने पिछले वर्ष मानवता के लिए सबसे अधिक काम किया हो. 2025 के नोबेल पुरस्कार का वितरण 6 अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुका है और 13 अक्टूबर 2025 तक चलेगा. 

नोबेल पुरस्कार जीतना मानव जाति की सबसे बड़ी उपलब्धि है. इस साल 6 अक्टूबर 2025 को मैरी ई. ब्रुनको, फ्रेड रामस्डेल और शिमोन सकागुची को फिजियोलॉजी या मेडिसिन श्रेणी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. नोबेल पुरस्कार सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में से एक हैं. 1901 में पहली बार प्रदान किए गए इन पुरस्कारों की स्थापना स्वीडिश केमिस्ट, इंजीनियर और इनवेंटर अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार की गई थी.

नोबेल पुरस्कार जीतने वाले विजेता को क्या-क्या मिलता है ?

प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक गोल्ड मेडल, एक डिप्लोमा और इसके अलावा नकद इनाम भी मिलता है. बता दें कि नकद पुरस्कार (2023 में लगभग 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर, 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक था). आमतौर पर एक प्राइज अधिकतम तीन लोगों को दिया जा सकता है, जबकि पीस प्राइज किसी संगठन को भी दिया जा सकता है. 

नोबेल प्राइज इन 6 कैटेगरी में दिए जाते हैं

फिजिक्स- प्रकृति और ब्रह्मांड में अभूतपूर्व खोजों के लिए
केमिस्ट्री- रासायनिक विज्ञान में असाधारण उपलब्धियों के लिए
फिजियोलॉजी या मेडिसिन- मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाली खोजों के लिए
साहित्य- विशिष्ट साहित्यिक कृतियों के लिए
शांति- दुनिया में शांति को बढ़ावा देने और संघर्षों को सुलझाने के प्रयासों के लिए
इकॉनमिक साइंस- अल्फ्रेड नोबेल के सम्मान में स्वीडिश केंद्रीय बैंक द्वारा 1968 में स्थापित

क्या है इतिहास?

अल्फ्रेड नोबेल का जन्म 1833 में स्वीडन के स्टॉकहोम में हुआ था. वो एक कुशल आविष्कारक थे, जिनके पास डायनामाइट सहित 355 पेटेंट थे और उन्होंने अकूत धन दौलत अर्जित की. प्रयोगात्मक रूप से एक बार नोबेल ने समय से पहले ही एक मृत्यु लेख पढ़ लिया, जिसमें उनके विस्फोटकों के कारण उन्हें मौत का सौदागर कहा गया. 

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Kabul Hai Meaning: इस्लाम में ‘क़ुबूल है’ के बहुत गहरे मायने हैं, हकीकत जान खुल जाएंगी आंखें

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Kabul Hai Meaning: कुबूल है… ये शब्द सिर्फ किसी निकाह की रस्म नहीं, बल्कि आत्मा की गहराई में उतरने वाली गवाही हैं. जब कोई यह कहता है, तो वह सिर्फ किसी इंसान को नहीं, बल्कि खुद अल्लाह की मर्जी को स्वीकार करता है.

सूफ़ी मत कहता है कि जो ‘कुबूल है’ कह देता है, वो खुदा के फ़रमान के आगे सिर झुका देता है. लेकिन आज यह वाक्य सोशल मीडिया का कैप्शन बन गया है, बिना नीयत, बिना एहसास. क्या आपने कभी सोचा है, इन तीन शब्दों में इतना असर क्यों है कि यह निकाह से लेकर आखिरी सांस तक हर रिश्ता तय कर देता है?

कुबूल है…आत्मा, ईमान और वजूद बदल देते हैं!

जब कोई कहता है कि कुबूल है…तो यह केवल एक जवाब नहीं होता. यह वो क्षण होता है जब एक इंसान अपनी आत्मा, अपने अहंकार और अपनी पूरी जिंदगी को किसी दूसरे इंसान और ईश्वर की मर्जी के हवाले कर देता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है इन तीन शब्दों में आखिर ऐसा क्या है जो इन्हें जन्नत और जहन्नुम के बीच की सीमा बना देता है?

इन तीन शब्दों से तय होती है ज़िंदगी की दिशा

इस्लाम में ‘कुबूल है’ कोई रस्मी वाक्य नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और कानूनी वचन है. निकाह (विवाह) के समय जब काजी पूछता है कि क्या आपको यह निकाह मंज़ूर है? और दूल्हा-दुल्हन कहते हैं… कुबूल है, कुबूल है, कुबूल है.

तो ये सिर्फ प्रेम की घोषणा नहीं होती बल्कि यह एक ईश्वरी अनुबंध (Divine Contract) बन जाता है. इस वक्त स्वर्ग और पृथ्वी के बीच एक नया रिश्ता जन्म लेता है, और अल्लाह के सामने दो आत्माएं एक पवित्र बंधन में बंध जाती हैं.

परंपरा में तीन बार दोहराने का कारण भी रहस्यमय है यह मन, वचन और कर्म तीनों की सहमति का प्रतीक है. इस तरह यह घोषणा करती है कि व्यक्ति अब सिर्फ भावनाओं से नहीं, बल्कि अपनी सम्पूर्ण चेतना से इस बंधन को स्वीकार कर रहा है.

जहां प्रेम भी है और परीक्षा भी

सूफिज्म के अनुसार ‘कुबूल है’ कहने वाला व्यक्ति अब अपनी नहीं, खुदा की मर्जी का गुलाम हो जाता है. यानि कि कुबूल है सिर्फ विवाह नहीं, ईमान की परीक्षा भी है. जब आप ‘कुबूल है’ कहते हैं, तो आप यह मान लेते हैं कि मेरी चाहत अब वही होगी जो अल्लाह चाहेगा.

यह वाक्य प्रेम का भी है और आत्मसमर्पण का भी. सूफ़ी संत हजरत निज़ामुद्दीन औलिया कहा करते थे जो क़ुबूल कहता है, वो खुदा के फ़रमान के आगे सिर झुका देता है. यानी इस एक शब्द में इंसान अपनी आजादी और जिम्मेदारी दोनों सौंप देता है.

जब ‘कुबूल है’ झूठ बन जाता है…

लेकिन आज के दौर में यह पवित्र वाक्य अक़्सर एक डायलॉग बनकर रह गया है. फ़िल्मों, वेबसीरीज़ और सोशल मीडिया ट्रेंड्स ने इसे मोहब्बत की नाटकीय लाइन बना दिया है लोग बड़ी आसानी से बिना सोचे समझे कह देते हैं-तेरी हर बात मुझे कुबूल है.

कितना अजीब है कि जिस वाक्य के लिए कभी गवाह बुलाए जाते थे, आज वही बिना गवाही, बिना नीयत, और बिना एहसास के कहा जाता है. अल्लाह के नाम पर किया गया यह अनुबंध अब कैप्शन और रील-शॉर्ट बन चुका है.

शरीअत कहती है अगर निकाह में ‘कुबूल है’ दिल से नहीं कहा गया, तो वह अमान्य है. यानि अल्लाह के दरबार में यह सिर्फ ज़ुबान नहीं, नीयत का सबूत है.

‘कुबूल है’ का आध्यात्मिक रहस्य क्या है?

इस वाक्य का सबसे बड़ा रहस्य यह है कि यह सिर्फ निकाह तक सीमित नहीं. सूफ़ी दर्शन में ‘कुबूल है’ एक ईश्वरीय संवाद है. जब कोई साधक, मुर्शिद या भक्त अपनी ज़िंदगी में मुश्किलों, तकलीफों या इम्तेहान से गुजरता है और फिर भी कहता है- ‘जो तू चाहे वही मर्जी, मुझे कुबूल है.’

तो वह इंसान ईमान की उस ऊंचाई पर पहुंच जाता है जहां उसकी आत्मा खुदा की मर्जी से एक हो जाती है. यह वही क्षण है जब इंसान शिकायत करना छोड़ देता है और स्वीकार करना सीखता है. ‘कुबूल है’ कहना, दरअसल ‘ना’ कहने की ताकत छोड़ देना है.

‘कुबूल है’ तीन बार क्यों कहते हैं?

इस्लामी फिक़्ह के अनुसार निकाह में ‘कुबूल है’ तीन बार इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह तीन स्तरों पर प्रमाण देता है-

  1. मानसिक सहमति (Niyyat): मन में इच्छा और इरादा स्पष्ट हो.
  2. वाचिक सहमति (Ijaab): ज़ुबान से स्पष्ट शब्दों में कहा जाए.
  3. सामाजिक सहमति (Gawahi): समाज या गवाहों के सामने कहा जाए ताकि रिश्ता वैध और सम्मानित हो.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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Video: बाइक से सड़क पार कर रहे शख्स को तेज रफ्तार बस ने कुचला, वीडियो देख दहल जाएगा दिल!

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Social Media Viral Video: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खतरनाक हादसे का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बस ने बाइक सवार व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी. वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि एक बाइक सवार व्यक्ति, जो मीडियन के गैप से गुजरने की कोशिश रहा था. उसे तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी और वह सड़क पर बुरी तरह गिर गया. ये पूरी घटना सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

जनिए क्या है पूरा मामला?

हालांकि, ये घटना कहां की है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. वीडियो में देखा गया कि एक व्यस्त सड़क पर एक बाइक सवार व्यक्ति मीडियन के गैप से गुजरने की कोशिश कर रहा है, जबकि दूसरी तरफ से एक बस तेज रफ्तार से सामने आ रही है.

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाइक सवार व्यक्ति बाइक को मीडियन के उस पार ले जाने की कोशिश कर रहा था, तभी अचानक बस सामने से आकर बाइक सवार को कुचल देती है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बाइक सवार व्यक्ति सड़क पर गिर जाता है और बस उसे कुचलते हुए आगे बढ़ जाती है. वीडियो में देखकर ही साफ हो रहा है कि हादसा कितना खतरनाक था.

हादसे के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ लगी

हादसे में बाइक भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाती है. अभी यह साफ नहीं हुआ है कि हादसे में व्यक्ति की जान बची या नहीं. हादसे के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ लग जाती है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई चौंक गया है.

वीडियो पर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है. कई यूजर्स ने सड़क सुरक्षा के प्रति स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए है. हादसे को देखकर ये साफ होता है कि अगर यू-टर्न लेने या अंडरपास की सही व्यवस्था न हो तो कितना खतरनाक हादसा हो सकता है.