Youtube पर 5 मिनिट की वीडियो से कितना पैसा कमाती हैं सीमा हैदर? जानकर नहीं होगा यकीन

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Seema Haider YouTube Income: सोशल मीडिया पर हर दिन कोई न कोई नया चेहरा छा जाता है लेकिन कुछ नाम ऐसे हैं जो लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं. ऐसा ही एक नाम है सीमा हैदर का जो अपनी निजी जिंदगी से लेकर अब YouTube करियर तक हर जगह चर्चा में हैं. पाकिस्तान से भारत आने के बाद सीमा की कहानी लोगों के लिए जितनी दिलचस्प रही अब उनका YouTube चैनल भी उतना ही फेमश हो चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीमा हैदर सिर्फ 5 मिनट की एक वीडियो से कितनी कमाई कर रही हैं? इसका जवाब जानकर आप हैरान रह जाएंगे.

सीमा हैदर का YouTube सफर

सीमा हैदर ने अपनी पहचान बनाने के बाद YouTube को कमाई का जरिया बना लिया. शुरुआत में उन्होंने अपनी लाइफ से जुड़े व्लॉग्स और छोटे-छोटे वीडियो पोस्ट किए. धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि चैनल ने कुछ ही महीनों में लाखों व्यूज़ हासिल कर लिए. उनके वीडियो में लोग न सिर्फ उनकी बातों और जीवनशैली में रुचि लेते हैं बल्कि उनके और सचिन के साथ के पलों को भी पसंद करते हैं. यह पॉपुलैरिटी अब कमाई का बड़ा साधन बन चुकी है.

5 मिनट की वीडियो से होती है कितनी कमाई?

YouTube की कमाई वीडियो की लंबाई, व्यूज़, ऑडियंस लोकेशन और विज्ञापन (ads) पर निर्भर करती है. भारत में 1000 व्यूज़ पर औसतन 20 से 150 रुपये तक मिलते हैं जबकि विदेशी व्यूज़ होने पर यह रकम कई गुना बढ़ सकती है.

सीमा हैदर के चैनल पर आने वाले हर वीडियो को लाखों व्यूज़ मिलते हैं. अगर एक वीडियो को मान लें कि 10 लाख व्यूज़ मिलते हैं तो एक 5 मिनट की वीडियो से उनकी कमाई लगभग 50,000 से 1 लाख रुपये तक हो सकती है.

अगर महीने में वह 10 से 12 वीडियो अपलोड करती हैं तो उनकी मासिक कमाई 5 से 10 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. यह रकम वीडियो की लोकप्रियता और विज्ञापन दरों के अनुसार और भी ज्यादा हो सकती है.

Sponsorship और Promotion से होती है अलग कमाई

सीमा हैदर को सिर्फ YouTube Ads से ही नहीं बल्कि ब्रांड प्रमोशन और स्पॉन्सर्ड वीडियो से भी बड़ी कमाई होती है. कई छोटे व्यवसाय और ऑनलाइन ब्रांड अब उन्हें अपने प्रोडक्ट्स प्रमोट करने के लिए ऑफर देते हैं. एक प्रमोशनल वीडियो से वह 25,000 से 50,000 रुपये तक कमा सकती हैं. इसके अलावा, उनके चैनल के सब्सक्राइबर बढ़ने के साथ सुपर चैट और डोनेशन जैसी सुविधाओं से भी उनकी इनकम में इज़ाफा होता है.

लोकप्रियता ही है असली ताकत

सीमा हैदर की लोकप्रियता अब किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं रही. उनकी वीडियो पर लाखों कमेंट्स और रिएक्शन आते हैं. चाहे लोग उनकी कहानी से सहमत हों या नहीं लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने अपनी विवादित पहचान को सोशल मीडिया सक्सेस में बदल दिया है.

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लंबी दाढ़ी में दिखे रणवीर, तो दीपिका ने पहना हिजाब, वीडियो ने इंटरनेट पर मचाई सनसनी

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रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण बॉलीवुड के पावरफुल कपल्स में से एक हैं. दोनों जब भी साथ दिखाई देते हैं सोशल मीडिया पर बवाल मच जाता है. हाल ही में कपल को अबू धाबी में स्पॉट किया गया. जहां दोनों एक नए और अनोखे स्टाइल में देखा गया. इसकी वजह से अब दोनों सुर्खियां भी बटोर रहे हैं.

दीपिका-रणवीर के नए लुक ने जीता फैंस का दिल

दरअसल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में दोनों अबू धाबी के शेख जायद ग्रैंड मस्जिद में नजर आ रहे हैं. वीडियों में रणवीर सिंह जहां लंबी दाढ़ी में दिखाई दिए. वहीं दीपिका पहली बार हिजाब पहने हुए नजर आई. दोनों का ये लुक देख फैंस उनकी तारीफ जमकर तारीफ कर रहे हैं.


दीपिका को हिजाब में देख यूजर्स ने दिया ऐसा रिएक्शन

दीपिका पादुकोण ने वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा – ‘मेरा सुकून..’सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की शुरुआत एक म्यूजियम से होती है और इसके बाद दोनों अबू धाबी के अलग-अलग लोकेशन पर पोज देते हुए नजर आते हैं. बता दें कि पेरेंट्स बनने के बाद रणवीर और दीपिका ने पहली बार किसी प्रोजेक्ट में साथ काम किया है. ऐसे में फैंस दोनों के लुक और केमिस्ट्री पर दिल हार बैठे हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘दीपिका हिजाब में बेहद खूबसूरत लग रही हैं..’ दूसरे ने कहा, ‘इसकी कल्पना नहीं की थी, बेहद खूबसूरत..’

दीपिका-रणवीर का वर्कफ्रंट

वर्कफ्रंट की बात करें तो दीपिका पादुकोण आखिरी बार फिल्म ‘सिंघम अगेन’ में नजर आई थी. इसकी बाद वो ब्रेक पर चली गई थी. वहीं रणवीर सिंह अपनी आने वाली फिल्में ‘धुरंधर’ को लेकर चर्चा में हैं, जो इसी साल 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

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Karwa Chauth: करवा चौथ पर रील बनाना पाप है? जानिए परंपरा, मनोविज्ञान और धर्म का मर्म

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Karwa Chauth: करवा चौथ व्रत का उद्देश्य पति की दीर्घायु और वैवाहिक स्थिरता के लिए संयम, प्रेम और आत्मनिष्ठा का अभ्यास है. आज सोशल मीडिया ने इस व्रत को एक वायरल इवेंट बना दिया है, जहां आस्था और प्रदर्शन के बीच संतुलन खोता जा रहा है.

धार्मिक दृष्टि से व्रत में रील बनाना निषिद्ध नहीं है, लेकिन यदि उद्देश्य दिखावा, व्यूज या व्यवसायिक लाभ हो, तो यह अशुभ कर्म की श्रेणी में आता है. संवेदनशीलता, श्रद्धा और मर्यादा ही इसकी सीमाएं तय करती हैं.

परंपरा से पब्लिसिटी तक

करवा चौथ का उल्लेख स्कंद पुराण और भविष्य पुराण में मिलता है, जहां इसे सौभाग्यवती स्त्रियों का व्रत कहा गया है. इस व्रत में मौन, उपवास, चंद्रदर्शन और व्रतकथा-सुनना प्रमुख हैं. मगर Social Blade India, 2024 के अनुसार 2020 के बाद, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर इस व्रत से जुड़ी रील्स में 300 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी गई है. यानी अब करवा चौथ की पूजा-थाली के साथ ट्राइपॉड और रिंगलाइट भी नजर आने लगे हैं यही डिजिटल धर्म की नई परिभाषा बन रही है.

श्रद्धा अब व्यू-काउंट से मापी जा रही है!

दिल्ली की एक वायरल रील में महिला ने पति की छाती पर चढ़कर व्रत खोला, इसकी काफी चर्चा रही. कुछ ने इसे क्रिएटिविटी कहा, तो अधिकांश ने इसे गलत बताया. सोशल मीडिया पर वायरल यह पोस्ट दर्शाती है कि जब धर्म कंटेंट बन जाता है, तो उसका मूल सार खो जाता है. प्रबुद्धजनों का मानना है कि रील बनाना गलत नहीं, पर जब ‘रील टाइम’ पूजा से बड़ा हो जाए, तब श्रद्धा एक्टिंग लगने लगती है.

क्या सही है, क्या गलत है?

धर्मशास्त्रों के अनुसार व्रत का सार है न कर्मणामनारम्भात् नैष्कर्म्यं पुरुषोऽश्नुते. अर्थात कर्म करते हुए भी यदि अहंकार न हो, तो वही धर्म है. इस आधार पर यदि रील ज्ञान, कथा या प्रेरणा बांटने के लिए बनाई जाए तो यह धर्मानुकूल है. लेकिन यदि मकसद व्यूज़, विज्ञापन या प्रतिस्पर्धा है, तो यह आडंबर कहलाता है.

अगर रील बनानी ही है, तो ऐसे करें कि नियम न टूटे?

  1. रील को ज्ञान या प्रेरणा का रूप दें, मनोरंजन का नहीं.
  2. कैमरा पूजा-स्थल से दूर रखें, ताकि भक्ति केंद्रित रहे.
  3. रील का समय निर्धारित करें, पूजा से पहले या बाद में, बीच में नहीं.
  4. शालीन कैप्शन प्रयोग करें, आस्था, प्रेम, व्रत, श्रद्धा जैसे शब्द.
  5. साउंडट्रैक का चयन सोच-समझकर करें, अश्लील या रील-ट्रेंडिंग बीट्स से बचें.
  6. उद्देश्य दिमाग में स्पष्ट रहे, संस्कृति को साझा करना, न कि लोकप्रियता कमाना.

रील बनाना पाप नहीं पर भावना खो जाए तो व्रत का मूल्य समाप्त हो जाता है. करवा चौथ के व्रत की शक्ति कैमरे की रोशनी से नहीं, श्रद्धा की ज्योति से आती है. जहां दिखावा बढ़े, वहां पुण्य घटता है. धर्म वही है जो भीतर के मौन में बसता है, न कि ट्रेंडिंग या हैशटैग में. इस श्लोक के भाव को कभी न भूलें- श्रद्धया देवताः सर्वे न तु मन्त्रैर्न च क्रियैः. यानी केवल श्रद्धा से देव प्रसन्न होते हैं, न कि आडंबर या प्रदर्शन से.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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CSK नहीं अब मुंबई इंडियंस के लिए खेलेंगे MS Dhoni? वायरल हो रही फोटो ने मचाई खलबली

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MS Dhoni In Mumbai Indians T-Shirt: महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट ही नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट का भी काफी बड़ा नाम है. एमएस धोनी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हैं. CSK के लिए धोनी के फैंस की दीवानगी भी खूब है. लेकिन अब माही की एक फोटो ने इंटरनेट पर बवाल मचा दिया है. एमएस धोनी का एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे मुंबई इंडियंस के नाम की जर्सी पहनकर नजर आ रहे हैं. धोनी की इस फोटो से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या धोनी आईपीएल के अगले सीजन में चेन्नई की सबसे बड़ी राइवल मुंबई के लिए खेलेंगे.

मुंबई इंडियंस के लिए खेलेंगे MS Dhoni?

चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को एमएस धोनी के नाम से जाना जाता है. आईपीएल की शुरुआत 2008 में हुई थी और तब से ही धोनी इस टीम के साथ जुड़े हैं. धोनी की कप्तानी में सीएसके ने पांच आईपीएल ट्रॉफी जीती हैं. वहीं चेन्नई के फैंस अपने फेवरेट प्लेयर को मुंबई इंडियंस की जर्सी में देखकर शौक हैं. 

धोनी के फैंस को लगा झटका

एमएस धोनी को MI की जर्सी में देखकर सीएसके के फैंस अलग-अलग तरह के कमेंट कर रहे हैं. चेन्नई के फैंस ये अंदाजा लगा रहे हैं कि क्या आईपीएल 2026 में एमएस धोनी CSK की जगह MI की तरफ से खेलेंगे. मुंबई इंडियंस के फैंस धोनी को MI की जर्सी में देखकर खुश हैं. एक यूजर ने लिखा है कि धोनी के मुंबई में आने पर वो एक और आईपीएल ट्रॉफी जीत सकते हैं. मुंबई इंडियंस की टीम भी अब तक पांच आईपीएल ट्रॉफी जीत चुकी है. आईपीएल में सबसे चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के पास ही सबसे ज्यादा ट्रॉफी हैं.

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यूं ही नहीं पॉपुलर होता जा रहा कांग्लोमरेट फंड्स, इसके एक से बढ़कर एक हैं फायदे

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यूं ही नहीं पॉपुलर होता जा रहा कांग्लोमरेट फंड्स, इसके एक से बढ़कर एक हैं फायदे

[Disclaimer: यह एक स्पॉनसर्ड आर्टिकल है. ABP नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड या ABP लाइव किसी भी प्रकार से इस लेख/विज्ञापन की सामग्री या इसमें व्यक्त विचारों का समर्थन या अनुमोदन नहीं करता है. पाठकों को अपने विवेक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.]

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BSNL ने लगाई बड़ी छलांग, इस मामले में Airtel को छोड़ दिया पीछे, Vi भी हांफ रही

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सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने अगस्त में नए ग्राहक जोड़ने के मामले में एयरटेल को पछाड़ दिया है. करीब एक साल बाद सरकारी कंपनी के ग्राहकों की संख्या में तेजी से इजाफा देखने को मिला है. टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में BSNL ने अपने साथ 13.85 लाख नए मोबाइल ग्राहक जोड़े हैं, जबकि एयरटेल के साथ महज 4.96 नए ग्राहक ही जुड़ पाए हैं. इस मामले में जियो सबसे आगे है और अगस्त में उसे 19 लाख से ज्यादा नए ग्राहक मिले. वहीं Vi ऐसी कंपनी रही, जिसके ग्राहक कम हुए हैं. अगस्त में इसके 3.08 लाख ग्राहक टूटे हैं.

देश में इतने हो गए टेलीफोन सब्सक्राइबर्स

TRAI के मुताबिक, अगस्त अंत तक देश में टेलीफोन सब्सक्राइबर्स की संख्या 122.45 करोड़ हो गई है, जो जुलाई में 122 करोड़ थी. एक महीने में इसमें लगभग 45 लाख का इजाफा हुआ है और इसमें सबसे ज्यादा योगदान मोबाइल सब्सक्राइबर का रहा. अगस्त में 35.19 लाख नए मोबाइल सब्सक्राइबर जुड़े हैं. देश में 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के साथ जियो सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है. 30.9 करोड़ ग्राहकों के साथ एयरटेल दूसरे, 12.7 करोड़ ग्राहकों के साथ Vi तीसरे और 3.43 करोड़ ग्राहकों के साथ  BSNL चौथे पायदान पर है.

करीब सालभर बाद BSNL पुराने रंग में लौटी

BSNL ने पिछले साल सितंबर में सारी कंपनियों को पछाड़ते हुए सबसे ज्यादा ग्राहक जोड़े थे. उस समय प्राइवेट कंपनियों ने रिचार्ज के दाम बढ़ा दिए थे. इसके चलते बड़ी संख्या में ग्राहक प्राइवेट कंपनियों को छोड़कर BSNL के साथ जुड़े थे. बता दें कि पिछले कुछ समय से BSNL खुद को अपग्रेड कर रही है. अब तक प्राइवेट कंपनियों से पिछड़ रही BSNL ने हाल ही में देशभर में 4G सर्विस लॉन्च की थी और अब 5G की तैयारी कर रही है. केंद्रीय टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अगले 6-8 महीनों में BSNL के सभी 4G टॉवर्स को 5G में अपग्रेड कर दिया जाएगा. ऐसा होने पर जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों को BSNL से कड़ी चुनौती मिलेगी. 

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मरियम नवाज गिरवा देंगी चाचा शहबाज की सरकार? पाकिस्तान में भिड़े PPP-PMLN के नेता; आसिम मुनीर क

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पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार पर संकट छाने लगा है. शहबाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और बिलावट भुट्टो की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के बीच अनबन शुरू हो गई है. शहबाज शरीफ को पीपीपी से समर्थन हासिल है. पिछले कई दिनों से बाढ़ मुआवजे और चोलिस्तान नहर परियोजना को लेकर दोनों पार्टियों के बीच एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी शुरू हो गई है.

बाढ़ मुआवजे को लेकर जुबानी जंग तेज

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में PPP की सरकार है वहीं पंजाब में PML-N की सरकार है. बाढ़ मुआवजे को लेकर शुरू हुई जुबानी जंग सिंधु नदी पर पानी के अधिकार तक पहुंच गई. पंजाब प्रांत की सीएम मरियम नवाज ने तो यहां तक कह दिया कि वह (PPP) अपनी सलाह अपने तक ही सीमित रखें. इस बीच अब पीपीपी की उपाध्यक्ष सीनेटर शेरी रहमान ने गठबंधन सहयोगी PML-N को चेतावनी दी कि अगर उन्हें स्पष्ट समर्थन नहीं मिला तो सीनेट में मुश्किलें आएंगी.

पीपीपी नेता ने दी धमकी

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पीपीपी की उपाध्यक्ष शेरी रहमान ने कहा, “यदि आप पूरे गठबंधन को तोड़ना चाहते हैं तो मैंने पहले ही नेशनल असेंबली में कहा है कि हमारे सत्ता में आने को हल्के में न लें और यह न सोचें कि आप चाहे कुछ भी कर लें और हम चुप रहेंगे. यदि आपको हमारी जरूरत नहीं है तो यह आपकी पसंद है, लेकिन मैं आपको याद दिला दूं कि हम सीनेट में सबसे बड़ी पार्टी हैं और पीपीपी के स्पष्ट समर्थन के बिना आपके लिए यह बहुत मुश्किल हो जाएगा.”

‘पीपीपी के सुझाव को सिंध और पंजाब का मुद्दा बना दिया गया’

उन्होंने कहा, “यह मुद्दा सिंध और पंजाब के बीच का नहीं, बल्कि संघ और लोगों के बीच का है. हाल ही में आई बाढ़ से 65 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.” शेरी रहमान ने इस बात की आलोचना की है कि कैसे बेनजीर आय सहायता कार्यक्रम के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के पीपीपी के सुझाव को सिंध और पंजाब के बीच संघर्ष का मुद्दा बना दिया गया. उन्होंने कहा, “यह सिंध और पंजाब का मामला कैसे हो गया? क्या बाकी लोग पाकिस्तानी नहीं हैं? हम एक संघीय पार्टी हैं और पंजाब में हमारे मतदाता हैं तो आपका क्या मतलब है?”

क्या विपक्ष में बैठेगा पीपीपी?

पीपीपी के विपक्ष में बैठने के बारे में पूछे जाने पर रहमान ने कहा कि इस मुद्दे पर निर्णय केंद्रीय कार्यकारी समिति द्वारा किया जाएगा, क्योंकि यह कोई छोटा निर्णय नहीं है और पार्टी सरकार को अस्थिर नहीं करना चाहती. क्या पीपीपी अब किसी लेजिस्लेटिव प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहेगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा, “गठबंधन सहयोगी को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि हम आएंगे और आपके घरों का प्रबंधन करेंगे और आपके व्यवसाय को बढ़ावा देंगे.”

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केवल 19 साल की उम्र में सीईओ बना मुंबई का लड़का! गूगल ने भी माना लोहा, सॉल्व कर दी एआई की…

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आज के समय में ज्यादातर किशोर अपनी पढ़ाई और करियर की दिशा तय करने में लगे रहते हैं. लेकिन मुंबई की 19 वर्षीय ध्रव्य शाह ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. ध्रव्य न सिर्फ एक एआई स्टार्टअप की सीईओ हैं बल्कि उन्होंने सिलिकॉन वैली के बड़े तकनीकी दिग्गजों का दिल भी जीत लिया है. उनका स्टार्टअप “सुपरमेमोरी” हाल ही में 30 लाख डॉलर की शुरुआती फंडिंग जुटाने में सफल रहा है. खास बात यह है कि इस फंडिंग को गूगल के एआई प्रमुख जेफ डीन और डीपमाइंड के लोगन किलपैट्रिक जैसे बड़े नामों का समर्थन प्राप्त हुआ है. इतनी कम उम्र में यह सफलता ध्रव्य शाह को अलग ही मुकाम पर खड़ा कर देती है.

सुपरमेमोरी को किया लॉन्च, खत्म होगी एआई की मेमोरी वाली समस्या!

सुपरमेमोरी का उद्देश्य एआई की उस कमी को पूरा करना है जो अभी तक बड़े मॉडल्स में सबसे बड़ी चुनौती रही है. आमतौर पर बड़े भाषा मॉडल यानी LLMs बहुत स्मार्ट होते हैं और उनके पास विशाल डेटा होता है. लेकिन इनमें लंबी अवधि की मेमोरी की कमी होती है. यानी ये मॉडल अक्सर पहले की जानकारी याद नहीं रख पाते. ध्रव्य का स्टार्टअप सुपरमेमोरी इस कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है. यह तकनीक एआई एप्लिकेशन को अलग-अलग सत्रों में जानकारी याद रखने और दोबारा उपयोग करने में मदद करती है. अगर यह तकनीक सफल होती है तो यह पूरी दुनिया में डिजिटल सिस्टम्स के काम करने और यूजर एक्सपीरियंस को बदलने का दम रखती है.

मुंबई में हुआ जन्म, अब अमेरिका में लहराया परचम

मुंबई में जन्मे और पले-बढ़े ध्रव्य शाह हमेशा से टेक्नोलॉजी और नए ऐप्स की दुनिया से जुड़े रहे हैं. जब उनके साथी आईआईटी जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी में व्यस्त थे, ध्रव्य ने कोडिंग में खुद को डूबो दिया. इसी दौरान उन्होंने ट्विटर ऑटोमेशन टूल बनाया और उसे हाइपफ्यूरी नामक प्लेटफॉर्म को बेच दिया. बाद में अमेरिका पहुंचने के बाद उन्होंने एक अनोखी चुनौती ली. उन्होंने 40 हफ्तों तक हर हफ्ते एक नया प्रोजेक्ट बनाने का संकल्प लिया. इसी प्रयोग से सुपरमेमोरी का शुरुआती रूप सामने आया, जिसे पहले “एनी कॉन्टेक्स्ट” कहा जाता था. यह शुरुआत में एक चैटबॉट था जो ट्विटर बुकमार्क्स के साथ बातचीत करने की सुविधा देता था.

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कोडिंगा को ही चुना अपना करियर

ध्रव्य का सफर यहीं नहीं रुका. उन्होंने हाइपफ्यूरी में फुल-स्टैक डेवलपर के रूप में काम किया. इसके बाद मेम0 (YC S24) में एआई इंजीनियर बनें. फिर मई 2024 में क्लाउडफ्लेयर से जुड़े और बाद में वहां डेवलपर रिलेशन्स लीड के पद पर पहुंचे. क्लाउडफ्लेयर में काम करते हुए उन्हें एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सिस्टम्स की गहरी समझ मिली. क्लाउडफ्लेयर के सीटीओ डेन कनेच जैसे सलाहकारों से प्रेरित होकर ध्रव्य ने अपने आइडिया को एक बड़े स्टार्टअप में बदलने का फैसला किया.

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