पाकिस्तान को ट्रंप की जी हुजूरी का इनाम, अमेरिका देगा AMRAAM मिसाइलें, जानें कितनी विध्वंसक?

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भारत-PAK संघर्ष के बाद से ही अमेरिका संग पाकिस्तान के रिश्ते मजबूत होते दिख रहे हैं. कई मौकों पर शहबाज शरीफ डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ कर चुके हैं. मुनीर संग ट्रंप का डिनर हो चुका है और रेयर अर्थ वाली डील भी हुई है. इन सबका अब पाकिस्तान को इनाम मिलने जा रहा है, क्योंकि अमेरिका जल्द ही AIM-120 एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) पाकिस्तान को देने वाला है. 

अमेरिका के युद्ध विभाग की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अमेरिका के इस हथियार सौदे में पाकिस्तान का नाम विदेशी सैन्य बिक्री प्राप्तकर्ताओं की सूची में शामिल है. 

AMRAAM मिसाइल की ताकत
AIM-120 AMRAAM एक एयर-टू-एयर मिसाइल है, जो दुश्मन के विमान को लंबी दूरी से निशाना बनाने में सक्षम है. यह मिसाइल F-16 फाल्कन फाइटर जेट्स पर लगाई जाती है. पाकिस्तान की वायुसेना ने 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत के साथ हवाई झड़पों के दौरान इसका इस्तेमाल किया था. अभी पाकिस्तानी एयरफोर्स के पास इसका C5 वर्जन है, जबकि नया सौदा C8 और D3 वर्जन के उत्पादन के लिए है, जो अधिक रेंज और सटीकता वाले हैं.

AIM-120D-3 मिसाइलें AMRAAM फैमिली का लेटेस्ट और हाई टेक संस्करण है. इन मिसाइलों को दुश्मन के फाइटर जेट और आने वाली मिसाइलों के खिलाफ दृश्य-सीमा से हटकर (बीवीआर) हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है.

पाकिस्तान लंबे समय से AMRAAM खरीदने की कोशिश में था 
रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह मिसाइल पाकिस्तान के मौजूदा F-16 बेड़े की ऑपरेशनल सीमा और सटीकता को और बढ़ाएगी. इससे पाकिस्तान एयरफोर्स (पीएएफ) हवाई खतरों का बेहतर ढंग से जवाब देने में सक्षम होगी.  पाकिस्तान लंबे समय से पुराने AIM-120C-5 वेरिएंट की जगह नई पीढ़ी के AMRAAM खरीदने की कोशिश में लगा था. 

पुराने AIM की डिलीवरी पाकिस्तान को 2010 में F-16 ब्लॉक 52 विमानों के साथ मिली थी. भारत के अपने हवाई बेड़े के आधुनिकीकरण करने और ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान में इन नई मिसाइलों के लिए बेचैनी बढ़ गई थी.

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Video: एक सेकंड में सब खत्म! बाइक लेकर निकला, बस ने कुचला, रौंगटे खड़े कर देगा हादसे का वीडियो

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Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाले हादसे का वीडियो सामने आया है. वीडियो में देखा गया है कि एक बाइक सवार व्यक्ति एक बस से बुरी तरह टकरा जाता है, जिसके चलते वह बाइक समेत सड़क पर गिर जाता है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टक्कर कितनी खतरनाक थी. इस भयावह हादसे का वीडियो पास में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

सड़क पर मौजूद लोग दौड़कर मदद के लिए आगे आए

हालांकि, ये हादसा कहां का है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. वीडियो में देखा गया है कि एक बाइक सवार व्यक्ति सड़क की तरफ जा रहा है और वह बिना आस-पास देखें बाइक चला रहा होता है, वैसे ही पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बस बाइकर को जोरदार टक्कर मार देती है, जिसके कारण बाइक सवार व्यक्ति सड़क पर गिर जाता है.

वीडियो में साफ देखा गया है कि बाइक सवार व्यक्ति को बस कुचल देती है और आगे जाकर रुक जाती है. हादसे के बाद सड़क पर मौजूद लोग दौड़कर बाइक सवार की मदद के लिए आते हैं. 

लोगों ने बाइकर के हेलमेट ना पहनने पर सवाल खड़े किए

अभी यह साफ नहीं हुआ है कि हादसे में बाइक सवार की जान बची या नहीं, लेकिन वीडियो में साफ तौर पर देखा गया है कि हादसा कितना खतरनाक था. वीडियो में यह भी देखा गया है कि बाइक चलाते समय बाइकर ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था, जिसके कारण हादसे में उसे गंभीर चोटें भी आई होंगी.

सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने बाइक सवार के हेलमेट ना पहनने पर भी सवाल खड़े किए हैं. कई यूजर ने कहा कि वीडियो देखकर ऐसा लगता है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता कि कितनी जरूरत है.


Video: जिंदगी खेल नहीं! ट्रेन पर सबवे सर्फिंग कर रही दो नाबालिग लड़कियों की मौत, देखें वीडियो

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America News: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि ब्रुकलिन के विलियम्सबर्ग इलाके में चार लड़कियां देर रात सबवे ट्रेन (मेट्रो) पर खतरनाक स्टंट, यानी सबवे सर्फिंग कर रही थीं. जिसके बाद दो लड़कियों की मौत हो गई है. यह हादसा करीब 3:10 बजे हुआ. 

13 से 15 साल के बीच थी दोनों की उम्र

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दोनों को बेहोशी की हालत में पाया गया. मेडिकल टीम ने जांच की तो पता चला कि दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी. अधिकारियों का कहना है कि दोनों की उम्र लगभग 13 से 15 साल के बीच थी. यह भी बताया गया कि लड़कियां ट्रेन के ऊपर चढ़कर सफर कर रही थीं, जिसे सबवे सर्फिंग कहा जाता है. इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वे ट्रेन से नीचे गिर गईं.

पुलिस ने बताया कि इस साल न्यूयॉर्क में अब तक तीन लोगों की मौत सबवे सर्फिंग के कारण हो चुकी है. वहीं, 114 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है जो इस खतरनाक ट्रेंड में शामिल थे. इसके बावजूद कुछ युवा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया और कहा कि सोशल मीडिया के वायरल होने के जुनून ने आज के बच्चों को बहुत खतरनाक रास्ते पर डाल दिया है. न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने कहा है कि वे इस पर सख्त निगरानी रख रहे हैं और जागरूकता अभियान भी चलाएंगे ताकि युवा इस तरह की लापरवाही न करें.


जब 80 साल की शर्मिला टैगोर अपनी कार छोड़ किसी अजनबी की बाइक पर बैठी, बेटी सोहा का ऐसा था रिएक्श

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बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर ने हाल ही में बंगाली फिल्म ‘पुराटन’ के साथ बड़े पर्दे पर वापसी की, उनकी ये वापसी चर्चाओं में बनी हुई है. शर्मिला की बेटी एक्ट्रेस सोहा अली खान ने खुलासा किया है कि उनकी मां दिल्ली में अकेली रहती हैं और उन्होनें शर्मिला से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया है कि कैसे किसी इवेंट पर पहुँचने के लिए  उनकी मां ने रास्ते में अजनबियों से मदद ली थी.

शर्मिला टैगोर को दिल्ली में रहना पसंद है
हाल ही में नयनदीप रक्षित के एक पॉडकास्ट में सोहा ने बताया कि उनकी मां शर्मिला दिल्ली में रहना पसंद करती हैं और बार-बार कहने के बावजूद भी मुंबई वापस जाने के लिए तैयार नही होती हैं. सोहा ने ये भी बात की कि उनकी मां कमबैक के बाद फिल्मों में काम करने को लेकर थोड़ा कंफ्यूज हैं. वो फिल्मों में काम जारी रखेंगी या नहीं इसे लेकर कुछ सुनिश्चित नहीं है. सोहा ने बताया कि वो एक तरफ कहती हैं कि वो अब काम नहीं करेंगी, और अगले ही पल वो कोई ऐसी स्क्रिप्ट ढूंढ़ लेती हैं जो उन्हें उत्साहित कर दे.


किसी अनजान के साथ बाइक पर सवार हुईं शर्मिला
सोहा ने अपनी मां शर्मिला की एक मजेदार बात याद करते हुए कहा, “मां एक किताब के लॉन्च इवेंट पर जा रही थीं, लेकिन रास्ते में बहुत ट्रैफिक था. इसलिए वो कार से उतर गईं और एक स्कूटर पर जा रही महिला से कहा कि मुझे इवेंट के पास तक छोड़ दो. फिर रास्ते में उस स्कूटर से उतरीं और किसी और की बाइक रोक ली, ताकि जल्दी पहुंच सकें. मैं सोच रही थी ‘अम्मा, आप 80 साल की हैं और ये दिल्ली की सड़कों पर कर रही हैं.’

सोहा ने आगे बताया कि उस इंसान ने मां को आधे रास्ते में ही छोड़ दिया था. इसके बाद वो किताब लॉन्च के लिए बाकी रास्ता पैदल चलकर गईं. सोहा ने बताया कि ये किस्सा उन्हें खुद शर्मिला ने ही साझा किया था.

18 साल बाद बंगाली सिनेमा में की वापसी
बता दें कि, कुछ समय पहले शर्मिला को फेफड़ों के कैंसर के बारें में का पता चला था. हालांकि, ये अभी शुरुआती स्टेज पर ही था. इसलिए उन्हें कीमोथैरेपी नहीं करवानी पड़ी और कैंसर को सर्जरी से हटा दिया गया. ठीक होने के बाद शर्मिला ने सुमन घोष की मनोवैज्ञानिक ड्रामा फिल्म ‘पुरातन’ के साथ 18 साल बाद बंगाली सिनेमा में वापसी की.

ये फिल्म साल की पांचवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बंगाली फिल्म बन गई है. उनके काम की भी काफी तारीफ हो रही है.  इससे पहले शर्मिला फिल्म ‘गुलमोहर’ में नजर आई थीं. इस फिल्म में उनके साथ मनोज बाजपेयी लीड रोल में थे. इस फिल्म को भी काफी सराहा गया था.



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‘सिलेक्शन कमिटी मीटिंग लाइव हो…’, शमी की अनदेखी पर पूर्व क्रिकेटर ने चयन समिति पर उठाए सवाल

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ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का एलान हो गया है. रोहित शर्मा को वनडे की कप्तानी से भी हटा दिया गया है, उनकी जगह बोर्ड ने शुभमन गिल को कप्तान नियुक्त किया है. मोहम्मद शमी को लेकर भी कई लोग सवाल उठा रहे हैं, इसमें पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी भी शामिल हैं. तिवारी ने शमी की जगह हर्षित राणा के चयन को गलत बताते हुए बीसीसीआई से मांग की है कि चयन समिति की मीटिंग लाइव होने चाहिए. उन्होंने कोच गौतम गंभीर पर भी निशाना साधा.

मोहम्मद शमी इस साल चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से टीम इंडिया में जगह नहीं बना पाए हैं. दूसरी तरफ हर्षित राणा को बहुत मौके दिए गए हैं लेकिन उनका प्रदर्शन साधारण ही रहा है. इस पर एक वेबसाइट से बात करते हुए मनोज तिवारी ने कहा, “अगर इस मुद्दे पर ज्यादा बोलेंगे तो विवाद खड़ा हो जाएगा. हालांकि, कई मौकों पर हर्षित राणा महंगे साबित हुए हैं और इसका जवाब लाइव सिलेक्शन मीटिंग हो सकता है. सभी इस बारे में बात कर रहे हैं. अगर आप एक ओपिनियन पोल करेंगे कि शमी और हर्षित राणा में कौन सा गेंदबाज बेहतर है? तो बड़ी संख्या में लोग शमी का ही नाम लेंगे.”

गौतम गंभीर पर भी साधा निशाना !

मनोज तिवारी ने आगे कहा, “सवाल ये हैं कि मोहम्मद शमी की अनदेखी क्यों की जा रही है? मैं भी इसकी वजह जानना चाहता हूं और उम्मीद है कि कुछ दिनों में इसकी वजह भी सामने आएगी. मैं खुलासा नहीं करना चाहता क्योंकि इससे एक बहस शुरू हो जाएगी. कोई संदेह नहीं कि हर्षित राणा प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन को देखें तो वह अक्सर महंगे साबित होते हैं. लेकिन फिर भी शमी जैसे गेंदबाजों के ऊपर उन्हें प्राथमिकता दी जाती है. ऐसा क्यों है? इसका जवाब तो कोच ही दे सकते हैं.”

हर्षित राणा ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कर लिया है, उन्होंने अभी 2 टेस्ट, 5 वनडे और 3 टी20 मैच खेले हैं. इसमें उनके नाम क्रमश 4, 10 और 5 विकेट हैं. 3 टी20 में उनका इकॉनमी 10 से अधिक का है.

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पश्चिम बंगाल के 8 राज्य विश्वविद्यालयों को मिलेंगे स्थायी कुलपति, खत्म हुआ इंतजार इतने साल का इ

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पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी पहल के तहत अब राज्य के आठ विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. लंबे समय से यह विश्वविद्यालय बिना नियमित कुलपतियों के काम कर रहे थे और फिलहाल अंतरिम कुलपति ही जिम्मेदारी निभा रहे थे. सोमवार को विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार और राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के बीच सहमति बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट में यह रास्ता साफ हुआ है.

रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले दो सालों से राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार और राजभवन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई थी. राज्यपाल द्वारा अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति बिना राज्य सरकार से सलाह-मशविरा किए जाने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने नाराज़गी जताई थी. इस मुद्दे पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और आखिरकार दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद अब स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी.

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नियुक्ति प्रक्रिया

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ इस पूरे मामले की निगरानी कर रही है. यह प्रक्रिया पूर्व मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर आधारित है. फिलहाल 13 विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति का मामला कोर्ट में है, जिनमें से 8 विश्वविद्यालयों के लिए अब रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.

किन विश्वविद्यालयों को मिलेंगे नए कुलपति

कलकत्ता विश्वविद्यालय के लिए प्रख्यात शिक्षाविद् आशुतोष घोष का नाम आगे बढ़ाया गया है. वहीं जादवपुर विश्वविद्यालय में पूर्व रजिस्ट्रार और प्रो-वीसी चिरंजीव भट्टाचार्य को कुलपति बनाए जाने की संभावना है. नार्थ बंगाल यूनिवर्सिटी में पूर्व कुलपति ओमप्रकाश मिश्रा को दोबारा नियुक्त किया जा सकता है, जबकि रायगंज विश्वविद्यालय के लिए अर्णब सेन का नाम प्रस्तावित है.

गौर बंगा विश्वविद्यालय की कमान आशीष भट्टाचार्य को मिलने की संभावना है, वहीं काजी नजरूल विश्वविद्यालय के लिए उदय बंद्योपाध्याय का नाम सुझाया गया है. साधु रामचंद्र मुर्मू विश्वविद्यालय के लिए चंद्रदीपा घोष और विश्व बांग्ला विश्वविद्यालय के लिए अबू तालिब के नाम पर सहमति बन चुकी है.

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अब जल्द होगी औपचारिक नियुक्ति

राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी के मुताबिक जैसे ही राजभवन कानूनी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए नामों की अधिसूचना जारी करेगा राज्य सरकार औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर देगी.

पांच विश्वविद्यालयों पर अभी विचार जारी

एक अफसर ने बताया है कि अभी पांच अन्य राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के नाम पर सहमति नहीं बन सकी है. इन विश्वविद्यालयों के लिए सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आगे होगी, जिसके बाद वहां भी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी.

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ट्रंप का ख्वाब तोड़ने को साथ आए भारत-पाकिस्तान, एक मंच पर ठुकरा दी बड़ी डिमाड, जानें क्या है ये

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अफगानिस्तान को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बदलाव देखने को मिला है. भारत अब तालिबान, रूस, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के साथ अमेरिका के खिलाफ एक ही मंच पर दिखाई दिया है. यह विरोध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के खिलाफ है, जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को अमेरिका को वापस सौंपने की मांग की थी. भारत की यह नई स्थिति उसकी अफगान नीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन मानी जा रही है, क्योंकि अब तक भारत तालिबान से किसी भी प्रत्यक्ष राजनीतिक जुड़ाव से बचता आया था.

रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित “मॉस्को फॉर्मेट कंसल्टेशन ऑन अफगानिस्तान” की सातवीं बैठक में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और बेलारूस के प्रतिनिधि शामिल थे. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि अफगानिस्तान या उसके पड़ोसी देशों में किसी भी बाहरी देश की सैन्य  तैनाती अस्वीकार्य है, क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के खिलाफ है. हालांकि बयान में अमेरिका का नाम नहीं लिया गया, लेकिन यह संदेश ट्रंप की नीति पर सीधा संकेत था.

ट्रंप और तालिबान के बीच बयानबाजी तेज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दोहराया कि तालिबान को अमेरिका को बगराम एयरबेस वापस सौंपना चाहिए. ब्रिटिश प्रधानमंत्री किम स्टार्मर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा हमने वह बेस उन्हें मुफ्त में दे दिया, अब हम उसे वापस चाहते हैं. हालांकि, बाद में उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा ”अगर अफगानिस्तान ने बगराम एयरबेस नहीं लौटाया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे.” इस बयान पर तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने जवाब दिया कि अफगान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे. अगर ज़रूरत पड़ी तो हम अगले 20 साल भी लड़ने को तैयार हैं.

भारत का रुख

भारत ने मॉस्को बैठक में यह स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान की स्थिरता किसी भी विदेशी सैन्य दबाव या हस्तक्षेप से प्रभावित नहीं होनी चाहिए. भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय शांति का सम्मान किया जाना चाहिए. बाहरी हस्तक्षेप केवल अस्थिरता को बढ़ावा देगा.

अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी की भारत यात्रा

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी 9 से 16 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर रहेंगे. यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी. मुत्ताकी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं, इसलिए उनके भारत आने के लिए विशेष मंजूरी दी गई है.

बगराम एयरबेस एशिया का राजनीतिक केंद्र

काबुल से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित बगराम एयरबेस अफगानिस्तान का सबसे बड़ा और रणनीतिक हवाई अड्डा है. इसके दो रनवे क्रमशः 3.6 किलोमीटर और 3 किलोमीटर लंबे हैं. 2001 से 2021 तक यह अमेरिकी सेना का प्रमुख ठिकाना था, जहां से आतंकवाद के खिलाफ अभियानों का संचालन होता था. बगराम का भौगोलिक स्थान मध्य, पश्चिम और दक्षिण एशिया के संगम पर है, जो इसे रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है. अमेरिका इस बेस को दोबारा नियंत्रण में लेना चाहता है ताकि वह ईरान, पाकिस्तान और चीन पर निगरानी बनाए रख सके.

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Video: आते-आते लौट गए यमराज! ड्राइवर ने बचा ली बच्ची की जान, वीडियो देख सेल्यूट करेंगे आप!

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Road Accident: सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक छोटी बच्ची दौड़ते हुए सड़क पार कर रही थी. बच्ची सड़क पार करते समय बिना इधर-उधर ध्यान दिए भाग रही थी, जिससे स्थिति काफी खतरनाक हो गई.

बाल-बाल बची बच्ची

इसी बीच एक पिकअप गाड़ी तेज रफ्तार में सड़क पर आ पहुंची. गाड़ी चालक ने जैसे ही बच्ची को देखा, उसने उसे बचाने की कोशिश की. पिकअप गाड़ी ने तेजी से ब्रेक लगाया और साइड में मोड़ लेने की कोशिश की, ताकि बच्ची को टक्कर न लगे. हालांकि, गाड़ी के पास आते ही बच्ची गाड़ी के पास से थोड़ी टकरा गई, लेकिन गनीमत यह रही कि बच्ची बाल-बाल बच गई.

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्ची सड़क किनारे गिरती हुई दिखी. इस पूरी घटना में गाड़ी ड्राइवर की तत्परता और समय पर निर्णय ने बच्ची की जान बचाई. बच्ची कुछ देर के लिए डर गई थी, लेकिन गंभीर चोटें नहीं आईं.

वीडियो देखकर लोगों ने किए कमेंट

इस घटना को देखकर आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए. कई लोगों ने वीडियो में अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह बच्ची सौभाग्यशाली थी कि गाड़ी चालक ने सही समय पर प्रतिक्रिया दिखाई. सोशल मीडिया पर लोग भी बच्ची की सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन चलाने के खतरों के बारे में जागरूक हो रहे हैं. सड़क पार करते समय हमेशा चारों ओर देखने की जरूरत होती है और वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है.


सोने की कीमतें नहीं ले रही थमने का नाम! रिकॉर्ड लेवल पर सोना, जानें 8 अक्टूबर को आपके शहर का ता

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Gold Price Today: त्योहारी सीजन में सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. दीपावली आने में अब ज्यादा वक्त बचा नहीं है. ऐसे में सोने की बढ़ती कीमतों ने लोगों को परेशान कर दिया है. 8 अक्टूबर को एक बार फिर सोने की कीमत में उछाल देखी गई. बुधवार को भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,22,000 के पार चली गई है.

भारतीय निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक स्तर पर चल रही परेशानियों की वजह से सोने के दाम आसमान छू रहे हैं. साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक में ब्याज दरों की कटौती की उम्मीद ने भी सोने का भाव तेज किया है. अगर आप भी सोना खरीदने का विचार कर रहे हैं तो आपको, अपने शहर का ताजा रेट जरूर जान लेना चाहिए.   

जानें आपके शहर में सोने का भाव

दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,22,080 रुपए 
22 कैरेट – 1,12,010 रुपए 
18 कैरेट – 91,680 रुपए

मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,22,030 रुपए 
22 कैरेट – 1,11,860 रुपए 
18 कैरेट – 91,530 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,22,190 रुपए 
22 कैरेट – 1,12,010 रुपए 
18 कैरेट – 92,760 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,22,030 रुपए 
22 कैरेट – 1,11,860 रुपए 
18 कैरेट – 91,530 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,22,080 रुपए 
22 कैरेट – 1,11,910 रुपए 
18 कैरेट – 91,530 रुपए

बैंगलोर में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,22,030 रुपए 
22 कैरेट – 1,11,860 रुपए 
18 कैरेट – 91,530 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,22,080 रुपए 
22 कैरेट – 1,12,010 रुपए 
18 कैरेट – 91,680 रुपए

चांदी की कीमतों में भी उछाल

देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार के कारोबारी दिन चांदी 1,57,100 रुपए (प्रति किलोग्राम) की दर पर ट्रेड कर रहा है. चांदी में पिछले दिन की तुलना में 100 रुपए की तेजी देखने को मिल रही है. 7 अक्टूबर को दिल्ली में चांदी का रेट 1,57,000 रुपए था. हालांकि, चांदी ने अक्टूबर महीने में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है. भारत में सोने और चांदी दोनों ही धातुओं से गहने बनाए जाते हैं. भारतीय निवेशक सोने की खरीद को एक सेफ विकल्प मानते हैं और इसकी खरीदारी पर भरोसा दिखाते हैं.

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