थर-थर कांप रहा पाकिस्तान! बॉर्डर के पास TTP ने किया बड़ा अटैक, 11 PAK जवानों की मौत

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पाकिस्तानी सेना पर मंगलवार और बुधवार (7-8 अक्टूबर) की रात बड़ा हमला हो गया. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के इस अटैक में पाकिस्तान के 11 सैनिक मारे गए. वहीं कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं. मारे गए सैनिकों में 2 अधिकारी भी शामिल हैं. न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, पाकिस्तान सेना TTP के खिलाफ अफगानिस्तान बॉर्डर पर ऑपरेशन चला रही थी. इस दौरान मुठभेड़ हो गई.

पाकिस्तानी सेना के साथ हुई मुठभेड़ में TTP के 19 लड़ाके भी मारे गए हैं. अहम बात यह भी है कि पिछले कुछ महीनों में TTP ने पाक सुरक्षा बलों पर अटैक काफी तेज कर दिया है.

TTP ने घात लगाकर किया हमला

दरअसल TTP के लड़ाकों ने घात लगाकर हमला किया. उत्तर-पश्चिमी कुर्रम जिले में पहले सड़क किनारे बम धमाके किए गए, इसके बाद गोलीबारी शुरू कर दी गई. पाकिस्तानी सेना ने एक बयान में कहा कि इस अभियान के दौरान आतंकियों को भी मार गिराया गया.

पाकिस्तानी तालिबान के हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर रैंक के दो अधिकारियों भी मारे गए. लेफ्टिनेंट कर्नल जुनैद आरिफ ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे, उनके साथ मेजर तय्यब रहत भी ऑपरेशन का हिस्सा थे.

पाकिस्तानी नेता बिलाल अफरीदी ने मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों के लिए एक्स पर पोस्ट भी शेयर की है. उन्होंने लिखा, ”लेफ्टिनेंट कर्नल जुनैद आरिफ (39) और मेजर तैयब रहत (33) ने नौ बहादुर सैनिकों के साथ शहादत हासिल की.”

TTP ने ली हमले की जिम्मेदारी

इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान (TTP) ने ली है. संगठन ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने काफिले पर हमला किया था. यह संगठन पाकिस्तान सरकार को गिराकर अपने सख्त इस्लामी शासन की स्थापना करना चाहता है. वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि ये आतंकी अफगानिस्तान में प्रशिक्षण लेकर पाकिस्तान पर हमले करते हैं, हालांकि काबुल इस बात से बार-बार इनकार करता है.

इनपुट – आईएएनएस



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Video: सबसे क्यूट वीडियो! बच्ची ने बिल्ली के बच्चे को स्कूल बैग में रखा, दिए क्यूट एक्सप्रेशन

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Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद प्यारा और मजेदार वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को देखकर लोग हंसते-हंसते अपनी हंसी रोक नहीं पा रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक छोटी बच्ची चारपाई पर बैठकर स्कूल का होमवर्क कर रही है, लेकिन इसने अपने स्कूल बैग में एक बिल्ली का बच्चा बिठा रखा था, जैसे वह उसका साथी हो.

टोकने पर बच्ची ने बिल्ली के बच्चे निकाला बाहर

जैसे ही बच्ची के घर का एक सदस्य यह नजारा देखता है, वह थोड़ा हंसने लगती है और बच्ची बिल्ली के बच्चे को बाहर निकाल देती है. यह दृश्य काफी मजेदार है क्योंकि बच्ची मासूमियत भरे अंदाज में अपने बैग में बिल्ली को रखने की वजह बताने की कोशिश करती है.

वीडियो में आगे दिखाया गया कि जैसे ही बच्ची बिल्ली को बाहर निकालती है, घर का सदस्य वीडियो बनाना शुरू कर देता है और खुद हंसने लगता है. वह बच्ची से पूछता है कि तुमने बिल्ली को अपने बैग में क्यों रखा? बच्ची बड़े ही मासूम अंदाज में जवाब देती है, बस ऐसे ही. उसकी यह मासूम प्रतिक्रिया और सवाल-जवाब देखकर कोई भी हंस पड़ता है.

सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल 

इस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर लोग खूब मजे ले रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि यह वीडियो मासूमियत और बचपन की प्यारी यादें ताजा कर देता है. कुछ लोगों ने लिखा कि बच्चे की यह मासूम हरकत और बिल्ली की नन्ही हरकतें देखकर उनका दिन बन गया. अंत में देखा जा सकता है कि बच्चा अपने होमवर्क में व्यस्त हो जाता है, जबकि बिल्ली का बच्चा घर के सदस्य के हाथ में चला जाता है.


बच्चों को पढ़ाने के लिए दिल्ली के टीचर स‍िखेंगे एआई टूल्स का इस्तेमाल, SCERT ने शुरू की पहल 

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दिल्‍ली सरकार अब स्कूलों के टीचर को एआई की ट्रेनिंग देने जा रही है. जिससे वह बच्चों के लिए पढ़ाई को ज्यादा प्रभावी, रोचक और व्‍यक्‍त‍िगत बना सकें.  दिल्‍ली में टीचर की एआई ट्रेनिंग की खास पहल राज्‍य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने की है. जिसके तहत टीचर को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा.

SCERT के अनुसार यह ट्रेन‍िंग 8 और 9 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी. यह कार्यक्रम एआई-मध्यस्थ कक्षा परियोजना के तहत चलाया जा रहा है. जिसका मकसद शिक्षकों को आधुनिक तकनीक के उपयोग में दक्ष बनाना है. इस परियोजना के माध्यम से शिक्षक न केवल पढ़ाई को आसान बना पाएंगे बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया को भी ज्यादा सटीक बना पाएंगे. 

दो चरणों में चलेगा ट्रेनिंग प्रोग्राम 

SCERT की तरफ से चलाए जाने वाला यह प्रोग्राम दो चरणों में चलेगा. पहले चरण में 50 सरकारी स्कूलों के 100 कंप्यूटर साइंस टीचर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी. यह टीचर आगे चलकर अपने-अपने स्कूल में मास्टर ट्रेनर के रूप में काम करेंगे और बाकी टीचर्स को एआई टूल के सही उपयोग की जानकारी देंगे. वहीं दूसरे चरण में कक्षा 6 से 9 तक पढ़ाने वाले मेथ्‍स, साइंस, इंग्लिश, हिंदी और सोशल साइंस के टीचर को स्कूल लेवल पर ट्रेनिंग दी जाएगी. हर सेलेक्टेड स्कूल से इन सब्जेक्ट के 15 टीचर्स ट्रेनिंग में शामिल होंगे. SCERT के अधिकारियों के अनुसार एआई टूल्स टीचर्स का काम आसान बनाएंगे. आमतौर पर ज्यादातर टीचर्स को प्रेजेंटेशन तैयार करने में, विजुअल एडिट करने में या फिर किसी कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने में काफी समय लग जाता है. वहीं इस ट्रेनिंग से अब इन कामों में एआई मदद करेगा, जिससे टीचर स्‍टूडेंट्स के साथ ज्यादा इंटरेक्‍ट कर पाएंगे और पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी ध्यान दे पाएंगे. इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में एआई टूल्‍स नैपकिन और गामा जैसे टूल शामिल होंगे जो टेक्‍स्‍ट से इमेज और पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन बनाने की तुरंत सुविधा देते हैं. 

फ्यूचर के लिए तैयार होंगे टीचर और स्टूडेंट 

SCERT का मानना है कि यह पहल फ्यूचर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है. एआई आधारित एजुकेशन से न केवल टीचर्स की क्षमता बढ़ेगी बल्कि स्टूडेंट्स को भी डिजिटल टेक्नोलॉजी की नॉलेज के लिए तैयार किया जाएगा. विभाग ने बताया कि दिल्ली के 1,075 सरकारी स्कूलों में करीब 16,633 टीचर और 8.24 लाख स्टूडेंट है.

इनमें से 50 स्कूलों का चयन इस परियोजना के पहले चरण के लिए किया गया है. इस पहल का उद्देश्य टीचर्स को नई टीचिंग तकनीक से जोड़ना है. एआई टूल्स की मदद से क्लास न केवल ज्यादा इंटरेक्टिव होगी, बल्कि सीखने का रिजल्ट भी बेहतर होगा. SCERT ने कहा है कि आगे चलकर इस पहल की समीक्षा और फीडबैक सेशन भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि पता लगाया जा सके कि टीचर इन टूल्स का कितना प्रभावी उपयोग कर पा रहे हैं.

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टैरो कार्ड से जानें कैसे रहेगा आपका 9 अक्टूबर 2025 का दिन, पढ़ें टैरो राशिफल

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टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि आज अपना काम समय पर ना पूरा करने की वजह से मेष राशि वालों के लिए हाथ से महत्वपूर्ण अवसर निकल सकते हैं. अपनी फैमली की सलाह माने और लापरवाही कम करें. अपने निर्णय समय पर लें.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि आज अपना काम समय पर ना पूरा करने की वजह से मेष राशि वालों के लिए हाथ से महत्वपूर्ण अवसर निकल सकते हैं. अपनी फैमली की सलाह माने और लापरवाही कम करें. अपने निर्णय समय पर लें.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि आज वृषभ राशि वाले किसी बड़ी समस्या से आसानी से राहत पा सकते हैं. आपने सही समय पर सही तरीका चुना जिससे आपकी समस्या का हल आसानी से निकल गया. अपनी बुद्धि और विवेक का प्रयोग सही से करें.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि आज वृषभ राशि वाले किसी बड़ी समस्या से आसानी से राहत पा सकते हैं. आपने सही समय पर सही तरीका चुना जिससे आपकी समस्या का हल आसानी से निकल गया. अपनी बुद्धि और विवेक का प्रयोग सही से करें.

मिथुन राशि के लोगों के लिए टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि मिथुन राशि वालों के लिए आज का समय शानदार है. आपको जल्द ही कोई बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं. आपका वर्कप्लेस पर जल्द प्रमोशन हो सकता है.

मिथुन राशि के लोगों के लिए टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि मिथुन राशि वालों के लिए आज का समय शानदार है. आपको जल्द ही कोई बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं. आपका वर्कप्लेस पर जल्द प्रमोशन हो सकता है.

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन खास है. आज आपके लंबे समय से चल रहे चैलेंजेस का अंत हो सकता है. आपके लव रिलेशन सक्सेस नहीं हो पाएंगे. किसी भी नए बिजनेस की शुरुआत करने से पहले उसके सभी पहलुओं को जांच लें.

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन खास है. आज आपके लंबे समय से चल रहे चैलेंजेस का अंत हो सकता है. आपके लव रिलेशन सक्सेस नहीं हो पाएंगे. किसी भी नए बिजनेस की शुरुआत करने से पहले उसके सभी पहलुओं को जांच लें.

सिंह राशि के लोगों के लिए टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि सिंह राशि वालों को आज किसी की बात बुरी लग सकती है.प्रॉपर्टी पर चल रहा विवाद कोर्ट तक जा सकता है. लेकिन चीजें आपके फेवर में ही रहेंगी. भगवान पर भरोसा रखें.

सिंह राशि के लोगों के लिए टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि सिंह राशि वालों को आज किसी की बात बुरी लग सकती है.प्रॉपर्टी पर चल रहा विवाद कोर्ट तक जा सकता है. लेकिन चीजें आपके फेवर में ही रहेंगी. भगवान पर भरोसा रखें.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि लंबे समय से आप जिस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, आपको उसमें सफलता प्राप्त होगी. आपकी मेहनत रंग लाएगी और आप तरक्की की राह पर आगे बढ़ेंगे. किसी पर भी बहुत ज्यादा भरोसा करने से बचें.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि लंबे समय से आप जिस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, आपको उसमें सफलता प्राप्त होगी. आपकी मेहनत रंग लाएगी और आप तरक्की की राह पर आगे बढ़ेंगे. किसी पर भी बहुत ज्यादा भरोसा करने से बचें.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा. आज आपको धैर्य का फल प्राप्त हो सकता है. किसी भी काम में जल्दबाजी करने से बचें.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा. आज आपको धैर्य का फल प्राप्त हो सकता है. किसी भी काम में जल्दबाजी करने से बचें.

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि वृश्चिक राशि वालों को आज अपने आप को गलत संगत से दूर रखना होगा. आपकी गलत आदतों की वजह से आप परिवार से दूर हो सकते हैं. अपने व्यवहार में बदलाव लाएं.

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि वृश्चिक राशि वालों को आज अपने आप को गलत संगत से दूर रखना होगा. आपकी गलत आदतों की वजह से आप परिवार से दूर हो सकते हैं. अपने व्यवहार में बदलाव लाएं.

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि धनु राशि वाले आज किसी का असली चेहरा देख कर आश्चर्य में आ सकते हैं. आपका विश्वास टूट सकता है. लड़ाई किसी भी चीज का रास्ता नहीं है अपनी वाणीको मधुर रखें.

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि धनु राशि वाले आज किसी का असली चेहरा देख कर आश्चर्य में आ सकते हैं. आपका विश्वास टूट सकता है. लड़ाई किसी भी चीज का रास्ता नहीं है अपनी वाणीको मधुर रखें.

टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, मकर राशि वालों के आज का दिन शुभ रहेगा. आज आप स्थान, काम में परिवर्तन कर सकते हैं. इस चेंज का आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. आपकी लव मैरिज करने की इच्छा को परिवार मना सकता है.

टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, मकर राशि वालों के आज का दिन शुभ रहेगा. आज आप स्थान, काम में परिवर्तन कर सकते हैं. इस चेंज का आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. आपकी लव मैरिज करने की इच्छा को परिवार मना सकता है.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन का अच्छा रहेगा. आज आपको आपके पुराने शानदार कर्मों का फल प्राप्त होगा. आप अपने बिजनेस को बढ़ा सकते हैं और इसके लिए आज प्लैनिंग कर सकते हैं.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन का अच्छा रहेगा. आज आपको आपके पुराने शानदार कर्मों का फल प्राप्त होगा. आप अपने बिजनेस को बढ़ा सकते हैं और इसके लिए आज प्लैनिंग कर सकते हैं.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मीन राशि वालों को आज कुछ ऐसे अवसर प्राप्त हो सकते हैं जिससे उन्हें लाभ होगा. आज आप दोस्त आपकी कामयाबी से जल सकते हैं. आप अपने प्यार पर आज शक सकते हैं.

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मीन राशि वालों को आज कुछ ऐसे अवसर प्राप्त हो सकते हैं जिससे उन्हें लाभ होगा. आज आप दोस्त आपकी कामयाबी से जल सकते हैं. आप अपने प्यार पर आज शक सकते हैं.

Published at : 08 Oct 2025 02:00 PM (IST)

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2030 तक आ जाएगी ऐसी टेक्नोलॉजी जो इंसानों के नसों में जाकर एक झटके में मिटा देगी याददाश्त, जानि

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What is Nanobots: टेक्नोलॉजी और साइंस आज उस मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां इंसान के शरीर के भीतर जाकर काम करने वाली मशीनें अब कल्पना नहीं रहीं बल्कि हकीकत बनती जा रही हैं. इन्हीं में से एक बेहद रोचक और रहस्यमय तकनीक है नैनोबॉट्स (Nanobots). ये सूक्ष्म रोबोट इतने छोटे होते हैं कि ये इंसान की नसों, खून और दिमाग की Cells के अंदर तक पहुंच सकते हैं. हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ऐसे नैनोबॉट्स भविष्य में इंसान की याददाश्त मिटाने या उसे बदलने तक की क्षमता रख सकते हैं.

नैनोबॉट्स आखिर होते क्या हैं?

नैनोबॉट्स असल में बेहद छोटे माइक्रो-रोबोट्स होते हैं जिनका आकार एक नैनोमीटर (यानि मीटर का एक अरबवां हिस्सा) जितना छोटा होता है. इन्हें नैनो-टेक्नोलॉजी के तहत तैयार किया जाता है और इनका काम शरीर के भीतर जाकर सेल्स, नसों और अंगों के स्तर पर इलाज या जांच करना होता है.

इन नन्हीं मशीनों को इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि ये इंसान के शरीर में इंजेक्शन या दवा के रूप में पहुंचाई जा सकती हैं. एक बार जब ये शरीर में प्रवेश कर जाती हैं तो ये अपने प्रोग्राम के अनुसार काम करती हैं जैसे कैंसर सेल्स को खत्म करना, ब्लड क्लॉट्स हटाना या ब्रेन सिग्नल्स को मॉनिटर करना.

क्या नैनोबॉट्स याददाश्त मिटा सकते हैं?

वैज्ञानिकों का मानना है कि दिमाग की याददाश्त न्यूरॉन्स और सिनैप्स कनेक्शन्स के जरिए बनी रहती है. अगर किसी तकनीक से इन कनेक्शनों में बदलाव किया जाए तो याददाश्त को प्रभावित किया जा सकता है.

यहीं पर नैनोबॉट्स की भूमिका सामने आती है भविष्य में इन्हें इस तरह प्रोग्राम किया जा सकता है कि ये ब्रेन के खास हिस्सों तक पहुंचकर न्यूरल सिग्नल्स को रोक या मिटा सकें.

यानी, यह तकनीक किसी व्यक्ति की खास यादों को मिटाने या अस्थायी रूप से ब्लॉक करने में सक्षम हो सकती है. हालांकि यह सुनने में किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी जैसी लगती है लेकिन कई वैज्ञानिक प्रयोग ऐसे चल रहे हैं जिनसे यह साबित होता है कि नैनोबॉट्स से दिमागी जानकारी को मॉडिफाई करना संभव है.

फायदे और खतरे दोनों मौजूद

नैनोबॉट्स का उपयोग मेडिकल साइंस के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है. इससे ब्रेन ट्यूमर, अल्जाइमर, पार्किंसन और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो सकता है.

लेकिन दूसरी ओर, यह तकनीक प्राइवेसी और मानसिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती है. अगर किसी गलत इरादे से इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया तो कोई भी व्यक्ति किसी की याददाश्त, सोच या भावना को नियंत्रित कर सकता है जो इंसान की स्वतंत्रता के लिए बेहद खतरनाक है.

भविष्य में क्या संभव है?

अभी तक नैनोबॉट्स को इंसान के दिमाग में प्रयोगात्मक रूप से ही टेस्ट किया गया है. वैज्ञानिकों का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इन्हें मेडिकल सर्जरी, दवा वितरण और न्यूरल थेरेपी के लिए उपयोग किया जा सके.

लेकिन याददाश्त मिटाने जैसी क्षमताएं फिलहाल सैद्धांतिक स्तर पर ही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक को सुरक्षित और नैतिक दिशा में आगे बढ़ाना जरूरी है वरना इसका दुरुपयोग मानव सभ्यता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.

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कभी रियलिटी शो से हुआ था रिजेक्ट, अब आर्यन खान की सीरीज से छा गया है ये एक्टर

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इंडस्ट्री में कई एक्टर अलग-अलग बैकग्राउंड से आए हैं और अपने टैलेंट और स्किल से शोबिज में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुए हैं. ऐसे ही एक अभिनेता ने रियलिटी टीवी शो के ऑडिशन देकर इंडस्ट्री में कदम रखा, लेकिन शुरुआत में उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और बाद में उन्हें उसी शो में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर हिस्सा लेने का मौका मिला. अब, ये शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान निर्देशित नेटफ्लिक्स सीरीज ‘द बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड’ में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं. चलिए जानते हैं ये कौन हैं?

डांस रियलिटी शो से हुए थे रिजेक्ट
हम जिस एक्टर की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं राघव जुयाल है. ‘किंग ऑफ स्लो मोशन’ के नाम से फेमस राघव ने अपने डांस मूव्स से एक ख़ास फैंस बेस बनाया है और उन्हें ‘स्लो मोशन वॉक’ के लिए जाना जाता है.

बता दें कि राघव जुयाल ने डांस इंडिया डांस सीज़न 3 में अपनी परफॉर्मेंस से फेम हासिल किया था. लेकिन ऑडिशन राउंड के दौरान जज गीता और रेमो डिसूजा ने उन्हें शुरुआत में रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन बाद में उन्हें वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर मौका मिला था.  बाद में, राघव ने डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स 2 में ‘राघव के रॉकस्टार्स’ टीम के कप्तान के रूप में भाग लिया और अपने डांस और होस्टिंग करियर को जारी रखा.

 


राघव जुयाल का एक्टिंग करियर
बता दें कि राघव ने साल 2014 में आई फ़िल्म ‘सोनाली केबल’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, जिसमें उनके साथ अली फ़ज़ल और रिया चक्रवर्ती थे. इसके बाद उन्होंने रेमो डिसूज़ा द्वारा निर्देशित फ़िल्म एबीसीडी 2 में भी काम किया, जिसमें वरुण धवन और श्रद्धा कपूर ने लीड रोल प्ले किया था. इसके बाद उन्होंने डांस प्लस, राइजिंग स्टार और डांस चैंपियंस जैसे कई शोज़ होस्ट किए. राघव ने खतरों के खिलाड़ी सीज़न 7 में एक कंटेस्टेंट के तौर पर भी हिस्सा लिया था.

फिर राघव ने करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ‘किल’, ‘युद्ध’, ‘किसी का भाई किसी की जान’, ‘बहुत हुआ सम्मान’, ‘अभय’, ‘ग्यारह ग्यारह’ जैसी फ़िल्मों और सीरीज़ में भी काम किया और खूब पॉपुलैरिटी बटोर ली.

‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में अपने अभिनय से जीता दिल
राघव हाल ही में नेटफ्लिक्स के हिट शो ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में लक्ष्य, अन्या सिंह, मनोज पाहवा, सहर बंबा, मोना सिंह, बॉबी देओल और अन्य कलाकारों के साथ नज़र आए हैं. उन्होंने ‘परवेज’ का किरदार निभाया है और एक एपिसोड में इमरान हाशमी के साथ उनकी बातचीत ऑनलाइन वायरल हो गई, जिससे उन्हें खूब तारीफें मिलीं.  एक सीन में, जब राघव का किरदार ‘परवेज’ इमरान हाशमी से मिलता है, तो वह खुद को हाशमी का मशहूर गाना ‘कहो ना कहो’ अरबी में गाने से नहीं रोक पाता. इतना ही नहीं, पूरे शो में उनकी एक्टिंग को भी दर्शकों ने खूब सराहा.

 




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पैट कमिंस एशेज सीरीज से बाहर! स्टीव स्मिथ फिर संभाल सकते हैं कप्तानी

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ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को एशेज सीरीज 2025 से पहले बड़ा झटका लगा है. टीम के कप्तान और स्टार तेज गेंदबाज पैट कमिंस (Pat Cummins) के पूरे सीजन से बाहर होने का खतरा बढ़ गया है. हाल ही में कराए गए मेडिकल स्कैन में पता चला है कि उनकी पीठ की चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, जिसके चलते अब उनके एशेज के शुरुआती टेस्ट ही नहीं, बल्कि पूरी सीरीज से बाहर रहने की संभावना जताई जा रही है.

स्कैन रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले हफ्ते कराए गए ताजा स्कैन में यह बात सामने आई है कि कमिंस की पीठ में मौजूद “स्ट्रेस हॉट स्पॉट” अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है, जिसके चलते डॉक्टरों ने उन्हें मैदान पर जाने की अनुमति नही दी है. ऐसे में 21 नवंबर से पर्थ में शुरू होने वाले पहले एशेज टेस्ट में उनके खेलने की संभावना लगभग खत्म हो गई है.

सूत्रों की मानें तो कमिंस की रिकवरी में अभी कुछ हफ्ते और लग सकते हैं. इस वजह से वह सीरीज के अंत तक भी फिट नही हो पाएंगे.

स्टीव स्मिथ संभाल सकते हैं कप्तानी

अगर पैट कमिंस एशेज सीरीज से बाहर रहते हैं, तो स्टीव स्मिथ को फिर से टीम की कप्तानी सौंपी जा सकती है. स्मिथ पहले भी टीम के उप-कप्तान रहे हैं और अनुभव के लिहाज से वह इस भूमिका के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.

कमिंस की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. स्कॉट बोलैंड को अब जोश हेजलवुड और मिशेल स्टार्क के साथ तीसरे पेसर के तौर पर टीम में शामिल किया जा सकता है.

इंग्लैंड को राहत

कमिंस का बाहर होना ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ा झटका है क्योंकि वह सिर्फ टीम के कप्तान ही नहीं बल्कि उसके मुख्य स्ट्राइक गेंदबाज भी हैं. वहीं, इंग्लैंड टीम के लिए यह राहत की खबर है. इंग्लैंड ने 2011 के बाद से ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है, ऐसे में कमिंस की गैरमौजूदगी उन्हें मनोवैज्ञानिक बढ़त दे सकती है.

कमिंस ने क्या कहा?

कमिंस ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था, “अगर मैं एशेज नहीं खेल पाया तो यह बेहद निराशाजनक होगा, लेकिन हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि सही समय पर फिट हो जाऊं.”

एशेज सीरीज 21 नवंबर से शुरू होगी और 8 जनवरी को खत्म होगी. अगर कमिंस पूरी सीरीज मिस करते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया को अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं. 

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Video: फन फैलाकर डरा रहा था सांप, नेवले ने मुंह में दबाकर पटककर मारा, देखें वायरल वीडियो

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Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक कोबरा सांप और एक नेवले के बीच खतरनाक लड़ाई दिखाई गई है. नेवला और सांप हमेशा से ही एक-दूसरे के जानी दुश्मन माने गए हैं.  इस वीडियो में भी देखा गया है कि कैसे दोनों एक-दूसरे को मारने के पीछे पड़े हुए हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने इस वीडियो पर कई प्रतिक्रियाएं दी है.

सांप ने नेवले को डराने की कोशिश की

वीडियो में देखा गया है कि एक कोबरा सांप और नेवले की लड़ाई हो रही है.  सांप ने फन फैलाया हुआ है और वह नेवले को डराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन नेवला भी कम नहीं है. वो भी लगातार सांप पर हमला किए जा रहा है. वीडियो में देखा गया है कि दोनों एक-दूसरे को मारने की कोशिश कर रहे हैं. कभी सांप नेवले पर हमला कर रहा है तो वहीं कभी नेवला सांप पर कर रहा है.

नेवले ने सांप को जोर से पकड़ा 

आगे वीडियो में देखा गया है कि कुछ सेकंड बाद नेवला तेजी से कोबरा सांप पर झपटता है और उसे पकड़ लेता है. सांप अपने फन से नेवले पर वार करने की बहुत कोशिश करता है, लेकिन नेवले ने सांप के मुंह को इतनी जोर से पकड़ा हुआ है कि सांप भी खुदको बचा नहीं पाता है.

नेवला सांप के मुंह को पकड़कर जोर-जोर से हिलाता है, जिससे कोबरा कमजोर पड़ जाता है. वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने कहा कि नेवला कितना तेज था और उसने कितनी चालाकी से सांप को पकड़ लिया. वीडियो को लोग काफी शेयर कर रहे हैं और इसपर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं.


अटल पेंशन योजना का बदल गया नियम: शुरु करने से पहले जान लें, वरना होगी परेशानी

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Atal Pension Yojana Rule:  भारत सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) में बदलाव किए गए हैं. इस बदलाव के तहत रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को चेंज किया गया है. डाक विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक नोटिफिकेशन में बताया गया है कि, 1 अक्टूबर 2025 से अटल पेंशन योजना के लिए पुराने फॉर्म ऐक्सेप्ट नहीं हो रहे हैं.

नया खाता खोलने के लिए, अब से केवल बदलाव किए हुआ फॉर्म ही स्वीकार किया जाएगा. यह बदलाव पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण की दिशा निर्देशों के तहत लिया हैं. जारी नोटिफिकेशन में जानकारी दी गई है कि यह बदलाव पेंशन से जुड़ी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है. 

क्या है नए नियम?

सरकार के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब से अटल पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए नए फॉर्म में आवेदन करना होगा. फॉर्म में कुछ बदलाव किए गए है. नए फॉर्म में आवेदकों को अपने विदेशी नागरिकता की जानकारी देनी होगी. यानि कि उन्हें बताना होगा कि, वे किसी और देश के नागरिक तो नहीं है? सरकार के इस बदलाव के पीछे भारतीय नागरिकों को एपीवाई का लाभ पहुंचाना हैं. साथ ही, अटल पेंशन योजना के लिए डाक घर के माध्यम से बचत खाता खोले जाऐंगे. 

डाक विभाग की ओर से पूरे देश के डाकघरों को कहा गया है कि, वे अब से अटल पेंशन योजना के लिए नए फॉर्म में आवेदन को स्वीकार करें. इसके साथ ही ग्राहकों को इस बदलाव की जानकारी दें और नोटिस बोर्ड पर इससे संबंधित जानकारी आवश्यक रुप से लिखें.

जानें अटल पेंशन योजना के बारे में

अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक ऐसी योजना हैं, जिसके तहत अंसगठित कर्मचारियों को पेंशन का लाभ उपलब्ध करवाया जाता है. ऐसे कर्मचारी जिन्हें पेंशन की योजना नहीं मिलती, व्यापारी, गिग वर्कर इस योजना का लाभ लेकर पेंशन पा सकते है. 18 से 40 वर्ष की उम्र सीमा के बीच का कोई भी भारतीय नागरिक इस योजना से जुड़ सकता है. 60 साल की आयु पूरी होने पर उसे 1 हजार रुपए से 5 हजार रुपए के बीच की पेंशन राशि दी जाती है. यह राशि जमा किए गए पैसों पर निर्भर होता है.

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Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पर इस साल भद्रा है या नहीं, क्या पूजा पर पड़ेगा असर

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Karwa Chauth 2025 Bhadra: कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर 10 अक्टूबर 2025 को सुहागिन महिलाओं द्वारा करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा. यह सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा उत्सव है, जिसका इंतजार उन्हें पूरे साल रहता है. करवा चौथ पर निर्जला व्रत रखकर सुहागिनें पति की लंबी आयु की कामना करती हैं.

करवा चौथ पर माता करवा, चंद्रदेव और शिव-पार्वती की पूजा की जाती है. पूजा के लिए शाम 05:32 से 7:10 तक का समय रहेगा. मान्यता है कि, मां पार्वती ने भगवान शिव के लिए और द्रौपदी ने पांडवों के लिए यह व्रत रखा था. करवा चौथ का व्रत रखने से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

लेकिन कई बार शुभ दिन पर बनने वाले अशुभ योग या भद्रा का साया पड़ने से पूजा में बाधा उत्पन्न होती है. इसलिए अशुभ समय और भद्रा काल में पूजा करना वर्जित होता है. आइये जानते हैं क्या इस साल करवा चौथ पर भद्रा का साया रहने वाला है या नहीं.

क्या करवा चौथ पर रहेगा भद्रा का साया!

पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ पर इस साल भद्रा का साया नहीं रहेगा. क्योंकि, करवा चौथ से एक दिन पूर्व की भद्रा समाप्त हो जाएगी. गुरुवार 9 अक्टूबर 2025 दोपहर 12:37 से रात 10:54 तक भद्रा काल रहेगा. ऐसे में 10 अक्टूबर को करवा चौथ पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा और सुहागिनें भद्रा रहित मुहूर्त में पूजा करेंगी.

भद्रा और उसके प्रभाव

भद्रा को भगवान सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन माना गया है. भद्रा के उग्र स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ब्रह्मा जी ने उसे कालगणना या पंचांक के एक प्रमुख अंग विष्टि करण में स्थान दिया. ज्योतिष में एक तिथि के दौरान चंद्रमा और सूर्य की गति के बीच जो 11 करण होते हैं, उनमें से एक का नाम ‘भद्रा’ है. भद्रा अलग-अलग राशियों के अनुसार तीनों लोक (स्वर्गलोक, पृथ्वीलोक और पाताल लोक) में घूमती है. भद्रा के पृथ्वी लोक में होने से शुभ कार्य और पूजा-पाठ वर्जित होते हैं. लेकिन भद्रा का वास जब स्वर्गलोक में होता है, तब पृथ्वी पर भद्रा का प्रभाव नहीं पड़ता है. वहीं भद्रा जब पाताल लोक में होती है तब वह पृथ्वी लोक के लिए शुभ फलदायी होती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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