जब ट्रेन से एक्टिवा ने लगाई रेस! खिलौने की तरह भगाते दिखे हुड़दंगी- वीडियो देख खौल उठेगा खून

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सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ ऐसा देखने को मिल जाता है जो लोगों को हैरान कर देता है. खासकर सड़क पर स्टंट करने वाले युवाओं के वीडियो तेजी से वायरल हो जाते हैं. एक ऐसा ही वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर छाया हुआ है जिसमें तीन लड़के अपनी जान को दांव पर लगाकर एक्टिवा को ट्रेन के साथ रेस कराते नजर आ रहे हैं. वीडियो देखकर कोई भी यही कहेगा कि यह न सिर्फ लापरवाही है बल्कि खतरनाक खेल भी है. 

ट्रेन से एक्टिवा की लगाई रेस, वीडियो देख हैरान रह जाएंगे आप

वीडियो में दिखता है कि एक्टिवा की हालत खराब हो चुकी है. उसकी बेल्ट बुरी तरह से आवाज कर रही है. लेकिन तीनों लड़के मानो किसी मिशन पर हों. वे हार मानने को तैयार ही नहीं और स्कूटी को पूरी रफ्तार से दौड़ाए जा रहे हैं. इस खतरनाक हरकत ने लोगों को हक्का-बक्का कर दिया है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रेलवे ट्रैक के पास से एक ट्रेन गुजर रही है.

ट्रेन के पैरेलल रोड पर तीन लड़के एक एक्टिवा पर सवार हैं. वे न सिर्फ खुद की जान खतरे में डाल रहे हैं बल्कि दूसरों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं. स्कूटी की हालत देखते ही बन रही है. बेल्ट चिल्ला रही है और इंजन पूरी तरह से चीख रहा है. इसके बावजूद लड़के उसे और तेज दौड़ाने की कोशिश कर रहे हैं. यह नजारा इतना खतरनाक है कि देखने वालों की सांसें अटक जाएं.

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यूजर्स ने पुलिस को किया टैग, पूछा कार्रवाई कब?

लोगों ने वीडियो पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं. किसी ने कहा कि यह युवाओं की बेवकूफी है तो किसी ने इसे “स्टंट का बेतुका शौक” बताया. कई लोगों ने रेलवे और ट्रैफिक पुलिस को टैग कर इन लड़कों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो अब हजारों बार शेयर हो चुका है और लगातार चर्चा में बना हुआ है. वीडियो को Avneet Khurana नाम के फेसबुक अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

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WhatsApp हैक हो गया? तुरंत उठाएं ये 5 कदम नहीं तो पूरा फोन पड़ जाएगा खतरे में, जानिए पूरी जानकारी

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WhatsApp की सेटिंग में जाकर Linked Devices या “लिंक्ड डिवाइस” चेक करें बहुत बार हैकर किसी अन्य डिवाइस से आपके अकाउंट को लॉग-इन कर देता है खासकर WhatsApp Web के जरिए. अगर कोई अंजान डिवाइस दिखे तो उसे तुरंत लॉग आउट कर दें.

WhatsApp की सेटिंग में जाकर Linked Devices या “लिंक्ड डिवाइस” चेक करें बहुत बार हैकर किसी अन्य डिवाइस से आपके अकाउंट को लॉग-इन कर देता है खासकर WhatsApp Web के जरिए. अगर कोई अंजान डिवाइस दिखे तो उसे तुरंत लॉग आउट कर दें.

इसके बाद अपने फोन से भी WhatsApp लॉग-आउट करके दोबारा लॉग-इन करने का प्रयास करें; जब आप री-लॉगिन करेंगे तो आपके नंबर पर SMS के जरिए वेरिफिकेशन कोड आएगा और अक्सर पुराने सत्र अपने आप डिस्कनेक्ट हो जाते हैं. अगर हैकर वापस लॉग-इन करने की कोशिश करेगा तो उसे वही वेरिफिकेशन कोड चाहिए होगा इसलिए ये कदम बेहद जरूरी है.

इसके बाद अपने फोन से भी WhatsApp लॉग-आउट करके दोबारा लॉग-इन करने का प्रयास करें; जब आप री-लॉगिन करेंगे तो आपके नंबर पर SMS के जरिए वेरिफिकेशन कोड आएगा और अक्सर पुराने सत्र अपने आप डिस्कनेक्ट हो जाते हैं. अगर हैकर वापस लॉग-इन करने की कोशिश करेगा तो उसे वही वेरिफिकेशन कोड चाहिए होगा इसलिए ये कदम बेहद जरूरी है.

इसके बाद WhatsApp के सपोर्ट (support@whatsapp.com) को रिपोर्ट भेजें और अपनी स्थिति बताकर मदद मांगे. साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराना भी बेहद उपयोगी है, भारत में आप 1930 नंबर या आधिकारिक साइबर क्राइम वेबसाइट के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं.

इसके बाद WhatsApp के सपोर्ट (support@whatsapp.com) को रिपोर्ट भेजें और अपनी स्थिति बताकर मदद मांगे. साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराना भी बेहद उपयोगी है, भारत में आप 1930 नंबर या आधिकारिक साइबर क्राइम वेबसाइट के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं.

यदि आपको शक है कि आपकी SIM स्वैप हुई है या मोबाइल नंबर किसी अन्य के पास चला गया है तो तुरंत अपने नेटवर्क ऑपरेटर से संपर्क कर SIM ब्लॉक/रिकवरी करवा लें कई बार हैकर SIM से ही कंट्रोल ले लेते हैं.

यदि आपको शक है कि आपकी SIM स्वैप हुई है या मोबाइल नंबर किसी अन्य के पास चला गया है तो तुरंत अपने नेटवर्क ऑपरेटर से संपर्क कर SIM ब्लॉक/रिकवरी करवा लें कई बार हैकर SIM से ही कंट्रोल ले लेते हैं.

जब आप अकाउंट वापस ले लेते हैं तो तुरन्त टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) ऑन कर दें और मजबूत पिन सेट करें. न सिर्फ WhatsApp बल्कि उन किसी भी सर्विस के पासवर्ड बदल दें जिनसे आपका WhatsApp लिंक्ड है जैसे Gmail या किसी भी सोशल अकाउंट.

जब आप अकाउंट वापस ले लेते हैं तो तुरन्त टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) ऑन कर दें और मजबूत पिन सेट करें. न सिर्फ WhatsApp बल्कि उन किसी भी सर्विस के पासवर्ड बदल दें जिनसे आपका WhatsApp लिंक्ड है जैसे Gmail या किसी भी सोशल अकाउंट.

साथ ही बैंक और UPI ऐप्स पर अलर्ट और अनऑथराइज्ड ट्रांज़ैक्शन की निगरानी तेज करें. घबराने से बेहतर है कि आप अपने करीबी लोगों को अलर्ट कर दें और किसी भी फर्जी पैसे की रिक्वेस्ट पर ध्यान न दें.

साथ ही बैंक और UPI ऐप्स पर अलर्ट और अनऑथराइज्ड ट्रांज़ैक्शन की निगरानी तेज करें. घबराने से बेहतर है कि आप अपने करीबी लोगों को अलर्ट कर दें और किसी भी फर्जी पैसे की रिक्वेस्ट पर ध्यान न दें.

आखिर में समझ लें कि सतर्कता सबसे बड़ी सुरक्षा है अनजान लिंक पर क्लिक न करें ओटीपी कभी किसी को न दें और नियमित रूप से WhatsApp के लिंक्ड डिवाइसेस की जांच करते रहें. अगर आप तुरंत और ठंडे दिमाग से कदम उठाएंगे तो ज्यादातर नुकसान रोका जा सकता है.

आखिर में समझ लें कि सतर्कता सबसे बड़ी सुरक्षा है अनजान लिंक पर क्लिक न करें ओटीपी कभी किसी को न दें और नियमित रूप से WhatsApp के लिंक्ड डिवाइसेस की जांच करते रहें. अगर आप तुरंत और ठंडे दिमाग से कदम उठाएंगे तो ज्यादातर नुकसान रोका जा सकता है.

Published at : 08 Oct 2025 03:34 PM (IST)

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‘भारत तभी एकजुट था, जब उस पर औरंगजेब का शासन था’, पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ का भड़का

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को एक बार फिर भारत के साथ युद्ध का डर सताने लगा है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के साथ एक और युद्ध की संभावना बहुत ज्यादा है. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इस दौरान औरंगजेब का भी जिक्र किया. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में भारत के आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चेतावनी दिया कि इस बार हम कुछ ऐसा करेंगे कि पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा कि क्या वह नक्शे में बने रहना चाहता है या नहीं.

‘भारत तभी एकजुट था, जब उस पर औरंगजेब का शासन था’

भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा, “मुगल बादशाह औरंगजेब के शासन के अलावा भारत कभी भी एकजुट राष्ट्र नहीं रहा है. पाकिस्तान का निर्माण अल्लाह के नाम पर हुआ था. घर में हम बहस करते हैं और प्रतिस्पर्धा करते हैं. भारत के साथ लड़ाई में हम एकजुट हो जाते हैं.” पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने दावा किया कि भारत के साथ युद्ध की संभावनाएं वास्तविक हैं.

अंग्रेजों से मिली आजादी के बाद सात दशकों से अधिक समय तक भारत एक स्थिर और एकीकृत लोकतंत्र बना रहा है, जबकि पाकिस्तान में कई सैन्य तख्तापलट और आंतरिक विभाजन हुए हैं.

भारत से डरे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “इस्लामाबाद भारत के साथ किसी भी तरह का तनाव नहीं चाहता है. इस बार जोखिम असली है जिससे मैं इनकार नहीं कर रहा हूं. अगर युद्ध की नौबत आई तो अल्लाह की मर्जी से हम पहले से बेहतर नतीजे हासिल करेंगे.”

भारत के आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वह आतंकवाद का समर्थन जारी रखता है तो इस्लामाबाद का नाम दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा. अगर वह दुनिया के नक्शे पर अपनी जगह बनाए रखना चाहता है तो उसे अपने देश से आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करना होगा.”

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गौतम गंभीर के घर डिनर पार्टी, सिराज-राहुल-गिल के साथ स्टाफ मेंबर्स भी पहुंचे; सामने आया वीडियो

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Gautam Gambhir House Dinner Party: भारत और वेस्टइंडीज के बीच अगला टेस्ट मैच दिल्ली में खेला जाना है. इसके लिए भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी दिल्ली आए हैं. वहीं टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर का घर दिल्ली में हैं, इसलिए गंभीर ने दूसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों को अपने घर डिनर पर बुलाया है. भारत की टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल के साथ केएल राहुल, मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह समेत पूरी टीम गंभीर के घर दावत पर पहुंची है. भारतीय खिलाड़ियों के साथ ही सभी स्टाफ मेंबर्स भी हेच कोच के घर खाने पर आए हैं.

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दिव्या भारती की 10 तस्वीरें, खूबसूरती बेमिसाल, जिंदा होतीं तो इनके सामने नहीं टिक पाती कोई भी एक्ट्रेस

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दिव्या भारती की 10 तस्वीरें, खूबसूरती बेमिसाल, जिंदा होतीं तो इनके सामने नहीं टिक पाती कोई भी एक्ट्रेस

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Video: मां ने दूध से नहलाया, शेरवानी पहन काटा केक, शख्स ने परिवार संग मनाया तलाश का जश्न

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Karnataka News: कर्नाटक से एक अजीब और दिलचस्प खबर सामने आई है. यहां एक युवक ने अपने तलाक को किसी गम की तरह नहीं, बल्कि एक जश्न की तरह मनाया. सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें वह खुशी-खुशी केक काटते और दूध से नहाते हुए नजर आ रहा है.

केक काटकर की नई जिंदगी की शुरुआत 

वीडियो में युवक ने अपने घर में हैप्पी डिवोर्स लिखा हुआ केक काटा और चेहरे पर मुस्कान के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत का ऐलान किया. वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़के की मां ने उसे पहले दूध से नहीं लाया और फिर पानी से नहलाया जिसके बाद वह तैयार हुआ और केक काटा.

खास बात यह रही कि उसने अपनी पत्नी को 120 ग्राम सोना और 18 लाख रुपये नकद भी दिए, जिससे यह तलाक आपसी सहमति से शांतिपूर्वक खत्म हुआ. युवक का कहना है कि तलाक किसी की हार नहीं, बल्कि नई शुरुआत का मौका होता है.

सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल 

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को अब तक 3.4 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है. लोगों की प्रतिक्रियाएं भी मिली-जुली हैं. कुछ यूजर्स कह रहे हैं कि यह असली फ्रीडम डे है, जबकि कुछ ने इसे मजाकिया अंदाज में लिया. कई लोगों ने कहा कि अगर शादी खुशियों के साथ मनाई जाती है, तो तलाक को भी एक नई शुरुआत के तौर पर देखा जा सकता है.

युवक का संदेश साफ है, मेरी जिंदगी, मेरे नियम. मैं सिंगल हूं और खुश हूं. उसने बताया कि उसने यह सब इसलिए किया ताकि लोग समझें कि जिंदगी का अंत किसी रिश्ते के टूटने से नहीं होता, बल्कि वहां से एक नया अध्याय शुरू होता है. हालांकि, समाज में कुछ लोग इस तरह के कदम को गलत भी मान रहे हैं. कई लोगों ने टिप्पणी की कि आजकल रिश्ते बहुत जल्दी टूट रहे हैं और जिम्मेदारी का भाव कम होता जा रहा है. 


कौन है वांग जिस पर मार्क जुकरबर्ग ने खेला दांव, 14 अरब डॉलर खर्च कर बनाया सुपरइंटेलिजेंस चीफ

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Meta Hired Alexandr Wang: आज की तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश कर रही हैं. AI के आगमन के साथ आईटी इंडस्ट्री की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है. इसी दिशा में फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने एक बड़ा फैसला लिया है — कंपनी ने 28 वर्षीय एलेक्ज़ेंडर वांग (Alexandr Wang) को अपना नया AI ऑफिसर और Meta Superintelligence Labs का मुख्य अधिकारी (Chief) नियुक्त किया है.

वांग के स्टार्टअप में 14 अरब डॉलर का निवेश

मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने वांग के स्टार्टअप में 14 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है. इतना ही नहीं, उन्होंने वांग को मेटा के पूरे AI ऑपरेशन का प्रमुख भी बना दिया है. अब वांग Meta Superintelligence Program के तहत दुनिया के सबसे बेहतरीन तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य भविष्य के “Superintelligent AI सिस्टम” को विकसित करना है.

Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, वांग ने एक आंतरिक मेमो में कहा — “Superintelligence आ रही है. अगर हमें इसे गंभीरता से लेना है, तो हमें रिसर्च, प्रोडक्ट और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रमुख क्षेत्रों के इर्द-गिर्द खुद को संगठित करना होगा.” उनके इस बयान से साफ है कि मेटा अब केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक AI-Driven टेक जायंट बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है.

कौन हैं एलेक्ज़ेंडर वांग?

एलेक्ज़ेंडर वांग का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है. साल 2016 में, जब वे मात्र 19 वर्ष के थे, उन्होंने अपनी दोस्त लूसी गुओ (Lucy Guo) के साथ मिलकर Scale AI नामक स्टार्टअप की स्थापना की. दोनों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में दिन-रात मेहनत की — एयर मैट्रेस पर सोना, लगातार प्रयोग करना और सीमित संसाधनों में अपना सपना साकार करना. उनकी यह मेहनत रंग लाई और Scale AI जल्द ही AI ट्रेनिंग डेटा के क्षेत्र में एक अग्रणी कंपनी बन गई.

मेटा में नई रणनीति — टीम का पुनर्गठन

मेटा में शामिल होने के बाद, वांग ने कंपनी के AI विभाग का पुनर्गठन (Restructuring) शुरू कर दिया है. उन्होंने पूरी AI टीम को चार अलग-अलग समूहों में बांटा है ताकि हर ग्रुप अपने फोकस एरिया — रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन — पर पूरी क्षमता से काम कर सके.

मेटा का यह कदम इस बात का संकेत है कि कंपनी अब “सोशल नेटवर्क” से आगे बढ़कर सुपरइंटेलिजेंस के युग की तैयारी कर रही है. एलेक्ज़ेंडर वांग, जिन्होंने 19 साल की उम्र में अपनी स्टार्टअप से सिलिकॉन वैली में नाम कमाया, अब उस टेक्नोलॉजी को आकार दे रहे हैं जो भविष्य को परिभाषित करेगी. मेटा का विज़न अब केवल लोगों को जोड़ने तक सीमित नहीं, बल्कि इंसान और मशीन की सोच के बीच पुल बनाने का है — और इस यात्रा के केंद्र में हैं एलेक्ज़ेंडर वांग.

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Video: सांड ने चेक की लैंबॉर्गिनी की बिल्ड क्वालिटी! छत पर चढ़ तोड़े शीशे-बोनट, वीडियो वायरल

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Lamborghini Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क पर अचानक दो सांड दौड़ते हुए आ रहे हैं. कुछ ही सेकंड में एक सांड सीधा सड़क किनारे खड़ी एक महंगी लैंबॉर्गिनी कार के ऊपर चढ़ जाता है. जिससे कार बुरी तरह टूट जाती है. यह नजारा देख लोग सन्न रह गए.

 बुरी तरह से टूट गई करोड़ों की लैंबॉर्गिनी 

वीडियो में साफ दिख रहा है कि दोनों सांड किसी बात पर आपस में भिड़े हुए थे और तेजी से भागते हुए सड़क पार कर रहे थे. तभी एक सांड सीधे जाकर लैंबॉर्गिनी की बोनट पर चढ़ गया. उसके वजन और टक्कर से कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह से टूट-फूट गया. शीशे, हेडलाइट, बोनट और फ्रंट बंपर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए.

यह नजारा देखकर वहां खड़े लोग चकित और घबराए नजर आए. कुछ लोग चिल्लाते हुए साइड में भाग गए, जबकि कुछ ने मोबाइल निकालकर पूरा नजारा वीडियो में कैद कर लिया. कुछ ही सेकंड में सांड कार से उतरकर फिर भाग निकला और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई.

वीडियो पर लोग दे रहे तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं

वीडियो सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कोई कह रहा है, लैंबॉर्गिनी भी सांड के आगे बेबस हो गई, तो कोई मजाक में लिख रहा है, सांड ने शायद कार का नाम सुना और सोचा यह भी मेरे परिवार की है. लोगों के अनुसार, यह घटना किसी शहरी इलाके की मुख्य सड़क पर हुई. वहां अक्सर सांडों का आना-जाना रहता है, लेकिन इस तरह की घटना पहली बार देखी गई.


कफ सिरप से अब तक कितने बच्चों ने गंवाई जान, जानें कितने राज्यों में इसका खौफ?

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कई राज्यों में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत हो गई है. दरअसल, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे पहले यह मामला सामने आया, जिसमें कफ सिरप पीने से छोटे बच्चों की किडनी फेल हो गई और उनकी जान चली गई. अब धीरे-धीरे इससे होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है. इसके बाद से ही सरकारें और पुलिस दोनों इस मामले को लेकर गंभीर हो गए हैं. आइए जानते हैं कि इस जहरीले कफ सिरप ने किन राज्यों में कितने मासूमों की जान ली है?      

अब तक कितने बच्चों ने गंवाई जान?

कोल्ड्रिफ कंपनी का कफ सिरप पीने से कई राज्यों में बच्चों की मौतें हुई हैं. मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला का कहना है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा जिलों में 7 सितंबर से लेकर अब तक 20 बच्चों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है. इसमें सबसे ज्यादा 17 मौतें अकेले छिंदवाड़ा में हुई हैं. इसके बाद यहां बीते 24 घंटों में मौत के 4 नए मामले भी सामने आए हैं. दूसरी ओर राजस्थान में 3 बच्चों को इस जहरीले कफ सिरप का खमियाजा भुगतना पड़ा. 

किन राज्यों में कफ सिरप का खौफ?

सिरप के इस्तेमाल से गई जानों के बाद अब सभी राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्था अलर्ट मोड में आ चुकी है. मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलावा बाकी राज्यों में भी इसका खौफ देखने को मिल रहा है. इसके चलते केरल, तमिलनाडु और पंजाब में कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इसके अलावा सिरप बनाने वाली इस कंपनी पर सख्ती दिखाई है और दवाइयों की जांच के आदेश भी दिए हैं. 

कफ सिरप से क्यों जा रही जान?

छोटे बच्चों को दिए जाने वाले इस कफ सिरप में मौजूद डायएथिलीन ग्लायकॉल नाम के खतरनाक केमिकल ने बच्चों की जान ली है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह केमिकल सीधे किडनी को डैमेज करता है . यह ऐसा केमिकल है, जिसका इस्तेमाल पेंट इंडस्ट्री में किया जाता है. इसको पीने से उल्टी, दस्त और कुछ दिन बाद पेशाब बंद होने जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं, जिसके बाद किडनी फेल के चलते इंसान की मौत हो जाती है.

सरकार ने दिए जांच के आदेश 

कोल्ड्रिफ कंपनी के इस जानलेवा कफ सिरप के सभी प्लांट्स पर राज्य सरकारों ने भी एक्शन लिया है, जिसके बाद इसकी बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ बाजार में मौजूद इसके एक्स्ट्रा स्टॉक्स को भी हटवा लिया गया है. साथ ही, इसके सभी प्लांट्स पर बनने वाली दवाओं की जांच के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.   

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अक्टूबर 2025: पांच ग्रहों की चाल से हिल जाएगा करियर! दिवाली के बाद किसे मिलेगी जॉब में सफलता?

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अक्टूबर 2025 वो महीना है जब ग्रहों की चाल सीधी नहीं बल्कि उलझी हुई है. एक साथ पांच प्रमुख ग्रह, बुध, शुक्र, सूर्य, गुरु और मंगल, राशि परिवर्तन करेंगे. ऐसा संयोग कई वर्षों बाद बन रहा है और ज्योतिष ग्रंथ साफ चेतावनी देते हैं, जब एक साथ पांच ग्रह राशि बदलें, तो कर्म और प्रतिष्ठा की परीक्षा होती है.

दिवाली के बीच इस महीने ग्रहों की चाल ऐसी है जैसे किसी ऑफिस में एक साथ मैनेजर, बॉस और HR तीनों का मूड बिगड़ जाए, काम वही, लेकिन दबाव दोगुना हो जाए.

बुध-सूर्य की टक्कर: ऑफिस पॉलिटिक्स और गलतफहमी का विस्फोट

2 अक्टूबर को बुध का कन्या राशि में उदय हो चुका है और 3 अक्टूबर से तुला राशि में गोचर कर रहा है. यह वही ग्रह है जो दिमाग, शब्द और समझ का स्वामी माना जाता है. वहीं 17 अक्टूबर को सूर्य तुला में प्रवेश करते ही नीचस्थ हो जाएगा.

अब जरा सोचिए, एक ओर बुद्धि का ग्रह (बुध) बार-बार राशि बदल रहा है और दूसरी ओर आत्म-सम्मान का ग्रह (सूर्य) अपनी कमजोरी की अवस्था में है. नतीजा, मिसकम्युनिकेशन, अहंकार और गलतफहमी का विस्फोट.

ऑफिस में छोटी बात भी बड़ी बन सकती है. कोई ईमेल गलत टाइम पर भेजा तो पूरा प्रोजेक्ट रुक सकता है. किसी मीटिंग में बोले गए शब्द को गलत समझ लिया गया तो रिलेशनशिप टूट सकता है.

बृहत् पराशर होराशास्त्र में कहा गया है

नीचस्थो भानुर्भवेन्मानहानिः, जब सूर्य नीच हो, तो व्यक्ति का मान-प्रतिष्ठा घटती है. इसलिए इस महीने कहने से ज़्यादा सोचने का समय है. जो भी बोलें, दो बार सोचकर बोलें.

शुक्र का नीच होना, क्या फल देगा

9 अक्टूबर 2025 से शुक्र कन्या राशि में प्रवेश करेगा, यानी अपने नीच स्थान में. शुक्र को भोग, सौंदर्य और आकर्षण का ग्रह कहा गया है. लेकिन जब यह कन्या में आता है तो व्यक्ति का फोकस चमक-दमक से हटकर कर्तव्य पर जाता है.

यह वह समय है जब ऑफिस की पार्टी से ज़्यादा बॉस का मूड पढ़ना ज़रूरी है. जो लोग दिखावे या सोशल मीडिया के प्रभाव में निर्णय लेंगे, वे पछताएंगे.

फलदीपिका क्या कहती है?

कन्यायां नीचो भोगहानिकारकः. यानी जब शुक्र कन्या में हो तो भोग-विलास घटता है और संघर्ष बढ़ता है. जो कर्मचारी अपने पैसे को दिखावे में खर्च करते हैं, फैशन, फोन, ट्रेंड या घुमक्कड़ी में, उनके लिए यह महीना भारी पड़ सकता है. क्योंकि यह वही समय है जब बैंक बैलेंस भी अहंकार की तरह गिर सकता है.

मंगल का आगमन: पावर स्ट्रगल और परफॉर्मेंस प्रेशर

27 अक्टूबर को मंगल अपनी ही राशि वृश्चिक में प्रवेश करेगा. यह गोचर जितना शक्तिशाली है, उतना ही विस्फोटक भी. मंगल कर्म, एक्शन और संघर्ष का कारक है. वृश्चिक राशि उसे गहराई और रणनीति देती है. यानी यह समय साइलेंट परफॉर्मेंस वर्सेस ओपन रिबेल का है. जो शांत रहकर काम करेंगे, वे जीतेंगे. जो गुस्से में जवाब देंगे, वे हारेंगे.

जातक पारिजात कहता है?

स्वक्षेत्रे बलवान् कुजो विजयं ददाति. यानी मंगल अपनी राशि में हो तो विजय देता है, पर अनुशासन आवश्यक है. इसलिए अगर आप किसी कॉर्पोरेट वॉर या प्रोजेक्ट-रिव्यू के दौर में हैं, याद रखें, धैर्य ही असली ताकत है.

इस समय Workplace Politics अपने चरम पर होगी. कई लोग आपकी सफलता से चिढ़ सकते हैं, लेकिन उन्हें जवाब देने से बेहतर है, साइलेंस से जवाब देना.

गुरु का कर्क में गोचर: दिवाली से चमकेगा भाग्य

दिवाली से एक दिन पहले 19 अक्टूबर 2025 को बृहस्पति कर्क राशि में प्रवेश करेगा. यह ग्रह ज्ञान, अवसर और भाग्य का दाता है. कर्क राशि जल तत्व की होने के कारण यह गोचर भावनाओं के सहारे सफलता दिला सकता है.

जिन लोगों ने अब तक ईमानदारी से मेहनत की है, उन्हें इस महीने अचानक रिवॉर्ड या अप्रेज़ल मिल सकता है. पर जो भावनात्मक होकर निर्णय लेंगे, उन्हें नुकसान भी हो सकता है. यह समय है जब कर्म और करुणा दोनों का बैलेंस बनाना होगा.

जातक पारिजात: गुरु देंगे कर्मों का शुभ फल

कर्के गुरुश्च शुभं कर्म फलप्रदः. जब गुरु कर्क में हो, तो कर्म का शुभ फल देता है.

जो लोग ट्रांसफर, प्रमोशन या नई नौकरी के लिए प्रयासरत हैं, उनके लिए यह महीना निर्णायक साबित होगा. बस एक बात ध्यान रखें, निर्णय भावनाओं में नहीं, विवेक से लें.

बुध का वृश्चिक गोचर: Secrets और Strategy का खुलासा

24 अक्टूबर को बुध वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा. बुध जब वृश्चिक में आता है तो दिमाग गहरा सोचता है, लेकिन कभी-कभी जरूरत से ज्यादा शक्की भी बन जाता है.

इस समय ऑफिस के सीक्रेट्स, पुराने ईमेल या चैट लीक जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं. आपके बारे में जो बातें पर्दे के पीछे चल रही थीं, वे अब खुल सकती हैं.

इसलिए यह महीना कहता है, Trust carefully, Talk selectively. जो चीज़ जरूरी नहीं है, उसे किसी के साथ शेयर न करें. क्योंकि यह समय गहराई में जाकर छिपी सच्चाइयों को उजागर करता है.

सूर्य का नीच होना: अहंकार और आत्मसम्मान पर खतरा!

दिवाली से तीन दिन पहले यानी 17 अक्टूबर को जब सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेगा, तब वह नीच का हो जाएगा. यह काल Leadership Crisis Period कहलाता है. जो लोग ऑफिस में बॉस के बराबरी का रुख अपनाते हैं, उनके लिए यह समय खतरे का सिग्नल है.

सूर्य का नीचत्व यह बताता है कि इस महीने Power Display से ज्यादा जरूरी Humility है. आपका आत्मसम्मान तभी सुरक्षित रहेगा, जब आप अहंकार को किनारे रखेंगे. जो लोग विनम्र रहेंगे, वे अपने सीनियर्स की कृपा से आगे बढ़ेंगे.

करियर के लिए निर्णायक महीना, ये गलतियां न करें

  1. सालाना रिपोर्टिंग या परफॉर्मेंस डिस्कशन में बहस न करें.
  2. सोशल मीडिया पर निजी राय या शिकायत पोस्ट करने से बचें.
  3. किसी भी मेल या नोटिस का जवाब गुस्से में न दें.
  4. टाइम मैनेजमेंट और कम्युनिकेशन दोनों पर फोकस बढ़ाएं.
  5. नए प्रोजेक्ट या ट्रांसफर के निर्णय 25 अक्टूबर के बाद ही लें.

क्या करें इस समय में

  • सोमवार को भगवान शिव की उपासना करें, बुध-सूर्य दोष शमन के लिए.
  • मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, मंगल की आक्रामकता को शांत करने के लिए.
  • गुरुवार को पीली दाल या चने का दान करें, गुरु का आशीर्वाद पाने के लिए.
  • ऑफिस में उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा रखें, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी.

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः. गुरु साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः. यह श्लोक हमें याद दिलाता है कि जीवन में गुरु, यानी अनुभव, ही सबसे बड़ा मार्गदर्शक है. और अक्टूबर का यह महीना उसी अनुभव की अग्नि में तपाने वाला है.

काम से जवाब देंगे, वही आगे बढ़ेंगे

अक्टूबर 2025 कर्म और अहंकार की भिड़ंत का महीना है. जो लोग शब्दों से नहीं, काम से जवाब देंगे, वही आगे बढ़ेंगे. ग्रहों की चाल कहती है कि यह समय नुकसान का नहीं, सीखने का है. नीच सूर्य, नीच शुक्र और आक्रामक मंगल, यह त्रिकोण आपको डराने नहीं, बल्कि आपको नया नजरिया देने आया है.

इस महीने कोई भी बड़ी गलती आपके साल भर की मेहनत पर पानी फेर सकती है, लेकिन सही संयम आपके लिए 2026 की सबसे बड़ी जीत का रास्ता खोल देगा.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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