बिहार के मधुबनी से दिखीं हिमालय की बर्फीली चोटियां, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ खूबसूरत नजारा

[ad_1]



अरे वाह! बैंक अकाउंट में पैसे नहीं होने पर भी हो जाएगी UPI पेमेंट, इस ऐप में मिलता है खास फीचर

[ad_1]


अब अगर आपके बैंक अकाउंट में बैलेंस नहीं है तो भी आप बिना किसी झंझट के UPI पेमेंट कर पाएंगे. इसके लिए आपको न तो किसी तीसरे व्यक्ति के पास फोन करने की जरूरत होगी और न कोई दूसरी ऐप यूज करनी पड़ेगी. BHIM UPI में ऐसा फीचर मिलता है, जो बैंक अकाउंट में पैसा न होने पर भी पेमेंट की सुविधा देता है. आइए जानते हैं कि यह फीचर क्या है और कैसे काम करता है.

BHIM UPI का UPI Circle फीचर

BHIM UPI में UPI Circle से एक नया फीचर आया है. यह परिवार और दोस्तों समेत जानकार लोगों को अपने UPI अकाउंट से पेमेंट करने का ऑप्शन देता है. इसके लिए पहले यूजर को सर्किल में उन लोगों को जोड़ना होगा, जिसे वह अपने अकाउंट से ट्रांजैक्शन करने की अनुमति देना चाहता है. इस ट्रांजैक्शन के लिए यूजर के पास लिमिट सेट करने का भी ऑप्शन होता है और वह हर ट्रांजैक्शन से पहले मंजूरी दे सकता है. इस फीचर की मदद से परिवार के बुजुर्गों या उन लोगों को मदद मिलेगी, जिनका बैंक अकाउंट नहीं है या जो अपने अकाउंट से UPI यूज नहीं करते.

कैसे सेट करें सर्किल?

BHIM UPI पर सर्किल सेट करने के लिए ऐप खोलें और “UPI Circle” पर टैप करें. अब इसमें एड फैमिली एंड फ्रैंड्स के ऑप्शन को सेलेक्ट करें. इसमें अब आप अपनी मर्जी के उस यूजर्स को जोड़ सकते हैं, जिसे आप अपने अकाउंट से ट्रांजैक्शन की परमिशन देना चाहते हैं. इस व्यक्ति को फोन नंबर और यूपीआई आईडी के जरिए जोड़ा जा सकता है. इसके बाद आपको स्पेंड विद लिमिट और अप्रूवल रिक्वायर्ड का ऑप्शन मिलेगा. इसमें अपनी मर्जी के ऑप्शन को चुनें और इसने कन्फर्म कर दें. अगर आपके स्पेंड विद लिमिट चुना है तो सर्किल में जुड़ा व्यक्ति उस लिमिट से ज्यादा खर्च नहीं कर पाएगा, वहीं अप्रूवल रिक्वायर्ड में आपको हर ट्रांजैक्शन से पहले उस पेमेंट को मंजूरी देनी होगी.

ये भी पढ़ें-

ये संकेत दिखे तो समझो खराब होने वाला है फोन, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

[ad_2]

‘दोनों देश ईमानदारी से निभा रहे रिश्ता’, भारत के लिए फिर से उड़ानें बहाल होने पर बोला चीन

[ad_1]


चीन ने गुरुवार (09 अक्टूबर, 2025) को पांच साल के अंतराल के बाद भारत के साथ सीधी उड़ानें बहाल किए जाने को सकारात्मक कदम करार दिया. चीन ने कहा कि इससे पता चलता है कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बनी सहमति पर ईमानदारी से काम कर रहे हैं.

चीन के आठ दिवसीय राष्ट्रीय अवकाश के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने पहली प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उड़ानें अक्टूबर के अंत तक दोबारा शुरू हो जाएंगी. भारत ने दो अक्टूबर को घोषणा की थी कि चीन के लिए सीधी उड़ानें 26 अक्टूबर से फिर से शुरू होंगी.

‘भारत और चीन ईमानदारी से कर रहे काम’

गुओ ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘यह नवीनतम कदम दर्शाता है कि किस प्रकार दोनों देश 31 अगस्त को तियानजिन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बनी महत्वपूर्ण आम समझ पर ईमानदारी से काम कर रहे हैं.’

मोदी और जिनपिंग ने तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात की थी और अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में अपनी पिछली बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक और लगातार हो रही प्रगति का स्वागत किया था.

‘अच्छा पड़ोसी और साझेदार बनने के लिए चीन तैयार’

गुओ ने कहा कि चीन, भारत के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में देखने और प्रबंधित करने और अच्छे पड़ोसी और साझेदार बनने के लिए तैयार है, जो एक-दूसरे की सफलता के लिए सहयोग करें. उन्होंने दोनों देशों के लोगों और समग्र एशिया के लिए शांति, समृद्धि और बेहतर परिणाम प्राप्त करने में चीन और भारत की साझा जिम्मेदारियों पर जोर देते हुए ‘ड्रैगन और हाथी के सहयोगात्मक संबंध’ के रूपक का प्रयोग किया.

भारत और चीन के बीच उड़ान सेवाएं फिर से शुरू

एयर चाइना जैसी चीन की विमानन कंपनियां पहले दोनों देशों के बीच उड़ानें संचालित करती थीं, लेकिन उन्होंने अब तक उड़ानें दोबारा शुरू करने की योजना की औपचारिक घोषणा नहीं की है. सूत्रों ने बताया कि भारतीय विमानन कंपनी इंडिगो और चाइना ईस्टर्न, दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने वाली पहली दो विमानन कंपनी होंगी.

इंडिगो ने एक बयान में कहा था कि वह 26 अक्टूबर से कोलकाता से गुआंगझोउ के लिए दैनिक उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है. दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाओं को 2020 में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर निलंबित कर दिया गया था. पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय तक जारी सीमा गतिरोध के मद्देनजर उन्हें बहाल नहीं किया गया था.

ये भी पढ़ें:- ‘इजरायल साहब से सवाल पूछिए’, भारत में वीजा नियमों के उल्लंघन पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी

[ad_2]

Karwa Chauth 2025: मनचाहे जीवनसाथी के लिए कुंवारी कन्याएं भी रख सकती हैं करवा चौथ का व्रत?

[ad_1]


Karwa Chauth 2025: करवा चौथ का व्रत सिर्फ सुहागिनों का नहीं, अब कुंवारी कन्याएं भी रख रही हैं यह पवित्र उपवास. कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व आज के बदलते दौर में नया अर्थ पा चुका है.

जहां विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना करती हैं, वहीं अविवाहित कन्याएं भगवान शिव-पार्वती की आराधना कर अपने भावी जीवनसाथी के लिए प्रार्थना करती हैं. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन रखा गया व्रत तप, श्रद्धा और सौभाग्य तीनों का संगम है , चाहे वह विवाहिता हो या कन्या.

करवा चौथ का त्योहार भारतीय संस्कृति में बहुत ही खास महत्व रखता है. यह पर्व कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. खासतौर पर यह व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए रखा जाता है. लेकिन आज के समय में केवल विवाहित महिलाएं ही नहीं, बल्कि कई कुंवारी कन्याएं भी इस व्रत का पालन करती हैं. वे इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की पूजा कर अपने लिए एक अच्छा जीवनसाथी पाने की कामना करती हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुंवारी लड़कियों के लिए करवा चौथ का व्रत रखने में कोई बाधा नहीं है, और उन्हें भी इस व्रत से शुभ फल की प्राप्ति होती है. इसलिए इस पर्व का महत्व केवल पति की लंबी आयु तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विवाहिता और अविवाहित दोनों के लिए आशीर्वाद का प्रतीक है.

करवा चौथ के दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं. सुहागिन महिलाएं अपने पति की खुशहाली और स्वास्थ्य की कामना के लिए यह व्रत करती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा करती हैं. उनका मानना है कि इस पूजा और व्रत से उन्हें मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है. इस दिन कुंवारी लड़कियां पारंपरिक सोलह श्रृंगार का पालन नहीं करतीं, लेकिन वे नए और साफ कपड़े पहनकर इस व्रत की पवित्रता बनाए रखती हैं.

करवा चौथ की रात को चंद्रमा का उदय होना इस व्रत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. इस बार चंद्रमा रात 8 बजकर 13 मिनट पर निकलेगा, और तभी महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देते हुए अपना व्रत खोल सकेंगी.

व्रत की परंपराओं में कुछ अंतर होते हैं जो कुंवारी कन्याओं और सुहागिन महिलाओं के लिए अलग-अलग हैं. सुहागिन महिलाएं छलनी के माध्यम से चंद्रमा को देखकर फिर अपने पति का चेहरा देखकर व्रत खोलती हैं, जबकि कुंवारी लड़कियां तारों को देखकर अपना व्रत खोलती हैं. हालांकि वे भी चंद्रमा को अर्घ्य दे सकती हैं.

इसके अलावा, कुंवारी लड़कियों के लिए सरगी की कोई खास रस्म नहीं होती, जो कि सुहागिन महिलाओं के लिए होती है. साथ ही, व्रत के दौरान कुंवारी लड़कियां दिन में एक बार फलाहार या पानी ले सकती हैं. धार्मिक नियमों के अनुसार, इस दिन तामसिक और अशुद्ध चीजों से दूर रहना चाहिए ताकि व्रत सफल तरीके से पूर्ण हो सके.

[ad_2]

बीवी ने नहीं बनाई मनपसंद सब्जी तो टावर पर चढ़ गया पति, वीडियो देख यूजर्स बोले- यह तो वीरू का बा

[ad_1]


Viral Video: सोशल मीडिया पर आए दिन कोई न कोई अजीब तरह का वीडियो वायरल होते देखा जाता है. अक्सर इन वीडियो में लोग अलग-अलग तरह की हरकतें करते नजर आते हैं. कुछ लोग हद ही पार कर देते हैं जैसे हाल ही में सामने आया वीडियो. इसमें एक पति अपने घर की मनपसंद सब्जी नहीं बनने पर टावर पर चढ़ गया.

यह नजारा देखकर यूजर्स हैरान रह गए और मज़ाक में लिखने लगे कि यह तो वीरू का बाप है. वीडियो को देखकर लोग अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं. कोई चिंता कर रहा है तो कोई हंसी रोक नहीं पा रहा है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. 

पत्नी ने मनपसंद सब्जी नहीं बनाई तो टावर पर चढ़ा पति

सोशल मीडिया पर रोजाना नए और हैरान करने वाले वीडियो सामने आते रहते हैं. हाल ही में ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक पति अपनी पसंदीदा सब्जी न बनने पर गुस्से में टावर पर चढ़ गया. वायरल हो रहे इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कैसे एक शख्त टावर पर चढ़ा हुआ है.

यह भी पढ़ें: Video: पिछले जन्म का बदला! गुस्साए सांड ने शख्स को उठा-उठाकर पटका, जमकर खदेड़ा, वीडियो वायरल

ठीक वैसे ही जैसे शोले फिल्म में धर्मेंद्र यानी वीरू का किरदार चढ़ा था. सोशल मीडिया पर लोग इसे देख अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं, कुछ चिंता कर रहे हैं तो कुछ हंसने से खुद को रोक नहीं पा रहे. वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. 


यह भी पढ़ें: Video: इतनी ऊपर पहुंचा कैसे? हाई-टेंशन तार पर लटका शख्स नीचे गिरा, आपको हिला देगा वायरल वीडियो

बुलानी पड़ी पुलिस तब जाकर उतरा 

पति टावर पर चढ़ने के बाद नीचे उतरने को तैयार नहीं था. जिससे आसपास का माहौल तनावपूर्ण हो गया. लोगों ने इसे देख पुलिस को बुलाना जरूरी समझा. तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने की कोशिश की. लेकिन पति ने उनकी बातों को नजरअंदाज किया. घंटों की कोशिश के बाद ही पुलिस ने किसी तरह उसे टावर से उतारा.


इस दौरान पड़ोसियों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है किस तरह टावर के पास लोगों बैठे हुए नजर आ रहे हैं. और इस शख्स को देख रहे हैं. उनमें से कुछ लोगों ने इस घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड भी कर लिया. इन वीडियो को इंस्टाग्राम पर @durgeshbahaduryadav नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है.

यह भी पढ़ें: Video: पहले कार में मारी टक्कर, फिर स्कूटी को रौंदा, गोवा में BMW कार का कहर, सामने आया वीडियो


रेखा की उम्र कितनी है? एक्ट्रेस के परिवार में कौन कौन है? जानें प्रॉपर्टी से नेटवर्थ तक सब कुछ

[ad_1]


बॉलीवुड की एवरग्रीन एक्ट्रेस रेखा भले ही फिल्मी दुनिया से दूर हो, लेकिन अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर हमेशा से ही चर्चा में बनी रहती हैं. दरअसल एक्ट्रेस ने अपने लंबे बॉलीवुड करियर रियल लाइफ में खूब उतार चढ़ाव देखे हैं. ऐसे में फैंस उनकी लाइफ का हर छोटे से छोटा पहलू जानने के लिए एक्साइटिड रहते हैं. आज हम आपको रेखा की निजी जिंदगी से जुड़ी कई खास बातें बता रहे हैं. जानिए उनकी फैमिली, प्रॉपर्टी और नेटवर्थ के बारे में सबकुछ…..

रेखा कितने साल की हैं?

रेखा का असली नाम भानुरेखा है. जो कल यानि 10 अक्टूबर को 71 साल की होने वाली हैं. उन्होंने साउथ सिनेमा के सुपरस्टार जेमिनी गणेशन के घर जन्म लिया था. उनकी मां का नाम पुष्पावल्ली है. एक्ट्रेस का जन्म एक सुपरस्टार के घर में हुआ था. लेकिन शुरुआत से ही उन्होंने तंगी की जिंदगी झेली. दरअसल एक्ट्रेस के पिता उनके साथ ज्यादा वक्त नहीं रहे. उन्होंने कभी एक्ट्रेस की मां को पत्नी और रेखा को बेटी का दर्जा नहीं दिया था. ऐसे में एक्ट्रेस ने घर चलाने के लिए बहुत छोटी उम्र में ही एक्टिंग शुरू कर दी थी. इसी वजह से रेखा को अपने पिता से नफरत भी थी.

रेखा की उम्र कितनी है? एक्ट्रेस के परिवार में कौन कौन है? जानें प्रॉपर्टी से लेकर नेटवर्थ तक सब कुछ

रेखा के परिवार में कौन कौन है?

रेखा के पिता जेमिनी गणेशन ने 3 शादियां की थी. उनको पहली पत्नी 4 बेटियां थी, दूसरी से 2 बेटियां जिसमें एक रेखा खुद हैं और दूसरी राधा है. तीसरी पत्नी से जेमिनी तो बेटी विजया चामुंडेश्वरी और बेटा सतीश हुआ. इस हिसाब से एक्ट्रेस की 6 बहनें और एक भाई हैं. बता दें कि रेखा का अपने भाई-बहनों से बेहद गहरा बॉन्ड है. ये सभी ग्लैमरस वर्ल्ड से दूर हैं, लेकिन अपनी लाइफ में सेटल है.

रेखा की उम्र कितनी है? एक्ट्रेस के परिवार में कौन कौन है? जानें प्रॉपर्टी से लेकर नेटवर्थ तक सब कुछ

रेखा की नेटवर्थ कितनी है?

रेखा ने अपना करियर साउथ फिल्मों के साथ ही शुरू किया था. इसके बाद एक्ट्रेस ने बॉलीवुड की तरफ रुख किया. यहां शुरुआत में उन्हें छोटे-मोटे रोल मिले. फिर फिल्म ‘सावन भादों’ से उन्हें इंडस्ट्री में पहचान मिली. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट फिल्में दी. सालों के लंबे करियर में रेखा ने नाम के साथ-साथ खूब शोहरत भी हासिल की. कोईमोई की एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेखा की नेटवर्थ 332 करोड़ रुपए है. एक्ट्रेस के पास ऑडी A8, मर्सिडीज बेंज S क्लास, रोल्स रॉयस घोस्ट और BMW जैसी गाड़ियों में घूमती हैं.

रेखा की उम्र कितनी है? एक्ट्रेस के परिवार में कौन कौन है? जानें प्रॉपर्टी से लेकर नेटवर्थ तक सब कुछ

रेखा के पास कहां-कहां प्रॉपर्टी है?

रेखा भले ही फिल्मों में एक्टिव ना हो, लेकिन ब्रांड एंडोर्समेंट, टीवी शोज में गेस्ट एपीरियंस और इवेंट्स के जरिए मोटी कमाई करती हैं. एक्ट्रेस मुंबई शहर के बांद्रा इलाके में एक आलीशान बंगला है. जिसकी कीमत 100 करोड़ रुपए है. इसके अलावा एक्ट्रेस के साउथ इंडिया में भी कई घर हैं. जिनसे उनको हर महीने मोटा किराया मिलता है. रेखा ने रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट कर रखी है.

रेखा की उम्र कितनी है? एक्ट्रेस के परिवार में कौन कौन है? जानें प्रॉपर्टी से लेकर नेटवर्थ तक सब कुछ

मुकेश अग्रवाल से हुई थी शादी

रेखा ने अपना दिल भले ही बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन को दिया हो, लेकिन दोनों कभी एक नहीं हो पाए. ऐसे में एक्ट्रेस ने बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से शादी कर ली थी. लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही मुकेश ने आत्महत्या कर ली थी. खबरों के अनुसार वो डिप्रेशन से जूझ रहे थे.

ये भी पढ़ें – 

Maharani 4 की रिलीज डेट कंफर्म, हुमा कुरैशी की सीरीज का धांसू ट्रेलर भी देख लें

 

 

[ad_2]

JNU में महिला छात्रों और शिक्षकों की संख्या में बड़ी गिरावट, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

[ad_1]


देश की प्रमुख शिक्षा संस्थाओं में शुमार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पिछले दस सालों में महिला छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट देखी गई है. जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट ‘State of the University’ (अक्टूबर 2025 अपडेट) में यह जानकारी साझा की. रिपोर्ट के अनुसार अब विश्वविद्यालय में महिला छात्र कुल संख्या का आधे से भी कम हिस्सा बन गए हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2016-17 में जेएनयू में महिला छात्रों की संख्या 51.1% थी, जो अब घटकर 43.1% हो गई है. यानी महिला छात्र अब विश्वविद्यालय में अल्पसंख्यक की श्रेणी में आ गई हैं. JNUTA ने इसे लिंग असमानता का गंभीर संकेत बताया है और कहा कि विश्वविद्यालय के सामाजिक समावेशन के पिछले प्रयास, जो महिला छात्रों की संख्या बढ़ाने में सफल रहे थे, अब उलट रहे हैं.

महिला शिक्षक भी हुए प्रभावित

महिला शिक्षकों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है. 31 मार्च 2025 तक कुल 700 शिक्षकों में केवल 208 महिलाएं थीं, यानी 29.7%. यह आंकड़ा 2022 और 2016 के आंकड़ों से भी कम है. JNUTA ने इसे विश्वविद्यालय में महिला शिक्षा और नेतृत्व की स्थिति पर चिंता का कारण बताया.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि महिला छात्रों की संख्या में गिरावट के पीछे विश्वविद्यालय द्वारा अपनी प्रवेश परीक्षाओं का संचालन बंद करना और रिसर्च प्रोग्राम में “डिप्रिवेशन प्वाइंट सिस्टम” को हटाना एक बड़ा कारण हो सकता है. इस सिस्टम के तहत सामाजिक रूप से पिछड़े छात्रों को अतिरिक्त अंक दिए जाते थे, ताकि उन्हें दाखिला लेने में मदद मिल सके.

इसके अलावा, महिला छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण भी घट गया है. 2017 में जेएनयू के GSCASH (Gender Sensitisation Committee Against Sexual Harassment) को हटाकर ICC (Internal Complaints Committee) बनाया गया. JNUTA का आरोप है कि ICC अब स्वतंत्र संस्था नहीं रही, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन का एक हिस्सा बन गई है. इससे महिला छात्र असुरक्षित महसूस कर रही हैं और यौन उत्पीड़न की घटनाओं की रिपोर्टिंग में कमी आई है.

अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की संख्या में भी गिरावट

सिर्फ महिलाओं तक ही नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) के छात्रों की संख्या में भी कमी आई है. 2021-22 में SC छात्रों की संख्या 1,500 थी, जो अब घटकर 1,143 हो गई है. इसी तरह ST छात्रों की संख्या 741 से घटकर 545 हो गई. इस कारण SC छात्रों का विश्वविद्यालय में हिस्सा 15% से घटकर 14.3% और ST छात्रों का हिस्सा 7.4% से घटकर 6.8% हो गया, जो आरक्षित प्रतिशत से कम है.

JNUTA ने इस गिरावट को विश्वविद्यालय में प्रवेश और प्रशासनिक बदलाव से जोड़ा है. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के माध्यम से प्रवेश परीक्षा और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता में कमी के कारण सामाजिक समावेशन पर असर पड़ा है.

शैक्षणिक निवेश में भी गिरावट

रिपोर्ट में शैक्षणिक निवेश में तेज गिरावट का भी जिक्र है. 2015-16 में जेएनयू का शैक्षणिक खर्च 30.28 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में घटकर 19.29 करोड़ रुपये रह गया. यानी कुल 36.3% की कटौती हुई. सेमिनार और कार्यशालाओं पर खर्च में 97.2% की कमी, प्रयोगशालाओं पर 76.3% और फील्डवर्क/सम्मेलन में 79.6% की कमी दर्ज की गई.

इस बीच छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है. प्रवेश परीक्षा न होने के बावजूद विश्वविद्यालय ने छात्र और अभ्यर्थियों से अधिक शुल्क लेकर अपने वित्तीय नुकसान की भरपाई की. शैक्षणिक शुल्क से आय 2015-16 में 240.8 लाख से बढ़कर 2024-25 में 856.53 लाख रुपये हो गई.

अनुसंधान संस्कृति भी प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय में अनुसंधान संस्कृति भी कमजोर हुई है. पहले जहां अनुसंधान छात्र संख्या में अधिक थे, अब वे स्नातक और पोस्टग्रेजुएट छात्रों की तुलना में कम हैं. 2016-17 में अनुसंधान छात्रों की संख्या 5,432 थी, जो अब घटकर 3,286 के करीब रह गई है.

यह भी पढ़ें – ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर की सैलरी कितनी, यह पीएम मोदी से ज्यादा या कम?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

इस बैंक पर लगी RBI की पाबंदी, 10000 रुपये से ज्यादा निकालने पर रोक, कहीं आपका तो नहीं खाता?

[ad_1]


RBI Actions on Baghat Urban Co-Operative Bank: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रेगुलेटरी एक्शन लेते हुए हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित द बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. केंद्रीय बैंक के निर्देशों के अनुसार, अब यह बैंक न तो कोई नया जमा स्वीकार कर सकेगा और न ही नए लोन जारी कर पाएगा. इसके साथ ही, बैंक की देनदारियों के भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है.

क्या है आरबीआई के निर्देश?

आरबीआई ने कहा कि बिना पूर्व लिखित अनुमति के बैंक कोई नया ऋण नहीं दे सकता, नई जमा राशि स्वीकार नहीं कर सकता और न ही अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा कर सकता है. यह कदम हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के बाद उठाया गया है.

समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक की मौजूदा नकदी स्थिति को देखते हुए, आरबीआई ने ग्राहकों की निकासी सीमा 10,000 रुपये निर्धारित की है. हालांकि, आरबीआई ने यह छूट दी है कि बैंक ग्राहकों के खातों में मौजूद राशि को उनके बकाया ऋणों के समायोजन में इस्तेमाल कर सकता है.

बीमा सुरक्षा का क्या होगा?

आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि बैंक के जमाकर्ताओं को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) के तहत बीमा सुरक्षा प्राप्त है. इस प्रावधान के अनुसार, प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम ₹5 लाख तक की बीमाकृत राशि मिलेगी, जो उनके खाते की स्थिति और अधिकार के अनुसार तय की जाएगी.

केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि ये पाबंदियाँ बैंक का लाइसेंस रद्द करने के बराबर नहीं हैं. बैंक सीमित शर्तों के साथ अपना संचालन जारी रख सकेगा. आरबीआई का यह कदम बैंक की वित्तीय स्थिति को स्थिर करने और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है.

ये भी पढ़ें: IndiGo पर लगा DGCA का चाबुक, लगाया भारी भरकम जुर्माना, जानें क्या है पूरा मामला

[ad_2]

नदी किनारे नहा रही थी महिला, घात लगाकर आया दरिंदा और… वीडियो देख दहल जाएगा दिल

[ad_1]


Crocodile Attack Video: सोशल मीडिया पर हर दिन हम सैकड़ों फोटो और वीडियो देखते हैं. कुछ हमें हंसाते हैं, कुछ रुला देते हैं तो कुछ इतने हैरान कर देने वाले होते हैं कि यकीन कर पाना मुश्किल हो जाता है. वहीं कई बार हमें ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं जो डरावनी होती है और हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं. ऐसी ही एक घटना इन दिनों इंटरनेट पर वायरल हो रही है, जो ओडिशा राज्य के जाजपुर जिले की बताई जा रही है. यह वीडियो इतना खौफनाक है कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए. 

क्या है वायरल वीडियो में?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक महिला नदी में नहा रही होती है, तभी एक मगरमच्छ अचानक आता है और महिला को अपने जबड़े में दबाकर गहरे पानी में ले जाता है. यह घटना इतनी अचानक और भयानक थी कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए. ग्रामीणों ने महिला को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ बहुत ताकतवर था और वह महिला को खींचकर पानी के अंदर ले गया. इस पूरी घटना का वीडियो किसी ग्रामीण ने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया और फिर इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इसे देखा. 

सोशल मीडिया पर कमेंट्स 
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के अलग-अलग रिएक्शन सामने आए हैं. कुछ लोग इस घटना को देखकर डर गए हैं, तो कुछ ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं कि ऐसी जगहों पर सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं होते हैं. कई लोगों ने ये भी कहा कि जंगल या नदी के किनारे रहने वाले लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वे इन खतरों से सावधान रहें. बहुत से लोगों ने लिखा कि यह वीडियो देखकर सदमे में हैं. 

यह भी पढ़ें स्कूटी को ही बना लिया OYO! छत्तीसगढ़ में सड़क पर रोमांस करता दिखा प्रेमी जोड़ा- वीडियो वायरल


भूकंप से बचाने के लिए गूगल ला रही नया फीचर, यह काम करना हो जाएगा आसान, बच सकेंगी लोगों की जान

[ad_1]


एंड्रॉयड स्मार्टफोन में अर्थक्वेक अलर्ट का फीचर मिलता है. गूगल का यह फीचर भूकंप आने की स्थिति में यूजर को अलर्ट कर देता है. गूगल का कहना है कि 2020 में लॉन्च होने के बाद से लेकर अब तक यह 2,000 से अधिक भूकंप का पता लगा चुका है. 2023 में इसने फिलीपींस में 6.7 तीव्रता वाले भूकंप का पता लगाया और लगभग 25 लाख लोगों को कवर लेने का अलर्ट भेजा. अब गूगल इस अलर्ट को शेयर करने के फीचर पर काम कर रही है. यह फीचर आने के बाद यूजर इस अलर्ट को अपने जानकारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकेगा. इससे समय रहते लोगों तक प्राकृतिक आपदा की जानकारी पहुंच जाएगी.

नए फीचर में मिलेगी यह सुविधा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एंड्रॉयड के अर्थक्वेक अलर्ट में एक शेयर अलर्ट ऑप्शन जोड़ा जा रहा है. इसके बाद यूजर इस एक टैप से ही सोशल मीडिया और दूसरी ऐप्स पर शेयर कर सकेंगे. यह एक प्री-फिल्ड मैसेज और #AndroidEarthquakeAlerts हैशटैग के साथ आएगा. इससे यूजर को अपने जानकारों और दूसरे लोगों को समय पर भूकंप की जानकारी दे सकेगा, जिससे उन्हें कवर लेने या सुरक्षित जगह पर पहुंचने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल जाएगा.

कैसे काम करता है अर्थक्वेक अलर्ट का फीचर?

गूगल फोन में लगे एक्सलेरोमीटर को अलग तरीके से यूज कर उन्हें मिनी सेस्मोमीटर बना देती हैं, जो भूकंप की झटकों को डिटेक्ट कर सकते हैं. जब फोन भूकंप के शुरुआती झटके महसूस करता है तो यह लोकेशन और वाइब्रेशन डेटा गूगल के सर्वर पर भेजता है. अगर किसी इलाके से बड़ी संख्या में ऐसे सिग्नल मिलते हैं तो सिस्टम भूकंप की पुष्टि कर उस इलाके में एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स पर अलर्ट नोटिफिकेशन भेजता है. भूकंप की तीव्रता 4.5 के आसपास होने पर सावधान रहने वाले अलर्ट भेजे जाते हैं, वहीं इससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप के लिए यूजर को एक्शन लेने वाले अलर्ट भेजे जाते हैं.

ये भी पढ़ें-

घर में यूज के लिए लेना है वाई-फाई कनेक्शन? जानिये कितनी होनी चाहिए स्पीड

[ad_2]