Gold बेचने पर कितना Tax देना पड़ेगा? 2024 के नए Tax Rules का सच!||Gold | Tax | Paisa Live

[ad_1]

पिछले एक साल में Gold की कीमतों में लगभग 48.9% की तेजी आई है, और आज 10 ग्राम Gold ₹1,14,040 के करीब बिक रहा है। Gold सिर्फ गहना नहीं, बल्कि एक अहम निवेश भी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि Gold पर Tax कैसे लगता है? Gold खरीदते समय Income Tax नहीं लगता, पर 3% GST खरीद मूल्य पर और 5% Making Charge पर देना होता है। बेचते समय Tax की असली समझ जरूरी है। Finance Act 2024 के मुताबिक, अगर आप सोना 24 महीनों तक रखते हैं, तो आपकी आय के slab के अनुसार Short-Term Capital Gains (STCG) टैक्स लगेगा। 24 महीने से ज्यादा रखने पर 12.5% का Flat Tax लगेगा, बिना indexation लाभ के।Gold ETFs और Mutual Funds पर 12 महीने की होल्डिंग पर STCG Tax लगेगा और 12 महीने से अधिक Hold करने पर 12.5% Flat Tax। Sovereign Gold Bonds (SGBs) अलग हैं — 8 साल की अवधि के साथ 2.5% सालाना ब्याज और Maturity पर Tax Free लाभ। मगर अगर जल्दी बेचते हैं, तो Tax नियम अलग होंगे।

[ad_2]

ज्यादातर लोगों को नहीं पता SIM Card से जुड़ा ये नियम, एक गलती और लग सकता है 2 लाख का जुर्माना

[ad_1]

आज के समय में लगभग हर व्यक्ति के पास एक से ज्यादा सिम कार्ड होते हैं एक निजी काम के लिए दूसरा दफ्तर के लिए और कभी-कभी तीसरा सिर्फ इंटरनेट डेटा के लिए. लेकिन टेलीकॉम नियमों के अनुसार, हर व्यक्ति के नाम पर सीमित संख्या में ही सिम कार्ड रजिस्टर्ड हो सकते हैं. सरकार ने इस नियम की निगरानी और नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘संचार साथी (Sanchar Saathi)’ नाम का पोर्टल भी शुरू किया है जिससे आप जान सकते हैं कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं.

आज के समय में लगभग हर व्यक्ति के पास एक से ज्यादा सिम कार्ड होते हैं एक निजी काम के लिए दूसरा दफ्तर के लिए और कभी-कभी तीसरा सिर्फ इंटरनेट डेटा के लिए. लेकिन टेलीकॉम नियमों के अनुसार, हर व्यक्ति के नाम पर सीमित संख्या में ही सिम कार्ड रजिस्टर्ड हो सकते हैं. सरकार ने इस नियम की निगरानी और नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘संचार साथी (Sanchar Saathi)’ नाम का पोर्टल भी शुरू किया है जिससे आप जान सकते हैं कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं.

भारतीय दूरसंचार नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड रख सकता है. हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह सीमा घटाकर 6 सिम कार्ड तय की गई है. हाल ही में लागू किए गए टेलीकम्युनिकेशन्स एक्ट, 2023 में भी इन सीमाओं को बरकरार रखा गया है.

भारतीय दूरसंचार नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड रख सकता है. हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह सीमा घटाकर 6 सिम कार्ड तय की गई है. हाल ही में लागू किए गए टेलीकम्युनिकेशन्स एक्ट, 2023 में भी इन सीमाओं को बरकरार रखा गया है.

अगर कोई व्यक्ति इस तय लिमिट से ज्यादा सिम कार्ड अपने नाम पर लेता है तो उसे पहले उल्लंघन पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है. अगर वही गलती दोबारा होती है तो यह जुर्माना 2 लाख रुपये तक बढ़ सकता है.

अगर कोई व्यक्ति इस तय लिमिट से ज्यादा सिम कार्ड अपने नाम पर लेता है तो उसे पहले उल्लंघन पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है. अगर वही गलती दोबारा होती है तो यह जुर्माना 2 लाख रुपये तक बढ़ सकता है.

और अगर किसी ने किसी और की पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी तरीके से सिम कार्ड लिया है तो सज़ा और भी गंभीर हो जाती है. ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कहीं कोई आपकी पहचान का दुरुपयोग तो नहीं कर रहा है क्योंकि उसका जिम्मा भी आप पर ही आ सकता है.

और अगर किसी ने किसी और की पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी तरीके से सिम कार्ड लिया है तो सज़ा और भी गंभीर हो जाती है. ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कहीं कोई आपकी पहचान का दुरुपयोग तो नहीं कर रहा है क्योंकि उसका जिम्मा भी आप पर ही आ सकता है.

सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है. इसके लिए आपको बस  पर जाना होगा. वहां अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा डालें फिर आए हुए OTP से लॉगिन करें. अब आपको आपकी आईडी से जुड़े सभी सक्रिय मोबाइल नंबरों की सूची दिखाई देगी. अगर कोई नंबर आपका नहीं है तो उसे Not My Number पर क्लिक करके रिपोर्ट कर दें. और अगर कोई पुराना नंबर अब आपके काम का नहीं है तो Not Required चुनकर उसे बंद करवाया जा सकता है.

सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है. इसके लिए आपको बस पर जाना होगा. वहां अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा डालें फिर आए हुए OTP से लॉगिन करें. अब आपको आपकी आईडी से जुड़े सभी सक्रिय मोबाइल नंबरों की सूची दिखाई देगी. अगर कोई नंबर आपका नहीं है तो उसे Not My Number पर क्लिक करके रिपोर्ट कर दें. और अगर कोई पुराना नंबर अब आपके काम का नहीं है तो Not Required चुनकर उसे बंद करवाया जा सकता है.

अगर आपके पास पहले से ही तय सीमा से ज्यादा सिम कार्ड हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने पहले ही ऐसे मामलों के लिए री-वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू की थी. इसमें यूज़र्स को अपने अतिरिक्त सिम कार्ड सरेंडर करने या डिस्कनेक्ट करवाने का विकल्प दिया जाता है.

अगर आपके पास पहले से ही तय सीमा से ज्यादा सिम कार्ड हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने पहले ही ऐसे मामलों के लिए री-वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू की थी. इसमें यूज़र्स को अपने अतिरिक्त सिम कार्ड सरेंडर करने या डिस्कनेक्ट करवाने का विकल्प दिया जाता है.

अगर आप मोबाइल यूज़र हैं तो यह नियम आपके लिए बेहद अहम है. थोड़ा-सा ध्यान रखकर आप न केवल भारी जुर्माने से बच सकते हैं, बल्कि अपनी पहचान और डाटा की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं. इसलिए आज ही अपने नाम पर चल रहे सभी सिम कार्ड की जांच कर लें वरना बाद में पछताना पड़ सकता है.

अगर आप मोबाइल यूज़र हैं तो यह नियम आपके लिए बेहद अहम है. थोड़ा-सा ध्यान रखकर आप न केवल भारी जुर्माने से बच सकते हैं, बल्कि अपनी पहचान और डाटा की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं. इसलिए आज ही अपने नाम पर चल रहे सभी सिम कार्ड की जांच कर लें वरना बाद में पछताना पड़ सकता है.

Published at : 10 Oct 2025 11:40 AM (IST)

[ad_2]

जेईई मेन एग्जाम के परीक्षा केंद्र को लेकर फैली अफवाहों का NTA ने किया खंडन, जानें सच्चाई!

[ad_1]


सोशल मीडिया और इंटरनेट पर फैल रही अफवाहों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने JEE Main 2026 को लेकर अहम स्पष्टीकरण जारी किया है. कुछ दिनों से यह दावा किया जा रहा था कि छात्रों को अब परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प नहीं मिलेगा और केंद्र केवल उनके आधार कार्ड के पते के आधार पर तय किए जाएंगे. लेकिन NTA ने इस खबर को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया है. एजेंसी ने साफ किया कि छात्रों को पहले की तरह ही अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने का पूरा अधिकार रहेगा.

क्या कहा गया NTA के बयान में?

NTA ने बताया कि JEE Main 2026 परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी जनवरी और अप्रैल 2026 में. बीते वर्षों में कई छात्रों ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान शिकायत की थी कि उनके आधार कार्ड, 10वीं प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों में दी गई जानकारियों में अंतर होने के कारण उन्हें दिक्कत हुई.

इसी कारण NTA ने 29 सितंबर 2025 को एक पब्लिक नोटिस जारी किया था. इसमें छात्रों को सलाह दी गई थी कि वे आवेदन शुरू करने से पहले अपने Aadhaar, UDID कार्ड, जन्मतिथि और कैटेगरी सर्टिफिकेट जैसी पहचान संबंधी जानकारियों की जांच कर लें और जरूरत हो तो उन्हें अपडेट करवा लें.

लेकिन यह नोटिस परीक्षा शहर या केंद्र के चयन से जुड़ा नहीं था. यह केवल पहचान दस्तावेजों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया था ताकि आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी छात्र को तकनीकी परेशानी न हो.

NTA ने क्या कहा?

NTA ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइट्स पर फैल रही खबरों से छात्र और अभिभावक भ्रमित न हों. एजेंसी ने कहा कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले nta.ac.in पर जारी आधिकारिक नोटिस देखें. NTA ने यह भी बताया कि परीक्षा केंद्र चुनने की नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है और सभी अफवाह भ्रामक और अप्रमाणित हैं.

यह भी पढ़ें – UPSC Success Story: आंखों में कम थी रोशनी तो लगन से रोशन की जिंदगी, IAS रवि के लिए मां बनीं सबसे बड़ी योद्धा

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने भाई और एक्स वाइफ पर ठोका था 100 करोड़ का केस, कोर्ट ने किया खारिज

[ad_1]


एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने अपने ही भाई शमसुद्दीन सिद्दीकी और एक्स वाइफ अंजना पांडे (आलिया सिद्दीकी) के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का केस किया था. लेकिन अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मुकदमे को खारिज कर दिया है.

जस्टिस जितेंद्र जैन की एकल पीठ के सामने इस मामले की सुनवाई हुई. अदालत ने ये मामला “नॉन-प्रॉसिक्यूशन” (गैर-उपस्थिति) के आधार पर खारिज कर दिया है. बता दें कि नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और उनके वकील कई बार सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित नहीं हुए.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज किया मुकदमा
अदालत ने साफ तौर कहा कि जब वादी (plaintiff) खुद अपने मुकदमे को आगे नहीं बढ़ा रहा है और सुनवाई में पेश नहीं हो रहा है, तो ऐसे में कोर्ट के पास मामला खारिज करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचता. वहीं, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के भाई शमसुद्दीन सिद्दीकी की तरफ से पक्ष रखने वाले वकील अली काशिफ खान देशमुख ने जानकारी दी कि अदालत ने मामले को पूरी तरह से रद्द (dismiss) कर दिया है क्योंकि वादी पक्ष बार-बार अनुपस्थित रहा.

क्या है पूरा मामला?
नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया था कि उनके भाई और पत्नी ने उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान देकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है. एक्टर ने दावा किया था कि इन सबसे उन्हें भारी मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान हुआ. ऐसे में उन्होंने अदालत से 100 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की थी.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का वर्कफ्रंट
वर्कफ्रंट पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी को आखिरी बार क्राइम थ्रिलर फिल्म कोस्टाओ में देखा गया था. ये फिल्म जी5 पर 1 मई 2025 को रिलीज हुई थी. अब एक्टर कॉमेडी-हॉरर फिल्म थामा में दिखाई देने वाले हैं. आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना स्टारर इस फिल्म में नवाजुद्दीन यक्षासन का किरदार अदा करते नजर आएंगे. थामा में परेश रावल भी अहम रोल अदा करते दिखाई देंगे. फिल्म 21 अक्टूबर 2025 को दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

[ad_2]

रोहित शर्मा ने अपने ही शॉट से फोड़ डाली लैम्बोर्गिनी कार! वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाई खलबली

[ad_1]


ऑस्ट्रेलियाई टूर से पहले रोहित शर्मा जमकर अभ्यास कर रहे हैं. शुक्रवार को उन्होंने शिवाजी पार्क में करीब 2 घंटे तक अभिषेक नायर के साथ अभ्यास किया. रोहित ने पुल शॉट से लेकर कट शॉट का भी अभ्यास किया. उन्होंने स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ भी प्रैक्टिस की. फिरकी गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने स्वीप और स्लॉग स्वीप शॉट्स की प्रैक्टिस की. इसी अभ्यास सत्र से जुड़े कुछ वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि रोहित ने एक शॉट ऐसा मारा, जिससे गेंद उनकी ही लैम्बोर्गिनी गाड़ी को जा लगी.

सामने आए वीडियो में रोहित शर्मा ने लेग साइड पर बड़ा शॉट लगाया. फैंस ने इस शॉट के लिए खूब शॉट मचाया और कुछ लोगों ने दावा भी किया कि यह गेंद रोहित की गाड़ी पर जाकर गिरी. वायरल वीडियो में एक व्यक्ति ने कहा, “खुद की ही गाड़ी को फोड़ दिया.” एबीपी लाइव इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि गेंद से रोहित शर्मा की ही गाड़ी को क्षति पहुंची. बताते चलें कि लैम्बोर्गिनी उरुस कार की कीमत 4.57 करोड़ रुपये से शुरू होकर 5.40 करोड़ तक जाती है.

रोहित शर्मा आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी में खेलते दिखे थे. उसके 7 महीने बाद वो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलेंगे, जो 19 अक्टूबर-25 अक्टूबर तक चलेगी. यह भी बता दें कि रोहित शर्मा अब कप्तान नहीं हैं, हाल ही में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने शुभमन गिल को नया वनडे कप्तान घोषित किया है.

ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले रोहित शर्मा ने CEAT क्रिकेट अवॉर्ड्स में अपनी वापसी को लेकर कहा था कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना बहुत पसंद है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित शर्मा ने 46 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 57.31 के शानदार औसत से 2407 रन बनाए हैं. कंगारू टीम के खिलाफ उन्होंने वनडे में 8 शतक और 9 हाफ-सेंचुरी लगाई हैं.

यह भी पढ़ें:

2025 में वनडे इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 8 बल्लेबाज, लिस्ट में सिर्फ एक भारतीय शामिल

रविचंद्रन अश्विन ने बताया भारत क्यों दोनों बार नहीं जीत पाया WTC का खिताब, इसे ठहराया जिम्मेदार

[ad_2]

भूकंप के झटकों से दहशत, 10 घंटे में दूसरी बार कांपी धरती, सुनामी को लेकर जारी हुई चेतावनी

[ad_1]


दक्षिणी फिलिपींस में शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) को दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं, जिसकी तीव्रता 6.9 थी. यह वही इलाका है, जहां सुबह 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था. अधिकारियों के अनुसार, इस बार भूकंप शाम 7 बजकर 12 मिनट (भारत समयानुसार 4 बजकर 42 मिनट) पर आया है.

इलाके में दूसरी बार यह भूकंप लगभग 10 घंटे से भी कम समय में दोबारा आया, जिसके बाद फिलीपींस के भूकंप विज्ञान कार्यालय ने जानलेवा लहरों के आने की चेतावनी जारी की और तटीय निवासियों से तुरंत दूसरे स्थानों पर जाने या दूर अंतर्देशीय क्षेत्रों में चले जाने का निवेदन किया.

300 भूकंप झटकों में सबसे तेज झटका

फिलीपींस में भूकंप का यह झटका अब तक दर्ज किए गए करीब 300 झटकों में सबसे तेज था. यह आफ्टरशॉक मुख्य भूकंप के 10 घंटे के अंदर आया. पहले आए भूकंप में कम से कम 6 लोगों की मौत हो चुकी है. यह जमीन के नीचे मौजूद एक फॉल्ट (दरार) में हलचल की वजह से आया, जिसकी गहराई सिर्फ 10 किलोमीटर थी.

प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (होनोलूलू) ने बताया है कि भूकंप के केंद्र से करीब 300 किलोमीटर के दायरे में समुद्र में खतरनाक लहरें (सुनामी) उठने की आशंका है. कहा गया है कि फिलीपींस के कुछ तटीय इलाकों में सामान्य ज्वार से 3 मीटर (10 फीट) तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं और इंडोनेशिया व पलाऊ में इससे छोटी लहरें भी संभव हैं.

बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की अपील

नागरिक सुरक्षा कार्यालय के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर बर्नार्डो राफाएलिटो एलेजांद्रो IV ने चेतावनी दी कि दावाओ ओरिएंटल से लगे 6 तटीय प्रांतों में भूकंप आने के दो घंटे के भीतर सुनामी की लहरें टकरा सकती हैं. उन्होंने लोगों से तुरंत ऊंचाई वाली जगहों पर जाने या तटीय क्षेत्रों से दूर अंदर की ओर चले जाने की अपील की है.

एलेजांद्रो ने एक वीडियो न्यूज ब्रीफिंग में कहा, ‘बंदरगाहों में और तटीय क्षेत्रों में नावों के मालिकों को अपनी नावों को सुरक्षित रखना चाहिए और तटों से दूर चले जाना चाहिए.’ फिलीपींस अभी भी 30 सितंबर को आए 6.9 तीव्रता के भूकंप से उबर रहा है, जिसमें कम से कम 74 लोग मारे गए थे और मध्य सेबू प्रांत, खासकर बोगो शहर और आसपास के कस्बों में हजारों लोग विस्थापित हुए थे.

ये भी पढ़ें:- बूंद-बूंद को तरेसागा पाकिस्तान! सिंधु जल संधि टूटने के बाद एक और झटका, भारत ने सावलकोट परियोजना को दी मंजूरी

[ad_2]

बार-बार ऑन-ऑफ हो रहा है स्मार्ट टीवी तो कर लें ये काम, दूर हो जाएगी समस्या

[ad_1]


स्मार्ट टीवी आज सिर्फ एंटरटेनमेंट का जरिया नहीं रह गए हैं. इनमें कई ऐसे फीचर्स मिलते हैं, जिनसे इन्हें दूसरे कामों में भी यूज किया जा सकता है. हालांकि, कई बार इनमें कुछ दिक्कत आ जाती है और ये अपने आप ऑन-ऑफ होने लगते हैं. अगर आपके स्मार्ट टीवी में भी ऐसी समस्या आ रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है. यह कोई बड़ी समस्या नहीं है और कुछ आसान तरीकों से इसका समाधान किया जा सकता है. आइए इन तरीकों के बारे में जानते हैं.

टीवी को करें अनप्लग

अगर आपका टीवी बार-बार ऑन-ऑफ हो रहा है तो सबसे पहले एक आसान तरीके से इसका समाधान निकालने की कोशिश करें. इसके लिए टीवी को सॉकेट से अनप्लग कर लें. इसके बाद 10 सेकंड तक टीवी की पावर बटन को दबाकर रखें और फिर इसका प्लग लगा दें.

वाई-फाई से डिस्कनेक्ट कर लें

कई बार स्मार्ट टीवी के स्मार्ट फीचर ही इसमें दिक्कत करने लगे हैं. अगर आपका टीवी अलेक्सा, गूगल होम या किसी दूसरे स्मार्ट होम डिवाइस से कनेक्टेड है तो इसे डिस्कनेक्ट कर लें. हो सकता है कि इन डिवाइस के ऑटोमेशन के कारण टीवी ऑन या ऑफ हो रहा हो. 

पावर टाइमर चेक करें

कई स्मार्ट टीवी में टाइमर का फीचर आता है, जो एक तय समय पर टीवी को ऑफ कर देता है. अगर आपका टीवी रोजाना किसी विशेष समय पर ही बंद होता है तो हो सकता है कि उसका टाइमर सेट हो. अगर ऐसा है तो रिमोट से टाइमर को बंद कर दें.

फर्मवेयर अपडेट करें

कई बार किसी सॉफ्टवेयर की प्रॉब्लम के चलते भी टीवी अपने आप बंद हो सकता है. ऐसी स्थिति से बचने के लिए इसके फर्मवेयर को अपडेट कर लें. कई टीवी में इसे मैनुअली अपडेट करना पड़ता है. अगर टीवी के लिए कोई फर्मवेयर अपडेट अवेलेबल है तो इसे इंस्टॉल कर लें.

फैक्ट्री रिसेट भी है एक ऑप्शन

अगर ऊपर बताए गए किसी भी तरीके से टीवी में आ रही ऑन-ऑफ होने की दिक्कत दूर नहीं हो रही है तो इसे फैक्ट्री रिसेट किया जा सकता है. याद रखें कि ऐसा करने के बाद आपको टीवी में अपना अकाउंट फिर से लॉग इन करना होगा. 

ये भी पढ़ें-

पसंद नहीं आ रहा iOS 26 का लिक्विड ग्लास डिजाइन? अपने हिसाब से कर सकते हैं एडजस्ट, अपनाएं ये तरीके

[ad_2]

शेयर बाजार में तेजी, बैंक और रियल्टी सेक्टर में जोरदार खरीदारी, सेंसेक्स 328 अंक ऊपर, निफ्टी 25

[ad_1]


Share Market Closing: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के लास्ट ट्रेडिंग सेशन में तेजी दर्ज की गई. 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स और एनएसई का निफ्टी 50 हरे निशान पर ट्रेड करते हुए बंद हुए. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 328.72 अंक या 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,500.82 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 50 103.55 अंक या 0.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,285.35 पर बंद हुआ. मिडकैप, स्मॉलकैप इंडेक्स में बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं ऑटो, बैंकिंग, एफएमसीजी इंडेक्स हरे निशान पर ट्रेड करते हुए बंद हुए.

हालांकि, निफ्टी मेटल कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. हिंद कॉपर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. कंपनी के शेयर 6 प्रतिशत फिसलकर 344 अंक पर पहुंच गए. इसके अलावा जिंदल स्टील, हिंदुस्तान जिंक, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL),एनएमडीसी और टाटा स्टील के शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे. 

मेटल शेयरों में गिरावट की वजह?

पिछले कारोबारी दिन यानि 9 अक्टूबर को मेटल शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी गई थी. कारोबारी दिन के अंत तक मेटल शेयर 2 प्रतिशत उछले थे. हालांकि उससे पहले लगातार 3 दिनों तक मेटल शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी. जिसके कारण आज निवेशकों ने मुनाफा वसूली के लिए शेयरों की बिकवाली की. जिससे शेयरों के दाम गिर गए. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आगे डॉलर का व्यवहार और ग्लोबल मेटल प्राइस ट्रेड  के अनुसार ही मेटल शेयरों में तेजी या मंदी की उम्मीद की जा सकती है.

भारतीय रुपए में डॉलर के मुकाबले लगातार गिरावट देखी जा रही है. गुरुवार को रुपया 88.70 रुपए प्रति डॉलर के दर तक पहुंच गया था. जो कि रुपए के रिकॉर्ड निचले स्तर के काफी करीब है. क्योंकि वैश्विक स्तर पर मेटल के कारोबार के लिए डॉलर का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में अगर रुपया कमजोर होता है तो भारतीय व्यापारियों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते है. जिससे भारतीय मेटल शेयरों में सुस्ती आती है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

यह भी पढ़ें: Reliance Power stock News: रिलायंस पावर के शेयर बने रॉकेट! निवेशक हुए मालामाल 

[ad_2]

Cancer Weekly Horoscope 2025: आलस्य से बचें, मेहनत और लगन से ही मिलेगा मनचाहा परिणाम, पढ़ें कर्

[ad_1]


Kark Saptahik Rashifal 12 to 18 October 2025: कर्क राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह परिश्रम और संयम की परीक्षा लेने वाला रहेगा. इस सप्ताह आपको अपने काम में आलस्य और टालमटोल से बिल्कुल बचना होगा. कार्यक्षेत्र में छोटी-सी लापरवाही भी आपके लिए नुकसान का कारण बन सकती है. यदि आप किसी परीक्षा या प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं, तो आलस्य छोड़कर पूरी मेहनत से पढ़ाई करना ही सफलता की कुंजी साबित होगी.

करियर और व्यवसाय के क्षेत्र में इस सप्ताह दबाव अधिक रहेगा. कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं. सप्ताह के मध्य में राजकीय या कानूनी मामलों में उलझनें आ सकती हैं. यदि आपका कोई मामला कोर्ट-कचहरी में लंबित है, तो उसे सुलझाने के लिए भागदौड़ करनी पड़ेगी. इस समय किसी भी दस्तावेज पर बिना जांचे हस्ताक्षर न करें.

आर्थिक दृष्टि से यह सप्ताह थोड़ा सावधानी भरा रहेगा. परिश्रम के अनुपात में लाभ कम मिल सकता है, जिससे मन में निराशा या असंतोष के भाव उत्पन्न हो सकते हैं. अनावश्यक खर्चों से बचें और बचत को प्राथमिकता दें.

परिवार और सामाजिक जीवन में इस सप्ताह वातावरण थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है. घर के सदस्यों के बीच मतभेद या तकरार से मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है. अहं को रिश्तों के बीच न आने दें और लोगों से विनम्रता और धैर्य से व्यवहार करें.

प्रेम और वैवाहिक जीवन में संवेदनशीलता बनाए रखें. रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए संवाद और विश्वास पर ध्यान दें.

स्वास्थ्य राशिफल: खान-पान और दिनचर्या में लापरवाही स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है. पेट या तनाव से जुड़ी समस्या संभव है, इसलिए संतुलित जीवनशैली अपनाएं.

उपाय: प्रतिदिन शिवमहिम्नस्तोत्र का पाठ करें और सोमवार को शिवलिंग पर दूध अर्पित करें.

FAQs
प्र1. यह सप्ताह कैसा रहेगा?
 मेहनत अधिक और फल सामान्य रहेगा, पर धैर्य बनाए रखें.
प्र2. करियर और नौकरी में क्या सावधानी रखें?
 टालमटोल और लापरवाही से नुकसान हो सकता है.
प्र3. पारिवारिक जीवन कैसा रहेगा?
 मतभेद की स्थिति बन सकती है, शांत और संयमी रहें.
प्र4. स्वास्थ्य के लिए क्या करें?
 नियमित दिनचर्या और हल्का आहार अपनाएं.
प्र5. शुभ उपाय क्या है?
 शिवमहिम्नस्तोत्र का पाठ करें और भगवान शिव का जलाभिषेक करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

सिगरेट के मुकाबले तंबाकू से तेजी से बढ़ता है कैंसर का खतरा, स्टडी में सामने आया सच

[ad_1]


Smokeless Tobacco Fuels Cancer Risk: सिगरेट ज्यादा खतरनाक है या तंबाकू? ये सवाल पूछने पर ज्यादातर लोग सिगरेट का नाम लेते हैं. हालांकि, हाल ही में हुई एक स्टडी में सामने आया है कि सिगरेट के मुकाबले तंबाकू हमारे शरीर को कई गुना ज्यादा नुकासन पहुंचाता है. दरअसल, सिगरेट का कुछ धुंआ हवा में उड़ जाता है जबकि तंबाकू सीधा हमारे मुंह के सेल्स को डैमेज करता है. इससे घाव बनते हैं, जो धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले लेते हैं. ऐसे में यह रिपोर्ट तंबाकू चबाने वालों के लिए एक वार्निंग हैं कि उनकी छोटी सी आदत उनकी जान ले भी ले सकती है. 

स्टडी में क्या आया सामने?

एक ग्लोबल स्टडी में यह बात सामने आई है कि दुनियाभर में मुंह और गले का कैंसर सबसे ज्यादा उन लोगों में देखने को मिलता है, जो रोजाना तंबाकू खाते हैं. इससे कैंसर सेल्स काफी तेजी से डेवलप होते हैं और यह पूरे मुंह में फैल जाता है. कई मामलों में तो यह कैंसर गले तक भी फैल जाता है. अपनी रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया कि तंबाकू में पाए जाने वाले नाइट्रोसामाइंस (TSNAs) और पॉलीसायक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAHs) जैसी चीजें सीधा हमारे सेल्स में मौजूद DNA को नुकसान पहुंचाती हैं और हेल्दी सेल्स को मारकर कैंसर सेल्स को बढ़ाती हैं. वहीं सिगरेट की बात करें तो इसमें निकोटिन और टार काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है. यह हमारे लंग्स को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन इससे निकलने वाला धुंआ डायरेक्ट शरीर या सेल्स के कॉन्टेक्ट में नहीं होता, जिससे तंबाकू के मुकाबले यह कम हानिकारक होता है.

कैसे लगती है इसकी आदत ?

आजकल तंबाकू, गुटका जैसी चीजें खाना फैशन बन गया है. यंगस्टर्स अपने स्ट्रेस, डिप्रेशन या पीर प्रेशर के चलते इन नशीली चीजों का सेवन करने लगते हैं, जो धीरे-धीरे उनकी आदत बन जाती है. एक बार इन चीजों की आदत लगने के बाद, इसे छुड़ाना काफी मुश्किल हो जाता है. रोजाना गुटका या तंबाकू चबाने से मुंह में धीरे-धीरे हल्के जख्म बनने लगते हैं. इसके अलावा इससे दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारियां भी हो जाती हैं और बाद में जाकर यहीं कैंसर का रूप ले लेती है. 

क्या है इलाज? 

आमतौर पर कैंसर का इलाज काफी मुश्किल और खर्चीला होता है. उसमें भी मरीज के बचने गुंजाइश काफी कम होती है, क्योंकि ज्यादातर मामलों में इसका पता तब चलता है जब इंसान लास्ट स्टेज पर होता है. डॉक्टर्स के अनुसार, अगर इस आदत को समय रहते रोक लिया जाए तो कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से समय रहते बचा जा सकता है. इसके लिए लोगों में अवेयरनेस लाना बेहद जरूरी है. इसके लिए सरकारें और कई NGO भी अपने स्तर पर कार्य कर रहें हैं.

इसे भी पढ़ें: दिल्ली से लेकर यूपी तक गुलाबी ठंड दे रही दस्तक, बदलते मौसम में ऐसे रखें अपना ख्याल-

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

[ad_2]