नॉर्मल और सैटेलाइट इंटरनेट में क्या होता है फर्क, जानिए कौन ज्यादा ते

[ad_1]


Normal Vs Satellite Internet: आज के डिजिटल युग में इंटरनेट हर किसी की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. चाहे काम की बात हो, पढ़ाई हो या मनोरंजन इंटरनेट की स्पीड और भरोसेमंद कनेक्शन होना जरूरी है. लेकिन इंटरनेट के कई प्रकार होते हैं जिनमें सबसे प्रमुख हैं नॉर्मल (ब्रॉडबैंड/फाइबर) और सैटेलाइट इंटरनेट. आइए जानते हैं इनके बीच क्या अंतर है और कौन ज्यादा तेज है.

नॉर्मल इंटरनेट क्या है?

नॉर्मल इंटरनेट में मुख्य रूप से DSL, केबल, फाइबर ऑप्टिक और मोबाइल डेटा शामिल हैं. यह आमतौर पर भूमिगत केबल या टावर के जरिए कनेक्शन देता है. फाइबर ब्रॉडबैंड आजकल 100 Mbps से लेकर 1 Gbps तक की स्पीड दे सकता है. नॉर्मल इंटरनेट में लेटेंसी कम होती है जो गेमिंग और वीडियो कॉल्स के लिए सही होता है. केबल और फाइबर में कनेक्शन ज्यादातर समय स्थिर रहता है, बारिश या मौसम का असर कम पड़ता है. नॉर्मल इंटरनेट शहरों और कस्बों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और यह घरेलू और ऑफिस कनेक्शन के लिए उपयुक्त है.

सैटेलाइट इंटरनेट क्या है?

सैटेलाइट इंटरनेट के जरिए डेटा सीधे सैटेलाइट के माध्यम से आपके डिवाइस तक पहुंचता है, जमीन पर केबल की जरूरत नहीं होती. यह उन इलाकों में उपयोगी है जहां केबल या फाइबर नहीं पहुंच पाया. हाल के समय में Starlink और OneWeb जैसी कंपनियां 50 Mbps से 250 Mbps तक की स्पीड देती हैं. सैटेलाइट इंटरनेट में लेटेंसी नॉर्मल इंटरनेट की तुलना में ज्यादा होती है क्योंकि डेटा को सैटेलाइट तक और वापस भेजना पड़ता है. मौसम जैसे भारी बारिश या तूफान से कनेक्शन प्रभावित हो सकता है. सैटेलाइट इंटरनेट ग्रामीण या दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने का अच्छा विकल्प है लेकिन शहरों में नॉर्मल इंटरनेट की तुलना में यह थोड़ा महंगा और लेटेंसी में धीमा हो सकता है.

कौन ज्यादा तेज है?

स्पीड के मामले में नॉर्मल इंटरनेट (फाइबर) सैटेलाइट इंटरनेट से ज्यादा तेज और भरोसेमंद है. फाइबर में लेटेंसी कम होती है और यह वीडियो कॉल, ऑनलाइन गेमिंग और हाई-रिज़ॉल्यूशन स्ट्रीमिंग के लिए बेहतर विकल्प है. सैटेलाइट इंटरनेट का फायदा उस समय होता है जब आपके पास नॉर्मल ब्रॉडबैंड का विकल्प नहीं है. हालांकि नई तकनीक के आने के बाद सैटेलाइट इंटरनेट की स्पीड में सुधार हुआ है लेकिन लेटेंसी और मौसम पर असर अभी भी चुनौती बना हुआ है.

यह भी पढ़ें:

खराब होने से पहले आपका फोन देता है ये 5 संकेत, नजरअंदाज करना पद सकता है महंगा

[ad_2]

राहुल गांधी के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग? कांग्रेस नेता ने की मारिया कोरिना से तुलना; कहा- संव

[ad_1]


वेनेजुएला की मुख्य विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को अपने देश में लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ने के कारण इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार मिला है. हालांकि इसे लेकर भारत में कांग्रेस उत्साहित हो गई है. कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) को मारिया और राहुल गांधी के बीच कई समानताएं गिना डालीं. 

कांग्रेस प्रवक्ता ने सुझाव दिया कि वह (राहुल गांधी) भी भारत में संविधान बचाने के लिए लड़ने की खातिर इस प्रतिष्ठित सम्मान के हकदार हैं. राजपूत ने मचाडो के साथ उनकी (राहुल गांधी) की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “इस बार शांति का नोबेल पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता को संविधान की रक्षा के लिए दिया गया है. भारत के विपक्षी नेता राहुल गांधी देश के संविधान को बचाने की लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं.”

नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने माचाडो को चुना

नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने माचाडो को लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और वेनेजुएला में तानाशाही से लोकतंत्र में शांतिपूर्ण परिवर्तन की वकालत करने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया है. पिछले वर्ष के चुनाव के बाद धमकियों का सामना करने और छिपने के लिए मजबूर होने के बावजूद, मचाडो वेनेजुएला के विपक्ष में एक एकजुटता का प्रतीक रही हैं. 

कांग्रेस ने गिनाए राहुल गांधी के काम

भारत में कांग्रेस लगातार कहती रही है कि राहुल गांधी ने मौजूदा एनडीए सरकार की तानाशाही के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है क्योंकि उन्होंने हाल के दिनों में वोट चोरी, बिहार की मतदाता सूची से जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाने, चुनावों में भाजपा और उसके सहयोगियों को लाभ पहुंचाने के लिए ईवीएम हैकिंग, पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण समाप्त करने के कथित प्रयास आदि जैसे मुद्दों को उठाया है.

भारत में पूरा विपक्ष बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए, केंद्र और विभिन्न राज्यों में मौजूदा बीजेपी सरकार को चुनौती देने के लिए इंडिया ब्लॉक बनाकर कांग्रेस के पीछे खड़ा हो गया है. विपक्ष का दावा है कि बेरोजगारी बढ़ रही है, देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है, अल्पसंख्यकों और एससी/एसटी के अधिकारों से समझौता किया गया है और आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है. 

राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने आरोप लगाया है कि एनडीए सरकार में भारत में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्य मर गए हैं और कांग्रेस नेता इन्हें बचाने के लिए लड़ रहे हैं.

ये भी पढ़ें 

‘उनका अपमान क्यों होने दिया गया?’, अफगानी विदेश मंत्री की PC में महिला पत्रकारों की No Entry पर भड़कीं प्रियंका गांधी



[ad_2]

Video: यमराज से तो डर! मंदिर में घुसा 13 फीट लंबा अजगर, शख्स ने खदेड़ कर किया रेस्क्यू

[ad_1]


UP News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां सीताकुंड घाट के पास स्थित शनि देव मंदिर में लोगों ने एक 13 फीट लंबा विशालकाय अजगर देखा. इस अजगर को देखकर इलाके में दहशत और अफरा-तफरी मच गई. कई लोग डर के मारे दूर भाग गए, तो कुछ लोगों ने अपने मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया.

अजगर देखकर लोगों ने सर्पमित्र को दी सूचना 

घटना के समय मंदिर के पास काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. जैसे ही किसी ने झाड़ियों में हलचल देखी, सभी का ध्यान उधर चला गया. जब पास जाकर देखा गया तो वहां एक बहुत बड़ा अजगर रेंगता हुआ दिखाई दिया. इसे देखकर लोग सन्न रह गए और तुरंत किसी ने स्थानीय सर्पमित्र को सूचना दी कि मंदिर के पास एक विशाल अजगर निकला है.

सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम और सर्पमित्र मौके पर पहुंचे. उन्होंने बिना किसी घबराहट के बहुत सावधानी से अजगर को पकड़ने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि अजगर लगभग 13 फीट लंबा और काफी भारी था. रेस्क्यू टीम ने पहले उसके मुंह और पूंछ को नियंत्रित किया, फिर धीरे-धीरे उसे एक खुले मैदान में ले जाकर बोरी में बंद किया. इसके बाद अजगर को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया.

सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल 

इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि सर्पमित्र किस तरह शांत मन से अजगर को पकड़ते हैं और किसी को नुकसान नहीं पहुंचने देते. लोग अब सर्पमित्र की जमकर तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि ऐसे बहादुर लोग ही इंसान और जानवर दोनों की जान बचाते हैं.


Aaj Ka Makar Rashifal (11 October): मकर राशि माता-पिता को सुख, कामकाज में सफलता और फेस्टिवल सीज

[ad_1]


Aaj Ka Makar Rashifal 11 October 2025 in Hindi: आज का दिन सुखद और उत्साहपूर्ण रहेगा. चंद्रमा के 5वें घर में होने से माता-पिता को संतान से सुख मिलेगा और पारिवारिक वातावरण खुशहाल रहेगा.

स्वास्थ्य राशिफल:
स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. खान-पान में सावधानी रखें और हल्का व्यायाम करें. मानसिक शांति बनाए रखने की आवश्यकता है.

व्यापार राशिफल:
पार्टनरशिप बिजनेस में चल रही गलतफहमी किसी की मध्यस्थता से दूर होगी. फेस्टिवल सीजन के अवसर पर बिजनेसमैन को अपनी टेक टीम या कर्मचारियों को अपडेट करना आवश्यक रहेगा. सर्वे अमृत योग के प्रभाव से आपकी योग्यता और प्रतिभा के बल पर कोई उपलब्धि हासिल हो सकती है.

नौकरी/जॉब राशिफल:
वर्कस्पेस में आ रही रुकावटें दूर होंगी. अधिकारी वर्ग से सहयोग मिलेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी सफलता सुनिश्चित होगी.

पारिवारिक और प्रेम राशिफल:
जीवनसाथी के साथ विनम्रता और समझदारी से व्यवहार करें. परिवार के साथ समय व्यतीत करने से संबंध और मजबूत होंगे. संतान और परिवार के साथ मेल-जोल सुखद रहेगा.

धन राशिफल:
आय के अवसर मिलेंगे और व्यय नियंत्रित रहेगा. योजनाओं को सोच-समझकर आगे बढ़ाएं.

युवा एवं छात्र राशिफल:
कॉम्पिटिटिव और सामान्य छात्र अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होंगे. मेहनत और अनुशासन से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे.

शुभ अंक: 7
शुभ रंग: ग्रे
अशुभ अंक: 1
उपाय: प्रतिदिन श्री कृष्ण मंत्र का जप करें और परिवारिक मामलों में धैर्य बनाए रखें.

FAQs
प्र1. आज व्यापार में किन बातों पर ध्यान दें?
उत्तर: पार्टनरशिप में चल रही गलतफहमी को हल करने और कर्मचारियों को अपडेट करने पर ध्यान दें.

प्र2. पारिवारिक और प्रेम जीवन को बेहतर कैसे बनाएं?
उत्तर: जीवनसाथी और परिवार के साथ विनम्रता और समझदारी से व्यवहार करें, समय व्यतीत करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

अनिल अंबानी ग्रुप के CFO गिरफ्तार, फर्जी बैंक गारंटी केस में ED ने की कार्रवाई

[ad_1]


Reliance Power News: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार को अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर के शेयर में जबरदस्त उछाल रही थी. कंपनी के शेयरों में 13 प्रतिशत का उछाल देखा गया था. वहीं अब कंपनी से जुड़ी एक और जानकारी सामने आई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से रिलायंस पावर कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अशोक कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है.

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार की रात ईडी ने अशोल पाल को दिल्ली स्थित उनके ऑफिस में लंबी बातचीत के बाद गिरफ्तार कर लिया. शनिवार को ED की टीम अशोक पाल को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी, जहां आगे की जांच के लिए कस्टडी रिमांड की मांग की जाएगी. यह गिरफ्तारी फर्जी बैंक गारंटी के मामले से जुड़ी हुई बताई जा रही है. 

ईडी की कार्रवाई की क्या है वजह?

इंडिया टुडे के अनुसार, अशोक पाल पर लगभग 68.2 करोड़ रुपए की संदिग्ध बैंक गारंटी घोटाले में शामिल होने के आरोपों के तहत यह गिरफ्तारी हुई है. ईडी की ओर से रिलायंस समूह में वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर यह जांच की जा रही है. अशोक पाल की गिरफ्तारी 2024 में हुई एक एफआईआर के आधार पर की गई है, जिसमें सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को फर्जी गारंटी दी गई थी. 

ये फर्जी बैंक गारंटी अनिल अंबानी की दो कंपनियों रिलायंस एनयू बीईएसएस लिमिटेड और महाराष्ट्र एनर्जी जेनरेशन लिमिटेड के नाम पर जारी की गई थी. इस संबंध में ईडी ने अशोल पाल को गिरफ्तार किया है. अशोक पाल रिलायंस पावर में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का काम भी कर रहे हैं. वे पिछले 7 सालों से कंपनी से जुड़े है. ऐसा माना जाता है कि वे अनिल अंबानी के करीबी लोगों में से एक है.

जांच में मिले सबूत 

ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे वित्तीय गड़बड़ी में ओडिशा की एक कंपनी बिस्वाल ट्रेडलिंक का हाथ है. ईडी के अनुसार, बिस्वाल ट्रेडलिंक कंपनी से ही फर्जी बैंक गारंटी बनाई गई थी. इस फर्जी बैंक गारंटी के लिए कंपनी के डायरेक्टर पार्थ सारथी बिस्वाल ने 8 प्रतिशत कमीशन लिया था. ईडी ने अगस्त 2025 में पार्थ सारथी को गिरफ्तार किया था.

साथ ही ईडी को इस बात की जानकारी भी मिली है कि पाल ने करोड़ों रुपए के फर्जी ट्रांसपोर्ट बिलों के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाए. इन भुगतानों को अप्रूव करने के लिए वाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स का इस्तेमाल किया गया. ताकि कंपनी के ऑफिशियल सिस्टम पर इसकी जानकारी रिकॉर्ड ना हो.

कंपनी के शेयर बने रॉकेट

रिलायंस पावर कंपनी के शेयर की कीमतों की बात करें तो यह 9 अक्टूबर 2020 को 2.75 रुपए पर थी. वहीं, शुक्रवार 10 अक्टूबर 2025 को इसकी कीमत बढ़कर 50.70 रुपए पर पहुंच गई थी. कंपनी के शेयरों में पिछले 5 साल में 1670 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई है.  

यह भी पढ़ें:

भारत में खुलेंगे रोजगार के नए अवसर, ब्रिटिश कंपनी 50 करोड़ पाउंड करेगी निवेश

[ad_2]

Video: हल्की सी चूक और एक साथ हो गया तीन गाड़ियों का एक्सीडेंट, पलट गई कार, देखें वीडियो

[ad_1]


Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक हादसे का वीडियो वायरल हो रहा है,जिसमें पेट्रोल पंप पर खड़ी एक लाल रंग की कार को पीछे से आ रही एक अन्य कार ने जोरदार टक्कर मार दी. वीडियो में देखा जा सकता है कि टक्कर लगने के बाद कार बुरी तरह से पलट जाती है. इस घटना ने सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग के प्रति जागरूकता की जरूरत को एक बार फिर उजागर किया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

हादसा पास में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ

वीडियो में देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंप पर एक कार खड़ी हुई है.आगे वीडियो में सड़क से एक तेज रफ्तार कार आती नजर आ रही है, जिसके ड्राइवर ने पेट्रोल पंप की तरफ कार को बड़ी तेजी से घुमाया. जिसके कारण कार का बैलेंस बिगड़ जाता है और वो सीधा पेट्रोल पंप पर खड़ी कार से टकरा जाती है.

ये पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो जाती है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि टक्कर लगने के बाद कार बुरी तरह पलट जाती है. वीडियो में साफ तौर पर देखा गया है कि तेज रफ्तार कार सड़क पर एक ओर कार से टकराते हुए बची.

लोगों ने कार ड्राइवर की लापरवाही पर सवाल उठाए

अभी यह साफ नहीं हुआ है कि कार में कोई मौजूद था या नहीं और इस हादसे में किसी को कोई चोट आई या नहीं.  सोशल मीडिया पर हादसे के वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी.

लोगों ने कहा कि सड़क पर बहुत तेज गाड़ियां नहीं चलानी चाहिए. वहीं कुछ लोगों ने कार ड्राइवर की लापरवाही पर सवाल उठाए. हादसे के वीडियो को देखकर लगता है कि कार को भी नुकसान पहुंचा होगा.


आईपीएल मेगा ऑक्शन से पहले राजस्थान रॉयल्स करेगी बड़े बदलाव, तीन दिग्गज खिलाड़ियों की छुट्टी तय!

[ad_1]


IPL 2026: आईपीएल 2026 की तैयारी शुरू हो चुकी है और अब टीमों ने अपने-अपने स्क्वॉड में बदलावों पर मंथन तेज कर दिया है. ऐसे में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) भी बड़े फैसले लेने की तैयारी में है. पिछले सीजन में टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नही रहा था. कार्यवाहक कप्तान रियान पराग, युवा वैभव सूर्यवंशी और विकेटकीपर ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन के बावजूद राजस्थान की टीम नौवें नंबर पर रही थी. यही वजह है कि अब मैनेजमेंट कुछ बड़े खिलाड़ियों को रिलीज करने की योजना बना रहा है.

संजू सैमसन का जाना लगभग तय

राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन को रिलीज किए जाने की चर्चा सबसे ज्यादा है. सूत्रों के मुताबिक फ्रेंचाइजी ने उन्हें आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले टीम से बाहर करने का मन बना लिया है. पिछले सीजन में चोटों से जूझते हुए सैमसन सिर्फ 9 मैच ही खेल पाए थे और बल्ले से भी वो कुछ खास नहींकर सके.

संजू ने राजस्थान के साथ 2013 में आईपीएल करियर की शुरुआत की थी और तब से वह टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने अपने IPL के अबतक के करियर के 4704 रन बनाए हैं, जो की से राजस्थान की ओर से खेलकर बने हैं, लेकिन लगातार चोटें और कप्तानी के दबाव ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया है.

महीश तीक्ष्णा भी हो सकते हैं बाहर

श्रीलंकाई स्पिनर महीश तीक्ष्णा को राजस्थान ने पिछले सीजन में 4.40 करोड़ रुपये में टीम में शामिल किया था. हालांकि, उनका प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा. तीक्ष्णा ने पूरे सीजन में सिर्फ 11 विकेट लिए, वो भी 9.26 की इकॉनमी और 37 से ज्यादा की औसत से.

टीम मैनेजमेंट अब किसी ऐसे गेंदबाज की तलाश में है जो पावरप्ले और डेथ ओवर्स दोनों में असरदार साबित हो सके. ऐसे में तीक्ष्णा को रिलीज कर राजस्थान बेहतर स्पिन विकल्पों की ओर रुख कर सकती है.

शिमरोन हेटमायर पर भी तलवार

वेस्टइंडीज के स्टार बल्लेबाज शिमरोन हेटमायर का प्रदर्शन पिछले कुछ सीजन से गिरावट पर है. 11 करोड़ रुपये में रिटेन किए गए हेटमायर ने 2025 सीजन में 14 मैचों में सिर्फ 239 रन बनाए. टीम में फिनिशर की भूमिका निभाने में वो पूरी तरह विफल रहे.

2022 सीजन के बाद से हेटमायर एक भी सीजन में 300 रन का आंकड़ा नहीं छू पाए हैं. ऐसे में राजस्थान रॉयल्स अब उन्हें रिलीज कर किसी नए फिनिशर या विदेशी पावर-हिटर पर दांव लगा सकती है.

नई रणनीति के साथ उतरेगी राजस्थान

राजस्थान रॉयल्स अब 2026 के सीजन में नई रणनीति और ताजा चेहरों के साथ उतरने की तैयारी में है. टीम को मजबूत करने के लिए फ्रेंचाइजी अनुभवी ऑलराउंडर और स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों की तलाश कर रही है.

ऐसे में यह तय है कि राजस्थान रॉयल्स का अगला सीजन पूरी तरह नई सोच और नए कप्तान के साथ शुरू होगा.

[ad_2]

दुनियाभर में कहर बनकर टूट रही ‘कांतारा चैप्टर 1’, 9वें दिन बन गई 500 करोड़ी

[ad_1]


ऋषभ शेट्टी निर्देशित और स्टारर ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने रिलीज के पहले दिन से ही देश ही नहीं पूरी दुनिया में धमाल मचाया हुआ है. इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज हुए सिर्फ 9 दिन हुए हैं और इसने अपनी लागत वसूल करने के साथ ही तगड़ा मुनाफा भी कमा लिया है. लोगों की जुबां पर इसकी कहानी, इसके किरदार और सबसे खास बात, ऋषभ शेट्टी की दमदार एक्टिंग है. इन सबसे बीच रिलीज के 9वें दिन ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने दुनियाभर में एक जादुई आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया है.य

वर्ल्डवाइड 9 दिनों में ‘कांतारा चैप्टर 1′ ने रच दिया इतिहास
‘कांतारा चैप्टर 1’ की ना केवल कहानी की तारीफ हो रही है बल्कि इसके  एक्शन सीक्वेंस और गानों को भी दर्शकों से खूब प्यार मिल रहा है. इसी वजह से ‘कांतारा चैप्टर 1’ को को देखने के लिए सिनेमाघरों में दर्शकों की खूब भीड़ उमड़ रही है. ऐसे में ये फिल्म बंपर कमाई तो कर ही रही है वहीं ये बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त रिकॉर्ड भी बनाता जा रही है. वहीं इसके 9 दिनों के वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो इसने कमाल कर दिखाया है.

सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कांतारा चैप्टर 1’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन महज 9 दिनों में ही 500 करोड़ का बड़ा आंकड़ा पार कर चुका है. होमेबल फिल्म्स ने भी इंस्टा पर पोस्ट शेयर कर बताया है कि इस फिल्म ने दुनियाभर में पहले हफ्ते में 509 करोड़ की कमाई कर ली है. यह ऐसा मुकाम है जिसे छूना हर फिल्म निर्माता के बस की बात नहीं होती.

 


कांतारा चैप्टर 1′ घरेलू बाजार में 9 दिनों में कितनी की कमाई?
घरेलू बॉक्स ऑफिस के बारे में बात करें तो पहले दिन से लेकर नौवें दिन तक फिल्म की कमाई के आंकड़े देखने लायक हैं.  कर्नाटक, तेलुगु, हिंदी, तमिल और मलयालम भाषाओं में फिल्म जबरदस्त परफॉर्म कर रही है. पहले दिन ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने 61.85 करोड़ की कमाई के साथ धमाकेदार शुरुआत की थी और इसने पहले हफ्ते में 337.4 करोड़ रुपये कमाए. वहीं नौवें दिन फिल्म ने 22 करोड़ रुपए कमाए, जिससे इसका पूरे भारत में अब तक का कुल कलेक्शन 359.40 करोड़ हो गया है.

 



[ad_2]

हैक हो जाता है EVM? जानिए कौन सी टेक्नोलॉजी इसे बनाती है सुरक्षित

[ad_1]


EVM: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर देश में अक्सर बहस होती रहती है कुछ लोग कहते हैं कि EVM पूरी तरह सुरक्षित है तो कुछ सवाल उठाते हैं कि क्या इसे हैक किया जा सकता है. सच्चाई यह है कि EVM को डिज़ाइन करते समय सरलता और ऑफिस़लाइन (standalone) ऑपरेशन को प्राथमिकता दी गई है लेकिन सुरक्षा की परतें और ऑडिट मैकेनिज्म इसे और मज़बूत बनाते हैं.

EVM का बेसिक डिज़ाइन और सुरक्षा का पहला स्तर

भारत के EVMs हार्डवेयर-आधारित और ऑफलाइन काम करने के लिए बनाए गए हैं यानी वे किसी नेटवर्क या इंटरनेट से जुड़े नहीं होते. इनका सर्किट, मेमोरी और वोट स्टोरेज लोकल किस्म का होता है इसलिए रिमोट हैकिंग के लिए इंटरनेट एक्सेस जैसी सुविधा मौजूद ही नहीं रहती. यही डिज़ाइन EVM की सबसे बुनियादी सुरक्षा परत है.

VVPAT

EVM के साथ लगाए जाने वाले VVPAT (Voter-Verified Paper Audit Trail) सिस्टम से मतदाता को अपनी पसंद की कागज़ी रसीद दिखाई जाती है और ये पेपर रॉल बाद में गिने जा सकते हैं. अगर किसी शंका की बात उठे तो VVPAT की गिनती कर EVM के रिकॉर्ड की पुष्टि की जाती है यह एक बहुत बड़ा ऑडिट-लेयर है जो किसी तकनीकी विवाद में निर्णायक साबित होता है.

शोध और सुरक्षा सवाल

कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय शोधपत्रों ने दिखाया है कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम में सैद्धांतिक तौर पर कमजोरियां हो सकती हैं अगर मशीन को भौतिक तौर पर खोल कर उसमें छेड़छाड़ की जाए या स्टोरेज के दौरान सुरक्षा न बरती जाए. इसलिए सुरक्षा केवल मशीन के अंदरूनी डिज़ाइन तक सीमित नहीं बल्कि पूरे चुनाव, निर्माण, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, पोलिंग-स्टेशन हैंडलिंग और काउंटरिंग पर निर्भर करती है. इन पहलों में निगरानी, पार्टी प्रतिनिधियों की उपस्थिति और पोस्ट-इलेक्शन C&V (Checking & Verification) प्रक्रियाएं शामिल हैं.

क्या भारत में सचमुच हैकिंग की रिपोर्टें आई हैं?

समय-समय पर ऐसे दावे आते रहे हैं और कुछ व्यक्तियों ने हैक करने का दावा भी किया है पर चुनाव आयोग और बाद के सत्यापन में कई बार ऐसी बातें निराधार पाई गईं. चुनाव आयोग ने बार-बार कहा है कि EVM-VVPAT सिस्टम मजबूत और भरोसेमंद है और चुनावों की जांचों में भी कोई छेड़छाड़ नहीं मिली.

कौन-सी टेक्नोलॉजी और प्रक्रियाएँ EVM को सुरक्षित बनाती हैं?

नेटवर्क न होने से रिमोट अटैक मुश्किल. परमिशन-आधारित प्रोग्रामिंग और हैश-जांच मशीनों की फर्मवेयर और मेमोरी पर कंट्रोल रखा जाता है. VVPAT ऑडिट-ट्रेल जो किसी भी मतगणना में मिलान के लिए काम आता है. बाय-पार्टी प्रोटोकॉल और सख्त लॉजिस्टिक्स (सिंक किए हुए स्टोरेज, गोदामों की निगरानी, पार्टी निरीक्षक) ये सब मिलकर सुरक्षा की कई परतें बनाते हैं.

यह भी पढ़ें:

अब फ्री में देखिए Live TV और फिल्में! आपके Smart TV में छुपा है यह सीक्रेट तरीका, जानिए पूरा प्रोसेस

[ad_2]

‘मारिया कोरिना ने भी माना, मैं असली हकदार’, नोबेल पुरस्कार न मिलने पर छलका ट्रंप का दर्द!

[ad_1]


वेनेजुएला की मारिया कोरीना मचाडो को साल 2024 के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया. हालांकि, वैश्विक स्तर पर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम की चर्चा जोर-शोर से की जा रही थी, लेकिन अंत में नतीजा कुछ और निकलकर सामने आया. नोबेल पुरस्कार न मिलने का दर्द डोनाल्ड ट्रंप को महसूस हो रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार के ऐलान के बाद कहा कि जिस व्यक्ति को नोबेल पुरस्कार मिला, उसने मुझे फोन किया और कहा, ‘मैं इसे आपके सम्मान में स्वीकार कर रही हूं क्योंकि आप वास्तव में इसके हकदार थे. 

नोबेल पुरस्कार के ऐलान पर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने आगे कहा, ‘हालांकि मैंने यह नहीं कहा कि इसे मुझे दे दो.’ यूएस राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि मैं खुश हूं क्योंकि मैंने लाखों लोगों की जान बचाई है.’ उन्होंने आगे कहा, आप यह भी कह सकते हैं कि यह साल 2024 के लिए दिया गया है और मैं 2024 में चुनाव लड़ रहा था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि मैंने 8 शांति समझौते करवाए हैं, एक जो 31 साल से चल रहा था.  दूसरा जो 36 साल से चल रहा था और एक जो 10 साल से चल रहा था. उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष का भी जिक्र करते हुए कहा कि इंडिया और पाकिस्तान का युद्ध खतरनाक था, जिसमें सात विमानों को मार गिराया गया.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे पर दिखी उदासी

व्हाइट हाउस में शुक्रवार (10 अक्तूबर 2025) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के सामने आते ही इस साल अपने कार्यकाल के दौरान किए गए शांति प्रयासों की सूची दी. यह उनकी आदत बन गई है. इस दौरान वे वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो की जीत के बारे में बात करते हुए वे उदास दिखे.

व्हाइट हाउस ने क्या कहा था?

बता दें कि पुरस्कार की घोषणा के तुरंत बाद व्हाइट हाउस का रुख काफी कड़वा था. व्हाइट हाउस ने नोबेल समिति के फैसले की आलोचना करते हुए दावा किया था कि इसमें योग्यता से ज्यादा राजनीति की भूमिका है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप शांति समझौते करते रहेंगे, युद्ध खत्म करेंगे और जानें बचाते रहेंगे. उनका दिल एक मानवतावादी है और उनके जैसा कोई नहीं होगा.’

ये भी पढ़ें: Trump Tariff: ट्रंप का गुस्सा अब जिनपिंग पर फूटा! चाइनीज प्रोडक्ट्स पर लगाया 100% टैरिफ; अमेरिका-चीन के बीच फिर छिड़ा ट्रेड वॉर

[ad_2]