Govatsa Dwadashi 2025: गोवत्स द्वादशी कब है? जानें मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत के नियम और पौराणिक

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Govatsa Dwadashi 2025: गोवत्स द्वादशी, जिसे महाराष्ट्र में वासु बारस और गुजरात में वाघ बरस कहा जाता है, गाय और उसके बछड़े के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन दिन है. यह दीपावली पर्व की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और धनतेरस से एक दिन पहले मनाया जाता है. इस दिन महिलाएं अपने बच्चों की दीर्घायु, परिवार की समृद्धि और सुख-शांति की कामना से व्रत रखती हैं.

इसे बछ बारस, नंदिनी व्रत या वत्स द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन गाय और बछड़े की पूजा की जाती है तथा गाय के दूध से बने पदार्थों का सेवन नहीं किया जाता.

गोवत्स द्वादशी 2025 की तिथि व मुहूर्त:

  • तिथि: शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025
  • द्वादशी प्रारंभ: 17 अक्टूबर, प्रातः 11:12 बजे
  • द्वादशी समाप्त: 18 अक्टूबर, दोपहर 12:18 बजे
  • पूजन मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 5:49 से रात 8:20 तक

पूजन विधि:

  • स्नान और संकल्प: सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. संकल्प लें कि आप गौ माता और उनके बछड़े की श्रद्धा से पूजा करेंगे.
  • गौ पूजा: यदि वास्तविक गाय-बछड़ा उपलब्ध हों तो उन्हें स्नान कराएं और सजाएं. अन्यथा मिट्टी या चित्र रूप में उनकी पूजा करें.
  • श्रृंगार व अर्पण: हल्दी-कुमकुम लगाएं, फूलों की माला पहनाएं, और उन्हें हरी घास, चना या अंकुरित मूंग खिलाएं.
  • आरती व कथा: दीपक जलाकर गौ माता की आरती करें और फिर गोवत्स द्वादशी की कथा श्रद्धा से सुनें.
  • पारण: व्रत का पारण अगले दिन त्रयोदशी तिथि को गौ पूजा के बाद करें.

व्रत के नियम

  • इस दिन गेहूं, चावल और गाय के दूध से बने पदार्थों का सेवन नहीं किया जाता.
  • भैंस का दूध, फल, या सादा भोजन लिया जा सकता है.
  • चाकू या किसी धारदार वस्तु का प्रयोग भी वर्जित होता है.

गोवत्स द्वादशी की कथा:

बहुत समय पहले एक गांव में एक साहूकार अपने सात बेटों और पोतों के साथ रहता था. उसने एक तालाब बनवाया था, जो वर्षों तक नहीं भरा. पंडित ने बताया कि तालाब तभी भरेगा जब साहूकार अपने बड़े बेटे या बड़े पोते की बलि देगा.

साहूकार ने अपने बड़े बेटे की पत्नी को मायके भेज दिया और पीछे से अपने पोते की बलि दे दी. तभी तेज बारिश हुई और तालाब भर गया. कुछ समय बाद बछ बारस का दिन आया, और साहूकार अपने परिवार सहित तालाब पूजने गया.

घर जाते समय उसने दासी से कहा कि “गेहुंला पका लेना” वह “गेहुंला” शब्द का अर्थ न समझ सकी और गलती से बछड़े (जिसका नाम गेहुंला था) को ही पका दिया. जब साहूकार लौटकर आया तो उसने पूछा, “बछड़ा कहां है?” दासी ने कहा, “आपके कहे अनुसार पका दिया.” यह सुनकर साहूकार स्तब्ध रह गया.

शाम को जब गाय लौटी तो वह अपने बछड़े को ढूंढने लगी और मिट्टी खोदने लगी. तभी चमत्कार हुआ, मिट्टी में से बछड़ा जीवित बाहर निकल आया. साहूकार और उसका परिवार यह देखकर भाव-विभोर हो गए. उन्होंने गौ माता की पूजा की और संकल्प लिया कि अब हर वर्ष वे बछ बारस का व्रत करेंगे. कहा जाता है कि इस व्रत से संतान की रक्षा होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है. इसी कारण इस दिन गेहूं, मूंग और चाकू का प्रयोग वर्जित माना जाता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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‘अगर नेतन्याहू मिस्र शिखर सम्मेलन में शामिल हुए तो…’, ट्रंप के सामने इराक ने इजरायल को दी चेत

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गाजा शांति योजना के पहले चरण का आगाज सोमवार (13 अक्तूबर 2025) को बंधकों की रिहाई से शुरू हो गया. गाजा में बचे हुए सभी 20 बंधकों को दो साल के युद्ध के बाद हमास की कैद से मुक्त कर दिया गया है और इजरायल वापस भेज दिया गया है। गाजा पट्टी में स्थायी शांति के लिए मिस्र के शर्म अल-शेख में शांति शिखर सम्मेलन होने जा रहा है, जिसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वहां पहुंच गए हैं. 

इराक के पीएम ने नेतन्याहू को दी चेतावनी

इस सम्मेलन में पहुंचे इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने इजरायल को चेतावनी दे दी है. इराकी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा शिखर सम्मेलन से पहले इराक के पीएम ने मिस्र और अमेरिकी अधिकारियों को सूचित किया कि यदि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इसमें भाग लेंगे तो वे शिखर सम्मेलन से हट जाएंगे.

गाजा सम्मेलन में नहीं जाएंगे नेतन्याहू 

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इससे पहले ही समय की कमी का हवाला देते हुए गाजा शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेने से मना कर दिया था. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक उस समय यहूदी त्योहार सिमहत तोराह पड़ता है और नेतन्याहू किसी भी यहूदी त्योहारों पर यात्रा करने से बचते हैं.

इस शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त रूप से कर रहे हैं. इसमें भाग लेने वाले नेताओं में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस शामिल हैं.

गाजा में शांति लाने को लेकर पीएम मोदी ने की ट्रंप की तारीफ

गाजा में शांति लाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ की. पीएम मोीद ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, हम दो साल से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखे गए इजरायली बंधकों की रिहाई का स्वागत करते हैं. हम क्षेत्र में शांति लाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईमानदार प्रयासों का समर्थन करते हैं.” भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे.

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एक गेंद में बने 286 रन, यकीन करना मुश्किल, लेकिन सच में हुआ ऐसा! विश्व क्रिकेट रह गया हैरान

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Most Runs Off a Single Ball: वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारत की जीत पक्की नजर आ रही है. भारत को जीत के लिए 121 रन बनाने हैं. दूसरे टेस्ट के चौथे दिन तक भारत ने एक विकेट के नुकसान पर 63 रन बना दिए हैं, अब टीम इंडिया को आखिरी दिन जीत के लिए केवल 58 रनों की जरूरत है. अब इस मैच को जीतना वेस्टइंडीज के लिए असंभव है. अगर कोई चमत्कार हो तो अलग बात है, जैसे एक बार ऑस्ट्रेलिया में हो चुका है जब एक गेंद पर 286 रन बन गए थे.

15 जनवरी 1894 को लंदन के अखबार ‘पाल-माल गजट’ में इस मैच की रिपोर्ट छपी. अखबार ने दावा किया कि ऑस्ट्रेलिया के बर्नबरी मैदान पर विक्टोरिया और स्क्रैच XI के बीच खेले गए मैच में यह अनोखी घटना घटी थी. उस मैच में एक गेंद पर 286 रन बने थे, हालांकि जो लोग इस मैच के बारे नहीं जानते और उनसे पूछा जाए कि एक गेंद पर ज्यादा से ज्यादा कितने रन बन सकते हैं. इस सवाल के जवाब में 99 फीसदी लोग यही कहेंगे कि सात रन, लेकिन क्रिकेट के इतिहास में तो एक गेंद पर 286 रन बन चुके हैं.

क्या हुआ था उस मैच में?

बाउंड्री लाइन के भीतर था पेड़: मैच के दौरान विक्टोरिया के बल्लेबाज ने एक जोरदार शॉट लगाया और गेंद बाउंड्री लाइन के भीतर आए पेड़ की शाखाओं में जाकर अटक गई थी. 

अंपायर का फैसला: स्क्रैच XI की टीम ने अंपायर से ‘लॉस्ट बॉल’ (गेंद खो गई) की अपील की, लेकिन अंपायर ने अपील खारिज कर दी, क्यूंकि गेंद पेड़ पर साफ दिखाई दे रही थी, इसलिए अंपायर ने कहा कि गेंद को खोया हुआ घोषित नहीं किया जा सकता है.

दौड़ते रहे बल्लेबाज: जब तक गेंद पेड़ पर अटकी रही, तब तक दोनों बल्लेबाज विकटों के बीच में लगातार दौड़ते रहे. फील्डिंग टीम के पास गेंद निकालने का कोई तरीका नहीं था, तब अंपायर ने पेड़ काटने के लिए कुल्हाड़ी मंगवाई, लेकिन इतनी जल्दी पेड़ कैसे कटे. अंत में बंदूक मंगाई गई ताकि निशाना लगाकर गेंद को पेड़ से गिराने की कोशिश की जाए. कई प्रयासों के बाद आखिरकार गेंद नीचे गिरी.

रिकॉर्ड तोड़ रन: जब तक गेंद विकेटकीपर के हाथों में पहुंची, तब तक दोनों बल्लेबाज 286 रन दौड़ चुके थे. कहा जाता है कि दोनों खिलाड़ियों ने लगभग 6 किलोमीटर दौड़ लगाई थी. आज भी इस घटना की चर्चा होती रहती है, लेकिन किसी के लिए भी इस पर विश्वास करना आसान नहीं होता.

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2025 के अब तक के टॉप 5 हीरो: किसने दी सबसे बड़ी हिट फिल्म?

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साल 2025 में बॉलीवुज की कई बड़ी फिल्में रिलीज हुईं. जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर खूब कमाई की. वहीं कुछ फिल्में ऐसी रहीं जिन्होंने कम कमाई की लेकिन प्रदर्शन के मामले में उन्हें एवरेज माना गया. ठीकठाक कमाई करके भी ऐसी फिल्म फ्लॉप फिल्मों की कैटेगरी में सिर्फ इसलिए आ गईं क्योंकि इनका बजट हाई रहा.

उदाहरण के लिए अक्षय कुमार की ‘हाउसफुल 5’ को ही देखें तो 150 करोड़ के ऊपर कमाकर भी हाई बजट होने की वजह से भी इसे हिट नहीं माना गया. हालांकि, अक्षय कुमार उन टॉप 5 एक्टर्स की लिस्ट में जरूर शामिल हो गए जिनकी फिल्मों का टोटल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 500 करोड़ के करीब पहुंच गया.

2025 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एक्टर्स

हम अक्षय समेत ऐसे 5 एक्टर्स की लिस्ट लेकर आए हैं जिनमें से कुछ ने एक तो कुछ ने कई फिल्में देकर इस साल बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कलेक्शन किया.

1. विक्की कौशल
विक्की कौशल ने इस साल सिर्फ एक फिल्म दी और वो ब्लॉकबस्टर हो गई. उनकी ‘छावा’ ने 601.54 करोड़ का इंडियन बॉक्स ऑफिस पर कलेक्शन किया. सिर्फ एक फिल्म देकर विक्की कौशल नंबर 1 की जगह पर आ गए.

2025 के अब तक के टॉप 5 हीरो: किसने दी सबसे बड़ी हिट फिल्म?

2. अक्षय कुमार
अक्षय कुमार की भले कोई एक फिल्म इतना कलेक्शन न कर पाई हो, लेकिन उन्होंने एक के बाद एक 4 फिल्में देकर दूसरी जगह अपने नाम कर ली है. उनकी फिल्में इस प्रकार हैं-

  • स्काई फोर्स- 112.75 करोड़
  • हाउसफुल 5- 183.3 करोड़
  • केसरी चैप्टर 2- 92.73 करोड़
  • जॉली एलएलबी 3- 113.11 करोड़ (कमाई अभी जारी है)

अक्षय कुमार की फिल्मों का टोटल कलेक्शन- 501.89 करोड़ रुपये


2025 के अब तक के टॉप 5 हीरो: किसने दी सबसे बड़ी हिट फिल्म?

3.अहान पांडे
अहान पांडे इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं. उन्होंने सिर्फ एक फिल्म ‘सैयारा’ देकर 329.2 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया. बता दें कि ‘सैयारा’ न सिर्फ ब्लॉकबस्टर है बल्कि इस साल दूसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली बॉलीवुड फिल्म भी बन चुकी है.

2025 के अब तक के टॉप 5 हीरो: किसने दी सबसे बड़ी हिट फिल्म?

4. अजय देवगन
अजय देवगन ने इस साल 3 फिल्में दीं. पहली ‘रेड 2’ जिसने 173.05 करोड़ कमाए और दूसरी ‘सन ऑफ सरदार 2’ जिसने 46.82 करोड़ कमाए. तीसरी रही ‘आजाद’ जिसने सिर्फ 6.35 करोड़ रुपये कमाए. तीनों का टोटल कलेक्शन देखें तो ये 226.22 करोड़ पहुंचता है. 3 फिल्मों के साथ अजय देवगन इस लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं.

2025 के अब तक के टॉप 5 हीरो: किसने दी सबसे बड़ी हिट फिल्म?

5. ऋतिक रोशन
ऋतिक रोशन इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं. जूनियर एनटीआर के साथ आई स्पाई यूनिवर्स की हाई ऑक्टेन एक्शन फिल्म ‘वॉर 2’ के साथ उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर 236.55 करोड़ रुपये कमाए.

2025 के अब तक के टॉप 5 हीरो: किसने दी सबसे बड़ी हिट फिल्म?

नोट: बॉक्स ऑफिस जुड़े यहां इस्तेमाल किए गए आंकड़े सैक्निल्क के मुताबिक हैं.

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कुत्ते का शिकार करने घर में कूदा बाघ! एक चूहा देख निकल गई हवा, दुम दबाकर भागा- वीडियो वायरल

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग हंसी और हैरानी दोनों में फंस गए हैं. वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे जंगल का राजा, टाइगर, अचानक मानव बसावट के पास आकर, घर के आंगन में बैठे कुत्ते का शिकार करने के लिए छलांग लगाता है. कुत्ते की हालत डर के मारे पतली हो जाती है और वह वहीं से भाग खड़ा होता है. लेकिन इस डरावने और रोमांचक मंजर में असली ट्विस्ट तब आता है जब आंगन में एक छोटा सा चूहा एंट्री लेता है. वीडियो देखकर आपकी हंसी नहीं रुकेगी.

घर के आंगन में टाइगर ने शिकार के लिए लगाई छलांग, चूहे से डरकर भागा!

दरअसल, वायरल हो रहे वीडियो में टाइगर एक घर के आंगन में कुत्ते का शिकार करने के लिए एंट्री लेता है जिसके बाद कुत्ते के प्राण मुंह को आ जाते हैं और वो आंगन से भाग खड़ा होता है. लेकिन असली मजा तो तब आता है जब उसी आंगन में एक छोटे से चूहे की एंट्री होती है. वीडियो में दिखता है कि शुरुआत में टाइगर का ध्यान चूहे पर नहीं जाता, लेकिन जैसे ही उसकी नजर उस छोटे से जीव पर पड़ती है, उसकी हालत अचानक बदल जाती है. टाइगर डर के मारे अपनी दुम दबाकर, जैसे किसी भूत को देख लिया हो, तेजी से घर की दीवार फांदकर जंगल की ओर भाग जाता है. यह मंजर देखकर वीडियो देखने वाले लोग अपनी हंसी रोक नहीं पा रहे हैं, क्योंकि ताकतवर और घमंडी टाइगर का डर छोटे से चूहे के सामने साफ नजर आता है.

एआई तकनीक से बनाया गया है वीडियो!

हालांकि पूरा सीन एक सीसीटीवी फुटेज की तरह दिखाया गया है लेकिन ये कमाल एआई तकनीक का है जिसका सहारा लेकर ये वीडियो बनाया गया है. एआई के इस कमाल ने वो कर दिखाया जो असल में देख पाना लगभग नामुमकिन है. वीडियो के वायरल होने के बाद इंटरनेट यूजर्स तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स ने लिए मजे

वीडियो को Jomfey G. Borja नाम के फेसबुक अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…उन लोगों के लिए दो मिनट का मौन जिन्हें ये वीडियो रियल लग रहा है. एक और यूजर ने लिखा…एआई ने मुश्किल खड़ी कर दी है, पहचान पाना आसान नहीं है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कुछ भी हो, चूहे से डरता हुआ टाइगर पहली बार देखा है.

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ब्रिटेन छोड़कर लगातार भाग रहे अरबपति, जानें अब इस लिस्ट में जुड़ा किसका नाम

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ब्रिटेन से करोड़पतियों और अरबपतियों का पलायन लगातार बढ़ता जा रहा है. इसकी मुख्य वजह वहां की कर नीति में बदलाव, आर्थिक अनिश्चितता और निवेश से जुड़ी चुनौतियां हैं. हाल ही में कई बड़े अरबपतियों जैसे क्रिश्चियन एंगरमेयर, एस्टन विला के मालिक नसीफ सॉविरिस और शिपिंग टायकून जॉन फ्रेडरिक्सन ने ब्रिटेन छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का रुख किया है.

कहां जा रहे हैं अमीर लोग?

अमीर व्यक्तियों के लिए यूएई, अमेरिका, इटली और स्विट्ज़रलैंड जैसे देश अधिक आकर्षक साबित हो रहे हैं, क्योंकि इन देशों में टैक्स नियम अपेक्षाकृत सरल हैं और निवेश के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हैं.

क्यों भाग रहे हैं अरबपति?

इस सूची में अब एक और नाम जुड़ गया है — निक स्टोरॉन्स्की (Nik Storonsky) का. फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन की कंपनी हाउस फाइलिंग्स से यह जानकारी सामने आई है कि डिजिटल बैंकिंग एप Revolut के को-फाउंडर निक स्टोरॉन्स्की ने अपना आधिकारिक निवास ब्रिटेन से बदलकर यूएई में कर लिया है.
यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब ब्रिटेन सरकार ने “नॉन-डोमिसाइल्ड टैक्स” व्यवस्था को खत्म कर दिया है, जो विदेशी नागरिकों को उनके विदेशी आय पर यूके टैक्स से छूट देता था.

कौन हैं निक स्टोरॉन्स्की?

41 वर्षीय निक स्टोरॉन्स्की मूल रूप से रूस में पैदा हुए थे. हालांकि उनका ब्रिटेन में एक घर अब भी है, लेकिन उनका आधिकारिक निवास अब यूएई में दर्ज हो चुका है, जहां Revolut अपनी नई लॉन्चिंग कर रही है.

स्टोरॉन्स्की के यूएई में व्यावसायिक और निवेश संबंध भी लगातार बढ़ रहे हैं. उन्होंने वर्ष 2015 में Revolut की स्थापना की थी, जो आज 65 मिलियन यूजर्स और 75 बिलियन डॉलर मूल्यांकन वाली एक वैश्विक फिनटेक कंपनी बन चुकी है. फोर्ब्स के अनुसार, कंपनी में सबसे बड़े शेयरधारक के रूप में निक स्टोरॉन्स्की की कुल हिस्सेदारी लगभग 8 बिलियन डॉलर की है.

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Full HD और 4K Smart TV में क्या होता है फर्क? खरीदते समय ज्यादातर लोग करते हैं ये गलती

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Full HD Vs 4K Smart TV: आज के समय में टीवी सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा बल्कि यह एक स्मार्ट डिवाइस बन चुका है. OTT प्लेटफॉर्म्स, गेमिंग, और इंटरनेट कनेक्टिविटी के दौर में लोग अब Smart TV खरीदना पसंद करते हैं. लेकिन जब बात आती है टीवी के रिजॉल्यूशन की तो ज़्यादातर लोग Full HD और 4K Smart TV के बीच का फर्क ठीक से नहीं समझ पाते. नतीजा ये होता है कि या तो वे ज़रूरत से महंगा टीवी खरीद लेते हैं या फिर कम रेज़ॉल्यूशन वाला टीवी लेकर पछताते हैं. तो आइए जानते हैं आखिर Full HD और 4K Smart TV में क्या है असली अंतर.

रेज़ॉल्यूशन का मतलब क्या होता है

टीवी में रेज़ॉल्यूशन का मतलब है—स्क्रीन पर मौजूद पिक्सल्स की संख्या. जितने ज़्यादा पिक्सल्स उतनी बेहतर तस्वीर. Full HD (1080p) टीवी का रेज़ॉल्यूशन 1920×1080 पिक्सल्स होता है. वहीं 4K (Ultra HD) टीवी का रेज़ॉल्यूशन 3840×2160 पिक्सल्स होता है यानी Full HD से लगभग चार गुना ज़्यादा. इसका सीधा मतलब है कि 4K टीवी में आपको डिटेल और क्लैरिटी कहीं ज़्यादा मिलेगी. खासकर बड़े स्क्रीन (50 इंच या उससे ऊपर) पर 4K रेज़ॉल्यूशन का अंतर साफ दिखता है.

पिक्चर क्वालिटी और कलर डिटेल

4K Smart TV में पिक्चर बहुत शार्प और डिटेल्ड होती है. रंग ज़्यादा गहरे और नेचुरल दिखते हैं जिससे मूवी या स्पोर्ट्स देखने का अनुभव और शानदार बन जाता है. वहीं Full HD टीवी में रंग अच्छे होते हैं लेकिन 4K जितने रियलिस्टिक नहीं. अगर आप 43 इंच या छोटे स्क्रीन पर टीवी देख रहे हैं तो Full HD भी काफी अच्छा विकल्प है लेकिन बड़ी स्क्रीन पर इसका फर्क साफ नज़र आता है.

इंटरनेट और OTT कंटेंट

आज Netflix, Amazon Prime Video, Disney+ Hotstar जैसी अधिकांश स्ट्रीमिंग सर्विसेज़ 4K कंटेंट प्रदान करती हैं. अगर आपका टीवी Full HD है, तो आप वो कंटेंट 4K क्वालिटी में नहीं देख पाएंगे. हालांकि, 4K कंटेंट देखने के लिए आपके पास हाई-स्पीड इंटरनेट (कम से कम 25 Mbps) होना ज़रूरी है नहीं तो वीडियो बार-बार बफर होगा.

कीमत और वैल्यू फॉर मनी

यह वह बिंदु है जहां ज़्यादातर लोग गलती करते हैं. बहुत से खरीदार सिर्फ “4K” का टैग देखकर महंगा टीवी खरीद लेते हैं जबकि उनके उपयोग के हिसाब से Full HD ही पर्याप्त होता है. अगर आपका बजट सीमित है और आप छोटा स्क्रीन साइज (32–43 इंच) लेना चाहते हैं तो Full HD Smart TV एक बेहतर और किफायती विकल्प है. लेकिन अगर आप बड़ा स्क्रीन और प्रीमियम व्यूइंग एक्सपीरियंस चाहते हैं तो 4K TV पर खर्च करना फायदेमंद रहेगा.

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Video: बच्चे को उठा ले जा रहा था बाज़, डॉगी ने टी-शर्ट खींचकर बचाया, सामने आई वीडियो की सच्चाई

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Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक कुत्ता अपनी जान जोखिम में डालकर एक मासूम बच्चे को बाज़ के पंजों से बचा लेता है. वीडियो में साफ दिखाया गया है कि बाज़ ने कितनी बुरी तरह से बच्चे पर हमला किया, लेकिन कुत्ते की तेजी के कारण बच्चे की जान बाल-बाल बच जाती है.

खेल रहे मासूम पर हमला कर देता है बाज़

वीडियो में एक हरा-भरा लॉन दिखाई देता है, जहां एक छोटा सा बच्चा घास पर खेलता नजर आ रहा है. वीडियो में एक कुत्ता भी दिखाई दे रहा है, तभी अचानक एक बड़ा बाज़ बच्चे की ओर आता है और उसपर हमला कर देता है.

वीडियो में देख सकते हैं कि बाज़ ने बच्चे के कपड़े को कितनी तेजी से पकड़ा हुआ है और वह बच्चे को अपने साथ ले जाने ही वाला था, वैसे ही बच्चे के पास खड़ा कुत्ता फुर्ती से बच्चे के सामने कूदता है और बच्चे के कपड़े को पकड़कर उसे बचाने लगता है, जिसके चलते बाज़ मौके से चला जाता है और बच्चे की जान बाल-बाल बच जाती है. अगर कुत्ता बाज़ को न रोकता तो बाज़ बच्चे को लेकर चला जाता.

एआई जेनरेटिड है ये वीडियो

हालांकि, ये वीडियो एआई जेनरेटेड है, लेकिन इस वीडियो के माध्यम से ये सीखने को मिलता है कि छोटे बच्चों का मा-बाप को विशेष ध्यान देना चाहिए. ताकि इस तरह की घटनाएं सच में न हो. इसके लिए उन्हें अपने बच्चों का ध्यान रखना चाहिए. वीडियो के लास्ट में यह भी देखा गया है कि बच्चे की मां दौड़कर आती है और उसे गोद में उठाकर ले जाती है. वीडियो पर लोगों ने कई कमेंट्स किए है. साथ ही साथ इस एआई जेनरेटेड वीडियो से सबक सीखने की सलाह देते हैं. 


कितने पढ़े-लिखे हैं भारत आए तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी?

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अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी (Amir Khan Muttaqi) इन दिनों भारत दौरे पर हैं. वे 9 से 16 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर रहेंगे. यह यात्रा इसलिए खास है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी तालिबान सरकार के मंत्री ने भारत का दौरा किया है. इस यात्रा को भारत और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर तालिबान के विदेश मंत्री कितने पढ़े-लिखे हैं? आइए जानते हैं आमिर खान मुत्तकी की कहानी वह कैसे एक साधारण गांव से होकर अफगानिस्तान की सत्ता के शिखर तक पहुंचे. आमिर खान मुत्तकी का जन्म 7 मार्च 1970 को हिल्मंद प्रांत के नद अली जिले के जरगुन गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम हाजी नादिर खान था. मुत्तकी मूल रूप से पक्तिया प्रांत के रहने वाले हैं, लेकिन बाद में उनका परिवार हिल्मंद चला गया.

रिपोर्ट्स के अनुसार आमिर खान मुत्तकी ने अपनी शुरुआती शिक्षा अपने ही गांव की मस्जिद में हासिल की. यहीं से उन्होंने इस्लामी और पारंपरिक धार्मिक ज्ञान की पढ़ाई शुरू की. उस समय अफगानिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष का दौर था, लेकिन मुत्तकी की पढ़ाई जारी रही.

पाकिस्तान में शरण और शिक्षा

रिपोर्ट्स बताती हैं कि 1979 में अफगानिस्तान में कम्युनिस्ट शासन और सोवियत आक्रमण के बाद उनके परिवार को देश छोड़ना पड़ा. सिर्फ 9 साल की उम्र में आमिर खान मुत्तकी पाकिस्तान चले गए. वहां उन्होंने अफगान शरणार्थियों के लिए बने धार्मिक स्कूलों में पढ़ाई की. इन मदरसों में उन्होंने कुरान, हदीस, फिक्ह और अन्य इस्लामी विषयों की शिक्षा प्राप्त की. धीरे-धीरे वे धार्मिक शिक्षा में निपुण होते गए और अपने समुदाय में एक जानकार व्यक्ति के रूप में पहचाने जाने लगे.

रिपोर्ट्स बताती हैं कि मुत्तकी ने सोवियत समर्थित सरकार के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लिया. उन्होंने हेलमंद प्रांत में चल रहे संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लिया. डॉ. नजीबुल्ला की सरकार के पतन के बाद मुत्तकी ने अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने में जुट गए.

प्रमुख वार्ताकार और कूटनीतिज्ञ

आमिर खान मुत्तकी न केवल एक धार्मिक विद्वान हैं बल्कि एक अनुभवी राजनयिक भी हैं. उन्होंने तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के निर्देश पर कई बार अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में हिस्सा लिया.

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सीजफायर से फिलिस्तीनी खुश, लेकिन गाजा के नाम पर जल रहा पाकिस्तान, TLP चीफ को लगी गोली

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पाकिस्तान के लाहौर में सोमवार को एक एंटी-इजरायल मार्च के दौरान उग्र इस्लामी पार्टी, तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं. इसमें कम से कम एक अधिकारी की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. शहर हिंसक झड़पों के कारण लगभग ठप हो गया, क्योंकि प्रदर्शनकारी राजधानी इस्लामाबाद की ओर मार्च कर रहे थे.

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच फायरिंग
पंजाब पुलिस प्रमुख उस्मान अनवर ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर फायरिंग की, जिसमें एक अधिकारी की मौत हो गई और अन्य घायल हुए. उन्होंने प्रदर्शनकारियों में हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की, लेकिन TLP ने बयान में कहा कि उनके कई समर्थक भी मारे गए या घायल हुए हैं.

TLP प्रमुख साद रिजवी गंभीर घायल
TLP के प्रमुख साद रिजवी को कई गोली लगी हैं और वे गंभीर हालत में अस्पताल में हैं. सोशल मीडिया पर उनके मारे जाने की खबरें वायरल हो रही हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार वह गंभीर रूप से घायल हैं, उनकी मौत नहीं हुई है. TLP ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें रिजवी सुरक्षा बलों से फायरिंग रोकने की अपील करते दिख रहे हैं और बातचीत के लिए तैयार होने की बात कह रहे हैं.

मार्च के दौरान वाहनों को आग लगाई गई
सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें कई वाहन जलते हुए दिखाई दिए, जिनमें TLP समर्थकों से भरी एक ट्रक भी शामिल थी. इस “लॉन्ग मार्च” की शुरुआत शुक्रवार को पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से से हुई थी. शनिवार को हुए एक प्रदर्शन में पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था.

अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर फिलिस्तीन के समर्थन में एक रैली आयोजित करना था. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की, इसी दौरान फायरिंग हुई. एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, सोमवार को झड़प तब शुरू हुई जब प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा सड़कों पर रखे गए कंटेनर हटाने की कोशिश करने लगे. समर्थक लाहौर में पुलिस से भिड़ गए और बाद में नजदीकी शहर मुरिदके में ठहरे, फिर मार्च जारी रखा.

TLP का इतिहास और राजनीति में प्रभाव
TLP 2018 के चुनावों में पाकिस्तान में उभरी थी और इस्लाम के अपमान पर कड़े कानून की रक्षा को अपनी मुख्य राजनीतिक मुद्दा बनाया. तब से पार्टी अक्सर हिंसक रैलियां आयोजित करती रही है, खासकर विदेशों में कुरान की अपवित्रता के विरोध में. पिछले सालों में TLP ने लाहौर और अन्य शहरों में कई प्रो-पैलेस्टिनियन रैलियां आयोजित की हैं.

सरकार और जनता की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि TLP ने गाजा में शांति के मौके पर हिंसा क्यों चुनी. सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं मिश्रित रही-कुछ ने TLP की आलोचना की, तो कुछ ने मार्च शुरू होने से पहले ही बड़े रास्तों को ब्लॉक करने पर सरकार की निंदा की.



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