AI से भूलकर भी न पूछना ये सवाल, नहीं तो बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगे आप

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Artificial Intelligence (AI): आज के डिजिटल युग में ChatGPT, Gemini, Copilot जैसे AI चैटबॉट्स ने लोगों की जिंदगी आसान बना दी है. स्टूडेंट्स असाइनमेंट में मदद लेते हैं प्रोफेशनल्स ईमेल और रिपोर्ट लिखवाते हैं और क्रिएटर्स कंटेंट आइडिया बनवाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि AI से कुछ ऐसे सवाल पूछना कानूनी और सुरक्षा दोनों ही नजरिए से बेहद खतरनाक हो सकता है?

AI चैटबॉट्स भले ही स्मार्ट हों लेकिन इनकी सीमाएं तय हैं. अगर आप उन सीमाओं को पार करते हैं, तो आपकी प्राइवेसी, डेटा और यहां तक कि कानूनी स्थिति भी खतरे में पड़ सकती है.

व्यक्तिगत जानकारी साझा करने वाले सवाल

कभी भी AI से अपने या किसी और के बैंक अकाउंट नंबर, पासवर्ड, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर या पता जैसी निजी जानकारी साझा न करें. AI मॉडल्स आपके डेटा को सुरक्षित रखने की कोशिश करते हैं लेकिन यह गारंटी नहीं होती कि जानकारी किसी सर्वर पर सेव न हो. हैकर्स ऐसे डेटा का दुरुपयोग कर सकते हैं. इसलिए, निजी पहचान से जुड़ा कोई भी सवाल या जानकारी AI चैट में डालना जोखिम भरा हो सकता है.

हैकिंग या गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े सवाल

कुछ लोग जिज्ञासा में AI से पूछ लेते हैं “हैक कैसे करें?”, “वायरस कैसे बनाएं?”, या “किसी का अकाउंट कैसे क्रैक करें?”. ऐसे सवाल न सिर्फ AI की नीतियों के खिलाफ हैं बल्कि साइबर लॉ के तहत अपराध माने जाते हैं.

AI सिस्टम तुरंत ऐसे अनुरोधों को ब्लॉक कर सकता है, और कई मामलों में आपकी गतिविधि को सुरक्षा एजेंसियों तक रिपोर्ट किया जा सकता है. इसलिए इस तरह के सवाल पूछना खुद को मुश्किल में डालने जैसा है.

संवेदनशील या प्रतिबंधित विषयों पर सवाल

AI से राजनीति, धर्म, हिंसा या आतंकवाद जैसे संवेदनशील विषयों पर भड़काऊ सवाल पूछना भी खतरनाक हो सकता है. ये न सिर्फ गलत सूचना फैलाने का कारण बनते हैं बल्कि आपके अकाउंट को सस्पेंड या बैन भी करवा सकते हैं.

AI मॉडल्स को इन विषयों पर निष्पक्ष और तथ्यात्मक जवाब देने के लिए डिजाइन किया गया है लेकिन जानबूझकर भड़काने वाले या नफरत फैलाने वाले सवाल कानून के दायरे में अपराध माने जा सकते हैं.

मेडिकल या कानूनी सलाह मांगना भी खतरनाक

कई लोग अपनी सेहत या कानूनी मामलों को लेकर AI से सलाह लेने लगते हैं. जैसे “मुझे कौन सी दवाई लेनी चाहिए?” या “अगर पुलिस ने रोका तो क्या कहूं?”. AI सामान्य जानकारी दे सकता है लेकिन यह डॉक्टर या वकील की जगह नहीं ले सकता. गलत जानकारी पर भरोसा करना आपकी सेहत या कानूनी स्थिति को गंभीर खतरे में डाल सकता है.

भविष्यवाणी या निजी निर्णय से जुड़े सवाल

AI से “मेरा भविष्य क्या होगा?” या “कौन सा बिज़नेस मेरे लिए सही रहेगा?” जैसे सवाल पूछना व्यर्थ है. AI कोई ज्योतिषी नहीं है, यह सिर्फ डेटा के आधार पर जवाब देता है. ऐसे जवाबों पर भरोसा करके अगर आप गलत फैसला लेते हैं तो नुकसान आपका ही होगा.

AI आपकी मदद के लिए बना है लेकिन इसका इस्तेमाल सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करना जरूरी है. निजी या गैरकानूनी जानकारी पूछना, झूठ फैलाना या संवेदनशील विषयों पर उकसाने वाले सवाल पूछना आपको मुश्किल में डाल सकता है.

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क्या ज्यादा हाथ धोने से भी बीमार हो सकता है इंसान? बॉडी में हो जाती हैं इतनी दिक्कतें

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हाथ धोना एक जरूरी आदत है, जो हमें कई बीमारियों से बचा सकती है. चाहे हम खाना खा रहे हों, टॉयलेट से आ रहे हों, किसी को छूने के बाद या बाहर से घर आने पर, हर बार हाथ धोने की सलाह दी जाती है. दरअसल हमारे हाथ रोजाना मोबाइल, दरवाजों, पैसों, गाड़ियों और खाने-पीने की चीजों को छूते हैं, जिससे लाखों-करोड़ों कीटाणु हमारी स्किन पर आ जाते हैं. अगर हम हाथ नहीं धोते, तो यही कीटाणु हमारे शरीर में पहुंचकर बीमारियां फैला सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन  और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित और सही तरीके से हाथ धोने से डायरिया, सर्दी-जुकाम, फ्लू, स्किन संक्रमण, सांस लेने से जुड़ी समस्याएं और कोरोना जैसी बीमारियों को रोका जा सकता है.

इसी वजह से हर साल 15 अक्टूबर को ग्लोबल हैंडवाशिंग डे मनाया जाता है ताकि लोगों को याद दिलाया जा सके कि साफ-सुथरे हाथ ही बीमारियों से बचाव का सबसे आसान और असरदार तरीका हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बहुत ज्यादा हाथ धोना भी नुकसानदायक हो सकता है. तो आइए जानते हैं कि क्या ज्यादा हाथ धोने से भी इंसान बीमार हो सकता है और इसके कारण बॉडी में कितनी दिक्कतें हो जाती हैं. 

क्या ज्यादा हाथ धोने से भी इंसान बीमार हो सकता है?

हाथ धोने की आदत अगर जरूरत से ज्यादा बार दोहराई जाए तो इससे शरीर में कुछ समस्याएं हो सकती हैं. दरअसल, हमारी स्किन में कुछ नेचुरल ऑयल और गुड बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जो हमारी रक्षा करते हैं. ये बैरियर की तरह काम करते हैं और बाहरी कीटाणुओं से लड़ने में मदद करते हैं. जब हम बहुत अधिक बार साबुन या हैंडवॉश इस्तेमाल करते हैं तो ये नेचुरल सुरक्षा कवच धीरे-धीरे हटने लगता है. इसकी वजह से स्किन रूखी और बेजान हो जाती है, हाथों में लालपन, खुजली और दरारें पड़ने लगती हैं. वहीं, कुछ लोगों में एक्जिमा जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं और फटी स्किन से बैक्टीरिया आसानी से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है. 

बार-बार हाथ धोने से बॉडी में होती हैं कितनी दिक्कतें?

1. स्किन में जलन और खुजली: बार-बार साबुन से हाथ धोने से स्किन की ऊपरी लेयर डैमेज हो जाती है. इससे हाथों में जलन, खुजली और कभी-कभी छाले जैसी स्थिति भी हो सकती है.

2. नेचुरल ऑइल का नुकसान: हमारी स्किन में मौजूद नैचुरल ऑयल हाथों को सॉफ्ट बनाए रखते हैं. बार-बार हाथ धोने से ये ऑयल खत्म हो जाते हैं, जिससे स्किन रूखी और बेजान हो जाती है. 

3. डर्मेटाइटिस: बहुत ज्यादा हाथ धोने से संपर्क डर्मेटाइटिस हो सकता है, जिससे स्किन में  सूजन, खुजली और लालपन जैसी शिकायत होती है. 

4. एक्जिमा की समस्या: जिन लोगों को पहले से एक्जिमा है, उनके लिए बार-बार हाथ धोना एक गंभीर समस्या बन सकती है. ये बीमारी और भी तेज हो सकती है और हाथों में लगातार जलन बनी रह सकती है. 

5. संक्रमण का खतरा बढ़ना: जब स्किन फट जाती है या उस पर दरारें आ जाती हैं, तो यह कीटाणुओं के शरीर में घुसने का आसान रास्ता बन जाता है. इस वजह से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है. 

कब और कैसे हाथ धोने चाहिए?

हाथ धोना जरूरी है, लेकिन जरूरत के अनुसार हाथ धोने से दिक्कतें नहीं होती है. जैसे टॉयलेट यूज करने के बाद, खाना खाने या बनाने से पहले, बाहर से घर आने के बाद, किसी बीमार व्यक्ति को छूने के बाद, छींकने या खांसने के बाद हाथ धोना ज्यादा असरदार होता है. वहीं, हाथ धोने का सही तरीका यह है कि कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और बहते पानी से हाथ धोएं. उंगलियों के बीच, नाखूनों के नीचे और हाथ की पीठ को अच्छे से रब करें. 

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राजीव शुक्ला ने दिया सारे सवालों का जवाब, ऑस्ट्रेलियाई टूर के बाद विराट-रोहित की रिटायरमेंट?

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रोहित शर्मा और विराट कोहली की रिटायरमेंट का टॉपिक फिर से चर्चा में आ गया है. BCCI के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला ने उन खबरों पर चुप्पी तोड़ी है कि ऑस्ट्रेलियाई टूर रोहित शर्मा और विराट कोहली का आखिरी अंतर्राष्ट्रीय दौरा होगा. राजीव शुक्ला ने इन सभी अफवाहों को खारिज करते हुए कहा है कि संन्यास का फैसला खिलाड़ी खुद लेता है. बताते चलें कि भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया 3 मैचों की वनडे सीरीज 19-25 अक्टूबर तक खेली जाएगी.

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में राजीव शुक्ला ने बताया, “रोहित शर्मा और विराट कोहली का ODI स्क्वाड में होना हमारे लिए फायदेमंद है, क्योंकि दोनों ही महान बल्लेबाज हैं. उनकी टीम में मौजूदगी से मुझे लगता है कि हम ऑस्ट्रेलिया को हराने में सफल होंगे.”

क्या ये विराट और रोहित की आखिरी सीरीज होगी?

विराट कोहली और रोहित शर्मा की आखिरी सीरीज की अटकलों पर बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, “जहां तक इसे रोहित और विराट के लिए आखिरी टूर कहने की बात है, ऐसा कुछ नहीं है. हमें कभी भी इन चीजों में नहीं पड़ना चाहिए. ये फैसला सिर्फ खिलाड़ियों पर निर्भर करता है कि वो कब रिटायर होना चाहते हैं. ऑस्ट्रेलियाई टूर को उनका आखिरी दौरा कहना बिल्कुल गलत है.”

टीम इंडिया की तारीफ भी की

उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-0 की जीत पर टीम इंडिया की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, “मैं शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम को वेस्टइंडीज पर टेस्ट सीरीज जीत की बधाई देता हूं. ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले ये जीत हमारे लिए जरूरी थी, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया हमेशा कड़ी चुनौती पेश करता है.”

भारत ने दूसरे टेस्ट में वेस्टइंडीज को 7 विकेट से हराया था. टीम इंडिया ने पहला टेस्ट पारी और 140 रनों के विशाल अंतर से जीता था. दूसरे टेस्ट में पांचवें दिन केएल राहुल ने 58 रनों की अर्धशतकीय पारी खेल, टीम इंडिया की जीत सुनिश्चित की. यह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र में टीम इंडिया की पहली सीरीज जीत है.

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पेट्रोल पंप पर भयानक हादसा! जाते जाते बची लोगों की जान- भयानक मंजर का वीडियो वायरल

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पेट्रोल पंप पर जाना किसी खतरे से कम नहीं होता है. आप जब वहां मौजूद होते हैं तो गैस रिसाव और आग लगने का डर हर पल बना रहता है. ऐसा ही एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है जो कि लोगों को डरा रहा है खौफ पैदा कर रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि कैसे गैस का पाइप अचानक मशीन से बाहर निकलता है और पूरे पैट्रोल पंप पर गैस का रिसाव शुरू हो जाता है. अगर इस वक्त कोई माचिस या लाइटर जला देता तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था.

सीएनजी भरते वक्त पेट्रोल पंप पर हुई भयावह घटना

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें पेट्रोल पंप का सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया है. इस फुटेज में दिख रहा है कि कैसे कार में सीएनजी भरने के लिए लगाया गया पाइप अचानक कार से छूट जाता है और गैस के प्रेशर से हवा में गोते मारने लगता है, तभी वहां जमकर अफरा तफरी मच जाती है और लोग इधर उधर भागने लगते हैं. देखते ही देखते पूरे पेट्रोल पंप पर गैस ही गैस हो जाती है और पूरा माहौल ऐसा हो जाता है जैसे बर्फ गिरी हो.

एक छोटी सी चिंगारी और मौत कर सकती थी तांडव!

इस घटना में सबसे खतरनाक चीज ये है कि सीएनजी हो या एलपीजी, अगर फैल जाए तो एक लाइट की रोशनी से भी आग पकड़ सकती है, इस वजह से घटना जानलेवा साबित हो सकती थी. वो तो गनीमत रही की कुछ लोगों ने बहादुरी दिखाई और पाइप को पकड़कर वापस मशीन में लगा दिया जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया. वीडियो जिसने भी देखा वो सहम गया और अब यूजर्स इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स भी हैरान

वीडियो को @Ritikapradeep94 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो  वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…पेट्रोल गैस डीजल भराते वक्त सावधानी बरतें, ये किसी के सगे नहीं हैं. एक और यूजर ने लिखा…सीएनजी भरते वक्त वाहन से दूर चले जाएं. तो वहीं एक और यूज ने लिखा…छोटी सी लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है.

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हार्ट जेमस्टोन महिलाओं के लिए बेहद खास, पहनने से प्रेम जीवन और भाग्य में आते हैं सकारात्मक सुधार

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हृदय रत्न या प्रेम का पत्थर महिलाओं के मन और भावनाओं पर गहरा असर डालता है. मान्यताओं के मुताबिक इसे पहने से प्रेम और करुणा की भावना उत्पन्न होती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है. इस रतन की ऊर्जा व्यक्ति के हृदय चक्र पर सीधा असर डालती है और अंदर के नकारात्मक भावनाओं से भी मुक्त करने में मदद करती है.

हृदय रत्न या प्रेम का पत्थर महिलाओं के मन और भावनाओं पर गहरा असर डालता है. मान्यताओं के मुताबिक इसे पहने से प्रेम और करुणा की भावना उत्पन्न होती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है. इस रतन की ऊर्जा व्यक्ति के हृदय चक्र पर सीधा असर डालती है और अंदर के नकारात्मक भावनाओं से भी मुक्त करने में मदद करती है.

आध्यात्मिक दृष्टि के अनुसार, प्रेम का पत्थर हृदय चक्र को खोलने और संतुलित करने में मदद करता है. इस चक्र के सक्रिय हो जाने से न केवल व्यक्ति के अंदर आत्म-प्रेम की भावना जागती है, बल्कि वह दूसरों के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस करने लगता है. जिससे किसी भी रिश्तें में प्यार और विश्वास बढ़ता है.

आध्यात्मिक दृष्टि के अनुसार, प्रेम का पत्थर हृदय चक्र को खोलने और संतुलित करने में मदद करता है. इस चक्र के सक्रिय हो जाने से न केवल व्यक्ति के अंदर आत्म-प्रेम की भावना जागती है, बल्कि वह दूसरों के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस करने लगता है. जिससे किसी भी रिश्तें में प्यार और विश्वास बढ़ता है.

महिलाओं के लिए इस रत्न को चमत्कारी इसलिए माना गया है, क्योंकि यह उनकी भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद करता है. ज्यादातर महिलाएं अपनी भावनाओं को दबा लेती हैं या किसी को नहीं बता पातीं, ऐसे में यह पत्थर अंदर की कोमलता को शक्ति में बदलता है और इससे मन में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है.

महिलाओं के लिए इस रत्न को चमत्कारी इसलिए माना गया है, क्योंकि यह उनकी भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद करता है. ज्यादातर महिलाएं अपनी भावनाओं को दबा लेती हैं या किसी को नहीं बता पातीं, ऐसे में यह पत्थर अंदर की कोमलता को शक्ति में बदलता है और इससे मन में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है.

हृदय रत्न की ऊर्जा को कोमल और शांतिपूर्ण माना गया है. आध्यात्मिक दृष्टि के मुताबिक, इसे पहनने या पास रखने से मन में शांति आती है और तनाव धीरे-धीरे गायब होने लगता है. कई लोग इसे ध्यान या योग के समय अपने पास रखते हैं ताकी इससे भावनात्मक संतुलन बना रह सके.

हृदय रत्न की ऊर्जा को कोमल और शांतिपूर्ण माना गया है. आध्यात्मिक दृष्टि के मुताबिक, इसे पहनने या पास रखने से मन में शांति आती है और तनाव धीरे-धीरे गायब होने लगता है. कई लोग इसे ध्यान या योग के समय अपने पास रखते हैं ताकी इससे भावनात्मक संतुलन बना रह सके.

हृदय रत्न पहनने से रिश्तों में प्रेम और तालमेल बढ़ता है. यह रत्न मन की कड़वाहट और पुराने घावों को भरने में भी मदद करता है. इससे पहने से महिलाएं खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर पाती हैं और रिश्तों में एक नई ऊर्जा आने लगती है. कई मान्यताओं के हिसाब से, यह रतन गर्भावस्था से जुड़ी परेशानियों को भी कम करता है और प्रसव के दौरान शक्ति प्रदान करता है.

हृदय रत्न पहनने से रिश्तों में प्रेम और तालमेल बढ़ता है. यह रत्न मन की कड़वाहट और पुराने घावों को भरने में भी मदद करता है. इससे पहने से महिलाएं खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर पाती हैं और रिश्तों में एक नई ऊर्जा आने लगती है. कई मान्यताओं के हिसाब से, यह रतन गर्भावस्था से जुड़ी परेशानियों को भी कम करता है और प्रसव के दौरान शक्ति प्रदान करता है.

महिलाएं इस रत्न को आमतौर पर अंगूठी, लॉकेट या ब्रेसलेट के रूप में पहन सकती हैं. शुक्रवार या सोमवार को इसे पहनना शुभ माना जाता है.  हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण विश्वास होता है, जब इसे आस्था और सकारात्मक सोच के साथ धारण किया जाए, तभी इस रत्न का प्रभाव गहराई से महसूस होता है.

महिलाएं इस रत्न को आमतौर पर अंगूठी, लॉकेट या ब्रेसलेट के रूप में पहन सकती हैं. शुक्रवार या सोमवार को इसे पहनना शुभ माना जाता है. हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण विश्वास होता है, जब इसे आस्था और सकारात्मक सोच के साथ धारण किया जाए, तभी इस रत्न का प्रभाव गहराई से महसूस होता है.

Published at : 14 Oct 2025 04:47 PM (IST)

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‘अपनी कब्र खोद रहा पाकिस्तान…’, अमेरिकी राजनयिक ने शहबाज-मुनीर को दी चेतावनी

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पाकिस्तान पहले भारत से उलझा था और अब उसने तालिबान से पंगा ले लिया है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच इन दिनों तनाव काफी बढ़ गया है. शनिवार (11 अक्टूबर) को बॉर्डर पर हुई गोलीबारी के बाद लगातार स्थिति खराब हुई है. इस बीच अमेरिकी राजनयिक जाल्मी खालिलजाद ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने पाकिस्तान अभी जो कर रहा है, वह अपने लिए कब्र खोद रहा है. उन्होंने शहबाज शरीफ को अलर्ट किया है. 

जाल्मी खालिलजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसको लेकर पोस्ट शेयर की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की नीतियां उसकी परेशानी का कारण हैं. वह अपने पड़ोसियों से दुश्मनी बढ़ा रहा है. इससे आने वाले वक्त में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

पाकिस्तान के दोहरे चरित्र पर उठाया सवाल

जाल्मी खालिलजाद ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, ”मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सरकार ने यह इच्छा जताई है कि अफगानिस्तान की जनता स्वतंत्र हो और एक अच्छे प्रतिनिधित्व वाली सरकार शासन करे. कितना दयालु रवैया है उनका! लेकिन, विरोधाभासों पर ध्यान न देना मुश्किल है.”

उन्होंने कहा, ”पिछले कई दशकों से इस्लामाबाद ने लगातार उन सभी गुटों का समर्थन किया है जो अफगानिस्तान में अस्थिरता और समस्याएं पैदा करते रहे हैं. खुद पाकिस्तान में सेना ही देश चला रही है. देश के सबसे लोकप्रिय नेता इमरान खान को जेल में डाल दिया गया है और चुनाव भी धांधली के साथ करवाए गए.” 

दूसरों पर सवाल उठाने से पहले खुद पर दें ध्यान – खालिजाद

जाल्मी खालिलजाद ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा, दूसरे देशों को यह सलाह देने के बजाय कि उन्हें अपनी राजनीति कैसे चलानी चाहिए, इस पर सोचना चाहिए. पाकिस्तान के नेताओं को पहले अपने देश की हालत सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.”

बता दें कि 11 और 12 अक्टूबर की रात अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया था. इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उसके कई ठिकानों को निशाना बनाया था.



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Video: रोड पर भरे पानी में फंसी विकलांग बुजुर्ग की साइकिल, अनदेखा करते रहे लोग, फिर जो हुआ…

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Video: सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर आप भावुक हो जाएंगे. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक सड़क पर पानी भरा हुआ है और एक विकलांग बुजुर्ग अपनी साइकिल से उस पानी में फंस जाता है, पानी भरे होने की वजह से ऊबड़खाबड़ सड़क बुजुर्ग को दिखाई नहीं दी थी. बुजुर्ग ने वहां से गुजर रहे लोगों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन अफसोस की बात यह है कि कई लोग बुजुर्ग को अनदेखा कर चले गए.

युवक ने बुजुर्ग को निकलने में की मदद

वीडियो में देखा जा सकता है कि सबसे पहले एक व्यक्ति वहां से गुजरता है. बुजुर्ग ने उससे मदद मांगी, लेकिन वह बिना रुके चले गया. उसके बाद एक बाइक वाला आता है, लेकिन उसने भी मदद करने की बजाय आगे बढ़ गया. बुजुर्ग की हालत और यह नजारा देखने वाले लोगों के लिए भी काफी दुखद था.

फिर कुछ ही देर में एक दूसरी बाइक आती है, जिस पर दो लोग सवार थे. जैसे ही उन्होंने बुजुर्ग की स्थिति देखी, उनमें से एक युवक बाइक से उतरा और बुजुर्ग की व्हीलचेयर वाली साइकिल को पानी से निकालने में मदद करने लगा. युवक ने बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल, जिससे बुजुर्ग अपने साइकिल खुद चला कर आगे बढ़ गया. इस नजारे ने दिखा दिया कि मानवता और दूसरों की मदद करने की भावना कितनी महत्वपूर्ण है.

लोगों ने वीडियो पर तरह-तरह के किए कमेंट

वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि हमारी पढ़ाई और डिग्रियां सिर्फ कागज का टुकड़ा हैं, अगर उनका असर हमारे व्यवहार में नहीं दिखता तो उनकी कोई खास अहमियत नहीं. कुछ लोग लिख रहे हैं कि दूसरों के प्रति सहानुभूति और मदद का भाव होना चाहिए. वहीं कई लोग उस युवक की तारीफ कर रहे हैं जिसने वास्तव में मदद की और साबित कर दिया कि सही समय पर सही कदम उठाना ही इंसानियत है.


शाहरुख खान ने शेयर किया प्राइवेट वीडियो, बिना पासवर्ड नहीं खोल पाएंगे, जानें कैसे देखें

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बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान अपनी फिल्मों से लाखों लोगों के दिलों पर राज करते है. अब उनके बेटे आर्यन खान अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ से लोगों का दिल जीत रहे हैं. हाल ही में शाहरुख खान ने आर्यन की सीरीज का एक बिहाइंड द सीन (बीटीएस) वीडियो शेयर किया, जिससे फैंस इस यंग फिल्ममेकर के टैलेंट की खूब तारीफ कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने इसे नए अंदाज में पेश किया है.

शाहरुख ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसे बिना पासवर्ड के नहीं देखा जा सकता. दरअसल, ये इंस्टाग्राम का एक फीचर है, जिसमें यूजर सीक्रेट कोड के साथ पोस्ट शेयर कर सकते हैं. हालांकि, इंडिया में ये फीचर इससे पहले कभी यूज नहीं हुआ था. रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि मेटा के साथ मिलकर शाहरुख खान ने इस फीचर को इंडिया में लॉन्च किया है.

आखिर क्या है शाहरुख की इस सीक्रेट पोस्ट में?
शाहरुख खान ने आर्यन के साथ सोमवार को कोलैब्रेशन में एक पोस्ट शेयर की. इसमें लिखा है, “एसआरके की इस रील को अनलॉक करें.” पोस्ट में पोस्ट के सीक्रेट कोड को पहचानने के लिए फैंस को एक हिंट भी दिया गया है. लिखा गया है, “एपिसोड 6 के 4.22 सेकेंड पर देखिए.” यानी सीरीज के इस एपिसोड में ही पासवर्ड छिपा है.


इस पोस्ट को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, “एपिसोड्स तो बहुत हैं, पर बिहाइंड द सीन्स सिर्फ एक.” यानी जो फैन इस कोड को पहचानकर पोस्ट ओपन करने में कामयाब रहेगा उसे एक्सक्लूसिव बिहाइंड द सीन्स रील देखने को मिलेगा.

कैसे देख पायेगें शाहरुख की ये सीक्रेट रील
शाहरुख ने अपने पोस्ट में एक हिंट छोड़ा है. जिसमें लिखा है, “एपिसोड 6 के 4.22 सेकेंड पर देखिए.” हिंट को फॉलो करने पर एक सीन दिखाई देता है जिसमें शाहरुख, रजत बेदी के किरदार के साथ बातचीत करते हैं और कहते हैं, “जराज, सही?” छिपी हुई रील तक पहुंचने का पासवर्ड है ‘Jaraj’.

कब रिलीज हुई ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’?
सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ का निर्देशन और लेखन आर्यन खान ने किया है. इस सीरीज में लक्ष्य लालवानी, सहर बांबा, राघव जुयाल, बॉबी देओल, मनोज पाहवा, अरशद वारसी, मोना सिंह और रजत बेदी जैसे कई कलाकार नजर आए हैं. सीरीज में शाहरुख खान, सलमान खान, इमरान हाशमी, आमिर खान, रणबीर कपूर जैसे सितारों का कैमियो भी है.

बता दें कि आर्यन खान कि ये सीरीज 18 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है. और रिलीज के बाद से ही सीरीज लगातार सुर्खियों में है. 



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स्वदेशी ऐप के इन 5 जबरदस्त फीचर्स ने गूगल मैप के छुड़ा दिए छक्के, जानिए कैसे बना देश का नंबर 1 नेविगेशन App

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Mappls ने भारत के लिए एक अनोखा डिजिटल एड्रेस सिस्टम बनाया है जो सरकार के DIGIPIN प्रोजेक्ट के साथ काम करता है. हर लोकेशन को एक 6-अक्षरीय अल्फ़ान्यूमेरिक कोड दिया जाता है जिससे किसी भी जगह को ढूंढना और शेयर करना बेहद आसान हो जाता है. इसके अलावा, ऐप में हाइपर-लोकल नेविगेशन की सुविधा भी है जो यूज़र्स को किसी बिल्डिंग या घर तक स्टेप-बाय-स्टेप दिशा बताती है यानी अब गलत मोड़ की टेंशन खत्म.

Mappls ने भारत के लिए एक अनोखा डिजिटल एड्रेस सिस्टम बनाया है जो सरकार के DIGIPIN प्रोजेक्ट के साथ काम करता है. हर लोकेशन को एक 6-अक्षरीय अल्फ़ान्यूमेरिक कोड दिया जाता है जिससे किसी भी जगह को ढूंढना और शेयर करना बेहद आसान हो जाता है. इसके अलावा, ऐप में हाइपर-लोकल नेविगेशन की सुविधा भी है जो यूज़र्स को किसी बिल्डिंग या घर तक स्टेप-बाय-स्टेप दिशा बताती है यानी अब गलत मोड़ की टेंशन खत्म.

Mappls में एक इन-बिल्ट टोल सेविंग कैलकुलेटर दिया गया है जो यूज़र को पूरे रूट का टोल खर्च दिखाता है और सबसे सस्ती यात्रा का सुझाव देता है. यही नहीं, ऐप आपके फ्यूल खर्च का भी अनुमान लगाकर पूरे ट्रिप का कुल बजट निकाल देता है. यानी अब आप सफर से पहले जान सकते हैं कि जेब पर कितना असर पड़ेगा.

Mappls में एक इन-बिल्ट टोल सेविंग कैलकुलेटर दिया गया है जो यूज़र को पूरे रूट का टोल खर्च दिखाता है और सबसे सस्ती यात्रा का सुझाव देता है. यही नहीं, ऐप आपके फ्यूल खर्च का भी अनुमान लगाकर पूरे ट्रिप का कुल बजट निकाल देता है. यानी अब आप सफर से पहले जान सकते हैं कि जेब पर कितना असर पड़ेगा.

Mappls का एक शानदार फीचर है इसका 3D जंक्शन व्यू, जो फ्लाईओवर और अंडरपास जैसी जटिल जगहों को फोटो-रियलिस्टिक 3D व्यू में दिखाता है. इसमें हर लेन, एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट स्पष्ट रूप से नजर आते हैं. इस फीचर से गलत मोड़ लेने या आखिरी वक्त पर लेन बदलने जैसी परेशानियां काफी हद तक खत्म हो जाती हैं.

Mappls का एक शानदार फीचर है इसका 3D जंक्शन व्यू, जो फ्लाईओवर और अंडरपास जैसी जटिल जगहों को फोटो-रियलिस्टिक 3D व्यू में दिखाता है. इसमें हर लेन, एंट्री और एग्ज़िट पॉइंट स्पष्ट रूप से नजर आते हैं. इस फीचर से गलत मोड़ लेने या आखिरी वक्त पर लेन बदलने जैसी परेशानियां काफी हद तक खत्म हो जाती हैं.

साल 2021 में ISRO के साथ हुई साझेदारी के बाद Mappls अब लोकल और सटीक भारतीय मैपिंग डेटा का उपयोग करता है जिससे इसकी जानकारी पहले से कहीं ज्यादा भरोसेमंद हो गई है.

साल 2021 में ISRO के साथ हुई साझेदारी के बाद Mappls अब लोकल और सटीक भारतीय मैपिंग डेटा का उपयोग करता है जिससे इसकी जानकारी पहले से कहीं ज्यादा भरोसेमंद हो गई है.

Mappls ने बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक अनोखा सिस्टम तैयार किया है जिसके तहत यूज़र्स को अब ऐप पर लाइव ट्रैफिक सिग्नल टाइमर दिखाई देता है. AI आधारित यह फीचर ट्रैफिक फ्लो के हिसाब से सिग्नल टाइम अपने आप एडजस्ट करता है और साथ ही कम भीड़ वाले रास्तों का सुझाव भी देता है ताकि आपकी ड्राइव और भी स्मूद बन सके.

Mappls ने बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक अनोखा सिस्टम तैयार किया है जिसके तहत यूज़र्स को अब ऐप पर लाइव ट्रैफिक सिग्नल टाइमर दिखाई देता है. AI आधारित यह फीचर ट्रैफिक फ्लो के हिसाब से सिग्नल टाइम अपने आप एडजस्ट करता है और साथ ही कम भीड़ वाले रास्तों का सुझाव भी देता है ताकि आपकी ड्राइव और भी स्मूद बन सके.

Mappls ऐप भारतीय सड़कों की असली स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्पीड ब्रेकर, गड्ढे, तीखे मोड़, स्पीड कैमरा जैसी रियल-टाइम चेतावनियां देता है. 1995 से देश की हर सड़क और गली का नक्शा तैयार करने वाली MapmyIndia के पास इतना हाइपर-लोकल डेटा है जो इसे वैश्विक ऐप्स से कई कदम आगे रखता है.

Mappls ऐप भारतीय सड़कों की असली स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्पीड ब्रेकर, गड्ढे, तीखे मोड़, स्पीड कैमरा जैसी रियल-टाइम चेतावनियां देता है. 1995 से देश की हर सड़क और गली का नक्शा तैयार करने वाली MapmyIndia के पास इतना हाइपर-लोकल डेटा है जो इसे वैश्विक ऐप्स से कई कदम आगे रखता है.

जहां Google Maps एक ग्लोबल दिग्गज है, वहीं Mappls भारत की ज़रूरतों और सड़कों की हकीकत को बेहतर समझता है. यही वजह है कि यह ऐप न सिर्फ नेविगेशन बल्कि स्मार्ट ट्रैवल साथी बनकर तेजी से भारतीय यूज़र्स के दिलों में जगह बना रहा है.

जहां Google Maps एक ग्लोबल दिग्गज है, वहीं Mappls भारत की ज़रूरतों और सड़कों की हकीकत को बेहतर समझता है. यही वजह है कि यह ऐप न सिर्फ नेविगेशन बल्कि स्मार्ट ट्रैवल साथी बनकर तेजी से भारतीय यूज़र्स के दिलों में जगह बना रहा है.

Published at : 14 Oct 2025 03:13 PM (IST)

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देश का सबसे बड़ा AI और ग्रीन एनर्जी हब बनाने के लिए गूगल-अडानी ने विशाखापत्तनम में मिलाया हाथ

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India’s Largest AI & Green Energy Hub: देश का सबसे बड़ा एआई डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए अडानी एंटरप्राइजेज और गूगल ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में पार्टनरशिप का ऐलान किया है. यह प्रोजेक्ट AdaniConneX के जरिए से विकसित की जाएगी, जो अडानी एंटरप्राइजेज और EdgeConneX का संयुक्त उद्यम है.

इस बारे में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि गूगल के साथ इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट में पार्टनरशिप कर अडानी ग्रुप गर्व महसूस कर रहा है. ये केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश नहीं, बल्कि उभरते राष्ट्र की आत्मा में निवेश है. विशाखापत्तनम अब प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र बन रहा है.

एआई क्षमता और स्वच्छ ऊर्जा

Google AI Hub साल 2026 से लेकर 2030 के बीच आगामी 15 बिलियन डॉलर के निवेश का हिस्सा है. इसमें गीगावाट-स्तरीय डेटा सेंटर संचालन, सबसी केबल नेटवर्क और ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम शामिल होंगे, जिसका उद्देश्य भारत में उच्च मांग वाले AI वर्कलोड्स का समर्थन करना है. गूगल इस प्रोजेक्ट में AdaniConneX और एयरटेल जैसे सहयोगियों के साथ काम करेगा.

प्रोजेक्ट का केंद्र बिंदु विशेष रूप से निर्मित AI डेटा सेंटर कैंपस है, जो भारत की कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने और एआई परिवर्तन को तेज करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. दोनों कंपनियों ने आंध्र प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन और ऊर्जा भंडारण में संयुक्त निवेश का वादा किया है. इससे राज्य के पावर ग्रिड और भारत की विद्युत नेटवर्क की स्थिरता बढ़ाने की उम्मीद है.

रोजगार और आर्थिक विकास

यह हब तकनीकी, निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में हजारों नए रोजगार पैदा करेगा और देशभर में डिजिटल समावेशिता को बढ़ावा देगा. गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन का कहना है कि Google AI Hub में निवेश से भारत की एआई क्षमता का पूरा लाभ उठाने में मदद मिलेगी. उन्होंने आगे कहा कि अडानी के साथ मिलकर हम अत्याधुनिक संसाधनों को ग्राहकों और समुदायों के करीब लाएंगे, ताकि वे वैश्विक स्तर पर नवाचार और सफलता हासिल कर सकें.

यह पार्टनरशिप अडानी एंटरप्राइजेज की ग्रीन हाइड्रोजन, एयरपोर्ट प्रबंधन, डेटा सेंटर और प्रमुख उद्योगों में रणनीतिक फोकस के अनुरूप है. अडानी का लक्ष्य सस्टेनेबल एनर्जी और देशी खोज की बदौलत भारत को एआई-संचालित डिजिटल क्रांति में ग्लोबल लीडर बनाना है.

ये भी पढ़ें: भारत क्यों इतने आक्रामक तरीके से बढ़ा रहा सोने का भंडार, चीन भी बढ़ाया जबरदस्त आयात?

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