Aaj Ka Meen Rashifal (14 October 2025): मीन राशि परिवार और व्यवसाय में लाभ, स्वास्थ्य पर ध्यान

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Aaj Ka Meen Rashifal 14 October 2025 in Hindi: आज का दिन मीन राशि के जातकों के लिए सफलता, पारिवारिक सुख और व्यवसायिक उन्नति का संकेत देता है. चन्द्रमा की 5वीं हाउस में स्थिति माता-पिता को संतान से सुख और संतुष्टि का अनुभव कराएगी. मानसिक रूप से उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी.

व्यापार और निवेश:
पार्टनरशिप व्यापार में ग्रहों की अनुकूल स्थिति तरक्की और लाभ की संभावना बढ़ाएगी. फेस्टिवल सीजन को देखते हुए फुटकर व्यापारी अपने बिजनेस का विस्तार करने और नए प्लान बनाने की दिशा में ध्यान दें.

नौकरी और कार्यक्षेत्र:
वर्कप्लेस में किसी पुराने मनमुटाव को सुलझाने का दिन है. एंप्लॉयड पर्सन द्वारा की गई मेहनत और प्रयास रंग लाएंगे. कार्य में सक्रियता और जिम्मेदारी बनाए रखना लाभकारी रहेगा.

लव और पारिवारिक जीवन:
परिवार को समय देने में सफल रहेंगे और परिवार के साथ प्रेम बढ़ेगा. युवा वर्ग को अपनी बातों और क्रोध पर नियंत्रण रखना आवश्यक है. दाम्पत्य जीवन में संवाद और समझदारी बनाए रखें.

विद्यार्थी और युवा:
स्टूडेंट्स, कलाकार और खिलाड़ी किसी पर भरोसा कर सकते हैं, लेकिन थोड़ी सतर्कता जरूरी है. पढ़ाई और प्रशिक्षण में नियमितता बनाए रखें.

स्वास्थ्य:
स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा. लापरवाही से बचें, नियमित योग और व्यायाम पर ध्यान दें.

सुझाव:

  • व्यवसाय और कार्य में मेहनत और योजना बनाए रखें.

  • क्रोध और अनावश्यक विवाद से बचें.

  • स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखें.

लक्की कलर: गोल्डन
लक्की नंबर: 7
अनलक्की नंबर: 2

FAQs:
Q1: क्या पार्टनरशिप व्यापार में तरक्की संभव है?
A1: हाँ, ग्रहों की अनुकूल स्थिति और मेहनत से सफलता और लाभ प्राप्त होंगे.

Q2: क्या स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है?
A2: हाँ, नियमित योग, व्यायाम और संतुलित आहार से स्वास्थ्य बेहतर रहेगा.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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Live: साई सुदर्शन 39 रन बनाकर आउट, भारत को लगा दूसरा झटका, जीत की दहलीज पर टीम इंडिया

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दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे भारत बनाम वेस्टइंडीज दूसरे टेस्ट का आज 5वां दिन है. शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीतने की दहलीज पर है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी चुनी थी. भारत ने अपनी पहली पारी 518/5 पर घोषित की थी. यशस्वी जायसवाल (175) और गिल (129) ने शतकीय पारी खेली थी. पहली पारी में कुलदीप यादव ने भारत के लिए 5 विकेट लिए. वेस्टइंडीज की पहली पारी 248 पर सिमट गई थी, जिसके बाद भारत ने मेहमान टीम को फॉलो-ऑन दिया. जवाब में वेस्टइंडीज ने भारत के सामने जीत के लिए 121 रनों का लक्ष्य रखा.

चौथे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 1 विकेट खोकर 63 रन बना लिए हैं. यशस्वी जायसवाल के रूप में भारत का एकमात्र विकेट गिरा, वह 8 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद केएल राहुल (25) और साई सुदर्शन (30) ने पारी को आगे बढ़ाया और दिन का खेल खत्म होने तक दूसरा विकेट नहीं गिरने दिया. अब भारत को जीत के लिए 5वें दिन 58 रन और बनाने हैं.

IND vs WI दूसरे टेस्ट में अभी तक क्या कुछ हुआ

टॉस जीतकर शुभमन गिल ने पहले बल्लेबाजी चुनी थी. पहले दिन यशस्वी जायसवाल ने अपना शतक (175) पूरा किया. साई सुदर्शन ने 87 और इससे पहले केएल राहुल ने 38 रन बनाए. दूसरे दिन शुभमन गिल ने अपनी सेंचुरी पूरी की, जायसवाल 175 पर रन आउट हो गए. नितीश कुमार रेड्डी ने 43 और ध्रुव जुरेल ने 44 रन बनाए. भारत ने पहली पारी 518/5 पर घोषित कर दी थी.

वेस्टइंडीज की पहली पारी 248 पर सिमट गई, मेहमान टीम के लिए पहली पारी में एलिक एथनाज (41) ने सर्वाधिक रन बनाए. भारत के लिए कुलदीप यादव ने सर्वाधिक 5 विकेट लिए, रवींद्र जडेजा ने 3 विकेट चटकाए. सिराज और बुमराह को 1-1 विकेट मिला. वेस्टइंडीज फॉलो-ऑन बचा नहीं पाई, गिल ने मेहमान टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुलाया.

लग रहा था कि टेस्ट के तीसरे दिन नतीजा निकल जाएगा, लेकिन ये पांचवें दिन तक पहुंचा क्योंकि वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में जॉन कैंपबेल (115) और शाई होप (103) ने शतक जड़ा. इसके बाद रोस्टन चेज ने 40 और जस्टिन ग्रीव्स ने अर्धशतक (50) जड़ा. वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में 390 रन बनाए और भारत के सामने जीत के लिए 121 रनों का लक्ष्य रखा.

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बिहार चुनाव में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब 200 नहीं, मिलेंगे इतने रुपये

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बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बार सिर्फ मतदाताओं के लिए ही नहीं, बल्कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए भी बड़ी खुशखबरी आई है. खासकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसे जानकर उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी.

अब तक चुनाव ड्यूटी में लगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रतिदिन 200 रुपये का भत्ता मिलता था, लेकिन इस बार उनकी मेहनत का सही मूल्य तय किया गया है. राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब इन कर्मचारियों को 350 रुपये प्रतिदिन या एकमुश्त 1400 रुपये दिए जाएंगे. यानी अब पहले की तुलना में उन्हें लगभग दोगुना भुगतान मिलेगा.

कौन हैं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी?

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वे होते हैं जो चुनाव के दौरान विभिन्न जरूरी कार्यों में लगे रहते हैं – जैसे मतदान केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखना, सामग्री पहुंचाना, दस्तावेज संभालना और मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाना. ये कर्मचारी भले ही पर्दे के पीछे काम करते हैं, लेकिन चुनाव को सफल बनाने में इनकी भूमिका बेहद अहम होती है.

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चुनावी ड्यूटी में इनकी अहम भूमिका

चुनाव के दौरान प्रशासनिक और सुरक्षा कर्मियों के साथ-साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही वे लोग हैं जो जमीनी स्तर पर सारा काम संभालते हैं. वे सुबह से लेकर देर रात तक मतदान केंद्रों पर मौजूद रहते हैं ताकि हर प्रक्रिया सही ढंग से पूरी हो सके. मतदान मशीन (EVM) की देखभाल से लेकर मतदान केंद्रों की सफाई और मतदाताओं की मदद तक, ये कर्मचारी हर कदम पर जिम्मेदारी निभाते हैं.

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

आयोग ने कहा है कि यह बदलाव चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को उनकी मेहनत का उचित मुआवजा देने की दिशा में एक अहम कदम है. आयोग का उद्देश्य है कि जो कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया में पूरी निष्ठा से काम करते हैं, उन्हें उनके परिश्रम का सही मूल्य मिले. इस फैसले से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक समर्पण के साथ अपना कार्य करेंगे.

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Video: ‘अच्छी लग रही हैं आप, स्मोकिंग छोड़ दीजिए..’, एर्दोगन की सलाह पर मेलोनी ने यूं दिया जवाब

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मिस्र के शर्म अल-शेख रिसॉर्ट में सोमवार (13 अक्टूबर) को गाजा युद्ध को खत्म करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन आयोजित किया गया. इसमें तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, जर्मनी के चांसलर, कतर के अमीर, मिस्र के राष्ट्रपति, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, और ब्रिटेन, फ्रांस और जॉर्डन के प्रमुख शामिल हुए. सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य गाजा में जारी संघर्ष को रोकना और क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा तलाशना था.

एर्दोगन ने जॉर्जिया मेलोनी से पूछ दिया ये सवाल

सम्मेलन के दौरान एर्दोगन काफी एक्टिव और मिलनसार नजर आए. उन्होंने कई नेताओं से द्विपक्षीय बातचीत की और माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा. उन्होंने माजिकया अंदाज में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से कहा कि उन्हें स्मोकिंग छोड़ देनी चाहिए. इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी पास थे और उनकी हंसी सुनाई दी.

मेलोनी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि अगर उन्होंने स्मोकिंग छोड़ दी तो शायद वे कम सामाजिक हो जाएगी. एर्दोगन ने इस मौके पर यह भी कहा कि तुर्की एक ‘स्मोक-फ्री फ्यूचर’ की दिशा में काम कर रहा है और वे जहां भी जाते हैं लोगों को सिगरेट छोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं.

सम्मेलन में सबसे ज्यादा चर्चा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अनुपस्थिति की रही. उनके ऑफिस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि वे इसमें शामिल नहीं होंगे. सूत्रों के अनुसार, एर्दोगन और कुछ अन्य नेताओं ने उनकी संभावित भागीदारी पर आपत्ति जताई.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

संयुक्त बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने ऑनलाइन संदेश भेजकर सभी पक्षों से संयम बरतने और मानवीय सहायता बढ़ाने की अपील की.

शर्म अल-शेख सम्मेलन मध्य पूर्व संकट के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मंच साबित हुआ, जहां सभी देशों ने यह दोहराया कि गाजा में स्थायी शांति तभी संभव है जब सभी पक्ष हिंसा छोड़कर बातचीत का रास्ता अपनाएं.

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WhatsApp पर भी मिलता है स्क्रीन शेयरिंग का ऑप्शन, कैसे करें इस्तेमाल?

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अगर आपको अपने किसी परिचित व्यक्ति के साथ स्क्रीन शेयर करनी है तो एनीडेस्क या गूगल मीट जैसी ऐप्स की जरूरत नहीं है. आप व्हाट्सऐप के जरिए भी स्क्रीन शेयर कर सकते हैं. मेटा के मालिकाना हक वाली इस ऐप में काफी समय से यह फीचर मिल रहा है. व्हाट्सऐप के जरिए स्क्रीन शेयर कर आप अपने मोबाइल या लैपटॉप से ही दूसरे लोगों को प्रेजेंटेशन और कंटेट आदि दिखा सकते हैं. आइए जानते हैं कि व्हाट्सऐप से स्क्रीन शेयर कैसे की जा सकती है.

पहले करनी होगी वीडियो कॉल

स्क्रीन शेयर करने के लिए पहले आपको वीडियो कॉल करनी होगी. ऑडियो कॉल के जरिए स्क्रीन शेयरिंग नहीं हो सकती. इसके बाद वीडियो कंट्रोल सेक्शन में तीन डॉट पर टैप करें. यहां आपको स्क्रीन शेयर का ऑप्शन दिखेगा. इस पर टैप करते ही एक प्रॉम्प्ट आएगा, जिससे यह पता चलेगा कि आप व्हाट्सऐप पर रिकॉर्डिंग करने वाले हैं. आगे चलकर आपको कोई ऐप या पूरी स्क्रीन शेयर करने का ऑप्शन मिलेगा. काम पूरा होने के बाद आप स्टॉप शेयरिंग बटन पर टैप कर स्क्रीन शेयरिंग बंद कर सकते हैं.

स्क्रीन मिररिंग फ्रॉड से रहें सुरक्षित

व्हाट्सऐप पर स्क्रीन शेयरिंग का फीचर बड़े काम का है, लेकिन साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग भी कर रहे हैं. वो इस फीचर के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर स्कैम कर रहे हैं. इसमें वो बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं और लोगों को बातों में उलझाकर उनसे स्क्रीन शेयर करने की कहते हैं. जब कोई व्यक्ति अपनी स्क्रीन शेयर कर देता है तो स्कैमर्स बैंक डिटेल, OTP और पर्सनल मैसेज आदि देख लेते हैं. इन डिटेल्स की मदद से वो लोगों के बैंक अकाउंट में सेंध लगाकर पैसे उड़ा सकते हैं. 

ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?

इस प्रकार के फ्रॉड से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ स्क्रीन शेयर न करें. कोई भी बैंक अधिकारी या सरकारी अधिकारी वीडियो कॉल कर स्क्रीन शेयर करने के लिए नहीं कहेगा. साथ ही किसी भी संदिग्ध या अनजान व्यक्ति से आए लिंक पर क्लिक कर कोई ऐप डाउनलोड न करें.

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‘जो जीता वहीं सिकंदर में दीपक तिजोरी ने किया था फराह खान को किस, फिल्ममेकर को नहीं मिले थे पैसे

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फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान सोशल मीडिया पर खूब छाई रहती हैं. उनके व्लॉग लोगों को बहुत पसंद आते हैं. वो अपने कुक दिलीप के साथ शो बनाती हैं जिसमें वो बड़े सेलेब्स के घर जाती हैं और उनकी बेस्ट डिश वो बनाते हैं. फराह खान हाल ही में सिंगर शान के घर गई थीं. जहां पर दोनों ने मिलकर अपने पुराने दिनों को याद किया. इसी दौरान फराह ने फिल्म जो जीता वही सिकंदर से जुड़ा एक किस्सा सुनाया.

शान से बात करते हुए फराह ने कहा- ‘शान ने जो पहली फिल्म की थी वो जो जीता वही सिकंदर थी. इस बात पर शान हंसे और कहा हां, मैं वहां सैक्सोफोन के साथ था.’ उसके बाद फराह ने कहा- ‘और मं वहां जूनियर डांसर थी. फराह की ये बात सुनकर शान का बेटा चौंक गया.’

फराह ने दीपक तिजोरी को किया था किस
फराह ने कहा- ‘मैं असल में एक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रही थी. मगर जब उनके बाद डांसर्स की कमी हो गई तो मैंने कोरियोग्राफी में मदद करना शुरू कर दिया था और हर बार जब कोई डांसर नहीं आता थआ तो वो मुझे कैमरे के सामने खड़ा कर देते थे. एक सीन तो ऐसा भी था जिसमें दीपक तिजोरी ने मेरे गाल पर किस किया था. जिस लड़की को किस करना था उसने मना कर दिया था. उसके बाद दीपक ने मुझे किस किया था.’  

नहीं मिले थे पैसे
इस बात के बाद जब शान ने पूछा कि ‘तुम्हें पैसे मिले?’ इस पर फराह ने कहा- ‘मुझे नहीं मिले.’ इसके बाद शान ने बताया कि उन्होंने फिल्म पर चार दिन तक काम किया था लेकिन फाइनल कट में वो बहुत मुश्किल से नजर आए थे. उन्होंने कहा- ‘चार दिनों तक शूटिंग के बाद मैं गानों की मिक्सिंग में बस एक पासिंग शॉट के लिए वहां गया था. फराह ने कहा- ‘मुझे लगता है कि यह जतिन का गाना था. मैं इसे कोरियोग्राफ कर रही थी. मेकर्स इतने कंगाल थे कि उन्होंने जतिन को भी गाने में डाल दिया.’

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ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ गांठ से नहीं पहचानें, इन शुरुआती लक्षणों पर भी दें ध्यान

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ज्यादातर लोग ब्रेस्ट कैंसर का पहला और सबसे बड़ा लक्षण ब्रेस्ट में गांठ को मान लेते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ बीमारी का एक पहलू होता है. वहीं कई महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती और हल्के बदलाव को नजरअंदाज कर देती है, जो ब्रेस्ट में गांठ के बिना हो सकते हैं‌. यही वजह होती है कि कैंसर बिना किसी चेतावनी के भी बढ़ सकता है. वहीं भारत में अब ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम कैंसर बन गया है ‌. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च  और नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की रिपोर्ट के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर भारत में कुल महिला कैंसर के लगभग 28 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है. रिपोर्ट के अनुसार चिंता की बात यह है कि भारत में आधे से ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर के मामले उन्नत स्तर पर ही पता चल पाते हैं, क्योंकि शुरुआती लक्षणों को ज्यादातर गलत समझा जाता है या नजरअंदाज कर दिया जाता है ‌.

ब्रेस्ट में गांठ के अलावा भी होते हैं ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण 

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हर ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण गांठ के रूप में दिखाई नहीं देता है. कभी-कभी शरीर छोटे लक्षण दिखता है, जिन्हें  ज्यादातर नजरअंदाज कर दिया जाता है. कभी-कभी थकान, हड्डियों में दर्द और बिना कारण वजन घटने जैसे लक्षण भी कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. खासकर जब यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल रहा हो. ऐसे में एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ब्रेस्ट की एक छोटी दर्द रहित गांठ को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. इसके अलावा एक्सपर्ट्स के अनुसार ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर जैसी कुछ प्रकार की बीमारी भी युवा महिलाओं में ज्यादा आम और तेजी से फैलती है. 

ब्रेस्ट कैंसर के छिपे हुए लक्षण, जिन्हें न करें नजरअंदाज

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सभी गांठ कैंसर नहीं होती और सभी कैंसर गांठ के रूप में दिखाई नहीं देते हैं. वहीं अक्सर ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआत स्किन या निप्पल में छोटे हल्के दबाव से होती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण में स्किन पर मोटापा या डिंपलिंग होने लगती है. वहीं महिलाओं को अक्सर हार्मोनल बदलाव जैसे पीरियड्स, प्रेगनेंसी या मेनोपॉज के दौरान ब्रेस्ट में बदलाव महसूस होते हैं. ये हार्मोनल बदलाव आमतौर पर दोनों ब्रेस्ट में समान रूप से दिखाई देते हैं, जबकि कैंसर के लक्षण अक्सर एक  ब्रेस्‍ट तक सीमित रहते हैं. ब्रेस्ट में कैंसर का अंदाजा महिलाएं एक ब्रेस्ट में लगातार बढ़ती गांठ से लगा सकती है. इसके अलावा कैंसर वाले ब्रेस्ट में स्किन पर खिंचाव या जकड़न भी महसूस होती है. वहीं कई बार निप्पल का अंदर की ओर खिंचाव भी महसूस होता है. 

सही समय पर पहचान से बचाव संभव

नेशनल कैंसर ग्रिड ऑफ इंडिया के अनुसार भारत में लगभग 60 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर के मामले स्टेज 3 या 4 में ही पता चलते हैं. शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर 5 साल की सर्वाइवल दर 90 प्रतिशत से ज्यादा हो सकती है, लेकिन देर से पता चलने पर यह दर काफी कम हो जाती है. ऐसे में एक्सपर्ट्स बताते हैं कि 20 साल की उम्र के बाद महिलाओं को हर महीने खुद से ब्रेस्ट जांच करनी चाहिए. वहीं 20 से 39 साल की महिलाओं को हर 3 साल में क्लीनिकल ब्रेस्ट जांच करानी चाहिए और 44 से ज्यादा उम्र की महिलाओं या ज्यादा खतरे वाली महिलाओं के लिए मैमोग्राफी जरूरी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार इन कदमों से ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ने से पहले उसकी पहचान कर सही समय पर इलाज कराया जा सकता है.

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EPFO का बड़ा फैसला! अब सदस्य निकाल सकेंगे 100% एलिजिबल बैलेंस, जानें क्या हुआ बदलाव

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EPFO New Rule 2025: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 238वें सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक सोमवार को आयोजित की गई थी. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने की. जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. जिसका सीधा फायदा 30 करोड़ से भी ज्यादा सदस्यों को मिलेगा. बैठक में सबसे बड़ा फैसला कर्मचारियों के 100 प्रतिशत एलिजिबल बैलेंस को लेकर लिया गया.

जिसके अनुसार अब मेंबर्स, अपने खाते से कर्मचारी और एंप्लॉयर दोनों का हिस्सा एक ही बार में निकाल सकेंगे. साथ ही बैठक में आंशिक निकासी के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं. इसे और अधिक आसान बनाया गया है. ताकि, किसी जरूरत के समय सदस्यों को पैसा निकालने में परेशानी ना हो.  

100 प्रतिशत निकासी की सुविधा

सरकार की ओर से ईपीएफओ स्कीम के आंशिक निकासी के नियमों में बदलाव किया गया हैं. अब सदस्य 100 प्रतिशत राशि की निकासी कर सकते हैं.  अब तक निकासी के लिए 13 अलग- अलग कारणों के आधार पर निकासी के नियम थे. जिसे बदलकर केवल 3 कैटेगरी में रखा गया है. पहला आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा और शादी), दूसरा हाउसिंग और तीसरा विशेष परिस्थितियां.

25 प्रतिशत बैलेंस करना होगा मेंटेन

ईपीएफओ स्कीम का लाभ लेने वाले सदस्यों को अपने खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि मिनिमम बैलेंस के रुप में रखना होगा. जिससे ईपीएफओ यह सुनिश्चित करेगी कि, आपको अपनी जमा राशि पर 8.25 प्रतिशत सालाना ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता रहे. ईपीएफओ का ऐसा मानना है कि, इससे आपकी जरुरतों और भविष्य की बचत संतुलन बनाया जा सकेगा.

निकासी के नियमों में बदलाव

ईपीएफओ शादी और शिक्षा के लिए इससे पहले 3 बार निकासी की अनुमति देता था. इसमें भी बदलाव करते हुए शादी के लिए 5 बार निकासी और शिक्षा के लिए 10 बार निकासी के नए नियम बनाए गए है. यानि कि अब मेंबर्स आवश्यक जरूरतों के समय पहले से ज्यादा बार ईपीएफओ स्कीम के तहत अपनी जमा पूंजी की निकासी कर सकते हैं. साथ ही नए नियमों के तहत आंशिक निकासी को पूरी तरह से डिजिटल किया है. अब आपको आंशिक निकासी के लिए किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट की आवश्यकता नहीं होगी.

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

ईपीएफओ ने विश्वास स्कीम की शुरुआत की है. इसके तहत विलंबित पीएफ भुगतान पर लगने वाले पेनाल्टी को कम किया है. इसे घटाकर 1 प्रतिशत प्रति महीने करने का फैसला लिया है. साथ ही ईपीएफओ ने अपने पेंशनर्स  के लिए घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा की शुरुआत की है. जिसका सीधा फायदा बुजुर्गों को मिलेगा जो ग्रामीण इलाके में रहते है. ईपीएफओ ने जानकारी दी है कि, यह सुविधा पूरी तरह से मुफ्त है. पेंशनर्स को इसके लिए किसी भी तरह का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी.  

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पीठ दर्द से परेशान थी महिला! अफवाह में आकर निगल लिए 8 जिंदा मेंढक- यूजर्स ने पीटा सिर

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चीन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बुजुर्ग महिला को पीठ दर्द की तकलीफ थी, लेकिन इलाज कराने के बजाय उसने ऐसा तरीका अपनाया जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. महिला ने पीठ दर्द ठीक करने के लिए आठ जिंदा मेंढक निगल लिए. शुरुआत में उसे लगा कि इससे दर्द कम होगा, लेकिन उल्टा उसकी हालत और बिगड़ गई. कुछ ही दिनों में उसे तेज पेट दर्द और उल्टियां होने लगीं, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

पीठ के असहनीय दर्द से परेशान महिला ने निगल लिए जिंदा मेंढक!

यह अजीब घटना चीन के झेजियांग प्रांत के हांग्जो शहर की है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक महिला का नाम झांग बताया जा रहा है. जब झांग को पीठ में दर्द हुआ तो किसी ने उसे यह कह दिया कि जिंदा मेंढक खाने से दर्द गायब हो जाता है. बस फिर क्या था, उसने इसे सच मान लिया और अपने रिश्तेदारों से कुछ मेंढक पकड़कर लाने को कहा. रिश्तेदारों को यह नहीं पता था कि वह इन मेंढकों के साथ क्या करने वाली है. झांग ने एक दिन में पांच जिंदा मेंढक निगल लिए और अगले दिन तीन और.

तबीयत बिगड़ी तब बताया सच, मुश्किल से बची जान

शुरुआत में उसे थोड़ी सी बेचैनी हुई, लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी. पेट में असहनीय दर्द और कमजोरी महसूस होने लगी. जब दर्द सहना मुश्किल हो गया तो उसने अपने परिवार को सच बताया कि उसने आठ मेंढक निगल लिए हैं. परिवार तुरंत उसे अस्पताल ले गया. डॉक्टरों का कहना है कि झांग का पाचन तंत्र गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था, लेकिन समय पर इलाज मिल जाने से उसकी जान बच गई.

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यूजर्स का भी घूम गया माथा

सोशल मीडिया पर जैसे ही ये मामला वायरल हुआ वैसे ही लोगों ने अपना माथा पकड़ लिया. हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि चीन के लोगों के लिए ये कोई नई बात नहीं है. एक यूजर ने लिखा…इस दुनिया में कैसे कैसे लोग हैं, हैरानी होती है. एक और यूजर ने लिखा…इन लोगों का कुछ नहीं हो सकता. ये कुछ भी खा लेते हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…चीन के लोग सब खा सकते हैं, लेकिन महिला की हरकत देख मुझे माथा पीटने का मन हो रहा है.

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लंदन में मलेशियाई-भारतीय कारोबारी पर हमला, पत्नी ने हमलावरों को खदेड़ा

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दक्षिण लंदन में पिछले हफ्ते मलेशियाई-भारतीय कारोबारी विनोद शेखर पर दो बदमाशों ने हमला कर दिया. विनोद अपनी पत्नी और परिवार के साथ घूमने के बाद अपनी बेटी के घर लौट रहे थे, तभी यह घटना हुई. हमले के दौरान उनकी पत्नी विनी येप ने बहादुरी से हमलावरों का सामना किया और उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया.

पेट्रा ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ विनोद शेखर ने फेसबुक पर पूरी घटना बताई. उन्होंने लिखा कि दिन परिवार के साथ ऑक्सफोर्ड में बहुत अच्छा बीता था. शाम को ‘हैमिल्टन’ म्यूजिकल देखने के बाद वे बैटर्सी पावर स्टेशन के पास अपनी बेटी के घर पहुंचे. तभी अचानक दो लोग सामने आ गए और उन्होंने विनोद पर हमला कर दिया. उन्होंने उनकी जांघों और सीने पर मारा और हाथ से घड़ी खींच ली.

हेल्थ इश्यू के चलते नहीं कर पाए मुकाबला
विनोद ने बताया कि वह अपनी सेहत और ट्रांसप्लांट के बाद चल रही दवाइयों के कारण ठीक से मुकाबला नहीं कर पाए. उन्होंने कहा कि मैंने कोशिश की, लेकिन शरीर की हालत के कारण ज्यादा देर तक संघर्ष नहीं कर सका. उन्होंने लिखा. हमलावरों ने घड़ी की पट्टी तोड़कर उसे छीन लिया और भागने की कोशिश की.

पत्नी की बहादुरी से भागे बदमाश
इसी दौरान उनकी पत्नी विनी येप आगे आईं. उन्होंने जोर से चिल्लाना शुरू किया, अपना बैग लहराया और बिना डरे बदमाशों के सामने खड़ी हो गईं. उनकी हिम्मत देखकर दोनों हमलावर डर गए और इलेक्ट्रिक बाइक पर बैठकर भाग निकले. विनोद ने लिखा, ‘मेरी पत्नी हमेशा की तरह शेरनी बन गई और उन्होंने हमलावरों को भगा दिया.’

पुलिस ने चेताया
कुछ ही मिनटों में लंदन पुलिस मौके पर पहुंच गई. एक पुलिस अधिकारी ने विनोद से कहा कि वह भाग्यशाली हैं, क्योंकि विरोध करने पर उन्हें गंभीर चोट लग सकती थी. विनोद ने घटना के बाद यात्रियों को चेतावनी दी कि महंगी घड़ियां या बैग पहनकर सड़कों पर न निकलें, क्योंकि सुरक्षा हमेशा वैसी नहीं होती जैसी दिखती है. उन्होंने कहा, ‘घड़ी, पर्स या फोन फिर से खरीदे जा सकते हैं, लेकिन जिंदगी और अपने प्रियजन नहीं.’ विनोद ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, ‘सावधान रहें, सुरक्षित रहें और हर दिन उन चीजो के लिए आभारी रहें जिन्हें कोई भी आपसे छीन नहीं सकता.’

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