Dhanteras 2025: धनतेरस पर खरीदें ये 7 चीजें, मां लक्ष्मी की बरसेगी असीम कृपा, मिलेगा 13 गुना ला

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Dhanteras 2025: कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धन की देवी के उत्सव का प्रारंभ होने के कारण इस दिन को धनतेरस के नाम से जाना जाता है.

धनतेरस को धन त्रयोदशी व धन्वन्तरी त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है. धनतेरस पर पांच देवताओं, गणेश जी, मां लक्ष्मी, ब्रह्मा,विष्णु और महेश की पूजा होती है.

ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय कलश के साथ माता लक्ष्मी का अवतरण हुआ उसी के प्रतीक के रूप में ऐश्वर्य वृद्धि, सौभाग्य वृद्धि के लिए बर्तन खरीदने की परंपरा शुरू हुई. ऐसा माना जाता है कि इस दिन कोई नया सामान खरीदने से आपका धन 13 गुना बढ़ जाता है.

धनतेरस के कई नाम

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि धनतेरस जिसे धन त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती भी कहते हैं पांच दिवसीय दीपावली का पहला दिन होता है. धनतेरस के दिन से दिवाली का त्योहार प्रारंभ हो जाता है.

मान्यता है इस तिथि पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रगट हो हुए थे. इसी कारण से हर वर्ष धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा निभाई जाती है. कहा जाता है जो भी व्यक्ति धनतेरस के दिन सोने-चांदी, बर्तन, जमीन-जायजाद की शुभ खरीदारी करता है उसमें तेरह गुना की बढ़ोत्तरी होती है. 

  • त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ –18 अक्तूबर 2025 को दोपहर 12:18 बजे से
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त – 19 अक्तूबर 2025 को दोपहर 1:51बजे तक

धनतेरस पर यमदीप जलाने का महत्व

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि, धनतेरस पर यमदीप भी प्रज्वलित किया जाएगा. रोग, शोक, भय, दुर्घटना, मृत्यु से बचने के लिए धनतेरस की शाम घर के बाहर यमदीप जलाने की परंपरा है. इसी दिन धनवंतरी ने सौ तरह के मृत्यु की जानकारी के साथ अकाल मृत्यु से बचाव के लिए यमदीप जलाने की बात बतायी थी.

धनत्रयोदशी के दिन सायंकाल यमराज के निमित्त दीपदान करें. इसे ‘यम दीपदान’ कहा जाता है. घर के मुख्य द्वार के बाहर गोबर का लेपन करें तत्पश्चात मिट्टी के 2 दीयों में तेल डालकर प्रज्वलित करें. दीये प्रज्वलित करते समय ‘दीपज्योति नमोस्तुते’ मंत्र का जाप करते रहें एवं अपना मुख दक्षिण दिशा की ओर रखें.

धनत्रयोदशी के दिन ‘यम दीपदान’ करने से घर-परिवार में किसी सदस्य की अकाल मृत्यु नहीं होती है. इस दिन लक्ष्मी जी के स्वागत के लिए अपने घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाने के साथ ही महालक्ष्मी के दो छोटे-छोटे पद चिन्ह लगाए जाते हैं. 

लक्ष्मी पूजन में करें इन चीजों को करें शामिल

पान
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि शास्त्रों में धनतेरस पर पूजा की सामग्री के लिए पान का इस्तेमाल करें. पान के पत्ते में देवी-देवताओं का वास माना जाता है. इसलिए धनतेरस और दिवाली की पूजा में इसका इस्तेमाल शुभ माना जाता है.
 
सुपारी
धनतेरस की पूजा में सुपारी का इस्तेमाल के बिना पूजा प्रारंभ ही नहीं होती है. सुपारी को ब्रह्मदेव, यमदेव, वरूण देव और इंद्रदेव का प्रतीक माना जाता है. धनतेरस के दिन पूजा में प्रयोग की गई सुपारी को तिजोरी में रखना लाभदायक होता है.
 
साबुत धनिया
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि धनतेरस के दिन आप साबुत धनिया खरीदकर लेकर आएं और इसे मां लक्ष्मी के सामने अर्पित करें. इससे आपकी सारी आर्थिक परेशानी दूर हो जाएगी. 
 
बताशा और खील
बताशा माता लक्ष्मी का सबसे प्रिय भोग है. माता लक्ष्मी की पूजा में बताशे का प्रयोग करने से हर समस्या का समाधान होता है. इस दिन खील जरूर खरीदना चाहिए. इससे धन समृद्धि बनी रहती है. 
 
दिया
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि पूजा से पहले मां के सामने दीप जलाना न भूलें. इससे यमदेव प्रसन्न होते हैं.
 
कपूर 
मां लक्ष्मी, कुबेर और भगवान धनवंतरी की पूजा में कपूर जरूर जलाएं. कपूर जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और सकारात्मक ऊर्जा घर में आती है.

धनतेरस के दिन क्यों की जाती है लक्ष्मी जी की पूजा?

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान विष्णु मृत्युलोक में विचरण करने के लिए आ रहे थे तब लक्ष्मी जी ने भी उनसे साथ चलने का आग्रह किया. तब विष्णु जी ने कहा, अगर मैं जो बात कहूं तुम अगर वैसा ही मानो तो फिर चलो. तब लक्ष्मी जी उनकी बात मान गईं और भगवान विष्णु के साथ भूमंडल पर आ गईं.

कुछ देर बाद एक जगह पर पहुंचकर भगवान विष्णु ने लक्ष्मी जी से कहा, ‘जब तक मैं न आऊं तुम यहां ठहरो. मैं दक्षिण दिशा की ओर जा रहा हूं, तुम उधर मत आना.  विष्णुजी के जाने पर लक्ष्मी के मन में कौतूहल जागा, आखिर दक्षिण दिशा में ऐसा क्या रहस्य है जो मुझे मना किया गया है और भगवान स्वयं चले गए.

आगे जाने पर एक गन्ने के खेत से लक्ष्मी जी गन्ने तोड़कर रस चूसने लगीं. उसी क्षण विष्णु जी आए और यह देख लक्ष्मी जी पर नाराज होकर उन्हें शाप देते हुए बोले, अब तुम इस अपराध के जुर्म में इस किसान की 12 वर्ष तक सेवा करो. ऐसा कहकर भगवान उन्हें छोड़कर क्षीरसागर चले गए.

तब लक्ष्मी जी उस गरीब किसान के घर रहने लगीं. किसान के घर 12 वर्ष बड़े आनंद से कट गए. फिर 12 वर्ष के बाद लक्ष्मीजी जाने के लिए तैयार हुईं. तभी किसान हठपूर्वक बोला, ‘नहीं. अब मैं लक्ष्मीजी को नहीं जाने दूंगा. तब लक्ष्मीजी ने कहा, ‘हे किसान. तुम मुझे रोकना चाहते हो तो जो मैं कहूं वैसा करो.

कल तेरस है. तुम कल घर को लीप-पोतकर स्वच्छ करना. रात्रि में घी का दीपक जलाकर रखना और सायंकाल मेरा पूजन करना और एक तांबे के कलश में रुपये भरकर मेरे लिए रखना. मैं उस कलश में निवास करुंगी. किंतु पूजा के समय मैं तुम्हें दिखाई नहीं दूंगी. तभी से हर वर्ष तेरस के दिन लक्ष्मी की पूजा की जाती है. 
 
धनतेरस के दिन क्यों की जाती है यमराज की पूजा? 
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन काल में हेम नाम का एक राजा था, जिसकी कोई संतान नहीं थी. बहुत समय बाद उन्हें एक पुत्र की प्राप्ति हुई. जब उस बालक की कुंडली बनवाई तब ज्योतिष ने कहा कि इसकी शादी के दसवें दिन मृत्यु का योग है.

यह सुनकर राजा हेम ने पुत्र की शादी कभी न करने का निश्चय लिया और उसे एक ऐसे स्थान पर भेज दिया जहां कोई भी स्त्री न हो. लेकिन नियति को कौन टाल सकता? घने जंगल में राजा के बेटे को एक सुंदर स्त्री मिली और दोनों को आपस में प्रेम हो गया. फिर दोनों ने गंधर्व विवाह कर लिया.

भविष्यवाणी के अनुसार विवाह के दसवें दिन यमदूत राजा के प्राण लेने पृथ्वीलोक आए. जब वे प्राण ले जा रहे थे तब उसकी पत्नी के रोने की आवाज सुनकर यमदूत का मन दुखी हो गया. यमदूत जब प्राण लेकर यमराज के पास पहुंचे तो बेहद दुखी थे. यमराज ने कहा कि दुखी होना स्वाभाविक है लेकिन कर्तव्य के आगे कुछ नहीं होता.

ऐसे में यमदूत ने यमराज से पूछा, ‘क्या इस अकाल मृत्यु को रोकने का कोई उपाय है?’ तब यमराज ने कहा, ‘अगर मनुष्य कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन व्यक्ति संध्याकाल में अपने घर के द्वार पर दक्षिण दिशा में दीपक जलाएगा तो उसके जीवन से अकाल मृत्यु का योग टल जाएगा..तब से धनतेरस के दिन यम पूजा का विधान है.
 
धनतेरस का महत्व
1. इस दिन नए उपहार, सिक्का, बर्तन व गहनों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है. शुभ मुहूर्त में पूजन करने के साथ सात धान्यों की पूजा की जाती है. सात धान्य में गेहूं, उडद, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर शामिल होता है.
2. धनतेरस के दिन चांदी खरीदना शुभ माना जाता है.
3. भगवान धन्वन्तरी की पूजा से स्वास्थ्य और सेहत मिलता है. इस दिन ही दीपावली की रात लक्ष्मी गणेश की पूजा हेतु मूर्ति भी खरीदते हैं.

धनतेरस के दिन क्या करें

  • इस दिन धन्वंतरि का पूजन करें.
  • नवीन झाडू एवं सूपड़ा खरीदकर उनका पूजन करे.
  • सायंकाल दीपक प्रज्वलित कर घर, दुकान आदि को श्रृंगारित करें.
  • मंदिर, गोशाला, नदी के घाट, कुओं, तालाब, बगीचों में भी दीपक लगाएं.
  • यथाशक्ति तांबे, पीतल, चांदी के गृह-उपयोगी नवीन बर्तन और जेवर खरीदना चाहिए.
  • हल जुती मिट्टी को दूध में भिगोकर उसमें सेमर की शाखा डालकर तीन बार अपने शरीर पर फेरें.
  • कार्तिक स्नान करके प्रदोष काल में घाट, गौशाला, बावड़ी, कुआँ, मंदिर आदि स्थानों पर तीन दिन तक दीपक जलाएं.

धनतेरस पर खरीदें ये सामान

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि दिवाली से पहले धनतेरस पर पूजा का विशेष महत्व होता है. इस दिन धन और आरोग्य के लिए भगवान धन्वंतरि और कुबेर की पूजा की जाती है. इस साल धनतेरस 13 नवंबर को मनाया जाएगा.

वहीं धनतेरस के दिन कुछ खास सामान को खरीदने का भी काफी महत्व माना जाता है. मान्यता है कि धनतेरस के दिन कुछ खास चीजों को खरीदना काफी शुभ रहता है. इन शुभ चीजों को खरीदने से घर परिवार में सुख शांती बनी रहती है और धन लाभ भी होता है. आइए जानते हैं ऐसी ही विशेष चीजों के बारे में जिन्हें धनतेरस के दिन खरीदा जाना चाहिए.
 
सोना-चांदी
धनतेरस के दिन धातु की खरीद को काफी अहम माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन धातु को खरीदने से भाग्य अच्छा बनता है. परंपरा है कि धनतेरस के दिन सोना, चांदी जरूर खरीदना चाहिए. इस दिन बजट के मुताबिक सोना, चांदी के सिक्के, गहने, मूर्ति जैसी चीजों की खरीद की जा सकती है.
 
कुबेर यंत्र
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि धनतेरस पर कुबेर यंत्र खरीदना भी शुभ माना जाता है. इसे अपने घर, दुकान के गल्ले या तिजोरी में स्थापित करना चाहिए. इसके बाद 108 बार ‘ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रववाय, धन-धान्यधिपतये धन-धान्य समृद्धि मम देहि दापय स्वाहा’ मंत्र का जप करना चाहिए. इस मंत्र से धन की कमी का संकट दूर होता है.
 
तांबा
धनतेरस के दिन तांबे की वस्तुएं या बर्तन लाने का काफी महत्व रहता है. यह सेहत के लिए भी शुभ माना जाता है. साथ ही कांसा से बनी सजावटी वस्तुएं या बर्तन भी घर लेकर आ सकते हैं.
 
झाड़ू
धनतेरस के दिन झाड़ू भी खरीदा जाता है. मान्यता है कि इस दिन झाडू खरीदने से गरीबी दूर होती है. साथ ही नई झाडू से नकारात्मक ऊर्जा दूर जाती है और घर में लक्ष्मी का वास होता है.
 
शंख-रूद्राक्ष
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि धनतेरस के दिन शंख खरीदने को काफी शुभ माना जाता है. इस दिन शंख खरीदकर उसकी पूजा करें.

शास्त्रों के मुताबिक जिस घर में रोजाना पूजा के वक्त शंख बजाया जाता है, उस घर से मां लक्ष्मी कभी नहीं जाती. साथ ही घर के संकट भी दूर हो जाते हैं. इसके अलावा सात मुखी रूद्राक्ष धनतेरस के दिन घर पर लाने से सारे कष्ट दूर होते हैं.
 
भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की मूर्ति
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि धनतेरस के दिन भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की मूर्ति भी घर में लानी चाहिए. मान्यता है कि इससे घर में पूरे साल धन और अन्न की कमी नहीं होती है. दोनों देवी देवता धन और बुद्धि बढ़ाते हैं.
 
नमक-धनिया
धनतेरस के दिन नमक जरूर खरीदें. ऐसा माना जाता है कि इस दिन नमक घर में लाने से धन की बढ़ोतरी होती है और दरिद्रता का नाश होता है. इसके अलावा धनिया भी इस दिन घर में लाना चाहिए. साबुत धनिया लाने का काफी महत्व है. इसे पूजा के बाद अपने घर के आंगन और गमले में डाल देना चाहिए.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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Video: लाइसेंस ही नहीं, गाड़ी भी हो जब्त! कार ने सड़क पर मचाया उत्पात, कई को मारी टक्कर

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Road Accident: सोशल मीडिया पर रोड रेज का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि कार ने पहले एक बाइक सवार को टक्कर मारी, जिससे वह डिवाइडर से टकराकर सड़क पर गिर गया. इसके बाद कार ड्राइवर रुकने की बजाय आगे बढ़ गया और कई गाड़ियों को टक्कर मार दी.

टक्कर से बाइक डिवाइडर से टकराई

वीडियो में साफ दिखाई देता है कि बाइक सवार सड़क किनारे सामान्य गति से जा रहा था. तभी पीछे से आती एक तेज रफ्तार कार ने अचानक उसे टक्कर मार दी. टक्कर लगते ही बाइक डिवाइडर से टकरा गई और युवक सड़क पर गिर पड़ा. आसपास के लोग शोर मचाने लगे और बाइक सवार ने किसी तरह उठकर कार को रुकवाने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर ने कार नहीं रोकी.

इसके बाद कार ड्राइवर आगे बढ़ता रहा और जहां सड़क पर जाम लगा हुआ था, वहां भी उसने जबरदस्ती कार घुसाने की कोशिश की. इस दौरान कार कई अन्य वाहनों से भी टकरा गई, जिससे कई लोगों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. लोगों ने कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर लगातार भागने की कोशिश करता रहा.

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की 

मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह कार को घेर लिया और ड्राइवर को बाहर निकाला. बताया जा रहा है कि ड्राइवर या तो नशे में था या फोन पर बात कर रहा था, जिसकी वजह से उसने पहले बाइक सवार को नहीं देखा. हादसे के बाद लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


Video: भरे बाजार में लोगों पर पलटी ट्रैक्टर ट्रॉली, बोरियों के नीचे दब गए लोग, वीडियो वायरल

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Video: सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है है कि भरे बाजार में एक ट्रैक्टर ट्रॉली का बैलेंस बिगड़ जाता है और लोग ट्रॉली में रखी भारी भरकम बोरियों के नीचे दब जाते हैं. वीडियो देखकर हर कोई हैरान है. 

संतुलन बिगड़ने की वजह से हुआ हादसा

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ट्रैक्टर अपनी ट्रॉली में कई बोरियां लादे हुए सड़क पर जा रहा था. ट्रॉली इतनी भरी हुई थी कि उसका संतुलन किसी भी वक्त बिगड़ सकता था. चलते-चलते सड़क पर अचानक ट्रॉली डगमगाने लगी और कुछ ही सेकंड में वह एक ओर झुककर सड़क पर पलट गई.

जैसे ही ट्रॉली पलटी, उसी वक्त सड़क से दो बाइक सवार और ऑटो वहां से गुजर रहे थे. अचानक हुए हादसे में वे लोग बोरियों के नीचे दब गए. आसपास के लोग चीखने-चिल्लाने लगे और तुरंत दौड़कर मदद के लिए पहुंचे. स्थानीय लोगों ने मिलकर बोरियां हटाने की कोशिश की और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला. बताया जा रहा है कि इस हादसे में दो से तीन लोग घायल हुए.

ट्रॉली में सामान्य से कई गुना ज्यादा था वजन

गवाहों का कहना है कि ट्रॉली पर इतनी ज्यादा बोरियां थीं कि उसका वजन सामान्य सीमा से कई गुना ज्यादा था. अगर ट्रैक्टर चालक थोड़ा भी सावधान रहता या वजन कम रखता, तो यह हादसा नहीं होता. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और ट्रैक्टर चालक से पूछताछ शुरू की है. प्राथमिक जांच में पाया गया कि ट्रॉली ओवरलोड थी, जिसके कारण उसका संतुलन बिगड़ा. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई ओवरलोड वाहन सड़क पर चलता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


भारत के साथ धोखेबाजी? रूसी सेना ने पाकिस्तान के साथ किया युद्धाभ्यास

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भारत और रूस के बीच अभी तक अच्छे रिश्ते रहे हैं. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत दौरे पर आएंगे. इस बीच रूसी सेना और पाकिस्तानी सेना ने एक साथ युद्धाभ्यास किया, जिसकी काफी चर्चा हो रही है. द्रुज्बा 2025 नाम की इस मिलिट्री एक्सरसाइज की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर की गई हैं. इन तस्वीरों में दोनों देशों की सेनाओं को साथ अभ्यास करते देखा गया. रूस ने दावा किया है कि यह युद्धाभ्यास दोनों देशों के सैन्य सहयोग को मजबूत करने के लिहाज से किया गया.

द्रुज्बा 2025 में लगभग 200 सैनिकों ने हिस्सा लिया. रूस की तरफ से स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज ने युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया, वहीं पाक सेना का प्रतिनिधित्व उसकी एलीट स्पेशल फोर्सेज यूनिट ने किया. पाकिस्तान में रूस के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”इस अभ्यास में लगभग 200 सैनिक शामिल थे. रूस की ओर से काउंटर-टेररिज्म का अनुभव रखने वाली स्पेशल फोर्सेज यूनिट ने हिस्सा लिया.”

तो क्या भारत को धोखा दे रहे हैं पुतिन

भारत और रूस के रिश्ते अच्छे रहे हैं, लेकिन इन दिनों पाकिस्तान भी रूस के करीब पहुंच गए हैं. हालांकि रूस की तरफ से कई बार यह कहा जा चुका है कि उसके भारत के रिश्ते काफी गहरे हैं. दूसरी ओर भारत ने अमेरिका के दबाव के बावजूद रूस से दोस्ती बनाए रखी और उससे तेल खरीदना बंद नहीं किया. उसने यूक्रेन के दौरान रूस की निंदा भी नहीं की. हालांकि अब रूस और पाकिस्तान की मिलिट्री एक्सरसाइज ने जरूर उसके भारत के साथ रिश्तों को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है.

बता दें कि रूस और पाकिस्तान के बीच 2016 से ही युद्धाभ्यास जारी है. इसका नाम द्रुज्बा (मैत्री) संयुक्त अभ्यास रखा गया था.



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Google Chrome के शानदार फीचर्स, ब्राउजिंग हो जाएगी एकदम आसान, सेफ्टी की भी नहीं रहेगी चिंता

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गूगल क्रोम सबसे ज्यादा यूज होने वाले ब्राउजर्स में से एक है. स्टूडेंट्स से लेकर प्रोफेशनल्स तक इसे डेली यूज करते हैं. इसके फीचर्स के कारण यह कई लोगों का पसंदीदा ब्राउजर बना हुआ है. इसके फीचर्स इसे यूज करना बेहद आसान और सुविधाजनक बना देते हैं. आज हम आपको इसके ऐसे कुछ फीचर्स बता रहे हैं, जिनका यूज कर आप अपना काम तेजी और आसानी से कर पाएंगे.

हेल्प मी राइट

गूगल क्रोम को कुछ समय पहले ही जनरेटिव एआई वाले टूल हेल्प मी राइट से लैस किया गया था. यह ईमेल ड्राफ्ट करने, फॉर्म भरने और वेबसाइट पर पोस्ट क्रिएट करने में मदद करता है. इसके लिए किसी भी टेक्स्ट बॉक्स पर क्लिक करें और हेल्प मी राइट को सेलेक्ट करें. इस पर प्रॉम्प्ट देकर आप ईमेल से लेकर रिव्यू तक कुछ भी लिख सकते हैं.

मेमरी एंड एंनर्जी सेवर

क्रोम के परफॉर्मेंस सेक्शन में मेमरी एंड पावर ऑप्टिमाइजेश का फीचर मिलता है. इसका मेमरी सेवर मोड इनएक्टिव टैब्स को अपने आप पॉज कर देता है, जिससे रैम पर स्पेस खाली हो जाता है, वहीं एनर्जी सेवर मोड बैकग्राउंड प्रोसेस को कम कर बैटरी बचाने में मदद करता है. 

AI से बनाएं कस्टम थीम्स

अगर आप क्रोम की थीम्स से बोर हो चुके हैं तो AI की मदद से थीम्स जनरेट कर सकते हैं. इसके लिए क्रोम को कस्टमाइज करने के ऑप्शन में जाएं और यहां चेंज थीम पर क्लिक करें. इसके बाद आपको क्रिएट विद एआई का ऑप्शन मिलेगा. यहां आप अपनी मर्जी का प्रॉम्प्ट देकर मनपसंद थीम क्रिएट कर सकते हैं.

सेफ ब्राउजिंग

लगातार बढ़ते साइबर अपराधों के बीच ब्राउजिंग के दौरान सेफ्टी का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. गूगल क्रोम यह काम खुद ही कर लेता है. इसमें इनहैंस्ड सेफ ब्राउजिंग 2.0 मिलता है, जो रियल टाइम थ्रेट डिटेक्ट कर लेता है, जिससे फिशिंग या मालवेयर का खतरा कम हो जाता है. इसे एक्टिवेट करने के लिए सेटिंग में जाकर प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी पर जाएं. यहां सेफ ब्राउजिंग पर क्लिक करें और इनहैंस्ड प्रोटेक्शन को इनेबल कर लें.

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बाबा वेंगा के बाद नास्त्रेदमस की 5 चौकानें वाली भविष्यवाणियां, जो बाद में बन गईं सच!

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क्या आपने कभी सोचा है कि, भविष्य में क्या होने वाला है? अगर हां, तो आपने नास्त्रेदमस का नाम जरूर सुना होगा. वो महान भविष्यवक्ता जिनकी कई भविष्यवाणियां समय-समय पर सच साबित हुई हैं. करीब 470 साल पहले मिशेल डी नास्त्रेदम नाम के इस फ्रांसीसी ज्योतिषी और चिकित्सक ने ऐसी कई घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया था, जिन्होंने दुनिया को हिला कर रख दिया था. इनकी  भविष्यवाणियों को बाद में ऐतिहासिक घटनाओं से जोड़कर देखा गया था.

क्या आपने कभी सोचा है कि, भविष्य में क्या होने वाला है? अगर हां, तो आपने नास्त्रेदमस का नाम जरूर सुना होगा. वो महान भविष्यवक्ता जिनकी कई भविष्यवाणियां समय-समय पर सच साबित हुई हैं. करीब 470 साल पहले मिशेल डी नास्त्रेदम नाम के इस फ्रांसीसी ज्योतिषी और चिकित्सक ने ऐसी कई घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया था, जिन्होंने दुनिया को हिला कर रख दिया था. इनकी भविष्यवाणियों को बाद में ऐतिहासिक घटनाओं से जोड़कर देखा गया था.

नास्त्रेदमस की सबसे प्रसिद्ध भविष्यवाणियों में से एक फ्रांस के राजा हेनरी द्वितीय की मौत से जुड़ी है. नास्त्रेदमस, वहां के राजा के अच्छे मित्र थे और उन्होंने पत्र में उन्हें फ्रांस का अजेय हेनरी राजा भी कहा था. उन्होंने अपनी चौपाई में एक युद्ध के दौरान “जवान शेर” द्वारा “बड़े शेर” को हराने और उसकी आंखों में घाव होने की बात लिखी थी. बाद में हेनरी द्वितीय की एक युद्ध प्रतियोगिता के दौरान आंख में भाले से चोट लगने की वजह से 40 वर्ष की उम्र में मौत हो गई, जिसे लोग नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी से जोड़ते हैं.

नास्त्रेदमस की सबसे प्रसिद्ध भविष्यवाणियों में से एक फ्रांस के राजा हेनरी द्वितीय की मौत से जुड़ी है. नास्त्रेदमस, वहां के राजा के अच्छे मित्र थे और उन्होंने पत्र में उन्हें फ्रांस का अजेय हेनरी राजा भी कहा था. उन्होंने अपनी चौपाई में एक युद्ध के दौरान “जवान शेर” द्वारा “बड़े शेर” को हराने और उसकी आंखों में घाव होने की बात लिखी थी. बाद में हेनरी द्वितीय की एक युद्ध प्रतियोगिता के दौरान आंख में भाले से चोट लगने की वजह से 40 वर्ष की उम्र में मौत हो गई, जिसे लोग नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी से जोड़ते हैं.

इसी तरह, 1666 में लंदन में लगी भीषण आग की भी भविष्यवाणी नास्त्रेदमस ने पहले ही कर दी थी. उन्होंने एक चौपाई में “बीस तीन छः” यानी 1666 का संकेत देते हुए लिखा था कि अच्छे लोगों का खून लंदन में गलती करेगा और प्राचीन महिला अपने ऊंचे स्थान से गिरेगी. माना जाता है कि प्राचीन महिला शब्द लंदन शहर के लिए कहा गया था. हालांकि आग बेकरी में लगी लौ से लगी थी, लेकिन बाकी संकेतों को लोग उस समय हुई नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी से जोड़ते हैं.

इसी तरह, 1666 में लंदन में लगी भीषण आग की भी भविष्यवाणी नास्त्रेदमस ने पहले ही कर दी थी. उन्होंने एक चौपाई में “बीस तीन छः” यानी 1666 का संकेत देते हुए लिखा था कि अच्छे लोगों का खून लंदन में गलती करेगा और प्राचीन महिला अपने ऊंचे स्थान से गिरेगी. माना जाता है कि प्राचीन महिला शब्द लंदन शहर के लिए कहा गया था. हालांकि आग बेकरी में लगी लौ से लगी थी, लेकिन बाकी संकेतों को लोग उस समय हुई नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी से जोड़ते हैं.

नास्त्रेदमस ने 20वीं सदी की कई बड़ी घटनाओं को भी पहले ही लिख दिया था. उन्होंने लिखा था कि यूरोप के पश्चिम की गहराइयों से एक गरीब परिवार में एक बच्चा जन्म लेगा, जो अपनी जुबान से एक बड़ी सेना को आकर्षित करेगा. इतिहासकारों ने इसे एडोल्फ हिटलर के उदय से जोड़ा, जो गरीब परिवार में जन्मा और अपनी भाषण शैली से जर्मनी में बड़ा प्रभाव बनाकर तानाशाह बना.

नास्त्रेदमस ने 20वीं सदी की कई बड़ी घटनाओं को भी पहले ही लिख दिया था. उन्होंने लिखा था कि यूरोप के पश्चिम की गहराइयों से एक गरीब परिवार में एक बच्चा जन्म लेगा, जो अपनी जुबान से एक बड़ी सेना को आकर्षित करेगा. इतिहासकारों ने इसे एडोल्फ हिटलर के उदय से जोड़ा, जो गरीब परिवार में जन्मा और अपनी भाषण शैली से जर्मनी में बड़ा प्रभाव बनाकर तानाशाह बना.

इसके अलावा, उन्होंने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमले और अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की हत्या जैसी घटनाओं की ओर भी संकेत किए थे. उन्होंने दो शहरों में ऐसा संकट आने की बात कही जो पहले कभी नहीं देखा गया. जिसके बाद  उस संकट को जापान के उन दो शहरों की तबाही से जोड़ा गया. वहीं कैनेडी की हत्या के लिए उन्होंने लिखा था, ऊपर से बुराई महान व्यक्ति पर गिरेगी, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या दूर से स्नाइपर फायरिंग की से की गई थी.  नास्त्रेदमस की इन भविष्यवाणियों ने उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित भविष्यवक्ताओं में शामिल कर दिया.

इसके अलावा, उन्होंने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमले और अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की हत्या जैसी घटनाओं की ओर भी संकेत किए थे. उन्होंने दो शहरों में ऐसा संकट आने की बात कही जो पहले कभी नहीं देखा गया. जिसके बाद उस संकट को जापान के उन दो शहरों की तबाही से जोड़ा गया. वहीं कैनेडी की हत्या के लिए उन्होंने लिखा था, ऊपर से बुराई महान व्यक्ति पर गिरेगी, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या दूर से स्नाइपर फायरिंग की से की गई थी. नास्त्रेदमस की इन भविष्यवाणियों ने उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित भविष्यवक्ताओं में शामिल कर दिया.

Published at : 13 Oct 2025 09:00 AM (IST)

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हाथों में हाथ डाले दीवाली बैश में पहुंचे तारा सुतारिया-वीर पहाड़िया, दोनों की केमिस्ट्री ने लूट

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बॉलीवुड में प्री दिवाली पार्टी शुरू हो चुकी हैं. बीते दिन फेमस फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ​​ने दिवाली पार्टी होस्ट की थी जिसमें बी टाउन के तमाम सेलेब्स एक से बढ़कर एक लुक में स्पॉट हुए. इस दौरान बॉलीवुड के नए रोमांटिक कपल तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया ने पूरी महफिल लूट ली. उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है

हाथों में हाथ डाले पहुंचे तारा-वीर
मनीष मल्होत्रा के दिवाली बैश में बॉलीवुड के नए लव बर्ड्स तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया एक दूसरे के हाथों में हाथ डाले रेड कार्पेट पर उतरे. इस दौरान दोनों ने अपनी केमिस्ट्री से खूब ध्यान खींचा. दोनो काफी स्टाइलिश और खुश लग रहे थे. वहीं पैप्स को पोज देते हुए ये जोड़ा एक-दूसरे का हाथ थामे और प्यार से एक-दूसरे को निहारते हुए नजर आया.

 


काफी शानदार लुक में दिखे तारा-वीर
दिवाली पार्टी में तारा और वीर ने अपने लुक से भी खूब इम्प्रेस किया. वीर दिवाली बैश में व्हाइट वी नेक कुर्ते-पायजामे के साथ एक ग्रीन कलर का नेकलेस पहने हुए काफी अट्रैक्टिव लुक में दिखे. वहीं तारा ने शिमरी आउटफिट पहना था. उन्होंने शोल्डर लेस एम्बेलिश्ड टॉप के साथ लॉन्ग स्कर्ट पेयर की थी और मैचिंग दुपट्टा लिया हुआ था. उन्होंने गले में डायमंड नेकलेस पहना था और बालों को ओपन छोड़ा था. ओवरॉल इस जोड़े का लुक काफी शानदार था.

Diwali 2025: हाथों में हाथ डाले दीवाली बैश में पहुंचे तारा सुतारिया-वीर पहाड़िया, दोनों की केमिस्ट्री ने लूटी महफिल, वीडियो वायरल

कब फैले थो तारा-वीर के रिलेशनशिप के रूमर्स
बता दें कि ये जोड़ी पिछले कई महीनों से मीडिया में सुर्खियाँ बटोर रही है. उनके रिश्ते की अफवाहें सबसे पहले मई में फैलीं, जब उन्हें मुंबई के एक रेस्टोरेंट में डिनर के बाद अलग-अलग बाहर निकलते हुए देखा गया. इस साल की शुरुआत में जब वे रनवे पर शोस्टॉपर के रूप में साथ नज़र आए, तो यह चर्चा और तेज़ हो गई थी.

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे के पोते और जाह्नवी कपूर के बॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया के भाई, वीर पहाड़िया एक प्रॉमिनेंट पॉलिटिकल फैमिली से हैं, न केवल अपने पारिवारिक संबंधों के लिए, बल्कि अक्षय कुमार के साथ स्काई फ़ोर्स में अपने बॉलीवुड डेब्यू के लिए भी सुर्खियों में रहे हैं.य तारा से पहले, उनका नाम सारा अली खान के साथ जुड़ा था, जिन्होंने उसी फिल्म में उनकी ऑनस्क्रीन पत्नी की भूमिका भी निभाई थी.

 



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Live: शुरू हुआ चौथे दिन का खेल, शतक के करीब कैंपबेल, मजबूत स्थिति में टीम इंडिया; लाइव अपडेट

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भारत बनाम वेस्टइंडीज दूसरे टेस्ट का आज चौथा दिन है. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे इस टेस्ट में भारत ने पहली पारी 518 रनों पर घोषित की थी. यशस्वी जायसवाल (175) और शुभमन गिल (129*) ने शतक जड़ा था. तीसरे दिन वेस्टइंडीज की पहली पारी 248 रनों पर सिमट गई, मेहमान टीम फॉलो-ऑन बचा नहीं पाई. कुलदीप यादव ने 5 और रवींद्र जडेजा ने 3 विकेट लिए. पहली पारी के आधार पर भारत ने 270 रनों की बढ़त बनाई. वेस्टइंडीज की दूसरी पारी जारी है.

वेस्टइंडीज की पहली पारी जिस तरह ध्वस्त हुई थी, लगा था कि तीसरे ही दिन भारत इस मैच को जीत जाएगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं, जॉन कैंपबेल (87) और शाई होप (66) के बीच 135 रनों की साझेदारी हो गई है, दोनों आज चौथे दिन वेस्टइंडीज की पारी को आगे बढ़ाएंगे.

पहली पारी के आधार पर भारत ने 270 रनों की बढ़त हासिल की थी, तब लगा था कि भारत एक पारी से जीतेगा. वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में तेजनारायण चंद्रपॉल (10) के रूप में मोहम्मद सिराज ने पहला विकेट लिया. इसके बाद वाशिंगटन सुंदर ने एलिक एथनाज (7) को बोल्ड किया. इसके बाद जॉन कैंपबेल और शाई होप रुके नहीं बल्कि तेज गति से रन बनाने लगे. तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक कैंपबेल ने 145 गेंदें खेलकर 87 रन बना लिए, इस पारी में उन्होंने 2 छक्के और 9 चौके जड़े.

शाई होप ने 103 गेंदों में 66 रन बना लिए हैं, उन्होंने इस पारी में 2 छक्के और 8 चौके लगाए. वेस्टइंडीज अभी 97 रन पीछे हैं. जिस तरह दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे दिन खेला, उससे लगता है कि भारत को दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने के लिए उतरना पड़ेगा.

भारत की प्लेइंग 11

यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज.

वेस्टइंडीज की प्लेइंग 11

जॉन कैंपबेल, तेजनारायण चंद्रपॉल, एलिक एथनाज़, शाई होप, केवोन इमलाच (विकेटकीपर), रॉस्टन चेज (कप्तान), जस्टिन ग्रीव्स, खारी पियरे, जोमेल वारिकन, एंडरसन फिलिप, जेडन सील्स.

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न्यूजीलैंड का खास पंछी! छोटे से पंख की कीमत 23 लाख रुपये से ज्यादा- यूजर्स हैरान

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दुनिया में चीजों की कीमत अक्सर उनकी सुंदरता और दुर्लभता से तय होती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक पंख भी लाखों में बिक सकता है? जी हां! न्यूजीलैंड के एक नीलामी घर में हाल ही में हुइया पक्षी का एक बेहद पुराना और खूबसूरत पंख लगभग 28 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 23 लाख रुपये) में बिका है. इससे यह दुनिया का सबसे महंगा पंख बन गया है. यह पंख न सिर्फ अपनी कीमत की वजह से चर्चा में है बल्कि इसकी कहानी भी बेहद दिलचस्प है, क्योंकि यह पंख उस पक्षी का है जो अब इस धरती पर मौजूद ही नहीं है.

23 लाख रुपये है छोटे से पंख की कीमत, यूजर्स हैरान

न्यूजीलैंड में विलुप्त हो चुके हुइया पक्षी का यह पंख सोशल मीडिया और खबरों की दुनिया में सनसनी बना हुआ है. यह पंख इतनी अच्छी हालत में मिला कि देखने वाले भी हैरान रह गए. नीलामी के दौरान इसकी शुरुआती कीमत लगभग 3,000 डॉलर रखी गई थी, लेकिन जैसे-जैसे नीलामी आगे बढ़ी, बोली लगाने वालों में होड़ मच गई. आखिरकार यह पंख 28,365 डॉलर (लगभग 23.7 लाख रुपये) में बिक गया. सोशल मीडिया पर इस खबर के फैलने के बाद सनसनी फैल गई है. कुछ ने इसे अब तक की सबसे हैरानकुन खबर बताया तो किसी ने हैरानी जताते हुए कहा कि दुनिया में कुछ भी हो रहा है.

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ये है इतना महंगा होने की वजह

इस नीलामी को आयोजित करने वाले Webb’s Auction House की कला विशेषज्ञ लीह मॉरिस ने मीडिया को बताया कि हुइया पक्षी को न्यूजीलैंड का प्रतीक माना जाता है. इस पक्षी के पंख बहुत खास होते थे क्योंकि इनका रंग बेहद गहरा भूरा होता था और इन पर इंद्रधनुष जैसी हल्की चमक दिखती थी. मॉरिस ने कहा कि यह पंख इतना अच्छी तरह से सुरक्षित था कि इसमें न तो कीड़ों का कोई निशान था और न ही कोई टूट-फूट. यही वजह है कि इसे देखकर संग्राहक इस पर टूट पड़े.

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UK की Universities अब भारत में! Indian Students के लिए Foreign Degree आसान| Paisa Live

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भारतीय छात्रों के लिए विदेशी Degree हासिल करना अब और आसान हो जाएगा। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए Free Trade Agreement (FTA) में शिक्षा को लेकर एक बड़ा ऐलान हुआ है। इसके तहत अब UK की Top Universities भारत में अपने Campus शुरू करेंगी। पहले से Southampton University का गुरुग्राम Campus काम कर रहा है और अब 2026 से और 8-9 नए Campus खोले जाएंगे। इनमें मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और गुड़गांव जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।उदाहरण के तौर पर –बेंगलुरु में University of Liverpool| मुंबई में University Of York , Aberdeen और Bristol के Campus खुल सकते है| यह योजना NEP 2020 यानी नई शिक्षा नीति के तहत लागू की जा रही है। भारत में जहां 4 करोड़ से अधिक छात्र Higher Education में हैं, वहीं 2035 तक 7 करोड़ सीटों की जरूरत होगी। ऐसे में ये Campus छात्रों के लिए एक बड़ा Gamechanger साबित होंगे और भारत के Education Infrastructure, Quality और Content को नई ऊंचाई

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