बांझपन का फ्री इलाज करता है यह देश, IVF से डिलीवरी तक सारा खर्च उठाती है सरकार

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NHS fertility treatment: दुनियाभर में महिलाओं के सामने जितनी भी सबसे बड़ी समस्या हैं, उनमें से एक है बच्चा पैदा न होना. भारत समेत दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जहां मां न बन पाने वाली महिलाओं को लोग तरह-तरह की बातें बोलते हैं, बुरा भला कहते हैं. कई कपल्स इस दिक्कत से बचने के लिए मेडिकल का सहारा लेते हैं, लेकिन उनको इसके लिए काफी पैसे देने होते हैं. यही कारण है कि गरीब या मिडिल क्लास फैमली इसको अफोर्ड नहीं कर पाती है.  

ब्रिटेन उन देशों में शामिल है, जहां सरकार की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था (NHS) के तहत अब तक बांझपन के इलाज का पूरा खर्च उठाया जाता रहा है. IVF से लेकर डिलीवरी तक का सारा खर्च सरकार की ओर से कवर किया जाता है. लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं. इंग्लैंड के बाथ और नॉर्थ ईस्ट समरसेट इलाके की क्लिनिकल कमीशनिंग ग्रुप ने नई योजना पेश की है, जिसके मुताबिक अगर किसी महिला के पति का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 30 से ऊपर है यानी वे मोटापे की कैटेगरी में आते हैं, तो ऐसे कपल्स को IVF फंडिंग नहीं दी जाएगी.
   
विवाद क्यों उठा?

NHS मैनेजर्स का कहना है कि उन्हें बेहद कठिन वित्तीय हालात का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए यह कदम उठाना पड़ रहा है. उनका तर्क है कि मोटापे से प्रभावित कपल्स में गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है. लेकिन एक्सपर्ट इस दावे को खारिज कर रहे हैं. ऑक्सफोर्ड फर्टिलिटी के प्रोफेसर टिम चाइल्ड ने इसे “IVF को सीमित करने का बहाना” बताया है. वहीं, कैंपेन ग्रुप Fertility Fairness की सारा नॉर्क्रॉस ने कहा कि वह इस फैसले से “हैरान और आहत” हैं.

नए दिशा-निर्देश भी चर्चा में

इसी बीच, नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस (NICE) ने नई गाइडलाइन जारी की है. इसमें IVF के दौरान अपनाए जाने वाले कई लोकप्रिय “एड-ऑन ट्रीटमेंट्स” पर रोक लगाने की सिफारिश की गई है. इनमें एंडोमेट्रियल स्क्रैच, हिस्टेरोस्कोपी और कुछ एक्सपेरिमेंटल टेस्ट शामिल हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि ये इलाज मरीजों को झूठी उम्मीद देते हैं और अक्सर किसी वैज्ञानिक प्रमाण के बिना कराए जाते हैं.

आगे क्या?

अगर NHS इस दिशा में आगे बढ़ता है, तो ब्रिटेन के हजारों कपल्स जो अब तक IVF और डिलीवरी तक की मुफ्त सुविधा का लाभ उठा रहे थे, उन्हें इलाज के लिए निजी क्लीनिकों पर निर्भर होना पड़ेगा. इससे कई परिवारों का माता-पिता बनने का सपना अधूरा रह सकता है. इस तरह से ब्रिटेन में अभी तक जो लोग इसका फायदा उठा रहे थे, अब उनको इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे देने होंगे. 

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Internet के भी होते हैं नियम? जानिए क्या होता है TCP/IP और कैसे ये पूरी ऑनलाइन दुनिया को करता ह

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TCP/IP: इंटरनेट आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद लाखों कंप्यूटर एक-दूसरे से इतनी सहजता से बात कैसे करते हैं? इसका जवाब है TCP/IP यानी Transmission Control Protocol और Internet Protocol. यही वो दो डिजिटल भाषाएं हैं जो पूरे इंटरनेट को संचालित करती हैं और हर डेटा ट्रांसफर को एक व्यवस्थित तरीके से पूरा करती हैं.

क्या होता है TCP/IP

TCP/IP को समझने का सबसे आसान तरीका है इसे एक डिजिटल पोस्ट ऑफिस मानना. जैसे डाक भेजने के लिए हमें लिफाफे, पते और डिलीवरी की प्रोसेस चाहिए होती है वैसे ही इंटरनेट पर भी हर डेटा एक डिजिटल लिफाफे में पैक होता है. इस लिफाफे पर भेजने वाले (Sender) और Receiver का पता लिखा होता है और यही पता होता है IP Address.

IP Address क्या है और कैसे काम करता है

हर कंप्यूटर या मोबाइल जब इंटरनेट से जुड़ता है तो उसे एक यूनिक IP Address दिया जाता है. यह एड्रेस या तो चार अंकों के सेट में होता है (जैसे 192.168.1.1) या कभी-कभी आठ समूहों में अक्षरों और अंकों के रूप में (IPv6). यह एड्रेस आपके डिजिटल घर का पता होता है.

जब आप “what’s my IP” गूगल में टाइप करते हैं तो आपको आपका IP दिख जाता है. लेकिन यह एड्रेस हमेशा स्थायी नहीं होता. घर पर आपको इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) से IP मिलता है जबकि कैफे या ऑफिस में Wi-Fi नेटवर्क से नया IP एड्रेस असाइन हो सकता है.

DNS

अब सवाल उठता है जब वेबसाइट के सर्वर का IP इतना लंबा और मुश्किल होता है तो हम सिर्फ google.com या youtube.com टाइप करके कैसे पहुंच जाते हैं? इसका जवाब है DNS (Domain Name System). DNS वेबसाइटों को ऐसे नाम देता है जिन्हें इंसान आसानी से याद रख सकें. आपका ब्राउज़र जब कोई वेबसाइट खोलता है तो DNS उस नाम को सही IP एड्रेस में बदल देता है और आपका डिवाइस सही सर्वर से कनेक्ट हो जाता है.

डेटा ट्रांसफर की तकनीक

जब आपका कंप्यूटर किसी सर्वर से संपर्क करता है तो यह एक थ्री-वे हैंडशेक के ज़रिए शुरू होता है. सबसे पहले कंप्यूटर सर्वर से पूछता है “क्या आप बात करने के लिए तैयार हैं?” सर्वर जवाब देता है “हां, तैयार हूं.” इसके बाद आपका कंप्यूटर कनेक्शन की पुष्टि कर देता है. अब डेटा का आदान-प्रदान शुरू होता है.

वेबसाइट का डेटा कई छोटे हिस्सों में बांट दिया जाता है. हर हिस्से को अलग-अलग पैकेट (envelope) में भेजा जाता है. इन पैकेट्स पर IP एड्रेस और सीक्वेंस नंबर लिखा होता है ताकि आपका कंप्यूटर उन्हें सही क्रम में जोड़ सके. जैसे ही कोई पैकेट पहुँचता है, कंप्यूटर acknowledge भेजता है यानी डेटा मिल गया और सब ठीक है. अगर सर्वर को यह जवाब नहीं मिलता तो वह वही पैकेट फिर से भेज देता है.

TCP/IP इंटरनेट की वह रीढ़ है जो दुनिया भर के कंप्यूटर्स को एक साझा भाषा में जोड़ती है. यह सुनिश्चित करती है कि आपका डेटा चाहे ईमेल हो, वीडियो या कोई वेबसाइट सुरक्षित, सही क्रम में और समय पर अपने सही स्थान तक पहुंचे.

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रेलवे ट्रैक पार कर रहा था शख्स तभी आ गई ट्रेन! कैमरे में कैद हुई दर्दनाक मौत- वीडियो वायरल

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कहते हैं सबसे दर्दनाक मौत अगर किसी को मिली है तो या तो वो शख्स जलकर मरा है या फिर ट्रेन से कटकर. एक दर्दनाक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स रेलवे ट्रेक पार करते हुए पटरी पर बाइक समेत गिर जाता है और उसी वक्त ट्रैक पर तेज रफ्तार ट्रेन आ जाती है. इसके बाद शख्स जान बचाने के लिए जैसे ही भागता है वैसे ही दर्दनाक मौत उसे अपने आगोश में ले लेती है. वीडियो बेहद डरावना है और लोगों को विचलित कर रहा है.

रेलवे ट्रैक पार करते हुए हादसा, कैमरे में कैद हुई दर्दनाक मौत

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जो कि ग्रेटर नोएडा का बताया जा रहा है. इस वीडियो में एक शख्स रेलवे ट्रेक को क्रॉस करता दिखाई दे रहा है. वो बाइक से रेलवे ट्रेक पर आता है और दूसरी और जाने की कोशिश करता है, लेकिन तभी उसकी बैलेंस बिगड़ता है और बाइक ट्रैक पर गिर जाती है. शख्स बाइक उठाने की जद्दोजहद कर ही रहा होता है कि उसी ट्रैक पर तेज रफ्तार ट्रेन आ पहुंचती है. ट्रेन का हॉर्न सुन जैसे ही शख्स भागने लगता है वैसे ही ट्रेन उसे कुचलती हुई आगे निकल जाती है. वीडियो में शख्स की दर्दनाक मौत साफ देखी जा सकती है.

फाटक होती तो टल सकता था बड़ा हादसा

वीडियो के वायरल होने के बाद एक सवाल ये भी उठ रहा है कि रेलवे ट्रैक से जब आम रास्ता गुजर रहा है तो उस पर कोई सेफ्टी गेट क्यों नहीं लगा था. क्योंकि वीडियो फ्रेम में कहीं से कहीं तक रेलवे फाटक दिखाई नहीं पड़ रही है. इंटरनेट पर भी इसी तरह की बातें हो रही हैं कि रेलवे फाटक अगर वहां होती तो बड़ा हादसा टल सकता था और शख्स की जान जाने से बच सकती थी. हालांकि इस घटना ने पूरे इंटरनेट को हिलाकर रख दिया है.

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यूजर्स ने जताया शोक, बोले सावधानी बरतता तो बच जाती जान

वीडियो को @hai_mahmoodul नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ट्रैक पर रेलवे फाटक क्यों नहीं थी. एक और यूजर ने लिखा….अगर फाटक नहीं है तो ट्रैक को पार करते वक्त एक दम सावधानी बरतनी चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बेचारे को उठने का मौका तक नहीं मिला. मन विचलित हो गया. 

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UGC NET दिसंबर 2025 एग्जाम की डेट्स घोषित, ऐसे करें आसानी से ऑनलाइन आवेदन

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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट दिसंबर 2025 सत्र की परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह परीक्षा 31 दिसंबर, 2025 से 7 जनवरी, 2026 तक आयोजित की जाएगी. देशभर के परीक्षा केंद्रों पर यह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में होगी.

यूजीसी-नेट देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जो भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर बनने और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए पात्रता तय करती है. इसके अलावा, यह परीक्षा पीएचडी प्रोग्राम में प्रवेश और विभिन्न मंत्रालयों से मिलने वाली फेलोशिप के लिए भी आवश्यक मानी जाती है.

शहर सूचना पर्ची (City Slip) कब मिलेगी?

एनटीए ने बताया कि उम्मीदवारों को शहर सूचना पर्ची परीक्षा से 10 दिन पहले आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट के लिए नियमित रूप से एनटीए की वेबसाइट पर नजर रखें.

आवेदन प्रक्रिया शुरू

यूजीसी नेट दिसंबर 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया अभी खुली हुई है. इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 7 नवंबर, 2025, रात 11:50 बजे है. उम्मीदवार एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर “ऑनलाइन आवेदन” के विकल्प के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.

आवेदन शुल्क

  • सामान्य/अनारक्षित वर्ग: 1,150 रुपये
  • जनरल-ईडब्ल्यूएस/ओबीसी-एनसीएल: 600 रुपये
  • अनुसूचित जाति (SC)/अनुसूचित जनजाति (ST)/विकलांग व्यक्ति (PWD)/बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्ति (PwBD): 325 रुपये

एग्जाम पैटर्न

यूजीसी नेट परीक्षा में दो पेपर होंगे. प्रत्येक पेपर की अवधि 180 मिनट है और पेपर के बीच कोई ब्रेक नहीं होगा. दोनों पेपर कंप्यूटर आधारित होंगे, जिनमें प्रश्नों के उत्तर ऑनलाइन देने होंगे.

यूजीसी नेट फॉर्म भरने का तरीका

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ये 5 वजहें काफी हैं ‘थामा’ को बड़ी बॉक्स ऑफिस हिट बनाने के लिए

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आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना की अपकमिंग फिल्म ‘थामा’ को लेकर इन दिनों चर्चा तेज है. मैडॉक यूनिवर्स की ये हॉरर-कॉमेडी फिल्म 21 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. लेकिन रिलीज के पहले से ही फिल्म को लेकर ये कयास लगाए जा रहे हैं कि ये इस साल की बड़ी बॉक्स ऑफिस हिट फिल्मों में से एक हो सकती है. इसकी वजहें भी हैं जो आप यहां पढ़ सकते हैं.

थामा को हिट बनाने वाले पांच सबसे बड़े कारण 

1. हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स
हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स की फिल्म है. इस यूनिवर्स की पिछली फिल्मों ने कैसा बवाल मचाया है ये सभी को पता है. स्त्री से लेकर स्त्री 2 तक और भेड़िया-मुंज्या को जैसा प्यार मिला, वो इस फिल्म के लिए पॉजिटिव पॉइंट की तरह है.
ये 5 वजहें काफी हैं 'थामा' को बड़ी बॉक्स ऑफिस हिट बनाने के लिए

2. मैडॉक यूनिवर्स की फिल्म 
 इन सभी फिल्मों को मैडॉक ने बनाया है चाहे वो इस साल की सबसे बड़ी फिल्म ‘छावा’ हो या ‘स्काई फोर्स’. सबने बॉक्स ऑफिस पर न सिर्फ ठीकठाक कमाई की बल्कि रिकॉर्ड्स भी बनाए. मैडॉक की पिछली सभी फिल्मों में से ज्यादातर हॉरर-कॉमेडी के साथ आई थीं. और ये भी उसी लाइन की फिल्म है. तो जाहिर है कि मैडॉक के नाम से दर्शकों का एक बड़ा वर्ग ये सोचकर फिल्म देखने जरूर जाएगा जो ऐसा मानते हैं कि ये प्रोडक्शन हाउस बढ़िया फिल्में बनाता है.
ये 5 वजहें काफी हैं 'थामा' को बड़ी बॉक्स ऑफिस हिट बनाने के लिए

3. वैंपायर फिल्म में लव स्टोरी का एंगल 
इंडिया में वैंपायर पर अभी तक कोई फिल्म नहीं बनी. मैडॉक वालों ने वैंपायर पर फिल्म भी बनाई, साथ ही साथ उसमें लव स्टोरी भी ऐड कर दी. जिन्होंने हॉलीवुड की ‘ट्वाइलाइट’ सीरीज की फिल्में देखी हैं वो उस नॉस्टैल्जिया को महसूस करने के लिए फिल्म का रुख कर सकते हैं.
ये 5 वजहें काफी हैं 'थामा' को बड़ी बॉक्स ऑफिस हिट बनाने के लिए

4. फिल्म की स्टारकास्ट 
फिल्म की स्टारकास्ट सबसे बड़ी वजह है. आयष्मान खुराना अच्छी और अलग हटकर फिल्म देने के लिए जाने जाते हैं. उनका अपना एक अलग फैन ग्रुप है. तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी मंझे हुए कलाकार हैं. उनकी सिर्फ एक्टिंग देखने के लिए लोग बड़े पर्दे के लिए चले जाते हैं. तो वहीं रश्मिका मंदाना तो हैं ही, जिनके पास ब्लॉकबस्टर फिल्मों का पूरा जखीरा है चाहे पुष्पा सीरीज की फिल्में हों या फिर छावा. सबके साथ उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर बवाल काटा है.
ये 5 वजहें काफी हैं 'थामा' को बड़ी बॉक्स ऑफिस हिट बनाने के लिए

5. फिल्म के जबरदस्त कैमियो 
फिल्म में स्त्री भी हो सकती है और ट्रेलर देखकर पता चल गया है कि इस बार भेड़िया भी होगा और ज्यादा ताकतवर रूप में. तो वरुण धवन का अंदाज और श्रद्धा कपूर की एनर्जी देखने के लिए भी लोग इस फिल्म को लेकर एक्साइटेड हैं ही.

 

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विराट OUT, टेस्ट क्रिकेट की वर्ल्ड 11 में कोहली को नहीं मिली जगह; दिग्गज ने किया सबको हैरान

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दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर हाशिम आमला ने टेस्ट की सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन (All Time Best Playing 11 in Test) चुनी है. भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में से एक विराट कोहली को उन्होंने अपनी बेस्ट प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा है. सिर्फ विराट ही नहीं बल्कि उन्होंने फैब-4 में आने वाले सभी 4 बल्लेबाज, यानी स्टीव स्मिथ, जो रूट और केन विलियमसन को भी इग्नोर किया है. आमला ने बतौर ओपनर ग्रीम स्मिथ और मैथ्यू हेडन को चुना है.

हाशिम आमला ने चुनी टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग 11

हाशिम आमला ने अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग 11 में बतौर ओपनर मैथ्यू हेडन और ग्रीम स्मिथ को जगह दी है. स्मिथ, दक्षिण अफ्रीका के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज और सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में से एक हैं. आमला ने नंबर-3 का जिम्मा ‘द वॉल’ कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ को दिया है. वहीं चौथा क्रम रिकी पोंटिंग को दिया है. पोंटिंग और द्रविड़ ने अपने-अपने टेस्ट करियर में क्रमशः 13378 रन और 13288 रन बनाए.

टेस्ट में 13289 रन के साथ 292 विकेट लेने वाले जैक्स कैलिस को आमला ने पांचवें क्रम पर रखा है, जो गेंदबाजी में भी योगदान देते थे. टेस्ट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक ब्रायन लारा भी इस टीम में नहीं हैं, लेकिन हाशिम आमला ने सचिन तेंदुलकर को टीम में शामिल किया है, जो टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर में 15921 रन बनाए और 51 शतक भी जड़े.

हाशिम आमला की टेस्ट की सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग 11 में एबी डिविलियर्स विकेटकीपर होंगे. स्पिन गेंदबाजी का भार मुथैया मुरलीधरन और शेन वॉर्न निभाएंगे. वहीं तेज गेंदबाजों की लिस्ट में उन्होंने डेल स्टेन और ग्लेन मैकग्राथ को रखा है. मुरलीधरन ने टेस्ट में 800 विकेट लिए थे, जो आज भी सबसे ज्यादा हैं, दूसरी ओर वॉर्न ने 708 विकेट लिए थे.

हाशिम आमला की टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग 11: मैथ्यू हेडन, ग्रीम स्मिथ, राहुल द्रविड़, रिकी पोंटिंग, जैक्स कैलिस, सचिन तेंदुलकर, एबी डिविलियर्स, मुथैया मुरलीधरन, शेन वॉर्न, डेल स्टेन, ग्लेन मैकग्राथ

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Video: जानलेवा ओवरटेक! दो बाइकवालों की ऐसी टक्कर, उठ भी नहीं पाया युवक, वीडियो वायरल

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Road Accident: सोशल मीडिया पर एक दर्दनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो बाइकवालों की आपस में भीषण टक्कर हो जाती है. वीडियो देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं, क्योंकि टक्कर इतनी जबरदस्त होती है कि एक बाइकवाला उछलकर इतनी तेज गिरता है कि फिर उठ भी नहीं पाता.

मंहगी पड़ी सड़क नियमों की अनदेखी!

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क के बीच में सॉलिड व्हाइट लाइन बनी हुई है, जिसका मतलब होता है कि वहां ओवरटेक की अनुमति नहीं है. लेकिन दोनों बाइकवाले इस नियम की अनदेखी करते हुए तेज रफ्तार में एक-दूसरे को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे. एक बाइक वाला अपने आगे चल रही गाड़ी को क्रॉस करने के लिए दाईं ओर निकला, और तभी सामने से दूसरी बाइक भी आ गई. दोनों के पास ब्रेक लगाने या बचने का मौका नहीं था और देखते ही देखते दोनों बाइकें आमने-सामने भिड़ गईं.

टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सवार सड़क पर गिर पड़े. कुछ सेकंड तक कोई भी हिल नहीं पाया. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ देर बाद एक बाइक वाला धीरे-धीरे उठने की कोशिश करता है, जबकि दूसरा युवक वहीं बेहोश पड़ा रहता है.

हमेशा सोच-समझकर करें ओवरटेक

यह हादसा लोगों के लिए एक बड़ा सबक बन गया है कि ओवरटेक हमेशा सोच-समझकर करना चाहिए. लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा जा चुका है. लोग कमेंट्स में लिख रहे हैं कि यह हादसा सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी का नतीजा है.


त्योहार से पहले केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की भर दी झोली, डीए और बोनस का डबल तोहफा

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Central Government Bonus News: त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को दिवाली का बोनस दिया हैं. जिससे केंद्रीय कर्मचारियों के घरों में दिवाली की रौनक और बढ़ गई है. भारत सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए बोनस और महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी गई है. यानी कि दिवाली पहले से ज्यादा रौशनी से भरा होगा. आइए जानते हैं कि, केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारियों को कितना बोनस दिया हैं.  

महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी

केंद्र सरकार की ओर से डीए में 3 प्रतिशत का इजाफा किया गया हैं. यानि कि अब कर्मचारियों का डीए 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है. डीए में यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2025 से मान्य है. जिसका मतलब है कि, अक्टूबर की सैलरी में पिछले तीन महीनें का डीए एरियर के रुप में जोड़कर दिया जाएगा.

जिससे कर्मचारियों की सैलरी इस त्योहारी महीने में पहले से ज्यादा आएगी. केंद्र सरकार साल में 2 बार डीए बढ़ोतरी करती है. इस साल मार्च में 2 प्रतिशत की डीए बढ़ोतरी की गई थी. यानी की अगर कोई केंद्रीय कर्मी 18000 रुपए की बैसिक सैलरी पर काम करता है, तो उसे 3 प्रतिशत डीए के हिसाब से तीन महीने का डीए के बराबर 1620 रुपए का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा.  

ग्रुप B और C के कर्मचारियों को मिलेगा दीवाली बोनस

केंद्र सरकार की ओर से ग्रुप C और नॉन-गजेटेड ग्रुप B कर्मियों को 30 दिन की सैलरी दीवाली बोनस के रुप में दी जाएगी. साथ ही यह बोनस अक्टूबर महीने की सैलरी के साथ ही दिया जाएगा. सरकार ने जानकारी दी है कि, अपने कर्मचारियों के अच्छे काम और त्योहार को ध्यान में रखते हुए बोनस की घोषणा की गई है. 

रेलवे कर्मचारियों की बल्ले बल्ले

रेलवे कर्मचारियों को केंद्र सरकार की ओर से 78 दिनों की सैलरी के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) दी गई है. सरकार ने इसकी घोषणा 29 सितंबर को थी और दशहरा के पहले ही यह राशि उन्हें दे दी गई है. इससे रेलवे कर्मियों को मैक्सिमम 17,951 रुपए का बोनस मिला है. 

डीए बढ़ोतरी से कितनी बढ़ी सैलरी

अगर सबसे ज्यादा डीए बढ़ने वाले कर्मचारी की बात करें तो 2,25,000 रुपए बेसिक सैलरी पाने वाले अफसर (सेक्रेटरी) की सैलरी में 6,750 रुपए की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, सबसे कम डीए बढ़ोतरी 18,000 रुपए बेसिक सैलरी पाने वाले चपरासी की सैलरी में हुई है, जिसमें सिर्फ 540 रुपए का इजाफा हुआ है. 540 रुपए से लेकर 6750 रुपए के बीच कर्मचारियों का डीए बढ़ाया गया है. ये उनकी रैंक और उनके मंथली बेसिक सैलरी पर निर्भर करता है. 

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चीन के बाद अब अमेरिका ने शुरू की भारत की जासूसी? समंदर में भेज दिया ओसियन टाइटन

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भारत के मिसाइल परीक्षण की रेंज देखकर चीन-पाकिस्तान के साथ-साथ अमेरिका भी सकते में आ गया है. चीन के बाद अब अमेरिका ने अपने टोही जहाज, ‘ओसियन टाइटन’ को हिंद महासागर में भेजा है. 15-17 अक्टूबर के बीच भारत बंगाल की खाड़ी में 3550 किलोमीटर की रेंज वाली मिसाइल का टेस्ट करने जा रहा है.

ओसियन टाइटन के साथ ही चीन का ‘युआन वांग-5’ भी मलक्का स्ट्रेट पार कर हिंद महासागर पहुंचने वाला है ताकि भारत की इस मिसाइल पर नजर रखी जा सके. इससे पहले भी भारत के मिसाइल टेस्ट के दौरान युआन वांग क्लास के चीनी सर्विलांस शिप हिंद महासागर में देखे गए हैं, लेकिन अमेरिका का रिसर्च वैसल पहली बार भारत के मिसाइल परीक्षण के दौरान इस क्षेत्र में देखा गया है. 

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अमेरिका और भारत के बीच आई दरार

ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या चीन की तरह अमेरिका भी अब भारत के मिसाइल परीक्षण की जासूसी करने जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के संबंधों में दरार देखी गई है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ट्रंप प्रशासन, पाकिस्तान के साथ नजदीकियां बढ़ाने में जुटा है. 

जानकारी के मुताबिक, ओसियन टाइटन को हाल ही में मालदीव में देखा गया है. चीन के रिसर्च वैसल भी मालदीव से ही भारत के मिसाइल टेस्ट पर नजर रखते आए हैं.

भारत ने जारी किया था नोटम

दरअसल, 6 अक्टूबर को भारत ने इस मिसाइल टेस्ट को लेकर नोटम (नोटिस टू एयरमैन) जारी किया था. शुरुआत में इस परीक्षण के लिए नो फ्लाइंग जोन की रेंज 1480 किलोमीटर रखी गई थी, लेकिन अगले दिन इसकी रेंज 2520 किलोमीटर कर दी गई. फिर महज 22 घंटे में इसकी रेंज 3550 किलोमीटर कर दी गई. ऐसे में कयास इस बात का भी लगाया जा रहा था कि ये कौन सी मिसाइल हो सकती है.

25 सितंबर को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) और स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड (एसएफसी) कमान ने 2000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि-प्राइम का टेस्ट किया था. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि 15-17 अक्तूबर के बीच होने वाला परीक्षण भी अग्नि सीरीज की मिसाइल का हो सकता है.  

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भारत के पास 5 हजार किमी तक रेंज 

भारत के आयुध भंडार में अग्नि मिसाइल की कई रेंज हैं और सबसे ज्यादा रेंज 5000 किलोमीटर की है. अग्नि-5 की मारक क्षमता पाकिस्तान और चीन के सबसे उत्तरी हिस्से के साथ-साथ यूरोप के कुछ क्षेत्रों सहित लगभग पूरे एशिया तक है. इसे देश की दीर्घकालिक सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए विकसित किया गया है.

अग्नि-5 मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत है एमआईआरवी टेक्नोलॉजी. एमआईआरवी यानी मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल. इस तकनीक के तहत एक ही मिसाइल अपने साथ कई परमाणु हथियार ले जाकर हमला कर सकती है जिससे अलग-अलग टारगेट को निशाना बनाया जा सकता है. 

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Apple यूजर्स को लगा बड़ा झटका, कंपनी ने बंद कर दी यह पॉपुलर ऐप

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Apple ने अपने फैन्स को बड़ा झटका दिया है. कंपनी ने ऐलान कर दिया है कि वह अपनी वीडियो एडिटिंग ऐप Clips को बंद कर रही है. 10 अक्टूबर को इसे ऐप स्टोर से हटा दिया है, जिसके चलते नए यूजर्स इसे डाउनलोड नहीं कर पाएंगे. हालांकि, मौजूदा यूजर्स इसका यूज जारी रख सकते हैं, लेकिन कंपनी अब इस ऐप के लिए सपोर्ट रिलीज नहीं करेगी. इसका मतलब यह हुआ कि कोई भी बग आने की सूरत में ऐप्पल इसे अपडेट नहीं करेगी, जिससे इसे यूज करना मुश्किल होता जाएगा. 

नए यूजर नहीं कर पाएंगे डाउनलोड

ऐप्पल ने अपने ब्लॉग में बताया कि नए यूजर्स के लिए इस ऐप को डाउनलोड करना पॉसिबल नहीं है. जिन यूजर्स के पास पहले से यह ऐप है, वे इसे अपने ऐप्पल अकाउंट से दोबारा डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन इसे अपडेट नहीं दी जाएगी. इसलिए ऐप्पल ने यूजर्स को अपने Clips डाउनलोड करने के लिए कहा है ताकि वे उन्हें दूसरी ऐप्स में एडिट कर पाएं.

ऐसे करें वीडियो सेव

वीडियो सेव करने के लिए Clips ऐप में वीडियो ओपन करें. अब इसमें दिख रहे प्रोजेक्ट्स पर टैप करें. इसमें जिस वीडियो को सेव करना है, उसे सेलेक्ट करें. टूल्स को लेफ्ट स्वाइप करने पर सेव क्लिप का ऑप्शन आ जाएगा. इस पर टैप करते ही यह वीडियो फोन गैलरी में सेव हो जाएगा.

2017 में लॉन्च हुई थी Clips

ऐप्पल ने इस ऐप को 2017 में लॉन्च किया था. इसे स्नैपचैट और इंस्टाग्राम के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा था. इसमें सोशल नेटवर्किंग का ऑप्शन नहीं था, लेकिन यह यूजर्स को फोटो और वीडियो को फिल्टर, इमोजी और म्यूजिक आदि के साथ एडिट करने का ऑप्शन देती थी. हालांकि, इसे खास रिस्पॉन्स नहीं मिला और ऐप्पल ने भी बग फिक्सेस को छोड़कर कोई इसके लिए कोई बड़ी अपडेट रोलआउट नहीं की.

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