सर्दी में रॉड से गर्म करना है पानी तो याद रखें ये बातें, लापरवाही बन सकती है जानलेवा

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सर्दी का मौसम शुरू हो गया है और इस बार अक्टूबर में ही तापमान दिसंबर की याद दिलाने लगा है. ऐसे मौसम में नहाने के लिए गर्म पानी की जरूरत पड़ती है. इसके लिए इमर्शन रॉड ही सबसे सस्ता और टिकाऊ ऑप्शन है. कई लोग गीजर से पानी गर्म करते हैं, लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जो रॉड से ही पानी गर्म करते हैं. अगर आप भी रॉड से पानी गर्म करते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. जरा-सी लापरवाही के कारण इससे करंट आ सकता है और यह छोटा-सा उपकरण जानलेवा बन सकता है.

गीले हाथों से न करें टच

बाल्टी भरते समय कई लोगों के हाथ गीले हो जाते हैं और वो इन्हीं हाथों से रॉड को छू लेते हैं. ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है. गीले हाथों में करंट लगने का डर ज्यादा रहता है. इसलिए अगर आपके हाथ गीले हैं तो रॉड को टच न करें. रॉड को ऑन-ऑफ करते समय भी अपने हाथ सूखे रखें.

लोहे की बाल्टी में न लगाएं रॉड

कई लोग लोहे की बाल्टी में पानी भरकर उसे रॉड से गर्म करते हैं. यह गलती करने से बचें. लोहे की बाल्टी में रॉड लगाने से करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए लोहे की जगह रबड़ की बाल्टी एक सुरक्षित ऑप्शन है.

पानी में डालने से पहले न करें ऑन

रॉड को हमेशा पानी में डुबाने के बाद ही स्विच ऑन करें. अगर पहले स्विच ऑन कर दिया और गलती से इसके हाथ टच हो जाए तो भयंकर करंट लग सकता है. इसके अलावा शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना रहता है. इसलिए हमेशा पहले रॉड को पानी में डुबो दें और फिर पावर स्विच ऑन करें.

पर्याप्त होना चाहिए पानी

रॉड के हिसाब से आपके पास पर्याप्त पानी होना चाहिए. छोटी रॉड से ज्यादा पानी देर से गर्म होगा और अगर रॉड बड़ी है और पानी कम तो रॉड का हीटिंग एलिमेंट जल सकता है. कम पानी के लिए छोटी रॉड और ज्यादा पानी के लिए बड़ी रॉड का इस्तेमाल बेहतर रहता है.

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पाकिस्तान को तालिबान का करारा तमाचा! वीजा के लिए गिड़गिड़ाते रक्षा मंत्री-ISI चीफ को कहा- ‘NO’

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अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता ही जा रहा है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ, देश के आईएसआई प्रमुख आसिम मलिक और दो अन्य पाकिस्तानी जनरल अफगानिस्तान का दौरा करना चाहते हैं, लेकिन तालिबान सरकार ने उनके वीजा अनुरोध को रिजेक्ट कर दिया है.

ख्वाजा आसिफ-ISI चीफ का वीजा रिक्वेस्ट रिजेक्ट

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुतक्की ने कहा कि तालिबान ने सीमा पर पाकिस्तानी आक्रामकता का जवाब दिया और उद्देश्य हासिल कर लिये. TOLO News की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तनी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, आईएसआई महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आसिम मलिक और दो सीनियर पाकिस्तानी जनरल का डेलिगेशन अफगानिस्तान जाने के लिए तीन अलग-अलग वीजा रिक्वेस्ट, जिसे तालिबान ने रिजेक्ट कर दिया.

क्यों नहीं वीजा दे रहा अफगानिस्तान?

अफगानिस्तान ने पक्तिका प्रांत में नागरिक क्षेत्रों पर पाकिस्तान के एयर स्ट्राइक और एयरस्पेस का उल्लंघन का हवाला देते हुए इस यात्रा को मंजूरी देने से इनकार कर दिया. तालिबान के अधिकारी ने कहा कि जब हमारे नागरिकों पर हमला हो रहा हो, तब कोई भी डेलिगेशन अफगानिस्तान आने की उम्मीद नहीं कर सकता.

तालिबान सख्त संदेश देना चाह रहा है कि वह पाकिस्तान से सिर्फ अपनी शर्तों पर बात करेगा. अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुतक्की ने कहा, ‘‘अभियान के दौरान, हमारे मित्र देशों सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अनुरोध किया कि युद्ध बंद कर दिया जाना चाहिए और हम सहमत हो गए.”

चीन ने कहा- संयम बरतें दोनों देश

इस क्षेत्र में स्थिति बिगड़ने के बाद चीन ने दोनों देशों से अपने कर्मचारियों, परियोजनाओं और संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है. चीन ने दोनों पक्षों के बीच संयम और शांति बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा, “दोनों देश चीन के मित्र और एक-दूसरे के पड़ोसी हैं. शांति और संयम बरतें, आपसी मुद्दों को संवाद और परामर्श के जरिए सुलझाएं, संघर्ष को बढ़ने से रोकें और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखें.”

पाकिस्तान सेना ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर रातभर चली झड़पों में उसके कम से कम 23 सैनिक की मौत हुई जबकि तालिबान से जुड़े 200 से अधिक आतंकवादी मारे गए. दूसरी ओर तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने कहा कि 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और करीब 30 घायल हुए.

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माहिका शर्मा से पहले इन हसीनाओं से जुड़ चुका है हार्दिक पांड्या का नाम, तलाक से पहले 2 बार शादी

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हार्दिक पांड्या क्रिकेट में अपने प्रदर्शन के कारण तो चर्चा में रहते ही हैं, साथ ही वो अपनी लव लाइफ के लिए भी सुर्खियों में बने रहते हैं. पिछले दिनों उनका नाम खूबसूरत मॉडल माहिका शर्मा के साथ जुड़ा है. हार्दिक खुद माहिका के साथ रिलेशन (Hardik Pandya Girlfriend Mahika Sharma) की पुष्टि कर चुके हैं. माहिका से पहले भी भारतीय ऑलराउंडर का नाम कई महिलाओं के साथ जुड़ा है. यहां तक कि नताशा स्टेनकोविक के साथ उनकी 2 बार शादी हुई थी.

लिशा शर्मा

हार्दिक पांड्या सबसे पहले लिशा शर्मा के साथ नजर आए थे. उन्हें पार्टी और अलग-अलग इवेंट्स में साथ देखा जाता था. लिशा कोलकाता की एक मॉडल हैं, और उनका नाम 2016 के समय हार्दिक के साथ जुड़ा था. बताया जाता है कि करियर पर ध्यान देने के लिए दोनों अलग हो गए थे.

एली अवराम

एली अवराम स्वीडन की अभिनेत्री हैं, जिन्हें बिग बॉस के कारण काफी फेम मिला था. दोनों को शादी समारोह और अन्य इवेंट्स में भी साथ देखा गया था. एली अवराम 2017 में हार्दिक के भाई, कृणाल पांड्या की शादी में भी आई थीं. मगर 2018 में अचानक दोनों अलग हो गए थे.

ईशा गुप्ता

बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा गुप्ता का नाम 2018 के समय हार्दिक के साथ जोड़ा गया था, लेकिन दोनों ने कभी रिलेशनशिप को लेकर हामी नहीं भरी. कुछ समय पूर्व एक मीडिया इंटरव्यू में ईशा गुप्ता ने खुद खुलासा करके बताया था कि वो और हार्दिक काफी क्लोज थे, लेकिन रिलेशनशिप जैसा कुछ पनप ही नहीं पाया. ऐसे ही उनका नाम उर्वशी रौटेला के साथ भी जुड़ा, लेकिन उर्वशी ने इन सभी अफवाहों को खारिज कर दिया था.

नताशा स्टेनकोविक

सर्बियाई अभिनेत्री और डांसर नताशा स्टेनकोविक ने 2020 में लॉकडाउन के समय शादी रचाई थी. उसी साल उनके घर एक नन्हें मेहमान ने जन्म लिया, उन्होंने अपने बेटे का नाम अगस्त्य रखा. उन्होंने 14 फरवरी 2023 को उदयपुर में दोबारा शादी रचाई थी, मगर उसके करीब 4 साल बाद जुलाई 2024 में तलाक ले लिया था.

जैसमीन वालिया

नताशा स्टेनकोविक से तलाक के बाद हार्दिक पांड्या का नाम ब्रिटिश सिंगर जैसमीन वालिया के साथ जुड़ा. दोनों को ग्रीस में एकसाथ देखा गया, वहीं जैसमीन IPL मैचों के दौरान स्टेडियम में भी देखी गई थीं. मगर 2025 का मध्य आते-आते दोनों के रिलेशनशिप की खबरें भी जैसे दबती चली गईं.

माहिका शर्मा

अब हार्दिक पांड्या की लव लाइफ में माहिका शर्मा की एंट्री हुई है. माहिका पेशे से एक मॉडल और एक्ट्रेस हैं. वो बादशाह और गुरु रंधावा के गानों में भी अभिनय कर चुकी हैं. हार्दिक ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा करके उनके साथ अपने रिलेशन की पुष्टि की थी.

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इस हरे फल की पत्तियां आज से ही शुरू कर दें खाना, डायबिटीज के मरीजों के लिए है रामबाण

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डॉक्टर की दवाइयों के साथ-साथ खानपान पर ध्यान देना इस बीमारी से बचाव का अहम तरीका है. सही डाइट ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में बड़ी भूमिका निभाती है.

डॉक्टर की दवाइयों के साथ-साथ खानपान पर ध्यान देना इस बीमारी से बचाव का अहम तरीका है. सही डाइट ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में बड़ी भूमिका निभाती है.

इसी बीच कई ऐसे नेचुरल फूड्स सामने आए हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे शुगर लेवल को नियंत्रित कर सकते हैं. इनमें अमरूद के पत्ते भी शामिल हैं, जो धीरे-धीरे चर्चा में आ रहे हैं.

इसी बीच कई ऐसे नेचुरल फूड्स सामने आए हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे शुगर लेवल को नियंत्रित कर सकते हैं. इनमें अमरूद के पत्ते भी शामिल हैं, जो धीरे-धीरे चर्चा में आ रहे हैं.

रिसर्च बताती है कि अमरूद के पत्तों में कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोक सकते हैं. खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए ये फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

रिसर्च बताती है कि अमरूद के पत्तों में कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोक सकते हैं. खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए ये फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

2010 में Nutrition and Metabolism जर्नल में छपी एक स्टडी में यह सामने आया कि अमरूद के पत्तों की चाय इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने और शुगर लेवल नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है.

2010 में Nutrition and Metabolism जर्नल में छपी एक स्टडी में यह सामने आया कि अमरूद के पत्तों की चाय इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने और शुगर लेवल नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है.

इसका सेवन करने का आसान तरीका है कि आप ताजे पत्तों को पानी में उबालकर चाय की तरह पिएं. इसे गुनगुना या ठंडा दोनों तरह से लिया जा सकता है.

इसका सेवन करने का आसान तरीका है कि आप ताजे पत्तों को पानी में उबालकर चाय की तरह पिएं. इसे गुनगुना या ठंडा दोनों तरह से लिया जा सकता है.

जापान जैसे देशों में लोग अमरूद के पत्तों की चाय को लंबे समय से अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं. वहां इसे डायबिटीज और प्री-डायबिटीज वाले मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है.

जापान जैसे देशों में लोग अमरूद के पत्तों की चाय को लंबे समय से अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं. वहां इसे डायबिटीज और प्री-डायबिटीज वाले मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है.

हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि केवल अमरूद की पत्तियों पर निर्भर रहना सही नहीं है. दवाइयों, हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज और ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग सब मिलकर ही डायबिटीज कंट्रोल में मदद करते हैं.

हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि केवल अमरूद की पत्तियों पर निर्भर रहना सही नहीं है. दवाइयों, हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज और ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग सब मिलकर ही डायबिटीज कंट्रोल में मदद करते हैं.

Published at : 13 Oct 2025 06:10 PM (IST)

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कैसे एक दर्जी का बेटा बन गया दुनिया के लिए जेम्स बॉन्ड, जन्मदिन पर जानिए रोजर मूर की कहानी

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रोजर मूर, जो दुनिया को जेम्स बॉन्ड के सूट में नजर आए, लेकिन असलियत में वे अब भी दर्जी के बेटे थे, जो तकदीर से टक्सीडो (सूट) पहन बैठे. 14 अक्टूबर 1927 को लंदन में जॉर्ज अल्फ्रेड मूर और कलकत्ता में जन्मीं लिलियन के घर हुआ. जन्मदिन के मौके पर जानिए उनसे जुड़ी दिलचस्प बातें. 

कैसे हुई फिल्मी करियर की शुरुआत?
पिता टेलर और फिर पुलिसकर्मी बने. घर में अनुशासन था, तो संघर्ष भी कम नहीं. मां-पिता की इस इकलौती संतान ने बाद में आर्ट स्कूल में दाखिला लेकर चित्रकारी शुरू की, पर एक दिन प्रोफेसर ने कहा—’तुम्हें पेंट नहीं, कैमरा संभालना चाहिए.’ यही संवाद उनकी जिंदगी में नया मोड़ ले आया. घर में अनुशासन था, लेकिन सपनों के लिए जगह नहीं.

फिल्मों में शुरुआत आसान नहीं थी. कभी टूथपेस्ट मॉडल, कभी टीवी में बैकग्राउंड चेहरे, कभी विज्ञापनों में मुस्कुराता शख्स—रोजर मूर को कोई गंभीरता से नहीं लेता था. लोग कहते थे, ‘चेहरे पर मत चलो, करियर दिमाग से बनता है.’ मगर वे शांत थे. इंतजार करते रहे. आखिरकार 1973 में ‘लिव एंड लेट डाई’ ने किस्मत के दरवाजे पर दस्तक दी. इस नए जेम्स बॉन्ड के लिए सब कुछ आसान नहीं था. वे सीन कॉनरी के बाद आए थे, और तुलना कोई रोक नहीं सकता था.
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जेम्स बॉन्ड के नए रूप में जाने जाते थे रोजर मूर
वहीं रोजर मूर ने जेम्स बॉन्ड को नया रूप दिया—गुस्से की जगह व्यंग्य, क्रोध की जगह आंखों की धूर्त मुस्कान. उनकी ‘माइ नेम इज बॉन्ड… जेम्स बॉन्ड’ लाइन तलवार की तरह नहीं, रेशमी रूमाल की तरह लहराती थी. वे सिर्फ बॉन्ड नहीं बने—वे सबसे उम्रदराज बॉन्ड भी बने. आशंकाओं और संभावनाओं के बीच सवाल भी पूछे गए. किसी ने पूछा 45 की उम्र में पहली बार बॉन्ड और 58 की उम्र में आखिरी बार? जब इस उम्र पर सवाल हुआ, तो हंसकर बोले—’अगर बॉन्ड बुलेट्स (गोलियों) से बच सकता है तो उम्र क्या चीज है.’
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भारत से हमेशा रहा खास रिश्ता 
मूर का भारत से भी खास संबंध रहा. एक तो मां वाला और दूसरा फिल्मों वाला! 1983 में ऑक्टोपसी की शूटिंग के लिए वो भारत आए थे. इस पूरे किस्से का जिक्र उन्होंने अपनी जीवनी माई वर्ड इज माई बॉन्ड में किया है. ये अंश बताते हैं कि उनके लिए भारत क्या अहमियत रखता था.किस्सा कुछ यूं है कि शूटिंग के दौरान वो भारत आए, उदयपुर, झीलें, महल, भीड़ और गर्मी सबको पूरे दिल से अपनाया.

एक शूट के दौरान एक भारतीय स्टंट कलाकार नाव से गिरते-गिरते बची. जानते हैं क्यों, क्योंकि मूर ने अपनी परवाह किए बिना उसे ऊपर खींच लिया. यूनिट के लोग दंग रह गए. वे मुस्कुराए और बोले ‘अ बॉन्ड मस्ट सेव लाइव्स इवन विद्आउट कैमरास’ (कैमरे के सामने ही नहीं इतर भी बॉन्ड जिंदगी बचाता है) साथ ही भारत को उन्होंने अपने शब्दों में अव्यवस्था की कविता कहा. लिखा ‘इंडिया इज केऑस एंड चार्म, टुगैदर.’

अपनी मुस्कान से जीत लिया सबका दिल 
उदयपुर की गलियों में वे बिना किसी सुरक्षा घेरे के घूमे, बच्चों के साथ फोटो ली, चाय पी, और हर जगह यही कहा—’यू डोंट विजिट इंडिया…इंडिया विजिट्स यू फॉरएवर.’ अपनी आत्मकथा ‘माई वर्ड इज माई बॉन्ड’ में लिखते हैं—’मैं हीरो नहीं था, बस एक सज्जन आदमी था जिसे कभी-कभी बंदूक थमाई जाती थी.’
23 मई 2017 को मूर का निधन हो गया. उन्होंने गोलियां नहीं चलाईं, बस मुस्कान से जीतते रहे. वे सिर्फ 007 नहीं थे; वे वो बॉन्ड थे जो उम्रदराज होकर भी दिलों में जवान रहे और आज भी हैं.

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दिवाली 2025 पर कौन-सा स्मार्टफोन खरीदना होगा आपके लिए बेस्ट? देखें टॉप-5 धमाकेदार फोन की लिस्ट

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...तो अब तालिबानी हमले को सऊदी पर भी अटैक समझें, कहां गई वो डिफेंस डील? PAK एक्सपर्ट ने मोहम्मद बिन सलमान को सुनाई खरी-खरी

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बिहार विधान परिषद में इन पदों पर निकली भर्ती, 20 अक्टूबर है आवेदन की आखिरी तारीख

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बिहार में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है बिहार विधान परिषद ने नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है इस भर्ती के तहत ड्राइवर और ऑफिस अटेंडेंट के कुल 24 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी अगर आप 10वीं पास हैं और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो यह आपके लिए शानदार अवसर है.

बिहार में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है बिहार विधान परिषद ने नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है इस भर्ती के तहत ड्राइवर और ऑफिस अटेंडेंट के कुल 24 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी अगर आप 10वीं पास हैं और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो यह आपके लिए शानदार अवसर है.

कुल 24 पदों पर भर्ती की जाएगी इनमें ड्राइवर और ऑफिस अटेंडेंट के पद शामिल हैं दोनों पदों के लिए अलग-अलग योग्यताएं और काम तय किए गए हैं.

कुल 24 पदों पर भर्ती की जाएगी इनमें ड्राइवर और ऑफिस अटेंडेंट के पद शामिल हैं दोनों पदों के लिए अलग-अलग योग्यताएं और काम तय किए गए हैं.

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 सितंबर 2025 से शुरू हो चुकी है उम्मीदवार 20 अक्टूबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं आवेदन करने के लिए बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट blcsrecruitment.com पर जाना होगा आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए 100 रुपये रखा गया है, जो ऑनलाइन जमा किया जाएगा.

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 सितंबर 2025 से शुरू हो चुकी है उम्मीदवार 20 अक्टूबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं आवेदन करने के लिए बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट blcsrecruitment.com पर जाना होगा आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए 100 रुपये रखा गया है, जो ऑनलाइन जमा किया जाएगा.

उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है उन्हें हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का कार्यसाधक ज्ञान होना चाहिए साथ ही साइकिल चलाना आना आवश्यक है ड्राइवर पद के लिए उम्मीदवार के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है तभी आवेदन मान्य होगा.

उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है उन्हें हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का कार्यसाधक ज्ञान होना चाहिए साथ ही साइकिल चलाना आना आवश्यक है ड्राइवर पद के लिए उम्मीदवार के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है तभी आवेदन मान्य होगा.

सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की आयु 18 से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए महिलाओं और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष रखी गई है वहीं अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को 42 वर्ष तक की छूट दी गई है.

सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की आयु 18 से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए महिलाओं और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष रखी गई है वहीं अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को 42 वर्ष तक की छूट दी गई है.

ड्राइवर पद के लिए पे लेवल-2 के अनुसार 19,900  रुपये से 63,200 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा. ऑफिस अटेंडेंट पद के लिए लेवल-1 के अनुसार 18,000 रुपये से 56,000  रुपये प्रति माह वेतन तय है इसके साथ अन्य सरकारी भत्ते भी दिए जाएंगे.

ड्राइवर पद के लिए पे लेवल-2 के अनुसार 19,900  रुपये से 63,200 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा. ऑफिस अटेंडेंट पद के लिए लेवल-1 के अनुसार 18,000 रुपये से 56,000  रुपये प्रति माह वेतन तय है इसके साथ अन्य सरकारी भत्ते भी दिए जाएंगे.

Published at : 13 Oct 2025 04:34 PM (IST)

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इस राज्य में Foxconn करेगी 15,000 करोड़ का भारी निवेश, पैदा होंगे 14000 इंजीनियरिंग जॉब्स

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Foxconn New Investments In India: भारत सरकार मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन और रियायतें दे रही है. हालांकि, अमेरिकी हाई टैरिफ के चलते इस पहल पर कुछ असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इसी बीच, ताइवान की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) भारत में भारी निवेश करने जा रही है.

रोजगार की होगी भरमार!

तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोमवार को बताया कि फॉक्सकॉन की तरफ से राज्य में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 14,000 उच्च मूल्य वाले रोजगार पैदा होंगे. राजा ने कहा कि यह राज्य में इंजीनियरिंग क्षेत्र में अब तक सबसे बड़े रोजगार सृजन में से एक होगा और तमिलनाडु के इलेक्ट्रॉनिक्स तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा.

मंत्री ने आगे बताया कि फॉक्सकॉन राज्य में अगली पीढ़ी की वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंटीग्रेशन और AI आधारित एडवांस्ड टेक ऑपरेशंस लाएगी.

ड्रवीडियन मॉडल 2.0 की तैयारी

उद्योग मंत्री ने कहा कि फॉक्सकॉन के भारतीय प्रतिनिधि रॉबर्ट वू ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से मुलाकात की और भारी निवेश का संकल्प जताया. इसके तहत पहली बार तमिलनाडु के इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी के गाइडेंस के साथ भारत में फॉक्सकॉन डेस्क स्थापित किया जाएगा. राजा ने कहा कि यह डेस्क मिशन मोड में काम को सुनिश्चित करेगा और ड्रवीडियन मॉडल 2.0 के लिए मंच तैयार करेगा.

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब पिछले रविवार को बेंगलुरु के कावेरी में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ रॉबर्ट वू ने मुलाकात की थी. इस बैठक में कर्नाटक में फॉक्सकॉन की मजबूत उपस्थिति और मैन्युफैक्चरिंग में नए कदमों पर चर्चा हुई. वर्तमान में फॉक्सकॉन के प्लांट्स तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक में संचालित हैं.

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‘3000 साल लग गए’, गाजा शांति समझौते पर बोले ट्रंप; शहबाज ने पार की चापलूसी की हद, कही ये बात

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिस्र के शहर शर्म अल शेख में गाजा शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए इसे बहुत खास बताया. ट्रंप ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ मिलकर इस सम्मेलन का नेतृत्व किया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने प्रशासन की तारीफ करते हुए कहा कि मैंने सोचा था कि यह सबसे मुश्किल काम होगा, लेकिन हमारी शानदार टीम और इन देशों की मदद से यह हो गया.

‘इस मुकाम तक पहुंचने में 3,000 साल लग गए’

ट्रंप ने गाजा में अगले कदमों के बारे में कहा, “अब पुनर्निर्माण शुरू हो रहा है. मुझे लगता है कि हमने सबसे कठिन काम काफी हद तक कर लिया है क्योंकि बाकी सब एक साथ मिलकर किया जाता है. हम सभी पुनर्निर्माण करना जानते हैं और हम दुनिया में किसी से भी बेहतर निर्माण करना जानते हैं. संयुक्त राष्ट्र और अन्य का अनुमान है कि गाजा के बुनियादी ढांचे और घरों के पुनर्निर्माण के लिए अरबों डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी.” उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में 3,000 साल लग गए.

शहबाज ने पार की चापलूसी की हद

ट्रंप ने अपनी शुरुआती टिप्पणी समाप्त करने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को बोलने के लिए बुलाया. माइक देखते ही शहबाज शरीफ एक बार फिर ट्रंप की चापलूसी में लग गए. उन्होंने अपने भाषण में ट्रंप की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह वह अमेरिकी राष्ट्रपति को फिर से नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करेंगे.

इस प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने खुशी से कहा कि उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी. शरीफ को जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, “वाह…मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी.” शहबाज शरीफ की ओर से नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दोबारा नामांकित किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “चलो सब लोग घर चलते हैं.” 

ट्रंप को मिलेगा मिस्र का सर्वोच्च सम्मान

मिस्र के राष्ट्रपति ने तुर्किए, कतर और संयुक्त राज्य अमेरिका का धन्यवाद किया और मध्य पूर्व में नई शुरुआत की बात की. उन्होंने फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता पर आधारित टू स्टेट सॉल्यूशन पर जोर दिया. मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सीसी ने कहा कि वह ट्रंप को मिस्र के सर्वोच्च राजकीय सम्मान, ऑर्डर ऑफ द नाइल से सम्मानित करेंगे.

घरों को लौट रहे नागरिक: ट्रंप

ट्रंप ने विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए गाजा से सशस्त्र बलों को हटाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, “हम इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि गाजा के पुनर्निर्माण के लिए और सुरक्षित माहौल बनाने के लिए एक एक नए ईमानदार नागरिक पुलिस बल की स्थापना की जाए.”

ट्रंप ने कहा, “नागरिक अपने घरों को लौट रहे हैं. यह खूबसूरत है. मैं बस इसे पर्दे के पीछे से देख रहा हूं. मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा.यह वह दिन है जिसके लिए पूरे क्षेत्र और दुनिया भर के लोग काम कर रहे थे. किसी ने नहीं सोचा था कि ऐसा हो सकता है.”

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मीन साप्ताहिक टैरो राशिफल (12 से 18 अक्टूबर 2025): कार्य में धैर्य, लव और रोजगार में लाभ, पढ़ें

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Meen Saptahik Tarot Rashifal 12 to 18 October: इस सप्ताह मीन राशि के लिए निकला कार्ड “Seven of Cups” है, जो विकल्पों, भ्रम और धैर्य का प्रतीक है. यह सप्ताह आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि कामकाज में कई अवरोध उत्पन्न हो सकते हैं. सफलता पाने के लिए आपको धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा. मानसिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है.

स्वास्थ्य:
स्वास्थ्य के मामले में सप्ताह सामान्य रहेगा. तनाव और मानसिक दबाव से बचें. हल्की एक्सरसाइज और ध्यान के माध्यम से मन को शांत रखें. पर्याप्त नींद और संतुलित आहार से ऊर्जा बनी रहेगी.

व्यापार:
व्यवसायियों को इस सप्ताह सतर्क रहना होगा. किसी नए सौदे या निवेश में जल्दबाजी न करें. पुराने लेन-देन और बिलों को समय पर निपटाना लाभकारी रहेगा. चुनौतियों के बावजूद समझदारी से कार्य करने पर लाभ संभव है.

नौकरी:
नौकरीपेशा जातकों को नए अवसर मिल सकते हैं. किसी नए प्रोजेक्ट में मदद या मार्गदर्शन प्राप्त होगा. सहकर्मियों के साथ मतभेद होने की संभावना है, इसलिए संयम और स्पष्ट संवाद बनाए रखें.

लव और परिवार:
लव लाइफ में सप्ताह सकारात्मक रहेगा. जीवनसाथी या प्रेमी का सहयोग और समर्थन आपको उत्साहित करेगा. अविवाहित जातकों के लिए प्रेम संबंध में अच्छी संभावनाएँ बन रही हैं. परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी.

साप्ताहिक उपाय:
बुधवार को भगवान विष्णु को पीले फूल और हल्दी अर्पित करें. जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करें.

Do: धैर्य बनाए रखें और निर्णय सोच-समझकर लें.
Don’t: जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण काम न करें.

लकी कलर: समुद्री नीला
लकी नंबर: 4
लकी डे: बुधवार

FAQs:
Q1: क्या इस सप्ताह नए रोजगार के अवसर मिल सकते हैं?
A1: हाँ, पुराने संपर्क और प्रयास आपको नए रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे.

Q2: क्या लव लाइफ में सुधार और स्थिरता बनेगी?
A2: जी हाँ, संवाद और समझदारी से प्रेम संबंध में मधुरता बनी रहेगी.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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