मारिया कोरिना के देश की करेंसी क्यों है सबसे अनोखी, 1 रुपये की कीमत हो जाती लाखों के पार

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लैटिन अमेरिका का देश वेनेजुएला इस समय दो कारणों से वैश्विक सुर्खियों में है पहला, वहां की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है और दूसरा देश की मुद्रा व्यवस्था (Currency System) दुनिया के सबसे चरम आर्थिक उदाहरणों में गिनी जा रही है.

नोबेल समिति के अनुसार, मचाडो को यह पुरस्कार लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही शासन से शांतिपूर्ण परिवर्तन के लिए दिया गया है. उन्होंने कई वर्षों तक सरकार के दबाव के खिलाफ आवाज उठाई और नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया.

दुनिया की सबसे महंगी करेंसी में शामिल वेनेजुएला

राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट ने वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है. देश में हाइपरइन्फ्लेशन (Hyperinflation) इतना बढ़ गया कि सरकार को इतिहास का सबसे बड़ा करेंसी नोट छापना पड़ा. अक्टूबर 2021 में वेनेजुएला ने 1 लाख बोलिवर (100,000 Bolivar) का नोट जारी किया था,जो दुनिया के सबसे ऊंचे मूल्य वाले नोटों में शामिल है. इस नोट की भारतीय रुपये में कीमत लगभग ₹3,15,65,72,917 (तीन अरब पंद्रह करोड़ रुपये से अधिक) होती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी वैल्यू के बावजूद, इस नोट की खरीद शक्ति बहुत कम है, यानी इतने बड़े नोट से भी केवल रोजमर्रा की कुछ जरूरी चीजें ही खरीदी जा सकती हैं. इसके अलावा मौजूदा समय में एक रुपये इंडियन करेंसी की वैल्यू 2 लाख 17 हजार 474 रुपये हैं.

क्यों छापना पड़ा इतना बड़ा नोट?

2014 के बाद तेल की कीमतों में गिरावट, आर्थिक बदहाली और राजनीतिक अस्थिरता ने वेनेजुएला की मुद्रा को तेजी से कमजोर कर दिया.सरकार ने इसका समाधान नए और बड़े मूल्य वाले नोटों की छपाई को माना,लेकिन इससे महंगाई और बढ़ गई.देखते ही देखते 10 बोलिवर से शुरू हुई मुद्रा लाखों के नोटों में बदल गई और आम नागरिकों को एक छोटी खरीदारी के लिए भी थैले भर नोट लेकर निकलना पड़ता था. अर्थशास्त्री इसे हाइपरइन्फ्लेशन का चरम उदाहरण बताते हैं,जहां मुद्रा का वास्तविक मूल्य गिरकर केवल कागज बनकर रह जाता है.

भारत में सबसे बड़ा नोट कौन-सा रहा है?

भारत में इस समय सबसे बड़ा चलन वाला नोट ₹500 है. हालांकि, ₹2000 का नोट 2016 में जारी हुआ था, जिसे 2023 में वापस ले लिया गया.कम लोग जानते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक ने इतिहास में ₹10,000 का नोट भी जारी किया था — पहली बार 1938 में और दूसरी बार 1954 में.इसे 1946 और 1978 में दो बार डिमोनेटाइज किया गया.आज यह नोट केवल संग्रह (Collection) के रूप में मौजूद है.

पाकिस्तान में ₹5000 का नोट अभी भी चलन में

पड़ोसी देश पाकिस्तान में सबसे बड़ा नोट ₹5000 पाकिस्तानी रुपये का है.यह नोट 2005 में जारी हुआ था और आज भी प्रचलन में है.हालांकि पाकिस्तान भी तेजी से बढ़ती मुद्रास्फीति का सामना कर रहा है,लेकिन सरकार ने अब तक इससे बड़े मूल्य का नया नोट जारी नहीं किया है.

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