‘भारत और पाकिस्तान को अटारी-बाघा बॉर्डर खोल देना चाहिए’, अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने क्यों र

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भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुतक्की ने शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) को मीडिया से बातचीत में चाबहार बंदरगाह मार्ग से व्यापार का समर्थन किया और भारत के साथ व्यापार के लिए भारत-पाकिस्तान अटारी-वाघा सीमा खोलने का आह्वान किया.

विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक के बाद अफगानिस्तान दूतावास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुतक्की ने घोषणा की कि तालिबान भारत में राजनयिक नियुक्त करेगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत को जमीनी रास्ते से अफगानिस्तान को निर्यात करने की अनुमति नहीं देता और भारत सरकार अफगानिस्तान के साथ व्यापार और वाणिज्य के लिए ईरान के चाबहार बंदरगाह का इस्तेमाल करती रही है. 

हालांकि अमेरिका ने पिछले महीने 2018 की प्रतिबंधों से मिली छूट को रद्द कर दिया था, जिसके तहत भारत को बंदरगाह विकसित करने और पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने की अनुमति दी गई थी.

‘व्यापार में राजनीति नहीं होनी चाहिए’ 

मुतक्की ने कहा कि व्यापार का उद्देश्य लोगों को लाभ पहुंचाना है और इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. मुतक्की ने अफगानिस्तान दूतावास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “पाकिस्तान और भारत को अफगानिस्तान और भारत के बीच व्यापार को सुगम बनाने के लिए वाघा सीमा खोलनी चाहिए. इससे तीनों देशों के लोगों को फ़ायदा होगा.” 

‘अमेरिका को बगराम एयरबेस पर नियंत्रण नहीं करने देंगे’

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी भी महिला पत्रकार को आमंत्रित नहीं किया गया था. उन्होंने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए एक व्यापार समिति के गठन की भी घोषणा की. मुतक्की ने अफगानिस्तान की इस स्थिति को भी दोहराया कि वह अमेरिका को बगराम एयरबेस पर नियंत्रण नहीं करने देगा, हालांकि वो वॉशिंगटन के साथ राजनयिक संबंधों के लिए खुला है. 

मुतक्की ने मीडिया को संबोधित करते हुए मेज पर तालिबान द्वारा नियुक्त अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात (IEA) का एक छोटा झंडा रखा. उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि दूतावास भवन, जिस पर अभी भी पूर्ववर्ती इस्लामी गणराज्य का झंडा फहराया जाता है वो IEA का है.

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