इसे कहते हें दमदार लिस्टिंग, 100 रुपये का शेयर 125 पर हुआ लिस्ट; हुआ बंपर मुनाफा

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DSM Fresh Foods shares: डीएसएम फ्रेश फूड्स लिमिटेड (DSM Fresh Foods Ltd) ने शेयर मार्केट में जबरदस्त शुरुआत की.  Zappfresh ब्रांड के नाम से फ्रेश मीट और रेडी-टू-कुक नॉनवेज प्रोडक्ट बेचने वाली इस कंपनी के शेयर 9 अक्टूबर को BSE SME प्लेटफॉर्म पर 120 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए. यह आईपीओ प्राइस 100 रुपये प्रति शेयर से 20 परसेंट ज्यादा है. शेयरों की दमदार लिस्टिंग ने ग्रे मार्केट के अनुमानों को भी काफी पीछे छोड़ दिया है.

इन्वेस्टरगेन की डेटा के मुताबिक, लिस्टिंग से पहले कंपनी के अनलिस्टेड शेयर आईपीओ प्राइस 100 रुपये प्रति शेयर पर शून्य ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) पर कारोबार कर रहे थे. लिस्टिंग के बाद बाजार में हुई तेज खरीदारी के चलते शेयर में 126 रुपये का अपर सर्किट लगा. यानी कि पहले ही दिन निवेशकों को 26 परसेंट का मुनाफा हो गया. 

IPO को कैसा मिला रिस्पॉन्स?

डीएसएम फ्रेश फूड्स ने 95-100 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर नए शेयरों के जरिए 59 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने के लिए अपना आईपीओ लॉन्च किया था. इसके लिए निवेशक कम से कम 1,200 शेयरों के लिए बोली लगा सकते थे, जिसके लिए प्रति लॉट 1.20 लाख रुपये का निवेश आवश्यक था. इसके बाद इसे गुणकों में बढ़ाया जा सकता था. यह आईपीओ 26 सितंबर से 6 अक्टूबर तक खुला रहा, जिसे निवेशकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला. आईपीओ टोटल 1.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था. 

QIB सेगमेंट से 1.53 गुना बोली लगी, NII सेगमेंट 2.06 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ और रिटेल निवेशकों का कोटा केवल 0.96 गुना ही सब्सक्राइब हुआ. कंपनी ने इस इश्यू के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 59,06,400 नए शेयर जारी किए थे. 

IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल

आईपीओ से जुटाई गई रकम में से 10.68 करोड़ का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए, 25 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए, 15 करोड़ मार्केटिंग और प्रोमोशन में खर्च किए जाएंगे और बाकी बची रकम का इस्तेमाल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा. मई 2015 में बनी यह कंपनी Zappfresh नाम से ऑनलाइन फ्रेश मीट और रेडी-टू-कुक प्रोडक्ट्स बेचती है. प्ले स्टोर पर इसके ऐप को 1 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड हो चुका है. 

 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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Karwa Chauth 2025: दिनभर के व्रत के बाद क्या खाएं क्या नहीं?

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Karwa Chauth 2025: पूरे देश में करवाचौथ का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. यह पर्व इस बार कल यानी 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा. सुहागिन महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं. दरअसल, करवाचौथ सिर्फ उपवास का दिन नहीं होता है, बल्कि यह पति-पत्नी के रिश्ते में स्नेह और मर्यादा का प्रतीक भी माना जाता है.

पूरे दिन उपवास रखने के बाद महिलाएं शाम को चांद देखकर व्रत खोलती हैं. एक्सपर्ट्स महिलाओं को शाम में करवाचौथ का व्रत खोलने के बाद कुछ हल्का-फुल्का खाने की सलाह देते हैं. वहीं व्रत से पहले सरगी में भी एक्सपर्ट्स महिलाओं को हेल्दी चीजें खाने की सलाह देते हैं जिससे पूरे दिन व्रत में कोई दिक्कत न आए. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि महिलाएं करवाचौथ के दिन क्या खाएं-क्या नहीं और महिलाएं करवाचौथ हेल्दी थाली के ल‍िए क्‍या आइड‍िया अपना सकती है. 

सरगी में क्या करें शामिल 

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि करवाचौथ का व्रत शुरू होने से पहले सरगी में ऐसे फूड शामिल करने चाहिए जो ऊर्जा और हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करते हैं. 

  • कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाना-आप करवाचौथ की सरगी में पराठा, डोसा या चीला शामिल कर सकते हैं जो कि कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं. इन्‍हें खाने से आप भूख से होने वाली ब्‍लाेटि‍ंंग और गैस जैसी समस्‍याओं से बच सकते हैं. 
  • दूध से बनी हुई मिठाइयां- दूध या दूध से बनी हुई मिठाइयां या फेनी भी आप सरगी में शामिल कर सकते हैं.
  • ताजा फल और सब्‍ज‍ियां- ताजा फल और सब्जियां खासकर अनार, संतरा, पाइनएप्पल को भी सरगी में शामिल करना चाहिए.
  • ड्राइफ्रूट्स- भीगे हुए मेवे, बादाम, अखरोट, किशमिश के साथ नारियल पानी को भी सरगी में शामिल किया जा सकता है जो शरीर को हाइड्रेट रखेगा और पूरे दिन मिनरल बैलेंस बनाए रखेगा. 

व्रत खोलने के बाद क्या खाएं 

  • मीठा- एक्सपर्ट्स बताते हैं कि करवाचौथ का व्रत खोलते ही भारी खाना खाने से बचना चाहिए. वहीं व्रत हमेशा मीठे के साथ खोलना चाहिए. ऐसे में आप कुछ मिठाई या खीर खा सकते हैं. यह शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं और पेट का हल्का बनाए रखते हैं.
  • नारियल पानी- निर्जला व्रत के बाद ताजगी और हाइड्रेशन बनाए रखने के लिए नारियल पानी पीना ज्यादा फायदेमंद होता है. क्योंकि इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स मौजूद होते हैं जो शरीर का मिनरल बैलेंस बनाए रखते हैं.
  • हल्का खाना- व्रत तोड़ने के बाद हल्का खाना जैसे मूंग दाल की खिचड़ी, सब्जियों का उपमा और फ्रूट सलाद जैसा हल्का खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है. यह पाचन के लिए आसान और ऊर्जा देने वाला होता है. 

व्रत तोड़ने के बाद क्या न खाएं 

करवाचौथ का व्रत तोड़ने के बाद एक्सपर्ट्स ऑयली और तला हुआ खाना खाने से परहेज करने के लिए कहते हैं. क्योंकि यह खाना पेट संबंधित दिक्कतें कर सकता है. इसके अलावा फास्ट फूड जैसे समोसा, बर्गर और पिज्जा से भी बचना चाहिए क्योंकि यह पेट पर भारी पड़ सकते हैं. इसके अलावा व्रत के बाद नॉनवेज से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है. 

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देश में रहकर ही पूरा होगा विदेश से पढ़ाई करने का सपना, भारत आ रहीं ब्रिटेन की 9 यूनिवर्सिटी

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इस समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भारत दौरे पर हैं. इस दौरे का भारत के स्टूडेंट्स को बड़ा फायदा होता दिख रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है. उन्होंने बताया कि यूनाइटेड किंगडम (UK) की नौ प्रमुख विश्वविद्यालय जल्द ही अपने कैंपस भारत में खोलने जा रहे हैं.

इस घोषणा का मौका ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के भारत दौरे के दौरान मिला. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहल भारत और ब्रिटेन के संबंधों में नई ऊर्जा और सहयोग की दिशा को दर्शाती है, खासकर हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद. पीएम मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री स्टार्मर के साथ आए शिक्षा जगत के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल अब तक का सबसे बड़ा और प्रभावशाली था.

इस कदम से भारतीय छात्रों को विदेश में पढ़ाई के भारी खर्च के बिना अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे. साथ ही यह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा. गुरुग्राम में पहला कैंपस पहले ही खुल चुका है. साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी का पहला कैंपस गुरुग्राम में संचालित है और यहां पहले बैच के छात्रों ने अपनी कक्षाएं शुरू कर दी हैं. यह इस नई पहल की सफल शुरुआत का संकेत है.

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खुलेंगे ये कैंपस

बैंगलोर में यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल, मुंबई में यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क, यूनिवर्सिटी ऑफ अबरडीन और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के कैंपस खुल सकते हैं. जबकि अन्य यूनिवर्सिटी के कैंपस की जानकारी जल्द सामने आ सकती है.  इस योजना के जरिए भारतीय छात्रों को न केवल शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि उनके कौशल और करियर संभावनाओं में भी वृद्धि होगी. साथ ही यह पहल ब्रिटेन और भारत के बीच शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत सहयोग की शुरुआत भी मानी जा रही है.

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मेड इन इंडिया Ulaa ब्राउजर में हैं गजब के फीचर्स, क्रोम यूज करने वाले भी हो जाएंगे दीवाने

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पिछले कुछ दिनों से जोहो के प्रोडक्ट्स खूब पॉपुलर हुए हैं. पहले Arattai ऐप ने अपना जलवा बिखेरा और फिर Ulaa ब्राउजर भी ऐप्पल ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर में टॉप पर पहुंच गया था. प्राइवेसी पर खास फोकस वाला यह ब्राउजर एंड्रॉयड, iOS, विंडोज, मैक और Linux जैसे सभी प्लेटफॉर्म के लिए अवेलेबल है. इसमें कई ऐसे फीचर्स हैं, जिन्हें देखकर क्रोम ब्राउजर यूज करने वाले लोग भी इसके दीवाने हो जाएंगे. आइए इस मेड इन इंडिया ब्राउजर के गजब के फीचर्स के बारे में जानते हैं.

प्राइवेसी पर पूरा फोकस

Ulaa ब्राउजर में यूजर प्राइवेसी पर पूरा ध्यान दिया गया है. इसे बनाने वाले कंपनी जोहो का कहना है कि यह ब्राउजर न तो यूजर डेटा ट्रैक करता है और न ही बेचता है. इसमें यूजर की पर्सनल जानकारी गोपनीय रहती है और विज्ञापनदाता उसे ट्रैक नहीं कर पाते. गूगल क्रोम में ऐसा नहीं होता. गूगल का ब्राउजर ऐड दिखाने के लिए यूजर डेटा कलेक्ट करता है.

इन-बिल्ट ऐड ब्लॉकर

कई बार ब्राउजिंग के दौरान बार-बार आने वाले विज्ञापन परेशान कर लेते हैं, लेकिन अगर आप Ulaa ब्राउजर यूज करेंगे तो यह दिक्कत नहीं आएगी. इसमें इन-बिल्ट ऐड ब्लॉकर मिलता है. इस कारण ब्राउजिंग के दौरान आपको कोई विज्ञापन नहीं दिखेंगे और वेब पेज भी तेजी से लोड होंगे.

काम के हिसाब से अलग-अलग मोड

Ulaa ब्राउजर में वर्क, पर्सनल, किड्स और डेलवपर्स मोड समेत कई मोड मिलते हैं. हर मोड में अलग-अलग प्राइवेसी सेटिंग और कंटेट फिल्टर होता है. ऐसे में आपको अपने लिए या अपने बच्चों के लिए इसे यूज करते समय बार-बार सेटिंग नहीं बदलनी पड़ेगी.

सरकार से अवॉर्ड जीत चुका है यह ब्राउजर

Ulaa ब्राउजर ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय की तरफ से आयोजित इंडियन वेब ब्राउजर डेवलपमेंट चैलेंज को जीता था. इस चैलेंज में सरकार ने भारतीय कंपनियों से वर्ल्ड क्लास ब्राउजर तैयार करने को कहा था.

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Video: पिछले जन्म का बदला! गुस्साए सांड ने शख्स को उठा-उठाकर पटका, जमकर खदेड़ा, वीडियो वायरल

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Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक सांड एक व्यक्ति पर हमला करता हुआ नजर आ रहा है. सांड व्यक्ति को उठा-उठाकर पटक रहा है, जो देखने में काफी खतरनाक नजर आ रहा है. वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की कई प्रतिक्रियाएं सामने आई है.

सांड ने व्यक्ति पर लगातार हमला किया

वीडियो में शुरुआत में देखा जा सकता है कि एक सफेद रंग की कार खड़ी है और एक सांड एक व्यक्ति को उठाकर पटकता हुआ नजर आ रहा है. व्यक्ति सांड से बचने की काफी कोशिश करता है, लेकिन सांड काफी गुस्से में नजर आ रहा है और व्यक्ति पर लगातार हमला कर रहा है.

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सांड व्यक्ति को कितनी बार उठाकर पटकता है, जिसके चलते व्यक्ति को काफी गंभीर चोटें भी आई होंगी. व्यक्ति सांड से डरकर कार के नीचे चला जाता है, लेकिन उसके बाद भी सांड व्यक्ति का पीछा नहीं छोड़ता है. कार के नीचे जाने के बाद भी सांड व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश करता रहता है.

वीडियो में व्यक्ति कितना डरा हुआ नजर आया

वीडियो में देखा जा सकता है कि व्यक्ति कितना डरा हुआ नजर आ रहा है. उसके बाद जब व्यक्ति कार के नीचे से निकलने लगता है तो उसे देखकर सांड तेजी से भाग जाता है. वीडियो में साफ तौर पर देखा गया है कि व्यक्ति सांड के हमले के कारण सही से चल भी नहीं पा रहा है. सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने वीडियो पर कई कमेंट्स किए है. साथ ही साथ वीडियो को काफी शेयर किया जा रहा है.

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क्या बाजार में बड़ी हलचल होने वाली है? ग्रहों की चाल से जुड़ा वो संकेत जिसे आप अनदेखा नहीं कर स

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भारत के शेयर बाजार की स्थिति इस वक्त किसी शांत समुद्र की तरह नजर आ रही है. ऊपर से स्थिर, भीतर से बेचैन. तेल की कीमतें 65-66 डॉलर पर थमी हैं, रुपया 88 के आसपास टिका है, ब्याज दरें भी स्थिर हैं, लेकिन निवेशक अब भी असमंजस में हैं.

ज्योतिष की गणना से कारण जानने की कोशिश करते हैं तो ग्रहों की चाल में बाजार में बड़ी हलचल शुरू होने के संकेत दिखाई देते हैं. अब प्रश्न उठता है कि क्या आने वाले हफ्तों में बाजार की पूरी तस्वीर बदल सकती है? आइए जानते हैं

भीतर ही भीतर उठ रहा है कोई तुफान!

मैदिनी ज्योतिष यानी वह विद्या जो देश, जनता और अर्थव्यवस्था की चाल को ग्रहों के संकेतों से जोड़ती है, इसके अनुसार जब शुक्र नीच, गुरु उच्च और शनि वक्री हों तो बाजार में अस्थिरता और अवसर दोनों साथ जन्म लेते हैं. अक्टूबर 2025 में ठीक यही स्थिति बन रही है. ऊपर से सब कुछ ठीक, पर अंदर से बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.

शुक्रे नीचस्थे व्यये वृध्दिः

9 से 12 अक्टूबर 2025 के बीच शुक्र कन्या राशि में नीचस्थ हो रहा है. यह वही ग्रह है जो सौंदर्य, वैभव और खर्च का प्रतीक है. जब शुक्र अपनी कमजोर स्थिति में आता है, तो उपभोक्ता की स्थिति कमजोर पड़ने लगती है. फलदीपिका में कहा गया है कि शुक्रे नीचस्थे व्यये वृध्दिः, अर्थक्षये नृपानाम्. यानी जब शुक्र नीच होता है, तब खर्च बढ़ता है, पर लाभ घटता है. इस समय लक्ज़री, ऑटो और फैशन सेक्टर पर दबाव देखने को मिल सकता है. वहीं स्वास्थ्य, फार्मा और एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव सेक्टर निवेशकों को राहत मिल सकती है.

भरोसा और जोखिम साथ-साथ

18 से 22 अक्टूबर 2025 के बीच गुरु कर्क राशि में उच्च होगा. यह वही ग्रह है जो समृद्धि, ज्ञान और विस्तार का स्वामी माना गया है. बृहद् पराशर होरा शास्त्र में लिखा है कि गुरुः स्वोच्चस्थे वित्तं वर्धयेत्. यानी जब गुरु उच्च होता है, तो धन का प्रवाह बढ़ता है और आत्मविश्वास लौटता है.

बैंकिंग, कैपिटल गुड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस सेक्टर में यह ग्रह नई जान फूंक सकता है. पर याद रखें, जब भरोसा लौटता है, तब लालच भी बढ़ता है और यही वह बिंदु है जहां निवेशक गलती करते हैं.

अफवाहों और उलटफेर का समय

24 से 29 अक्टूबर के बीच बुध तुला से निकलकर वृश्चिक में प्रवेश करेगा. यह ग्रह संवाद और निर्णय का स्वामी है. भविष्य पुराण कहता है – “बुधो वृश्चिके भ्रमो व्यापारे.” इसका मतलब है कि जब बुध वृश्चिक में होता है, तो व्यापार भ्रम और अफवाहों से प्रभावित होता है. इस दौरान IT, टेक और मीडिया सेक्टर में तीखी प्रतिक्रियाएं दिख सकती हैं. एक छोटी-सी खबर या मैनेजमेंट का बयान भी शेयरों को झुला सकता है. जो लोग बिना सोचे रिएक्ट करेंगे, वे फँसेंगे.

मंगल वृश्चिक में आते ही बाजार में तेजी, टकराव एक साथ!

27 अक्टूबर से मंगल अपनी ही राशि वृश्चिक में आ रहा है. यह ग्रह ऊर्जा, साहस और क्रियाशीलता का प्रतीक है. बृहत्त संहिता में लिखा है कि मंगलो धात्वादिषु मूल्यवृद्धिकरः. यानी जब मंगल प्रबल हो, तब धातु, तेल और युद्ध-संबंधी वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं.

इसका सीधा अर्थ है मेटल, डिफेन्स और एनर्जी सेक्टर में भारी हलचल देखने को मिल सकती है. तेज़ी के साथ-साथ अचानक गिरावटें भी होंगी. यह वह दौर है जहां लाभ और नुकसान दोनों पलक झपकते तय होंगे.

बाजार में बदलाव की बयार

27 नवंबर 2025 तक शनि मीन राशि में वक्री रहेंगे. शनि देव व्यवस्था और अनुशासन के प्रतीक हैं. वाराह संहिता कहती है कि वक्री शनि नृणां कर्मविलम्बं ददाति. यानी जब शनि वक्री होता है, तब कामों में देरी और भ्रम बढ़ता है. इसका असर सरकारी, PSU और पॉलिसी-ड्रिवन सेक्टर में दिखेगा. कोई बड़ा सुधार फिलहाल नहीं, लेकिन जब 27 नवंबर को शनि मार्गी होंगे, तो नीति-निर्णयों में स्पष्टता लौटेगी और बाजार को नया संतुलन मिलेगा.

ग्रहों की भाषा से समझें बाजार का मनोविज्ञान

बृहत्त संहिता के मूल्याध्याय में वराहमिहिर ने लिखा कि धन और वस्तुओं के मूल्य ग्रहों की गति से घटते-बढ़ते हैं. सरावली ग्रंथ में बुध को व्यापार और बुद्धि का कारक बताया गया है, जबकि भविष्य पुराण में गुरु को विस्तार और शुक्र को विलासिता का प्रतीक कहा गया है. आज की तारीख में ये तीनों ही मुख्य ग्रह असंतुलन की स्थिति में हैं शुक्र नीच है, गुरु उच्च है और बुध संक्रमण में, यानी बाजार की चाल एक ही दिशा में नहीं, बल्कि दो विपरीत धाराओं में बंटी हुई है.

बाजार में कौन टिका रहेगा?

इस समय निवेशक वही गलती कर सकते हैं जो इतिहास में कई बार हुई – भरोसे को लालच समझ लेना. गुरु के उच्च होने से विश्वास लौटेगा, लेकिन शुक्र की कमजोरी और बुध की उलझन यह दिखाएगी कि हर उछाल स्थायी नहीं है. केवल वही टिकेगा जिसने ठहराव और धैर्य को चुना.

आशा और भ्रम साथ-साथ

गुरुः स्वोच्चे धनवृद्धिं, शुक्रे नीचस्थे व्ययः. बुधे वृश्चिके भ्रमो व्यापारे, वक्री शनि देरीः निर्णयेषु.

इन पंक्तियों में बाजार के इस पूरे मौसम का सत्य छिपा है, धन बढ़ेगा पर विवेक घटेगा. बाजार उठेगा, पर संतुलन खो सकता है. नीति रुकेगी, पर बदलाव भी तय है.

अब क्या करें निवेशक?

जो शांति दिख रही है, वह स्थायी नहीं है. भारत और विश्व दोनों बदलाव के दौर में हैं. ज्योतिष की मानें तो गुरु भरोसा दिला रहा है, पर शुक्र संयम मांग रहा है. शनि देरी ला रहा है, पर मंगल गति देने को तैयार है. यानी अगले कुछ हफ्तों में बाजार एक ऐसी लहर से गुजरेगा जो अवसर और जोखिम दोनों साथ लाएगी.

लेकिन मैदिनी ज्योतिष के सिद्धांत के अनुसार अनुसार जब तीन ग्रह गुरु, शुक्र और शनि एक साथ परस्पर विरोधी स्थिति में हों, तब अर्थव्यवस्था दिशा बदलती है. अक्टूबर-नवंबर 2025 उसी मोड़ पर खड़ा है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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मिल गया 10 लाख डॉलर का खजाना, सालों पहले समंदर में समा गया था जहाज

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अमेरिका के फ्लोरिडा तट पर गोताखोरों की एक टीम ने समुद्र की गहराइयों में करीब 10 लाख डॉलर (लगभग ₹8.3 करोड़) मूल्य का पुराना स्पेनिश खजाना खोज निकाला है. इस टीम ने ट्रेजर कोस्ट नाम से मशहूर जल क्षेत्र में 1,000 से अधिक सोने और चांदी के सिक्के बरामद किए हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, ये सिक्के 1715 में डूबे एक स्पेनिश बेड़े से जुड़े हैं, जो रत्नों और कीमती सामान से भरे जहाजों को लेकर स्पेन जा रहा था, लेकिन रास्ते में आए भीषण तूफान ने पूरा बेड़ा तबाह कर दिया था और खजाना समुद्र की लहरों में समा गया था.

तीन शताब्दियों पुराना खजाना दोबारा सामने आया

इतिहासकारों का मानना है कि यह खजाना बोलीविया, मेक्सिको और पेरू जैसे स्पेनिश उपनिवेशों में ढाला गया था. ये सिक्के 18वीं सदी के शुरुआती वर्षों में स्पेनिश साम्राज्य के स्वर्ण युग के प्रतीक हैं. इस खोज को खास इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि कई सिक्कों पर उस समय की तारीखें और टकसाल के निशान (mint marks) अभी भी स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं. इतिहासकारों के लिए ये निशान उस दौर के समुद्री व्यापार, औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था और शिल्प तकनीक को समझने में अहम भूमिका निभाएंगे.

गोताखोरों की टीम ने कैसे की खोज

खोज करने वाली कंपनी क्वीन ज्वेल्स (Queen Jewels) के प्रमुख सैल गुट्टोसो ने बताया कि यह अभियान महीनों की तैयारी के बाद शुरू किया गया था. टीम ने पानी के नीचे लगे मेटल डिटेक्टरों और हाथ से चलने वाले पंखों की मदद से रेत को सावधानीपूर्वक हटाया. सैल गुट्टोसो ने कहा, ”यह खोज सिर्फ खजाने के बारे में नहीं है, बल्कि उन कहानियों के बारे में है जो इससे जुड़ी हैं. प्रत्येक सिक्का इतिहास का एक अंश है और उन लोगों से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने स्पेनिश साम्राज्य के स्वर्ण युग में जीवन जिया और समुद्रों में नौकायन किया.” नउन्होंने आगे कहा कि एक बार में 1,000 सिक्के मिलना बेहद दुर्लभ है और यह खोज इतिहास की एक महत्वपूर्ण झलक पेश करती है.

फ्लोरिडा में पहले भी मिल चुके हैं करोड़ों के खजाने

फ्लोरिडा का यह तटीय इलाका ट्रेजर कोस्ट (Treasure Coast) के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यहां पहले भी कई बार कीमती सोने-चांदी के सिक्के मिले हैं. पिछले कुछ वर्षों में गोताखोरों और शिकारियों ने लाखों डॉलर मूल्य के खजाने खोज निकाले हैं, जो 17वीं और 18वीं सदी के डूबे हुए स्पेनिश जहाजों से जुड़े थे. यह इलाका स्पेन और अमेरिका के बीच व्यापारिक समुद्री मार्गों का हिस्सा था, जहां जहाज कीमती रत्न, सोना, चांदी और मसाले लेकर यात्रा करते थे. हर बार मिलने वाला नया खजाना न केवल इतिहास के लिए महत्वपूर्ण होता है, बल्कि स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी नई पहचान देता है.

खजाने का स्वामित्व किसे मिलेगा?

फ्लोरिडा के कानून के मुताबिक, समुद्र में मिलने वाले खजाने के भंडार (Treasure Trove) का स्वामित्व राज्य सरकार का होता है. हालांकि, खोज करने वाली कंपनियों को Recovery Services देने की अनुमति दी जाती है, जिसके बदले उन्हें मुआवजा या पुरस्कार राशि मिलती है. साथ ही, 20% ऐतिहासिक कलाकृतियां सार्वजनिक स्वामित्व में रहती हैं ताकि उन्हें संग्रहालयों में शोध और प्रदर्शन के लिए रखा जा सके. राज्य सरकार और पुरातत्व विभाग इन खजानों को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में सुरक्षित रखने का प्रयास करते हैं.

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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से बाहर होने पर मोहम्मद शमी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘मैं फिट हूं लेकिन

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भारतीय क्रिकेट टीम के सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया में जगह न मिलने के बाद शमी ने साफ कहा कि फिटनेस उनकी कोई समस्या नहीं है, बल्कि चयन पूरी तरह से टीम मैनेजमेंट का फैसला है. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से इंटरनेशनल टीम से बाहर चल रहे शमी अब घरेलू क्रिकेट के जरिए दोबारा टीम इंडिया में वापसी करने की तैयारी में हैं.

शमी ने कहा- मै तैयार हूं

अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में शमी ने कहा,  “कई लोग पूछ रहे हैं कि मुझे ऑस्ट्रेलिया सीरीज में क्यों नहीं चुना गया. मैं बस इतना कहूंगा कि चयन मेरे हाथ में नहीं है. यह चयनकर्ताओं, कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल का फैसला है. अगर उन्हें लगेगा कि मैं टीम के लिए तैयार हूं तो वे बुला लेंगे, लेकिन मैं लगातार अभ्यास कर रहा हूं और पूरी तरह तैयार हूं.”

शमी ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके फिटनेस को लेकर जो अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, वो निराधार हैं. उन्होंने कहा, “कई अफवाहें और मीम्स चल रहे हैं, लेकिन मेरी फिटनेस पूरी तरह ठीक है. मैं हर दिन मेहनत कर रहा हूं और अपने शरीर पर काम कर रहा हूं.”

खराब फॉर्म और फिटनेस पर उठे सवाल

साल 2025 की शुरुआत में इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी के बाद से मोहम्मद शमी का प्रदर्शन खास नहीं रहा है. उन्होंने इस साल 11 वनडे मैचों में 11 विकेट लिए, जिसमें उनका औसत 30.63 का रहा. इन मैचों में उनके सर्वश्रेष्ठ आंकड़े 3/37 रहे. इसके अलावा, आईपीएल 2025 सीजन में भी शमी का प्रदर्शन फीका रहा. सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए उन्होंने 9 मैचों में सिर्फ 6 विकेट ही लिए. यही वजह रही कि चयनकर्ताओं ने उन्हें इंग्लैंड टेस्ट और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ मैचों से भी बाहर कर दिया.

वापसी के लिए तैयार है शमी

शमी ने बताया कि वह हाल ही में दलीप ट्रॉफी में पूर्वी क्षेत्र से खेले थे और उन्होंने लगभग 35 ओवर गेंदबाजी की थी. उन्होंने बताया,  “मेरी लय अच्छी थी और फिटनेस भी. मुझे नहीं लगता कि मैं किसी चीज में पीछे हूं. मैदान से दूर रहना हर खिलाड़ी के लिए कठिन होता है, लेकिन मैं मोटिवेटेड हूं और वापसी के लिए मेहनत जारी रखूंगा.”

टीम इंडिया में कब होगी वापसी?

हालांकि बीसीसीआई की मौजूदा चयन नीति में शमी का नाम फिलहाल “स्कीम ऑफ थिंग्स” से बाहर नजर आ रहा है. टीम मैनेजमेंट फिलहाल युवा तेज गेंदबाजों पर भरोसा जता रहा है, लेकिन अगर शमी घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करते हैं, तो आने वाले महीनों में उनकी टी20 या टेस्ट टीम में वापसी संभव हो सकती है.

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Video: पहले कार में मारी टक्कर, फिर स्कूटी को रौंदा, गोवा में BMW कार का कहर, सामने आया वीडियो

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Goa Accident News: गोवा के मापुसा में स्थित सेंट जेवियर कॉलेज के पास एक भीषण सड़क हादसे का वीडियो सामने आया है,  जिसमें एक बीएमडब्ल्यू कार का बैलेंस बिगड़ गया और वो एक टोयोटा एटियॉस और एक यामाहा स्कूटर से टकरा गई. दावा किया जा रहा है कि इस दुर्घटना में स्कूटर सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. ये पूरी घटना सड़क पर लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

हादसे में स्कूटर सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल

बता दें कि यह हादसा मापुसा रोड पर हुआ है. वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क पर गाड़ियों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है, तभी अचानक एक बीएमडब्लयू की बैलेंस बिगड़ जाता है और वो पहले टोयोटा एटियॉस कार से टकरा जाती है. फिर यामाहा स्कूटर से कार का टकराव हो जाता है और हादसे में स्कूटर सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो जाता है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जाता है. ये भयावह हादसा सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया, जिसमें हादसे की गंभीरता को साफ देखा जा सकता है.

हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लगी

हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो जाती है. सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने तरह-तरह के कमेंट्स किए है. लोगों ने हादसे को गंभीर बताया और गाड़ियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. दावा किया जा रहा है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. इस घटना ने एक बार सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

 


घर में यूज के लिए लेना है वाई-फाई कनेक्शन? जानिये कितनी होनी चाहिए स्पीड

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अगर आप घर के लिए वाई-फाई कनेक्शन लेना चाहते हैं और स्पीड को लेकर कंफ्यूज हैं तो हम इस कंफ्यूजन को दूर करने का प्रयास करेंगे. वाई-फाई कनेक्शन लेने से पहले आपको यह देख लेना जरूरी है कि इस पर कितने डिवाइस कनेक्ट होने वाले हैं. कई बार ज्यादा डिवाइस के चलते पर्याप्त इंटरनेट स्पीड नहीं मिल पाती. बता दें कि सिर्फ गेमिंग और हैवी टास्क के लिए ही हाई स्पीड होना जरूरी नहीं है. रेगुलर कामों के लिए भी हाई-स्पीड इंटरनेट की जरूरत पड़ी है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस काम के लिए कितनी इंटरनेट स्पीड पर्याप्त रहेगी.

होम कनेक्शन के लिए कितनी स्पीड पर्याप्त?

अगर आप मैसेजिंग, वेब ब्राउजिंग, ईमेल, वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन क्लासेस आदि के लिए कनेक्शन ले रहे हैं तो 10Mbps की स्पीड वाले कनेक्शन से आपका काम चल जाएगा. वहीं अगर आपको OTT पर फिल्में और वेब सीरीज आदि का मजा लेना है तो इंटरनेट स्पीड कम से कम 30Mbps तक होनी चाहिए. इसलिए होम कनेक्शन में कम से कम 30Mbps वाला प्लान लिया जा सकता है. इसके अलावा अगर आप ऑनलाइन गेमिंग या 4K स्ट्रीमिंग करते हैं तो 50Mbps तक की स्पीड की जरूरत पड़ सकती है. इस बात का भी ध्यान रखें कि 5 से ज्यादा डिवाइस पर हाई-क्वालिटी स्ट्रीमिंग के लिए यह स्पीड काफी नहीं होगी और आप 100Mbps वाला कनेक्शन ले सकते हैं.

ये होता है डाउनलोड और अपलोड स्पीड का अंतर

वाई-फाई कनेक्शन लेने से पहले आपको डाउनलोड और अपलोड स्पीड का भी पता होना चाहिए. डाउनलोड स्पीड का मतलब है कि कोई डेटा आपके डिवाइस तक कितनी स्पीड से पहुंच रहा है. डाउनलोड स्पीड कम होगी तो आपको स्ट्रीमिंग, ब्राउजिंग और डाउनलोडिंग में दिक्कत आएगी. वहीं अपलोड स्पीड का मतलब है कि आपके डिवाइस से सर्वर पर डेटा किस स्पीड में पहुंच रहा है. इसके कम होने पर वीडियो कॉल और ऑनलाइन गेमिंग की क्वालिटी खराब हो जाएगी.

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