रेखा की उम्र कितनी है? एक्ट्रेस के परिवार में कौन कौन है? जानें प्रॉपर्टी से नेटवर्थ तक सब कुछ

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बॉलीवुड की एवरग्रीन एक्ट्रेस रेखा भले ही फिल्मी दुनिया से दूर हो, लेकिन अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर हमेशा से ही चर्चा में बनी रहती हैं. दरअसल एक्ट्रेस ने अपने लंबे बॉलीवुड करियर रियल लाइफ में खूब उतार चढ़ाव देखे हैं. ऐसे में फैंस उनकी लाइफ का हर छोटे से छोटा पहलू जानने के लिए एक्साइटिड रहते हैं. आज हम आपको रेखा की निजी जिंदगी से जुड़ी कई खास बातें बता रहे हैं. जानिए उनकी फैमिली, प्रॉपर्टी और नेटवर्थ के बारे में सबकुछ…..

रेखा कितने साल की हैं?

रेखा का असली नाम भानुरेखा है. जो कल यानि 10 अक्टूबर को 71 साल की होने वाली हैं. उन्होंने साउथ सिनेमा के सुपरस्टार जेमिनी गणेशन के घर जन्म लिया था. उनकी मां का नाम पुष्पावल्ली है. एक्ट्रेस का जन्म एक सुपरस्टार के घर में हुआ था. लेकिन शुरुआत से ही उन्होंने तंगी की जिंदगी झेली. दरअसल एक्ट्रेस के पिता उनके साथ ज्यादा वक्त नहीं रहे. उन्होंने कभी एक्ट्रेस की मां को पत्नी और रेखा को बेटी का दर्जा नहीं दिया था. ऐसे में एक्ट्रेस ने घर चलाने के लिए बहुत छोटी उम्र में ही एक्टिंग शुरू कर दी थी. इसी वजह से रेखा को अपने पिता से नफरत भी थी.

रेखा की उम्र कितनी है? एक्ट्रेस के परिवार में कौन कौन है? जानें प्रॉपर्टी से लेकर नेटवर्थ तक सब कुछ

रेखा के परिवार में कौन कौन है?

रेखा के पिता जेमिनी गणेशन ने 3 शादियां की थी. उनको पहली पत्नी 4 बेटियां थी, दूसरी से 2 बेटियां जिसमें एक रेखा खुद हैं और दूसरी राधा है. तीसरी पत्नी से जेमिनी तो बेटी विजया चामुंडेश्वरी और बेटा सतीश हुआ. इस हिसाब से एक्ट्रेस की 6 बहनें और एक भाई हैं. बता दें कि रेखा का अपने भाई-बहनों से बेहद गहरा बॉन्ड है. ये सभी ग्लैमरस वर्ल्ड से दूर हैं, लेकिन अपनी लाइफ में सेटल है.

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रेखा की नेटवर्थ कितनी है?

रेखा ने अपना करियर साउथ फिल्मों के साथ ही शुरू किया था. इसके बाद एक्ट्रेस ने बॉलीवुड की तरफ रुख किया. यहां शुरुआत में उन्हें छोटे-मोटे रोल मिले. फिर फिल्म ‘सावन भादों’ से उन्हें इंडस्ट्री में पहचान मिली. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट फिल्में दी. सालों के लंबे करियर में रेखा ने नाम के साथ-साथ खूब शोहरत भी हासिल की. कोईमोई की एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेखा की नेटवर्थ 332 करोड़ रुपए है. एक्ट्रेस के पास ऑडी A8, मर्सिडीज बेंज S क्लास, रोल्स रॉयस घोस्ट और BMW जैसी गाड़ियों में घूमती हैं.

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रेखा के पास कहां-कहां प्रॉपर्टी है?

रेखा भले ही फिल्मों में एक्टिव ना हो, लेकिन ब्रांड एंडोर्समेंट, टीवी शोज में गेस्ट एपीरियंस और इवेंट्स के जरिए मोटी कमाई करती हैं. एक्ट्रेस मुंबई शहर के बांद्रा इलाके में एक आलीशान बंगला है. जिसकी कीमत 100 करोड़ रुपए है. इसके अलावा एक्ट्रेस के साउथ इंडिया में भी कई घर हैं. जिनसे उनको हर महीने मोटा किराया मिलता है. रेखा ने रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट कर रखी है.

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मुकेश अग्रवाल से हुई थी शादी

रेखा ने अपना दिल भले ही बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन को दिया हो, लेकिन दोनों कभी एक नहीं हो पाए. ऐसे में एक्ट्रेस ने बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से शादी कर ली थी. लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही मुकेश ने आत्महत्या कर ली थी. खबरों के अनुसार वो डिप्रेशन से जूझ रहे थे.

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JNU में महिला छात्रों और शिक्षकों की संख्या में बड़ी गिरावट, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

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देश की प्रमुख शिक्षा संस्थाओं में शुमार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पिछले दस सालों में महिला छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट देखी गई है. जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट ‘State of the University’ (अक्टूबर 2025 अपडेट) में यह जानकारी साझा की. रिपोर्ट के अनुसार अब विश्वविद्यालय में महिला छात्र कुल संख्या का आधे से भी कम हिस्सा बन गए हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2016-17 में जेएनयू में महिला छात्रों की संख्या 51.1% थी, जो अब घटकर 43.1% हो गई है. यानी महिला छात्र अब विश्वविद्यालय में अल्पसंख्यक की श्रेणी में आ गई हैं. JNUTA ने इसे लिंग असमानता का गंभीर संकेत बताया है और कहा कि विश्वविद्यालय के सामाजिक समावेशन के पिछले प्रयास, जो महिला छात्रों की संख्या बढ़ाने में सफल रहे थे, अब उलट रहे हैं.

महिला शिक्षक भी हुए प्रभावित

महिला शिक्षकों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है. 31 मार्च 2025 तक कुल 700 शिक्षकों में केवल 208 महिलाएं थीं, यानी 29.7%. यह आंकड़ा 2022 और 2016 के आंकड़ों से भी कम है. JNUTA ने इसे विश्वविद्यालय में महिला शिक्षा और नेतृत्व की स्थिति पर चिंता का कारण बताया.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि महिला छात्रों की संख्या में गिरावट के पीछे विश्वविद्यालय द्वारा अपनी प्रवेश परीक्षाओं का संचालन बंद करना और रिसर्च प्रोग्राम में “डिप्रिवेशन प्वाइंट सिस्टम” को हटाना एक बड़ा कारण हो सकता है. इस सिस्टम के तहत सामाजिक रूप से पिछड़े छात्रों को अतिरिक्त अंक दिए जाते थे, ताकि उन्हें दाखिला लेने में मदद मिल सके.

इसके अलावा, महिला छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण भी घट गया है. 2017 में जेएनयू के GSCASH (Gender Sensitisation Committee Against Sexual Harassment) को हटाकर ICC (Internal Complaints Committee) बनाया गया. JNUTA का आरोप है कि ICC अब स्वतंत्र संस्था नहीं रही, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन का एक हिस्सा बन गई है. इससे महिला छात्र असुरक्षित महसूस कर रही हैं और यौन उत्पीड़न की घटनाओं की रिपोर्टिंग में कमी आई है.

अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की संख्या में भी गिरावट

सिर्फ महिलाओं तक ही नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) के छात्रों की संख्या में भी कमी आई है. 2021-22 में SC छात्रों की संख्या 1,500 थी, जो अब घटकर 1,143 हो गई है. इसी तरह ST छात्रों की संख्या 741 से घटकर 545 हो गई. इस कारण SC छात्रों का विश्वविद्यालय में हिस्सा 15% से घटकर 14.3% और ST छात्रों का हिस्सा 7.4% से घटकर 6.8% हो गया, जो आरक्षित प्रतिशत से कम है.

JNUTA ने इस गिरावट को विश्वविद्यालय में प्रवेश और प्रशासनिक बदलाव से जोड़ा है. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के माध्यम से प्रवेश परीक्षा और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता में कमी के कारण सामाजिक समावेशन पर असर पड़ा है.

शैक्षणिक निवेश में भी गिरावट

रिपोर्ट में शैक्षणिक निवेश में तेज गिरावट का भी जिक्र है. 2015-16 में जेएनयू का शैक्षणिक खर्च 30.28 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में घटकर 19.29 करोड़ रुपये रह गया. यानी कुल 36.3% की कटौती हुई. सेमिनार और कार्यशालाओं पर खर्च में 97.2% की कमी, प्रयोगशालाओं पर 76.3% और फील्डवर्क/सम्मेलन में 79.6% की कमी दर्ज की गई.

इस बीच छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है. प्रवेश परीक्षा न होने के बावजूद विश्वविद्यालय ने छात्र और अभ्यर्थियों से अधिक शुल्क लेकर अपने वित्तीय नुकसान की भरपाई की. शैक्षणिक शुल्क से आय 2015-16 में 240.8 लाख से बढ़कर 2024-25 में 856.53 लाख रुपये हो गई.

अनुसंधान संस्कृति भी प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय में अनुसंधान संस्कृति भी कमजोर हुई है. पहले जहां अनुसंधान छात्र संख्या में अधिक थे, अब वे स्नातक और पोस्टग्रेजुएट छात्रों की तुलना में कम हैं. 2016-17 में अनुसंधान छात्रों की संख्या 5,432 थी, जो अब घटकर 3,286 के करीब रह गई है.

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इस बैंक पर लगी RBI की पाबंदी, 10000 रुपये से ज्यादा निकालने पर रोक, कहीं आपका तो नहीं खाता?

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RBI Actions on Baghat Urban Co-Operative Bank: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रेगुलेटरी एक्शन लेते हुए हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित द बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. केंद्रीय बैंक के निर्देशों के अनुसार, अब यह बैंक न तो कोई नया जमा स्वीकार कर सकेगा और न ही नए लोन जारी कर पाएगा. इसके साथ ही, बैंक की देनदारियों के भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है.

क्या है आरबीआई के निर्देश?

आरबीआई ने कहा कि बिना पूर्व लिखित अनुमति के बैंक कोई नया ऋण नहीं दे सकता, नई जमा राशि स्वीकार नहीं कर सकता और न ही अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा कर सकता है. यह कदम हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के बाद उठाया गया है.

समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक की मौजूदा नकदी स्थिति को देखते हुए, आरबीआई ने ग्राहकों की निकासी सीमा 10,000 रुपये निर्धारित की है. हालांकि, आरबीआई ने यह छूट दी है कि बैंक ग्राहकों के खातों में मौजूद राशि को उनके बकाया ऋणों के समायोजन में इस्तेमाल कर सकता है.

बीमा सुरक्षा का क्या होगा?

आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि बैंक के जमाकर्ताओं को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) के तहत बीमा सुरक्षा प्राप्त है. इस प्रावधान के अनुसार, प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम ₹5 लाख तक की बीमाकृत राशि मिलेगी, जो उनके खाते की स्थिति और अधिकार के अनुसार तय की जाएगी.

केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि ये पाबंदियाँ बैंक का लाइसेंस रद्द करने के बराबर नहीं हैं. बैंक सीमित शर्तों के साथ अपना संचालन जारी रख सकेगा. आरबीआई का यह कदम बैंक की वित्तीय स्थिति को स्थिर करने और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है.

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नदी किनारे नहा रही थी महिला, घात लगाकर आया दरिंदा और… वीडियो देख दहल जाएगा दिल

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Crocodile Attack Video: सोशल मीडिया पर हर दिन हम सैकड़ों फोटो और वीडियो देखते हैं. कुछ हमें हंसाते हैं, कुछ रुला देते हैं तो कुछ इतने हैरान कर देने वाले होते हैं कि यकीन कर पाना मुश्किल हो जाता है. वहीं कई बार हमें ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं जो डरावनी होती है और हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं. ऐसी ही एक घटना इन दिनों इंटरनेट पर वायरल हो रही है, जो ओडिशा राज्य के जाजपुर जिले की बताई जा रही है. यह वीडियो इतना खौफनाक है कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए. 

क्या है वायरल वीडियो में?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक महिला नदी में नहा रही होती है, तभी एक मगरमच्छ अचानक आता है और महिला को अपने जबड़े में दबाकर गहरे पानी में ले जाता है. यह घटना इतनी अचानक और भयानक थी कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए. ग्रामीणों ने महिला को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ बहुत ताकतवर था और वह महिला को खींचकर पानी के अंदर ले गया. इस पूरी घटना का वीडियो किसी ग्रामीण ने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया और फिर इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया. देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इसे देखा. 

सोशल मीडिया पर कमेंट्स 
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के अलग-अलग रिएक्शन सामने आए हैं. कुछ लोग इस घटना को देखकर डर गए हैं, तो कुछ ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं कि ऐसी जगहों पर सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं होते हैं. कई लोगों ने ये भी कहा कि जंगल या नदी के किनारे रहने वाले लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वे इन खतरों से सावधान रहें. बहुत से लोगों ने लिखा कि यह वीडियो देखकर सदमे में हैं. 

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भूकंप से बचाने के लिए गूगल ला रही नया फीचर, यह काम करना हो जाएगा आसान, बच सकेंगी लोगों की जान

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एंड्रॉयड स्मार्टफोन में अर्थक्वेक अलर्ट का फीचर मिलता है. गूगल का यह फीचर भूकंप आने की स्थिति में यूजर को अलर्ट कर देता है. गूगल का कहना है कि 2020 में लॉन्च होने के बाद से लेकर अब तक यह 2,000 से अधिक भूकंप का पता लगा चुका है. 2023 में इसने फिलीपींस में 6.7 तीव्रता वाले भूकंप का पता लगाया और लगभग 25 लाख लोगों को कवर लेने का अलर्ट भेजा. अब गूगल इस अलर्ट को शेयर करने के फीचर पर काम कर रही है. यह फीचर आने के बाद यूजर इस अलर्ट को अपने जानकारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकेगा. इससे समय रहते लोगों तक प्राकृतिक आपदा की जानकारी पहुंच जाएगी.

नए फीचर में मिलेगी यह सुविधा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एंड्रॉयड के अर्थक्वेक अलर्ट में एक शेयर अलर्ट ऑप्शन जोड़ा जा रहा है. इसके बाद यूजर इस एक टैप से ही सोशल मीडिया और दूसरी ऐप्स पर शेयर कर सकेंगे. यह एक प्री-फिल्ड मैसेज और #AndroidEarthquakeAlerts हैशटैग के साथ आएगा. इससे यूजर को अपने जानकारों और दूसरे लोगों को समय पर भूकंप की जानकारी दे सकेगा, जिससे उन्हें कवर लेने या सुरक्षित जगह पर पहुंचने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल जाएगा.

कैसे काम करता है अर्थक्वेक अलर्ट का फीचर?

गूगल फोन में लगे एक्सलेरोमीटर को अलग तरीके से यूज कर उन्हें मिनी सेस्मोमीटर बना देती हैं, जो भूकंप की झटकों को डिटेक्ट कर सकते हैं. जब फोन भूकंप के शुरुआती झटके महसूस करता है तो यह लोकेशन और वाइब्रेशन डेटा गूगल के सर्वर पर भेजता है. अगर किसी इलाके से बड़ी संख्या में ऐसे सिग्नल मिलते हैं तो सिस्टम भूकंप की पुष्टि कर उस इलाके में एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स पर अलर्ट नोटिफिकेशन भेजता है. भूकंप की तीव्रता 4.5 के आसपास होने पर सावधान रहने वाले अलर्ट भेजे जाते हैं, वहीं इससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप के लिए यूजर को एक्शन लेने वाले अलर्ट भेजे जाते हैं.

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टेस्ट मैच में एक दिन में गिरे 24 विकेट, बेंगलुरु में पहले भारत ऑलआउट; फिर विपक्षी टीम भी ढेर

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IND vs AFG Bengaluru Test Match: भारत और अफगानिस्तान के बीच एक ऐसा मैच खेला गया, जो कि दो दिन में ही समाप्त हो गया. अफगानिस्तान की टीम भारत को ऑल आउट करने में कामयाब रही, लेकिन फिर भी टीम इंडिया ने ये मैच एक पारी और 262 रनों से जीत लिया. भारत की टेस्ट मैच में ये काफी बड़ी जीत रही. भारत ने पहली पारी में 474 रन बनाए, लेकिन अफगानिस्तान की टीम 20 विकेट गंवाने के बाद भी ये टारगेट हासिल नहीं कर पाई. भारतीय गेंदबाजों में इस मुकाबले में अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.

भारत ने खड़ा किया पहाड़ जैसा लक्ष्य

भारत और अफगानिस्तान के बीच ये बेंगलुरु टेस्ट 2018 में खेला गया था. इस मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. भारतीय टीम जब बल्लेबाजी करने उतरी, तब ओपनिंग बल्लेबाज शिखर धवन और मुरली विजय को आउट करना अफगानिस्तान के गेंदबाजों के लिए मुश्किल हो गया. इन दोनों खिलाड़ियों के बीच 168 रनों की साझेदारी हुई. शिखर धवन ने 96 गेंदों में 107 रनों की पारी खेली. वहीं मुरली विजय ने 153 गेंदों में 105 रन बनाए.

शिखर और विजय की शानदार शतकीय पारी के बाद केएल राहुल और हार्दिक पांड्या ने भी अर्धशतक लगाया. आखिर में आकर उमेश यादव ने इस मैच में 2 चौके और छक्के लगाकर इस टेस्ट मैच में 21 गेंद में 26 रन बनाए. भारत ने पहली पारी में 474 रनों का बड़ा स्कोर बनाया और टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में खड़ा किया.

एक ही दिन में गिर गए 24 विकेट

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए इस मैच में टीम इंडिया ने पहले दिन 6 विकेट के नुकसान पर 347 रन बना दिए थे. इसके बाद दूसरे दिन 4 विकेट गिरते ही भारतीय टीम 474 पर ऑल आउट हो गई. अफगानिस्तान की टीम जब बल्लेबाजी करने आई, तब पहली पारी में भारत के गेंदबाजों ने अफगानिस्तान को 109 पर ढेर कर दिया. वहीं दूसरी पारी में अफगानिस्तान ने फॉलो ऑन खेला, लेकिन इस बार भारत ने 103 के स्कोर पर ही विपक्षी टीम को ढेर कर दिया. भारत ने दूसरे दिन के खेल में ही अफगानिस्तान को दो बार ऑल आउट कर दिया. इस तरह दूसरे दिन के खेल में 24 विकेट गिरे.

भारत ने हासिल की बढ़ी जीत

अफगानिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी करते हुए भारत की तरफ से पहली पारी में रविचंद्रन अश्विन ने 4 विकेट हासिल किए. वहीं दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा को 4 विकेट मिले. अफगानिस्तान की टीम दो पारियों में मिलाकर 212 रन ही बना पाई. भारत ने इस मुकाबले को अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में एक पारी और 262 रनों से जीत लिया.

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मुझे यहां आकर खुशी हुई… जब पीएम मोदी के सामने हिंदी बोलने लगे ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर, व

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United Kingdom Prime Minister Keir Starmer Video: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इन दिनों भारतीय दौरे पर है. आज यानी 9 अक्टूबर को वह मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में हिस्सा लेने पहुंचे थे. जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल थे. इस फिनटेक फेस्ट से उनका एक वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने हिंदी में बोलते नजर आ रहे हैं. इसमें कीर स्टार्मर ने हिंदी में बात की. उन्होंने कहा, “मुझे यहां आकर खुशी हुई.” उनके इस अंदाज़ ने मौजूद लोगों को चौंका दिया और तालियां गूंज उठीं. सोशल मीडिया पर वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. 

ब्रिटेन पीएम का हिंदी भाषण वायरल

अपने भारत दौरे के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में हिस्सा लेने पहुंचे थे. यहां उनके साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत देश के बिजनेस जगत की कई जानी मानी हस्तियां मौजदू थी. इस दौरान जब ब्रिटेन प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को संबोधन के लिए बुलाया गया. तो उन्होंने महफिल ही लूट ली.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और तमाम लोगों के सामने हिंदी बोली, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा “मुझे यहां आकर खुशी हुई.” उनके यह बोलते ही पूरा हाॅल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनकी हिंदी सुनकर हंसे बिना नहीं रह सके. उन्होंने भी ताली बजाई. सोशल मीडिया पर यह वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है.  

 

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लोगों ने दी प्रतिक्रियाएं

वायरल हो रहे इस वीडियो को ANI ने शेयर किया है. इस वीडियो पर बहुत से लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है ‘यह भारत के विकास को दर्शाता है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सिर्फ़ भारतीयों को प्रभावित करने के लिए हिंदी में बोल रहे हैं। अब 1900 के दशक की स्थिति देखिए. मैं गर्व से कहता हूँ कि मेरा देश बदल रहा है… आगे बढ़ रहा है.’

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एक और यूजर ने लिखा है ‘अब वे जानते हैं कि व्यापार और संवाद के लिए हिंदी और विभिन्न भारतीय भाषाओं को सीखना महत्वपूर्ण और समयोचित है, जिसका उन्होंने कई वर्षों पहले शोषण किया था.’ एक अन्य यूज़र ने लिखा है ‘वैश्विक नेताओं को भारत के फिनटेक परिदृश्य को अपनाते हुए देखना अच्छा लगता है.’

दो दिन के आधिकारिक दौर पर आए हैं भारत

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इन दिनों दो दिन के आधिकारिक दौरे पर भारत आए हैं. उनके इस दौरे को दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के नजरिए से अहम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई. कीर स्टार्मर का यह पहला भारत दौरा है. इस दौरान उनका यह हिंदी बोलने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर उनका चर्चा का केंद्र बन गया है.

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द पीस प्रेसिडेंट… नोबेल शांति पुरस्कार के ऐलान से पहले ट्रंप को किसने दी नई उपाधि?

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नोबेल पुरस्कार 2025 के लिए घोषणाओं का सिलसिला जारी है. इस बीच नोबेल शांति पुरस्कार 2025 की घोषणा से ठीक एक दिन पहले अमेरिका के व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘द पीस प्रेसिडेंट’ की नई उपाधि दी है. दरअसल, नोबेल शांति पुरस्कार 2025 के ऐलान के एक दिन पहले ही इजरायल और फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित गाजा शांति योजना के पहले चरण के लिए अपनी सहमति दे दी है. गाजा शांति योजना में इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद व्हाइट हाउस ने ट्रंप को नई उपाधी दे दी.

यह बात जगजाहिर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2025 के नोबेल शांत पुरस्कार पर अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं और इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने के लिए ट्रंप एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने दुनिया भर के कम से कम सात युद्धों में शांतिदूत की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद मई महीने में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक हुए संघर्ष का जिक्र किया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अब तक कम से कम 60 बार भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को शांत कराने का दावा किया है. हालांकि, भारत ने बार-बार डोनाल्ड ट्रंप के इस दावा को खारिज किया है. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के पटल से ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है. वहीं, इजरायल और हमास के गाजा शांति योजना के पहले चरण पर सहमति जताने के बाद व्हाइट हाउस इस घटनाक्रम का लाभ उठाने की पूरी कोशिश कर रहा है.

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कई वैश्विक नेताओं ने ट्रंप का किया समर्थन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार 2025 दिया जाए, इस बात का ट्रंप के सभी साथी रिपब्लिकन नेताओं ने समर्थन किया है. इतना हीं नहीं, कई वैश्विक नेताओं ने भी डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. ट्रंप का समर्थन करने वाले देशों में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है.

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Video: कैसे-कैसे लोग हैं! विकलांग बन ट्रेन में मांगी भीख, बेवकूफ बनाकर निकल लिया, देखें वीडियो

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Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए हैं. इस वीडियो में एक युवक को देखा जा सकता है जो लोकल ट्रेन में विकलांग होने का नाटक कर रहा था. वह ट्रेन के डिब्बे में हाथों के सहारे घसीटते हुए आगे बढ़ता है और यात्रियों से भीख मांगता है.

विकलांग समझ कुछ लोग दे देते हैं पैसे

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आदमी पूरी तरह नाटक कर रहा था. उसने अपने हाथों को जमीन पर रखते हुए ऐसे कदम बढ़ाए कि लोग समझें कि वह चल नहीं सकता. कुछ लोग उसकी मदद करते हुए पैसे देते हैं, तो कुछ केवल उसे देखकर दया के भाव से सिर हिलाते हैं.

लेकिन वहां एक शख्स को इस पर शक हुआ. उसने मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू किया. वीडियो बनाने वाले शख्स की निगाहें उस आदमी पर टिकी हुई थीं, क्योंकि उसका हर कदम संदिग्ध लग रहा था. जैसे ही आदमी डिब्बे से नीचे उतरा, उसने अचानक अपने पैरों पर खड़े होकर चलना शुरू कर दिया. यह देखकर वीडियो बनाने वाला शख्स हैरान रह गया.

लोगों की भावनाओं के साथ किया छल 

यात्रियों के चेहरों पर भी हैरानी साफ दिख रही थी. कई लोग धीरे-धीरे समझ गए कि यह आदमी विकलांग नहीं था और उसने लोगों की भावनाओं के साथ छल किया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह आदमी सामान्य रूप से पैरों पर चल रहा था और पूरी तरह स्वस्थ था.

सोशल मीडिया पर यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इसे देखकर चौंक रहे हैं और कमेंट कर रहे हैं कि लोग भीख मांगने के लिए क्या-क्या कर सकते हैं और सच में कुछ लोग दूसरों की दया का फायदा उठाते हैं.


पंजाबी सिंगर और अभिनेता राजवीर जवंदा का एक बड़ी कार एक्सीडेंट के 12 दिन बाद निधन हो गया

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<p>Famous Punjabi Singer and Actor Rajvir Jawanda का निधन एक Serious car accidents के 12 दिन बाद हो गया। यह news &nbsp;उनके fans &nbsp;और punjabi music व फिल्म industry के लिए बड़ा सदमा है। Rajvir Jawanda अपने hit &nbsp;song &nbsp;और फिल्मों के लिए जाने जाते थे और उनके जाने से industry में Mourning की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि accidents के तुरंत बाद उन्हें hospital में Recruitment कराया गया था और doctors उनकी Condition पर लगातार नजर रखे हुए थे। बावजूद इसके उनकी serious injuries थीं और उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके Fans, family और &nbsp;friends artist इस दुखद घटना से stunned हैं। social media पर fans ने अपनी express condolences की हैं और Rajvir Jawanda की याद को हमेशा उनके songs &nbsp;और फिल्मों के माध्यम से जीवित रखने का संकल्प लिया है। उनकी कला और Contribution हमेशा लोगों के दिलों में याद किए जाएंगे।</p>

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