2030 तक आ जाएगी ऐसी टेक्नोलॉजी जो इंसानों के नसों में जाकर एक झटके में मिटा देगी याददाश्त, जानि

[ad_1]


What is Nanobots: टेक्नोलॉजी और साइंस आज उस मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां इंसान के शरीर के भीतर जाकर काम करने वाली मशीनें अब कल्पना नहीं रहीं बल्कि हकीकत बनती जा रही हैं. इन्हीं में से एक बेहद रोचक और रहस्यमय तकनीक है नैनोबॉट्स (Nanobots). ये सूक्ष्म रोबोट इतने छोटे होते हैं कि ये इंसान की नसों, खून और दिमाग की Cells के अंदर तक पहुंच सकते हैं. हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ऐसे नैनोबॉट्स भविष्य में इंसान की याददाश्त मिटाने या उसे बदलने तक की क्षमता रख सकते हैं.

नैनोबॉट्स आखिर होते क्या हैं?

नैनोबॉट्स असल में बेहद छोटे माइक्रो-रोबोट्स होते हैं जिनका आकार एक नैनोमीटर (यानि मीटर का एक अरबवां हिस्सा) जितना छोटा होता है. इन्हें नैनो-टेक्नोलॉजी के तहत तैयार किया जाता है और इनका काम शरीर के भीतर जाकर सेल्स, नसों और अंगों के स्तर पर इलाज या जांच करना होता है.

इन नन्हीं मशीनों को इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि ये इंसान के शरीर में इंजेक्शन या दवा के रूप में पहुंचाई जा सकती हैं. एक बार जब ये शरीर में प्रवेश कर जाती हैं तो ये अपने प्रोग्राम के अनुसार काम करती हैं जैसे कैंसर सेल्स को खत्म करना, ब्लड क्लॉट्स हटाना या ब्रेन सिग्नल्स को मॉनिटर करना.

क्या नैनोबॉट्स याददाश्त मिटा सकते हैं?

वैज्ञानिकों का मानना है कि दिमाग की याददाश्त न्यूरॉन्स और सिनैप्स कनेक्शन्स के जरिए बनी रहती है. अगर किसी तकनीक से इन कनेक्शनों में बदलाव किया जाए तो याददाश्त को प्रभावित किया जा सकता है.

यहीं पर नैनोबॉट्स की भूमिका सामने आती है भविष्य में इन्हें इस तरह प्रोग्राम किया जा सकता है कि ये ब्रेन के खास हिस्सों तक पहुंचकर न्यूरल सिग्नल्स को रोक या मिटा सकें.

यानी, यह तकनीक किसी व्यक्ति की खास यादों को मिटाने या अस्थायी रूप से ब्लॉक करने में सक्षम हो सकती है. हालांकि यह सुनने में किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी जैसी लगती है लेकिन कई वैज्ञानिक प्रयोग ऐसे चल रहे हैं जिनसे यह साबित होता है कि नैनोबॉट्स से दिमागी जानकारी को मॉडिफाई करना संभव है.

फायदे और खतरे दोनों मौजूद

नैनोबॉट्स का उपयोग मेडिकल साइंस के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है. इससे ब्रेन ट्यूमर, अल्जाइमर, पार्किंसन और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो सकता है.

लेकिन दूसरी ओर, यह तकनीक प्राइवेसी और मानसिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती है. अगर किसी गलत इरादे से इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया तो कोई भी व्यक्ति किसी की याददाश्त, सोच या भावना को नियंत्रित कर सकता है जो इंसान की स्वतंत्रता के लिए बेहद खतरनाक है.

भविष्य में क्या संभव है?

अभी तक नैनोबॉट्स को इंसान के दिमाग में प्रयोगात्मक रूप से ही टेस्ट किया गया है. वैज्ञानिकों का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इन्हें मेडिकल सर्जरी, दवा वितरण और न्यूरल थेरेपी के लिए उपयोग किया जा सके.

लेकिन याददाश्त मिटाने जैसी क्षमताएं फिलहाल सैद्धांतिक स्तर पर ही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक को सुरक्षित और नैतिक दिशा में आगे बढ़ाना जरूरी है वरना इसका दुरुपयोग मानव सभ्यता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.

यह भी पढ़ें:

दुनिया का सबसे छोटा और खतरनाक हथियार कौन सा है? ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी जिससे दुश्मन के छूट जाते हैं पसीने

[ad_2]

कभी रियलिटी शो से हुआ था रिजेक्ट, अब आर्यन खान की सीरीज से छा गया है ये एक्टर

[ad_1]


इंडस्ट्री में कई एक्टर अलग-अलग बैकग्राउंड से आए हैं और अपने टैलेंट और स्किल से शोबिज में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुए हैं. ऐसे ही एक अभिनेता ने रियलिटी टीवी शो के ऑडिशन देकर इंडस्ट्री में कदम रखा, लेकिन शुरुआत में उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और बाद में उन्हें उसी शो में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर हिस्सा लेने का मौका मिला. अब, ये शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान निर्देशित नेटफ्लिक्स सीरीज ‘द बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड’ में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं. चलिए जानते हैं ये कौन हैं?

डांस रियलिटी शो से हुए थे रिजेक्ट
हम जिस एक्टर की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं राघव जुयाल है. ‘किंग ऑफ स्लो मोशन’ के नाम से फेमस राघव ने अपने डांस मूव्स से एक ख़ास फैंस बेस बनाया है और उन्हें ‘स्लो मोशन वॉक’ के लिए जाना जाता है.

बता दें कि राघव जुयाल ने डांस इंडिया डांस सीज़न 3 में अपनी परफॉर्मेंस से फेम हासिल किया था. लेकिन ऑडिशन राउंड के दौरान जज गीता और रेमो डिसूजा ने उन्हें शुरुआत में रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन बाद में उन्हें वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर मौका मिला था.  बाद में, राघव ने डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स 2 में ‘राघव के रॉकस्टार्स’ टीम के कप्तान के रूप में भाग लिया और अपने डांस और होस्टिंग करियर को जारी रखा.

 


राघव जुयाल का एक्टिंग करियर
बता दें कि राघव ने साल 2014 में आई फ़िल्म ‘सोनाली केबल’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, जिसमें उनके साथ अली फ़ज़ल और रिया चक्रवर्ती थे. इसके बाद उन्होंने रेमो डिसूज़ा द्वारा निर्देशित फ़िल्म एबीसीडी 2 में भी काम किया, जिसमें वरुण धवन और श्रद्धा कपूर ने लीड रोल प्ले किया था. इसके बाद उन्होंने डांस प्लस, राइजिंग स्टार और डांस चैंपियंस जैसे कई शोज़ होस्ट किए. राघव ने खतरों के खिलाड़ी सीज़न 7 में एक कंटेस्टेंट के तौर पर भी हिस्सा लिया था.

फिर राघव ने करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ‘किल’, ‘युद्ध’, ‘किसी का भाई किसी की जान’, ‘बहुत हुआ सम्मान’, ‘अभय’, ‘ग्यारह ग्यारह’ जैसी फ़िल्मों और सीरीज़ में भी काम किया और खूब पॉपुलैरिटी बटोर ली.

‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में अपने अभिनय से जीता दिल
राघव हाल ही में नेटफ्लिक्स के हिट शो ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में लक्ष्य, अन्या सिंह, मनोज पाहवा, सहर बंबा, मोना सिंह, बॉबी देओल और अन्य कलाकारों के साथ नज़र आए हैं. उन्होंने ‘परवेज’ का किरदार निभाया है और एक एपिसोड में इमरान हाशमी के साथ उनकी बातचीत ऑनलाइन वायरल हो गई, जिससे उन्हें खूब तारीफें मिलीं.  एक सीन में, जब राघव का किरदार ‘परवेज’ इमरान हाशमी से मिलता है, तो वह खुद को हाशमी का मशहूर गाना ‘कहो ना कहो’ अरबी में गाने से नहीं रोक पाता. इतना ही नहीं, पूरे शो में उनकी एक्टिंग को भी दर्शकों ने खूब सराहा.

 




[ad_2]

पैट कमिंस एशेज सीरीज से बाहर! स्टीव स्मिथ फिर संभाल सकते हैं कप्तानी

[ad_1]


ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को एशेज सीरीज 2025 से पहले बड़ा झटका लगा है. टीम के कप्तान और स्टार तेज गेंदबाज पैट कमिंस (Pat Cummins) के पूरे सीजन से बाहर होने का खतरा बढ़ गया है. हाल ही में कराए गए मेडिकल स्कैन में पता चला है कि उनकी पीठ की चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, जिसके चलते अब उनके एशेज के शुरुआती टेस्ट ही नहीं, बल्कि पूरी सीरीज से बाहर रहने की संभावना जताई जा रही है.

स्कैन रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले हफ्ते कराए गए ताजा स्कैन में यह बात सामने आई है कि कमिंस की पीठ में मौजूद “स्ट्रेस हॉट स्पॉट” अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है, जिसके चलते डॉक्टरों ने उन्हें मैदान पर जाने की अनुमति नही दी है. ऐसे में 21 नवंबर से पर्थ में शुरू होने वाले पहले एशेज टेस्ट में उनके खेलने की संभावना लगभग खत्म हो गई है.

सूत्रों की मानें तो कमिंस की रिकवरी में अभी कुछ हफ्ते और लग सकते हैं. इस वजह से वह सीरीज के अंत तक भी फिट नही हो पाएंगे.

स्टीव स्मिथ संभाल सकते हैं कप्तानी

अगर पैट कमिंस एशेज सीरीज से बाहर रहते हैं, तो स्टीव स्मिथ को फिर से टीम की कप्तानी सौंपी जा सकती है. स्मिथ पहले भी टीम के उप-कप्तान रहे हैं और अनुभव के लिहाज से वह इस भूमिका के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.

कमिंस की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. स्कॉट बोलैंड को अब जोश हेजलवुड और मिशेल स्टार्क के साथ तीसरे पेसर के तौर पर टीम में शामिल किया जा सकता है.

इंग्लैंड को राहत

कमिंस का बाहर होना ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ा झटका है क्योंकि वह सिर्फ टीम के कप्तान ही नहीं बल्कि उसके मुख्य स्ट्राइक गेंदबाज भी हैं. वहीं, इंग्लैंड टीम के लिए यह राहत की खबर है. इंग्लैंड ने 2011 के बाद से ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है, ऐसे में कमिंस की गैरमौजूदगी उन्हें मनोवैज्ञानिक बढ़त दे सकती है.

कमिंस ने क्या कहा?

कमिंस ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था, “अगर मैं एशेज नहीं खेल पाया तो यह बेहद निराशाजनक होगा, लेकिन हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि सही समय पर फिट हो जाऊं.”

एशेज सीरीज 21 नवंबर से शुरू होगी और 8 जनवरी को खत्म होगी. अगर कमिंस पूरी सीरीज मिस करते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया को अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं. 

[ad_2]

Video: फन फैलाकर डरा रहा था सांप, नेवले ने मुंह में दबाकर पटककर मारा, देखें वायरल वीडियो

[ad_1]


Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक कोबरा सांप और एक नेवले के बीच खतरनाक लड़ाई दिखाई गई है. नेवला और सांप हमेशा से ही एक-दूसरे के जानी दुश्मन माने गए हैं.  इस वीडियो में भी देखा गया है कि कैसे दोनों एक-दूसरे को मारने के पीछे पड़े हुए हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने इस वीडियो पर कई प्रतिक्रियाएं दी है.

सांप ने नेवले को डराने की कोशिश की

वीडियो में देखा गया है कि एक कोबरा सांप और नेवले की लड़ाई हो रही है.  सांप ने फन फैलाया हुआ है और वह नेवले को डराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन नेवला भी कम नहीं है. वो भी लगातार सांप पर हमला किए जा रहा है. वीडियो में देखा गया है कि दोनों एक-दूसरे को मारने की कोशिश कर रहे हैं. कभी सांप नेवले पर हमला कर रहा है तो वहीं कभी नेवला सांप पर कर रहा है.

नेवले ने सांप को जोर से पकड़ा 

आगे वीडियो में देखा गया है कि कुछ सेकंड बाद नेवला तेजी से कोबरा सांप पर झपटता है और उसे पकड़ लेता है. सांप अपने फन से नेवले पर वार करने की बहुत कोशिश करता है, लेकिन नेवले ने सांप के मुंह को इतनी जोर से पकड़ा हुआ है कि सांप भी खुदको बचा नहीं पाता है.

नेवला सांप के मुंह को पकड़कर जोर-जोर से हिलाता है, जिससे कोबरा कमजोर पड़ जाता है. वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने कहा कि नेवला कितना तेज था और उसने कितनी चालाकी से सांप को पकड़ लिया. वीडियो को लोग काफी शेयर कर रहे हैं और इसपर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं.


अटल पेंशन योजना का बदल गया नियम: शुरु करने से पहले जान लें, वरना होगी परेशानी

[ad_1]


Atal Pension Yojana Rule:  भारत सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) में बदलाव किए गए हैं. इस बदलाव के तहत रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को चेंज किया गया है. डाक विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक नोटिफिकेशन में बताया गया है कि, 1 अक्टूबर 2025 से अटल पेंशन योजना के लिए पुराने फॉर्म ऐक्सेप्ट नहीं हो रहे हैं.

नया खाता खोलने के लिए, अब से केवल बदलाव किए हुआ फॉर्म ही स्वीकार किया जाएगा. यह बदलाव पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण की दिशा निर्देशों के तहत लिया हैं. जारी नोटिफिकेशन में जानकारी दी गई है कि यह बदलाव पेंशन से जुड़ी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है. 

क्या है नए नियम?

सरकार के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब से अटल पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए नए फॉर्म में आवेदन करना होगा. फॉर्म में कुछ बदलाव किए गए है. नए फॉर्म में आवेदकों को अपने विदेशी नागरिकता की जानकारी देनी होगी. यानि कि उन्हें बताना होगा कि, वे किसी और देश के नागरिक तो नहीं है? सरकार के इस बदलाव के पीछे भारतीय नागरिकों को एपीवाई का लाभ पहुंचाना हैं. साथ ही, अटल पेंशन योजना के लिए डाक घर के माध्यम से बचत खाता खोले जाऐंगे. 

डाक विभाग की ओर से पूरे देश के डाकघरों को कहा गया है कि, वे अब से अटल पेंशन योजना के लिए नए फॉर्म में आवेदन को स्वीकार करें. इसके साथ ही ग्राहकों को इस बदलाव की जानकारी दें और नोटिस बोर्ड पर इससे संबंधित जानकारी आवश्यक रुप से लिखें.

जानें अटल पेंशन योजना के बारे में

अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक ऐसी योजना हैं, जिसके तहत अंसगठित कर्मचारियों को पेंशन का लाभ उपलब्ध करवाया जाता है. ऐसे कर्मचारी जिन्हें पेंशन की योजना नहीं मिलती, व्यापारी, गिग वर्कर इस योजना का लाभ लेकर पेंशन पा सकते है. 18 से 40 वर्ष की उम्र सीमा के बीच का कोई भी भारतीय नागरिक इस योजना से जुड़ सकता है. 60 साल की आयु पूरी होने पर उसे 1 हजार रुपए से 5 हजार रुपए के बीच की पेंशन राशि दी जाती है. यह राशि जमा किए गए पैसों पर निर्भर होता है.

यह भी पढ़ें:  EPFO New Alert: रिश्वत लेने वालो की अब खैर नहीं! EPFO ने बताया कैसे करें शिकायत?

 

[ad_2]

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पर इस साल भद्रा है या नहीं, क्या पूजा पर पड़ेगा असर

[ad_1]


Karwa Chauth 2025 Bhadra: कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर 10 अक्टूबर 2025 को सुहागिन महिलाओं द्वारा करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा. यह सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा उत्सव है, जिसका इंतजार उन्हें पूरे साल रहता है. करवा चौथ पर निर्जला व्रत रखकर सुहागिनें पति की लंबी आयु की कामना करती हैं.

करवा चौथ पर माता करवा, चंद्रदेव और शिव-पार्वती की पूजा की जाती है. पूजा के लिए शाम 05:32 से 7:10 तक का समय रहेगा. मान्यता है कि, मां पार्वती ने भगवान शिव के लिए और द्रौपदी ने पांडवों के लिए यह व्रत रखा था. करवा चौथ का व्रत रखने से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

लेकिन कई बार शुभ दिन पर बनने वाले अशुभ योग या भद्रा का साया पड़ने से पूजा में बाधा उत्पन्न होती है. इसलिए अशुभ समय और भद्रा काल में पूजा करना वर्जित होता है. आइये जानते हैं क्या इस साल करवा चौथ पर भद्रा का साया रहने वाला है या नहीं.

क्या करवा चौथ पर रहेगा भद्रा का साया!

पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ पर इस साल भद्रा का साया नहीं रहेगा. क्योंकि, करवा चौथ से एक दिन पूर्व की भद्रा समाप्त हो जाएगी. गुरुवार 9 अक्टूबर 2025 दोपहर 12:37 से रात 10:54 तक भद्रा काल रहेगा. ऐसे में 10 अक्टूबर को करवा चौथ पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा और सुहागिनें भद्रा रहित मुहूर्त में पूजा करेंगी.

भद्रा और उसके प्रभाव

भद्रा को भगवान सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन माना गया है. भद्रा के उग्र स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ब्रह्मा जी ने उसे कालगणना या पंचांक के एक प्रमुख अंग विष्टि करण में स्थान दिया. ज्योतिष में एक तिथि के दौरान चंद्रमा और सूर्य की गति के बीच जो 11 करण होते हैं, उनमें से एक का नाम ‘भद्रा’ है. भद्रा अलग-अलग राशियों के अनुसार तीनों लोक (स्वर्गलोक, पृथ्वीलोक और पाताल लोक) में घूमती है. भद्रा के पृथ्वी लोक में होने से शुभ कार्य और पूजा-पाठ वर्जित होते हैं. लेकिन भद्रा का वास जब स्वर्गलोक में होता है, तब पृथ्वी पर भद्रा का प्रभाव नहीं पड़ता है. वहीं भद्रा जब पाताल लोक में होती है तब वह पृथ्वी लोक के लिए शुभ फलदायी होती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

पाकिस्तान को ट्रंप की जी हुजूरी का इनाम, अमेरिका देगा AMRAAM मिसाइलें, जानें कितनी विध्वंसक?

[ad_1]


भारत-PAK संघर्ष के बाद से ही अमेरिका संग पाकिस्तान के रिश्ते मजबूत होते दिख रहे हैं. कई मौकों पर शहबाज शरीफ डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ कर चुके हैं. मुनीर संग ट्रंप का डिनर हो चुका है और रेयर अर्थ वाली डील भी हुई है. इन सबका अब पाकिस्तान को इनाम मिलने जा रहा है, क्योंकि अमेरिका जल्द ही AIM-120 एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) पाकिस्तान को देने वाला है. 

अमेरिका के युद्ध विभाग की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अमेरिका के इस हथियार सौदे में पाकिस्तान का नाम विदेशी सैन्य बिक्री प्राप्तकर्ताओं की सूची में शामिल है. 

AMRAAM मिसाइल की ताकत
AIM-120 AMRAAM एक एयर-टू-एयर मिसाइल है, जो दुश्मन के विमान को लंबी दूरी से निशाना बनाने में सक्षम है. यह मिसाइल F-16 फाल्कन फाइटर जेट्स पर लगाई जाती है. पाकिस्तान की वायुसेना ने 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत के साथ हवाई झड़पों के दौरान इसका इस्तेमाल किया था. अभी पाकिस्तानी एयरफोर्स के पास इसका C5 वर्जन है, जबकि नया सौदा C8 और D3 वर्जन के उत्पादन के लिए है, जो अधिक रेंज और सटीकता वाले हैं.

AIM-120D-3 मिसाइलें AMRAAM फैमिली का लेटेस्ट और हाई टेक संस्करण है. इन मिसाइलों को दुश्मन के फाइटर जेट और आने वाली मिसाइलों के खिलाफ दृश्य-सीमा से हटकर (बीवीआर) हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है.

पाकिस्तान लंबे समय से AMRAAM खरीदने की कोशिश में था 
रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह मिसाइल पाकिस्तान के मौजूदा F-16 बेड़े की ऑपरेशनल सीमा और सटीकता को और बढ़ाएगी. इससे पाकिस्तान एयरफोर्स (पीएएफ) हवाई खतरों का बेहतर ढंग से जवाब देने में सक्षम होगी.  पाकिस्तान लंबे समय से पुराने AIM-120C-5 वेरिएंट की जगह नई पीढ़ी के AMRAAM खरीदने की कोशिश में लगा था. 

पुराने AIM की डिलीवरी पाकिस्तान को 2010 में F-16 ब्लॉक 52 विमानों के साथ मिली थी. भारत के अपने हवाई बेड़े के आधुनिकीकरण करने और ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान में इन नई मिसाइलों के लिए बेचैनी बढ़ गई थी.

ये भी पढ़ें 

भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को मिली Y कैटेगरी सुरक्षा, अब CRPF कमांडो देंगे पहरा

[ad_2]

Video: एक सेकंड में सब खत्म! बाइक लेकर निकला, बस ने कुचला, रौंगटे खड़े कर देगा हादसे का वीडियो

[ad_1]


Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाले हादसे का वीडियो सामने आया है. वीडियो में देखा गया है कि एक बाइक सवार व्यक्ति एक बस से बुरी तरह टकरा जाता है, जिसके चलते वह बाइक समेत सड़क पर गिर जाता है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टक्कर कितनी खतरनाक थी. इस भयावह हादसे का वीडियो पास में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

सड़क पर मौजूद लोग दौड़कर मदद के लिए आगे आए

हालांकि, ये हादसा कहां का है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. वीडियो में देखा गया है कि एक बाइक सवार व्यक्ति सड़क की तरफ जा रहा है और वह बिना आस-पास देखें बाइक चला रहा होता है, वैसे ही पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बस बाइकर को जोरदार टक्कर मार देती है, जिसके कारण बाइक सवार व्यक्ति सड़क पर गिर जाता है.

वीडियो में साफ देखा गया है कि बाइक सवार व्यक्ति को बस कुचल देती है और आगे जाकर रुक जाती है. हादसे के बाद सड़क पर मौजूद लोग दौड़कर बाइक सवार की मदद के लिए आते हैं. 

लोगों ने बाइकर के हेलमेट ना पहनने पर सवाल खड़े किए

अभी यह साफ नहीं हुआ है कि हादसे में बाइक सवार की जान बची या नहीं, लेकिन वीडियो में साफ तौर पर देखा गया है कि हादसा कितना खतरनाक था. वीडियो में यह भी देखा गया है कि बाइक चलाते समय बाइकर ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था, जिसके कारण हादसे में उसे गंभीर चोटें भी आई होंगी.

सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने बाइक सवार के हेलमेट ना पहनने पर भी सवाल खड़े किए हैं. कई यूजर ने कहा कि वीडियो देखकर ऐसा लगता है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता कि कितनी जरूरत है.


Video: जिंदगी खेल नहीं! ट्रेन पर सबवे सर्फिंग कर रही दो नाबालिग लड़कियों की मौत, देखें वीडियो

[ad_1]


America News: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि ब्रुकलिन के विलियम्सबर्ग इलाके में चार लड़कियां देर रात सबवे ट्रेन (मेट्रो) पर खतरनाक स्टंट, यानी सबवे सर्फिंग कर रही थीं. जिसके बाद दो लड़कियों की मौत हो गई है. यह हादसा करीब 3:10 बजे हुआ. 

13 से 15 साल के बीच थी दोनों की उम्र

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दोनों को बेहोशी की हालत में पाया गया. मेडिकल टीम ने जांच की तो पता चला कि दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी. अधिकारियों का कहना है कि दोनों की उम्र लगभग 13 से 15 साल के बीच थी. यह भी बताया गया कि लड़कियां ट्रेन के ऊपर चढ़कर सफर कर रही थीं, जिसे सबवे सर्फिंग कहा जाता है. इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वे ट्रेन से नीचे गिर गईं.

पुलिस ने बताया कि इस साल न्यूयॉर्क में अब तक तीन लोगों की मौत सबवे सर्फिंग के कारण हो चुकी है. वहीं, 114 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है जो इस खतरनाक ट्रेंड में शामिल थे. इसके बावजूद कुछ युवा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया और कहा कि सोशल मीडिया के वायरल होने के जुनून ने आज के बच्चों को बहुत खतरनाक रास्ते पर डाल दिया है. न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने कहा है कि वे इस पर सख्त निगरानी रख रहे हैं और जागरूकता अभियान भी चलाएंगे ताकि युवा इस तरह की लापरवाही न करें.