BSNL ने लगाई बड़ी छलांग, इस मामले में Airtel को छोड़ दिया पीछे, Vi भी हांफ रही

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सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने अगस्त में नए ग्राहक जोड़ने के मामले में एयरटेल को पछाड़ दिया है. करीब एक साल बाद सरकारी कंपनी के ग्राहकों की संख्या में तेजी से इजाफा देखने को मिला है. टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में BSNL ने अपने साथ 13.85 लाख नए मोबाइल ग्राहक जोड़े हैं, जबकि एयरटेल के साथ महज 4.96 नए ग्राहक ही जुड़ पाए हैं. इस मामले में जियो सबसे आगे है और अगस्त में उसे 19 लाख से ज्यादा नए ग्राहक मिले. वहीं Vi ऐसी कंपनी रही, जिसके ग्राहक कम हुए हैं. अगस्त में इसके 3.08 लाख ग्राहक टूटे हैं.

देश में इतने हो गए टेलीफोन सब्सक्राइबर्स

TRAI के मुताबिक, अगस्त अंत तक देश में टेलीफोन सब्सक्राइबर्स की संख्या 122.45 करोड़ हो गई है, जो जुलाई में 122 करोड़ थी. एक महीने में इसमें लगभग 45 लाख का इजाफा हुआ है और इसमें सबसे ज्यादा योगदान मोबाइल सब्सक्राइबर का रहा. अगस्त में 35.19 लाख नए मोबाइल सब्सक्राइबर जुड़े हैं. देश में 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के साथ जियो सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है. 30.9 करोड़ ग्राहकों के साथ एयरटेल दूसरे, 12.7 करोड़ ग्राहकों के साथ Vi तीसरे और 3.43 करोड़ ग्राहकों के साथ  BSNL चौथे पायदान पर है.

करीब सालभर बाद BSNL पुराने रंग में लौटी

BSNL ने पिछले साल सितंबर में सारी कंपनियों को पछाड़ते हुए सबसे ज्यादा ग्राहक जोड़े थे. उस समय प्राइवेट कंपनियों ने रिचार्ज के दाम बढ़ा दिए थे. इसके चलते बड़ी संख्या में ग्राहक प्राइवेट कंपनियों को छोड़कर BSNL के साथ जुड़े थे. बता दें कि पिछले कुछ समय से BSNL खुद को अपग्रेड कर रही है. अब तक प्राइवेट कंपनियों से पिछड़ रही BSNL ने हाल ही में देशभर में 4G सर्विस लॉन्च की थी और अब 5G की तैयारी कर रही है. केंद्रीय टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अगले 6-8 महीनों में BSNL के सभी 4G टॉवर्स को 5G में अपग्रेड कर दिया जाएगा. ऐसा होने पर जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों को BSNL से कड़ी चुनौती मिलेगी. 

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मरियम नवाज गिरवा देंगी चाचा शहबाज की सरकार? पाकिस्तान में भिड़े PPP-PMLN के नेता; आसिम मुनीर क

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पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार पर संकट छाने लगा है. शहबाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और बिलावट भुट्टो की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के बीच अनबन शुरू हो गई है. शहबाज शरीफ को पीपीपी से समर्थन हासिल है. पिछले कई दिनों से बाढ़ मुआवजे और चोलिस्तान नहर परियोजना को लेकर दोनों पार्टियों के बीच एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी शुरू हो गई है.

बाढ़ मुआवजे को लेकर जुबानी जंग तेज

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में PPP की सरकार है वहीं पंजाब में PML-N की सरकार है. बाढ़ मुआवजे को लेकर शुरू हुई जुबानी जंग सिंधु नदी पर पानी के अधिकार तक पहुंच गई. पंजाब प्रांत की सीएम मरियम नवाज ने तो यहां तक कह दिया कि वह (PPP) अपनी सलाह अपने तक ही सीमित रखें. इस बीच अब पीपीपी की उपाध्यक्ष सीनेटर शेरी रहमान ने गठबंधन सहयोगी PML-N को चेतावनी दी कि अगर उन्हें स्पष्ट समर्थन नहीं मिला तो सीनेट में मुश्किलें आएंगी.

पीपीपी नेता ने दी धमकी

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पीपीपी की उपाध्यक्ष शेरी रहमान ने कहा, “यदि आप पूरे गठबंधन को तोड़ना चाहते हैं तो मैंने पहले ही नेशनल असेंबली में कहा है कि हमारे सत्ता में आने को हल्के में न लें और यह न सोचें कि आप चाहे कुछ भी कर लें और हम चुप रहेंगे. यदि आपको हमारी जरूरत नहीं है तो यह आपकी पसंद है, लेकिन मैं आपको याद दिला दूं कि हम सीनेट में सबसे बड़ी पार्टी हैं और पीपीपी के स्पष्ट समर्थन के बिना आपके लिए यह बहुत मुश्किल हो जाएगा.”

‘पीपीपी के सुझाव को सिंध और पंजाब का मुद्दा बना दिया गया’

उन्होंने कहा, “यह मुद्दा सिंध और पंजाब के बीच का नहीं, बल्कि संघ और लोगों के बीच का है. हाल ही में आई बाढ़ से 65 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.” शेरी रहमान ने इस बात की आलोचना की है कि कैसे बेनजीर आय सहायता कार्यक्रम के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के पीपीपी के सुझाव को सिंध और पंजाब के बीच संघर्ष का मुद्दा बना दिया गया. उन्होंने कहा, “यह सिंध और पंजाब का मामला कैसे हो गया? क्या बाकी लोग पाकिस्तानी नहीं हैं? हम एक संघीय पार्टी हैं और पंजाब में हमारे मतदाता हैं तो आपका क्या मतलब है?”

क्या विपक्ष में बैठेगा पीपीपी?

पीपीपी के विपक्ष में बैठने के बारे में पूछे जाने पर रहमान ने कहा कि इस मुद्दे पर निर्णय केंद्रीय कार्यकारी समिति द्वारा किया जाएगा, क्योंकि यह कोई छोटा निर्णय नहीं है और पार्टी सरकार को अस्थिर नहीं करना चाहती. क्या पीपीपी अब किसी लेजिस्लेटिव प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहेगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा, “गठबंधन सहयोगी को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि हम आएंगे और आपके घरों का प्रबंधन करेंगे और आपके व्यवसाय को बढ़ावा देंगे.”

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केवल 19 साल की उम्र में सीईओ बना मुंबई का लड़का! गूगल ने भी माना लोहा, सॉल्व कर दी एआई की…

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आज के समय में ज्यादातर किशोर अपनी पढ़ाई और करियर की दिशा तय करने में लगे रहते हैं. लेकिन मुंबई की 19 वर्षीय ध्रव्य शाह ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. ध्रव्य न सिर्फ एक एआई स्टार्टअप की सीईओ हैं बल्कि उन्होंने सिलिकॉन वैली के बड़े तकनीकी दिग्गजों का दिल भी जीत लिया है. उनका स्टार्टअप “सुपरमेमोरी” हाल ही में 30 लाख डॉलर की शुरुआती फंडिंग जुटाने में सफल रहा है. खास बात यह है कि इस फंडिंग को गूगल के एआई प्रमुख जेफ डीन और डीपमाइंड के लोगन किलपैट्रिक जैसे बड़े नामों का समर्थन प्राप्त हुआ है. इतनी कम उम्र में यह सफलता ध्रव्य शाह को अलग ही मुकाम पर खड़ा कर देती है.

सुपरमेमोरी को किया लॉन्च, खत्म होगी एआई की मेमोरी वाली समस्या!

सुपरमेमोरी का उद्देश्य एआई की उस कमी को पूरा करना है जो अभी तक बड़े मॉडल्स में सबसे बड़ी चुनौती रही है. आमतौर पर बड़े भाषा मॉडल यानी LLMs बहुत स्मार्ट होते हैं और उनके पास विशाल डेटा होता है. लेकिन इनमें लंबी अवधि की मेमोरी की कमी होती है. यानी ये मॉडल अक्सर पहले की जानकारी याद नहीं रख पाते. ध्रव्य का स्टार्टअप सुपरमेमोरी इस कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है. यह तकनीक एआई एप्लिकेशन को अलग-अलग सत्रों में जानकारी याद रखने और दोबारा उपयोग करने में मदद करती है. अगर यह तकनीक सफल होती है तो यह पूरी दुनिया में डिजिटल सिस्टम्स के काम करने और यूजर एक्सपीरियंस को बदलने का दम रखती है.

मुंबई में हुआ जन्म, अब अमेरिका में लहराया परचम

मुंबई में जन्मे और पले-बढ़े ध्रव्य शाह हमेशा से टेक्नोलॉजी और नए ऐप्स की दुनिया से जुड़े रहे हैं. जब उनके साथी आईआईटी जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी में व्यस्त थे, ध्रव्य ने कोडिंग में खुद को डूबो दिया. इसी दौरान उन्होंने ट्विटर ऑटोमेशन टूल बनाया और उसे हाइपफ्यूरी नामक प्लेटफॉर्म को बेच दिया. बाद में अमेरिका पहुंचने के बाद उन्होंने एक अनोखी चुनौती ली. उन्होंने 40 हफ्तों तक हर हफ्ते एक नया प्रोजेक्ट बनाने का संकल्प लिया. इसी प्रयोग से सुपरमेमोरी का शुरुआती रूप सामने आया, जिसे पहले “एनी कॉन्टेक्स्ट” कहा जाता था. यह शुरुआत में एक चैटबॉट था जो ट्विटर बुकमार्क्स के साथ बातचीत करने की सुविधा देता था.

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कोडिंगा को ही चुना अपना करियर

ध्रव्य का सफर यहीं नहीं रुका. उन्होंने हाइपफ्यूरी में फुल-स्टैक डेवलपर के रूप में काम किया. इसके बाद मेम0 (YC S24) में एआई इंजीनियर बनें. फिर मई 2024 में क्लाउडफ्लेयर से जुड़े और बाद में वहां डेवलपर रिलेशन्स लीड के पद पर पहुंचे. क्लाउडफ्लेयर में काम करते हुए उन्हें एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सिस्टम्स की गहरी समझ मिली. क्लाउडफ्लेयर के सीटीओ डेन कनेच जैसे सलाहकारों से प्रेरित होकर ध्रव्य ने अपने आइडिया को एक बड़े स्टार्टअप में बदलने का फैसला किया.

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दुनिया के सबसे अमीर YouTuber चेतावनी! AI की वजह से खत्म हो सकता है यूट्यूब क्रिएटर्स का करियर, जानिए क्या है पूरा मामला

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MrBeast ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अगर आने वाले समय में AI वीडियो और असली वीडियो में फर्क करना मुश्किल हो गया तो यह कंटेंट क्रिएटर्स और उनकी कमाई दोनों के लिए विनाशकारी हो सकता है.

MrBeast ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अगर आने वाले समय में AI वीडियो और असली वीडियो में फर्क करना मुश्किल हो गया तो यह कंटेंट क्रिएटर्स और उनकी कमाई दोनों के लिए विनाशकारी हो सकता है.

AI को लेकर MrBeast की यह चिंता तब सामने आई जब OpenAI ने अपना नया एडवांस्ड वीडियो जनरेशन टूल Sora 2 लॉन्च किया जो अब iOS पर भी उपलब्ध है. इस टूल की मदद से कोई भी यूज़र केवल टेक्स्ट लिखकर बेहद यथार्थवादी वीडियो बना सकता है.

AI को लेकर MrBeast की यह चिंता तब सामने आई जब OpenAI ने अपना नया एडवांस्ड वीडियो जनरेशन टूल Sora 2 लॉन्च किया जो अब iOS पर भी उपलब्ध है. इस टूल की मदद से कोई भी यूज़र केवल टेक्स्ट लिखकर बेहद यथार्थवादी वीडियो बना सकता है.

इसी बीच Meta ने भी अपने प्लेटफॉर्म पर एक नया AI-only Feed शुरू किया है जिसमें सिर्फ AI से बनी पोस्ट और वीडियो दिखाई जाती हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की तकनीकें YouTube कंटेंट, कॉपीराइट अधिकारों और क्रिएटिव प्रोफेशन को गहराई से प्रभावित कर सकती हैं.

इसी बीच Meta ने भी अपने प्लेटफॉर्म पर एक नया AI-only Feed शुरू किया है जिसमें सिर्फ AI से बनी पोस्ट और वीडियो दिखाई जाती हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की तकनीकें YouTube कंटेंट, कॉपीराइट अधिकारों और क्रिएटिव प्रोफेशन को गहराई से प्रभावित कर सकती हैं.

दिलचस्प बात यह है कि MrBeast खुद भी पहले AI टूल्स का इस्तेमाल कर चुके हैं. उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म ViewStats पर एक AI थंबनेल जनरेटर लॉन्च किया था जिससे YouTube क्रिएटर्स कुछ सेकंड में आकर्षक थंबनेल बना सकें. हालांकि इस फीचर पर आलोचना भी हुई क्योंकि कई लोगों का मानना था कि इससे असली ग्राफिक डिजाइनर्स की नौकरियों पर असर पड़ेगा.

दिलचस्प बात यह है कि MrBeast खुद भी पहले AI टूल्स का इस्तेमाल कर चुके हैं. उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म ViewStats पर एक AI थंबनेल जनरेटर लॉन्च किया था जिससे YouTube क्रिएटर्स कुछ सेकंड में आकर्षक थंबनेल बना सकें. हालांकि इस फीचर पर आलोचना भी हुई क्योंकि कई लोगों का मानना था कि इससे असली ग्राफिक डिजाइनर्स की नौकरियों पर असर पड़ेगा.

बढ़ते विवाद और यूज़र्स के फीडबैक के बाद MrBeast ने खुद इस टूल को बंद करने का फैसला लिया. उन्होंने जून में एक पोस्ट में कहा, “आप सभी के फीडबैक के लिए धन्यवाद. हमने ViewStats का AI थंबनेल टूल हटा दिया है और अब क्रिएटर्स सीधे असली थंबनेल आर्टिस्ट्स से संपर्क कर सकेंगे.” यह कदम साबित करता है कि MrBeast AI की ताकत को नकारते नहीं हैं लेकिन वह यह भी मानते हैं कि मानवीय रचनात्मकता और असली कलाकारों की जगह मशीनें नहीं ले सकतीं.

बढ़ते विवाद और यूज़र्स के फीडबैक के बाद MrBeast ने खुद इस टूल को बंद करने का फैसला लिया. उन्होंने जून में एक पोस्ट में कहा, “आप सभी के फीडबैक के लिए धन्यवाद. हमने ViewStats का AI थंबनेल टूल हटा दिया है और अब क्रिएटर्स सीधे असली थंबनेल आर्टिस्ट्स से संपर्क कर सकेंगे.” यह कदम साबित करता है कि MrBeast AI की ताकत को नकारते नहीं हैं लेकिन वह यह भी मानते हैं कि मानवीय रचनात्मकता और असली कलाकारों की जगह मशीनें नहीं ले सकतीं.

वर्तमान में AI वीडियो जनरेशन इतनी तेजी से विकसित हो रही है कि आने वाले वर्षों में यह तय करना मुश्किल होगा कि कौन-सी वीडियो असली है और कौन-सी मशीन द्वारा बनाई गई. MrBeast की चेतावनी वाकई एक संकेत है कि अगर इस तकनीक को नियंत्रण में नहीं रखा गया तो आने वाले समय में YouTube क्रिएटर्स का अस्तित्व और उनकी कमाई दोनों खतरे में पड़ सकते हैं.

वर्तमान में AI वीडियो जनरेशन इतनी तेजी से विकसित हो रही है कि आने वाले वर्षों में यह तय करना मुश्किल होगा कि कौन-सी वीडियो असली है और कौन-सी मशीन द्वारा बनाई गई. MrBeast की चेतावनी वाकई एक संकेत है कि अगर इस तकनीक को नियंत्रण में नहीं रखा गया तो आने वाले समय में YouTube क्रिएटर्स का अस्तित्व और उनकी कमाई दोनों खतरे में पड़ सकते हैं.

Published at : 07 Oct 2025 01:06 PM (IST)

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फिजिक्स के लिए नोबेल पुरस्कार का ऐलान, अमेरिका के 3 साइंटिस्ट को मिलेगा अवॉर्ड

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स्वीडन में मंगलवार (7 अक्टूबर 2025) को फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने दोपहर 3:15 बजे विजेताओं के नाम का ऐलान किया. इस साल फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के जॉन क्लार्क, माइकल डेवोरेट, जॉन मार्टिनिस को मिला है. पुरस्कार की घोषणा करते हुए क्वांटम मैकेनिज्म के प्रभावों को समझाया गया.

इन साइंटिस्ट ने की ये खोज

इस साल के नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने एक इलेक्ट्रिकल सर्किट के साथ प्रयोग किए, जिसमें उन्होंने एक ऐसी प्रणाली में क्वांटम मैकेनिकल टनलिंग और क्वांटाइज्ड एनर्जी लेवल, दोनों का प्रदर्शन किया जो हाथ में पकड़ने लायक थी. ये खोज क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम कंप्यूटर और क्वांटम सेंसर सहित क्वांटम तकनीक को और समझने में मदद करेगी.

आमतौर पर क्वांटम मैकेनिक्स के नियम बहुत छोटे कणों ( इलेक्ट्रॉन) पर लागू होते हैं. इनके व्यवहार को माइक्रोस्कोपिक कहा जाता है, क्योंकि ये इतने छोटे होते हैं कि सामान्य माइक्रोस्कोप से भी दिखाई नहीं देती, लेकिन अब इन वैज्ञानिकों ने पहली बार बिजली के सर्किट में बड़े पैमाने (मैक्रोस्कोपिक) पर क्वांटम टनलिंग और ऊर्जा के स्तरों की खोज की है.

फिजिक्स में अब तक 118 साइंटिस्ट को मिला पुरस्कार 

नोबेलप्राइज डॉट ओआरजी के अनुसार 1901 से अब तक 118 वैज्ञानिकों को भौतिकी पुरस्कार प्रदान किए जा चुके हैं. इनमें सबसे कम उम्र के विजेता 25 साल के लॉरेंस ब्रैग (1915) थे तो 96 साल के आर्थर अश्किन (2018) ये सम्मान हासिल करने वाले सबसे उम्रदराज वैज्ञानिक थे. पहले भारतीय जिन्हें इस श्रेणी में पुरस्कृत किया गया, वो सर सीवी रमन थे. उन्हें ये सम्मान 1930 में दिया गया. उनकी खोज ने बताया था कि जब प्रकाश किसी पदार्थ से टकराता है तो उसका रंग बदल सकता है. इसे रमन इफेक्ट कहते हैं.

यह खोज आज लेजर और मेडिकल तकनीकों में इस्तेमाल होती है. वहीं दूसरे भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर थे. इन्हें 1983 में तारों (स्टार्स) के जीवन और मृत्यु की खोज के लिए सम्मानित किया गया. उन्होंने ही बताया कि बड़े तारे अंत में ब्लैक होल बन सकते हैं. 6 से 13 अक्टूबर के बीच विभिन्न श्रेणियों में नोबेल प्राइज दिए जाते हैं.

कब दिए जाएंगे नोबेल पुरस्कार?

6 अक्टूबर 2025 को मेडिसिन के लिए मैरी ई. ब्रंकॉ, फ्रेड राम्सडेल और शिमोन साकागुची को दिया गया है. इन्हें यह प्राइज पेरीफेरल इम्यून टॉलरेंस के क्षेत्र में किए गए रिसर्च के लिए दिया गया है.विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (10.3 करोड़ रुपए), सोने का मेडल और सर्टिफिकेट मिलेंगे. अगर एक से ज्यादा वैज्ञानिक जीतते हैं, तो यह प्राइज मनी उनके बीच बंट जाती है. पुरस्कार 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में दिए जाएंगे.



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181 पर हुए आउट तो गेंदबाज को बल्ला लेकर मारने दौड़े पृथ्वी शॉ, लाइव मैच में मार-पीट का वीडियो

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Prithvi Shaw Dismissal Viral Video: पृथ्वी शॉ अपनी धाकड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. इस बल्लेबाज ने अपनी कप्तानी में भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने के बाद भारत की सीनियर टीम में जगह पक्की कर ली थी और 2018 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया. लेकिन पृथ्वी शॉ की फॉर्म कुछ इस तरह बिगड़ी कि वे अब टीम इंडिया में वापसी करने की कोशिश में लगे हैं. रणजी ट्रॉफी 2025-26 से पहले पृथ्वी अभ्यास मैच भी खेल रहे हैं. इस मुकाबले में पृथ्वी का गुस्से से तिलमिलाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पृथ्वी शॉ ने गुस्से में उठाया बल्ला

रणजी ट्रॉफी 2025-26 से पहले महाराष्ट्र और मुंबई के बीच अभ्यास मैच खेला जा रहा है. मुंबई के आठ साल रणजी खेलने वाले पृथ्वी शॉ इस बार महाराष्ट्र टीम की तरफ से खेलते नजर आएंगे. पृथ्वी ने अभ्यास मैच में मुंबई के खिलाफ 219 गेंदों में 181 रनों की दमदार पारी खेली. इस वार्म-अप मैच में पृथ्वी ने बेहतर बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है. लेकिन 181 रन पर भी आउट होने पर पृथ्वी गुस्से ले तिलमिला गए.

पृथ्वी शॉ ने इस मैच में 140 गेंदों में अपना शतक पूरा किया था. इसके बाद पृथ्वी डबल सेंचुरी की तरफ बढ़ रहे थे कि मुशीर खान की गेंद पर वे कैच आउट हो गए. पृथ्वी के आउट होने के बाद उनकी सरफराज खान के छोटे भाई मुशीर के साथ बहस होने लगी. ये बात यहां तक बढ़ गई कि पृथ्वी ने मुशीर को मारने के लिए बल्ला उठा लिया. अंपायर ने बीच-बचाव करते हुए दोनों टीमों के खिलाड़ियों को अलग-अलग किया. पृथ्वी शॉ और मुशीर खान के बीच हुई इस झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. 

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अमेरिकी टैरिफ भी नहीं रोक पाया भारत का ग्रोथ, आर्थिक मोर्चे पर आ गई अब एक और खुशखबरी

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World Bank on India’s GDP: वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अमेरिका के ऊंचे टैरिफ के बीच भारत के लिए एक राहतभरी खबर सामने आई है. वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है. पहले यह अनुमान 6.3 प्रतिशत रखा गया था. वर्ल्ड बैंक का कहना है कि घरेलू उपभोग में अपेक्षा से अधिक वृद्धि, कृषि क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन, और ग्रामीण मजदूरी में सुधार के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी.

अगले वर्ष की वृद्धि दर में थोड़ी कमी

हालांकि, वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी है कि अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50 प्रतिशत के उच्च टैरिफ का असर आने वाले वर्षों में दिखाई देगा. इसी वजह से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया गया है.

वर्ल्ड बैंक की साउथ एशिया डेवलपमेंट अपडेट रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया की कुल वृद्धि दर 2024-25 में 6.6 प्रतिशत से घटकर 2026-27 में 5.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह गिरावट व्यापार बाधाओं, तकनीकी बदलावों, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से उभरने के कारण क्षेत्रीय अनिश्चितताओं से जुड़ी है.

भारत पर टैरिफ का संभावित प्रभाव

रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की घरेलू परिस्थितियां फिलहाल बेहतर हैं — खासकर कृषि उत्पादन, ग्रामीण वेतन वृद्धि, और जीएसटी सुधारों से आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है. लेकिन, रिपोर्ट ने यह भी जोड़ा कि भारत से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले लगभग 75 प्रतिशत माल पर 50 प्रतिशत का शुल्क लगने से भविष्य में विकास दर पर नकारात्मक असर हो सकता है.

अन्य प्रमुख निष्कर्ष

  • दक्षिण एशिया की वृद्धि दर में थोड़ी गिरावट के बावजूद यह अन्य उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (EMDEs) की तुलना में अभी भी मजबूत रहेगी.
  • रिपोर्ट के अनुसार, मुद्रास्फीति (Inflation) निकट भविष्य में भारतीय रिजर्व बैंक के लक्ष्य दायरे के भीतर रहने की संभावना है.

 कुल मिलाकर, वर्ल्ड बैंक का ताज़ा आकलन यह दर्शाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू मांग के दम पर लचीली बनी हुई है, लेकिन अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं आने वाले समय में इसकी रफ्तार को कुछ हद तक धीमा कर सकती हैं.

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जब मोबाइल फोन बन गया मौत! सेल्फी के शौक ने बर्फ में बनाई शख्स की कब्र- वीडियो हो रहा वायरल

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चीन से एक दर्दनाक घटना सामने आई जिसने पूरे सोशल मीडिया को हैरान कर दिया है. फोन और सेल्फी का शौक किसी पर कितना भारी पड़ सकता है आप इस खबर को पढ़कर शायद जान पाएंगे. इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो में एक पर्वतारोही को बर्फ के पहाड़ से सैकड़ों फीट नीचे गिरते देखा जा सकता है. ये हादसा पर्वतारोही इस शख्स की एक लापरवाही की वजह से हुई जिसके बाद उसकी दर्दनाक मौत हो गई. चीन का ये मामला आपको हैरान कर देगा और वीडियो देख आपकी रूह कांप उठेगी.

सेल्फी के शौक ने शख्स को पहुंचा दिया यमलोक

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स जो पहाड़ पर चढ़ाई कर रहा था दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शख्स पहाड़ से नीचे खाई में फिसलता दिखाई दे रहा है. दरअसल, रिपोर्ट की अगर मानें तो होंग नाम का ये शख्स शियाओजिन काउंटी का रहने वाला था. उन्होंने यह तय किया कि 25 सितंबर को वो एक पर्वतारोहण दल के साथ चढ़ाई करेंगे. पहाड़ की ऊंचाई पर जब वो पहुंचे तो खूबसूरत नजारा देख उनका मन मोह उठा और यहीं से शुरू हुई उनकी मौत की कहानी.

लापरवाही दिखाते हुए खोली सुरक्षा रस्सी और 200 मीटर खाई में जा गिरा शख्स

जब होंग चढ़ाई कर रहे थे तो एक सीनिक व्यू के साथ तस्वीर लेने के लिए उन्होंने अपनी सुरक्षा रस्सी को खोल दिया और वो सेल्फी लेने लगे. लेकिन इसी दौरान उनका पैर फिसला और वो 200 मीटर नीचे खाई में जा गिरे, इस खाई को नुकीली चट्टानों वाले पत्थरों के लिए जाना जाता है. जिसके बाद उनके शव की खोजबीन शुरू की गई. जब रेस्क्यू टीम ने उन्हें खाई से निकाला तो होंग बेहद बुरी हालत में थे और उनकी मौत हो चुकी थी. आपको बता दें कि जिस पहाड़ पर ये हादसा हुआ वो नामा पीक अपनी खतरनाक चढ़ाई के लिए जाना जाता है.

यूजर्स ने जताया दुख, बोले इतनी लापरवाही ठीक नहीं थी

वीडियो को  @digimaga नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…अगर अनुभव ना हो तो ऐसे काम नहीं करने चाहिए. एक और यूजर ने लिखा…इतनी दर्दनाक मौत भगवान किसी को ना दे, सोचकर ही परेशान हो रहा हूं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…लापरवाही और सेल्फी का शौक ले डूबा, अब जान कभी वापस नहीं आएगी.


Baba Vanga 2026 Predictions: 2026 में धरती हिलेगी! बाबा वेंगा की सबसे खतरनाक भविष्यवाणियां

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Baba Vanga Predictions: बाबा वेंगा (Baba Vanga) की भविष्यवाणियां 2026 को लेकर फिर चर्चा में हैं. कहा जा रहा है कि आने वाला साल मानव सभ्यता के लिए निर्णायक मोड़ हो सकता है, जब युद्ध, एआई और आसमान से आने वाले अनजान प्राणी सब कुछ बदल देंगे. लेकिन क्या यह सब सिर्फ मिथक हैं या इतिहास खुद को दोहराने जा रहा है?

2026: जब दुनिया की किस्मत बदलेगी

बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों के अनुसार, 2026 में विश्व में ऐसा भू-राजनीतिक और प्राकृतिक संकट जन्म ले सकता है जो अब तक की सभ्यता को हिला देगा. उनकी कथित भविष्यवाणियों में कहा गया है कि पूर्वी क्षेत्र से एक ऐसा युद्ध शुरू होगा जो धीरे-धीरे पूरे पश्चिम तक फैल जाएगा. कई जानकार इस दावे को World War-III बता रहे हैं.

AI के आगे इंसान झुकेगा?

बाबा वेंगा की भविष्यवाणी के अनुसार ‘AI’ 2026 में इतनी ताकतवर हो जाएगी कि वह मानव जीवन के फैसलों में हावी हो जाएगी. यह वही समय होगा जब AI मानव नौकरियों और शासन-प्रणाली पर सीधा प्रभाव डालना शुरू करेगा यानी मशीनों का शासन युग का आरंभ होगा.

भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और मौसमी उलटफेर का साल

कई यूरोपीय मीडिया स्रोतों के अनुसार, बाबा वेंगा ने 2026 में भयंकर प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी दी थी जैसे विशाल भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और मौसमीय उलटफेर, जिससे पृथ्वी की करीब 7-8 प्रतिशत जमीन प्रभावित हो सकती है. यानी एक ऐसा वर्ष जब प्रकृति खुद इंसान से हिसाब मांगेगी.

Alien से होगा संपर्क!

बाबा वेंगा की 2026 को लेकर एक और रहस्यमय भविष्यवाणी है. इनके अनुसार मानव सभ्यता का पहली बार बाहरी जीवन (Alien Life) से संपर्क होगा. नवंबर 2026 में एक बड़ा अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है. यानी हम अकेले नहीं हैं यह सत्य दुनिया के सामने आ सकता है.

पुतिन बनेंगे विश्व के सबसे बड़े लीडर!

बाबा वेंगा से जुड़ी एक बेहद चर्चित भविष्यवाणी में कहा गया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन World’s Lord यानी विश्व के स्वामी बनेंगे. बाबा वेंगा ने रूस को आने वाले युग का निर्णायक केंद्र कहा था जहां से वैश्विक शक्ति-संतुलन तय होगा. इस भविष्यवाणी के चलते पश्चिमी मीडिया में अटकलें तेज हैं कि क्या यूक्रेन युद्ध और रूस-चीन धुरी उसी दिशा की शुरुआत हैं?

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