श्रद्धा कपूर की मौसी की 10 तस्वीरें: 80 के दशक में इनके हुस्न पर लट्टू थे फैंस

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पद्मिनी कोल्हापुरे का नाम हसीनाओं की लिस्ट में शुमार हैं. जिन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट इंडस्ट्री में कदम रखा था. फिर बतारो हीरोइन भी उन्होंने बॉलीवुड के कई सुपरहिट फिल्में दी.

पद्मिनी कोल्हापुरे का नाम हसीनाओं की लिस्ट में शुमार हैं. जिन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट इंडस्ट्री में कदम रखा था. फिर बतारो हीरोइन भी उन्होंने बॉलीवुड के कई सुपरहिट फिल्में दी.

इसमें एक ‘प्रेम रोग’ भी थी. फिल्म में पद्मिनी को ऋषि कपूर के साथ देखा गया था. फिल्म ने रिलीज के बाद उस दौर में छप्परफाड़ कमाई की थी.

इसमें एक ‘प्रेम रोग’ भी थी. फिल्म में पद्मिनी को ऋषि कपूर के साथ देखा गया था. फिल्म ने रिलीज के बाद उस दौर में छप्परफाड़ कमाई की थी.

पद्मिनी 80 के दशक में अपनी एक्टिंग के अलावा खूबसूरती और प्यारी सी स्माइल से भी लोगों का खूब दिल जीतती थी.

पद्मिनी 80 के दशक में अपनी एक्टिंग के अलावा खूबसूरती और प्यारी सी स्माइल से भी लोगों का खूब दिल जीतती थी.

उस दौर में हर कोई पद्मिनी की एक झलक पाने के लिए बेकरार रहता था. उनकी तस्वीरों के पोस्टर दुकानों और टैक्सी की पीछे लगे नजर आते थे.

उस दौर में हर कोई पद्मिनी की एक झलक पाने के लिए बेकरार रहता था. उनकी तस्वीरों के पोस्टर दुकानों और टैक्सी की पीछे लगे नजर आते थे.

ये फोटोशूट पद्मिनी ने 80 के दशक में ही कराया था. इसमें उनका ग्लैमरस और बोल्ड अंदाज देख फैंस के दिलों की धड़कनें बढ़ गई थी.

ये फोटोशूट पद्मिनी ने 80 के दशक में ही कराया था. इसमें उनका ग्लैमरस और बोल्ड अंदाज देख फैंस के दिलों की धड़कनें बढ़ गई थी.

पद्मिनी ने करियर के पीक पर ही प्रदीप शर्मा से शादी कर ली थी. दोनों की शादी साल 1986 में हुई थी. एक्ट्रेस शादी के बाद एक बेटे की मां बनी थी.

पद्मिनी ने करियर के पीक पर ही प्रदीप शर्मा से शादी कर ली थी. दोनों की शादी साल 1986 में हुई थी. एक्ट्रेस शादी के बाद एक बेटे की मां बनी थी.

अब पद्मिनी सालों से फिल्मी दुनिया से दूर हैं. लेकिन कभी-कभी पार्टीज में स्पॉट की जीता है. इसके अलावा श्रद्धा भी उनके साथ फोटोज शेयर करती रहती हैं.

अब पद्मिनी सालों से फिल्मी दुनिया से दूर हैं. लेकिन कभी-कभी पार्टीज में स्पॉट की जीता है. इसके अलावा श्रद्धा भी उनके साथ फोटोज शेयर करती रहती हैं.

वर्कफ्रंट की बात करें तो आखिरी बार एक्ट्रेस को बॉलीवुड मूवी 'पानीपत' और फिर मराठी फिल्म 'प्रवास' में देखा गया था.

वर्कफ्रंट की बात करें तो आखिरी बार एक्ट्रेस को बॉलीवुड मूवी ‘पानीपत’ और फिर मराठी फिल्म ‘प्रवास’ में देखा गया था.

आज पद्मिनी 59 साल की हो चुकी हैं. अभी भी उनके चेहरे पर वोही मासूमियत नजर आती हैं. जो 80 के दशक में थी.

आज पद्मिनी 59 साल की हो चुकी हैं. अभी भी उनके चेहरे पर वोही मासूमियत नजर आती हैं. जो 80 के दशक में थी.

बता दें कि पद्मिनी की बहन ने बॉलीवुड के खूंखार विलेन कहे जाने वाले शक्ति कपूर से शादी की थी. श्रद्धा कपूर इन्हीं की बेटी हैं.

बता दें कि पद्मिनी की बहन ने बॉलीवुड के खूंखार विलेन कहे जाने वाले शक्ति कपूर से शादी की थी. श्रद्धा कपूर इन्हीं की बेटी हैं.

Published at : 06 Oct 2025 04:05 PM (IST)

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Video: पहले जमकर कूटा, फिर निब्बा-निब्बी की करा दी शादी, तालियां भी बजाईं, वीडियो वायरल

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Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीबोगरीब वीडियो वायरल हो रहा है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक को कमरे में मौजूद कुछ लोग बेरहमी से पीट रहे हैं, जबकि पीछे उसकी प्रेमिका खड़ी हुई है. बताया जा रहा है कि यह लड़की वही है जिससे युवक प्यार करता था और दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे.

व्यक्ति ने डंडी से युवक की पिटाई की

वीडियो में दिख रहा है कि कमरे में काफी लोग मौजूद हैं. एक व्यक्ति हाथ में डंडी लिए युवक को लगातार मार रहा है, जबकि कुछ लोग यह सब देख रहे हैं और हंस रहे हैं. इस दौरान लड़की घबराई हुई खड़ी रहती है और युवक को छुड़ाने की कोशिश भी नहीं करती. कुछ देर बाद माहौल पूरी तरह बदल जाता है, वही लोग जो युवक को पीट रहे थे, अब उसी की लड़की से शादी कराने की तैयारी करने लगते हैं.

वीडियो के अगले हिस्से में देखा जा सकता है आसपास खड़े लोग शादी की रस्में पूरी करा रहे हैं. किसी ने गले में माला डालवाई, तो किसी ने सिंदूर की रस्म पूरी कराई. पूरी घटना को वहां मौजूद कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया और अब यही वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है.

समाज के डर से करवाई शादी

बताया जा रहा है कि यह शादी समाज के डर से करवाई गई थी. लड़की के घरवालों को डर था कि अगर दोनों के रिश्ते की बात खुली तो बदनामी होगी, इसलिए उन्होंने पहले युवक को सजा दी और फिर शादी करवा दी. इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर नाराजगी जता रहे हैं.


ये हैं दुनिया के सबसे सस्ते फोन, एक की कीमत तो 1 हजार से भी कम, फायदे जान रह जाएंगे हैरान

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Itel 1112 एक बेहद सस्ता और साधारण फोन है जो कॉल और मैसेजिंग के लिए बनाया गया है. इसकी कीमत लगभग ₹900-₹950 के आसपास है. इसमें 1.8 इंच की डिस्प्ले और 800 mAh की बैटरी दी गई है. यह फोन दो सिम कार्ड सपोर्ट करता है और लंबी बैटरी लाइफ के लिए जाना जाता है. बेसिक फीचर्स के साथ यह फोन रोजमर्रा के कामों के लिए काफी है.

Itel 1112 एक बेहद सस्ता और साधारण फोन है जो कॉल और मैसेजिंग के लिए बनाया गया है. इसकी कीमत लगभग ₹900-₹950 के आसपास है. इसमें 1.8 इंच की डिस्प्ले और 800 mAh की बैटरी दी गई है. यह फोन दो सिम कार्ड सपोर्ट करता है और लंबी बैटरी लाइफ के लिए जाना जाता है. बेसिक फीचर्स के साथ यह फोन रोजमर्रा के कामों के लिए काफी है.

Lava का Captain N1 भी बजट सेगमेंट में एक लोकप्रिय विकल्प है. इसकी कीमत लगभग ₹1,200-₹1,500 है. इसमें 2.4 इंच की कलर स्क्रीन, फोल्डेबल कीपैड और FM रेडियो जैसे बेसिक फीचर्स दिए गए हैं. इसकी बैटरी अच्छी है और कॉलिंग, मैसेजिंग के लिए यह एक भरोसेमंद फोन है.

Lava का Captain N1 भी बजट सेगमेंट में एक लोकप्रिय विकल्प है. इसकी कीमत लगभग ₹1,200-₹1,500 है. इसमें 2.4 इंच की कलर स्क्रीन, फोल्डेबल कीपैड और FM रेडियो जैसे बेसिक फीचर्स दिए गए हैं. इसकी बैटरी अच्छी है और कॉलिंग, मैसेजिंग के लिए यह एक भरोसेमंद फोन है.

Nokia का 105 मॉडल हमेशा से बजट और टिकाऊ फोन्स के लिए जाना जाता है. इसकी कीमत लगभग ₹1,200-₹1,400 है. इसमें 1.8 इंच की डिस्प्ले, FM रेडियो, दो सिम सपोर्ट और लंबे समय तक चलने वाली 800 mAh बैटरी है. यह फोन अपनी सादगी और लंबी बैटरी लाइफ के कारण बहुत पसंद किया जाता है.

Nokia का 105 मॉडल हमेशा से बजट और टिकाऊ फोन्स के लिए जाना जाता है. इसकी कीमत लगभग ₹1,200-₹1,400 है. इसमें 1.8 इंच की डिस्प्ले, FM रेडियो, दो सिम सपोर्ट और लंबे समय तक चलने वाली 800 mAh बैटरी है. यह फोन अपनी सादगी और लंबी बैटरी लाइफ के कारण बहुत पसंद किया जाता है.

Micromax का X1i मॉडल भी बजट सेगमेंट में लोकप्रिय है. इसकी कीमत ₹1,500 के आसपास है. इसमें 2.4 इंच की डिस्प्ले, कैमरा सपोर्ट और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी जैसी बेसिक सुविधाएं हैं. इसका लाइटवेट डिज़ाइन और सस्ता दाम इसे छोटे बजट वाले यूज़र्स के लिए आदर्श बनाता है.

Micromax का X1i मॉडल भी बजट सेगमेंट में लोकप्रिय है. इसकी कीमत ₹1,500 के आसपास है. इसमें 2.4 इंच की डिस्प्ले, कैमरा सपोर्ट और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी जैसी बेसिक सुविधाएं हैं. इसका लाइटवेट डिज़ाइन और सस्ता दाम इसे छोटे बजट वाले यूज़र्स के लिए आदर्श बनाता है.

iTel 2160 एक और बेहद किफायती फोन है जिसकी कीमत लगभग ₹1,000 से कम है. इसमें 1.8 इंच की स्क्रीन, दो सिम सपोर्ट और लंबी बैटरी लाइफ है. यह फोन खासकर उन लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें सिर्फ कॉलिंग और मैसेजिंग की जरूरत है.

iTel 2160 एक और बेहद किफायती फोन है जिसकी कीमत लगभग ₹1,000 से कम है. इसमें 1.8 इंच की स्क्रीन, दो सिम सपोर्ट और लंबी बैटरी लाइफ है. यह फोन खासकर उन लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें सिर्फ कॉलिंग और मैसेजिंग की जरूरत है.

इन सस्ते फोन्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये सस्ता, टिकाऊ और उपयोग में आसान हैं. लंबी बैटरी लाइफ, ड्यूल सिम सपोर्ट और साधारण ऑपरेटिंग सिस्टम इन्हें रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आदर्श बनाते हैं. इन फोन्स का वजन हल्का होता है और इन्हें कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है.

इन सस्ते फोन्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये सस्ता, टिकाऊ और उपयोग में आसान हैं. लंबी बैटरी लाइफ, ड्यूल सिम सपोर्ट और साधारण ऑपरेटिंग सिस्टम इन्हें रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आदर्श बनाते हैं. इन फोन्स का वजन हल्का होता है और इन्हें कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है.

अगर आपका बजट कम है या आप सिर्फ कॉलिंग और मैसेजिंग के लिए फोन चाहते हैं तो यह दुनिया के सबसे सस्ते फोन्स आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हैं. ये फोन्स कम कीमत में भरोसेमंद और टिकाऊ विकल्प प्रदान करते हैं. चाहे घर के बुजुर्ग हों या बच्चे इन फोन्स का इस्तेमाल सभी के लिए आसान और सुविधाजनक है.

अगर आपका बजट कम है या आप सिर्फ कॉलिंग और मैसेजिंग के लिए फोन चाहते हैं तो यह दुनिया के सबसे सस्ते फोन्स आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हैं. ये फोन्स कम कीमत में भरोसेमंद और टिकाऊ विकल्प प्रदान करते हैं. चाहे घर के बुजुर्ग हों या बच्चे इन फोन्स का इस्तेमाल सभी के लिए आसान और सुविधाजनक है.

Published at : 06 Oct 2025 02:51 PM (IST)

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Video: सावधान! चार्जिंग पर फोन लगा गेम खेल रहा था बच्चा, हुआ बड़ा धमाका, सामने आया वीडियो

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Mobile Phone Blast: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक बच्चा चार्जिंग पर लगाकर मोबाइल गेम खेल रहा था और अचानक फोन में ब्लास्ट होने लगता है. वीडियो में साफ दिखता है कि जैसे ही फोन में ब्लास्ट होता है, बच्चा डर के मारे वहां से भाग जाता है.

गेम खेलने के दौरान हुआ ब्लास्ट

यह घटना लोगों के लिए एक चेतावनी की तरह है कि चार्जिंग पर फोन का इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है. बताया जा रहा है कि बच्चा अपने कमरे में मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाकर गेम खेल रहा था. तभी अचानक फोन में से धुआं निकलने लगा और आवाज आने लगी. बच्चे ने तुरंत फोन को हाथ से फेंक दिया और कमरे से बाहर भाग गया. सौभाग्य से बच्चे को चोट नहीं आई, लेकिन यह घटना दिखाती है कि चार्जिंग पर फोन इस्तेमाल करना कितना बड़ा हादसे का कारण बन सकता है.

सोशल मीडिया पर हुआ वायरल वीडियो

इस वीडियो को देखकर लोग काफी हैरान और चिंतित हैं. कई लोग सोशल मीडिया पर यह कह रहे हैं कि मोबाइल चार्जिंग पर होने के दौरान इस्तेमाल करना बेहद जोखिम भरा है. विशेषज्ञ भी बार-बार चेतावनी देते हैं कि चार्जिंग के समय फोन को इस्तेमाल करना या लंबे समय तक चार्ज पर लगाना बैटरी फटने, आग लगने या धमाके का कारण बन सकता है.

चार्जिंग पर मोबाइल इस्तेमाल करना सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए खतरनाक हो सकता है. बच्चे अक्सर चार्जिंग पर फोन का इस्तेमाल करते हैं, और उन्हें इसके खतरों से अवगत नहीं होता.


एर्दोगन की चाल में फंसे ट्रंप! इस देश ने US को दिया झटका, कैंसिल कर दी F-35 फाइटर जेट की डील

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन के बुने गए गए जाल में फंस गए हैं. यूरोपीय देश स्पेन ने अमेरिका के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट F-35 को लेकर डील कैंसिल कर दी है, वहीं अब वो तुर्किए के फाइटर जेट KAAN में दिलचस्पी दिखा रहा है. स्पेन ने ये फैसला ऐसे समय पर लिया, जब कनाडा, पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड समेत कई देश F-35 की डील पर फिर से विचार कर रहे हैं. 

जिन देशों ने F-35 के लिए अमेरिका से डील की थी, वो कीमत, सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन में देरी, हाल के महीनों में हुए हादसों की वजह से इस पर फिर से सोच रहे हैं. इन्हीं में से एक देश स्पेन है, जिसने स्टेल्थ फाइटर जेट F-35 को लेकर हुई डील को ही कैंसिल कर दिया है. इसके पीछे की वजहों में अमेरिका की ओर से लगाए टैरिफ, यूक्रेन पर यू-टर्न, यूरोप की डिफेंस को लेकर अमेरिका पर निर्भरता कम करना भी शामिल है. 
 
यूरोफाइटर पर थी स्पेन की नजर 

स्पेन ने साल 2023 में अपने बजट से नए फाइटर जेट खरीदने के लिए 6.25 बिलियन यूरो यानी करीब 7.24 बिलियन अमेरिकी डॉलर निर्धारित किए थे. उस समय स्पेन ने यूरोप के यूरोफाइटर टाइफून और फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) के बीच चुनाव करने की बात कही थी. बता दें कि FCAS फ्रांस, जर्मनी और स्पेन का संयुक्त कार्यक्रम है, जो 6वीं पीढ़ी का फाइटर जेट है. स्पेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि स्पेन यूरोफाइटर और भविष्य में FCAS में शामिल है.  

5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर क्यों फोकस करने लगा स्पेन?

जो स्पेन छठी पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोग्राम में शामिल है, वो अब 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर क्यों फोकस कर रहा है. दरअसल छठी पीढ़ी के फाइटर जेट FCAS का निर्माण साल 2040 तक शुरू हो पाएगा. इस प्रोग्राम में शामिल फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन विवाद पैदा कर रही है, जिसकी वजह से प्लान में देरी हो रही है. इसलिए स्पेन का फोकस फिलहाल 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर ही है. इसीलिए उसने पहले F-35 में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन अब वो तुर्किए के KAAN के लिए डील करने पर विचार कर रहा है. 

एर्दोगन खुद चाहते हैं F-35 फाइटर जेट

तुर्किए ने जिस फाइटर जेट F-35 को लेकर स्पेन को बरगलाया है और उस डील को कैंसिल कराने में अपनी भूमिका निभाई है, उसी F-35 के लिए एर्दोगन अमेरिका के चक्कर काट रहे हैं. दरअसल अमेरिका ने तुर्किए को F-35 से अलग कर दिया था क्योंकि उसने रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा था. ऐसी रिपोर्ट्स भी सामने आई थी कि तुर्किए ने रूस से S-400 वापस लेने की अपील भी की थी, ताकि वो अमेरिका से F-35 हासिल कर सके. 

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चीन से नजदीकी भी नहीं आई काम, US हाई टैरिफ से इकोनॉमी का हो गया बड़ा नुकसान!

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India’s Service Sector Growth Slows: देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों के बीच सेवा क्षेत्र (Service Sector) से निराशाजनक खबर आई है. हाल ही में हुए जीएसटी सुधारों से जहां घरेलू मांग और कारोबारी गतिविधियों में तेजी की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर सितंबर में धीमी पड़ गई है.

एचएसबीसी द्वारा जारी भारत सेवा पीएमआई (HSBC India Services PMI) सर्वेक्षण के अनुसार, सितंबर 2025 में सेवा क्षेत्र का व्यावसायिक गतिविधि सूचकांक (PMI) घटकर 60.9 पर आ गया, जबकि अगस्त में यह 15 साल के उच्च स्तर 62.9 पर था. हालांकि यह स्तर 50 अंक के तटस्थ स्तर से ऊपर है, जो यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था में अभी भी वृद्धि जारी है, लेकिन यह वृद्धि अब पहले की तुलना में धीमी गति से हो रही है.

मंदी के संकेत और अंतरराष्ट्रीय मांग में कमी

सर्वेक्षण के अनुसार, सेवा क्षेत्र की सुस्ती की एक प्रमुख वजह नए ऑर्डर और कारोबारी गतिविधियों की धीमी रफ्तार है. इसके साथ ही भारतीय सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग में नरम सुधार देखने को मिला है.

सितंबर में निर्यात ऑर्डरों में वृद्धि तो दर्ज की गई, लेकिन यह मार्च के बाद से सबसे कमजोर स्तर पर रही. कंपनियों ने कहा कि अन्य देशों में कम कीमतों पर सेवाओं की उपलब्धता से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जिससे भारत की बाहरी बिक्री पर दबाव पड़ा.

मूल्य स्तर के मोर्चे पर स्थिति थोड़ी बेहतर रही. सर्वेक्षण में बताया गया कि मुद्रास्फीति की गति मार्च के बाद से सबसे धीमी रही, और यह दीर्घकालिक औसत के अनुरूप थी. सितंबर में भारतीय सेवाओं की कीमतें कमजोर दर से बढ़ीं, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली.

रोजगार सृजन में सुस्ती

सितंबर के दौरान रोजगार सृजन भी धीमा रहा. सर्वे में शामिल कंपनियों में से पांच प्रतिशत से भी कम ने नई भर्तियों की सूचना दी. इसका मतलब है कि सेवा क्षेत्र में रोजगार वृद्धि सीमित रही और नई नौकरियों के अवसर घटे.

कंपोजिट आउटपुट इंडेक्स में गिरावट

एचएसबीसी इंडिया का कम्पोजिट आउटपुट सूचकांक (Composite Output Index) — जिसमें विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों का प्रदर्शन शामिल है — सितंबर में 61.0 पर रहा, जो अगस्त के 63.2 से नीचे आया. यह जून के बाद से विस्तार की सबसे कमजोर दर को दर्शाता है. यह सूचकांक देश के विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में हिस्से के आधार पर तैयार किया जाता है.

पीएमआई (Purchasing Managers’ Index) 50 से ऊपर रहने का मतलब है कि अर्थव्यवस्था में विस्तार (Expansion) हो रहा है, जबकि 50 से नीचे का स्तर संकुचन (Contraction) को दर्शाता है. हालांकि सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर कुछ धीमी पड़ी है, लेकिन यह अभी भी विस्तार के क्षेत्र में है — जो संकेत देता है कि देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है, भले ही अल्पावधि में सेवा क्षेत्र पर दबाव दिखाई दे रहा हो.

विश्लेषकों की राय

एचएसबीसी इंडिया की चीफ इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी के मुताबिक, “अगस्त में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सितंबर में सेवा क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियां कुछ धीमी हुई हैं. हालांकि, घरेलू मांग और नीतिगत स्थिरता के चलते आने वाले महीनों में यह सेक्टर फिर से रफ्तार पकड़ सकता है.”

कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट बताती है कि भारत का सेवा क्षेत्र अभी भी लचीला और विकासशील है, लेकिन बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय मांग में कमी इसके लिए चुनौतियां पेश कर रही हैं.

ये भी पढ़ें: टाटा समूह का 15,511 करोड़ का खुला IPO, लिस्टिंग डेट से लेकर प्राइस बैंड तक जानें सबकुछ

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Video: नशे और रफ्तार का खौफनाक कॉम्बिनेशन! BMW कार सवार ने कई को रौंदा, वीडियो वायरल

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Telangana News: तेलंगाना के हैदराबाद से एक दुखद सड़क दुर्घटना का मामला सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार बीएमडब्लयू कार ने रेड सिग्नल पर खड़ी दो कारों और एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. इस खतरनाक हादसे में बाइक पर सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि कई वाहनों को नुकसान भी पहुंचा है. ये पूरी घटना सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए

बता दें कि ये घटना रविवार 5 अक्टूबर की है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रेड सिग्नल पर कई गाड़ियां रुकी हुई थी, तभी अचानक एक BMW कार तेजी से आती हुई दिखाई देती है और रेड सिग्नल पर खड़ी दो कार और एक बाइक को टक्कर मार देती है.

दावा किया जा रहा है कि BMW कार का ड्राइवर नशे में था, जिसके चलते उसने गाड़ियों को टक्कर मारी है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कार बाइक और दोनों कार से टकरा गई. हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. बाइक पर सवार महिला, जो पीछे बैठी थी वो हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई.

हादसे के बाद BMW कार का ड्राइवर मौके से फरार

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. मौके पर मौजूद लोग मदद के लिए आगे आते हैं. हादसे के बाद BMW कार का ड्राइवर मौके से फरार हो जाता है. हादसे में कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई है. इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस आरोपी ड्राइवर की तलाश में जुट गई है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हादसा कितना भयावह था. 


LCD या AMOLED, आंखों के लिए कौन सा डिसप्ले वाला फोन रहेगा बेस्ट? जानिए पूरी जानकारी

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LCD यानी Liquid Crystal Display तकनीक लंबे समय से स्मार्टफोन और टीवी में इस्तेमाल होती आ रही है. LCD डिस्प्ले में बैकलाइट का इस्तेमाल होता है जो पूरे स्क्रीन को रोशन करता है. इसकी वजह से स्क्रीन पर कलर्स ज्यादा नेचुरल और संतुलित दिखाई देते हैं.

LCD यानी Liquid Crystal Display तकनीक लंबे समय से स्मार्टफोन और टीवी में इस्तेमाल होती आ रही है. LCD डिस्प्ले में बैकलाइट का इस्तेमाल होता है जो पूरे स्क्रीन को रोशन करता है. इसकी वजह से स्क्रीन पर कलर्स ज्यादा नेचुरल और संतुलित दिखाई देते हैं.

ये डिस्प्ले वाला फोन आंखों पर ज्यादा जोर नहीं डालता है. खासकर लंबे समय तक पढ़ने या वीडियो देखने में. सूरज की रोशनी में भी स्क्रीन का दृश्य अच्छा रहता है. रंगों का बैलेंस अच्छा रहता है जो पढ़ाई या ऑफिस वर्क के लिए मददगार है. हालांकि, LCD डिस्प्ले में ब्लैक कलर इतना गहरा नहीं दिखता और बैटरी की खपत AMOLED की तुलना में थोड़ी ज्यादा होती है.

ये डिस्प्ले वाला फोन आंखों पर ज्यादा जोर नहीं डालता है. खासकर लंबे समय तक पढ़ने या वीडियो देखने में. सूरज की रोशनी में भी स्क्रीन का दृश्य अच्छा रहता है. रंगों का बैलेंस अच्छा रहता है जो पढ़ाई या ऑफिस वर्क के लिए मददगार है. हालांकि, LCD डिस्प्ले में ब्लैक कलर इतना गहरा नहीं दिखता और बैटरी की खपत AMOLED की तुलना में थोड़ी ज्यादा होती है.

AMOLED यानी Active Matrix Organic Light Emitting Diode डिस्प्ले में हर पिक्सल खुद रोशनी पैदा करता है, इसलिए इसे बैकलाइट की जरूरत नहीं पड़ती. इसका मतलब है कि ब्लैक कलर बिल्कुल गहरा दिखाई देता है और कंट्रास्ट बेहतर होता है.

AMOLED यानी Active Matrix Organic Light Emitting Diode डिस्प्ले में हर पिक्सल खुद रोशनी पैदा करता है, इसलिए इसे बैकलाइट की जरूरत नहीं पड़ती. इसका मतलब है कि ब्लैक कलर बिल्कुल गहरा दिखाई देता है और कंट्रास्ट बेहतर होता है.

AMOLED के फायदे की बात करें तो इसमें ज्यादा वाइब्रेंट और चमकदार कलर्स मिलते हैं. स्क्रीन का ब्लैक और कंट्रास्ट बेहतर होता है, जिससे वीडियो और गेमिंग का अनुभव शानदार होता है. बैटरी की खपत कम होती है खासकर जब डार्क मोड का इस्तेमाल किया जाए. हालांकि, AMOLED डिस्प्ले कुछ लोगों की आंखों को जल्दी थकावट दे सकता है, खासकर अगर स्क्रीन की ब्राइटनेस बहुत ज्यादा हो. लंबे समय तक पढ़ाई या ऑफिस वर्क के लिए इसे थोड़ा तनावजनक माना जाता है.

AMOLED के फायदे की बात करें तो इसमें ज्यादा वाइब्रेंट और चमकदार कलर्स मिलते हैं. स्क्रीन का ब्लैक और कंट्रास्ट बेहतर होता है, जिससे वीडियो और गेमिंग का अनुभव शानदार होता है. बैटरी की खपत कम होती है खासकर जब डार्क मोड का इस्तेमाल किया जाए. हालांकि, AMOLED डिस्प्ले कुछ लोगों की आंखों को जल्दी थकावट दे सकता है, खासकर अगर स्क्रीन की ब्राइटनेस बहुत ज्यादा हो. लंबे समय तक पढ़ाई या ऑफिस वर्क के लिए इसे थोड़ा तनावजनक माना जाता है.

अगर आप लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करते हैं जैसे पढ़ाई, ऑफिस वर्क या सोशल मीडिया ब्राउज़िंग, तो LCD डिस्प्ले थोड़ा बेहतर विकल्प हो सकता है. इसका कारण यह है कि LCD स्क्रीन की ब्राइटनेस और कलर बैलेंस आंखों पर कम दबाव डालती है.

अगर आप लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करते हैं जैसे पढ़ाई, ऑफिस वर्क या सोशल मीडिया ब्राउज़िंग, तो LCD डिस्प्ले थोड़ा बेहतर विकल्प हो सकता है. इसका कारण यह है कि LCD स्क्रीन की ब्राइटनेस और कलर बैलेंस आंखों पर कम दबाव डालती है.

वहीं, अगर आपका फोकस वीडियो, गेमिंग और हाई-क्वालिटी फोटो पर है, और आप ज्यादा कंट्रास्ट और गहरे ब्लैक कलर पसंद करते हैं, तो AMOLED डिस्प्ले अच्छा विकल्प है. बस ध्यान रखें कि ब्राइटनेस को नियंत्रित करें और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचें.

वहीं, अगर आपका फोकस वीडियो, गेमिंग और हाई-क्वालिटी फोटो पर है, और आप ज्यादा कंट्रास्ट और गहरे ब्लैक कलर पसंद करते हैं, तो AMOLED डिस्प्ले अच्छा विकल्प है. बस ध्यान रखें कि ब्राइटनेस को नियंत्रित करें और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचें.

Published at : 06 Oct 2025 01:44 PM (IST)

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राहुल द्रविड़ के बेटे अनवय का धमाका! 48 चौके-छक्के से ठोके 459 रन, दूसरी बार जीता KSCA अवॉर्ड

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KSCA Award: भारतीय क्रिकेट के “वॉल” कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने अपने करियर में अनगिनत रिकॉर्ड बनाए, लेकिन अब उनके बेटे अनवय द्रविड़ भी क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के वार्षिक पुरस्कार समारोह 2025 में अनवय को एक बार फिर सम्मानित किया गया. यह लगातार दूसरा साल है जब उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए KSCA अवॉर्ड मिला है.

अंडर-16 टूर्नामेंट में बल्ले से तूफान

अनवय द्रविड़ ने यह पुरस्कार अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शानदार बल्लेबाजी के दम पर जीता. उन्होंने इस टूर्नामेंट में 6 मैचों की 8 पारियों में 459 रन बनाए. खास बात यह रही कि उन्होंने इन रनों के दौरान 91.80 की औसत बनाए रखी और दो शतक भी ठोके. इस शानदार प्रदर्शन में उनके बल्ले से 46 चौके और 2 छक्के निकले, यानी कुल 48 बाउंड्री शॉट्स.

उनके इस प्रदर्शन ने न केवल कर्नाटक टीम को मजबूती दी, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में उन्हें सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज बना दिया. यही नहीं, उनका औसत भी टूर्नामेंट के सभी बल्लेबाजों में सबसे बेहतरीन रहा.

अन्य खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान

KSCA अवॉर्ड नाइट में अनवय के अलावा कई और खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया. मयंक अग्रवाल को विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. उन्हें कर्नाटक के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए अवॉर्ड मिला. टूर्नामेंट में मंयक ने 93 की औसत से 651 रन ठोके थे.

वहीं, युवा बल्लेबाज आर. स्मरण को रणजी ट्रॉफी में 64.50 की औसत से बनाए गए 516 रन के लिए सम्मानित किया गया. इसके अलावा विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल श्रीजीत को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक 213 रन बनाने के लिए पुरस्कृत किया गया. 

पिता के नक्शे-कदम पर चल रहे हैं अनवय

राहुल द्रविड़ हमेशा अपनी शालीनता और तकनीक के लिए जाने जाते हैं. उनके बेटे अनवय में भी वैसी ही परिपक्वता और धैर्य देखने को मिल रहा है. क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि अनवय की बल्लेबाजी में अपने पिता की झलक साफ झलकती है- सही शॉट सिलेक्शन, क्लासिकल टाइमिंग और क्रीज पर टिके रहने की क्षमता.

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दुनियाभर में ‘कांतारा चैप्टर 1’ का भौकाल, चार दिन में 300 करोड़ के हुई पार

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होम्बले फिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस और ऋषभ शेट्टी द्वारा लिखी और डायरेक्टेड फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 देश ही नहीं दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर कहर बरपा रही है.

होम्बले फिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस और ऋषभ शेट्टी द्वारा लिखी और डायरेक्टेड फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 देश ही नहीं दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर कहर बरपा रही है.

सिर्फ चार दिनो में ऋषभ शेट्टी की फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 ने एक और मील का पत्थर पार कर लिया है. ये कन्नड़ फिल्म अब इस साल दुनिया भर में 300 करोड़ रुपये की कमाई पार करने वाली इंडस्ट्री की पहली फिल्म बन गई है, और इसी के साथ इसने हाल की कुछ बड़ी हिट फिल्मों के साथ-साथ कई ऑल टाइम ग्रॉसिंग फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है.

सिर्फ चार दिनो में ऋषभ शेट्टी की फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 ने एक और मील का पत्थर पार कर लिया है. ये कन्नड़ फिल्म अब इस साल दुनिया भर में 300 करोड़ रुपये की कमाई पार करने वाली इंडस्ट्री की पहली फिल्म बन गई है, और इसी के साथ इसने हाल की कुछ बड़ी हिट फिल्मों के साथ-साथ कई ऑल टाइम ग्रॉसिंग फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है.

कांतरा चैप्टर 1 ने संडे को घरेलू बाजार में शानदार परफॉर्म किया और चौथे दिन देश में 61 करोड़ रुपयों का नेट कलेक्शन किया. इसी के साथ ऋषभ शेट्टी की इस फिल्म को अपने एक्सटेंडेड ओपनिंग वीकेंड में 223.25 करोड़ (ग्रॉस 268 करोड़ रुपये) की कमाई कर ली. 2022 में केजीएफ चैप्टर 2 के ऐतिहासिक 380 करोड़ रुपये के ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन के बाद कांतारा चैप्टर 1 कन्नड़ की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वीकेंड वाली फिल्म बन गई है.

कांतरा चैप्टर 1 ने संडे को घरेलू बाजार में शानदार परफॉर्म किया और चौथे दिन देश में 61 करोड़ रुपयों का नेट कलेक्शन किया. इसी के साथ ऋषभ शेट्टी की इस फिल्म को अपने एक्सटेंडेड ओपनिंग वीकेंड में 223.25 करोड़ (ग्रॉस 268 करोड़ रुपये) की कमाई कर ली. 2022 में केजीएफ चैप्टर 2 के ऐतिहासिक 380 करोड़ रुपये के ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन के बाद कांतारा चैप्टर 1 कन्नड़ की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वीकेंड वाली फिल्म बन गई है.

विदेशों में,

विदेशों में, “कांतारा चैप्टर 1” ने वीकेंड में तेज़ी पकड़ी है, और ट्रेड पंडितों का अनुमान है कि फिल्म ने इंटरनेशनल टेरिटिरिज में 60 लाख डॉलर से ज़्यादा की कमाई कर ली है. इस तरह चार दिनों में इसकी दुनिया भर में कुल कमाई 325 करोड़ रुपये हो गई है. इसी के साथ ये अब छावा के वर्ल्डवाइड 600 करोड़ के कलेक्शन को टक्कर दे सकती है. क्योंकि इसने महज चार दिन में ही 300 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है.

रविवार को, कंतारा चैप्टर 1 ने कुछ हालिया बड़ी रिलीज़ों के कुल कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया, जिसमें सितारे ज़मीन पर (266 करोड़ रुपये) और लोकाब चैप्टर 1 (290 करोड़ रुपये) शामिल हैं. कंतारा चैप्टर 1 ने 2023 की बड़ी पैन-इंडिया स्लीपर हिट, हनुमान के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पछाड़ दिया, जिसने दुनिया भर में 298 करोड़ रुपये कमाए थे. लेकिन कांतारा चैप्टर 1 की सबसे बड़ी जीत केजीएफ चैप्टर 1 (248 करोड़ रुपये) के दुनिया भर में कलेक्शन को पार करना है. यह इसे अब तक की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कन्नड़ फिल्म बनाता है, जो केवल केजीएफ चैप्टर 2 (1248 करोड़ रुपये) और पहली कंतारा (400 करोड़ रुपये) से पीछे है.

रविवार को, कंतारा चैप्टर 1 ने कुछ हालिया बड़ी रिलीज़ों के कुल कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया, जिसमें सितारे ज़मीन पर (266 करोड़ रुपये) और लोकाब चैप्टर 1 (290 करोड़ रुपये) शामिल हैं. कंतारा चैप्टर 1 ने 2023 की बड़ी पैन-इंडिया स्लीपर हिट, हनुमान के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पछाड़ दिया, जिसने दुनिया भर में 298 करोड़ रुपये कमाए थे. लेकिन कांतारा चैप्टर 1 की सबसे बड़ी जीत केजीएफ चैप्टर 1 (248 करोड़ रुपये) के दुनिया भर में कलेक्शन को पार करना है. यह इसे अब तक की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कन्नड़ फिल्म बनाता है, जो केवल केजीएफ चैप्टर 2 (1248 करोड़ रुपये) और पहली कंतारा (400 करोड़ रुपये) से पीछे है.

ओरिजिनल हिट फिल्म कांतारा (2022) की ये प्रीक्वल, कांतारा चैप्टर 1, रहस्यमयी दुनिया की गहराइयों में लेकर जाती है, जो लोककथाओं और आस्था पर आधारित है. बता दें कि क्रिटिक्स और फैंस ने इसकी खूबसूरत सिनेमैटोग्राफी और दिल छू लेने वाले म्यूजिक की खूब तारीफ की है.

ओरिजिनल हिट फिल्म कांतारा (2022) की ये प्रीक्वल, कांतारा चैप्टर 1, रहस्यमयी दुनिया की गहराइयों में लेकर जाती है, जो लोककथाओं और आस्था पर आधारित है. बता दें कि क्रिटिक्स और फैंस ने इसकी खूबसूरत सिनेमैटोग्राफी और दिल छू लेने वाले म्यूजिक की खूब तारीफ की है.

कांताराः चैप्टर 1 चौथी सदी में सेट है और यह कांतारा की पवित्र और रहस्यमय धरती की कहानी दिखाती हैय फिल्म में इसकी पुरानी कहानियां, पुराने झगड़े और खास घटनाएं दिखाई गई हैं.  यहां लोककथाओं, विश्वास और संघर्ष की कहानी है, जो सीधे धरती से जुड़ी है.

कांताराः चैप्टर 1 चौथी सदी में सेट है और यह कांतारा की पवित्र और रहस्यमय धरती की कहानी दिखाती हैय फिल्म में इसकी पुरानी कहानियां, पुराने झगड़े और खास घटनाएं दिखाई गई हैं. यहां लोककथाओं, विश्वास और संघर्ष की कहानी है, जो सीधे धरती से जुड़ी है.

फिल्म में ऋषभ शेट्टी, सप्तमी गौड़ा, गुलशन देवैया, रुक्मिणी वसंत, जयराम, पीडी सतीश चंद्र, प्रकाश थुमिनाड जैसे कई कलाकार हैं, जिन्होंने इस कहानी को जीता-जागता बना दिया है.

फिल्म में ऋषभ शेट्टी, सप्तमी गौड़ा, गुलशन देवैया, रुक्मिणी वसंत, जयराम, पीडी सतीश चंद्र, प्रकाश थुमिनाड जैसे कई कलाकार हैं, जिन्होंने इस कहानी को जीता-जागता बना दिया है.

कांताराः चैप्टर 1 को ऋषभ शेट्टी ने लिखा, डायरेक्ट किया और उसमें लीड भूमिका निभाई निभाई है. इस फिल्म को विजय किरगंदुर ने हॉम्बाले फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. फिल्म में अरविंद एस. कश्यप की सिनेमेटोग्राफी है, जबकि बी. अजनीश लोकनाथ का म्यूजिक है, जिन्होंने इस कहानी की जादुई दुनिया को बनाने में बड़ी मदद की. कांतारा: चैप्टर 1, 2 अक्टूबर 2025 को दुनियाभर में रिलीज हुई थी.

कांताराः चैप्टर 1 को ऋषभ शेट्टी ने लिखा, डायरेक्ट किया और उसमें लीड भूमिका निभाई निभाई है. इस फिल्म को विजय किरगंदुर ने हॉम्बाले फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. फिल्म में अरविंद एस. कश्यप की सिनेमेटोग्राफी है, जबकि बी. अजनीश लोकनाथ का म्यूजिक है, जिन्होंने इस कहानी की जादुई दुनिया को बनाने में बड़ी मदद की. कांतारा: चैप्टर 1, 2 अक्टूबर 2025 को दुनियाभर में रिलीज हुई थी.

Published at : 06 Oct 2025 12:54 PM (IST)

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